18th Episode - Most Popular Shloka of Bhagavad Gita #GitaInAction Dr Vivek Bindra
[संगीत] अफेक्टेड कंसिस्टेंसी अगर हम unfaited कंसिस्टेंसी तक जा सके यानी की मेरे को रिजल्ट मिलेगी या ना मिले मेरा अधिकार कर्म करने में और अगर मैंने उसे पर पुरी एनर्जी दल दी तो मुझे कुछ जिंदगी में हरा नहीं सकता इसके सक्सेस है या फैलियर दोनों सेमीफाइनल है अभी फाइनल बाकी है आप सफल हो गए नहीं फाइनल बाकी है आप विफल हो गए नई फाइनल बाकी है तो फाइनल को ढीला ढाला खेलते हैं या जोर लगा के खेलते हैं पुरी जान दल देते हैं लेकिन आपको ये समझ में ए गया ना की हर रिजल्ट सेमी फाइनल है तो आप अगले में और जान लगाते हैं [संगीत] आज के एपिसोड में हम चर्चा करेंगे सबसे पॉप्युलर श्लोक की भागवत गीता के दूसरे अध्याय का 47 वर्ष लोक 247 कर marnevad ही कर रास्ते [प्रशंसा] [प्रशंसा] कभी ना कभी सुना होगा लाउडली स्नो इस लुक एक जीवन में उतारने वाला और आज हमारे प्रोग्राम सीरीज का नाम क्या है इसका अर्थ क्या हुआ आपने कर्म करो फल की इच्छा मत करो कर्म करो फल की इच्छा मत करो सोना मैं उसकी बुराई अच्छाई बोलने की जगह कहूंगा की वो अधूरा ज्ञान है आज आपको कुछ कुछ समझने के लिए जिस व्यक्ति को श्लोक समझ में ए गया उसको कोई जीवन में हरा नहीं सकता ये गीता inaugusthan बहुत पावरफुल बहुत सॉलिड सीरीज है जो आपकी जिंदगी बदल सकती है यू हैव दर राइट तू परफॉर्म युवर ड्यूटी बट नॉट अन टाइटल तू डी फ्रूट्स ऑफ योर एक्शन क्या अर्थ हुआ कम आपने पूरा साल मेहनत कारी पूरा साल मेहनत करने के बाद आपका बॉस आपको आकर के बोलता है भाई फल की इच्छा मत करो क्या लगता है गीता में कृष्ण यही कहना चाहते द क्या आप अपने बॉस के साथ पूरा साल खूब कम करें तनक बढ़ाने का समय आए बोले कर्म करो फल की इच्छा क्या चलेगा देखिए इसको ना एक फॉर्मूला से समझते हैं हम लोग एक होता है अफेक्टेड कंसिस्ट्स और एक होता है अनफेटर्ड कंसिस्टेंसी अगर आप सब ने ध्यान दिया हो पिछले एपिसोड में हम कंसिस्टेंसी पे चर्चा कर चुके हैं गीता के एपिसोड में अब यहां दो प्रकार की कंसिस्टेंसी हो गई अफेक्टेड कंसिस्टेंसी उन अफेक्टेड यानी की वो कंसिस्टेंसी जिसमें आप दिल से वो परेशान है लेकिन लगे हुए हैं अच्छा नहीं लग रहा लेकिन लगे हुए हैं और एक unfected कंसल्टेंसी ये बहुत ऊपर के ये चार स्टेज होती है मैं स्टेज samjhaunga आपको और उससे पहले अगर श्लोक का सर समझना इसको फॉर्मूला से समझो रिएक्शन मतलब आप क्या एक्शन लेते हैं जब ये दोनों जुड़ने हैं तो एक यारी एक्शन मिलता है इसका अर्थ क्या हुआ रियलिटी आपके आसपास क्या है मेंटालिटी आपके अंदर क्या है की आपकी एक्शन लेते हैं जब रियलिटी और मेंटालिटी मिल जाती है तो न्यू पॉसिबिलिटी आती है फॉर्मूला क्या है रियलिटी प्लस मेंटालिटी इस इक्वल तू न्यू पॉसिबिलिटी कंडीशन प्लस एक्शन इसे इक्वल तू न्यू रिएक्शन इस फॉर्मूला को समझो आप ध्यान से सुनना आपके हाथ में कंडीशन यानी की आपके आसपास क्या हो रहा है वो आपके हाथ में है यस नो कम ऑन यस नो कंडीशन आपके आसपास क्या हो रहा है क्या वो आपके हाथ में है यस नो नहीं है आपके हाथ में यानी की कंडीशन आपके हाथ में नहीं है आपके हाथ में क्या है एक्शन है अगर कंडीशन की चिंता करते रहे और एक्शन ठीक नहीं लिया तो न्यू रिएक्शन आपके कंट्रोल में कभी नहीं ए सकता दो चीज इस फॉर्म फॉर्मूला में कंडीशन प्लस एक्शन इस इक्वल तू न्यू रिएक्शन ना तो कंडीशन आपके हाथ में है ना न्यू रिएक्शन यानी की रिजल्ट वो भी आपके हाथ में है क्या अर्थ हुआ रियलिटी प्लस मेंटालिटी इस इक्वल तू न्यू पॉसिबिलिटी ना रियलिटी आपके हाथ में है ना न्यू पॉसिबिलिटी आपके हाथ में है आपके हाथ में केवल एक्शन है केवल ना तो रिएक्शन आपके हाथ में ना न्यू पॉसिबिलिटी आपके हाथ में है आपके हाथ में क्या है एक्शन आपके हाथ में है वही कृष्ण ने समझाया की केवल इसी पर फोकस करोगे जब जब आप रिजल्ट की चिंता करते हो ढूंढ के अटैच तू डी रिजल्ट रिजल्ट का मतलब बार-बार मिलेगा आपको चिंता किसकी करनी है पर्पस की जीवन का लक्ष्य क्या है पर्पस की पर्पस पर लगा रहा हूं आप मैं आज आपको एक फॉर्मूला देता हूं इसको बोलते हैं यूपीएससी फॉर्मूला जब भगवान ने समझा यूपीएससी की तैयारी कर रही है किसी ने यूपीएससी की जब तैयारी करते हैं तो बहुत प्यारी होती कृष्ण भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं दिल में है पीसफुल टेबल कंसंट्रेशन का मतलब क्या हो गया मेरी कुछ भी स्थिति कंसंट्रेशन मैं लगा रहा हूं लगा रहा हूं लगा रहा हूं लगा रहा हूं लगा रहा हूं लगा रहा कृष्ण बोल रहे हैं आपके हाथ में केवल एफर्ट है रिजल्ट आपके हाथ में कभी भी नहीं होगा हान आपने कभी भी बुद्धिस्ट मोंक या कभी साउथ ईस्ट एशिया में जो मोंक होते हैं जब उनकी मोनेस्ट्री के अंदर तीरंदाजी की प्रैक्टिस होती है सर मेरी बात को ध्यान से सुनना वो तो तीर चला रहे होते हैं आप तीर छोड़ने के बाद सामने मत देखो डॉट पे वह कहां जा के लगाए उनके चेहरे को देखो उनके चेहरे को देख के अगर भूल जाए हुआ है तो भी पता नहीं चलेगा और तीर अगर बाहर निकल गया तो भी पता नहीं चलेगा चेहरे को देख कर समझ में नहीं आता हूं उनके वो इतना स्टेबल इतना पीसफुल है उसने तीर चलाया छोड़ा था थक बाहर निकल गया डिस्टर्ब नहीं है दोबारा तीर चलाया फिर छोड़ा 100 में से 100 बुल जाए डिस्टर्ब नहीं है एक्साइटेड नहीं है डिस्टर्ब नहीं है वह कंसिस्टेंट है unfacted है और पीसफुल है और कंसिस्टेंट एक्शन लेकर रहता है यह वाला जो माइंडसेट कृष्ण [संगीत] सबसे नीचे कौन सा है सबसे नीचे है कंसिस्टेंट इन एक्शन ये क्या होता है कॉन्सेप्ट इन एक्शन ये कांस्टेंटली कोई एक्शन ही नहीं मिलेगा ये बैठा रहता है देखता रहता है ये हो गया रे वैसा है ऐसा ये हीरो आउट ऑफ है कम ऑन क्या है ये जीरो ऑर्डर मेरी कंपनी के अंदर एक एंप्लॉई 30000 रुपए महीने पर ज्वाइन किया 5 साल पहले और मेरी एक और उसी कंपनी के अंदर एक और एम्पलाई 60000 रुपए महीने पे ज्वाइन किया 5 साल पहले ये 60000 महीने वाला आज ₹500000 महीने में पहुंच गया लगभग 6 लाख रुपए महीने में पहुंच गया और वो 30000 रुपए वाला अभी 60000 महीने में पहुंचा है यानी की 5 साल में इसकी तनख्वाह हुई दो गुना और 5 साल में उसकी तनख्वाह हुई 10 गुना दोनों में कुछ ना कुछ फर्क होगा क्या मेरी बात समझ ए रही है [प्रशंसा] जो सबसे नीचे