20th Episode How To Overcome Sex Addiction Gita In Action Dr Vivek Bindra

[संगीत] हरे कृष्णा हरे कृष्णा गीता इन एक्शन की सीरीज में हम वापस आ गए हैं रिवाइव करने आए हैं भगवत गीता को जीवन में कैसे उतार हाथ आगे लाइए एक्शन एक्शन गीता इन एक्शन गीता को एक्शन में कैसे लेके आया जाए मुद्दा यही है गीता को केवल ऐसे ना देखा जाए कि यह आध्यात्मिक जीवन बढ़ाने के लिए जो कि ये है इसलिए आध्यात्मिक जीवन बढ़ता है प्रगति होती है व्यक्ति को भगवान की भक्ति मिलती है जब वो भगवान की वाणी को सुनता है उसको जीवन में उतारता है परंतु हम लोगों के मन में लालच अलग प्रकार के हैं हमें लालच क्या है भगवान की भक्ति करेंगे बुढ़ापे में आज कुछ जीवन भी जी ले ढंग से तो जीवन भी जीना है बिजनेस भी सीखना है आपको भगवत गीता से अच्छे गुणों के द्वारा सीखने का उसको विकसित करने का अवसर मिलता है मैं जानता हूं आप सब ने सीरीज का बहुत बेसब्र से इंतजार किया इसीलिए आज आपके लिए एक गुड न्यूज़ लेके आया हूं क्या लेके आया हूं गुड न्यूज़ नई सीजन नई लुक नए फॉर्मेट में फिर से आ रहा है हर हफ्ते आएगा लॉजिस्टिक्स के चक्कर में हम ऑडिटोरियम छोड़ रहे हैं क्यों छोड़ रहे हैं ऑडिटोरियम लॉजिस्टिक्स के चक्कर में लॉजिस्टिक्स का चक्कर क्या है जब मेरे पास डेट्स अवेलेबल नहीं तो ऑडिटोरियम अवेलेबल हो जब ऑडिटोरियम अवेलेबल नहीं हो तो मेरे पास डेट्स अवेलेबल नहीं है तो फंस जाते थे उसमें तो हमने सोचा इसको अपने ऑफिस में करें अपनी टीम के साथ करें हमारे गुरुकुल के आईबीसी के मेंबर्स हैं और सब लोग गुरुकुल में आगे बढ़ रहे हैं आगे बढ़ रहे हो नहीं बढ़ रहे हो भाई सर आईबीसी बनने का मजा आ रहा है नहीं आ रहा है यस सर तो ये जो हमारे आईबीसी हैं ये अब हमारे यहां आके काम करते हैं हमारे साथ काम करते हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे इनमें कई लोग पिकअप कर गए और कुछ लोग और तेजी से पिकअप करेंगे आगे बढ़ेंगे सो कंट्रोवर्सीज का बड़ा कुरुक्षेत्र हुआ और और उस कुरुक्षेत्र में मैं कमजोर नहीं पड़ा क्योंकि हमारे पास गीता का ज्ञान था उसी गीता के ज्ञान को हम चाहते हैं सबको दें ये एक ऐसी सीरीज है जो सबको दिखनी चाहिए अर्जुन को शस्त्र उठाने की हिम्मत मिली और मेरे को भी ये टीचिंग्स ने गिरने नहीं दिया बहुत तेजी से आगे बढ़ाया डबल चार्ज कर दिया डबल एनर्जी के साथ आप सबसे मिलने के लिए एक्सक्लूसिव प्रोग्राम को आपको बार-बार याद दिलाऊंगा कि हर हफ्ते आइए तो हर श्लोक में एक नई सीख है और हर बार उस सीख को देने के लिए उसका एक सेंट्रल मैसेज देने के लिए उसका एक मैसेज देने के लिए गीता इन एक्शन के सारे एपिसोड्स को देखिए पुराने नहीं देखे तो उनको भी देखिए और अगर आप बिजनेस के एपिसोड को सीखना चाहते हैं तो लीडरशिप फनल के बारे में जरूर जानकारी लीजिए लीडरशिप फनल हमारा सबसे पावरफुल फ्लैगशिप प्रोग्राम जिसमें 52 हफ्ते तक आपका हाथ पकड़ के आपकी उंगली पकड़ के आपको साथ बिजनेस के फ्रेमवर्क को इंप्लीमेंट कराया जाता है एवरी बडी गा कम ऑन गीता इन एक्शन एक है इंद्री एक है इंद्रिय विषय कान एक सेंस है इंद्रिय है उसका इंद्रिय विषय क्या है अपनी अच्छाई सुनना दूसरों की बुराई सुनना अपने बॉस की बुराई सुनना अपनी झूठी तारीफ सुनना नाक इंद्री इंद्री विषय क्या ड्रग्स ऐसे नाक से लेते लोग ड्रग्स आंखें इंद्री इंद्री विषय इंद्री विषय क्या पन देखना आंखों से ताक झाक करने में मजा आना क्या हो रहा है ऑफिस में नैन मटक्का कर रहा है इंद्री इंद्री विषय इंद्री और इंद्रिय विषय को जो अलग कर लेता है तस्य प्रज्ञा इंटेलिजेंस प्रतिष्ठित उसकी इंटेलिजेंस स्टेबल है महाराज भरत जिनके पास अपॉर्चुनिटी थी अच्छा रीजन भी था बताने के लिए भगवान राम चले गए बालने के लिए राजा बनाऊं राजा नहीं हूं मैं नहीं इंद्री को इंद्रिय विषयों से उन्होंने कैसे अलग किया ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को भी अपॉर्चुनिटी आई थी जो जेंटलमैन जिन्होंने पाकिस्तान को अलग कराया था उन्होंने बोला कि भाई तुमको मैं थ्री टाइम सैलरी दूंगा मेरे को तुम्हारे जैसे आदमी चाहिए व्हाई डोंट यू एंड योर टीम जितने मुस्लिम्स है आप पाकिस्तान आ जाओ हमारी तरफ से लड़ाई लड़ना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान ने मना कर दिया उनको ये है इंद्री इंद्रिय विषय अलग किया अपॉर्चुनिटी थी तीन गुना तनखा भारत में क्या मिलता उनको समुद्र में नदियां सनातन काल से प्रवेश कर र है पर समुद्र हिलता नहीं