कौन थे Neem Karoli Baba Case Study हनुमान जयंती Dr Vivek Bindra

जय हो सब सुख ल तुम्हारी सरना तुम रक्षक काह को डरना भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे नमस्कार विवेक बिंद्र बोल रहा हूं फाउंडर एंड सीओ bab.com आप सभी को आज हनुमान जयंती की ओ हो हो हाथ जोड़ के शुभकामनाएं आज के इस पावन अवसर पर जिसको मैं बहुत मानता हूं जिनकी बात आपसे करने आया हूं उनके भक्त ने संकट मोचन हनुमान का शकता विशेष अवतार मानते हैं इनके अंदर शक्ति का आवेश था आज जिनकी बात कर रहा हूं बिलिनियर हो या प्रधानमंत्री हो एक्टर हो या नंबर वन क्रिकेटर हो हर कोई इनके कैची धाम पर बड़े विश्वास के साथ सर झुका कर के जाता है आस्था के इस धाम पर आकर सबने रास्ता पाया है द वेरी फेमस नीम करौली बाबा जी आपको आज बहुत-बहुत प्रणाम आपको शक्ति का आवेश जो मिला था प्रभु बजरंग बली का आपका नाम था लक्ष्मी नारायण शर्मा नीम करौली बाबा को इस युग का सबसे महान संतों में एक माना जाता है स्टीव जॉब्स बोले एप्ल कंपनी को सीड आइडिया इनके धाम से मिला था स्टीव जॉब्स की बात कर रहा हूं यहां के उनकी जिंदगी बदल गई थी मार्क जकरबर्ग अमेरिका से आए और हिंदुइज्म प्रैक्टिस करने लगी क्रिकेटर विराट कोहली लगातार फेलियर पे फेलियर का सामना करने के बाद जब पहली दफा सेंचुरी पर सेंचुरी उन्होंने मारनी शुरू करी मुले यहीं आकर के दर्शन और सेवा करने के बाद उनकी instagram2 में हुआ था और उन्होंने समाधि यानी कि 13 भाव 1973 में हुआ समाधि ली नीम करौली बाबा ने कभी किसी भक्त को अपने पांव नहीं छूने दिए वो कहते थे कि मेरा नहीं हनुमान जी के पांव छुओ उनकी कहा जाता था उनकी थोड़ी पूंछ भी थी तो आज इस हनुमान जयंती पर इस ऑस्पिटल पर उनके ही शकता विशेष अवतार नीम करौली बाबा की कुछ छोटी-छोटी क्विकली कहानी सुनाता हूं इनका नाम नीम करौली बाबा कैसे पड़ा एक दफा ये एक ट्रेन पकड़ कर निकले और वहां पे जो ट्रेन में बैठे इनके पास पैसे तो थे नहीं भिक्षु एक अधिकारी जो उनका भक्त था उन्होंने कहा नहीं नहीं बैठ जाइए कोई समस्या नहीं है उनकी बात मान के बाबा ट्रेन में बैठ गए पैसे थे नहीं टिकट थी नहीं कुछ स्टेशन चलने के बाद नया टीसी आ गया वो तो बेचारा चला गया नया टीसी आया वो अटक गया रे उतरो बिना टिकट के बैठ गए हो उतरो यहां से बिना टिकट के बैठ गए बोलो मेरे को अधिकारी ने कहा अरे कोई अधिकारी नहीं बिना टिकट के बैठ गए हो बाबा जी के लिए उन्होंने ऐसा बोला बाबा जी उतर गए जाके नीचे करौली नाम के स्टेशन पर नीम के पेड़ के नीचे बैठ के समाधि में बैठ गए पर वो ट्रेन नहीं चली आगे बहुत कोशिश करी सारे इंजीनियर चीफ इंजीनियर सब आ गए सबने अपनी बुद्धि लगा ली सब कुछ कुछ कर लिया ट्रेन नहीं चली अटक गई ट्रेन वही के वही खड़ी के खड़ी रह गई खूब हरी झंडी दिखाए जाए हरी झंडी वाला लेकिन ट्रेन नहीं चली सारे अधिकारी आ गए सबने जोर लगा लिया उसके बाद लोगों ने बोला कि आपने उनके प्रति अपराध किया है वह बहुत महान संत जिनको आपने उतार के नीचे भेज दिया माना नहीं टीसी पर जब पब्लिक का प्रेशर बहुत बड़ा वो टीसी घबरा गया