10 Powerful Learning From Sudha Murthy Case Study Dr Vivek Bindra
[संगीत] [प्रशंसा] गुड मॉर्निंग [प्रशंसा] एवरीवन हे नमस्कार मैं विवेक बिंदरा फाउंडर एंड सीईओ bab.com कुछ दिन पहले मैंने नारायण मूर्ति के ऊपर बहुत सुंदर के स्टडी बनाई थी आज बात करूंगा नारायण मूर्ति की जो सक्सेस की प्राइम सोर्स है उनकी धर्म पत्नी जो कि कई चैलेंज के बाद भी डर कर नहीं डट कर खड़ी रही उन्होंने अपने समय पर शिकायत करने का समय आया लेकिन लोगों को सपोर्ट किया इस बात को फिर से सही ठहराया कि एक सफल आदमी के पीछे एक ऐसी धर्म पत्नी एक ऐसी औरत का हाथ होता है जो कि सिंपल यट बोल्ड है सक्सेसफुल यट हंबल है वन ऑफ द फर्स्ट पहली दफा एक फीमेल इंजीनियर बनी राइटर फिलांथस भी पहली दफा बनी पद्मश्री पद्मभूषण मैं प्रणाम करता हूं सिंपलीसिटी की मूर्ति श्रीमती सुदा मूर्ति कहानी आपको हिला डालेंगे एक के बाद एक देने वाला हूं स्ट्रेटेजी आपको जिससे आपको लाइफ में प्रगति करने का अवसर मिलेगा एक बार एक रेस्टोरेंट में गई और वहां उन्होंने ऑर्डर किया साउथ इंडियन खाने का मन करता है रसम ऑर्डर कर दिया वो रसम की जगह दे गया या अपम वेटर को बोला अगर पहले वाला आइटम गलत आ जाता तो क्या करते हो तो वेटर बोला उसको फेंक देते हैं दोबारा अब आपको रसम बनाते हैं बिना कुछ कहे सुधा मूर्ति वहां पे रसम नहीं मंगाया वही अपम खाके आ गई बेशक अपने वाला टेस्ट ना हो लेकिन खाना कभी वेस्ट ना हो ये थी सुदा मूर्ति द बन स्टोरी टेलर छोटी थी ना जब स्कूल के अंदर तो एक बार टीचर ने उनको बोला क्लास मॉनिटर बनोगे बोले बनूंगी और जब टीचर क्लास में घुसी तो बच्चे हंगामा प हंगामा किए चौक फेंके वो मजे ले वहां पर टीचर आई बच्चे शोर कर रहे शदा मूर्ति को डांट पड़ गई अगले दिन टीचर ने बोला दूसरा मॉनिटर बनाएंगे तुमको नहीं बनाएंगे सुधा ने आगे बढ़कर रिक्वेस्ट किया एक मौका और दे दीजिए कोई बच्चा शोर नहीं करेगा टीचर मान गई मान गई अब टीचर ने कहा एक मौका कोई मांगे तो मान लेना चाहिए वैसे तो सात मौके तक मान लेने चाहिए पर एक मौका तो मानना चाहिए सुधार के लिए नहीं सुधा के लिस्ट बनी सूत्रधार बनी सुदा ने बच्चों को कहानी सुनानी शुरू कर दी कहानी बड़ी इंगेजिंग होती सारे बच्चे चुप सुधारा बोन स्टोरी टेलर इतनी कहानियां सुनाए वहां पर ऐसी-ऐसी आध्यात्मिक कहानियां सुनाए साउथ इंडियन कहानियां सुनाए अच्छे-अच्छे संस्कारों की कहानी सुनाए अच्छे-अच्छे विचारों की कहानी सुनाए टीचर जब क्लास में आए देखे बच्चे चुपचाप कहानी में अपना मन लगाए टीचर बोले सुदा मूर्ति यह आपका बीज बनेगा आपके बड़ा लेखक बनने के लिए आज तक 20000 किताबें उनकी पर्सनल लाइब्रेरी में है 6000 लाइब्रेरी पूरे देश में फोसिस फाउंडेशन से बना चुकी है डेढ़ करोड़ किताबें आज तक दान दे चुकी हैं खुद से 150 किताबें लिख चुकी है इंग्लिश और कन्नड के अंदर बेस्ट अ क्या बोलते हैं बेस्ट ऑथर बुक्स जो होती है जिसको हम लोग कहते हैं बेस्ट सेलर चिल्ड्रन बुक हां ये सुधा मूर्ति तीन बेडरूम के मकान में रहती है लेकिन जब इनसे कोई पूछे कितने बेडरूम है तो बोलती दो क्योंकि तीसरा वाला इन्होंने अपना किताबों का लाइब्रेरी बनाया हुआ है अच्छा दामाद इनके ऋषि सोनक वो बन गए अपना प्रधानमंत्री इंग्लैंड के यूके के और प्राइम मिनिस्टर बनने के बाद उन्होंने कहा देखो मां ऐसा करो चार कमरे का मकान करा