वाला है ना वो कंसिस्टेंट इन एक्शन कोई एक्शन नहीं लेता इससे ऊपर वाला कौन है वह कौन से इनकंसिस्टेंट एक्शन इन कंसिस्टेंट मतलब स्टेबिलिटी नहीं एक्शन लेकर जब सब अच्छा चल रहा है एक्शन लेगा सब अच्छा खराब चल रहा है एक्शन लेना बंद कर देगा नहीं आएगी बैठ जाएगा अंदर ये वो है सरकमस्टेंशियल मैनेजर सरकमस्टेंस अच्छे हैं बहुत एक्साइटेड है सरकमस खराब है डूब गया कुछ नहीं करेगा यह है 33 आउट ऑफ 100 क्या है अफेक्टेड कंसिस्टेंट एक्शन यानी की एक्शन लेता रहेगा लेता रहेगा लेकिन अंदर से खिलखिल करता रहेगा डिस्टर्ब होता रहेगा अरे देखो मेरे को तंग कर रखा लेकिन लगा रहेगा बदतमीज लोग हैं आप लगा रहेगा पर हर समय बॉस को आजू-बाजू गली भी देता रहेगा हर समय आसपास पति पत्नी के बीच में ऐसा ही होता है क्या रहता है उनका अफेक्टेड है आपस में बहुत डिस्टर्ब है लेकिन कंसिस्टेंट है क्या बोलती है पत्नी तुमको तो कब का छोड़ दिया होता है तो बच्चों के कारण तुम्हारे साथ रह रही है [प्रशंसा] लेकिन कंसिस्टेंटली लगे हुए हैं इसी के साथ अब क्या करें शादी से पहले मेरा राजयोग था लेकिन लगेगा उन्होंने बताया अन इफेक्ट मेरे साथ अच्छा हो रहा unfffected बुरा हो रहा unfacted कमल का फूल कीचड़ में रहता है कीचड़ में पैदा होता है कीचड़ में ही जीवन बेचा देता है लेकिन इतना सा भी कीचड़ अपने को छूने नहीं देता उसमें पानी गिर जाए नीचे गिर जाएगा कीचड़ गिरजा नीचे गिर जाएगा कमल के फूल नहीं सकता उसको बोलते हैं ऐन अफेक्टेड कंसिस्टेंट एक्शन ये है जो आज चर्चा कर रहे हैं आप लोग को दूसरे अध्याय के 48 वर्ष लोक में कृष्ण कहते हैं सीधा-सीधे यो समूह भूत्वा समस्त योग आप आगे मत बढ़ो आप मेरे साथ रहो बाद में आराम से देखना और सिद्धि सिद्धि मतलब सफलता और सिद्धि मतलब सफलता नहीं मिली श्लोक है भाई साहब इस वीडियो को दो-तीन बार आपको देखना पड़ेगा अगर आप इस वीडियो की गहराई को समझना चाहते हैं कंसिस्टेंट एक्शन मैं कुछ उदाहरण भी दूंगा आपको ये जो 180 है डेट कैन सी व्यू फ्रॉम instality मतलब पागलपन से आपको यह बचा सकता है क्योंकि आदमी डिस्टर्ब होता है देखो मैं आपको समझता हूं की सबसे सही या फैलियर है दोनों सेमी फाइनल है अभी फाइनल बाकी है आप सफल हो गए नहीं फाइनल बाकी है आप विफल हो गए नई फाइनल बाकी है तो फाइनल को ढीला ढाला खेलते हैं जोर लगा के खेलते हैं जोर लगा के खेल बाकी ये पुरी जान लगानी है फाइनल बाकी है पुरी जान लगानी है अरे जीरो आया फाइनल बाकी है पुरी जान लगानी है पुरी जान लगानी है ये कृष्ण समझा रहे हैं क्या मेरी बात समझ ए रही है कंडीशन आपके हाथ में नहीं केवल एक्शन आपके हाथ में है और जितना अच्छा एक्शन होगा उतना अच्छा न्यू रिएक्शन होगा क्या यही है क्योंकि देखो रियलिटी मेरे हाथ में नहीं है मेंटालिटी मेरे हाथ में है रियलिटी में को मैं नहीं बदल सकता मेंटालिटी को मैं बदल सकता हूं जितनी अच्छी मेंटालिटी होगी उतनी न्यू पॉसिबिलिटी होगी अगर मेंटालिटी भी खराब और रियलिटी भी खराब तो पॉसिबिलिटी पॉसिबिलिटी 100% खराब यही कृष्ण समझा रहे हैं कर्म करोगे हो सकता है फल मिले हो सकता है ना मिले पर अगर कर्म नहीं किया तो पक्का हो गया पर ये है