Sam Bahadur Case Study एक हज़ार रुपये के बदले ले लिया आधा पाकिस्तान Dr Vivek Bindra
[संगीत] अगर एक सैनिक कहता है कि मुझे मौत से डर नहीं लगता या तो वह झूठ बोल रहा है या वह गोरखा है यह बात तो कईयों ने सुनी कई बार सुनी किसने कही वो बताता हूं वो है सैम मानिक शॉ सैम मानिक शॉ ऐसे व्यक्ति जिनका नाम सुनते ही सम्मान और प्रेम आ जाता है एक ऐसे आर्मी के ऑफिशियल इरादे इनके इतने मजबूत जैसे कोई पहाड़ बुलंद आवाज ऐसी जैसे शेर की दहाड़ माइक पसंद नहीं था इनको बिना माइक के बोलने वाले आदमी छाता और माइक लेके कभी नहीं चले जिंदगी में बोले बारिश तो मेरे साथ रहती है तूफानों की बारिश और बंदूकों की गोलियों की बारिश मैग्निटिया नो नॉनसेंस ऐसे याद किए जाते हैं मोस्ट डेकोरेटेड जनरल ऑफ इंडियन आर्मी हार्ड वर्क इंटेलिजेंस डेडिकेशन कॉन्फिडेंस की वजह से बहुत तेज प्रमोशन मिले पूरा जीवन इनको इन्होंने कई बार मौत को धोखा दिया है मौत को धोखा देने वाले 27 जून 2008 को 94 साल की उम्र में मिल ट्री हॉस्पिटल वेलिंगटन में तमिलनाडु में इनका देहांत हुआ और वो एक एरा की समाप्ति थी इनका नाम क्या था शमशेर जी होर्मुज जी फराम जी जमशेद जी मानिक शॉ लंबा नाम था लेकिन बाद में इनको सैम मानिक शॉ के नाम से जाना जाने लगा इनका एक निकनेम भी हो गया था सैम बहादुर जिसके ऊपर मूवी आ रही है 1 दिसंबर को आग लगा दूंगा इस वीडियो में क्या सोच रहे थे डॉ नीचे लिख देना कमेंट बॉक्स में डॉक्टर विवेक बिंदरा इज बैक विद द केस स्टडीज पहले इंडियन आर्मी ऑफिसर जिनको प्रमोट किया गया फाइव स्टार रैंक वाले फील्ड मार्शल फील्ड मार्शल सबसे ऊंची रैंक सबसे ऊंची पंजाब में जन्म लिया पारसी पेरेंट्स थे पिता इनके डॉक्टर थे जो आर्मी में काम करते थे हीराबाई इनकी माता जी जो कि होममेकर थी 15 साल की उम्र में लंदन जाना चाहते थे गायनेकोलॉजिस्ट बनने बाप ने बोला कुछ मर्दों के काम कर कहता है बन के दिखाता हूं उमर छोड़ के दिल्ली चले गए इंडियन मिलिट्री अकेडमी का एग्जाम दिया पहली रैंक के साथ सीधा सेकंड लेफ्टनंट ब्रिटिश आर्मी के अंदर जो बाद में इंडियन आर्मी बनी 1934 में जॉइन किया कहते हैं आई डोंट लाइक फाइटिंग वन ऑन वन मैं वन ऑन वन नहीं लड़ता मैं वन ऑन 100 ड लड़ता हूं हां सवा लाख ना लिख लड़ा ऐसी फिलॉसफी से पैदा हुए थे भाई साहब इनकी जिंदगी सुनोगे ना दिमाग हिल जाएगा क्योंकि डॉक्टर विवेक बिंद्रा इ बैक इन एक्शन लिख देना नीचे कमेंट बॉक्स में केस स्टडी पे केस स्टडी वो कहते हैं मुझे ढूंढ लोगे तो मैं कह दूंगा तुम बहुत बढ़िया हो मुझे पकड़ लोगे तो मैं कह दूंगा तुम बहुत तेज हो लेकिन अगर मुझे मार दोगे तो मैं कह दूंगा तुम मजाकी आदमी हो मजाक कर रहे हो मार नहीं सकते तुम मुझे क्या समझते हो हां चार डिकेड पांच बड़ी लड़ाइयां युद्ध और छह फिलॉसफी फोर डिकेड फाइव वॉर सिक्स फिलॉसफी ये है मेरा आज का वीडियो हो 40 साल में लगभग पांच बड़े युद्ध करे छह बड़ी फिलॉसफी के साथ आज छह फिलॉसफी समझाऊं वर्ल्ड वॉर टू इंडिया पार्टीशन वॉर साइनो इंडिया वॉर इंडिया पाकिस्तान वॉर और इंडिया ईस्ट पाकिस्तान वॉर बांग्लादेश को जन्म देने वाले सैम मानिक शौर नमस्कार विवेक बिंद्र बोल रहा हूं फाउंडर एंड सीईओ बड़ाबिजनेस कॉ आ रहे हैं गुरु नानक देव जयंती पे महाराजा अग्रसेन पे केस स्टडी ला रहा हूं पृथ्वीराज चौहान पे ला रहा हूं कमेंट बॉक्स में बता दो कौन-कौन सी केस स्टडी देनी है साथ में जरूर लिख देना डॉक्टर विवेक बिंद्र बैक इन एक्शन हर संडे सुबह 8:00 बजे सुन लो शौर्य और साहस में बड़े थे पांच ऐतिहासिक युद्ध लड़े थे सैम मानक अलग व्यक्ति हैं ये वीडियो हर बच्चे को दिखाना हमारे को देश के अंदर आग लगा देंगे सीने के अंदर हर बच्चे को ये वीडियो देखना बहुत जरूरी है मैं कहते थे कि आई रिग्रेट दैट आई हैव ओनली वन लाइफ टू गिव फॉर माय कंट्री ये चाहते थे मुझे हर जीवन मिल जाए जो देश को दे दूं इनका जो नक था ना प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन का वो बड़ा अद्भुत था पता नहीं चाणक्य पडित के दूसरे अवतार लेकिन े शक्ति में महाराणा प्रताप थे एकदम एकदम छत्रपति शिवाजी महाराज की जय वाली फीलिंग थी इनकी कंप्लीट अपनी टीम पर ट्रस्ट किया करते थे और ब्रेवरी थी बैटलफील्ड में इंडियास फाइनेस्ट्राइड ये क्या कविता लिखी इन्होंने अपने बारे में इफ आई डाई ऑन बैटलफील्ड अंग्रेजी में सुनना ध्यान से इफ आई डाई ऑन द बैटलफील्ड बॉक्स मी अप एंड सेंड मी होम अगर मैं युद्ध में मर जाऊं बॉक्स मी अप शहीद हो जाऊं बॉक्स मी अप मुझे डालना और घर भेज देना बॉक्स मी अप एंड सेंड मी होम टेक मा माय गन पुट ऑन माय चेस्ट एंड टेल माय मॉम आई डिड माय बेस्ट कहते हैं बंदूक रख के पुट ऑन माय