लो हैं जी चार कमरे का मकान करा दिया एक बेडरूम ड करा दिया फिर किसी ने उनसे इंटरव्यू में पूछा कितने कमरे के मकान में रहते वो दो कमरे के अब ऋषि सोनक ने कहा यार मां मान नहीं रही हमने चार कमरे बना दिए अभी भी दो कमरे बोल रहे फोन करके पूछा आपने इंटरव्यू में दो कमरे क्यों बोला बोला क्योंकि जो चौथा कमरा है वो भी लाइब्रेरी बना दी एक तुम्हारे ससुर जी की और एक तुम्हारी सास की हम दोनों को एक-एक लाइब्रेरी पसंद है अपने अपने एकएक कमरे पसंद है अपनी जीवन वैसे ही चलता है ये ऐसी है इफ यू कांट फाइंड अ वे शी विल क्रिएट वन 1968 की कहानी से शुरुआत करता हूं इंजीनियरिंग करने की जिद्द कर दी इन्होंने उस समय कोई इंजीनियरिंग नहीं करता था मां-बाप ने बोला कोई शादी कहां करेगा तुमसे जो लड़की लड़कों के साथ पढ़ती हो लड़कियां कहां इंजीनियरिंग करती हैं केवल लड़के लड़के लड़के लड़के लड़के लड़के बीच में एक लड़की बहुत मुश्किल से घर वालों को समझाया प्रिंसिपल ने मना कर दिया अब घर वाले मान या प्रिंसिपल ने मना कर दिया और प्रिंसिपल ने कहा कि अगर तुम्हें एडमिशन लेना है तो टेस्ट मैं सेट करूंगा व भयंकर टेस्ट सेट कर दिया कि कोई पास ही ना कर सके सुधा ने पूरा पेपर ठीक किया एडमिशन हो गया बाद में प्रिंसिपल ने रिस्ट्रिक्शन लगा दी एक और रिस्ट्रिक्शन कैंटीन में नहीं जाओगी और साड़ी में आना होगा अब 600 लड़कों में 599 600 बच्चों में 599 लड़के एक सुदा मूर्ति अकेली लड़की कोई नोट नहीं शेयर करे कोई बात नहीं करे लड़के उनको सीक्रेट चिट्ठियां लिख कर के दे दे कि तू इंजीनियरिंग कॉलेज में है जान कहीं जाकर शादी कर ली य क्यों परेशान हो रही है बीए कर ले इंग्लिश में जाकर के कन्नड़ में बीए कर ले तो पहले तो क्योंकि उनसे पहले कभी कोई लड़की नहीं आई थी कॉलेज में वहां पर टॉयलेट तक नहीं था लड़कियों के लिए पूरा पूरा दिन भूखा रहती थी पूरा पूरा दिन प्यासा रहती थी ताकि टॉयलेट ना आ जाए शाम के समय मुझे अगले आगे चलकर के फोसिस फाउंडेशन ने 18000 लड़कियों को टॉयलेट बनाए थे 18000 टॉयलेट मनाए थे उनको लड़कों से बात करने के लिए सख्त मनाई थी तो प्रिंसिपल को लगता था अगर ल से बात करेगी ध्यान भटक जाएगा लेकिन पहले साल में पूरा कॉलेज टॉप कर दिया लड़के खुद ही उनसे डाउट पूछने आने लगे वन हैज टू बी स्ट्रांग इनफ टू ब्रेक द स्टीरियोटाइप्स जो चीज आज तक नहीं हुई यह मत सोचना कि वो आज नहीं होगी आई एम माय पास्ट आई हैव टू ब्रेक दैट माइंडसेट इंजीनियरिंग खत्म हुई एमटेक करने चली गई 1976 में लास्ट ईयर था एमटेक का उनको पता चला टाटा की लको के अंदर एक वैकेंसी आई है नौकरी लग रही है वहां वो चिट्ठी लिख दिया आरडी टाटा को और क्या लिखा उसम चिट्ठी में कि मैं आपसे बहुत नाराज हूं कि लड़की अप्लाई नहीं कर सकती यहां पे और मैं आपको आज ये याद दिलाना चाहती हूं जेआरडी टाटा कि इस देश की प्रोग्रेस तब तक नहीं होगी जब तक आप औरतों को इवॉल्व नहीं करोगे वर्कफोर्स के अंदर इक्वल जॉब अपॉर्चुनिटी नहीं दोगे औरतों को मेन और वमन को आप इक्वल उनको प नो वमन पॉलिसी जेआरडी टाटा ये आपसे एक्सपेक्ट नहीं किया था जेआरडी टाटा को अपना डिसीजन प रिवीजन करना पड़ गया उ उन्होंने रिप्लाई एक्सपेक्ट नहीं किया था वैसे लेकिन वहां से जॉब की चिट्ठी आ गई मीन वाइल ये अमेरिका के अंदर पीएचडी की स्कॉलरशिप के लिए इनको जॉब लग गई वहां पे तो