दूसरे अध्याय का 47 वर्ष लोग फल पे गौर करना फल पे गौर करने का लाभ हुआ है किसी को नहीं हुआ खाली न्यूटन को हुआ है उसने फल पे गौर किया था उसका फल नीचे गिरा तो हमारे को ग्रेविटी उसके अलावा किसी को फल पे गौर करने के लाभ नहीं मिलता है आदर वाइस एक्सपेक्टेशन इस डायरेक्टली प्रोपोर्शनल तू फ्रस्ट्रेशन जितने ही एक्सपेक्टेशन रिजल्ट की उतनी ज्यादा फ्रस्ट्रेशन क्योंकि रिजल्ट मेरे हिसाब से हमेशा मिलता नहीं क्योंकि वो मेरे हाथ में है ही नहीं कंडीशन नहीं है एक्शन मेरे हाथ में है इसलिए आप देखते हो ना की अफेक्टेड कंसिस्टेंसी में यही फर्क है एक होता है कल कल कंसिस्टेंसी और एक होता है क्लेट कंसिस्टेंसी कल कल देखा मैं कुछ लोग हर समय सरकारी कंपनी में देखो इतना दुखी इतना दुखी सरकारी एम्पलाई अंदर से इतना छोड़ क्यों नहीं छोडूंगा नहीं सरकारी नौकरी में से मिलेंगे यही स्लो सिद्ध siddhyon और सीढ़ियां सिद्धि हो या ए सिद्धि हो आपको सफलता हो और सफलता हो 100 आउट ऑफ 100 जो बुद्धिस्ट होते हैं वो समझते हैं की अगर किसी की मृत्यु हो भी गई तो वो एक बड़े चक्र का छोटा हिस्सा है वो बड़ी से बड़ी चीज से भी कभी डिस्टर्ब नहीं होते ये यूपीएससी unfffected पीसफुल कंसिस्टेंट एक्शन कम ऑन टाइम unfacted पीसफुल कंसिस्टेंट एक्शन बाहर से unfacted अंदर से पीसफुल कंसिस्टेंट एक्शन यह geetaina एक्शन शबरी जो थी वो कितना सुंदर उदाहरण है इसका आधा गिला ये कैसे देखो ऐसे ऋषि माटुंगा जो द जब उनका देहांत होने लगा तो वो शबरी को बोल के गए के वेट करना प्रभु राम तुमसे मिलने के लिए आएंगे शबरी बोली अच्छा मैं तैयारी करती हूं वो ये नहीं बोली कब दर्शन होंगे कब आएंगे कब आएंगे कोई डेट बताएंगे नहीं टाइम लाइन देखे कभी कैलेंडर ब्लॉक कर आया नहीं महीना बताया किस महीने में आएंगे साल बताया नहीं जब रिचार्ज करती सड़क को धोती उसे पर फूल गुलाब के पत्ते बिछाते आरती की थाली तैयार करती है और उनके लिए भोजन फल इत्यादि तैयार करके रख दी आज प्रभु राम आएंगे आज प्रभु राम आएंगे आज प्रभु राम आएंगे एक साल दो साल तीन साल सड़क धोई फूल बिछाए आरती की थाली तैयार कारी फल फूल रख लिए सड़क धोई खूब सारे फूल बिछाए आरती की थाली तैयार कारी फल फूल तैयार की चार कम रोज करें इसे क्या बोलते हैं annfected नहीं आए आए कोई बात नहीं क्या है unfacted पीसफुल consistan 40 साल के बाद अचानक उनको दो आदमी दूर से आते हुए दिखाई दी है और उसे दिन शबरी ने देखा और वो चल पड़ी बुद्धि शबरी और bhagiyo के मेरे प्रभु राम ए गए हैं और वो 40 साल के बाद जब आए तो उनको दर्शन दिए वो एक्साइटमेंट के अंदर झूठे बेर खिला और झूठे बेर जिनको स्वयं श्रीराम की स्वीकृति मिली इसी को बोल रहा हूं कंडीशन कुछ भी हो जब कंसिस्टेंट एक्शन होता है तो न्यू रिएक्शन अपने आप हमारे फीवर में ए जाता है ये है भागवत गीता का दूसरे अध्याय का 47 वर्ष लोग के सिद्धि या सीधी कर्म करेंगे हो सकता है फल मिले हो सकता है क्योंकि करमन ने बधाई कर्मणि avadhikar रखते आपका अधिकार है कर्म करने पर maleshu कदाचन पर इसके चक्कर में कहीं लोग क्या सोचते हैं वो सोचते हैं की भाई जब कर्म का अधिकार है फल मुझे पता नहीं