23rd Episode दुनिया की कोई ताकत आपको Distract नहीं कर सकती Gita In Action Dr Vivek Bindra
एक एक आदमी जो यहां बैठा है और जो वीडियो पर देख रहा है झा को अपने अंदर के मैं जो कर रहा हूं वो क्यों कर रहा [संगीत] हूं जीवन का उद्देश्य यह होना चाहिए कि उद्देश्य से भरा जीवन होना चाहिए [संगीत] आडर कमन गीता [प्रशंसा] इन ग्रंथ श्रीमद् भगवत गीता की [प्रशंसा] [प्रशंसा] जय कमजोर बुद्धि का व्यक्ति टेंपररी तरीके से जो आज हो रहा है उसको सच मान लेता है एक लड़की है 15 साल के 98.5 पर मार्क्स मिले 55 लाख बच्चों को पीछे छोड़ के यूपी के अंदर टॉपर बनी ट्रोल्स पर उनका फोकस नहीं था टारगेट पे उनका फोकस इतनी सी चीज से इतना डिस्टर्ब हो जाते हैं और कई लोगों के पास इतनी डिस्टर्ब बेंस जाती है इतना सा भी डिस्टर्ब नहीं होते इमेजिनेशन की बात आईपीएस मनोज शर्मा के ऊपर मूवी थी 12थ फेल आटा चक्की में काम करते पढ़ाई करते वक्त थक के वहीं सो जाते थे फर आटे चक्की पर लग जाते थे वो आटा चक्की इतने अंधेरे में थी और इतने अंधेरे में थी तो बोले बाहर के अंधेरे से डर नहीं लगता अंदर के अंधेरे से डर लगता अंदर का अंधेरा दूर हो गया तो मेरे जीवन में उजाला अपने आप आ जाएगा सच बता रहा हूं आपको बहुत ईमानदारी से मेरी बात मान जाओ अस्ति बुद्धि युक्त से हो आपको डिस्टर्ब करके दिखा दे मैं चुनौती देता हूं यह भगवत गीता के दम पर कह सकता हूं मैं आपको हे कम ऑन गीता एन आप सबका बहुत-बहुत स्वागत है मैं विवेक बिंद्रा फाउंडर एंड सीईओ बड़ा बिजनेस बड़ा बिजनेस तो अभी हमने चर्चा करी थी दूसरे अध्याय के 62 और 63 श्लोक प सबके पास भगवत गीता है यस सर अपनी अपनी गीता निकाल लिए हाथ में लीजिए आज चर्चा करेंगे दूसरे अध्याय के 66 श्लोक पिछली बार भगवान ने बताया ध्यायतो क्या बताया ध्यायतो जिधर ध्यान लगाओगे उधर बड़ा हो जाएगा नेगेटिव साइड फोकस किया ध्यायतो विषन पुसा नेगेटिव विषयों पर फोकस किया तो संगते प जाते अटैचमेंट नेगेटिव चीज से हो जाएगी पॉजिटिव प किया तो पॉजिटिव चीज से हो जाएगी अब भगवान आगे बता रहे हैं कि अगर इसको कंसिस्टेंटली नहीं किया नच युक्त स्य भावना न ना अस्ति बुद्धिर च युक्त स्य तो पहले श्लोक पढ़ते हैं ठीक है य सर इससे बहुत पवित्रता आएगी शुद्धता आएगी सबसे पहले ग्रंथ श्रीमद् भगवत गीता की जय जगतगुरु श्री प्रभुपाद की जय मेरे पीछे श्लोक दोहराए ना अस्ति बुद्धिर युक्त स्य ना अस्ति बुद्धि युक्त स्य नच युक्त स्य भावना नच युक्त स्य भावना नच भाव्य शांतिर नच भाव्य शांति अशांत स्य कुथाबक्कम पे नच युक्त स्य भावना उसकी भावनाएं भी युक्त नहीं होंगी एब्जॉर्ब नहीं होंगी उसकी भावनाएं भी कभी इधर बह रही होंगी कभी उधर बह रही होंगी फिर से डांस हो गया है तो नास्ति बुद्ध युक्त जिसकी बुद्धि युक्त नहीं है तो क्या होगा नच युक्त स्य भावना यानी कि उसकी भावनाएं भी अब एब्जॉर्ब नहीं होंगी बुद्धि और भावना यानी कि मन और बुद्धि एक तरफ एब्जॉर्ब होनी चाहिए तो कंसिस्टेंसी चाहिए क्या चाहिए कंसिस्टेंसी अच्छा जब ये दो नहीं होगी नच भावत शांतिर तो जिसकी भावना स्टेबल नहीं है जिसकी बुद्धि स्टेबल