अ इन्होने कहा मैं टेल्को नहीं जाऊंगी अब अब मैं अमेरिका निकल रही हूं पीएचडी करने के तो उनके पिता ने उनको रोक दिया कहा बेटी रुको मेरी बात सुनो अगर तुम हजारों लाखों लड़कियों के लिए लड़ी हो ना यह अपने लिए नहीं लड़ी थी तुम ये तुम उन हजारों लड़कियों के लिए लड़ी हो जिनको इंजीनियरिंग में नौकरियां नहीं मिलती थी अब पीछे मत हटना अब टेल्को चले जाओ तो ये टेल्को में पहली लड़की अपॉइंट्स र के लिए नहीं जी अपने पर्पस के लिए जी सुधा मूर्ति के तीन सबसे बड़े शौक थे एक पढ़ना हजारों किताबें पढ़ना दूसरा फिल्में देखना उन फिल्मों जिनसे मैं संस्कार बढ़ते हो और तीसरा इनको एक शौक था साड़ी खरीदने का साड़ी बहुत खरीदा करती थी पर 2002 में एक बार काशी विश्वनाथ गई काशी विश्वनाथ काशी विश्वनाथ है वहां पवित्र गंगा में डुबकी लगाने के बाद पुजारी ने उनसे कहा अपनी पसंद की कोई एक चीज छोड़ दो अबे सोचे तीन चीजें पसंद है मुझे भई आप पढ़ना या फिल्में देखना साड़ी खरीदना अगर पढ़ना छोड़ दूंगी दूसरों का फायदा नहीं होगा फिल्में देखना छोड़ दूंगी तो वहां से मैं काफी कुछ सीख हूं मैं दूसरों को नहीं सिखा पाऊंगी साड़ी का अगर खरीदना छोड़ दिया तो किसी का नुकसान नहीं चलो साड़ी खरीदना छोड़ देता हूं उन्होंने तब से आज तक एंटरटेनमेंट के लिए अपनी जिंदगी नहीं जी साड़ी खरीदना एक ऐसी चीज था जिसे उसने सोचा छोड़ना किसी का लॉस नहीं होने वाला उस दिन कसम खाली ना केवल साड़ी बल्कि फालतू की भी कोई चीज नहीं खरीदेंगे मन्नत के लिए मनपसंद चीज छोड़ दी उन्होंने आज इस बात को 21 साल हो गए उनके पास बेसिक 10 12 साड़ियां है वही बदल-बदल के पहनती हैं भगवत गीता में भगवान ने इसके ऊपर श्लोक बोला है अभ्यास न तो कनत वैराग्य न चग्री हते छठे अध्याय का 35 वा श्लोक सुनो गीता इन एक्शन देख रहे हो कि नहीं देख रहे हो आपसे पूछ रहा हूं नीचे लिखो कमेंट बॉक्स में गीता इन एक्शन का हर एपिसोड हर व्यक्ति को देखना मैंने वापस शुरू कर दिया है भगवत गीता से इतना कुछ सीखने को मिलता है अभ्यास ना तो कनत वैराग ना चग जितने महान लोग है ना गीता के कहीं ना कहीं लेसन इनके अंदर मिल जाते हैं इतनी हंबल थी शुदा मूर्ति इतनी हंबल थी कि मतलब उनकी जड़ों के अंदर विनम्रता थी मई 2009 की बात कर रहा हूं प्रेसिडेंट प्रतिभा पाटिल इंफोसिस आने वाली थी उस समय राष्ट्रपति देश की इंफोसिस आने वाली थी ये उनको रिसीव करने के लिए नाराय मूर्ती सुदा मूर्ति बाहर चले गए सड़क पे गेट प खड़े हो गए पता चला अी और आधा घंटा लगेगा ये गेट के बाहर जाकर के वहीं फुटपाथ प बैठ गए तो ये जो है ना ये बड़ा आम नजारा है इंफोसिस के बाहर फुटपाथ प बैठे हु हैं सड़क प बैठे हुए हैं वापस अंदर जाने की जगह दोनों वहीं बैठ के बात करने लगे लग्जरी नहीं लोकी लाइफस्टाइल अपनाया है उन्होने अपनी पूरी लाइफ हमेशा ऐसी जिंदगी जी है और ये क्या कहती है जब भी आ जाए क्राइसिस तुरंत बना दो प्रोसेस एक दिन सुदा मूर्ति अपना उठाया लैपटॉप लेकर के जाके एक वर्क स्टेशन प बैठ गई अपने ये नहीं कि केबिन में जाके बैठे अपने वर्क स्टेशन प बैठ गई कहीं पे भी जहां खाली जगह में लिए बैठ गए बाजू में एक लड़की किसी से फोन पर बात कर रही दो-तीन दिन पहले उसने जॉब जवाइन करी थी और फोन पर बात करके फोसिस की जॉइनिंग प्रोसेस की खूब बुराई करे खूब बुराई करे बात खत्म हो जाने के बाद शोदा मूर्ति