मिले नहीं मिले तो छोड़ो कर्म करने की जरूरत नहीं उसको भगवान ने पहले ही बोले इस चक्कर में नहीं पादना भैया क्या बोला माफ कर्म फल ही टर्बो मैन ये मत सोच लेना की अब कर्मी नहीं करूंगा यह कृष्ण ने कृष्ण समझते हैं साइकोलॉजी लोगों की रिजल्ट से नहीं आपको अटैच होना आपको पर्पस से टच होना है महाराज भागीरथ के बारे में कितने लोग जानते हैं सुना नाम आपने उनका महाराज भागीरथ कौन द उनको उनके गुरु ने बताया की अगर तुम पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति दिलाना चाहते हो तो तुमको गंगाजल की आवश्यकता पड़ेगी गंगा जल गंगा थी नहीं मैन गंगा का वो आवाहन करना चाहते द इन्वोक करना चाहते द मैन गंगा को परमानंद ही नहीं और ऐसा बताया गया की मैन गंगा अगर आप भी गई तो उनसे पुरी धरती डूब जाएगी तो उन्होंने कहा मैं तपस्या करता हूं मैं भगवान शिव को प्रार्थना करता हूं ब्रह्मा जी अगर अपने कमांडर से गंगा को छोड़ दें तो धरती डूब जाएगी वो तो अपनी जटाओ के अंदर भगवान शिव ने उनको संभल लिया था इसलिए गंगा के साथ तू तपस्या करने निकले और उन्होंने कई महीना सालों साल महाराज भागीरथ ने तपस्या कारी हत्या कारी पर शिवजी आए नहीं शिव जी इसको क्या बोलते हैं इसको बोलते हैं इंक्रीज एफर्ट विद एवरी फैलियर टाइम कम ऑन क्या इंक्रीजिंग एफर्ट whenevery इसको क्या बोलते हैं इसको बोलते हैं इनक्रीस ऑन अफेक्टेड कंसिस्टेंट एक्शन मतलब हर बार कंसिस्टेंट एक्शन लूंगा लेकिन अगली बार और ज्यादा लूंगा फैल हो गया और ज्यादा लूंगा फैल हो गया और ज्यादा लूंगा कई महीना तक तपस्या करने के बाद फिर भगवान शिव नहीं आए उन्होंने तपस्या बढ़ा दी अब एक अंगूठे के बाल पर खड़े हो गए महाराज भागीरथ और एक अंगूठे के बाल पर खड़े होके तपस्या करने लगे भगवान शिव प्रसन्न हुए वो आए उनकी कठोर तपस्या के कारण मैन गंगा यहां ए सके इसीलिए आज भी उसके प्रयास को भागीरथ प्रयास के नाम से जाना जाता है उसको बोलते हैं इनक्रीस unfakat कंसिस्टेंट जिस व्यक्ति ने ये साइंस को पकड़ लिया ऐसे व्यक्ति को कोई फैल ही नहीं कर सकता क्योंकि वो फैल कभी होता ही नहीं है हमारे साथ बड़ा भारत शो में ट्रैक्टर जनरल उत्तर प्रदेश के जिनके ऊपर एक वेब सीरीज भी बनी थी एमएक्स प्लेयर पर वो आए द कोई बताया क्या नाम था उनका आईपीएस ने अपनी आईपीएस नवनीत से किरण ने क्या बोला वीडियो के अंदर की मेरे को माइक टायसन बॉक्सिंग में नहीं हरा सकता बोला क्यों नहीं हरा सकता बोलो क्या करेगा ज्यादा से ज्यादा मार देगा मैं गिर जाऊंगा अस्पताल चले जाऊंगा हरा नहीं मैं ठीक हो जाऊंगा फिर खड़ा हूं दोबारा लड़ फिर मरेगा गिर जाऊंगा हरा नहीं मैं गिरा हूं फिर खड़ा हो जाऊंगा ठीक होने के बाद आप मार के दिखाओ और बोला मार जाऊंगा लेकिन harunga नहीं यह जो है ना अंदर फीलिंग यह जो फीलिंग है यह है कंसिस्टेंट एक्शन की फिल्म हान ये कंसिस्टेंट एक्शन की मेरे हाथ में कंडीशन नहीं है मेरे हाथ में एक्शन है वो मोर टाइम का मैन मेरे हाथ में कंडीशन नहीं है मेरे हाथ में और जितना अच्छा एक्शन उतना ज्यादा पॉसिबिलिटी ऑफ पॉजिटिव नहीं हो रिएक्शन जिस दिन इंसान कारण को एंजॉय करना शुरू कर दें फल आए या नहीं आए उसकी