है ठीक उसी प्रकार आपके मन में विचार आएंगे पर आपको विचारों पर एक्शन नहीं [संगीत] लेना ग्रंथ राज श्रीमद् भगवत गीता की जय धन्यवाद स्वागत है आप सभी का आज के एपिसोड में दूसरे अध्याय का 58 वा श्लोक लेंगे इससे पहले अर्जुन ने पूछा था स्टेबल इंटेलिजेंस वाला आदमी क्या खाता है कैसे नहाता है कैसे चलता है क्या बातचीत करता है उसका व्यवहार कैसा है और कृष्ण उत्तर दिए जा रहे थे कि स्थित धीम नि रचते स्टेबल इंटेलिजेंस वाला आदमी ऐसा है वैसा है आज भगवान ने श्लोक में कछुए के साथ उसका कंपैरिजन किया कि कछुए की तरह भगवान इतने विजुअल एग्जांपल देते हैं ना गीता इतनी इंटरेस्टिंग है कि आपको इतना मन लगा रहेगा अगर आप इसको पढ़ना आगे आपको सीखना आ गया मेरे पीछे श्लोक बोलिए दूसरे अध्याय का 58 58 वा श्लोक यदा सम हर ते चायम यदा सम हते चायम कुर्मो अंगनी व सर्वसा कुर्मो अंगा व सर्वसा इंद्रियानी इंद्रिया थे भस इंद्र तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठित तस्य प्रज्ञा प्रिता यहां कृष्ण कह रहे हैं जिस प्रकार कछुआ अपने अंगों को संकुचित करके खोल के भीतर खींच लेता है क्या मतलब हुआ कि जैसे वन हु इ एबल टू विड्रॉ हि सेंसेस किस तरह जैसे टोटॉयज ड्रोज हिज लिम आपको पता है कछुए को देखा है आपने कभी देखा कछुए की उम्र बहुत होती है वो क्या करता है अपने हाथ और अपने पांव को अंदर अपने खोल ले जाता है भगवान कह रहे हैं ठीक उसी प्रकार बुद्धिमान आदमी जब जरूरत पड़ेगी अपनी इंद्रियों को इंद्रिय विषयों से डिटैच करके अंदर ले आता है अपने अलग हाथ आगे लाइए क्या मतलब सुनना बहुत इंटेलेक्चुअल लेवल का श्लोक है बहुत इंटेलेक्चुअल लेवल का श्लोक है दो हाथ आगे लाइए एक है इंद्री एक है इंद्रिय विषय इंद्री और इंद्रिय विषय सुनना मेरी बात हाला सेंसेस सस सेंस ऑब्जेक्ट क्या मतलब हुआ जैसे कान एक सेंस है इंद्रिय है उसका इंद्रिय विषय क्या है अपनी अच्छा सुनना दूसरों की बुराई सुनना अपने बॉस की बुराई सुनना अपनी झूठी तारीफ सुनना थोड़ा हमारी तारीफ करो प्रोग्राम कैसा लगा बहुत बढ़िया बढ़िया तो है सेंसलेस गाने सुनना हम किस गली जा रहे हैं अपना कोई य सारे पकड़ लो उनको तो यह बेसलेस गाने सुनना ओटीटी प्लेटफार्म पर फालतू प्रोग्राम देखना यह क्या है सुनना जहां पर छेड़ा खानी हो रही है उन बातों को सुनना अरे इस लड़का ये देखा हैय लड़का बार-बार उस लड़की के साथ जा रहा है कुछ तो है ऐसे नहीं होता देखो धुआ वही है जहा आग लगी हो ये इंद्री इंद्रिय विषय सेंसेस सेंस ऑब्जेक्ट जीवा इंद्री इंद्रिय विषय क्या होगा जंक फूड अनहेल्दी खाना गोलगप्पे पिज्जा बर्गर कुछ लोग तो मास भक्षण करते हैं उनको क्या जीव हत्या कर के खाने में अच्छा लगता है आनंद आता है इंद्रिय इंद्रिय विषय कड़वा बोलना गाली गलोज करना ओरल सेक्स करना गॉसिप करना बैक बाइटिस इंद्री इंद्रिय विषय सेंसेस सेंस ऑब्जेक्ट इन दोनों को अलग करने को कह रहे हैं भगवान कि बुद्धिमान आदमी कर पाता है ये नाक इंद्रिय इंद्रिय विषय क्या ड्रग्स ऐसा नाक से लेते हैं लोग ड्रग्स किसी भी खुशबू से खींचे कहीं भी चले जाते हैं या परफ्यूम और एयर प्यूरीफायर से असलियत को छुपाते हैं इंद्री इंद्रिय विषय आंखें इंद्री इंद्री विषय इंद्रिय विषय क्या पन देखना आंखों से ताक झाक करने में मजा आना क्या हो रहा है हां टीवी सीरियल देखना नागिन नागिन भी देखते लोग मैं तो हैरान हो जाता हूं मेरी बुद्धि चक्र नागिन देख रहे हैं एक बचपन में मैंने देखा था एक बिचारी बूढ़ी औरत मर रही थी मरने से पहले अपनी बेटी से पूछ रही कि बेटी बस मरने से पहले बता दे शांति सीरियल के आखिरी एपिसोड में क्या हुआ था इसको बोलते हैं इंद्री इंद्रिय विषय सेंसेस सेंस ऑब्जेक्ट ओटीटी वेबीनार मिर्जापुर देख रहे हैं मिर्जापुर देख रहा है मैं तो हैरान हूं आदमी मिर्जापुर कैसे देख सकता है क्या वैल्यू क्रिएट कर रहा है मिर्जापुर देख कर के आंख इंद्री इंद्रिय विषय सोशल मीडिया पर रील लगा हुआ है लगा हुआ है देख रहा है पतली कमरिया मेरी हाय हाय हाय गाना चल रहा है नाच रहा और पीछे वो लड़के कोट हिला रहे घोल घोल इसको बोलते क्या इंद्री इंद्रिय विषय आजकल तो यही चल रहा है सब कुछ ऑफिस में नैन मटक्का कर रहा है इंद्री इंद्र मोबाइल एडिक्शन गेम्स इंद्री इंद्रिय विषय भगवान क्या इंटेलेक्चुअल लोक दे रहे त्वचा यह भी इंद्री इसका इंद्रिय विषय बहुत ज्यादा मेकअप करना इंद्री इंद्री विषय स्किन का कलर देख के लोगों को डिस्क्रिमिनेट करना टैटू बनवा के अपना दिखाना या फिर