ने उनकी तरफ देखा उसको नहीं पता शोदा मूर्ति कौन है बात करनी शुरू कर दी पूछना शुरू कर दिया क्या दिक्कत आई आपको जॉइनिंग में व लड़की सोची पुरानी एंप्लॉई है इसको तो सुना देती हूं हा जी पूरा सुना देती हूं उसने दिल खोल के सब बता दिए सुधा मूर्ति को सुधा मूर्ति को सब बातें पहले से नहीं पता थी थोड़ी देर बाद मूर्ति वहां से उठी और एचआर डिपार्टमेंट के लोगों को लेकर के अपने केबिन में बुला लिया मीटिंग के लिए फीडबैक को ना ईगो पे नहीं लिया फीडबैक को एग्जीक्यूशन में कन्वर्ट कर दिया जिधर आएगा क्राइसिस वहीं बना देंगे प्रोसेस लर्निंग्स है हर चैप्टर में हर कहानी में लर्निंग्स है उन्होंने रिव्यू पर रिएक्शन नहीं दिया उन्होंने रिव्यू रिव्यू पर पॉजिटिव एक्शन लिया जब आप एंप्लॉई को समझाते हैं उसकी सुनते हैं तो फिर एंप्लॉई भी आपको ही चुनते हैं प्रोसेस क्रिएट कर दिया एमफोसिस में कि कैसे मैं एक फेवरेट कंपनी बनूं हर एंप्लॉई की आखिर में उन लड़की को बुलाया गया आओ देवी जी ओह वो हैरान चेयरमैन के टेबल पर सुदा मूर्ति बैठी अरे मैं सोच रही थ ऑर्डिनरी लड़की औरत है ये पुरानी कोई बूढ़ी औरत ऑर्डिनरी ये तो चेयर पर्सन की स्टेज प बैठ अरे खबरा गई नौकरी गई नौकरी गई नौकरी लेकिन उसको बदले में शाबाशी मिली उसको टर्मिनेट नहीं किया अप्रिशिएट किया सुधा मूर्ति ने कहा कि क्रिएट प्रोसेस अगर कोई चीज अच्छी ना लगे तो हमको बताओ बाहर वालों को क्यों बताते हो हमको बताओ हम फीडबैक को फीड फॉरवर्ड में कन्वर्ट करेंगे फीडबैक टेक्स यू फॉरवर्ड शिकायत नहीं सीख समझो इसको बोलते हैं रिवर्स इनोवेशन हां इनके किसी ने किताब भी लिखी थी एंप्लॉई इज योर फर्स्ट कस्टमर एंप्लॉई पहला कस्टमर है हां बिकॉज हैप्पी एंप्लॉयज विल ब्रिंग हैप्पी कस्टमर्स इन योर बिजनेस देखो रिवर्स इनोवेशन सब करते हैं amazon2 दिन में माल डिलीवर कर दें तो आपके कस्टमर खुश हो जाएंगे 23 करोड़ amazon2 निया में क्यों फीडबैक ले लिया मैं भी जब आजकल एक नया प्रोग्राम लच किया है पहली बार मैंने लाइफ में 999999 में प्रोग्राम लच किया जो गेम चेंजर है हां बिजनेस का बूस्टर वहां पे कैसे आप एंप्लॉयज को ऑन बोर्ड करते हो उसमें चार सी सिखाता हूं कंप्लायंस क्लेरिटी कल्चर और कनेक्शन ऐसे तो बहुत कुछ सिखाता हूं वहां पे पर ये कंप्लायंस मतलब मेरे नियम कानून क्या है क्लेरिटी मतलब मुझे करना क्या है मुझे जाना कहां है अभी कहां है जाना कहां है कैसे जाओगे कल्चर मेरे विजन मिशन वैल्यूज क्या है और कनेक्शन मेरे हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल ऊपर नीचे और आजूबाजू रिलेशनशिप कैसे होंगे मैं इस डिटेल में यहां नहीं बताऊंगा 99 आप खर्च कर ही लोगे मुझे पता है नीचे लिंक दिया हुआ है बिजनेस का बूस्टर में ऐसी स्ट्रेटेजी देता हूं कि इ वैल्युएट कैसे करोगे हायर कैसे करोगे लोगों को इंगेज कैसे करोगे इंसेंटिवाइज कैसे करोगे उनको अपने साथ में रोकोगे कैसे मैं आपको एक छोटी सी क्लिपिंग भी दिखाता हूं वर्कशॉप से हायर पीपल विद हाई एनर्जी जान जिसम खून में तेरे मिट्टी मिट्टी में तेरा खून ऐसे आदमी हायर करो जो एक आदमी तीन का काम करके दिखाए तब मजा आए ऐसा ना हो कि तीन लोग मिलके एक का काम ना कर पाए और आपका गेम ओवर हो जाए दो घंटा 24 मिनट 24 स्ट्रेटेजी देता हूं कॉल नाउ टू बुक योर सीट 99 पहली बार लच किया 9 कभी प्रोग्राम मैं