चेस्ट मेरी मां को बता देना आई डिड माय बेस्ट बहन के लिए बोले टेल माय सिस्टर नॉट टू गेट अपसेट बिकॉज़ आई इफ आई डिड नॉट राइज आफ्टर सनसेट हां अपसेट मत होना अगर मैं सनसेट के बाद नहीं उठा तो क्या बोले एंड टेल माय लव मेरी पत्नी को बोल देना टेल माय लव दैट आई विल ऑलवेज बी विद हर बिकॉज़ आई एम एन इटरनल इंडियन सोल्जर क्या समझे ये सहम मानिक शौ है हां मिलिट्री क्रॉस का इनको अवार्ड मिला पद्मभूषण पद्म विभूषण पता नहीं भारत रत्न क्यों नहीं मिला गुस्सा आ रहा है मेरे को बहुत इनको भारत रत्न मिलना बहुत जरूरी है लास्ट में सबको रिक्वेस्ट भी करूंगा अवार्ड के लिए नहीं बने थे ये सुन लो भाई लोग क्या बोल रहा हूं मेरे गुस्सा आ रहा मानिक अवार्ड के लिए नहीं बने थे बल्कि अवार्ड उनके लिए बने थे प्रधानमंत्री मोदी ने फ्लावर बनाए उनके नाम प पोस्ट स्टैंप यूनिफॉर्म में उनकी रिलीज करी गई उनका स्टैचू हेड क्वार्टर पुणे कैंटोनमेंट में था मानिक श ब्रिज नाम का एक ऊटी के अंदर कोनूर रोड प था बहुत लीडरशिप लेसेंस है छह दूंगा आपको मैंने क्या बोला चार दशक पांच बड़े युद्ध और छह फिलॉसफी पहली फिलॉसफी है हेल्दी ह्यूमर इज हॉलमार्क ऑफ इंस्पिरेशनल लीडरशिप कितने मजबूत लीडर हो लेकिन मजाक भी करना आना चाहिए मुस्कुराना आना चाहिए और टीम आपके साथ खुश रहनी चाहिए हम नौ गोलियां लगी थी इनको वर्ल्ड वॉर टू के दौरान जब ये सैम वर्ल्ड वॉर टू में ब्रिटिश इंडियन आर्मी की तरफ से जपनीज सोल्जर से बर्मा में लड़ रहे थे ना जैपनीज सोल्जर ने एक ही आदमी ने सीधा नौ गोलियन की छाती में ठोक दी थी करेज देखो इनका छाती में गोली खाने के बाद हंस रहे थे वहां पे डेविड क्राउन ने अपना मिलिट्री क्रॉस उतार के सैम को पहना दिया बोला ये जिंदा आदमी को पहनाया जाता है क्योंकि तुम शरी छोड़ने वाले हो सैम मानिक श फिर मुस्कुरा दिया उनका एक फेथ फेथ फुल सिख सिपाही था शेर सिंह वो उनको उठाकर करके ऑस्ट्रेलियन सर्जन के पास ले गया बोला इनको बचाना इनको बचाना ऑस्ट्रेलियन सर्जन बोला ये नहीं बच सकते अब इनका समय हो गया नौ गोलियां जा चुकी है ये अब और वो कब की बात कर रहे हैं आपको 30 40 की बात कर रहे हैं उस समय कहां को इतनी सारी भयंकर सर्जरी के लिए इतने इक्विपमेंट नहीं होते थे पर जाकर के जंगल के अंदर युद्ध के बीच में पर फिर भी ऑस्ट्रेलियन सर्जन ने पूछ लिया सैम क्या हुआ तुमको तो सैम फिर हसे क हुआ तो कुछ नहीं है गधे ने लात मार दी थी ऑस्ट्रेलियन सर्जन सोचा यार क्या आदमी है ये नौ गोली खाने के बाद हंस रहा है मजाक कर रहा है अभी भी गधे ने लात मार दी थी बोला गोलियां नौ खाई थी सीने में देश के लिए मजा आता था जीने में ऐसा आदमी नौ गोली खाने के बाद भी जो मजाक कर सकता है मौत मेरी महबूबा है जब आएगी तुझे हंस के गले लगाऊंगा सर्जन हंसते हुए बोला बेटा तुझे बचाना पड़ेगा तू बड़ा जरूरी है हमारे देश के लिए इसने लार्ज पार्ट उनका इंटेस्टाइन का निकाल दिया और बहुत कम लोगों को पता है वो जो लार्ज पार्ट इंटेस्टाइन का काट के निकाल के दोबारा सिल करके फिर से इनको रेडी किया ना बहुत कम लोगों को पता है उसके बाद से ही है क्रंची या फ्राइड या फाइबर या फैट या रॉ प्रोड्यूस या कोई बींस और डेरी या कोई कॉफी या सोडा कुछ नहीं ले सकते थे और एक कटोरी से ज्यादा एक बार में खा नहीं सकते थे जो सैम के अंदर जो एस है ना वो सर्वाइवर का एस है ये एक ऐसे पॉपुलर फ्यू सोल्जर्स में से थे जिन्होंने कई बार मैसिव फेटल युद्ध के अंदर भी मरते मरते मौत को मार कर के फिर वापस आए हैं ये उन बहुत कम सोल्जर्स में से थे जो 15-15 दिन तक बिना खाए जी सकते थे जोश है मौज है क्या हुआ अगर सामने मौत है 1947 का जब युद्ध हुआ था ना पार्टीशन के टाइम पे तो आपको एक कहानी सुनाता हूं पाकिस्तान के आगा मोहम्मद याया खान के साथ यह कहानी सुन के मजा आएगा आपको ये कहानी सुनके आपका सीना चौड़ा हो जाएगा थे बड़े अच्छे आदमी दोस्तों के दोस्त थे बात यह पार्टीशन से पहले की है मोहम्मद याया खान जो बाद में चलकर तीसरे राष्ट्रपति बने पाकिस्तान के ये दोनों बैचमेट्स हुआ करते थे क्योंकि तब तो इंडिया पाकिस्तान एक ही था पाकिस्तान तो बाद में आया था पार्टीशन के टाइम प सैम मानिक शह इतने पावरफुल थे आपको इसी बात से पता चलता है कि पाकिस्तान ने पूरी जान लगा दी थी इसको बोलने में कि हमारे देश आ जाओ हमारे देश आ जाओ ये बोला नहीं मैं भारत से लडूंगा बहरहाल याया खान चले गए पाकिस्तान कोई बात नहीं याया खान पाकिस्तान जाने से पहले बोले सैम यार अपनी दोस्ती अच्छी है और तेरी बाइक उससे भी ज्यादा अच्छी है बोला अच्छा एक काम कर 000 में अपनी बाइक दे दे मेरे को बहुत पसंद है साथ लेके जाऊंगा पाकिस्तान वहां चलाऊंगा थोड़ा