वो जाकर के उसने फिर पेड़ के नीचे जो नीम का पेड़ था करौली स्टेशन पर उनसे माफी मांगी और जब माफी मांगी फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट में जैसे ही बिठाया ट्रेन चल पड़ी और तब से उनका नाम पड़ गया नीम करौली आपको पता है आज भी लाखों लोग हर साल केंची धाम आश्रम में जाकर के कंबल क्यों भेट करते हैं क्यों कंबल चढ़ाए जाते हैं इसके पीछे की कथा सुनिए नीम करौली बाबा हमेशा कंबल उड़ा रखते थे एक दिन अचानक वो सब कुछ छोड़ के निकले बड़े खास उद्देश्य से निकल के अपने एक बुजुर्ग एक ऐसे दंपति थे जो उनको बहुत मानते थे बोले आज रात को आपके घर पर रुकने आया हं वो हैरान बोले जिनको हम भगवान का स्वरूप मानते हैं वो स्वयं हमारे घर पर आ ग सोने के लिए गरीब थे बहुत तो जो भी कुछ खाने का संसाधन था उनको दिया उनको भोजन ल किया एक तरह से भोग चढ़ाया उनको और एक चारपाई थी उस चारपाई पर उनको सुलाया बाकी दोनों जमीन पर सो गए उस दिन रात को जैसे जैसे आधी रात बतरी बीतने के बाद नीम करौली बाबा कराने लगे बहुत आवाज आने लगी जैसे को उनको बहुत मार रहा हो बहुत पीट रहा हूं वो सोए हुए थे बुजुर्ग दंपति ने उनको उठाना भी ठीक नहीं समझा और खुद वो सो नहीं पाए क्योंकि वो करा रहे थे इतना उनको दर्द हो रहा था बहुत बहुत बहुत तेज दर्द हो रहा था हिल रहे थे कांप रहे थे वो दर्द उनको देख रहे थे तो जब वह सुबह उठे उठते ही नीम करौली बाबा ने धीमे से इस कंबल को आराम से लपेटा आराम से लपेटने के बाद बुजुर्ग दंपत्ति को दे दिया बोला इसे गंगा में प्रवाहित कर देना कंबल खोल के मत देखना ये बड़े हैरान हो गए दोनों कंबल को प्रवाहित कर दे खोल के ना देखे कंबल जैसे ही उठा कंबल बहुत भारी ऐसा लगा जैसे इसमें लोहा भरा पड़ा है बहुत भारी कंबल बहरहाल उन्होंने गुरुदेव की आज्ञा कंबल नहीं खोला जाकर के प्रवाहित किया अजीब सा लगा कंबल प्रवाहित करते वक्त कुछ दिन के बाद उसी दंपति का बेटा बांग्लादेश से वॉर के बाद लौटा जो कि ब्रिटिश फौज में एक सैनिक था और दूसरे विश्व युद्ध में उस समय बर्मा फ्रंट पर तैनात था ब्रिटिश आर्मी की तरफ से लड़ाई की स्थिति पूछने पर पता चला कि दुश्मन उस रात को और यह वही रात थी जिस दिन बाबा नीम करलीन के घर आए थे पूरे दुश्मन की फौज ने उसको घेर लिया और सबको घेर लिया वहां कुछ थोड़े से सैनिक बचे थे और लगातार रात भर गोलियां मारते रहे सारे सैनिक मर गए इसको एक भी गोली नहीं लगी मेरे बोलते बोलते रोंगटे खड़े हो रहे हैं इसको एक भी गोली नहीं लगी पूरी रात गोलियां चलती रही सब मर गए इसको एक गोली नहीं लगी दरअसल ये वही रात थी जिस दिन नीम करौली बाबा उस दिन रात को वो सारी गोलियां खाते रहे उस बेटे के तब जाकर उन समझ में आया जो प्रवाहित करी थी और जो लोहे की आवाज अंदर से आ रही थी उसमें वो सारी की सारी गोलियां थी जो बेटे को नहीं लगी बाबा की झोली ने समेट ली सारी की सारी गोली इसलिए आज भी कैची धाम स्थित मंदिर के अंदर बाबा को सारे के सारे भक्त लोग जाकर के बड़े हृदय से कंबल चढ़ाते हैं और आज जो उस धाम पर कंबल चढ़ाता है बाबा उसका बल कभी कम नहीं