नहीं करता लच अभी बात सुधा मूर्ति की करते हैं अपनी बात तो मैं करता रहूंगा हमेशा परफेक्ट पेरेंटिंग एक बार इनका बेटा रोहन ओह रोहन क्या लड़का था लेकिन रोहन के जो बाकी दोस्त थे ना वो फाइव स्टार होटल में उन्होंने बर्थडे पार्टी थ्रो किया करते थे जबरदस्त बर्थडे पार्टीज तो उन्होंने घर आ कर के बोला मम्मी मेरा भी अगले हफ्ते जन्मदिन है मैं भी ऐसे ही होटल में पार्टी दूंगा और कहा कि 50 बच्चे मेरे दोस्त एक बच्चे पे 000 का खर्चा आएगा ज्यादा कुछ नहीं ₹ हज दे दो सुधा मुस्कुरा दी ओ सिंपल रहने वाली सुदा मूर्ति काम मानने वाली थी उन्होंने कहा एक काम करो सबको घर पर बुला के एकएक समोसा और एक-एक गिलास रसना पिला देना 0000 अगर तुमने अपने ड्राइवर को दे दिया ना तो उसका बच्चा पूरा एक साल पढ़ सकता है अच्छे से अच्छे स्कूल में 0000 तुमने अगर अपने कुक को दे दिया तो अपने घर की मरम्मत करा सकता है 0000 तुमने किसी गरीब को दे दिया तो मैं जिंदगी भर दुआ दे सकता है रोहन को उस समय ये बात समझ में नहीं आई दो-तीन दिन तक रोहन जबान बंद करके कमरे के अंदर कुंडी लगा के बैठ गए बहुत दुखी हो गए थे मां 50 हज नहीं दे रही है इतना पैसा मां के पास इतना पैसा है पर तीसरे दिन जब उन्हें समझ में आया मां नहीं बदलती अपना फैसला तो फिर उन्होंने मां से नेगोशिएट किया देखो बाकी सब ठीक है समोसा और रसना के साथ एक-एक गुलाब जामुन भी दे देना मां ने कहा ओके सारे बच्चे बुला लिए घर पे खूब खेले खूब हुड़दंग खूब मजा आया खूब खेले मां ने कहानियां भी सुनाई बच्चों को सारे बच्चों ने कहानियां भी सुनी समोसा भी खाया गुलाब जाऊन खाया रसना पिया और एकदम मजा मार के अपने अपने घर चले गए अब माने कहा अब 0000 ले लो 000 लग गए खर्चे में रसना के अंदर समोसे में गुलाब जामुन में और 45000 बा बच गए और वो 000 रोहन ने अपने हाथ से मां ने रोहन में घर में सारे काम करने वालों को जितने भी गरीब उनके यहां काम करते थे क्षमा चाहता हूं गरीब शब्द यूज कर रहा हूं सबको बांट दिए रोहन पता है क्या बोले आगे चल के एक इंटरव्यू में रोन ने कहा कि वो था मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा लेसन जिसके लिए अपनी मां को जीवन भर आज भी हाथ जोड़ के धन्यवाद करते हैं आज तक मूर्ति के परिवार में जन्मदिन या किसी खास दिन पर कोई पार्टी का रिवाज नहीं है पोते पतियों को जन्मदिन भी हो ना तो गरीबों को खाना खिलाना है कपड़े खिलाने बांटना है जरूरत बंदों की मदद करना है बाइंग बुक्स ऑन बर्थडे ये सब करते हैं डोनेशन ही सेलिब्रेशन है इनके लिए ये गेम चेंजर लोग हैं अभी क्या हुआ अपने दोनों दोनों बच्चों की जब शादी करी ना तो मूर्ति परिवार ने इकन बैंगलोर को इनवाइट कर दिया और जिन जिन को कार्ड भेजा शादी का उनको बोला कि स्कन बैंगलोर 2 मिलियन फ्री मील्स हर रोज खिलाता है मिडडे मील में 20 लाख गरीब बच्चों को रोज खाना खिलाता है लिफाफे में लाना हो ना तो हमारे लिए कोई गिफ्ट मत लेके आना डोनेशन लेकर के आना करोड़ों करोड़ों रुपए का डोनेशन उस समय अपने सारे रिश्तेदारों और दोस्तों से इकट्ठा करके अक्षय पात्र को स्कन बैंगलोर को दिलवा दिया किसी भी गेस्ट को कोई भी गिफ्ट लाकर के देने की सख्त मनाई थी वापस भेज देते थे हा में तो गेस्ट बेचारा बाहर जाता था एटीएम में जाके कैश निकाल के लिफाफे में डाल के अक्षय पात्र को देता था हाथ जोड़ के