चिंता खत्म हो जाती है ये रिजल्ट है और वह पर्पस है रिजल्ट की चिंता नहीं पर्पस की चिंता करनी है क्या मेरी बात समझ में ए रही है फॉर एग्जांपल ऐलान मस्क को रेउसाबल रॉकेट बनाना था रिजल्ट किया था फैल हुए पर्पस पर लगा रहा रिजल्ट क्या फिर से लोग हैं पर्पस पर लगा रहा सारा पैसा खत्म हो गया रिजल्ट फिर फैल हो गया रिव्यूज अबाउट रॉकेट लेकिन पर्पस नहीं छोड़ा कंपनी बर्बाद हो गई रिव्यूज अबाउट रॉकेट नहीं बना रिजल्ट नहीं आया पर्पस नहीं छोड़ा लगा रहा बाजार से पैसा लेकर के आया आखिरी मौका था पर्पस नहीं छोड़ा और बाद में उसको सफलता मिले क्योंकि सबसे और फैलियर फाइनल नहीं है क्या है सेमी फाइनल है आप हर रिजल्ट के बाद आपको जब आपने ये फीलिंग के साथ अगला मैच लड़ा के फाइनल बाकी है तो आप जान कम लगाओगे ज्यादा लगाओगे वहां चला गया ठीक है उसके बाद आगे क्या होगा आगे क्या होगा 20% एनर्जी वहां चला गया बचा कुछ 5-7% एनर्जी लगाते हैं वो एक्शन में उनकी बात बनती नहीं अगर आपने कंडीशन की चिंता छोड़ दी उसकी एनर्जी बच गई रिजल्ट जो आगे आएगा कंडीशन जो पीछे हो रहा है रिजल्ट जो ए गया आएगा उसकी चिंता छोड़ दी उसकी एनर्जी बच गई अगर दोनों की एनर्जी निकल के एक ही चीज पर लगा दिया कंसिस्टेंट पर तो इसमें 100% एनर्जी चली गई क्या मेरी बात समझ में ए रही है भाई लोग ये फॉर्मूला दे रहे हैं भगवान इतनी डेप्थ मुझे दुनिया में कहीं नहीं मिली जितनी मुझे यहां लगी क्योंकि जब आपका दर खत्म हो गया पर औलाद भक्त प्रहलाद जो कौन द ये hiranyakashyapu के पुत्र द आप लोग को पता होगा सबको और उनकी बहन थी होलिका जिसके कारण हम होली का त्यौहार मानते हैं होलिका के पास वरदान था की वो जल नहीं सकती यश नो कम ऑन लाउडली स्नूप नो होलिका के पास ऐसा कोई वरदान नहीं था की वो जल नहीं सकती आपको मालूम नहीं है होलिका के पढ़ी थी चादर थी जिससे वो जल नहीं सकती और वो चादर किसने दी थी ब्रह्मा जी ने दी थी उनको और ब्रह्मा जी ने चादर दी थी की यह चादर lapetali तुम चल नहीं सकती [प्रशंसा] प्रहलाद को फेयर नहीं है मैं यही समझा रहा हूं इतनी देर से उनको दर नहीं है इतना सा भी दर नहीं है मैं jalunga ओम नमो भगवते वासुदेवाय वो अपना प्रार्थना कर रहे मंत्र जाप उनको कोई दर नहीं है और वह क्या अब विष्णु को टेंशन विष्णु बोल रही है मेरा जवाब कर रहा है अगर मैं होलिका को जला डन इनको बचा लूं तो ब्रह्मा जी को टेंशन हो जाएगी भाई आप सीनियर हो तो आप मेरे साथ ऐसा करोगे मेरे वरदान को क्यों तुड़वा दिया क्या मेरी बात समझ ए रही है जो सीनियर होता है वो इंटेलिजेंट होता है वो अपने से जूनियर की बेइज्जती नहीं होने देता तो भगवान विष्णु ने क्या किया 2 मिनट रुको ब्रह्मा जी आप टेंशन मत लेना मैं देख रहा हूं की आपकी नजर है आज टेंशन मत लेना उन्होंने क्या किया उन्होंने अपने दूसरे जूनियर को बुलाया वरुण देव को बोला तू थोड़ा हवा तेज चला और हवा ऐसे तेज चलाई के होली का की चादर उतर के प्रहलाद के आसपास ले पैट गई होली का जल गई प्रहलाद बच गए क्या मेरी बात समझ ए रही है [प्रशंसा] यह यह जो जिस दिन आपका यह एनर्जी कंडीशन से और आने वाले रिएक्शन से खत्म हो करके निकल के पुरी बचा के