इंप्रेस करूंगा अब किसको इंप्रेस करना है वो मुझे पता नहीं लेकिन ा खान ने रिक्वेस्ट किया सैम मानिक शौ ने कहा ले जा यार वो लेकिन अभी पैसे नहीं है मेरे पास पैसे पाकिस्तान पहुंच के भेजूंगा तेरे पास 000 सने कहा कोई बात नहीं मुझे मालूम है तू भारत का आर्मी का सोल्जर है आ जाएंगे पैसे की टेंशन नहीं है स मानि थोड़ा बड़ी समझ प रहे हो आप क्या पर्सनालिटी है उनकी चले गए याया खान हज आई नहीं कभी हजर आए नहीं याया खान से दोबारा मुलाकात लगभग 23 24 साल के बाद 1921 के वॉर में हुई 1971 के वॉर के बारे में सबको पता है वो ठोक के पाकिस्तान को इतना मारा कि पाकिस्तान को आदा करके बांग्लादेश बाहर निकाल दिया ई पाकिस्तान से जब भी लिखता हूं इंकलाब लिखता हूं दुश्मन की हर गोली का जवाब लिखता हूं और वहीं गए उनके सामने बोले याया खान तूने 000 देने थे पर मुझे भी देख ले तेरे 000 नहीं लिए मैं तेरा आधा देश ले लिया उसके बदले में आइंदा से किसी के 000 मार मत लियो ये था याया खान को मैसेज कि 000 के बदले पूरा आधा देश निकाल लिया और बांग्लादेश बना दिया उसको पावरफुल आदमी है दूसरी फिलॉसफी फीयरलेसनेस लीडरशिप लेसन नंबर टू डर के साथ लीड करने वाला लीडर नहीं बन सकता नो मैन इज अ मैन अंट्या एक बार कमांडिंग एक सिख कंपनी को कमांड कर रहे थे 6 फुट 4 इंच का एक सिख सिपाही बड़ा सोन सिंह और उसने अप्लाई किया था उसको नायक रैंक के लिए प्रमोशन होनी थी सैम मानिक शॉ को अप्रूवल देना था प्रमोशन का उन्होंने रिजेक्ट कर दिया बोला यह सोन सिंह को अभी नायक नहीं बनाएंगे बाद में देखेंगे रिजल्ट पब्लिश हुआ सोन सिंह नायक नहीं बनाए गए सोन सिंह जब नायक नहीं बनाए गए नायक नहीं बनाए गए 6 फुट 4 इंच का सिख सरदार सा मन छोटे से थे बेचारे हाइट नहीं थी सोन सिंह ने जाकर बाहर सबको बोल दिया इसको तो गोली मार दूंगा सूबेदार समम के पास भागते हु आ मान के पास बोले साब सोन सिंह को हमने अरेस्ट कर लिया है क्योंकि व कह रहा है कि व आपको गोली मार देगा गोली मारेगा मेरे को मैं सूबेदार नायक नहीं बनाया गोली मारेगा मेरे को सम ने बोला बला सोन सिंह को सोन सिं इर आओ सोन सिंह भी आया अब था 6 फुट च ले थोड़ा गर्दन झुका करके आया मैंने सुना तू मुझे गोली मारेगा सोन सिंह सोन सि बो नहीं साब गलती हो गई माफ कर दीजिए माफ कर दीजिए माफ कर दीजिए गलती हो गई ऐसे बोल दिया था गुस्सा आ गया था सोन सिंह के हाथ अपनी पिस्तौल निकाल के लोडेड गन के साथ चकरी घुमाई पकड़ अभी गोली मार तुझे मुझे मारना है यह मेरा ऑर्डर है तेरे को मार गोली मेरे सर प गलती हो माफ कर द सर गलती हो माफ कर दीजिए स मानिक शह को गुस्सा आया थोड़ा ऐसे ऊपर खड़े हुए और जोर से टा मारा उसके मुंह पर बोला भाग यहां से सोन सिंह चला गया तीन घंटे के बाद सूबेदार फिर भागते हुए आया साहब जी गड़बड़ हो गई सोन सिंह कह रहा है इसको कल मारूंगा गोली उसने बो दोबारा बला उसको सोन सिंह त क्या बोल रहा है कल मारेगा मुझे गोली गुस्से में सान नहीं साब गलती शट अप सोन सिंह आज तुम मेरे कमरे के बाहर पहरेदारी करोगे मैं अंदर सोऊंगा और सुबह मुझे 5 बजे सोन सिंह गरम गरम चाय के प्याले के साथ उठाने आओगे और हुआ वो सोन सिंह सारी रात वहां पहरेदारी करता रहा और सुबह 5 बजे उठाया गरम प्याली चाय के साथ में कई साल के बाद यह किस्सा तो खत्म हो गया पर एक रिपोर्टर ने पूछा स मानिक शौ आपको डर नहीं लगा कि सोन सिंह आपको गोली मार देता सम ने बोला यार आज पहली बार बताता हूं अब रिटायरमेंट हो चुका है डर बहुत लगा था मुझे काप रहा था मैं अंदर से लेकिन अगर मेरी टीम को पता चल जाता ना कि मुझे डर लग रहा है तो पूरी रेजीमेंट बोलती हमारा साहब डरता है हां और उसके बाद उने कभी कमांड नहीं कर पाता लीड नहीं कर पाता अपने डर को डराना और डर को मारने की जिम्मेदारी मेरी है मानिक श का मतलब क्या है डर जिनसे डरता हो मानिक का मतलब क्या है मौत से जो लड़ता हो डरपोक नहीं ये खुद डर को पोक करते थे पोक कुछ लोग पोक करते हैं ना उंगली करना डर पोक नहीं डर को पोक करते थे डेरिंग दबंग थे ये स मानिक शॉ इंडो चाइना वॉर हुआ था ना लोग इनसे चिड़ने भी लगे थे क बड़े बड़बोले थे इनके वन लाइनर्स बड़े फेमस हुआ करते थे वन लाइनर्स के मामले में बड़ा फेमस एक लाइन ऐसे बोलते थे एक ही आदमी था जो इंदिरा गांधी को स्वीटी बुलाते थे तो इनके ना इस सब चक्कर में लोग इनसे काफी एनवीस हो गए और इनसे चिड़ने लगे थे इंडो चाइना वॉर जो था वह 62 के आसपास था उस समय इनके खिलाफ इंक्वायरी चला दी गई कि यह ब्रिटिशर्स की तरह बोलते हैं उन की तरह स्मार्ट है उनकी तरह एलक्ट है उनकी तरह जवाब देते हैं उनकी तरह प्रेजेंटेबल है उनकी तरह अनुशासित है जरूर इनका आज भी ब्रिटिशर से कुछ लेना देना