6th Episode - How to Overcome Negative Emotions #GitaInAction Dr Vivek Bindra

[संगीत] लाखों में कोई ऐसा पॉलीटिशियन होगा जो अपने बच्चे को टिकट दिलाने की जगह किसी और के बच्चे को टिकट दिलाए जब सही कम करना सबसे मुश्किल कम है और फिर भी आप सही कम करते हैं उसको बोलते हैं [संगीत] टेंपरेचर बढ़ गया रोंगटे खड़े हो गए पसीने छूट रहे हैं आंसू निकल रहे हैं कब रो द आप लास्ट टाइम अर्जुन जो उसके साथ बुरा कर रहा है अर्जुन उसके साथ ही बुरा नहीं करना चाहता डिफरेंस है बिटवीन व्हाट इस राइट एंड व्हाट यू लाइक और ये आम जिंदगी में बहुत होगा आपके साथ आज का जो चैप्टर है बड़ा कॉम्प्लिकेटेड चैप्टर है ये आपकी जिंदगी से निकल के आएगा देखना एक आदमी ओनर बनता है जिम्मेदारी लेने से सही निर्णय लेने से [संगीत] मत भगवत गीता की आप सब का स्वागत है आज के नए एपिसोड में जहां पे आज हम पहले अध्याय का 28 वर्ष लोग ले रहे हैं और अब जैसे जैसे आगे बढ़ता जा रहा है पूरा अध्याय बाकी का लगभग अर्जुन ने बोला है और अर्जुन या विचलित है और पहले अध्याय के 28 वर्ष लोग में और उसके बाद 29 वेस्ट लोक में अर्जुन का इमोशन आपको समझ में आएगा भागवत गीता का पहला अध्याय प्राइमरी बीइंग एलईडी बाय अर्जुन तो पहले हम श्लोक पढ़ते हैं पहले अध्याय का 28वां श्लोक मेरे पीछे दोहरे है दृष्टि में एवं कृष्ण [प्रशंसा] yuyut सैम सैम upsthittam श्री अंतिम [प्रशंसा] तो पहले ऐसे समझते हैं की का रहे हैं drishtva drishtva का अर्थ क्या हुआ देख रहा हूं इमाम swajanm कृष्ण [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] दोस्त हैं रिश्तेदार इनके साथ बचपन में गिल्ली डंडा कांच सब खेला में वही सामने मेरी अगली खड़े हुए हैं सब upsthittam सारे के सारे उपस्थित हो गए हैं मेरे ही अपने लोग ए गए हैं तो अर्जुन घबरा गए हैं और इतना टेंशन में ए गए माय डियर कृष्ण सिंह माय फ्रेंड्स एंड रिलेटिव प्रेजेंट बिफोर मी इन सच अन फाइटिंग स्पिरिट आई फुल डी लिंब्स ऑफ माय बॉडी और क्वाइवरिंग कहां पर आया मेरा शरीर थरथर कहां पर आए बचपन में मुझको याद है जब होमवर्क करके नहीं आते टीचर डंडा लेकर जब आता था ना वह देखेगा तो ऐसा बचपन में उल्टे हाथ पे टीचर मारता था तो उसे समय कुछ टीचर के लिए सोचते द भगवान [प्रशंसा] था अर्जुन का प्रॉब्लम बहुत बड़ा प्रॉब्लम है इमेजिन कितना बड़ा प्रॉब्लम है आप सोचो ना मतलब अगर आप ही का सागा भाई चाकू लेकर के आपको मरने ए जाए घर की सिचुएशन समझो मतलब इसको मायोपिक देखते हैं थोड़ा तो आपको लगेगा मेरा अपना खून आपका अपना बेटा आपका हत्या करने आए मेरा अपना बेटा इसको मैंने पाल पहुंचा आज मुझे मरने आया कितना हॉट होगा आपको इमेजिन अर्जुन का फीलिंग समझो थोड़ा कंफर्टेबल एटमॉस्फेयर था वहां लाउडली यस नो कंफर्टेबल था एयर कंडीशन में बैठे द ईस्ट ऑफ़ कैलाश इस्कॉन टेंपल अर्जुन को अर्जुन बोले जा रहे हैं कृष्ण सोने जा रहे हैं कृष्ण भी दांत लगा सकते द चुप अर्जुन क्या बेकार की बात का भी युद्ध का टाइम है लाडले शाम को आपस में कमरे में चर्चा कर लेंगे यार कृष्ण ऐसा बोले कृष्ण सुनते रहे की हालत थी ना उसको समझते हैं पहले 29वें श्लोक को भी एक साथ ले लेते हैं तो दोनों श्लोक कम समझते हैं ताकि क्योंकि दोनों का एक ही सिमिलर मैसेज है तो आज के इस वीडियो में दोस्त लोग