25th Episode जीवन में दुःख भाग्य से मिलता है या फिर कर्म से Gita In Action Dr Vivek Bindra

[संगीत] ऐसा कोई काल नहीं है जब आप कुछ ना कर रहे हो जब वो कुछ नहीं कर रहा है तो भी कर्म कर रहा है कुछ नहीं करने में भी कुछ ना कुछ तो कर ही रहे होते हैं कर्म नहीं करना यह संभव नहीं है अनजाने में भी कर्म कर रहे हैं जानबूझ के भी कर रहे हैं तो क्यों नहीं जानबूझ के करें आप जैसे जैसे रंग भरेंगे वैसे-वैसे आपकी जिंदगी की तस्वीर बनेगी वो रंग आपको भरने हैं [संगीत] तो गीता इन एक्शन के इस अगले अध्याय अगले एपिसोड में आप सबका बहुत-बहुत स्वागत है ग्रंथ रा श्रीमद भगवत गीता की जय जगतगुरु श प्रभुपाद की जय तो भगवत गीता य प्रश्न तो अर्जुन के है लेकिन उत्तर सारे हमारे लिए हैं गीता किसके लिए बोली गई थी अर्जुन के लिए या हमारे लिए हमारे लिए लिए मेरे लिए बोली गई थी गीता सारे संसार के लिए एक अद्भुत संस्कार है हाथ ऊपर लाइए सारे संसार के लिए एक अद्भुत संस्कार है संस्कार सं तो नमस्कार आज हम चर्चा करेंगे किसकी उसी संस्कार जो कि दिया जाएगा किसको पूरे संसार किसके माध्यम से हमारे चैनल के माध्यम से तो आप सबका स्वागत है मैं विवेक बिंद्रा फाउंडर एंड सीईओ बस बिजनेस मतलब बस द मोस्ट लव्ड शो गीता इन एक्शन अब तक हमने दूसरा अध्याय समाप्त कर लिया पूरा तीसरे अध्याय की तरफ मूव करेंगे दूसरे अध्याय में भगवान ने बुद्धि योग की बात करी थी य हाथ लाइए किसकी बात करी थी बुद्धि योग बुद्धि योग की कि बुद्धि के द्वारा कैसे मन को नियंत्रित करें और किस प्रकार अपने फोकस को बिल्ड करें और आगे बढ़े क्या बोला था उन्होंने व्यवसाय आत्म का बुद्धि एक कुंदन अपनी बुद्धि को एक जगह लगाओ वश ही यस इंद्रियानी तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठित प्रज्ञा मतलब बुद्धि प्रतिष्ठित हाथ आगे लाइए क्या प्रतिष्ठित प्रता यानी कि बुद्धि को प्रतिष्ठित करना है तो भगवान ने क्या बताया स्मृति भ्रम बुद्धि नाश बुद्धि नाशा प्रणति जैसे ही बुद्धि का नाश हुआ गेम ओवर गेम ओवर हा फिर अगले श्लोक में क्या बताया नास्ति बुद्धि युक्त स्य नच युक्त स्य भावना जिसकी बुद्धि युक्त नहीं है गो स्टेटमेंट उसकी भावना भी युक्त नहीं है और अगर भावना युक्त नहीं है तो कुता सुखम क्या सुख कहा से मिलेगा ऐसे आदमी को सुख मिल नहीं सकता तो अब आ रहे तीसरे अध्याय की तरफ अब तीसरे अध्याय तक अर्जुन को लगाया सारा मामला बुद्धि का है तो तीसरे अध्याय का पहला लोक अर्जुन ने बोल दिया अर्जुन क्या कहते हे जनार्दन हे केशव यदि बुद्धि को सकाम कर्म से श्रेष्ठ समझते तो फिर मुझे इस युद्ध में क्यों लगाना चाहते हो अगर सका कर्म से बुद्धि श्रेष्ठ है तो बुद्धि स्टेबल करनी है जाकर जंगल में कर लेता हं क हमको युद्ध में लगा रहे हो भगवान तो अर्जुन क्या कह रहे हैं तीसरे अध्याय के दूसरे श्लोक में कह रहे कि आपके व्या मिश्रित अनेका अर्थ व्या मिश्रित यानी कि अलग अलग बातों का मिश्रण यानी कि अनेकार्थी बुद्धि मोहित हो गई है आप कह