Why Paytm & Nykaa Failed Dr Vivek Bindra
पेटीएम के तो आने से पहले मैंने प्रिडिक्ट कर दिया था 75% लोगों का पैसा पेटीएम में डब गया तो पेटीएम जो है ना एक कंटीन्यूअस लॉस मेकिंग कंपनी थी पेटीएम एक वर्स्ट परफॉर्मिंग आईपी था पेटीएम जितने शेर में आया उतने जोर में गया नहीं है युटुब के राजा बड़ा बिजनेस के फाउंडर मोटिवेशनल स्पीकर बिजनेस कंसलटेंट पहले सवाल अभी हमने देखा था ये पेटीएम के आईपीओ के साथ में कुछ दिक्कत हुई थी तो अब हर कोई पेटीएम उसे करता है सो व्हाट इस डेट वन थिंक विद दिस पीपल आर गोइंग पिटीशन जितने शोर में आया उतने जोर में गया मुंबई की रिपोर्ट के हिसाब से पिछले 10 साल में पेटीएम एक वर्स्ट परफॉर्मिंग आईपॉड था मेरे कंपनी के एक लीडर थे हमारे यहां लर्निंग और डेवलपमेंट के हेड हुआ करते थे उन्होंने बेचारे ने अपना पूरा पैसा पेटीएम में लगा रहे थे एक वीडियो भी बनाया था मैंने उनको दांत गलत कर रहे हो आप पेटीएम के आने से पहले मैंने प्रिडिक्ट कर दिया था और मैंने कहा था कम से कम 50% डॉ जाएगा पर आपको हैरानी होगी मेरी प्रिडिक्शन ओवर अच्छी वही 75% लोगों का पैसा पेटीएम में डब गया मेरी बिल्कुल सिंपल है पेटीएम में सबको बोला पेटीएम करो पेटीएम करो पेटीएम करो ठीक है कंज्यूमर के लिए ठीक है पेटीएम करो पर इन्वेस्टर को बोला तुम नुकसान भरो आपको बोला तुम पेटीएम करो इन्वेस्टर नुकसान भरो और हमारे रिमझिम जेठानी जी तुम पेटीएम करो चक्कर ये है की खाली कस्टमर लाने से बात नहीं बनेगी शेर मार्केट का बेसिक है एक लॉस मेकिंग कंपनी जो की ग्रोथ आते अन्य कॉस्ट पर कम कर रही है जिसका इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेशों ठीक नहीं है वो चलेगा नहीं अब पेटीएम जो है ना एक कंटीन्यूअस लॉस मेकिंग कंपनी थी कुछ कंपनी ऐसी होती है जिनका कर्ज बहुत ज्यादा होता है और प्रॉफिट अब जैसे पेटीएम कर दे में नहीं है लेकिन पेटीएम के साथ समस्या यह है की इन्वेस्टर का पैसा बहुत ज्यादा तो बास और बास अच्छे बच्चों को रुला देता है लेकिन के से कर्ज के से कंपनी को के से कंगाल बना देता है ऐसे समझ लीजिए आप मैं आपको बता देता हूं भूषण स्टील लैंको इंफ्राटेक सर स्टील भूषण पावर तो जीपी इंफ्रा इनके ऊपर एक पूरा आर्टिकल आया था बिलियन तू बस इन सब के ऊपर 10000 करोड़ से 50 हजार करोड़ तक कर जाता है पे नहीं कर पे तो पेटीएम पर गिरने का करण क्या है समझ लेते हैं खुद नहीं काम का रहे बाकी वो क्या काम के देंगे इनके वीक फाइनेंशियल हैं और कंपनी के कैश फ्लॉस कमजोर है नेगेटिव राय हाय ऑपरेटिंग लॉसेस के करण दूसरा कंपनी ओवर वैल्यू थी प्रॉफिट में कभी भाई नहीं बट 1996 करंट करोड़ का इनका कंसोलेटेड लास्ट था और फिर भी ₹150 लिस्ट तक तक तक तक तक गिनती रही प्रमोटर निकलते रहे हज फंड निकलते रहे रिटेल इन्वेस्टर बाहर निकलते रहे आईपीओ थोड़ा हमसे रोज नीचे आया रोज नीचे आया पेटीएम को लिस्ट इसीलिए करना पड़ा था क्योंकि इन्वेस्टर लोग उनको टांग कर रहे थे लिफ्ट करो उनको बाहर निकालना है जब बाजार में शेर ट्रेड होगा हम बाहर निकलेंगे कपड़ा होती है इनकी हालात भी चिप्स के पैकेट वाली बाहर से लाजवाब अंदर से खाली पेटीएम नहीं वो भी 70% डॉ है जोमैटो 57% डॉ है कैसे डॉ है पेटीएम कर दिया ये स्टार्टअप फंडिंग में फॉक्स करते हैं और वैल्यूएशन में इन्वेस्टमेंट की बाद में खत्म कर देते जी सॉरी आप कुछ का रहे थे आपने यह जो बताया की यह इंटरेस्टिंग है की ये साड़ी