एक साथ लेंगे अगला श्लोक मेरे पीछे बोलिए वे pradushwari रे रूम हर्ष जयते [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] ट्रंबलिंग कहां पर आया था रोम हर्षा जाए द रोम-रोम समझते हैं रोम रोम खड़े हस्ताक्षर गांधी सबसे पावरफुल चीज जो अर्जुन के हाथ में करें वो भी खिसक गई जो ताकत देती थी अर्जुन को गंदी गंदी धारी अर्जुन उसे गांडीव के बाल पे होता है जो दोनों हाथ से तीर चला सकता है इधर से भी तीर चला सकता है उधर से भी चला सकता है अनलिमिटेड तीर एक साथ चला सकता है किसी भी परम्यूटेशन कांबिनेशन में ट्रिगोनोमेट्री के किसी भी एंगल के साथ में अर्जुन कहीं से भी तीर चला करके वायु के बवंडर तूफान को कंट्रोल कर सकते हैं वो गांधी उनके हाथ में नहीं रुक रहा है इस समय वो अर्जुन जो आंख बंद करके उल्टी परछाई पर मछली की आंख को भेज दे वो अर्जुन जो सबसे ज्यादा इंटेलिजेंट माने गए हैं मिलिट्री आर्ट्स के अंदर उनके पास गांधी भी ए चुका है और वो भी गिर नीचे यानी की आपके पास आप ऐसे सोचो की आपके पास सबसे बड़ी जो पावर है आपके पास सबसे बड़ा समझो जो स्ट्रेंथ है चाहे वो आपका धन है आपके हाथ में नोटों से भरा बघेल तो आप उसको आग में दल देंगे जिन्होंने ये भी मेरे कम का नहीं रहा अब तो गंदी छोड़ दिया उन्होंने और क्या कहते हैं तो वक्ष एवं परी dahiyate टोक मतलब त्वचा स्किन तो मतलब मेरी स्किन जल रही है सोचो उनका बॉडी टेंपरेचर कितना बढ़ गया होगा की स्किन में आग लगी हुई है जल रही है कितना बॉडी टेंपरेचर कितना भयंकर ज्वार इसको बुखार बोलते हो आप हम भाषा में तो जब आदमी का ब्लड प्रेशर बढ़ता है टेंपरेचर बढ़ता है तो बॉडी जल रही होती गर्म होती ठंडी पट्टी रखते हैं समझ रहे मेरी बात को अर्जुन का इमोशन समझो आप ट्रंबलिंग माय हेयर्स स्टैंडिंग ऑन दी एंड माय वो गंदी स्लीपिंग फ्रॉम माय हैंड एंड माय स्किन इस बर्निंग तो अर्जुन की फीलिंग समझिए पहले अध्याय में क्या हो रहा है अर्जुन नेचरली अर्जुन ठीक ही का रहे हैं एक तरह से वीडियो [प्रशंसा] [संगीत] देखो मैं इसको ऐसे समझता हूं एक उदाहरण से समझता हूं तब पुरी बात समझ आएगी नहीं तो फिर आपको ना आपको एथिकल डिसीजन और इमोशनल डिसीजन के फर्क समझ में नहीं आएगा क्योंकि चैप्टर का नाम आप का सकते हो इस वीडियो का नाम है कोई व्यापारी है जिसकी टीम में 10 20 50 100 आदमी कम करते हैं कोई व्यापारी बिजनेसमैन तो खड़े हो जाइए इमेजिन करिए आपका बेटा बड़ा हो गया आपके साथ कंपनी में कम करता है और वो आप ही की कंपनी के अंदर हर में एक लेडी कम करती है वो उसको जाकर के मॉलेस्ट करता है रेप करने की कोशिश करता है तब क्योंकि वह आपका बेटा है तो आपको उसे माफ कर देना चाहिए यस नो नो एंड कंपनी पॉलिसी [प्रशंसा] अर्जुन के जो सामने भाई है जो बंधु है उन्होंने उन्होंने हत्या भी कारी उन्होंने रेप भी किया उन्होंने लूटपाट भी कारी और उन्होंने दूसरे की जमीन भी hathiyai उन्होंने सारे पाप किए मैं तो यहां केवल मॉन्स्टर की बात कर रहा हूं उन्होंने उनकी खुद की धर्म पत्नी कभी बलात्कार किया मेरी बात समझ ए रही है तो जब सामने गलत तो गलत है कम ऑन गलत तो गलत है लेकिन यहां अर्जुन को एथिकल डिसीजन लेने की जगह इमोशनल डिसीजन ले रहे हैं अर्जुन जो उसे समय ना इमोशनली तो ठीक बोल रहे हैं देखने में अच्छा लगता है मोरल लग रहा