रहे थे बुद्धि स्टेबल करो मैं तो मोहित हो गया हूं क्या हो गया अत कृपा करके निश्चय रूप से मुझे बताए कि मेरे लिए सर्वाधिक श्रेयस्कर क्या हो होगा क्या जानना चाहते हैं कैमरा में जो लोग य पर देख रहे हैं और यहां लोग देख रहे जानना चाहते हैं क्या ये प्रश्न किसका है अर्जुन का किससे है कृष्ण से अब कृष्ण उत्तर दे रहे तीसरे अध्याय के चौथे श्लोक में क्या कहते है ना तो कर्म से विमुख होके कर्म फल से छुटकारा हो सकता है और ना केवल सन्यास से सिद्धि प्राप्त हो सकती है तो अर्जुन और कंफ्यूज हो गए बोले फिर भग सिद्धि मिलेगी कैसे क्या तो आज का अध्याय है तीसरे अध्याय का पांचवा श्लोक ठीक है मेरे पीछे बोलिए नाही कश्चित क्षणम प नाही कश्चित क्षणम जात तित कर्म कृत जात तित कर्म कृत कार्य ते ही अव कर्मा कार समा सर्व प्रकृति जय गुणा सर्व प्रकृति जय गुणा क्या कह रहे हैं हाथ आगे लाइए ना नाही कश्चित कश्चित क्षणम क्षणम यानी कि एक सेकंड के लिए भी एक सेकंड के ऐसा कोई इंसान नहीं है जो जातु यानी किसी भी काल में कार्य ते कार्य करने के लिए बाध्य ना हो हाथ आगे लाए कुछ कर रहे हैं कुछ कर रहे हैं तो कुछ कर रहे हैं कुछ कर रहे हैं कुछ नहीं कर रहे हैं कुछ नहीं कर रहे हैं तो भी कुछ कर रहे हैं तो भी कुछ कर रहे बात समझ में आ रही हैसर ऐसा कोई काल नहीं है जब आप कुछ ना कर रहे हो हा और ये क्या है आपकी जो अपनी प्रकृति है वो आपसे अपने आप कार्य ना करते हुए भी कार्य करवा रही है ट्रांसलेशन पढ़ देते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति से अर्जित गुणों के अनुसार जो आपके गुण है जो प्रकृति ने आपको दिए प्रकृति मतलब आपके आसपास के लोगों ने आपके मां-बाप आपके दोस्तों ने आपके रिश्तेदार आपके दुकानदारों ने आपके एंप्लॉई आपके बसेस ने आपके कस्टमर्स आपके सप्लायर्स ने आपको कुछ गुण भर के दिए आपके टीचर्स ने जो बचपन में आपको पढ़ाते थे कुछ गुण दिए आपको उनके द्वारा प्रभावित होकर विवश होके क्या होके वि विवश मतलब मेरे हाथ में नहीं भाई कुछ मैं विवश हूं उनके द्वारा विवश होके कार्य करना ही पड़ता है अतः कोई भी क्षण भर के लिए भी क्या क्षण भर के लिए क्षण भर के लिए भी एक सेकंड के च हिस्से के लिए भी बिना कर्म किए नहीं रह सकता कर्म तो कर ही रहा है चाहे वो करे चाहे वो ना करे उसको लग रहा है वो कर्म नहीं कर रहा है जब निद्रा में होता है तो सपने देख रहा है कर्म कर रहा है है ना जब खाली बैठा है तो कुछ सोच रहा है कर्म कर रहा है जब मेट्रो में खड़ा है तो आसपास के लोगों को ब्जर्व कर रहे क्या कर रहा है भैया व कर्म कर रहा है जब मेडिटेशन कर रहा भगवान का स्मरण कर रहा है तो भी कर्म कर रहा है तो जब वो कुछ नहीं कर रहा है तो भी कर्म कर रहा है कुछ नहीं करने में भी कुछ ना कुछ तो कर ही रहे होते हैं बात समझ आ रही है भगवान कह रहे सन्यास लेकर भागने की बातें मत करो कर्म तो करना पड़ेगा अब डिसाइड करना है आपको न्यूटन तो लेटा हुआ था क्या सेब अचानक गिर गया और उसने क्या बना दिया ल ऑफ ग्रेविटी बता दिया से क गिरा सेब तो पहले भी गिरता था न्यूटन लेटा हुआ था उसको लगा कोई कर्म नहीं कर रहा उसने कर्म कर दिया लॉ ऑफ ग्रेविटी दे दिया ना ही कश्चित क्षणम अपी आज का श्लोक क्या है ना ही कश्चित क्षणम अपि जातु तित कर्म कृत ऐसा संभव ही नहीं है ऑफिस में अगर आप खाली बैठे हैं आप सोच रहे हैं कि आप कोई कर्म नहीं कर रहे तो वो भी एक कर्म है जब आप कोई कर्म नहीं कर रहे हो तो भी कोई ना कोई कर्म हो रहा होता है क्योंकि जब आप मुंह खोल कर के उबासी लेते हैं तो एक आधा मिलियन कीटाणु तो वैसे ही मार देते हैं कर्म तो हो रहा है नहीं समझे कर्म तो हो रहा है नहीं कर रहे तो भी हो रहा है जिसका कोई अर्थ हो जो ना व्यर्थ हो जिसकी कोई थोड़ी सी वर्थ हो ऐसा कर्म करेंगे बात समझ आ रही है यस नो भगवत गीता में भगवान ने बड़े स्टाइल से समझाया आपको लगता है आप खाली बैठे हो सन्यास लेकर के बैठे हो हिमालय कर्म कर रहे हो आप हां सात आठ घंटे स्क्रीन पर बैठे मोबाइल के कर्म कर रहे हो आप ज्यादा सो रहे हो तो वो भी कर्म है जब आप जिस समय दिन में सपने देख रहे हो कर्म है लंबे-लंबे फोन कॉल कर रहे हो कर्म है एनीथिंग व्हिच इज नॉट कंट्रीब्यूटिंग टू योर ग्रोथ इज कंट्रीब्यूटिंग टू योर डी ग्रोथ ओए हो क्या क्या स्टेटमेंट कोई भी चीज जो आपकी ग्रोथ में प्रभावित नहीं कर रही आपको ग्रोथ नहीं दे रही तो वो आपको डी ग्रो कर रही है या तो इसका मतलब हर समय आप आगे बढ़ रहे हैं या हर समय पीछे जा रहे हैं एक जगह कोई नहीं खड़ा है ये भगवान ने समझा दिया आपको लगा था हम खाली बैठे हैं बतियाए रहे नहीं आप पीछे जा रहे हैं आगे नहीं जा रहे क्योंकि वो आपकी ग्रोथ को कंट्रीब्यूट नहीं कर रहा वो आपकी डी ग्रोथ को कंट्रीब्यूट कर रहा है ना ही कश्चित चपी क्या ना क एक क्षण के लिए भी ऐसा नहीं या तो आप ग्रो कर रहे हैं या डी ग्रो कर रहे हैं हर समय हर क्षण ये आज का श्लोक तो भगवान ने बताया भाई कर्म योग को बुद्धि योग के साथ लेकर चलना है मा सीता मां को जब खोजने के लिए हनुमान जी निकले थे और लंका को राख करने के बाद जब वो समुद्र में डुबकी लगाए तो तभी क्या हुआ उनके पसीने की एक बूंद मछली के जीवा पर लग गई और मछली चली गई पाताल में उस बोझ के कारण मछली उनकी जीवा से निकली हुई एक पसीने की बूंद हनुमान जी के निकली हुई जीवा में चली गई जीवो पाताल चली गई और पाताल में गर्भवती हो गई और क्या हुआ हनुमान जी का पुत्र मकर ध्वज पैदा हुआ ब्रह्मचारी का भी पुत्र हो गया कर्म नहीं करना यह संभव नहीं है अनजाने में भी कर्म कर रहे हैं जानबूझ के भी कर रहे हैं तो क्यों नहीं जानबूझ के करें आर यू विद मी यस नो यस अनजाने में भी कर रहे हैं जानबूझ के भी कर रहे हैं सोते हुए भी कर रहे हैं जागते हुए भी कर रहे हैं खाली बैठे भी कर रहे हैं कर्म करके भी कर्म कर रहे हैं गॉसिप मार के भी कर रहे हैं और कोली को ऐसे नहीं ऐसे शॉर्ट खेलना चाहिए था तो भी हम कर्म कर रहे हैं अंबानी ने कितनी प्री वेडिंग पर शादी पर खर्चा कर दिया हम कर्म कर