नहीं है तो उसको क्या नहीं मिलेगी नच भावत शांति उसको शांति नहीं मिलेगी क्या नहीं मिलेगी शांति नहीं मिलेगी और अशांत स्य कुता सुखम जो व्यक्ति शांत नहीं है सुखी कहां से हो जाएगा बात समझ में आई यस सर जब शांति नहीं तो सुख किधर आएगा नहीं आएगा शांति सीरियल आया करता था उसको देखने से शांति कभी नहीं मिली किसी को उसको देखने के बाद घर में लोग अशांत हो जाते थे बाहु सास बहू के झगड़े हो जाते थे तो शांति सीरियल से बात नहीं बनेगी जो भगवान बता रहे हैं उससे शांति मिलेगी तो जो कृष्ण भावना मृत में जो अपने गोल में संबंधित नहीं है उसकी बुद्धि दिव्य नहीं होती मन स्थिर नहीं होता और जब शांत नहीं है तो सुख की संभावना भी नहीं है साधारण भाषा में कहे वन हु इज नॉट अब्जॉर्ब्ड इन द गोल स्टेटमेंट वन हु इज नॉट अब्जॉर्ब्ड इन द गोल स्टेटमेंट गोल स्टेटमेंट हां जी उसका क्या होगा हैज अनस्टेडी इंटेलिजेंस क्या है अनस्टेडी इंटेलिजेंस एंड बिकॉज अनस्टेडी इंटेलिजेंस तो अशांत है अशांत है देर फोर अनहैप्पी है अशांत स्य कुता सुखम कम ऑन अशांत अस्य कुता सुखम कुता सुखम कुता सुखम किधर मिलेगा किधर मिलेगा इधर भी नहीं मिलेगा इधर भी नहीं जितना मर्ज कमा लो किस लिए कमाने के बोला शांति के लिए मिलेगी नहीं बात समझ में आई यस सर आपको कितना कमाना बोला एक करोड़ जब एक करोड़ कमा लिया पूछा कितना क नहीं नहीं 10 10 कमा लिया कितना कमाना था हो गया भी ठीक बोला नहीं 100 100 हो गया अभी अरे नहीं 100 नहीं 1000 चाहिए था अल्टीमेटली चाहिए किसलिए था वो सब खत्म हो जाता है हां तो जो डिस्ट्रैक्टेड है वो डिस्टर्ब है और जो डायरेक्टेड है वो डेडिकेटेड है जो डिस्ट्रैक्टेड है वो डिस्ट डिस्टर्ब है हाथ आगे ले जो डायरेक्टेड है डरेटेड है वो डेडिकेटेड है वो डेडिकेटेड है वो बस अपने एम में अब्जॉर्ब्ड है क्योंकि अब वो नहीं डिस्टर्ब है एम में एब्ज या तो डिस्टर्ब होगा तो एब्जॉर्ब नहीं होगा अब्जॉर्ब्ड होगा तो डिस्टर्ब नहीं होगा ऐसे ऐसे करो हाथ एक ऊपर जाएगा दूसरा नीचे आएगा दूसरा ऊपर जाएगा पहला नीचे आएगा ऐसा आ वाड़ा सिस्टम बड़ा क्लियर सिस्टम है इन्वर्सली प्रोपोर्शनेट बोलते हैं इसको क्या बोलते हैं इन्वर्सली प्रोपोर्शनेट यानी कि अगर एब्जॉर्ब हुआ तो डिस्टर्ब नहीं होगा और अगर एब्जॉर्ब नहीं हुआ तो डिस्टर्ब होगा क्योंकि अशांत से कुता सुखम सो वो गॉसिप प नहीं गोल पर फोकस करता है वो कंफ्यूज नहीं कंटेंडेड रहता है वो रील्स या तो देखो आदमी रील्स में उलझा रहेगा या फिर रियल में कुछ कर पाएगा या तो रील्स में उलझा रह जाएगा या रियल में कुछ कर पाएगा कर पाएगा तो फर्क क्या है पिछले एपिसोड में हमने 262 चाहता हूं दूसरे अध्याय का 62 और दूसरे अध्याय का 63 श्लोक चर्चा किया दो श्लोक इकट्ठे चर्चा किए थे और उसमें हमने क्या चर्चा किया कि बड़े से बड़े सफल लोगों को क्रोध रोड पर ले आया क्रोध रोड प ले आया शुरुआत कहां से होती ध्यायतो विषन पुन किधर ध्यान करेगा उधर संगा तेश उप जाते याद आ रहा है आप लोग कोर उप जाते क्या उपज होगा अटैचमेंट इसीलिए गीता इशन सीरीज सारे एपिसोड देखने जरूरी है कमन सारे एपिसोड देखने