है ऐसा नॉनसेंस एलिगेशन लगा दिया इंक्वायरी बैठ गई आर्मी की इंक्वायरी ना बड़ी सीरियस होती है आर्मी की इंक्वायरी में सस्पेंड कर द कॉर्पोरेट ऑफिस की इंक्वायरी नहीं है आर्मी की इंक्वायरी है ब लेकिन जब इनको इंक्वायरी के कारण सस्पेंड किया गया और इंडो चाइना वॉर के अंदर हमारी हालत बहुत खराब हो रही थी बहुत लॉसेज हो रहे थे डिस्पाइना मंत्री नेहरू ने सैम मानिक श को बुलवाया और उनको बोला समम तुम जाकर के लीड करोगे इंडो चाइना वर में वो बोले कि मैं तो इस समय मैं सस्पेंडेड हूं बोले मुझे पता है तुम सस्पेंडेड हो तुम्हारी इंक्वायरी खत्म तुम जाकर लीड करोगे तब उन्होंने कमांडर्स के साथ एक मीटिंग करी और एक ही बात क देल बी नो मोर विड्रॉल कोई पीछे नहीं हटेगा वो लग बार जब तक वो पहुंचे उनकी लेट एंट्री थी तब तक वॉर खत्म हो चुका था पर यह देश जानता था कि अगर जीतना और जिताना है ना तो सैम मानिक श को ही लाना है तीसरा लेसन यह वीडियो हर बच्चे को दिखा देना ऐसा बन जाएगा ताकतवर ऐसे जाइंट बिलीवर्स के मेंटल एक्सेस मिलते हैं आपको डिसिप्लिन शासन के लिए अनुशासन जरूरी है डिसिप्लिन आर्मी के अंदर सम एक दफा जम्मू की डिवीजन को लीड कर रहे थे कमान संभाल रहे थे उस समय के डिफेंस मिनिस्टर वीके मनन वहां दौरे प आए थे दौरे प आए तो बातचीत करने लगे रक्षा मंत्री है अब बात तो आर्मी के लीडर से करेंगे तो सैम से पूछे कौन वी के मेनन रक्षा मंत्री पूछे आर्मी चीफ जनरल के बारे में तुम्हारी क्या राय है समम समम एकदम अलर्ट हो गए और जवाब क्या देते हैं मुझे अपने चीफ के बारे में राय बनाने की इजाजत नहीं है जैसे उन्होंने बोला वीके मैंने उनकी तरफ देखने लगे और फिर आगे बोले आप आज मुझसे मेरे चीफ की राय पूछ रहे हैं कल आप मेरे जूनियर से मेरी राय के बारे में पूछेंगे और अगर सब अपने अपने सीनियर की राय इधर उधर बोल ने लग गए पूरी आर्मी का डिसिप्लिन उसी दिन खत्म हो जाएगा साहब आर्मी का डिसिप्लिन रहने दीजिए यहां अपने सीनियर्स की राय बनाने का हमको अधिकार नहीं बहुत डिसिप्लिन आदमी थे वीके मैन इनसे गुस्सा खा गए थे बहुत खुंदक खा गए थे उस समय चिड़गा थे उनके इस जवाब को उल्टा जवाब देने को लेकिन बाद में क्योंकि रिस्पेक्ट इतनी करते थे ना आदमी बहुत ईमानदार थे ये हम ये इनका मानना था हीरो जो है ना वो गली मोहल्ले में नहीं होते हीरो आर्मी में होते हैं 1975 की बात बताता हूं सैम मानिक श को एक बार इनवाइट किया गया अवार्ड फंक्शन में कि हीरोज को अवार्ड देना है बोला ठीक है हीरोज को अवार्ड देने आऊंगा अग्री कर लिया इन्होंने बाद में इनको पता चला वो फिल्मफेयर अवार्ड था वहां फिल्म एक्टर्स को अवर्ड देना था मना कर दिया इन्होंने कहते हैं कि ओनली एन आर्मी ऑफिसर डिजर्व टू बी टू गेट द रियल टाइटल ऑफ अ हीरो मानिक शह की नजरों में असली रियल हीरो वो है जो सरधो पर लड़ता है वो नहीं जो टीवी सीरियल में लड़ता है चौथा लेसन छह फिलॉसफी दे रहा हूं डोंट बी अ पीपल प्लीजर यस मैन इज द डिसग्रेस टू कंट्री कई लोग होते हैं यस मैन यस मैन यस मैन मैन ये बोलते हैं यस मैन कौन होता है हम ये हमारे देश के लिए शर्मिंदगी होता है पूंछ बनकर रहोगे हमेशा पीछे रह जाओगे चापलूसी वाले छाप नहीं छोड़ा करते हां बात और बुलेट सीधा निशाने पर मारते थे इसलिए जंग हो या टंग जंग हो या टंग इनसे जीतना आसान नहीं था सैम मानक शौ की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ जो कन्वर्सेशन है वो बड़ी पॉपुलर रही है बाद में उनको कई किताबों में कवर किया गया बहुत सी किताबों में आई है 1971 का जब वॉर हुआ इ इंडो पार्क वॉर जो था सैम मानक उससे पहले से ही बहुत पॉपुलर हुए जा रहे थे और इंडो पार्क वॉर में तो खर बहुत पॉपुलर हो गए थे हां पावरफुल इतने थे ना उनको प्रमोशन आउट ऑफ टर्न प्रमोशंस मिली थी इनके कई सीनियर्स के साथ जंप कर कर के आगे निकलते चले गए तो वो बात फैलने लगी और जैसे पाकिस्तान में होता है ना आर्मी के लोग जो है तख्ता पलट कर देते हैं तो इंडिया में भी ये खतरा लगने लगा कई मिनिस्टर बोलने लगे इंदिरा गांधी को कि श्रीमती इंदिरा गांधी मैडम प्राइम मिनिस्टर ऐसा लगता है मैडम कि यह तख्ता पलट करेगा सैम मानक शॉ में वो दम है पाकिस्तानियों को देख रहा तख्ता पलट करते करते व कहीं आपको पता है आर्मी वाले वहां पे किसी दिन मन करता गवर्नमेंट खत्म कर देते हैं वहां पर तो इंदिरा गांधी को जब कई लोगों ने बोला उन्होने स मान को बुलाया इधर आओ और थोड़ी चिंतित थी बो सब लोग कह रहे हैं कि तुम तख्ता पलट करने के मूड में हो तुम मेरे को हटा करके खुद इस भारत को लीड करना चाहते हो प्राइम मिनिस्टर को हटा दोगे तुम समम ने प्राइम मिनिस्टर इंदिरा गांधी से बोला अब वो किसने कहा गांधी