नॉन कंसेंसुअली किसी को टच करना और उससे आनंद लेना हा जैसे अपोजिट सेक्स को टच करके हाथी को फसाने का तरीका ही तो यही है महावत के पास कि वो एक हथनी को की आवाज को रिकॉर्ड कर लेता है और हथनी की सेक्स की आवाज को जोर जोर से प्ले करता है महावत और उसके बाद एक गड्ढे के ऊपर घास बिछा देता है जिसमें हाथी आकर गिर जाता है उसके बाद कई दिन तक हाथी को ना खाने को देता ना पीने को देता है अंदर दुबला होगा कमजोर हो जाएगा बाद में उसको थोड़ा सा खाना खिला के कंट्रोल करना शुरू करता है क्यों इंद्री इंद्री विषय टच सेक्स की कामना कर इंद्री इंद्री विषय और श्लोक क्या चल रहा है अर्जुन का स्थित प्रज्ञ सका भाषा भगवान इंटेलेक्चुअल बात कर रहे हैं क्या कह रहे हैं इंद्रियानी इंद्रिया आर्थ भस तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठित कि इंद्रिय और इंद्रिय विषय को जो अलग कर लेता है तस्य प्रज्ञा इंटेलिजेंस प्रतिष्ठित उसकी इंटेलिजेंस स्टेबल है माय गॉड क्या कृष्णा मैं तो कई बार सोचता हूं युद्ध के बीच में ऐसी बातचीत हो रही है इनको कॉन्फ्रेंस रूम दे दिया हो तो पता नहीं किस लेवल की बात कर लेते इनको आराम से कोई बोर्ड रूम दे देते हैं वाइट बोर्ड के साथ में हमारे डायरेक्टर लोग आते हैं स्ट्रेटेजी समझाते हैं वाइट बोर्ड पे मैं सोच रहा हूं भगवान कृष्ण को अभी तो वाइट बोर्ड नहीं दिया बिना उसके युद्ध के बीच में तीर चल रहे हैं और यहां बात हो रही इंद्री इंद्री विषय अमेजिंग एक दफा वैसे ब्रह्मा जी और चार कुमारों के बीच में चर्चा ई श्रीमद् भागवत में शद 11 स्कंद में आता है प्रश्न य उठता है कि मन में विषय है या विषयों में मन है सुनना मेरी बात को क्या अमेजिंग प्रश्न था इसका उत्तर ही नहीं निकला भागवत में सुनो मेरी बात फॉर एग्जांपल आपने किसी को देखा पोन एडिक्शन आजकल बहुत लोगों को भयंकर पन एडिक्शन तो लड़की का चेहरा उसका शरीर उसके मन में है या मन उस लड़की के शरीर में है यह समझ नहीं आ इतना एक साथ जुड़ जाते भगवान ने इनको अलग करना सिखाया अमेजिंग अद्भुत है ये अद्भुत है हा सुनो मेरी बात ध्यान से सुनना भैया ध्यान से सुनना लालच लालच में मन है या मन में लालच है समझ नहीं आता भगवान ने बोला इनको अलग करो क्योंकि मन भी सूक्ष्म इंद्रिय है मन में विषय है कि विषयों में मन है इतनी इंटेलेक्चुअल मतलब एक बुद्धिजीवी इसलिए देखा आपने गांधी से लेकर के आइंस्टाइन से लेकर के एपीजे अब्दुल कलाम जी से ले सब लोग भगवत गीता पढ़ते रहे इतने सालों तक अब अपने य ही कुछ लफड़ा है नया नहीं नहीं हिंदू किताब हिंदू किताब सबके लिए पूरी पृथ्वी के लिए वुड यू अग्री विद मी यस नो वही और यही है मन में विषय या विषय में मन इंद्रिया थ ये भगवान ने इंद्रिय और इंद्रियो के विषयों को सेंसेस और सेंस के ऑब्जेक्ट को अलग करने की लेकिन वो इतना अंदर हो जाता है इतना अंदर शराबी को और कुछ नहीं दिखता उसको शराबी कुछ भी बात कर लो एक गुरु जी आए थे बोले इतना सेक्स कर लो कि सेक्स की इच्छा समाप्त हो जाए बिल्कुल नहीं जब तुम सेक्स ज्यादा करोगे सेक्स की क्षमता खत्म होगी इच्छा नहीं अगले दिन वापस इच्छा आ जाएगी क्या मेरी बात समझ आ रही है वो इतना अंदर चला जाता है इतना अंदर चला जाता है एक बार की बात है एक शराबी उसका लिवर फेल हो गया पर देहान से पहले भगवान शिव से बोला मेरे को दर्शन दो आपसे बात करने का है भगवान शिव के आशुतोष है जल्दी मान जाते हैं आ भी गए दर्शन देने बोले भगवान बोले क्या चाहते हो बोले अगले जन्म में दांत मुझे 32 की जगह एक दे देना मैं नकली लगवा दूंगा लीवर मेरे को नकली मिलानी वो 32 दे देना अगली बार उसको लीवर 32 चाहिए महाराज भरत जिनके पास अपॉर्चुनिटी थी अच्छा रीजन भी था बताने के लिए भगवान राम चले गए संभालने के लिए राजा बना हूं राजा नहीं हूं मैं नहीं वही बिल्कुल अमेजिंग अमेजिंग कि इंद्री को इंद्रिय विषयों से उन्होंने कैसे अलग किया अपने आप को क्राउंड नहीं किया भगवान राम की चरण पादुका वहां पर राज सिंहासन पर रखी खुद नीचे बाजू में बैठ गए रूलर बनके नहीं रेप ट बन के बैठे महाराज भरत 14 साल तक उन्होंने ब्रह्मचार्य व्रत का पालन किया केवल फलाहार किया जमीन पर सोए एक कुटिया बनाई अपनी मां से 14 साल तक बात नहीं करी हर चीज का रीजन था उनके पास में कि भगवान की सेवा के लिए कर रहा हूं मैं तो राजा नहीं हूं लेकिन मैं उनका प्रति इसीलिए मुझे राज राजसी सुख नहीं ले रहा हूं लेकिन जरूरी था करना पड़ रहा नहीं अपने आप को सारे राजकीय सुखों से दूर