जरूरी है और दूसरों को दिखाने भी जरूरी है उससे क्या होगा डिजायर और लस्ट बढ़ेगा मिल गया तो खोने का डर नहीं मिला तोर एंगर भूल जाते हो भाई हमारे गोल्डन स्टेटमेंट है पकड़ के रखने ठीक है देवी जी देखो ध्यान से क्रोधा भवति सम उसके बाद फिर सम्मोहित हो जाएगा आदमी और डिस्टर्ब हो जाएगा बहुत डिस्टर्ब हो जाएगा उससे क्या होगा स्मृति भ्रम तो हमने पूरा सीक्वेंस इस पूरे पिछले अध्याय पिछले वाले श्लोक की चर्चा नहीं करेंगे आगे चलते हैं आज के श्लोक में इस श्लोक का मैं थोड़ा विपरीत साइड से इसको समझाना चाहता हूं अलग साइड से भगवान ने कहा ना अस्ति बुद्धिर युक्त मैं क्या कह रहा हूं इसको उल्टा करते अस्ति बुद्धि युक्त अगर बुद्धि युक्त हो गई तो क्या हुआ चर्चा यह हो रही थी ना अस्थ हम क्या कहते हैं अ अस्थ से चालू करते हैं सब कुछ रिवर्स हो जाएगा तो जिन्ह स्थिरता से सुख और सुकून दोनों मिला वो कैसे एक ना अभी पीछे मैंने थोड़ी दिन पहले एक मूवी देखी मूवी थी मेरे खल है वेब सीरीज नहीं थी क्योंकि अगर वेब सीरीज भी थी तो मूवी जैसी लगी आईपीएस मनोज शर्मा के ऊपर थी वैसे मूवी थी 12थ फेल यस कितने लोगों ने देखी थी देखी थी आपने 12थ फेल अरे क्या पावरफुल एक मूवी थी वो वो बिल्कुल श्लोक पर उतरती है नथिंग कैन डिस्टर्ब योर पीस ऑफ माइंड इफ यू अलाउड देखो पता है क्या हाथ गलाई जितनी समस्याएं हैं जितनी समस्याए है वो मेरे इमेजिनेशन के का मेरे इमेजिनेशन के का किसके का और कुछ नहीं मैं तो कितने लोगों को देखा इतनी चीज से इतना डिस्टर्ब हो जाते हैं और कई लोगों के पास इतनी डिस्टर्ब जाती है इतना से भी डिस्टर्ब नहीं होते इमेजिनेशन की बात है किसकी है इमेजिनेशन वरना अभी पिछली दफा भी मैंने बता रथा 73 लाख लोगों ने नेगेटिव बातें लिखी हमारे बारे में कितनी 73 लाख आज घबरा जाए छोड़ दें हार मान ले नहीं अभी 73 लाख की जगह 1 करोड़ 73 लाख बार अच्छा भी लिखा जाएगा बाउंस बैक कम ऑन क्या बा बाउस हां अस्थिर बुद्धिर युक्त स्य लेकिन क्या है एक कमजोर बुद्धि का व्यक्ति टेंपररी तरीके से जो आज हो रहा है उसको सच मान लेता है हाता ग लाइए आई एम नॉट माय पास्ट आई एम नॉट माय पास्ट आज तक जो हुआ वो मैं नहीं हूं आज तक जो हुआ आगे संभावनाएं कितनी सारी इमेजिनेशन इमेजिनेशन इमेजिनेशन मैं अपनी इमेजिनेशन में अब्जॉर्ब्ड हूं मेरे को ये अचीव करने का है उसके एग्जीक्यूशन के फॉर्मूला बनाऊंगा मेरे को ये अचीव करने का है आईएएस की तैयारी के टाइम पे आटा चक्की में काम करते पढ़ाई करते वक्त थक के वही सो जाते थे आटे चक्की पर लग जाते थे वो आटा चक्की इतने अंधेरे में थी और इतने अंधेरे में थी तो बोले मुझे बाहर के अंधेरे से डर नहीं लगता अंदर के अंधेरे से डर लगता अंदर का अंधेरा दूर हो गया तो मेरे जीवन में उजाला अपने आप आ जाएगा आईपीएस मनोज शोर पर नहीं गोल पर ध्यान दिया आटा चक्की का जो ड़ इतना शोर था क्योंकि अस्थ बुद्धिर युक्त कम ऑन क्या अस्ति बुद्धि ना अस्थ बुद्धि होता तो कोई शोर नहीं हो रहा होता तो भी रील्स देख के डिस्टर्ब होता रहता और अस्थ बुद्धि युक्त से हो गया इतनी भयंकर आटा चक्की चल रही उसके