है बड़ा अच्छी बात कर रहा है क्योंकि अर्जुन compactionate है और कंपैशन और इमोशनल के इमोशन के चलते हम सही डिसीजन लेना भूल जाते हैं भागवत गीता आपको वो शक्ति देता है की आप इंटेलेक्चुअल ब्रांडेड को बड़ा कर पाते हो अपने आप अपने लॉजिकल और इमोशनल राइट ब्रेन और लेफ्ट ब्रेन में समान जिससे बता पाते हो अर्जुन जो उसके साथ बुरा कर रहा है अर्जुन उसके साथ भी बुरा नहीं करना चाहता पर जब जो किया जाना चाहिए वो किया जाना चाहिए अगर किसी ने आपके ऑफिस के अंदर किसी महिला को मालिश किया तो उसके खिलाफ आपको एक्शन लेना चाहिए यस नो यह नहीं की मैं यहां माफ कर डन क्योंकि ये एक्सट्रीम डिसिप्लिन इशू है ऐसे ही दुर्योधन सारे एक्सट्रीम डिसीप्लिनरी इश्यूज को सर पास कर चुके द क्या मंगा था पंच गांव तो मांगे द दुर्योधन सबसे बड़ा मूर्ख व्यक्ति था दुर्योधन को तो और जरा दे देना चाहिए था उनको दुर्योधन को तो पार्टनर बनाना चाहिए था युधिष्ठिर को क्योंकि युधिष्ठिर ईमानदार है सबको मालूम है चला जो प्रॉफिट आएगा मेरे को पहले ही पता तू ईमानदार है तू मेरी हिस्से का ₹1 रखेगा नहीं तो कम तू कर मैं आराम करता हूं लेकिन क्या दुर्योधन को पावर का इतना एडिक्शन था की मैं उसके बिना रह नहीं सकता मैं जिंदा नहीं रह सकता और यहां पे वापस आता हूं मैं बेसिकली डिफरेंस है बिटवीन व्हाट इसे राइट एंड व्हाट यू लाइक और ये आम जिंदगी में बहुत होगा आपके साथ आज का जो चैप्टर है वो बड़ा कॉम्प्लिकेटेड चैप्टर है ये आपकी जिंदगी से निकल के आएगा देखना भागवत गीता का आज जो हम श्लोक ले रहे हैं ये आपकी जिंदगी में बहुत बार रोज होगी यह घटनाएं यह कंपैशन वर्सेस कंप्लेंट्स का डिफरेंस है के कंप्लायंस मतलब यह नियम कानून ये होने चाहिए कायदे कानून यह है लेकिन कंपैशन मेरी करुणा है favouriteism वर्सेस मेरीटोक्रेसी ये उसके बीच में डिफरेंस है एवरी बड़ी कम ऑन इट इसे ओके तू हैव इमोशंस से लेडीज मोर फॉर यू इट इस ओके तू हैव ए मोशन बट इट्स लॉन्ग तू बीकमिंग इमोशनल इट इस ओके तू हैव सेंटीमेंट्स बट इट्स लॉन्ग तू बिकम सेंटीमेंटल इमोशन होना ठीक है इमोशनल होना नहीं सेंटीमेंट होना ठीक है सेंटीमेंटल होना नहीं क्या मेरी बात समझ ए रही है अर्जुन जो है ना वो मुश्किल इमोशन उसके रूट कैसे बन चुका था उसकी मेजर री उसके दुख के लिए टेंपरेचर बढ़ गया रोंगटे खड़े हो गए पसीने छूट रहे हैं आंसू निकल रहे हैं गंदी छूट गया हालत खराब हो गई गला सुख रहा है और रोने लगाया अर्जुन वो हालत कब रो द आप लास्ट टाइम उसको याद करवा अर्जुन क्योंकि अर्जुन जानता था की दुर्योधन को पैसा चाहिए बिना कम किए विच इस कॉल्ड वेल्थ विदाउट वर्क अर्जुन जानता था की दुर्योधन बिल्ड करना चाहता है कॉमर्स विदाउट मोरालिटी यानी की बिजनेस जिसमें ईमानदारी ना हो अर्जुन जानता था की दुर्योधन चाहता है पॉलिटिक्स विदाउट प्रिंसिपल राजनीति जिसमें कोई सिद्धांत ना हो अर्जुन जानता था की दुर्योधन सारे गलत कम कर रहा है पर अर्जुन की सिचुएशन आसान नहीं थी इतनी आसान नहीं अभी मेरे को आपको समझने में आप कुछ कंडीशंस को सोचो कुछ सिचुएशंस को समझो वह पुलिस वाला जिसकी पत्नी बहुत बीमार है और हो सकता है मार जाए अगर वो उसका ध्यान ना रखे लेकिन उसको अगर फोन ए जाए की फैट से आप इस सिचुएशन हो गई है यहां पहुंच जाओ नहीं क्योंकि 10 लोगों की