रखा श्रीराम वन में एक वनवासी की तरह थे यह अयोध्या में एक वनवासी तर रहे अयोध्या में जब तक भगवान लौट कर के नहीं आए तब तक सारे राजसी भोग ऐश्वर्य का त्याग किया एक वनवासी के वस्त्र पहन के उसी कुटिया में नंदी ग्राम में जाकर के रहने लगे अयोध्या के पास में पूरी रामायण के अंदर भरत ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति जिन्होंने उस गलती का पश्चाताप किया जो गलती उन्होंने खुद कभी करी नहीं थी ये थे महाराज भरत कृष्ण ने पूछा अर्जुन ने स्थित प्रज्ञ सका भाषा याय भगवान उत्तर दे रहे हैं इंद्रियानी इंद्रिय अर्थे भस तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठित जो इंद्री और इंद्रिय विश्व को अलग कर दे वो स्थित प्रज्ञा है यानी कि वो स्टेबल इंटेलिजेंस का है जिसमें यह क्षमता हो कि मुझे कब कछुए की तरह अपने लिम्स को वापस खींचना है जिसम यह क्षमता हो कि मैं कब सेंसेस को वापस विड्रॉ कर सकूं जिसम य क्षमता हो मैं कब अपने आप को रोक सकूं आगे इसके अगले श्लोक में तो ओ हो बहुत अद्भुत श्लोक आने वाला है उसके ऊपर मैंने एक वीडियो भी बनाया था गोल स्टेटमेंट गर्ल स्टेटमेंट सेक्स स्टेटमेंट सक्सेस स्टेटमेंट याद होगा किसी को उसके अगला श्लोक है कि आदमी क्रोध के कारण बर्बाद कैसे होता है इतनी बढ़िया सीक्वेंस है जोक भगवान बता रहे स्टेबल इंटेलिजेंस का आदमी होता कैसा है इसके साथ मैं ऐसा करता हूं दूसरे अध्याय का 7वा लोक भी रिलेट कर देता हूं बहुत सुंदर श्लोक है सिमिलर बातचीत है क्योंकि वहां पर भगवान ने नदी और समुद्र के साथ कंपेरिजन दिया य कछुए के साथ कंपेरिजन दिया है भगवान क्या कहते हैं अपूर मानम अचला प्रतिम समुद्र मापा प्रति अवत तद्व कामा यम प्रभ शति सर्वे स शांति काम कामी क्या कहते हैं अपूर मान मचल प्रतिम जैसे समुद्र में नदिया प्रवेश करती रहती है फ डेज इन वीक समुद्र में नदिया प्रवेश करती है लाउडली यस नो नो सिक्स डेज इन वीक करती है खाली संडे छुट्टी रहती है सेन डेज करती है समुद्र में नदिया रोज प्रवेश करती है कब करती है पूरा साल करती है लाउडली यस नो साल 5 साल 10 साल 10 साल तक लगातार करती है लाउडली यस नो सनातन काल से कर रही है समुद्र में नदियां सनातन काल से प्रवेश कर रही है पर समुद्र हिलता नहीं है ठीक उसी प्रकार लाउड गा कमन ठीक उसी प्रकार प्रकार आपके मन में विचार आएंगे पर आपको विचारों पर एक्शन नहीं लेना वो भगवान ने समझाया क्या बोले के तद्व कामा यम प्रभ शति सर्व ठीक उसी प्रकार कामनाए आएंगी एक्शन नहीं लेना काम ही नहीं बनना वन मोर टाइम काम आएगी कामी नहीं बनना हनुमान जी को भी आई थी कामना हनुमान जी की बात कर रहे थे कैसे आई माता सीता को हनुमान जी जब पूरी रामचरित मानस सुना रहे तो व वाल्मीकि बायू में बैठ के पूरा सुन लिया ही ओवर हर्ड एवरीथिंग जब वाल्मीकि ने पूरा सुना बोले यह तो ज्यादा सुपीरियर है उन्होंने पूरा नोट कर लिया संकलित कर लिया उसको कंपाइल कर लिया पूरा कंपाइल करने के बाद बोला कि आप देखो अब हनुमान जी का जो गुणगान होने वाला है अब हनुमान जी के बारे में और ज्यादा लोगों को पता चलेगा राम लक्ष्मण जान की जय बोलो हनुमान की इस तरह आपका नाम अलग लिया जाने लगेगा बजरंग बली हनुमान जी को बात पता चला हाथ आगे लाई है इंद्री इंद्र मन मन इंद्रिय विषय इंद्र विषय तारीफ रीफ अलग कर दो उन्होंने कहा महाराज वाल्मीकि बात तो आपकी ठीक है यह कहां संकलित किया आपने कहां कंपाइल करी कॉपी बोले ये री पूरी कंपाइल कर लिए बोला एक मिनट स्पीड से चेक करना चाह रहा हूं मैं बोला इसको फोटो कॉपी किया आपने बोला नहीं बोला कोई पेन ड्राइव में सॉफ्ट कॉपी ईमेल प बोला नहीं बोला ठीक है उठा के समुद्र में फेंक दी उन्होंने और हनुमान जी ने तुरंत समुद्र में फेंक दी बोला जो मेरे प्रभु राम से मुझे आगे ले जाए ऐसा ग्रंथ मुझे नहीं चाहिए वह ग्रंथ नहीं है वो यश नहीं वो अपयश है इंद्री इंद्रिय विषय इसीलिए आज बोलते हैं राम लक्ष्मण जान की जयन की देखिए ये मेन मुद्दा सारा अर्जुन पूछ रहे स्थित प्रज्ञ से का भाषा भगवान बता रहे हैं क्या बता रहे हैं इंद्रिया आर्थी इंद्रिय और इंद्रिय विषयों को अलग कर दो बस तस प्रज्ञा प्रतिष्ठित अ पूरी अमा मचला प्रति अरे आती रहेगी नदी हनुमान जी को भी आई एक नदी जो वाल्मीकि ने लेकिन हिलना नहीं है हाथ आगे ला कामना आएगी कामी नहीं बनना कामी का मतलब खाली सेक्स नहीं है सब कुछ अलग अलग गुल गप्पे की कामना भी आती है कामना किसी भी चीज की हो सकती है एक्शन तब लूंगा जब वो मेरे