ने बोला मेरे मिनिस्टर इसके बारे में बहुत बातचीत कर रहे हैं सबने बोला आपको क्या लगता है इंदिरा गांधी बोली मुझे लगता है तुम ऐसा कर नहीं पाओगे स्म मानक श बोले कर तो सकता हूं तख्ता पलट कर तो सकता हूं पर करूंगा नहीं मेरी नाक भी लंबी है आपकी नाक भी लंबी है हम दोनों की नाक ऊंची और लंबी है अच्छा यही रहेगा कि अपनी नाक दूसरे के काम में ना लेकर आए अपनी नाक ना लड़ाए हां यू माइंड योर ओन बिजनेस आई विल माइंड माइन यू किस योर स्वीट हार्ट आई विल किस माइन ऐसी बात श्रीमती इंदिरा गांधी से यही कर सकते थे हां कि तुम अपनी स्वीट हार्ट को किस करो मैं अपनी को करूंगी मैं तुम्हारी पॉलिटिक्स में इंटरफेयर नहीं करूंगी तुम मेरी आर्मी में इंटरफेयर मत करो बहुत ही अद्भुत प्रकार के आदमी थे यस मैन नहीं थे ये कभी यस मैन नहीं इनके लिए यस मैन डिसग्रेस था मुंह पर तड़ाक तपाक ऐसे जवाब देते बांग्लादेश का जो युद्ध हुआ था ना मानिक श वाज द की आर्किटेक्ट हा शॉर्टेस्ट व वर्स इन द हिस्ट्री एक दफा 1971 अप्रैल की बात रही होगी प्रधानमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग बुलाई वहां पर और आकर के समम को बताया कि त्रिपुरा आसाम वेस्ट बंगाल के चीफ मिनिस्टर खत लिख रहे हैं मुझको चिट्ठी लिख रहे हैं प्रधानमंत्री बोलती है इनको वो क्या लिखते हैं चिट्ठी में कि 9 लाख से ज्यादा रिफ्यूजी बांग्लादेश से इस समय भारत के अंदर आ चु भारत में इस समय नॉर्थ ईस्ट में उतने भारतीय नहीं जितने बांग्लादेशी आ चुके हैं अंदर और पूरा का पूरा इस समय माहौल बिगड़ने जा रहा है आप क्या कर रहे हैं इसके बारे में सम ने बोला आप क्या चाहती है मैं क्या करूं उसके बारे में प्रधानमंत्री कहते है उनको उठो टीम उठाओ और ईस्ट पाकिस्तान मार्च करो गुल जाव अरवा जा करके रोको सारे रिफ्यूजी को पाकिस्तान बांग्लादेश को जो कंट्रोल कर रहा था बांग्लादेश नहीं था वो ईस्ट पाकिस्तान था मानिक साहब बोले मैडम आप समझती हैं हा मैडम प्राइम मिनिस्टर ड यू रिली अंडरस्टैंड कि इसका मतलब होगा युद्ध हो जाएगा इंदिरा गांधी कहती है मुझे फर्क नहीं पड़ता युद्ध हो जाए ना होए तुम जाओ वहां पे तो मानक साब बोलते हैं देखो आर यू रेडी मैं रेडी नहीं हूं उस समय क्योंकि समम ने बोला मेरी आर्मी अभी देश के कोने-कोने में पूरे भारत में बटी और फैली हुई है और मिसेस प्राइम मिनिस्टर अगले कुछ महीनों के लिए अगर आप चाहते हैं कि हम युद्ध करें तो सारी रोड बंद करनी पड़ेगी सारी रेल बंद करने पड़ेंगे सारे रिसोर्स बंद करने पड़ेंगे सबसे खाली आर्मी को इकट्ठा करके लाना पड़ेगा जो एयरलाइन सली आर्मी के लिए यूज होंगी सब कुछ आर्मी को देना पड़ेगा तब जाकर मैं सेना को इकट्ठा कर पाऊंगा सेना इकट्ठा करना पॉसिबल नहीं है मजाक है इतने बड़े देश से मैं खड़े कर दू सारे के सारे लोग कला जाओ हा गिली गिली अप्पा ऐसे झू कर दूं मतलब उतना ऐसा बोल सकते थे वो शायद ऐसे नहीं किया होगा पर आपको समझाने के लिए मैं बता रहा हूं फिर क्या बोले अभी तो अप्रैल का महीना है एक बार अगर हिमालयन रेंजेस के पासेस सारे खुल गए ना और बर्फ वहां से गर्मी के बाद पिघल कर के नीचे आई तो वहां से चाइना आकर के अपॉर्चुनिटी लेगा वो वहां से आ अटैक करेगा और दो फ्रंट पर तो लड़ाई नहीं लड़ सकता अभी मैं और एक बार मानसून शुरू हो गया मानसून का मतलब समझ लीजिए मैडम प्राइम मिनिस्टर ईस्ट पाकिस्तान में मानसून का मतलब होता है फ्लड और अगर मानसून में फ्लड आ गया तो एक छोड़ से दूसरा छोड़ तो वैसे भी नहीं दिखता हम केवल सड़को पर लड़ पाएंगे बाकी तो कहीं लड़ भी नहीं पाएंगे उस मौसम के कारण और अगर आप फिर भी चाहते हैं कि मैं जाकर के लडू तो मैं गारंटी देक के जाता हूं कि हम 100% हार के आएंगे हां और अगर मेरी सुन लोगी स्वीटी तो मैं गारंटी देता हूं बांग्लादेश जिता के लाएंगे पाकिस्तान खत्म करके आएंगे और पाकिस्तान को घुटनों पर डाल के लाएंगे अब बताओ क्या ऑर्डर है इंदिरा गांधी ने बोला मीटिंग डिसमिस्ड सारे मिस्टर उठ के जाने लगे स मान जाने लगे तभी बोली वो चीफ तुम रुक जाओ ये रुक गए वहां उनको लगा अ बोलेंगे मुझे अकेले में कुछ बोले इससे पहले कि आप मुझे कुछ बोले मैं आपको रेजिग्नेशन दे देता हूं अपना मेरा रेजिग्नेशन ले लीजिए बोले नहीं नहीं नहीं इतना गुस्सा मत खाओ बताओ कितना टाइम चाहिए उन्होने बोला टाइम मेरे हिसाब से दो जीत आपके हिसाब से होगी और फिर जानते हैं कुछ महीनों की तैयारी के बाद ये स्ट्रेटेजिक टाइम पर सर्दियों के समय ड दिसंबर 1971 93000 सोल्जर घुटनों पर ला दिए थे ऐसी डिसाइज विक्ट्री कंट्री को लाकर के दी थी कि बांग्लादेश का जन्म हुआ था जिसके पीछे उसके जनक समम मानिक श कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी एजरेट नहीं होगा एक सच्चा लीडर पहली लड़ाई दिमाग में लड़ता है उसके बाद जाकर युद्ध के मैदान में लड़ता है एक रात पहले युद्ध से जब इन्होंने तैयारी करी तो प्राइम मिनिस्टर ने बोला आर यू रेडी तो बोले आई एम एब्सलूट रेडी स्वीटी और बात केवल सैम बोल सकते थे ये क्या कहते थे ये कहते थे अगर मौत आ गई ना हां और मेरे जीतने से पहले मौत आ गई तो मैं मौत को मौत के घाट उतार दूंगा ये कहते हैं वी फाइट टू विन एंड विन विद अ नॉकआउट बोले मैं जीतने के लिए लड़ता हूं और सामने वाले को खत्म करने के लिए लड़ता हूं क्योंकि ये वाली जो रेस है ना मैडम प्राइम मिनिस्टर इसमें कोई सेकंड नहीं आता है हां इसमें कोई रन अप नहीं होता है इसमें एक ही आदमी जीतता है इसमें सेकंड प्लेस थर्ड प्लेस होती नहीं है एक ही आदमी की प्लेस होती है लीडरशिप लेस नंबर फाइव ये वीडियो ना लंबा कितना भी हो जाए ये हर बच्चे को देश में दिखा देना संस्कार बनेंगे ऐसे जो वीडियो गेम खेलने में लगे हुए हैं जो इस समय आलतू फालतू बहुत सी रील्स देख रहे हैं पतली कमरिया हाय हाय पांचवा लेसन सुनो दुश्मन को मार गिराओ लेकिन इंसानियत जिंदा रखो ऐसी इंसानियत थी इनके अंदर वर्षों तक इनकी इंसानियत याद रखी जाएगी ये अपनी इन सर्च ऑफ विक्ट्री ये अपनी मिलिट्री वैल्यूज को कभी नहीं छोड़ते थे इनप कोई उंगली नहीं उठा पाया आज तक कि इंडिया को इन्होंने जिताया अलग तरीके से आर्मी को क्या बोलते थे अगर तुम कितनी भी टफ फाइट क्यों ना हो तुम्हारी पाकिस्तान के खिलाफ लेकिन अगर तुम्हारे को महिला दिख जाए सामने तो हाथ जेब में डाल देना महिला और बच्चों का नुकसान नहीं होना चाहिए जो पाकिस्तानी किया करते थे उस समय जब पाकिस्तानी किया करते थे उस समय जितने कंटीन्यूअसली वहां पर रेप किए उन्होंने बांग्लादेशी महिलाओं को क्या-क्या नहीं किया अपने जवान को बोलते थे महिला दिख जाए या तो हाथ ऐसे कर लेना या जेब में डाल लेना प्रिजनर ऑफ वॉर जो थे ना 90 हज सोल्जर पाकिस्तान के जिनको उन्होंने सरेंडर कराया जो घुटनों पे आए उनको उन्होंने पीओ डब्लू प्रिजनर ऑफ वॉर उनको रहने के लिए पक्के घर दिए भारत के जवान बाहर सोते थे खेत में सोते थे पाकिस्तान के जो सैनिक जो प्रिजनर थे जो सरेंडर कराए इन्होंने वो अंदर सोते थे इंडियन सोल्जर जमीन पर सोते थे वो बेड प सोते थे जानते हैं यह पाकिस्तानी सोल्जर्स को उन्होंने खटमल से तकलीफ ना उनसे पूछते थे जाकर के तुम्हारे गद्दे पर खटमल तो नहीं है मच्छर तो नहीं तुम्हारे गद्दे के ऊपर तकिए प कहीं खटमल तो नहीं है और इंडियन जवान जमीन पर सोते थे खाना जब बढ़ता था तो पहले पाकिस्तानी सोल्जर को खाना मिलता था बचा हुआ इंडियन को मिलता था उनको वहां पर रखते हुए उनके हाथ में कुरान पकड़ाई कुरान पढ़ो अपने दिल और संस्कारों को बदलो और वहां पर क्या बोलते थे ये कहते थे सिपाही चाहे कोई भी हो सरहद के इस पार का या उस पार का मानिक शौ की नजर में वो हकदार था इज्जत और प्यार का चाहे इस पार का चाहे उस पार का यह बड़ी कमाल की बात थी और जो पाकिस्तानी सैनिक होते थे कहते थे कि आप हमें अफसोस है कि आप हमारे कमांडर नहीं है ही वाज बोल्ड इन वॉर नॉट कोल्ड इन वर अंदर से बम थे दुश्मन को मार गिराया लेकिन इंसानियत हमेशा जिंदा रखी और उसके बाद ना युद्ध जीतने के बाद बाद में यह पाकिस्तान विजिट भी किया उन्होंने बांग्लादेश लिबरेशन वॉर के बाद दो महीने के बाद गए थे वहां पे दो महीने के बाद जब वहां गए तो वहां पाकिस्तान के जो गवर्नर थे उन्होंने उनको बिल्कुल फर्स्ट लाम क्लास वम वेलकम दिया और वहीं पर गवर्नर ने जब मीटिंग खत्म हुई तो बोला बाहर कुछ सैनिक है हमारे व आपसे मिलना चाहते हैं तो वहीं एक पाकिस्तानी सैनिक था अपना सराफा पगड़ी बड़ी सी पहन रखी थी उसने जैसे ही सैम मानिक शौ देखे उन्होंने जाकर के पगड़ी लाकर के उनके पैरों में रख दी सैम बोले मैं तो तुम्हें जानता भी नहीं हूं कौन हो तुम उठा के पगड़ी के वापस कर इनको पहना दी वो ऑफिसर की आंखों में आंसू थे रो रहा था वो हां बोला कौन रो कौन हो तुम क्यों रो रहे हो भाई मैं तुम्हें जानता भी नहीं हूं तो बोले साहब मेरे पांच लड़के हैं और पांचों के पांचों मैंने पाकिस्तानी आर्मी में भर्ती कर दिए और पांचों के पांचों आज बांग्लादेश में प्रिजनर ऑफ वॉर हैं जिनको आपने हराया वो आज भी वही है और मेरी उनसे लगातार चिट्ठी पर खूब वार्तालाप हो रही है चर्चा हो रही है फ्रीक्वेंसी लेटर्स मिलते हैं और मुझे बताया जाता है कि कैसे आप उनका ध्यान रख रहे हैं आपने उनको कुरान दिया आपने उनको गद्दे दिए आपने उनको साफ बेड दिया आपने उनको एंटी मॉस्किटो स्प्रे दिया आपने उनको सुबह की चाय दोपहर का नाश्ता खाना सब दिया साफ पीने का