रहे हैं बॉलीवुड में किसका लिंक ब्रेकअप हो गया हम कर्म कर रहे हैं बात समझ आ रही है यस सर ना ही कश्य क्षणम अपी क्या ना ही कण एक क्षण के लिए भी ऐसा समय नहीं आएगा कि हम कर्म नहीं कर रहे हैं एक बार क्या हुआ बहुत धनी व्यक्ति अपने अंत काल की तरफ आ गया कहां आ गया अंतकाल की तर अंत अंत काल वैसे तो भगवान ने आठवे अध्याय के पांचवे श्लोक में कहा अंत कालेच माम एवं स्मरण मुक्त वा कलेवर जो अंत काल में मेरा स्मरण करता है वो मुक्त हो जाता है तो रेगुलर काल में जिसका स्मरण कर रहे हो वो बन जाते हो आप य प्रयाती समत भाव जो अंत काल में मेरा स्मरण करता है वो मेरी भावनाओं को प्राप्त करता है जो जीवित काल में जिसका स्मरण करता है वो उसकी भावना को प्राप्त कर जाता है आप आजकल राखी सावंत का स्मरण कर रहे हैं आप उसकी भावना को प्राप्त कर जाएंगे आप किसका स्मरण कर रहे आप उसकी भावना को प्राप्त कर जाएंगे ये स्मरण से ही भावनाए उत्पन्न हो रही है तो भगवान ने बताया कि कर्म नहीं करते हुए भी आप स्मरण तो कर रहे हैं स्मरण करना भी एक कर्म करना है ना ही कण क्या श्लोक है जबरदस्त गीता जैसा कोई ग्रंथ ही नहीं है वड यू अग्री विद मी यस नो और गीता इन एक्शन के सारे एपिसोड सबको देखने चाहिए लाउडली यस नो गीता इन एक्शन अब अंत काल में था वो लेटा हुआ बिस्तरे पर शरीर छोड़ने वाला चारों पुत्र आसपास खड़े सबकी आंखों में आंसू बह रहे तो जेष्ठ पुत्र था सबसे बड़ा पुत्र उसने कहा पिताजी इतना लंबा जीवन काल आपने जिया इतना कुछ आपने अपने जीवन में किया इतना कुछ जिया इतना कुछ किया क्या हमको कोई एक ज्ञान की बात बता सकते हैं पिता ने कहा हा बता सकता हूं बोला बताइए बोला उसके लिए मुझे कुछ समय और चाहिए होगा तुम कुछ पैसे वैसे खर्च करो कुछ जोर लगाओ कुछ मकान बेचो कुछ करो और डॉक्टर्स को बोलो मुझे कुछ समय और दे दे तो बोले अगर पूरी पृथ्वी का सारा धन लगा दे आपको और समय नहीं मिल सकता य आपका आखिरी समय है और तब पिता ने आखिरी सांस ली शरीर छोड़ा और शरीर छोड़ने से पहले बोले यही लेसन था क्या बोले यही लेन यही लेसन था कि दुनिया का सारा पैसा लगाने के बाद भी एक सेकंड वापस नहीं आ स नहीं आ सकता क्योंकि पता क्या टाइम दुनिया की गजब चीज है बहुत गजब चीज है आप यूज कर सकते हो पर जेब में नहीं रख सकते इसको ओन नहीं कर सकते इसको खरीद नहीं सकते आप खर्च कर सकते हो निवेश कर सकते हो पर उसको बचा नहीं सकते नि निकल जाएगा निकल जाएगा बचा नहीं सकते आप खर्च कर सकते हो या निवेश कर सकते हो कम ऑन क्या खर्च कर सकते हो या खर्च करने में बेकार कर दिया निवेश करने में रिटर्न आएगा बात समझ आ रही है ये मिलता बिल्कुल फ्री है लेकिन है प्राइसलेस ना ही कश्चित क्षणम ऐसा एक सेकंड नहीं जाएगा इसलिए जाने मन फोकट की चीजों पर नहीं फोकस की चीजों पर ध्यान दो वुड यू अग्री विद मी यस नोस सर फोकस की चीजों पर ध्यान दो अगर आप अंप तो कहां फोकस करना है अगर आप बिजनेसमैन हो तो कहां फोकस करना है आपको इनोवेशन प प्रोडक्ट डेवलपमेंट प इन सब पर