जितने भी ब्रांड हैं वो हमारे दे तू दे लाइफ में बहुत इस्तेमाल होते हैं बट आप जो उसके इन्वेस्टर्स वाले उसकी सच्चाई बता रहे हैं डेट इस अंदर अब मैं बात करना चाहूंगी लेयर्स के बड़े में अभी हम देख रहे हैं इतने कंपनियां एम्पलाइज को निकाल रही हैं तो ये पल कहां हो रही है इतने लियोप्स क्यों हो रहे हैं बड़ी से बड़ी कंपनियां में देखिए कंपनी में ले ऑफ निकाला क्यों जाता है उससे पहले समझते हैं की कंपनी की कुछ गलतियां हो रही होती है मुख्य रूप से तीन गलतियां मां लेते हैं कंपनी में होते हैं पहले गलती जो आगे चल के तकलीफ देगी वो है बिजनेस मॉडल से संबंधित गलती है भाई आपने ऐसी चीज बना दी जो किसी को चाहिए ही नहीं तो आगे चल के आप तकलीफ में आएंगे यूजर अनफ्रेंडली प्रोडक्ट बना दिया कस्टमर की नीड को नहीं समझ पे बिजनेस मॉडल ऐसा है की आपको कोई भी अगर कंप्लीट करके निकाल के ले गया क्योंकि आपका राइट फॉक्स नहीं था और डिफरेंशियेशन आप क्रिएट नहीं कर पाया अलग नहीं ला पे इसको बोलते हैं बेड बिजनेस मॉडल जिसमें आप कस्टमर के फीडबैक को नहीं पकड़ पाया आपका रिवेन्यू मॉडल कमजोर र गया आप एक अपॉर्चुनिटी गैप को नहीं ला से पकड़ पे आपका प्रोडक्ट जो आपने बनाया इसके करण उसका एक्सपीरियंस अच्छा नहीं था ये आपको आपको लाइफ टाइम वैल्यू ऑफ कस्टमर यानी की रिकरिंग रिवेन्यू नहीं था तो ये पहले करण है आप फैंस जाएंगे आगे चल के तो कुकी तब क्या होगा आपका कैश ग्रोथ प्रॉफिट नहीं आएगा कैश ग्रोथ प्रॉफिट तभी आएगा जब बिजनेस मॉडल ठीक होगा दूसरी चीज अगर मॉडल ठीक भी बनाया थोड़ा तो ऐसा तो नहीं की आप पैसे की कमी में चले जाओगे आगे चल के विच इस कल कैश फ्लो और प्रॉफिट एबिलिटी ये मेरा दूसरा पॉइंट है की ओवर एक्सपेंशन हो जाता है जितना कर सकते थे उससे ज्यादा खाली है तो पचा नहीं पाएंगे कर दे में चले गए या माइक्रो इकोनॉमिक्स फैक्टर्स के करण चले गए ये जल्दी फ्री में कस के लिंक कर लिया कैश बन आउट हो गया फंड रेज नहीं कर पे प्रॉफिटेबिलिटी क्या है संभल नहीं पे ये स्केल कर दिया बिना टेक्नोलॉजी के तो ज्यादा पैसा ग गया या इन्वेस्टर के पीछे भागते रहे कस्टमर हमारे पास ए ही नहीं तो दूसरा जो करण है बेसिकली वो ये है की आप कैश ग्रोथ प्रॉफिट को समझ नहीं पे ग्रोथ अलग चीज है की सेल्स कितनी बड़ी प्रॉफिट अलग चीज है की भाई मार्जिन कितना है और कैश फ्लो है जितना पैसा गया है उससे ज्यादा रोजाना चाहिए तीनों में फर्क होता है इसको बोलते हैं सीपी डैशबोर्ड तीसरी चीज जिसके करण आगे चल के लीफ करना पड़ता है वो है आपकी मां पावर की प्लानिंग आपने गलत आदमी हीरे किया सही ढंग से हायर नहीं किया विदाउट प्लेन हायर किया प्रोजेक्ट चेंज हो गया अरे इनको निकाल दो ये कम के इनको निकाल दो एक कम करें आप राइट पार्टनर राइट को फाउंडर नहीं है तो मैनपॉवर प्लानिंग गलत करते हैं या फिर मैनपॉवर ही आपकी उन ट्रेड है दिस हारमोनियम टीम मेंबर है तो इसलिए निकालना पद जाते हैं या फिर आप समय के हिसाब से इंप्रूवमेंट साइकिल नहीं ला पाते और इसीलिए आप पीछे र जाते हैं फिर मैनपॉवर निकालनी पड़ती है अब अपनी फेलियर से लर्न नहीं कर पाते तो बेसिकली तीन करण है बड़े मोटे मोटे वो है पहले बिजनेस मॉडल ठीक ना होना दूसरा कोश ग्रोथ प्रॉफिट को ढंग से प्लेन ना कर पन और तीसरा मैनपॉवर के प्लानिंग ठीक ना होना इसी के करण फिर ले ऑफ पढ़ने ग जाते हैं [संगीत]
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