गोल स्टेटमेंट में कंट्रीब्यूट करेगा नहीं तो नहीं लूंगा हाग लाइए इसमें कौन मदद कर सकता है ये बहुत बड़ा गेम चेंजर है रावण और विभीषण में क्या अंतर था किसी को समझ में नहीं आएगा लोगों को मालूम नहीं रावण और विभीषण उनके बिहेवियर का अंतर बता रहे हैं लेकिन ग्राउंड में क्या अंतर था रावण और विभीषण में अंतर यह था कि एसोसिएशन का अंतर था दोनों के माता-पिता सेम थे पर जो यह विरवा नाम के जो पिता थे ना उनके वो खुद साधु थे और उनकी मां थी राक्षसी केकेसी ये केकेसी कौन थी यह सोमालिया के सोमाली राजा की पुत्री थी राक्षसी थी और वो साधु थे और कौन थे विरवा ही वास द ग्रैंड सन ऑफ लर्ड ब्रह्मा सप्त ऋषि के पुत्र थे एंड ग्रैंड सन ऑफ लॉर्ड ब्रह्मा देरर रावण वास ग्रेट ग्रैंड सन ऑफ लर्ड ब्रह्मा परंतु हुआ क्या विभीषण पिता की संगत में रहे रावण माता की संगत में रहे ब वही फर्क हो गया उनके अंदर काम क्रोध लोभ मोह मद माचर सब बढ़ गया और इनके अंदर क्या हुआ अमाव अदिव अहिंसा शांति आर्वम आचार्य पासनम शचम सारे देवी गुण आ गए उनके अंदर सारे दानवी गुण आ गए फर्क यही था आप किसकी संगत में है किसकी संगत में है वो आपको ट्रेन करेगा कि इंद्री और इंद्रिय विश्व से अलग कैसे रहा जाए और जितनी अच्छी संगत उतनी फाइन इंटेलिजेंस अभी स्पिरिचुअल लेवल पर तो आए नहीं दूसरा अध्याय चल रहा है भाई लोग दूसरे अध्याय में भगवान ने इंटेलेक्चुअल लेवल की बातें करी है अभी स्पिरिचुअल लेवल की शुरुआत नहीं हो रही पूरी ढंग से अभी और बढ़ेगा और खूब चर्चा होगा जब भगवान बताएंगे मेरी शरण कैसे ली जाती है इंटेलेक्चुअल लेवल प अर्जुन का गोल्ड स्टेटमेंट क्लियर कि कौरवों ने बोल दिया युद्ध है तो युद्ध है तो अर्जुन स्टार्टेड ट्रेवलिंग फॉर सर्टिफिकेशन ग्लोबल यूनिवर्सल सर्टिफिकेशन तो एक बार ट्रेवल करते करते इंद्र की नगरी अमरावती पहुंचे और इंद्र की नगरी स्वर्ग में अमरावती में अस्त्र शस्त्र लेने अर्जुन पहुंच गए वहां जाकर पूरा अस्त्र शस्त्र की ट्रेनिंग ली इंद्र बहुत प्रसन्न हुए अर्जुन की मेहनत देख के महाबाहु एमबी डेक्सस एरस मतलब जो दोनों हाथ से एक साथ तीर चला सकते हैं बाए से भी और दाए से भी मल्टीपल तीर छोड़ सकते हैं ऐसे अर्जुन इसी ऐसी ट्रेनिंग लेकर अर्जुन निकले अब अर्जुन उनको थैंक यू किया दंड प्रणाम किया बोला बहुत अच्छा लगा काफी कुछ सीखा हमारे साथ जुड़े रहने के लिए जैसे ही बोलने लगे प्रेम पूर्वक आपका बहुत-बहुत इंद्र ने रोक दिया बोले रुको यार थोड़ा हमारे स्टाइल में भी चलो बोले आपका क्या स्टाइल है बोले हमारे य चित्र सेन हमारे यहां गंधर्व है उनके पास जाकर थोड़ा संगीत और नृत्य कला भी सीख लो बोलो चित्र सेन अब इंद्र की बात टाल नहीं सकते उनकी बात मानी पहुंच गए अर्जुन चित्र सेन के पास पहुंचे इसी बीच अब अर्जुन कौन है महाबाहु कम ऑन कौन है महाबा महाबा उनके बायसेप ट्राइसेप शोल्डर नेक सॉलिड और वो वहां पर अपना सिक्स पैक एब अर्जुन की नेचुरली और वहां से कौन निकल रही उर्वशी उर्वशी निकली वहां पर नृत्य करते हुए उन्होंने अर्जुन को देखा और जैसे ही नृत्य करते देखा ओ उर्वशी आकर्षित हो गई अर्जुन के प जैसे उर्वशी आकर्षित हुई अर्जुन के पास जाकर के शादी की इच्छा जाहिर कर दी अब मैं थोड़ा आपको सिनेरियो समझा देता हूं आपको पता है इस पृथ्वी की सबसे सुंदर खूबसूरत अप्सरा को क्या टाइटल दिया जाता है मिस वर्ल्ड या फिर मिस यूनिवर्स यस और नो उसको सबसे खूबसूरत स्त्री को मिस वर्ड या मिस यूनिवर्स दिया जाता है जैसे ही मिस यूनिवर्स को आप यहां से एक्सपोर्ट करोगे स्वर्ग लोक में तो द मोस्ट ब्यूटीफुल लेडी ऑन दिस प्लेनेट अर्थ विल बी द अगस्ट वुमन ऑफ स्वर्ग मेरी बात समझ में आ रही है को इतना बदसूरत माना जाएगा स्वर्ग में यानी कि स्वर्ग में कितनी सुंदर देवियां रहती हैं इमेजिन करिए अगर सबसे खूबसूरत स्त्री भी यहां की सबसे बूत बदसूरत है वहां पे तो जो वहां की सबसे खूबसूरत उर्वशी तो वो कितनी खूबसूरत होगी और ऐसी उर्वशी आके अर्जुन को बोल रही है अर्जुन मेरे विवाह का प्रस्ताव स्वीकार करो मैं आपके प्रति इतनी आकर्षित हो चुकी हूं और अर्जुन क्या बोल रहे उनको जवाब है मालूम अर्जुन कह रहे हैं मैं आपके चरण स्पर्श करना चाहता हूं क्योंकि आप मेरी मां के समान है ऐसा अर्जुन बोल रहे मैं आपके चरण स्पर्श करना चाहता हूं मेरी मां के समय व बोले तुम्ह पृथ्वी में जाकर कौन मिलने वाला है ऐसा जो तुमने मुझे मां बोल दिया ऐसे अर्जुन बोलते चंचलम हि मना कृष्णा प्रमाती बलद मेरा मन चंचल