बावजूद मनोज आटा चक्की में भी शांत भाव से पढ़ाई कर सकते थे तो इसीलिए हाथ गला परिस्थिति नहीं म नहीं आंसर मालूम है आपको इसको अप्लाई करना ये गीता इन एक्शन मनोज ने बिना किसी कोचिंग के बिना किसी रिसोर्स के इंडिया के सबसे टफेस्ट सबसे कठोर एग्जाम यूपीएससी को क्रैक किया और रियल लाइफ में इंस्पायर्ड होकर के मूवी बनी 12थ फेल और जिस जिसने देखी आंखों में आंसू जरूर आए होंगे हा ये भगवत गीता की टीचिंग से कितना मैच करती है हर सफल आदमी जरूरी नहीं है कि जो पास्ट में हुआ व आज नहीं हो सकता जरूरी नहीं है मैं लीडरशिप फनल में जब पार्टिसिपेंट बैठते ना मेरे साथ में तो कहते है हमारे यहां ऐसे ही चलता है हाता गिला ये पास देख रहे हैं क्या देख रहे हैं पास देख रहे पास अरे हमारे यहां भाई साहब ऐसे ही धंधा चलता है जब आता है लीडरशिप फनल में बोले बिंदरा जी आप बहुत बढ़िया बता रहे पर हमारे यहां यही चलता है हाद ग लाइए पास्ट हिए पास्ट हिए एंड आई एम नॉट माय पास्ट आईम न माय पास्ट मेरा पहला अध्याय ही बिजनेस का बिलीफ सिस्टम होता है जब आप लीडरशिप फम में आते हो तो मेरा पहला अध्याय होता है बिजनेस का बिलीफ सिस्टम हां से अपन बिलीफ सिस्टम तोड़ते हैं आई एम नॉट माय पास्ट आप में से कुछ लोग सफल हो रहे होंगे आप में से भी कुछ लोग पीछे छूट रहे होंगे आप में से कुछ लोग अच्छा कमा रहे होंगे आप में से भी कुछ लोग पीछे छूट रहे होंगे हाथ आगे ला क्योंकि क्यों अभी तक नहीं कर पाया अभी त इसका मतलब ये थोड़ी है अभी आगे नहीं कर पाऊंगा ये इमेजिनेशन का फंक्शन है ना अस्ति बुद्धिर युक्त स्य नच युक्त स्य भावना इसीलिए भावना डिस्टर्ब होती अरे नहीं होगा नहीं होगा नहीं होगा और फिर क्या अशांत और अशांत कुता सुखम फिर सुखी होता नहीं है फिर क्या करता है लाइफ इज लाइक पेंडुलम कभी खुशी कभी तो आगे ला एसोसिएशन एसोसिएशन इंटरप्रिटेशन इंटरप्रिटेशन एक्शन एक्शन ये तीन चीजें चेंज करनी चाहिए आसपास किसका मेरे को रेफरेंस पॉइंट लेना है तो वो आईपीएस मनोज अपने बचपन में एक पुलिस ऑफिसर जो बड़ा ईमानदार था उसकी कहानी उनके एसोसिएशन में घुस गई थी यस सर इंटरप्रिटेशन क्या थी फेल हो गया तो क्या हो गया लड़की बड़की छोड़ो आटा की चक्की छोड़ो यही बैठ कर के क्रैक करके दिखाऊंगा ये इंटरप्रिटेशन था इमेजिनेशन था और एक्शन क्या था 181 घंटे काम करना आंखें सूझ जानी लेकिन काम करना रुकना नहीं ये था एक्शन ये तीन चीजें बदली और उन्होंने रिजल्ट कर दिखाया ये ना मैं भी फिलोसोफी नहीं फ्रेमवर्क में बिलीव करता हूं किसम फ्रेमवर्क भगवत गीता में भगवान ने मेरे को इंस्पायर किया जब तू बिजनेसमैन को बिजनेस सिखाएगा तो फ्रेमवर्क भी दे खाली फिलोसोफी ना दे यही हमारे लीडरशिप फनल की सबसे बड़ी यत है खासियत है फ्रेमवर्क एग्जीक्यूट कैसे किया जाए किसी चीज को जब मैं नारायण मूर्ति की कहानी एक बार पढ़ रहा था ता रहा था मैं हैरान हो गया देख कर के जिंदगी में एक पिक्चर देखी कुली कौन सीली व भी बेचारे अमिताभ बच्चन को चोट लग गई इस चक्कर में देख ली उन्होंने 1983 की बात थी एक पिक्चर देखी सुधा मूर्ति को पिक्चर का इतना शौक प्रॉमिस कर