फोकस करना है मैं जब लीडरशिप फाइनल करता हूं ना तो वहां भी इस चीज का ध्यान रखता हूं मैं क्या ध्यान रखता हूं ना ही कश्चित क्षणम एक क्षण भी अपने पार्टिसिपेंट का खराब नहीं होने देता ऐसे ऐसे फ्रेमवर्क एक साल तक देते हैं लीडरशिप फनल में लीडरशिप फनल से अच्छा प्रोग्राम ईमानदारी से बोल रहा हूं छाती पर हाथ रख के कोई नहीं है अगर मुझको अटेंड करने को पहले मिल गया होता तो कहां पहुंच गया होता मैं कहां से कहां पहुंच गए होते ना ही पश्च क् पार्टिसिपेंट का एक क्षण भी खराब नहीं हो हर क्षण उसको भर भर के लर्निंग मिलती है जिससे उसकी भर भर के अर्निंग होती है वैसे लीडरशिप फनल में आना हो तो फोन लगा सकते हो आप लोग भी आप भी आना चाहते हो यस सर तो लीडरशिप फन में आना हो तो नीचे बोर्ड लाइन नंबर में फोन लगाओ वहां कोई आईबीसी फोन उठाएंगे गुरुकुल के वो आपको समझा देंगे कैसे आना है ठीक है नंबर याद है क्या है क्या नंबर है 98105 4 तीन दिन का प्रोग्राम होता है यस नो यस सर नो सर एक साल का होता है एक साल का होता है वहां हम सिखाते हैं अलग-अलग प्रकार की चीजें ना ही कश्चित क्षणम टाइम ब्लॉकिंग कम ऑन क्या टाइम टाइम ब्लॉकिंग किसी को मालूम है इलन मस्क के कितने बच्चे हैं छ छह चार कितने हैं 12 बच्चे हैं कितने हर साल का एक मॉडल है जब से शादी किया हर साल का एक मॉडल ला रहा है वो गाड़ियों के इतने मॉडल नहीं लेके आया जितने घर में लेके आया लेकिन बावजूद उसके टेस्ला भी चलाया स्पेस भी चलाया टाइम तुम्हारे साथ रात को 1115 से 11:30 है बोले क्या प्लान है 13 का प्लान है ये हो सकता है मजाक लग रही हो बात हो सकता है मजाक लग रही हो पर वो आदमी इतना फोकस्ड है कि मतलब हो सकता है कि वो अपनी प पत्नी से प्रेम भी फोकस्ड होके करता होगा मतलब मैं तो कई बार सोचता हूं भाई अजीबोगरीब व्यक्ति है ना टाइम ब्लॉकिंग 10 मिनट दूंगा क्या दूंगा हर मीटिंग को 10 मिनट दूंगा इससे ब नहीं दूंगा 10 मिनट में मीटिंग निपटा हो अगली मीटिंग चालू करो फाइनेंस की करो ऑपरेशंस की करो सेल्स की करो नया इनोवेशन क्या है 10 मिनट टाइम ब्लॉकिंग कम ऑन क्या टाइम ब्लॉकिंग भाई ब्लॉक योर टाइम और लूज इट फॉरएवर ना ही कश्चित क्षणम पी अगर टाइम ब्लॉक नहीं किया तो हाथ से निकलेगा ही निकलेगा निकलेगा या निकलेगा जब आप कुछ नहीं कर रहे हो तो भी आप कुछ ना कुछ कर ही रहे हो इसलिए टाइम को वेस्ट नहीं वैल्युएबल बनाओ क्या बनाओ वैल्युएबल बनाओ यही बात है इसको बोलते हैं हम एसपीआर स्ट्रेटेजी क्या बोलते हैं एसपीआर स्ट्री हाथ आगे लाइए सुबह सुबह शेड्यूल करो शेड्यूल करो आज क्या करूंगा आज क्या करूंगा दिन भर दिन भर प्रोग्रेस चेक करो प्रोग्रेस चेक करो क्या हो रहा है क्या हो रहा है रात को रात को रिव्यू करो रिव्यू करो कैसा गया कैसा गया एस पीआर एसपीआर शेड्यूल करो प्रोग्रेस को चेक करते रहो शाम को रिव्यू कर लो सोने से पहले कि टाइम ठीक गया कि नहीं गया ए कम ऑन हाथ आगे लाइ सुबरे सुबरे पाच मिनट पाच मिनट स्केड्यूल शेड्यूल दिन भर दिन भर