है इतना कंट्रोल है माइंड में उर्वशी के सामने टेंशन म उर्वशी को देख के आदमी वैसे ही हिल जाए म देख ही नहीं सकता उसके शरीर की कांति इतनी निकल रही है कि साधारण बुद्धि का आदमी हो तो उसकी आंखें ही ना खुल पाए इतना शरीर की कांति बताई गई और इतनी सौंदर्य की देवी को देख के मां कह पाना सोचो इंद्री इंद्रिय विषय यह है अर्जुन का इंद्री इंद्रिय विषय व कैसे अलग कर पा रहे हैं इसको अपने आप को इंटेलेक्चुअल लेवल पर अलग कर पा रहे हैं और वहां वो इतना ज्यादा दुखी हुई उर्वशी उर्वशी ने उनको श्रप दे दिया बोला तुम तुम मेरे साथ में एक शारीरिक संबंध बनाने में तुम्हें तकलीफ मैं तुम्हें श्राप देती तुम एक साल के लिए इंपोर्टेंट हो जाओगे हा और वो इंपोर्टेंट हुए अर्जुन बहुत खुश उनको बाद में वो सेवा का अवसर मिला आपको पता नीचे आकर के इंपोर्टेंट हो कर के उन्होंने कौन सी सेवा नहीं भाई ं क्या था उनका नया नाम यह बहुत अमेजिंग बात है कि जो भगवान ने सिखाया ना यहां पे स्वामी विवेकानंद कहते हैं अनकल्चरड आदमी सेंशुअल प्लेजर में जिंदगी बिताता है और कल्चरड आदमी इंटेलेक्चुअल प्लेजर में जीवन बिताता है और ये इंटेलेक्चुअल लेवल में भगवान समझा रहे हैं इंद्री इंद्रिय विषय इनको अलग कर दो स्थित प्रज्ञ सका भाषा अर्जुन पूछ रहे हैं वो खुद ही स्थित प्रज्ञा है ऐसे अर्जुन को भगवत गीता की जरूरत थी क्या भगवत गीता भगवान ने अर्जुन के लिए नहीं बोली कौन बोल रहा है हमारे लिए बोली हां हमारे लिए बोली हमारे लिए बोली थी वेरी गुड मेरे लिए बोली जब तक ये नहीं समझ में आएगा ना मेरे लिए बोली यहां से जाने के बाद पढ़ूंगा नहीं यहां तो कई लोग इस चक्कर में देखते हैं विवेक बिंद्रा बोलते कैसे हैं य पर देखा ऐसा ऐसा बोलते हैं यहां सामने देखेंगे बोलते कैसे हैं ये मुद्दा यह है कि विचार आएगा समुद्र मापा प्रसंति अवत आएगा विश्वामित्र मुनि 6 हज साल तपस्या किए टेंशन किसको हो गया इंद्र को इंद्र ने अपनी एक टीम मेंबर को बोला रंबा को जाओ जरा देखो यार विश्वमित्र टेंशन हो रहा उसका सिंहासन हिल जाता है इंद्र का इंद्र का टेंपररी पोजीशन है इंद्र नॉट परमानेंट पोजीशन इंद्र इ अ डेजिग्नेशन अभी कोई और पहले इंद्र कोई और थे आगे इंद्र कोई और होंगे इंद्र डेजिग्नेशन इंद्र न नेम इंद्र चंद्र वरुण वायु य सब डेजिग्नेशन नाम नहीं है य नेशन बदलती रहती है कभी कोई इंद्र कभी कोई इंद्र हो सकता है आप में से भी कोई इंद्र रह चुके हो पहले पीछे केसी जन्म में मुदा कयो को लग रहा मेरा लग भी रहा है मेरे को र मी आ इंद्र को टेंशन य आ ग विश्वामित्र दिक्कत हो इंद्र ने रंबा को भेजा रंबा जाओ देख के आओ रंबा पहुंच गई वहां जाकर के 6 हज साल से तपस्या चल रही रंबा वहां जाकर नृत्य करने लगी और गाने लगी हा और विश्वमित्र मुनि की आंखें खुली आंखें खुली पूछा कौन हो तुम तो क्या बोली मेरी उत्पत्ति समुंद्र मंथन से हुई थी और मैं धरती लोक में केवल विश्वमित्र आपकी तेज आपकी सिद्धि का गुणगान सुन कर के यहां पहुंची हूं इसीलिए मैं आपसे मिलना चाहती हूं उन्होंने कहा मैं से प्रेम करने लगी हूं ऋषि और मैं आपसे विवाह करना चाहती हूं विश्वमित्र ने मना कर दिया विश्वमित्र मुनि बोले मैं तपस्वी हूं मैं साधु हूं मेरा काम आपसे विवाह करना नहीं है मैं सन्यास ले चुका हूं बोला नहीं नहीं मैं आपसे विवाह करके ही जाऊंगी मुझे आप ही के साथ जीवन बिताना है जब बारबार रंभा ने इस तरह प्रयास किया और विश्वमित्र मुनि जिनके बारे में कई बार बोला जाता है अरे उनकी तपस्या भंग हो गई भंग हो गई क्या भंग हो गई आपको असलियत मालूम नहीं विश्वमित्र मुनि इंद्री इंद्रिय विषय सेंस सेंस ऑब्जेक्ट अलग कर दिया और क्या बोला तुम बहुत बदतमीज हो और वही उनको श्राप दे दिया 1000 साल के लिए पत्थर की मूर्ति बना दिया वो चाहते तो उसके साथ गृहस्थ आश्रम में बसा सकते थे लेकिन क्या किया उन्होंने अपूर मान मचल प्रतिष्ठा समुद्र में नदी आएंगी स शांति माप नो तीन काम कामी शांति उसको मिलेगी जिसको कामना आएगी पर कामी नहीं बनेगा कामना उनके सामने रंबा के रूप में विश्वमित्र मुनि के भी आए लेकिन वो कामी नहीं बने यानी कि आपको अपॉर्चुनिटी मिलेगी लेकिन आप एक्शन नहीं लेंगे और वो टी जब ज्यादा फायदे की होती है आदमी एक्शन ले लेता है ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान की बात करूंगा आज 1946 में जब पार्टीशन हो रहा था ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को भी अपॉर्चुनिटी आई थी और क्या अपॉर्चुनिटी आई इंडो