दिया दिखाऊंगा पिक्चर कभी तो दिखाऊंगा आगे एक समय आ 1994 में नारायण मूर्ति और सुदा मूर्ति उनकी सालगिरा थ बच्चों ने सरप्राइज देने के लिए उनके लिए टिकट बुक करा दी हम आपके हैं कौन कौन सी हम आपके नाराय मूर्ति ने कहा जाऊंगा जाऊंगा जाऊंगा जाऊंगा जाऊंगा जाऊंगा जाऊंगा जाऊंगा लास्ट में अपने दोस्त की बीवी को भेज दिया आ नहीं पा रहा सॉरी नहीं गए हाथ आगे ला क्यों क्यों अस्ति बुद्धिर युक्त अ बुधि तस जी और भगवान क्या कहते इसका विपरीत भी बता रहे ना अस्ति बुद्धिर युक्त ना युक्त भावना उनकी भावना इतनी युग थी कि इंफोसिस खड़ी करनी थी उन्होंने और नारायण मूर्ति अपने मिशन से शांति मिलती थी अशांत कुता सुखम नारायण मूर्ति को शांत इसलिए बहुत सारा सुखम बात समझ में आ रही है यस सर अरे इतनी प्रैक्टिकल भगवत गीता इतनी प्रैक्टिकल है एक एक श्लोक पर आप एक एक हफ्ता चर्चा कर सकते हो है कि नहीं आज इंफोसिस 1981 में बनी इंडिया की पहली कंपनी जो जाकर के अमेरिका में लिस्ट हुई न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में पहली कंपनी भारत की जो वहां जाकर लिस्ट हुई आज तीसरा सबसे बड़ा प्राइवेट एंप्लॉयर है साढ़े लाख लोग यहां नौकरी करते हैं 55 देशों के अंदर इस कंपनी को खड़ा किया क्यों अस्ति बुद्धिर युक्त दशरथ मानजी के बारे में एक बार पहले भी बताया था मैंने याद है आपको र गया जिला गया गया जानते हैं बोध गयास जहां जाते हो आप अपना पिंड दान करने के लिए गया जिला के पास में छोटा सा गांव गहलोर वो गहलोर से आए किसान के बेटे पत्नी फाल्गुनी उससे इतना प्रेम करते इतना प्रेम करते थे फालगुनी से इतना प्रेम किया करते थे और वो फालगुनी जो है दोपहर को काम करते वक्त उनकी मजदूरी के समय खाना लेकर के पहाड़ी चढ़ के आए पहाड़ी पर पांव फिसला गर्भवती थी बच्चे का भी देहात हो गया फाल्गुनी का भी देहात हो गया वो रो पड़े बोले दोबारा किसी फालगुनी का देहात नहीं होना चाहिए बहुत रोए वो उस दिन दर्श तमान जी ने कसम खाई और उसके बाद बोले कोई फगुनिया दोबारा ना जाए यह पहाड़ चला जाए अस्ति बुद्धिर युक्त स्य लोगों ने दुखी किया उनको सुख मिलता था लोग आप क्या सोच रहे मजाक नहीं उड़ाया क्या 28 साल तक उनका पहाड़ तोड़ेगा छह ना हथौड़ी लेके डू नॉट लेट बिहेवियर्स ऑफ अदर डिस्ट्रॉय योर इनर पीस अब वो कब होगा हाथ आगे लाइए ऐसे नहीं होता ऐसे नहीं होता लोग तो डिस्टर्ब करेंगे लोग तो डिस्टर्ब करेंगे मैं कैसे बचू मैं कैसे ब जब अस्ति बुद्धिर युक्त से होगा बच जाऊंगा प्रॉब्लम यही है सच बता रहा हूं आपको बहुत ईमानदारी से मेरी बात मान जाओ आपको अगर किसी ने डिस्टर्ब किया है तो वो इसीलिए किया है क्योंकि अस्थि बुद्धि युक्त से नहीं थी अस्थि बुद्धि युक्त से हो आपको डिस्टर्ब करके दिखा दे मैं चुनौती देता हूं यह भगवत गीता के दम पर कह सकता हूं मैं आपको संभव ही नहीं है कि कोई आकर के कुछ भी आपको डिस्टर्ब कर दे डिस्टर्ब का कारण होता है ना अस्थ बुद्धिर युक्त स्य दशरत मानजी को लोग पागल कहते रहे कहते रहे कहते रहे लेकिन वो पहाड़ तोड़ने चले जाते थे 22 साल तक लगातार छैनी हथौड़ा लेकर 25 फीट ऊंचा 35 फीट