आठ घंटा आठ घंटा हर घंटे में हर घंटे में एक मिनट एक मिनट प्रोग्रेस चेक करो प्रोग्रेस चेक करो पिछला एक घंटा ठीक गया गड़बड़ गया ठीक गया गड़बड़ गया ठीक गया गड़बड़ गया पिछला एक घंटा ठीक गया गड़बड़ गया एक मिनट के लिए चेक करना है बस प्रोग्रेस एक मिनट के लिए सुबह 5 मिनट दिन भर 8 मिनट रात को सोने से पहले रिव्यू करो 5 मिनट तो पाच आठ और पाच 18 मिनट लगेंगे कितने 18 मिनट ना ही कश्च क्षणम पी नहीं तो बहुत सारे क्षण निकल जाएंगे ये 18 मिनट जो आपको स्केड्यूल प्रोग्रेस रिव्यू करोगे कहां से कहां पहुंच जाओगे और वही हुआ एक यूएस के फाउंडिंग फादर जैसे हमारे देश में राष्ट्र पिता ऐसे यूएस में भी एक राष्ट्रीय पिता होते थे जिनका नाम था बेंजामिन फ्रैंकलिन क्या नाम था बेंजामिन फ्रैंकलिन वो एसपीआर फॉलो करते थे अपने टाइम के सबसे बड़े साइंटिस्ट इन्वेंटर डिप्लोमेट और राइटर रहे हैं लेकिन बचपन गरीबी में बीता था केवल दो साल स्कूल की पढ़ाई करी 10 साल से जा 10 साल की उम्र से पिता की दुकान संभालने लगे पर सब परेशानियों के बावजूद भी हर रोज बेंजामिन अपने आप से एक सवाल करते थे कि मैं आज ऐसा क्या करूं कि मेरा दिन भयंकर प्रोडक्टिव हो जाए हर रोज सुबेरे पूछते थे और शाम को रिव्यू करते थे हर रोज सुबह पूछते था आज सबसे बड़ी इंपॉर्टेंट चीज क्या अचीव करूंगा शाम को चेक करते थे किया कि नहीं किया किया हर रोज सुबरे अपने आप से सवाल करते थे आज ऐसा अद्भुत क्या करूं जो आज तक नहीं किया शाम को रिव्यू करते थे किया उतना अद्भुत नहीं किया कल करूंगा फिर सुबह प्लान करते थे दिन इतना प्रोडक्टिव होता था जो आदमी 100 साल में करता है यह आदमी दो साल में कर लेता था और इस क्वेश्चन को आंसर करते करते करते करते इन्होंने बाय फोकल लेंसेक्स का आविष्कार किया इन्होंने ड्राफ्ट किया यूएस का डिक्लेरेशन और इंडिपेंडेंस का कांस्टिट्यूशन इसीलिए इनको फादर ऑफ यूएस बोला जाता है केवल एसपी पीर स्केड्यूल प्रोग्रेस रिव्यू ना ही कशत क्षणम पी के एक सेकंड भी भाई देखो मेरी बात सुनो अगर आपने सुबरे 5 मिनट दिन में 8 मिनट शाम को 5 मिनट केवल 18 मिनट लगाया अपनी प्लानिंग प गेम चेंज हो गया पूरा हा तो जो आज टाइम को वैल्यू करेगा उसके हाथ में कल वैल्युएबल घड़ी होगी क्या होगी लबल घड़ी होगी इसलिए घड़ी को वैल्यू नहीं करेंगे टाइम को वैल्यू करेंगे घड़ी गोल नहीं है टाइम गोल है घड़ी तो आउटकम है क्या है आउटकम है घड़ी से टाइम दिखता है वो आउटकम है बफे ने भी अपनी स्ट्रेटेजी बताई टू लिस्ट स्ट्रेटेजी क्या बताई ू लि बो दो लिस्ट बनाओ पहली लिस्ट बनाओ अपने 20 गोल लिखो क्या लिखो 20 गल और दूसरी उस 20 में से पांच को सिलेक्ट कर लो यह पांच इंपॉर्टेंट है तो 20 में से पाच सिलेक्ट कर ली कितनी बच गई 15 ये 15 को हर हाल में अवॉइड करना है और यह पांच को हर हाल में अचीव करना है ताकि मेरा फोकस बना रहे है ये 15 को हर हाल में अवॉइड करेंगे जब कुछ हो जाए ये पांच को हर हाल में अचीव करेंगे चाहे कुछ हो जाए डिवाइड कर लिया क्योंकि