पार्क वर 1947 48 उनको वहां पे जो जेंटलमैन जिन्होंने पाकिस्तान को अलग कराया था उन्होंने बोला कि भाई तुमको मैं थ्री टाइम सैलरी दूंगा मेरे को तुम्हारे जैसे आदमी चाहिए व्हाई डोंट यू एंड योर टीम जितने मुस्लिम्स है आप पाकिस्तान आ जाओ हमारी तरफ से लड़ाई लड़ना और यहां से मैं आपको थ रैंक हायर डेजिग्नेशन दूंगा और थ्री टाइम्स एक्स्ट्रा सैलरी दूंगा ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान ने मना कर दिया उनको ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान ने मना कर दिया और जब मना किया उन्होंने नौशेरा में सबसे कड़क जवाब कश्मीर के अंदर जब पाकिस्तान अटैक किया 1947 की बात कर रहा हूं दिसंबर एंड जनवरी 1948 का जनवरी 1947 का दिसंबर भारत पाकिस्तान आजाद हो चुके थे इसके बाद इन्होंने कश्मीर को कब्जा करने की कोशिश करी ये ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान थे जो वहां पहुंचे और नौशेरा में इन्होंने ऐसा जवाब दिया वापस अपना झंडा बराया और पाकिस्तान फोर्स ने अनाउंस कर दिया कि ₹5000000 का इनाम है जो मोहम्मद उस्मान का गर्दन काट के लेकर के आएगा 0000 उस समय की बात कर रहा हूं 1948 में आज की बात नहीं कर रहा हूं मैं 1948 में 0000 का इनाम पाकिस्तान सरकार ने उनके खिलाफ रखा था और वही हुआ कुछ ना कुछ लोगों ने मुखबारी करके उनको पकड़वा भी दिया उनकी गर्दन कट भी गई पर गर्दन कटवाने से पहले बोला जिस टेरिटरी के लिए अपनी जान दे रहा हूं ना मैं वो टेरिटरी नहीं छूटने चाहिए और यह ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान एक ऐसे व्यक्ति जब ये मटियार शहीद हुए तो इंडियन प्राइम मिनिस्टर मिस्टर जवाहरलाल नेहरू उस समय उनका फ्यूनरल अटेंड करने के लिए पूरी कैबिनेट के साथ पहुंचे थे यह है इंद्री इंद्रिय विषय अलग किया अपॉर्चुनिटी थी तीन गुना तनखा भारत में क्या मिलता उनको मुसलमान देश में जाऊंगा मैं मुसलमान हूं पर इंद्री इंद्रिय विषय कैसे उसको अलग करके दिखाए ये अपूरे मानव मचला प्रतिष्ठा नदी आएगी स शांति मापन तीन काम कामी शांति उसको मिलेगी जिसको काम ना आएगी पर कामी नहीं बने अपॉर्चुनिटी नहीं आ रही तो हीरो बनते हैं लोग हीरो तो मैं उसको बता रहा हूं जिसको अपॉर्चुनिटी आई और फिर भी उसने सही काम किया गलत काम ज ज्यादा फायदा हो रहा था मेजर ध्यान चंद 15 अगस्त 1936 की बात कर रहा हूं बर्लिन ओलंपिक्स इंडिया वर्सेस जर्मनी हॉकी फाइनल हाफ मैच तक केवल एक गोल हुआ था जूता उतार के फेंका उन्होंने ीली घास के अंदर हिटलर स्टेडियम में बैठा तानाशाह देख रहा कौन है यह कौन है कौन है मेजर ध्यान चंद लांस नायक सूबेदार जूनियर रैंक पर थे उस समय पैर जब हॉकी खेलने लगे एक के बाद एक एक के बाद एक एक के बाद एक आ एक से जर्मनी को वो शिकस्त दी वो शिकस्त दी ध्यानचंद ने इनके प्रदर्शन को देख के बहुत प्रभावित हुए ध्यानचंद के प्रदर्शन को देख कर के हिटलर और कहा कि जर्मनी में आकर के खेलो जर्मनी में मैं तुम्हें नौता देता हूं और तुमको आर्मी के अंदर बहुत ऊंची रैंक दूंगा तु यहां पर तो कुछ नहीं मैं सीधा तुमको चीफ मार्शल बना दूंगा ध्यानचंद के पास सुनहरा मौका था सैलरी भी बहुत अच्छी थी यहां संसाधनों का अभाव था ध्यानचंद के पास पास में फटे जूते पहन कर के खिला करते थे यहां पर वहां पर उनको सारी संसाधन थे लेकिन ध्यानचंद ने इसको ठुकरा दिया और क्या बोला यह भारत की जिम्मेदारी नहीं उनके फटे जूतों को देख के जब हिटलर ने बोला टिप्पणी करी तो बोला ये भारत की जिम्मेदारी नहीं कि मुझे आगे बढ़ाए यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं भारत को आगे बढ़ाऊ मैंने भारत का नमक खाया है भारत से ही खेलूंगा इसको बोलते हैं इंद्री इंद्री विषय इसको भगवान कह रहे तस प्रज्ञा प्रतिष्ठित ऐसे आदमी का इंटेलिजेंस स्टेबल इंटेलिजेंस है यह स्टेबल इंटेलिजेंस इंद्र इंद्रिय विषय मन और मन को क्या मिल रहा है थ एक्स सैलरी य छोड़ो ना निकलो यहां से अपनी जिंदगी जीते हैं ना यह क्या है बस यही जर्मनी जाऊंगा जर्मनी से खेलूंगा ध्यानचंद के मन में आ सकता था लेकिन आया क्या नहीं भारत से लडूंगा भारत के लिए खेलूंगा ध्यानचंद का और यही फर्क आज कि मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड इज द हाईएस्ट स्पोर्ट्स ऑनर इट इज गिवन टू एनीबडी इन कंट्री टुडे जर्मनी से खेल भी लेता ना तो जर्मनी में उनको हाईएस्ट स्पोर्ट्स ओनर का अवार्ड उनके नाम पर नहीं दिया ध्यानचंद केवल एक मात्र ऐसे व्यक्ति जिन्होंने तीन