होने देते उसका बल बढ़ता चला जाता है बाबा ने कई भविष्यवाणियां करी बाबा के बारे में वो इतने सिद्ध पुरुष थे कि प्रयागराज में गंगा में डुबकी मारते थे और हिमालय से निकलते थे हिमालय में जाकर के अपक होते थे तो फिर उसके बाद हरिद्वार से बाहर निकलते थे और वो जो कह देते थे वो होता था एक बार दिल्ली में बिरला मंदिर के अंदर अपनी कुटिया में विश्राम कर रहे थे और हनुमान जी को याद किया करते थे बाहर दरवाजे पर कुछ बांग्लादेशी आए और बांग्लादेशियों के मैसेज अंदर पहुंचा कि महाराज आपसे कुछ मिलना चाहते बांग्लादेशी लोग आए हैं तो महाराज ने वहां पर एक संदेश भेजा बाबा नीम करौली ने संदेश भेजा जिसका भाई जेल में हो उसको बोल दो अंदर आ जाए थोड़ा अजीब सा लगा सुनने में जरा बात को व सारे हैरान हो गए कि जिसका भाई जेल में हो वह अंदर आ जाए अच्छा किसी को पता ही नहीं इनमें से किसका भाई जेल में है तो एक आदमी ने बोला मेरा भाई जेल में है मेरा भाई पाकिस्तान के अंदर जेल में है तो वह जो बोला उसने कि मेरा भाई जेल उसको अंदर ले जाया गया तो बाबा ने कहा कि भाई तुम्हारा भाई दुश्मनों की कैद से जल्दी बाहर आएगा और तुम्हारे देश का सबसे बड़ा शहंशाह बनेगा इतना क्या कि बाबा बोले जाओ अब अपना समय अपने भाई के इंतजार में उसकी वेलकम उसकी स्वागत की तैयारी में लग जाओ वो आने वाला तो उसने पूछा कैसे मुमकिन है महाराज गुरुदेव बाबा ये कैसे मुमकिन है मेरा भाई पाकिस्तान की मिया वाली जेल की कालकोठरी के अंदर है सरकार ने उसको सजाए मौत का ऐलान कर दिया था बाबा ने कहा वापस जाओ भाई के आने की तैयारी करो और बाहर जाने का इशारा कर दिया और लेट गए आप जानते हैं कौन थे वो बाबा के सवाल करने वाला व जो शख्स था वो कौन थे वो आजाद बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के छोटे भाई थे तो ये जो है ना ये शेख मुजीबुर रहमान प्रिजनर से प्रेसिडेंट बने सलाखों से सीधा सत्ता मिल गई आज कहां और कल कहां इसके पीछे आपसे भी बोल रहा हूं मैं हां आपसे भी बोल रहा हूं एक ही चीज तय करती है आपका कितना बड़ा विजन है और वही विजन देने का मैं काम कर रहा हूं हमारे देश के अंत्रप्रेनोर को हमारे youtube1 करके पूरे देश को खड़ा करेंगे इस महीने भी मैं पावरफुल इवेंट करने वाला हूं 1819 मई को रॉयल इलीट क्लब इसमें केवल 50 सीट होती है इसमें सब नहीं आ सकते हैं अभी लीडरशिप फनल खत्म करके आटा हूं पिछले फ्राइडे सैटरडे संडे जहां मैंने श्री संदीप महेश्वर जी आपको भी इनवाइट किया था वहां नहीं आ पाए आप मई 1819 जो बस अभी आने वाली दो हफ्ते के बाद आप फटाफट से आइए आप सबको भी मैं कहूंगा कि हमारे बोर्ड लाइन नंबर प फोन करिएगा वहां वो विजन की बात करेंगे बहरहाल एक व्यक्ति की कहानी जरूर सुनाऊंगा रिचर्ड नाम था उनका जो बागत में चलके रामदास बने रिचर्ड हावर्ड के प्रोफेसर थे रिचर्ड अल्पर्ट और लेकिन वो नशेबाज थे और इतना नशा करते थे इतना नशा करते थे कि दोस्तों के कहने पर बाबा के आश्रम पर पहुंच गए वो है ना भगवान चाहते थे ऐसा हो जाए उस वक्त बाबा अपने भक्तों के साथ कुछ स्वर्ग की बातें कर रहे थे तो