चौड़ा वो लंबे पहाड़ को काट के एक सड़क बना दी रास्ते में जाने वाले गांव के लोगों के लिए 40 किलोमीटर का रास्ता कम कर दिया और अशांत से कुता सुखम नहीं उनको तो सुख मिल रहा था पर आने वाली अब कई पीढ़ियों को भी सुख मिल रहा है उनके कारण ये थे द राजकुमार राव राजकुमार राव हमारे बिलेनियर ब्लूप्रिंट प्रोग्राम के प्रोफेसर भी रहे हैं जानते हैं एक्टर राजकुमार राव बात क्या अद्भुत व्यक्ति है उन्होंने नई कहानी चुनी श्रीकांत बोला की विजुअली इंपेयर्ड श्रीकांत बोला की आंखें नहीं जन्म से पिता की सालाना इनकम थी 00 अरे बाप रे बाप साला है ना इनकम 00 महीने की नहीं साल की इनकम थी 00 श्रीकांत बोला 6 साल की उम्र में 10 किलोमीटर स्कूल जाते थे पैदल बिना आंखों के क्योंकि जितने पास के स्कूल थे उन्होंने एडमिशन नहीं लिया उनका 12वीं में 98 पर मैथ्स में मार्क्स आए थे आईआईटी में एडमिशन के लिए उन्होंने अप्लाई किया आईआईटी में पास कर गए लेकिन आईआईटी ने रिजेक्ट कर दिया बोला आपको पढ़ाने की हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है क्यों क्योंकि आंखें नहीं है लेकिन अस्ति बुद्धिर युक्त स्य क्या अस्थि बुद्धि अस्थि बुद्धि विजुअली इंपेयर्ड थे लेकिन उनका फोकस बिल्कुल क्लियर था आईआईटी ने निकाल दिया लेकिन दुनिया के आईआईटी के सबसे बड़े बाप एमआईटी अमेरिका में जाकर एडमिशन लिया 50 आईआईटी मिलके एक एमआईटी नहीं बन सकते मैचस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इन यूएस वहां एडमिशन हुआ वहां जाकर के व पृथ्वी के पहले विजुअली इपेड अंधे व्यक्ति पहले अंधे व्यक्ति पूरी पृथ्वी के जाकर के एमआईटी में एडमिशन लिया पढ़ के आए फिर उसके बाद आने के बाद गुस्से में थे बहुत गुस्सा अच्छा होता है बुरा होता है अच्छा होता है बुरा होता है बरा गुस्सा कहां लगाया जाता है इस पर निर्भर करता है कि अच्छा होता कि बुरा होता हनुमान जी को भी गुस्सा आता लंका जला के आ गए थे आप बात समझ में आ रही है किस आप किस दिशा में जा रहा है आपका एंगर अपने सारे इमोशन दिशा में लगाने होते हैं कहां लगाने होते हैं दिशा में दिशा में लगाने होते हैं अब देखो ना वो साउथ में वो कौन सी चीफ मिनिस्टर थी जया ललिता जब उनका अपमान करके बाहर निकाल दिया गया तो वो लिख एमएलए बन के नहीं चीफ मिनिस्टर बन के अंदर आऊंगी गुस्सा था पर कृष्ण ने अर्जुन को गुस्सा दिला दिया भगवत गीता में सही दिशा में लगा रहा है तू गलत दिशा में गुस्सा क्या गलत दिशा में तो खुशी भी बेकार है गलत दिशा में तो खुश खुश होना भी बेकार है सही दिशा में होना चाहिए पहले दशा और दिशा में पहले इंपॉर्टेंट दिशा है तो गुस्से में थे जब वापस आए एमआईटी से और गुस्से में थे आईआईटी पर केस डाल दिया क्या डाल दिया आईआईटी पर केस डाल दिया बोला तुमने मुझे पढ़ने नहीं दिया और वो लीगल बैटल जीती आज आईआईटी के अंदर भी विजुअली इपेड बच्चे जिनकी आंखें नहीं है वो पढ़ सकते किनके कारण श्रीकान बोला के कारण बेचारा नहीं सहारा बनना था कमन क्या बेचारा नहीं दृष्टि नहीं थी लेकिन दृढ़ निश्चय था यह श्रीकांत बोला हाथ आगे ला कैसे अस्ति बुद्धिर