पानी दिया आपके सैनिक सड़क पर सोते हैं हमारे सैनिक बिस्तरे पे आराम से कमरे के अंदर पक्के मकानों में सो रहे हैं तो ये उनकी तरफ देखने लगे बोले हमारी गलती थी कि हमने सोच लिया कि हम आपको हरा देंगे जिस देश के आर्मी का लीडर सैम मानिक शह जैसा हो आपके जैसा हो उससे तो उसे तो उस देश को तो जीतना ही था उस देश को कौन हरा सकता है और हम यह बात कभी नहीं मानेंगे कि हिंदू लोग खराब होते हैं आज हमने सीख लिया कई बार हमारे यहां बोला जाता है कि इंडिया में गलत तरीके से व्यवहार किया गया आज हम हम तो खुद अपनी आंखों से देख रहे हैं सैम मानिक ने खैर बाद में आकर के भारत में भी बोली बात ये कि मेरे को कई बार हमारे पॉलिटिशियन ने बहुत गुस्सा किया कि तुमने पाकिस्तानी सैनिकों को अपने दामाद की तरह रख रखा है हमारे सैनिकों को इतना ख्याल नहीं रखा इस इनके कभी-कभार इस व्यवहार से कुछ पॉलिटिकल लीडर्स खास तौर से जो कांग्रेस के थे पुराने लीडर्स उनके इनसे रिश्ते बहुत अच्छे नहीं रहे जिसके कारण इनको बाद में वो इज्जत इज्जत नहीं मिली जो उनको इज्जत मिलनी चाहिए थी बहरहाल छठी इनकी फिलॉसफी कंपैशन नॉट जस्ट पैशन इनमें बहुत पैशन था बहुत एनर्जी थी बहुत पैशन था पर साथ में कंपैशन भी था बड़ा सॉफ्ट हार्ट भी था अपनी टीम के प्रति अपनी टीम के साथ में बहुत हंबल और बहुत हेल्पफुल थे जब ये बटालियन के कमांडर थे ना तो जैसे ही कोई नया जॉइन आता था तो ये उसको रिसीव करने जाते थे उसके बैग उठाते थे कंधे प बैग रख के उसके साथ-साथ चलते थे अब नया ऑफिसर आ है चेहरे से नहीं पहचान पा रहा है उन दिनों इतना कोई सोशल मीडिया थोड़ी होता था कि फोटो वायरल हो रही है और देख पहचान रहे वहां पे जी आजकल तो किसी की भी फोटो वायरल हो जाती है वीडियो वायरल हो जाते हैं तो एक नया ऑफिसर आय उनके बैग लेकर के उनके साथ साथ चल रहे खूब गपया रहे बा बात कर रहे उनसे बढ़िया से आ रहे उनके साथ में बैग ले जाकर उन्होने कमरे में रखा उनके उनको बताया साहब यह आपका बेड है साहब यहां पानी है याय नाश्ते की सुविधा खाने की सुविधा उनका पूरा डिटेल बताया पूरा इंफॉर्मेशन दिया तो वह बड़ा खुश हुआ कि यार यहां तो कितना अच्छे जवान है हेल्प करते हैं उसने से पूछ लिया कि ऑफिसर आप यहां क्या करते हैं तो समम ने उनकी आंखों में देखा और बोले मैं नए ऑफिसर जो आते हैं उनकी मदद करता हूं उनकी सेवा करता हूं स्पेयर टाइम में खाली टाइम में अदर वाइज मैं इस बटालियन को कमांड करता हूं तो ऑफिसर एकदम स्पीचलेस हो गया और एकदम उसने बड़ी हेसिटेशन के साथ पूछा आर यू सैम मानिक श तो य मुस्कुराए और बड़ा पोलाइट बोले यस इनका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का था अनुशासन बेमिसाल था सामने वाला एकम स्पीचलेस हो गया 1971 में भी आपको इनकी मैं काइंड की कहानी सुनाता हूं 1971 में बहुत मजा आएगा आपको गोरखा गोरखा रेजीमेंट को लीड किया करते थे मानि उनको बड़ी एक्साइटमेंट से देखते भी थे उनसे मिलते थे उनसे बात करते थे गोरखा लोगों में बहुत दम होता है जी साब जी साब ऐसा तो बोलते हैं वो बहादुर ऐसा बहुत बोलते हैं लेकिन इनको देख के घबरा जाते थे बहुत जबरदस्त लीडर थे तो समम जब वहां से निकले तो उन्हें गोरखा दिखा बहुत जूनियर ऑफिसर था बहुत जूनियर उनसे बोला गोरखा से बोले मुझे जानते हो डू यू नो मी तो गोरका बोला जी साहब बोला मेरा नाम क्या हो व्हाट इज माय नेम मेरा क्या नाम है तो बेचारा घबरा गया और उनका नाम बड़ा लंबा सा डिफिकल्ट था मिक्स फीलिंग थी एक्साइटमेंट भी था और नर्वस भी बहुत हो रहा था तो समम मानिक नहीं बोल पाया बोला अचानक मुझे नि शम बहादुर शम बहादुर साहब तो ये मेरा मुस्कुराए स बाद उनको उसकी इनोसेंस बहुत अच्छी लगी इतनी प्यारी लगी इनोसेंस कि स मा ने बड़े अच्छे से मुस्कुराया उसको गले लगाया और गले लगा कर के उसने बोला सैम मालि ने के आज से मैं अपना नाम सैम बहादुर ही रखूंगा यह गोरखा रेजीमेंट के द्वारा दिया गया नाम है सैम एक्चुअली बहादुर तो जन्म से ही थे बस नाम सयम बहादुर उनको बाद में मिला है बहुत जबरदस्त व्यक्ति बहुत जबरदस्त व्यक्ति इतने ईमानदार थे इतने ईमानदार थे कि ऑफिसर्स के हाथ में अगर कोई पैसा होता तो इनकी अलमारी में रख देते थे कई बार ऐसा होता सूबेदार अपनी ज जमीन बेच कर के आ कैश मिला तो इनकी अलमारी में रख देते थे इनकी बीवी उसका ध्यान रखती थी सहम मानिक शह को आगे चलके जो है उतना सम्मान नहीं मिला कारण इनका बड़बोला पन और एक बात इन्होंने एक बात मजाक में बोल दी थी जिसको लेके कांग्रेस के कई लीडर्स और हमारे भारत के कई लीडर्स आर्मी के लीडर्स बहुत बुरा मान गए थे बोली बात मजाक में थी एक बार एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा था क्या पाकिस्तान ने आपको इनवाइट किया था उनकी आर्मी लीड करने के लिए लेकिन आप भारत में रुक गए अगर आप पाकिस्तान चले जाते तो क्या होता तो उन्होंने बोला पाकिस्तान में अगर मैं चले जाता तो पाकिस्तान सारे युद्ध जीत जाता मुस्लिमों ने मजाक में यह बात बोली पर कुछ लोगों को बात बहुत चुप गई और इनके करियर में बाद में चलके बहुत दिक्कत हुई ये एक व्यक्ति थे जो बोलते थे सर और मैम खाली मैं प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को बोलूंगा क्योंकि आर्मी के असली हेड ऑफ डिफेंस सर्विस वही होते हैं इसलिए इंदिरा गांधी को भी ये प्राइम मिनिस्टर बोलते थे बाकी सब खाली मैडम मैडम मैडम बोलते थे ये मिसेस प्राइम मिनिस्टर भी बोलते थे उनको मैडम करके नहीं बोलते थे खाली बड़े करेजियस व्यक्ति थे सीधा आंखों में देख के प्राइम मिनिस्टर से बात करते थे एक ही व्यक्ति जो आंखों में देख कर के और उनको रिवर्स मेंटरिंग भी कर देते थे मिलिट्री ऑपरेशन ईस्ट पाकिस्तान के जो थे रिवर्स मेंटरिंग करने वाले यही आदमी थे लेकिन इनके आउटस्पोकन बिहेवियर के कारण मानिक शह को बाद में वो रिस्पेक्ट नहीं मिली जो उनको मिलनी चाहिए थी और आज यह वीडियो मैं चाहता हूं मूवी तो आने वाली है इनकी मूवी आएगी आप मूवी भी देखिएगा लेकिन आज मैं चाहता हूं उनकी इस रिस्पेक्ट को हमारे को लौटाना चाहिए देश को उनको याद जरूर करना चाहिए हां ये एक ऐसे व्यक्ति नेचुरली इनको कोल्ड शोल्डर मिला मैं जानता हूं ब्यूरोक्रेसी से इनकी रिटायरमेंट के बाद हालांकि जो फील्ड मार्शल होता है वो रिटायर कभी नहीं होता है उसको सारे बेनिफिट्स मिलने चाहिए ये उनको 1973 में रैंक दी गई सबसे ऊंची रैंक है आर्मी की लेकिन इनको कोई भी बेनिफिट नहीं मिले बाद में बड़ा लो की फ्यूनरल हुआ जब इनका देहांत भी हुआ सीनियर मोस्ट सर्विंग ऑफिसर थे उस टाइम के कोई नहीं पहुंचे इनके स्टेट फ्यूनरल की तरह ऐसे किया जाना चाहिए था पहले तो आपने मानिक शह को फील्ड मार्शल बना दिया 1971 में और बाद में इतना शेबी तरीके से बिहेव किया गया उनके साथ में हम क्यों क्यों पॉलिटिकल लीडर्स के साथ इनकी बनती नहीं थी ऑफिसर्स के अलावा सोल्जर्स में जितने सीनियर लीडर्स थे कोई नहीं गए वहां पे ऑल थ्री जो सर्विसेस के चीफ होते हैं या डिफेंस मिनिस्टर होते हैं प्राइम मिनिस्टर होते हैं सब एब्सेंट थे इनफैक्ट प्रेसिडेंट जो हेड ऑफ डिफेंस सर्विस देखते रह वो भी नहीं गए और कोई स्टेटमेंट ऑफ कंडोलेंस भी नहीं दिया गया जो आर्मी चीफ उस समय जनरल दीपक कपूर थे उनकी तरफ से भी कोई स्टेटमेंट नहीं आया सुरेश मेहता थे उस समय चेयरमैन जो कि चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के वहां से भी कोई स्टेटमेंट नहीं आया इनकी प्रेजेंस वहां पे ड्यूटी नहीं थी ऑब्लिगेशन थी पर कोई नहीं गया आज दर्द होता है दुख होता है देख कर के जिस व्यक्ति को भारत रत्न मिलना चाहिए उनके फ्यूनरल पे झंडा झुकाना तो दूर वहां पर कोई व्यक्ति उनके फ्यूनरल पे हमारे देश का कोई लीडर नहीं पहुंचा मानक शौ की पर्सनालिटी जो है कॉन्फिडेंस और गैलेंट की पर्सनालिटी फील्ड मार्शल सैम मानिक शॉ एक परफेक्ट ब्लेंड थे विट और विलके एक ऐसे लेजेंड थे जिसकी भारत को हमेशा जरूरत है और भारत को ऐसे लेजेंड और चाहिए वो यस मैन नहीं थे वो रिवर्स मटरिंग कर देने वाले थे एक्स्ट्राऑर्डिनरी सोल्जर फर्स्ट क्लास मिलिट्री लीडरशिप अपलिफ्ट किया कंटीन्यूअसली इंडियन आर्मी को पूरी ईमानदारी के साथ पर उनको वो रिस्पेक्ट और वो रिकग्निशन मिला नहीं जो उनको मिलना चाहिए था इन्होंने फैसले ऐसे लिए जो सदियों के फासले के बाद भी याद किए जाएंगे आओ सलाम करें उन्हें जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है खुशनसीब है वो लोग जिनका खून वतन के काम आता है नौ-नौ गोलियां खा कर के मजाक करके अपनी पूरी की पूरी टीम का उत्साह बढ़ाने वाले सैम मानिक शॉ को आज हमारे को याद करने का दिन है सैम मानिक शौ 2008 में भले ही इस देश को छोड़ के चले गए हो लेकिन अपने साथ में आर्मी को और देश को एक ब्लूप्रिंट देख गए हैं मैं भी एक प्रोग्राम चलाता हूं बिलिनियर ब्लूप्रिंट आज उसकी बात बिल्कुल नहीं करूंगा आज बात करूंगा केवल सैम मानक शॉ की मैं अपने साथ एक कैंपेन रन करने जा रहा हूं हां शैग भारत रतन फॉर समम बहादुर # भारत रतन फॉर समम बहादुर ये सामने लिखा है इस हैशटैग को कॉपी कर मैं नीचे पिन टू टॉप में डाल के जा रहा हूं रिक्वेस्ट बाय डॉ विवेक बंद इस वीडियो को देश के हर युवा को दिखाइए इंस्पिरेशन बढ़ाइए हमारे साथ जुड़े रहने के लिए प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत [संगीत] धन्यवाद
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