रिचर्ड बोले बाबा स्वर्ग मैं दिखा सकता हूं आपको यही दिखा देता हूं स्वर्ग आपको बोले दिखाइए तो रिचर्ड ने उनको फटाफट से एक एलएसडी की नशे की बड़ी भारी भरकम एक गोली दी बोला यह खाइए और देखिए एकदम स्वर्ग देखेगा बाबा ने सोचा होम्योपैथी की गोली की तरह ठक से बच्चों की तरह खाली वो एलएसडी की गोली होम्योपैथी की तरह खाली रिचर्ड देखता रह गया उनको लगा शायद मैंने कोई गलत गोली दे दी क् बाबा कथा करने में लगे हुए बाबा की कथा चल रही है वह आगे बढ़ा उसने फिर से वही बात कही बाबा ने कहा मुझे कुछ स्वर्ग जैसा महसूस हुआ नहीं ये तो सब ऐसा ही लग रहा है मुझे उसने कहा रुको रुको बाबा हो सकता है मैंने गलत गोली दे दी दो गोली और पकड़ा दी एलएसडी के तीन गोली एक दिन में सबसे बड़ा नशेबाज भी नहीं खा सकता था तीनों गोली उन्होंने ले ली एक पहले दो बाद में अब ये रिचर्ड देखता रह गया बाबा कथा कर रहे हैं स्वर्ग की अच्छा वो रिचर्ड जब परेशान हुआ अपना माथा पीटने लगा ये हुआ क्या तो बाबा समझ गए ये परेशान है बोला क्या हुआ मुझे स् ने दिखा तुम परेशान क्यों हो रहे हो बोले लेकिन अब तक दिख जाना चाहिए था कितनी गोलियां है तुम्हारे पास बोले 10 और हैं ये 10 दिन की थी बोले दो मेरे को 10 वो 10 की 10 गोली ली उनसे छीन ली और फट से मुंह में डाली बोले रुक जाओ रुक जाओ रुक जाओ मत लेना मत लेना बाबा ने फट से 10 की 10 गोलियां डाली एक घूंट पानी पिया और अपनी फिर कथा में लग गए इतने मेरी चर चिल्लाने लगा अरे मर जाएंगे मर जाएंगे मर जाएंगे हॉस्पिटल बुलाओ एंबुलेंस बुलाओ डॉक्टर बुलाओ सब बुलाओ अब सारे के सारे उनके शिष्य लोग चिल्लाने लगे भाई लड़का चिल्ला रहा है कुछ होना ना जाए तो प्रेशर के अंदर बाबा की डॉक्टरी जांच कराई गई उसके अंदर से कुछ नशा निकला ही नहीं इससे हुआ क्या उसका सारा नशा उतर गया यह देख के कि महाराज को कोई नशा नहीं हुआ रिचर्ड बाबा के चमत्कारी शक्तियों को मान गया और अमेरिका वापस कभी भी ना जाने का वचन लेके जीवन भर उनकी सेवा के लिए आश्रम में रुका उनके सबसे महान शिष्यों में से एक थे रिचर्ड उनका नाम बाबा ने बदल के बाद में रामदास रख दिया था एक तरफ थी गोली और एक तरफ थे बाबा नीम करौली जय बजरंग बली आज बड़ा खास दिन है बहुत दिल दिल से बात करना चाहता था वो बाबा को स्वर्ग दिखाने आया था बाबा ने उसका जीवन स्वर्ग बना दिया भक्ति रस से बड़ा कोई निशान नहीं है ये चढ़कर कभी उतरता नहीं है नीम करौली बाबा का कैची धाम जहां गूंजता है राम भक्त हनुमान का नाम आज हनुमान जयंती के मौके पर ये तो कहना पड़ेगा कि हनुमान जी जैसा भक्त और सेवक कोई नहीं था ना कभी हो सकता है एक बार जिम्मेदारी जो उन्होंने ले ली समझ लो जय बजरंग बली जय बजरंग बली और ऐसी इंस्पिरेशन स्टोरी के साथ आता रहूंगा बात-बात में बहुत कुछ सिखाता रहूंगा आज का वीडियो कैसा लगा कमेंट बॉक्स में बता है बाबा नीम करौली की बहुत सारी कथाएं और हो सकती थी पर एटलीस्ट इस शॉर्ट वीडियो को पूरे भारतवर्ष में फैलाए हमारे साथ जुड़े रहने के लिए वल्ड के नंबर वन ंप

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