ना कश्चित क्षणम जात तित कर्म कृत ऐसा समय आएगा ही नहीं कि जब आप कोई काम ना कर रहे हो हाथ आगे ला या तो आगे जा रहे हैं हर वक्त या पीछे जा रहे पीछे जा रहे हैं हर वक्त सबसे मुश्किल काम को सबसे पहले कर लेना चाहिए इसको बोलते हैं ईट दैट फ्रॉग क्या बोलते हैं टट फ्रॉग अगर कोई नॉन वेजिटेरियन भी हो ना यहां पे उसको बोलो मेंढक खा लो तो टेंशन हो जाएगा क्या हो जाएगा टशन होगा भाई कुछ बटर चिकन खिला दो मटन कोरमा कुछ खिला दो मंडक तो नहीं खाएंगे वैसे मैं कभी प्रमोट नहीं करता मैं वेजिटेरियन जम को प्रमोट करता हूं परंतु फिर भी कोई नॉनवेज खाने वाला भी वो भारतीय है मेंढक खाने में उसको भी घबराहट हो जाएगी वुड यू अग्री विद मी यस नो यस सर तो एक अमेरिकन फिलोसोफर कहते हैं अगर मेंडक खाना ही है तो सुबह सुबह खा लो सबसे पहले हाथ आगे ला क्यों ताकि दिन भर दिमाग फ्री रहे नहीं तो दिन भर टेंशन हाय मेंडक खाना पड़ेगा हाय मेंडक खाना पड़ेगा मेंढक खाना पड़ेगा सबसे मुश्किल काम यानी कि मेंढक को य मुश्किल काम के साथ में जोड़ा जा रहा है यानी कि मेंढक को सबसे कठिन सबसे बड़े गोल के साथ जोड़ा जा रहा है यानी कि जो सबसे बड़ी चीज है जो सबसे मुश्किल है जो बिल्कुल नहीं की जा सकती उसको सबसे पहले कर लो ताकि दिन भर दिमाग फ्री रहे बात समझ आ रही है यस नो यस सर तो ये क्योंकि अदर वाइज टाइम वेस्ट होता रहेगा और भगवान कह रहे हैं वो टाइम में भी आप कर्म कर रहे हो उसमें भी आप कर्म कर रहे हो तो आज की लर्निंग में ऐसा कोई सेकंड नहीं है आज की लर्निंग है कि ऐसा कोई सेकंड नहीं है जब कोई कर्म ना कर रहे हो अभी यहां पर भी कुछ लोग सोच रहे हैं कि कब खत्म होगा हां सोच रहे हैं ऐसा नहीं कुछ लोग सोच रहे हैं आज शाम का क्या प्लान है और कुछ लोग सोच रहे हैं कि इन लर्निंग्स को अपनी जिंदगी में इंप्लीमेंट कैसे करूं कुछ सोच रहे हैं कि आज मेरा पुनर्जन्म कैसे हो जाए मेरा रीबर्थ कैसे हो जाए एक ही क्लास एक ही टीचर एक ही पढ़ाई एक ही प्रकार के सब्जेक्ट एक ही प्रकार का करिकुलम हर एक के नंबर अलग-अलग क्यों आते हैं ये है फोकस बात समझ आ रही है यस नो यस सर हां तो जैसे अब आप जैसे-जैसे रंग भरेंगे वैसे-वैसे आपकी जिंदगी की तस्वीर बनेगी वो रंग आपको भरने हैं सो आज की लर्निंग से आपको किसी ना किसी अपने दोस्त या रिश्तेदार जो उबास ज्यादा ले रहा है है ना आज उबासी लेगा तो कल उदासी हो जाएगी जिंदगी में उसको ये वीडियो जरूर पहुंचाना चाहिए बुड यू अग्री विद मी ईमानदारी से ताकि प्रोक्रेस्टिनेशन नहीं टाइम की वैल्यू करता है उसको ये वीडियो को भेजो और उसके जीवन को सुधारो लेकिन सारी बात ये गीता इन एक्शन के सारे एपिसोड देखने चाहिए वुड यू अग्री विद मी यस नो कम ऑन गीता इन एक्शन हमारे साथ जुड़े रहने के लिए भगवत गीता इन एक्शन के सारे वीडियोस को देखने के लिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद लवली ऑडियंस थैंक यू वेरी मच [प्रशंसा] [संगीत]

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