माफी मांग ले ये संस्कार ही अलग है वेल्थ इज नॉट डिफाइंड बाय व्हाट यू हैव बट व्हाट यू शेयर खुशी बटोरने में नहीं बांटने में है ऐसी कहानियां जो लोगों को बेहतर बना सकती है पॉजिटिव चेंज लेके आ सकती है शेयर करा करो आप भी आप भी शेयर करो तुम्हारे कितने पैसे लगते हैं शेयर करने में करो शेयर बच्चों को मां-बाप को करना चाहिए मां-बाप को बच्चों को करना चाहिए बच्चों को दोस्तों को करना चाहिए मां-बाप को अपने बच्चों के दोस्तों को करना चाहिए कैरेक्टर मैटर्स मोर देन द क्लास मैटर्स इनके लिए बहुत इंपोर्टेंट है एक बार सुदा मूर्ति सुबह-सुबह मुंबई एयरपोर्ट पहुंच गई और सीधा एयरपोर्ट पहुंच गई सुबह 5:00 बजे क्योंकि उस समय टिकट नहीं बुक कर पाई थी वो इमरजेंसी में थी लेनी थी फ्लाइट किसको रात को 3:00 बजे उठाती अपने ऑफिस में टिकट बुक करो टिकट काउंटर पर जब पहुंची तो फ्लाइट फुल बिजनेस क्लास मिले नहीं उनको तो वहां लड़की ने बोला देखिए मैडम ऐसा है पीछे कहीं जाकर के मिडल की सीट एक मिल रही है वो दे दें क्या आपको कहते दे दो सुदा मूर्ति ने टिकट ले लिया पीछे जाकर के कहीं बीच की सीट पर चुपचाप बैठ इधर भी आद नहीं इधर भी आद नहीं बीच में यूं करके बैठ के किताब खोल के पढ़ने लगी थोड़ी देर बाद जब उनको टॉयलेट जाना था था ना तो एस्टस को रिक्वेस्ट किया कि बे आगे जाने दो एस्ट वैसे उसको पहचानी नहीं सुधा मूर्ति जी को पहचानना ना पहचानना एक अपराध है अपने आप में लेकिन नहीं पहचाना उन्होंने पर उनकी उम्र को देखते हुए हां कर दिया ठीक है आप आगे टॉयलेट चले जाइए जब वो आगे टॉयलेट जा रही थी तो टॉयलेट से वापस निकलते वक्त बिजनेस क्लास में एक पायलट बैठा था जिसकी सीट रिजर्व थी पायलट देख के पहचान अरे सुधा मूर्ति है तो शर्मिंदा हो गया उनको बिजनेस क्लास की अपनी रिजर्व सीट ऑफर कर दी बोले आप प्लीज यहां बैठ जा आप यहां बैठिए आपको यहां बैठना चाहिए वो कहती मैं बैठ जाऊंगी अगर आप मेरी सीट अपग्रेड के पैसे ले लोगे पायलट ने मना कर दिया बोला आपने इस देश के लिए जो कुछ किया है उसके सामने ये सीट कुछ भी नहीं है एनीवे शदा मूर्ति मान गई लंबी बातचीत हुई थी उसके बाद मान गई एक हफ्ते के बाद पायलट को एक चिट्ठी मिली और चिट्ठी थी उसके बच्चों का धीरू भाई अंबानी स्कूल के अंदर एडमिशन का कंफर्मेशन और लिखा था कि अगले 12 साल के बच्चों की सारी फीस इंफोसिस फाउंडेशन ने स्पॉन्सर कर दी अब जो सुधा मूर्ति ने किया था वो रिफ्लेक्शन था उनकी कोर वैल्यूज का फेयरनेस इंटीग्रिटी डर बा एग्जांपल ये इनकी कोर वैल्यू है कंपनी की साथ में चिट्ठी थी जिसमें लिखा था आपने जो मेरे लिए उस दिन किया उसके बदले में कुछ भी नहीं है सुबह सुबह 6:00 बजे की जो फ्लाइट है ना ऐसे ही कोई घूमने के लिए नहीं लेता है आप भी काम से जा रहे थे पर आपने मेरे लिए सीट छोड़ दी पायलट को याद आया उस दिन उन्होंने सुदा जी से बातचीत में बोला था कि मैं अपने बच्चे का एडमिशन कराना चाह रहा हूं धीरू भाई अंबानी स्कूल में और हो नहीं रहा है वहां पे अब धीरू भाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल अलग ही स्कूल है यह क्या है यह भारत का नंबर वन आईबी स्कूल है इंटरनेशनल बैचलरेट आईबी स्कूल नंबर वन है 2019 से इंडिया का दुनिया के टॉप 10 स्कूलों में माना जाता है धीरू भाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल यहां