युक्त अस्ति बुद्धि युक्त भगवान बता रहे ना अस्ति बुद्धिर युक्त नाचा भावना क्योंकि अस्ति बु युक्त युक्त भावना तब न हट जाएगा क्या हट जाएगा न मतलब नहीं वो हट जाएगा और फिर क्या होगा नच भाते शांतिर की जगह च भावत शांति हो जाएगा यानी कि उसको शांति अपने आप प्राप्त होगी अशांत उसके बाद क्या है अशांत कुता सुखम की जगह क्या हो जाएगा शांत सर्वत्र सुखम क्या सव कुत नहीं कहां पर नहीं सब जगह सब जगह क्या आटे की चक्की में सुखम बिना आंखों के सुखम पहाड़ तोड़ते वक्त सुखम सबसे कठोर परिस्थिति में सुखम यह है मेन मुद्दा अगर गीता समझ में आया ना तो आदमी ने उसके बाद कहीं से पाताल लोग से निकल कर के वापस खड़ा हो जाएगा और स्वर्ग लोग पहुंचेगा सीधा है कि नहीं किधर तो भी कितना गिरा दो उसको सिनेमा के कितने सेलिब्रिटी देखो पंकज त्रिपाठी क्या थे किचन के अंदर टमाटर काटा करते थे नवाजुद्दीन सिद्दीकी क्या थे चौकीदार हुआ करते थे अक्षय कुमार वेटर हुआ करते थे रजनीकांत बस कंडक्टर हुआ करते थे कहां से आदमी कहां पहुंच सकता है हाथ आगे ला इमेजिनेशन इम नच युक्त से भावना अरे भावना सब ठीक हो जाएगी हर्षद भरसी डोर टू डोर सेजम का काम करते थे बोमन रानी वेटर का काम किया करते थे रूम सर्विस का काम करते थे बमन रानी हमारे प्रोफेसर भी है बड़ा यस सर जानते हैं आप यस सर जबरदस्त व्यक्ति जॉनी लीवर सड़क पर पेन बेचते थे एक एक रुपए का पेन बेचा करते थे कहां से कहां पहुंच गए नाना पाटे का टैक्सी चलाते थे अनिल कपूर उससे पहले स्पोर्ट बॉय थे क्या थे स्पॉट बॉय स्पोर्ट बॉय थे आप जानते हैं महमूद कॉमेडियन हुआ करते थे पहले एक मुर्गी बेचने का काम करते थे महमूद कॉमेडियन देवानंद एक बहुत मामूली से क्लर्क हुआ करते थे बहुत कम तनखा पे एक जेंटलमैन राकेश ओम प्रकाश मिश्रा यह जानते हैं क्या थे पहले यह चाय पिलाया करते थे वहां पे फिल्म सिटी में चाय पिलाने का काम करते थे राकेश ओम प्रकाश मेहरा आगे चलके इन्होंने भाग मिलखा भाग जैसी ब्लॉकबस्टर मूवी के डायरेक्टर बने उसके अलावा रंगदे बसंती के डायरेक्टर बने दिल्ली 6 के डायरेक्टर बने और एक रिसेंट कहानी सुनाना चाहता हूं सुनना चाहेंगे यस सर आजकल बहुत वायरल हुई कहानी है बहुत जबरदस्त एक लड़की है 15 साल की 98.5 पर मार्क्स मिले 55 लाख बच्चों को पीछे छोड़कर यूपी के अंदर टॉपर बनी जानते हैं नाम सुना आपने ट्रोलर्स को उनकी काबिलियत नहीं दिखाई पड़ी प्राची निगम सही पहचान है प्राची निगम ट्रोलर्स को हां यहां थोड़े बाल थे उसके इधर बाल थे ट्रोलर्स को उनकी काबिलियत नहीं बाल दिखाई दे ट्रोल पर उनका फोकस नहीं था टारगेट पर उनका फोकस था प्राची को ना ही उनके बालों ने परेशान किया ना ही फालतू के बलों ने परेशान किया अरे क्या बढ़िया बोल दिया बाने परेशान किया पालतू के बलो ने परेशान किया क्यों हाथ आगे ला क्यों अस्ति बुद्धिर युक्त हर श्लोक में एक फाइनल लेसन होता है बड़ा इंपोर्टेंट और इसका फाइनल लेसन क्या अस्ति बुद्धि युक्त और इनको मिलेगा हर जगह सुखम भाई साहब आज ये जो आदत हुई ना इस आदत के हिसाब से प्रोडक्ट बनाए जा रहे हैं य कौन सी यह आदत पहले जमाने में