ओलंपिक गोल्ड मेडल स्ट्रेट भारत को दिलाए थे स्थित प्रज्ञ सका भाषा ये है स्थित प्रज्ञा जो इंद्रियानी इंद्रिया अर्थस इंद्रिय इंद्रिय विषय को अलग-अलग करता हो स शांति मापन होती कामना आएगी काम ही नहीं बनेगा लाल बहादुर शास्त्री पर कितने लोगों ने वीडियो देखा है मेरा देखा आपने साड़ी की शॉपिंग करने ले गए थे अपनी बीवी को वो लगा रहा साड़ी फ्री में ले लो मुझसे नहीं लिया साड़ी सस्ती वाली दो साड़ी पत्नी को दिलाई चुप करा दिया उनको वहां से ले गए रशियन डांस हो रहा था जाकर के रशिया के अंदर वहां से उठक बाहर चले गए बोले अर्धनग्न अवस्था में ऐसी औरतों को नाचते हुए देखना मेरी पत्नी का अपमान है जो मेरे साथ में बैठी है इंद्री आंख इंद्रिय विषय रशियन बैले डांस दोनों को अलग किया पेट्रोल पंप में से पेट्रोल अपनी तनखा से भरवाया करते जब बेटा उनका गाड़ी लेकर उनके निकल जाता था बेटा 12 किलोमीटर एक्स्ट्रा गाड़ी क्या चला कर के आया खुद की त कटवा ली उन्होंने इंद्री इंद्रिय विषय कैसे उन्होंने अलग किया इसको पता चला बेचारे बेटे के बॉस को के यह तो प्रधानमंत्री का बेटा उसको प्रमोशन दे दी फोन करके उल्टा डिमोशन करवा दिया प्रमोशन काहे दे रहे हो उसको इंद्री इंद्री विषय यह वो लोग हैं स्थित प्रज्ञ ये स्थित प्रज्ञ है अर्जुन ने पूछा यह उत्तर है संसार में भी स्थित प्रज्ञ लोग मिलते हैं आपको केवल देवी देवताओं में नहीं वहां तो मिलेंगे ही मिलेंगे आपको रतन टाटा सबसे बड़े सित प्रज्ञा के एग्जांपल है सबसे सक्सेसफुल ग्रेटेस्ट ह्यूमन बीइंग्स में से रहे हैं भारत की हिस्ट्री के अंदर एवर ऐसी पर्सनालिटी हमारे देश को मिली है 66 पर अपनी वेल्थ हमारे देश में दान कर दी लार्जेस्ट बिजनेस एंपायर दो डिकेड से ज्यादा चलाया 20 साल से ज्यादा लार्जेस्ट बिजनेस एंपायर ऑफ आवर कंट्री लेकिन उसके बावजूद कभी रिचेस्ट मैन नहीं कहलाए उसके बावजूद कभी रिचेस्ट मैन नहीं सबसे बड़ा बिजनेस चलाया पूरे देश में उनसे बड़ा बिजनेस किसी का नहीं अंबानी अडानी लेकिन रिचेस्ट मैन इसलिए नहीं क्योंकि 66 पर अपनी वेल डान कर दी और उन्होंने ये प्रूफ किया कि फोब्स डिसाइड नहीं करेगा अमीर कौन है बोले अमीर कौन है वो महत्वपूर्ण नहीं महान कौन है महत्त्वपूर्ण है इंद्री इंद्री विषय प्रज्ञ तका भाषा स्टेबल इंटेलिजेंस किसकी है इच्छा तो आई होगी ना कभी तो इच्छा आई होगी अजीम प्रेम जी इच्छा आई होगी लेकिन उस इच्छा को त्यागना वो है इंद्रिय इंद्रिय विषय मनोहर पारकर स्कूटर वाले चीफ मिनिस्टर बोलते मनोहर पारकर को इतना प्रभावित पर्सनल लेवल पर चाहे वो किसी भी पॉलिटिकल पार्टी से होते मैं मनोहर पारकर से बहुत प्रभावित रहा हूं आज वो जीवित नहीं है लेकिन मैं उनको इंस्पिरेशन मानता हूं स्कूटर वाले चीफ मिनिस्टर हां उनमें एक दो कमियां थी सिगरेट बहुत पीते लेकिन सिगरेट भी लेकर के अपना वहां पे स्कूटर लेकर के पहुंच जाते सिगरेट की दुकान प और वहां लड़के लोग नहीं पहचान पाते उन्हें ए पीछे हो अंकल और फिर सिगरेट वाला बताता है बेटा चीफ मिनिस्टर के साथ खड़ा है तू ये मनोहर पारकर चार बार सीएम रह चुके गुवा के और स्कूटर प ही घूमते थे वीआईपी कल्चर के अगेंस्ट थे कहीं प्लेन में जाना लाइन में लगेंगे रेस्टोरेंट में खाना लाइन में लगेंगे 20177 में जब चौथी बार गोवा के चीफ मिनिस्टर बने पैंक्रियास कैंसर से वो जंग लड़ रहे थे नाक में ट्यूब लगा कर के इंफ्रास्ट्रक्चर का जाकर मुआयना करते थे गोवा में वहां पर अपोजिशन बोलता था य पब्लिसिटी स्टंट है वो चाहते थे इस समय सब कुछ छोड़ कर के आराम की जिंदगी बिता सकते थे पर बिल्कुल उस समय युद्ध की भूमि में युद्ध लड़ते हुए शरीर छोड़ा है मनोहर पारकर स्कूटर वाले सीएम इंद्री इंद्रिय विषय सबको अलग कर सके [प्रशंसा] वो मैं भगवत गीता से इतना प्रभावित हूं इसलिए मेरी जिंदगी का लक्ष्य बन चुका है इस भगवत गीता का मैसेज और सबसे प्रार्थना करूंगा मेरी मदद करिए गीता के मैसेज तक लोगों को तो पहुंचाए उनको इंस्पायर करिए कि यह वो असली ग्रंथ है जो वास्तव में भारत को फिर से बदल सकता है हमारे साथ जुड़े रहने के लिए गीता इन एक्शन के एपिसोड सारे एपिसोड को ध्यान से देख हर एक एपिसोड को ध्यान से देखने के लिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत [संगीत] [प्रशंसा]

Comments

Popular posts from this blog

Let’s Celebrate Victory Of Good Over Evil Is Bar Holi Khushhali Wali Dr Vivek Bindra

Multiply Your Business With Leadership Funnel Dr.Vivek Bindra