पे हर छह बच्चों पे एक टीचर है हर छह बच्चों पे एक टीचर हर छह बच्चों पे एक टीचर हर छह बच्चों पे एक ये अलग ही लेवल का स्कूल है पर आपकी वैल्यूज जो है ना सुधा मूर्ति जी के लिए कह रहा हूं मैं अगर कोई हो सके तो उन तक ये वीडियो जरूर पहुंचा दीजिएगा आप सब तक पहुंचाओ तो कोई ना कोई उन तक पहुंचाएगा आपकी वैल्यू जो है वो आपके व्यापार में नहीं है बल्कि आपके व्यवहार में दिखनी चाहिए सिर्फ कंपनी के ब्रोशर में नहीं है बल्कि आपके बिहेवियर में रिफ्लेक्ट होनी चाहिए उसको बोलते हैं वैल्यू 20 लाख एनुअल फीस थी उस स्कूल की एक साल की 20 लाख फीस थी 12 साल की 2 करोड़ 40 लाख एक मिनट में जमा करा दी उन्होंने सिर्फ इसलिए क्योंकि उनको वो कोर वैल्यूज उनकी दिखती है आज सारा अली खान वहां से पढ़ी अर्जुन तेंदुलकर वहां से पढ़े जानवी कपूर वहां से पढ़ी आराध्या बच्चन आज अभिषेक बच्चन की बेटी वहीं पढ़ती है नायिका के जो को फाउंडर है अद्वैत नायर वो भी वहीं से पढ़े इनका रूल है कि काइंड वापस आएगी काइंड ऑलवेज कम्स बैक व्हेन यू गिव मोर देन व्हाट यू गेट सून यू गेट मोर देन व्ट यू गेव ये ग था माम प्रपद्यंते ताम सत बजा में हम जब आप देते हैं उससे कहीं ज्यादा जो ज्यादा आपको मिला मेरी स्पीड तेज है आपको मिलेगा उससे कहीं ज्यादा जो ज्यादा आपने दिया यह कथा माम प्रपद्यंते ताम सत बजा गीता इन एक्शन देखा करो एक बार सुदा मूर्ति सन फ्रांसिस्को में एक प्रोग्राम में गई थी उस होटल में जहां प्रोग्राम था वहीं रुकना भी था एक दिन का प्रोग्राम था और तीन दिन का स्टे था तीन दिन के बाद जब सुदा मूर्ति सामान पैक करके निकलने लगी रिसेप्शन में पहुंची तो व उनके लिए गिफ्ट रखा था एक सुंदर सी साड़ी और एक कुंदन का हार सुंदर सी साड़ी और कुंदन का हार देख कर के और देखा कि पूरा का पूरा बिल किसी ने पे कर दिया बात को ध्यान से सुनो पूरा बिल पे किया जा चुका है हैरान हो बोले किसने पे किया पूछने में पता चला कोई इंडियन फैमिली है जिसने आपका बिल पे कर दिया और ये आपके लिए कुंदन का हार रखा है अभी कल खरीद करके लेके आए सुधा ने कहा क्या मैं उनसे मिल सकती हूं तो रिसेप्शनिस्ट ने दंपति को उस उस कपल को वहीं फोन लगा दिया बता सुधा मूर्ति आपसे मिलना चाहती तो एक लड़की दगड़ दगड़ दगड़ जोर से भागते हुए आई और ऐसा आई और आते ही उनके पांव में लेट गई और प्रणाम किया पंचांग प्रणाम किया औरतों को साष्टांग प्रणाम नहीं करना होता है औरतों को पूरा नहीं लेटना होता है घुटने के बल और हाथ के बल माथा नीचे लगाकर पंचांग प्रणाम किया उन्होंने सुधा जी ने पूछा आपने मेरा बिल क्यों भर दिया हां आप मेरे पांव क्यों छू र हैं बोली मैडम एक बार गुलमर्ग से बेंगलुरु की टिकट के आगे कुछ भी नहीं है सुधा मूर्ति नहीं समझ पाई बोले एक दिन जब मैं 11 साल की थी ना तो गुलबर्ग से मैं निकली थी और मैं बेंगलुरु ट्रेन में जा रही थी और मुझे नहीं पता था मुझे कहां जाना है क्यों जाना है टिकट खरीदने के पैसे नहीं थे इसीलिए मैं सीट के नीचे छुप के बैठ गई थी मुझे आपको याद नहीं होगा टीटी ने पकड़ लिया था और टीटी मुझे गाड़ी से नीचे उतार रहा था उस समय आपने टीटी को रोका मुझसे बात करी मुझसे बात करके आपने टीटी को बोला इसके बेंगलुरु तक के टिकट के पैसे मैं देती हूं बना दो मुझसे पूछा कि क्यों जा रही हो बेंगलुरु तो सुधा जी आपको याद नहीं होगा मुझे