फोकस इस पे ए गया अगली बार वो क्या सोचे होली का निपट गई कोई बात नहीं ऊपर से फेंकते उसमें भी बच गए हाथी चढ़ाते हैं उसमें भी बच गए बोले मैं नहीं छोडूंगा अब मैं आता हूं हीरा ने फाइनल तो विलन लास्ट में ही आता है ना मेरी पुरी मोगैंबो खुश हुआ तो हिरन ने काशीपुर आज में ए गए बोले किधर है विष्णु बोला यात्रा बोले खंबे में हान खंबे में और खंबा थोड़ा नरसिंह अवतार बाहर ए गए मरते वक्त उसने कहा है तो ब्रह्मा जी का वरदान टूट गया वरदान दिया मैं विष्णु हूं मैं थोड़ी ब्रह्मा की बेइज्जती कराऊंगा तुमको वरदान दिया था ना तुम को इंसान मरेगा ना जानवर का मैं तो नरक सिंह बोलो और क्या वरदान था क्योंकि ब्रह्मा जी के पास गए बोलो मुझे अमर बना दो बोलो अमर तो मैं खुद भी नहीं हूं तुम्हें क्या बनाऊंगा बोलो ऐसा करो ना मैं दिन में मरून रात में मरून बट नो प्रॉब्लम ये वरदान ले लो बोलो ना शास्त्र मारे नो प्रॉब्लम बोलो ये वरदान भी ले लो बोलो ना आकाश में मारूंगा जमीन पे मार रही है वरदान भी ले लो तो सारे के सारे उनको वरदान दे दिए ना सुबह मरून रात को मुर्गे वरदान भी ले लो नरसिंह भगवान आए उन्होंने क्या किया उन्होंने ना घर के अंदर हमारा ना बाहर मारा चौखट पे मारा नास्त्र से मारा शास्त्र से मारा नाखून से फाड़ दिया और क्या बोले की ना उनको आकाश में मारा ना जमीन पे मारा अपनी गोद में बिठा के मारा तो उन्होंने ब्रह्मा जी का सारा मतलब ये नहीं की ब्रह्मा जी ने कोई कमिटमेंट कर दी ईमेल पे तो वो कमिटमेंट गलत होगा ये उन्होंने ब्रह्मा जी की कमिटमेंट आई प्रोटेक्ट कर दी और कम में नीता मैं प्रहलाद जी के बारे में कहना चाहता हूं की अटैचमेंट जिस समय एफर्ट में होता है और रिजल्ट से आदमी डिटैच होता है तो फीयरलेस हो जाता है ये आपको अगले एपिसोड में समझ में आएगा जिसकी जिंदगी में इतना सभी darunga वो अगला एपिसोड सन लेना महाराज हरिश्चंद्र के बारे में कितने लोग जानते हैं नाम सुना है आपने महाराज हरिश्चंद्र का किसके लिए बोला जाता है हरिश्चंद्र बन रहा है किसके लिए सत्यवादी द ऋषि विश्वामित्र द उनको पता चला हरिश्चंद्र जी के बारे में बोला मैं देखता हूं मैं इनकी परीक्षा लेता हूं सत्यवादी की अब तो महाराज हरिश्चंद्र को सपने में आया की विश्व मित्र मुनि आए हैं और उन्होंने मुझसे पूरा साम्राज्य डैन में मांग लिया है पूरा samrajyadan में मांग लिया है बोलो मैं तो कल आपको सपने में देखा था की आपने मेरा पूरा साम्राज्य मांगने पर मुझे मालूम है अब दे दो मुझे पूरा साम्राज्य आपका सपना पूरा होना चाहिए [संगीत] उनको डैन में दे दिया बोलो साम्राज्य ठीक है मैं तो रिसीव भिक्षा भी लूंगा ना बोला ठीक है मुझको अरे देता हूं कहां से दोगे पूरा साम्राज्य पुरी अट्रैक्शन मेरे नाम हुई है तो तुम कहां से दोगे मतलब कोई बात नहीं रुकिए मेरी पत्नी और मेरा बेटा मेरा है उन्होंने अपने बेटे को एक दूसरे राजा के यहां बेच दिया अपनी पत्नी को ब्राह्मण के यहां बेच दिया और खुद को शमशान घाट के चांडाल के पास जाकर बेच दिया और बेचने के बाद जो एक मुस्कुरा मिली अब कभी तंखा नहीं मिल सकती बेच दी अपने आपको पर जो रकम मिली हो बहुत खुश हुए राजा हरिश्चंद्र