भी होती थी शादी में ऐसे पैसे उड़ाने की अब यह आदत बदल गई है अब मोबाइल पैसे करने की आदत हो गई है पहले जब के जमाने में शादी नहीं खाली वो एक एक वेब सीरीज आई है अभी पाकिस्तान में बहुत सारी औरत हां हीरा मंडी हां बहुत तेज है य य हीरा मंडी वाले हैं पूरा ध्यान रखते हैं वहां तो वहां यह सब होता था कि तवायफ नाच रही है नाचने वाली नाच रही है क्षमा चाहता हूं कठोर शब्द किसी भी स्त्री का अपमान नहीं करना चाहता पर बताने के लिए रेफरेंस पॉइंट के लिए समझा रहा हूं तब ऐसे होता था अब वही आदत आज भी है लेकिन अब मोबाइल की स्क्रीन instagram2 पर बच्चे जो है अपनी अपीयरेंस को लेकर सोशल मीडिया पर दुखी हैं उससे फर्क क्या हो रहा है 150 पर सेल्फ हार्म लड़कियों ने करना शुरू कर दिया 10 से 14 साल की उम्र की लड़कियों ने 150 पर बढ़ गया और 150 पर से अब 300 पर बढ़ चुका है अपने आप को हाम पहुंचा रही है छोटी बच्चियां यह देख के कि मैं खूबसूरत नहीं हूं मेरी बॉडी अच्छी नहीं लग रही है देख कर के क्योंकि उसका कॉन्फिडेंस इस बात से आता है कि मैं नच युक्त स्य भावना अशांत कुता सुखम 63 पर जो है ना लोग सोशल मीडिया का असेसमेंट बता रहा है कि अकेला महसूस कर रहे हैं अपने जीवन में टाइम मैगजीन ने बोला इग्राम तो जो है ना वर्ड सोशल मीडिया है मेंटल हेल्थ के लिए वर्ड सोशल मीडिया मेंटल हेल्थ के लिए पूरा मेंटल हेल्थ खराब क्यों खराब क्यों खराब क्योंकि नच युक्त नास्ति बुद्धि युक्त स्य नच युक्त स्य भावना आपकी बुद्धि युक्त नहीं हो पाती इसके बाद हम अगले श्लोक पर जाएंगे पूरा साइकिल हम आराम से देखते हैं पिछली बात से कैसे रिलेट हो कर के आती है हर बात पिछली बात से रिलेट हो कर के आती है कक पिछली बार बता था ध्यायतो किधर ध्यान लगाएगा वैसा काम बन जाएगा नेगेटिव साइड लगाएगा वो बहुत बड़ा हो जाएगा पॉजिटिव साइड लगाएगा वो बहुत बड़ा हो जाएगा यह है भगवत गीता की ताकत और गीता इन एक्शन सीरीज सबको देखनी चाहिए और आप में से जो लोग बिजनेस कर रहे हैं उनको किस प्रोग्राम में आना चाहिए डर में आना चाहिए उसकी इंक्वायरी करनी चाहिए और अगर आपके पास धन राशि नहीं है तो भी हम आपके लिए सहयोग कर रहे हैं आज के इतिहास में पहली बार एक 299 का प्रोग्राम लेके आए जिसका नाम है बीकेबी बिजनेस का बूस्टर कम ऑन क्या बिजनेस का बूस्टर बिजनेस का बूस्टर दो घंटे में 24 स्ट्रेटजी देता हूं जिससे आप बिजनेस को बड़ा कर सकते हैं पूरा बूस्ट कर सकते हैं ऐसा नहीं कि जिसके पास पैसा है खाली वही सीखेगा 99 में भी सीख सकते हैं और फ्री में 10 इन 10 डे एमबीए भी सिखाया कम ऑन यस र नो यस सर ग्रंथ राज श्रीमद् भगवत गीता की जय हमारे साथ जुड़े रहने के लिए हर एपिसोड को देखने और इस देश को दिखाने के लिए कमेंट बॉक्स में आकर के बताने के लिए क्या ये आपके लिए वैल्युएबल है आप चाहते हैं बताइए जितनी बात करेंगे जितने लोग इसको शेयर करेंगे हम उतनी ज्यादा उत्साह के साथ बनाएंगे आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत बहुत [प्रशंसा] धन्यवाद धन्यवाद थैंक यू [संगीत]
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