नहीं पता था मैं क्यों जा रही थी बेंगलुरु मुझे नहीं पता मुझे कहां जाना था तो आपने अपनी किसी पहचान के स्वयंसेवी संस्था एक एनजीओ में मेरे को एडमिशन करा दिया प्रमाण पत्र में आपने मेरा नाम लिखवा दिया चित्रा आपने सारे खर्चे के पैसे भी दिए लर्निंग क्या है वट यू गिव कम्स बैक टू यू ये था माम प्रपद्यंते ताम सजाम सो जी अपने आप में लर्निंग का इंस्टीट्यूशन है आप इस चैनल पर ऐसी के स्टडीज का सिलसिला रुकेगा नहीं आपको बस इतना करना है कि कमेंट्स में सजेशन और फीडबैक में बताइए किय वीडियोस कैसे लगते हैं और इन फीडबैक से इन संस्कारों को विचारों को व्यवहारों को व्यापार को बदलने के लिए इनको सब तक पहुंचाए मैं आपको आखिरी स्टोरी आज की सुनाता हूं सुधा मूर्ति जी की लंडन की स्टोरी जब उनका दामाद प्रधानमंत्री बन गया तो दोनों बहने साड़ी में साधारण से कपड़े पहन के पहुंच गई इमीग्रेशन की लाइन में अमेरिका के अंदर जब उनका नंबर आया इमीग्रेशन की लाइन में तो व जो इमीग्रेशन वाली लड़की थी वो उनको पहचान नहीं पाई पूछा लंदन क्यों आए हो शोधा जी ने जवाब दिया अपनी बेटी दामाद से मिलने आए हैं थोड़ दिन उनके साथ रहेंगे वापस इंडिया चले जाएंगे तो इमीग्रेशन की लेडी ने पूछा लंदन में कहां रहते हो दामाद का घर कहां है सुधा जी ने जवाब दिया 10 डाउनिंग स्ट्रीट वो कहती यह तो लंदन के प्राइम मिनिस्टर का घर है वो बोली हां वो मेरे दामाद है इमीग्रेशन की लेडी को विश्वास नहीं हुआ बोला मजाक हो रहा है ये दोनों को लाइन से बाहर निकाल के खड़ा कर दियानी साधारण कपड़े बताया ना कपड़े नहीं खरीदे साड़ी नहीं खरीदी सालों साल से साधारण कपड़ों में दोनों बहने खड़ी हुई दो भारतीय 70 साल की महिलाएं साधे कपड़ों में लाइन से अलग बाहर निकाल दी गई लोग उनको घूर के देख रहे हैं तभी सुधा जी ने एक फोन लगाया 10 मिनट में दो कर्मचारी बीच में 20 कर्मचारियों के साथ में पूरे सम्मान के साथ उनको लेकर चले गए बाद में उस महिला को इमीग्रेशन में एहसास हुआ कि वो सच बोल रही थी व हमारे देश के प्रधानमंत्री की मां है सास है उनकी वो हा बाद में एक लोकल अखबार में खबर छपी जिसमें इमीग्रेशन वाली महिला ने कहा मैं कभी भारत तो नहीं गई लेकिन उस महिला को देख के मेरे मन में भारत के प्रति सम्मान और बढ़ गया और लगता है कि हमारा देश बिल्कुल ठीक हाथों में है लोग बातें भूल जाते हैं लेकिन बर्ताव नहीं भूलते व्यवहार नहीं भूलते सुधा मूर्ति के आ आई कैन आई विल एटीट्यूड ने उनको आज स्ट्रगलर से आइकॉन बनाया जिन्होंने मदद करी अपने पति को अपने गहने बेच करके बिजनेस खड़ा करने में ये सिखाया एक्सक्यूज देने वाले एग्जांपल नहीं बनते वो एग्जांपल बनी आज हमारे देश की हम आज लोग उनको सुनते हैं जो मेहनत को चुनते हैं उन्होंने मेहनत को चुना ऐसी इंस्पिरेशन स्टोरी लाता रहूंगा और आपको मोटिवेट करता रहूंगा यही मेरा काम है बड़ा बिजनेस का फाउंडर होते हुए लोगों का बिजनेस बड़ा करने के लिए आइडिया टू आईपीओ प काम कर रहा हूं और वो 99 का प्रोग्राम बहुत पावरफुल है बहुत पावरफुल है उसको जरूर अटेंड करिएगा वीडियो लोगों तक पहुंचाए शुधा मूर्ति जी तक पहुंचाए मुझे बहुत खुशी होग हमारे साथ जुड़े रहने के लिए हाथ फैला के बाहे फैला के आप सबका प्रेम पूर्वक मुस्कुराहट के साथ बहुत-बहुत धन्यवाद [संगीत]
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