चले गए अब ना उनके पास पुत्र क्योंकि वह भी बेच दिया गया ना उनके पास पत्नी क्योंकि वो भी बेच दी गई ना उनके पास अपना खुद की स्वतंत्रता क्योंकि वो अपने आप को भी बेच चुके द शमशान घाट में वहां मुर्दा लाशों को जलाने के लिए और उनकी बात सेवा क्या लगा दी गई की जो भी मुर्दा लाश आएगी उसका तुम अंतिम संस्कार करोगे और तुम्हारे को एक सिक्का दिया जाएगा जिसको तुम हमारे को जमा करोगे बोला मुझे क्या मैं तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा तुम अपने आप को हमें बेच चुके हो अब वो राजा दूसरा जहां उनका बेटा कम किया करता था कई महीना तक वहां कम करता था सालों तक करता था उसको बदले में कुछ नहीं मिला पत्नी ब्राह्मण के यहां कम करती है उनको कुछ नहीं मिला लेकिन राजा के राजा के यहां पे कम करते-करते हरिश्चंद्र के बेटे को सांप ने काट लिया कोई इलाज करने वाला नहीं जहर के कारण उसकी मृत्यु हो गई बच्चा मेरा मार गया तो शमशान घाट ले गई वहीं चांडाल के यहां हरिश्चंद्र द उन्होंने कहा की तुम्हारे पुत्र की मृत्यु हो गई इसका अंतिम संस्कार करना है राजा हरिश्चंद्र जो अब वह हरिश्चंद्र द राजा नहीं द बोले एक सिक्का तुमको देना पड़ेगा तुम एक सिक्का नहीं दोगे तो अपने बेटे की मैं लाश को जला नहीं सकता दोनों पत्नी भी और पति भी रोने लगे और उसी के बाद तब भगवान को उन पर दया आई उन्होंने आकर के वापस दर्शन दिए पुत्र को जिंदा किया राज महल उनको वापस दिया राजा हरिश्चंद्र एकदम फीयरलेस द और इतना फेर लिस्ट इतना अन्य पीसफुल द इतना कंसिस्टेंट था की आज सैकड़ो हजारों साल के बाद भी महाराजा हरिश्चंद्र के हम सब के सब इतने उत्साह से याद करते हैं रियलिटी आप नहीं बदल सकते केवल मेंटालिटी बदल सकते हैं कंडीशन आप नहीं बदल सकते आप केवल क्या बदल सकते हैं एक्शन बदल सकते हैं ना 20 साल तक क्रिकेट नहीं खेल पाया वो साल तक 1995 से 2014-13 तक 2013 में जाकर के 41 साल की उम्र में उनको एक बार एक एक्स्ट्रा कितने ले लिया क्योंकि एक खिलाड़ी को चोट लग गई थी पर वो 20 साल तक उन्होंने उत्साह छुड़ा नहीं 48 साल की उम्र तक इतनी ज्यादा उम्र वाले आईपीएल पर खरीदे गए एकमात्र खिलाड़ी रहे एक के बाद एक उन्होंने कई अवार्ड जीते हैं बस मैं यही आपसे आज कहना चाहता हूं की ये अफेक्टेड कंसिस्टेंसी से अगर हम unfaited कंसिस्टेंसी तक जा सके यानी की मेरे को रिजल्ट मिलेगी या ना मिले मेरा अधिकार कर्म करने में और अगर मैंने उसे पे पुरी एनर्जी दल दी तो मुझे कोई जिंदगी में हैरान नहीं सकता मुझे लोग गिरा सकते हैं पर मुझे हरा नहीं सकते दिस इस कॉल्ड गीता इन एक्शन ये था हमारा दूसरे अध्याय का 47 वर्ष लोग जिसको आज हमने समझा कर मरने वाली करस द माफ फार्मा श्री शुरू कारी है इसलिए मैं हम चाहते हैं की एक-एक एपिसोड को देखना चाहिए एक-एक एपिसोड को आके देखना चाहिए हर एपिसोड में बहुत गहराई है हर एपिसोड में बहुत पावरफुल मैसेज है हमारे साथ जुड़े रहने के लिए इस वीडियो को अपने सही मित्रों तक पहुंचने के लिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत थैंक यू वेरी मच [प्रशंसा] [संगीत]
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