जिंदगी खतरे में है उसके लिए कितना मुश्किल होगा की अपनी पत्नी को संभाले जो मार सकती है या उन 10 लोगों की जिंदगी बचाने जाए क्योंकि वो भी मार सकते हैं वो इनमें से क्या डिसीजन ले उसके लिए बहुत डिफिकल्ट होगा उतना ही डिफिकल्ट अर्जुन के लिए था एक हार्ट सर्जन जो अपनी बेटी का कन्यादान कर रहा है और उसको फोन ए जाए कन्यादान करते वक्त या सबके सब बैठे हैं कन्यादान के बीच में है और फोन ए जाए की कितनी पेशेंट की जिंदगी खतरे में है आप जाकर उसको बचाइए उसके लिए कितना मुश्किल होगा की अभी कन्यादान छोड़े अपनी बेटी का या उसे पेशेंट को बचाने जाए ऐसे ही मुश्किल अर्जुन के लिए था एक इंश्योरेंस एजेंट जिसके जिसका पूरा घर ऋण में पड़ा हुआ है जिसमें उसमें घर में इतना कर्जा है मैन बीमार है उसको पैसा तुरंत चाहिए वो थोड़ी सी गड़बड़ पॉलिसी बेचेगा उसको जो कमीशन आएगी उससे अपने घर को चला लेगा अब उसके लिए कितना मुश्किल है की मैं इसकी कम की पॉलिसी बेचूंगा तो मेरा घर मार जाएगा और इसको थोड़ी सी गड़बड़ पॉलिसी बेचूंगा तो मेरा घर चल जाएगा इसको lootungi अपने को बचाओ इसको बचाओ या अपने को लुटाऊंगा आसान नहीं है द कल होना हमेशा एथिकल और इमोशनल डिसीजन के चैप्टर थोड़ा डिफरेंट है इसमें आपको लाखों में कोई एक टीचर ऐसा होगा जिसका बच्चा जब नहीं पढ़ रहा हो ठीक तो अपने हाथ से अपने बच्चे को फैल कर देगा लाखों में कोई ऐसा वॉइस चांसलर या चांसलर होगा जो अपने बच्चे के नंबर कम आने पर अपनी ही यूनिवर्सिटी में उसको एडमिशन देने से माना कर देगा लाखों में ही कोई ऐसा जज होगा जो अपने बेटे की गलती पे उसको मौत की सजा देकर सुना के पेन को तोड़ देगा कोई जज नहीं करेगा लाखों में कोई पुलिस वाला ऐसा होगा जो अपने बेटे की गलती पर अपने बेटे के खिलाफ एफ आई आर लिख देगा अर्जुन के लिए सिचुएशन आसान नहीं थी लाखों में कोई ऐसा डॉक्टर होगा जो अपने बेटे का ऑपरेशन छोड़के किसी और अर्जेंट ऑपरेशन को देखने के लिए चला जाएगा लाखों में ही कोई ऐसा निर्माता निर्देशक होगा जो अपने बच्चे को लॉन्च करने के लिए की बजाए किसी और के बच्चे को लॉन्च करने चला जाए लाखों में कोई एक ऐसा पॉलीटिशियन होगा जो अपने बच्चे को टिकट दिलाने की जगह किसी और के बच्चे को टिकट दिला दे इसके उल्टे उदाहरण तो बहुत मिलेंगे पर ऐसे उदाहरण क्योंकि ये नेचुरल है की आप इमोशन को एथिक्स के ऊपर चूज करते हो क्योंकि जो आपको अच्छा लगता है या जो ही है उसमें क्या चूज करना है एक टैक्सी ड्राइवर आपको पता है यहां से आपको दफ्तर जाने के रोज ₹500 लगते हैं वो एक दिन आपसे 300 मांगता है आपको मालूम है ये गलती से कम मांग रहा है तो क्या आप उसको 200 एक्स्ट्रा दोगे मुश्किल होता है डिसीजन एक रेस्टोरेंट में अपने पंच डिश ऑर्डर करिए और गलती से उसने तीन का बिल भेज दिया अब आप क्या बोलोगे की उसको नहीं पंच का बिल दूंगा मैं क्योंकि मैं तो पंच ऑर्डर किया की लाइफ इंश्योरेंस एजेंट वो जानता है मेरा भाई ये टर्मिनल इल है ये मरेगा इसको कोई पॉलिसी नहीं देगा लेकिन उसकी झूठी पॉलिसी बावत है आपका बेस्ट फ्रेंड आपसे एक फीवर मांगता है की तेरी कंपनी की सीक्रेट मुझको दे दे तू मेरा दोस्त 20 साल से है और इस कंपनी में केवल 2 साल से है अब आप फ्रेंड के लिए करोगे या कंपनी के लिए अध्यक्ष को प्रैक्टिस करोगे और डॉक्टर कहता है की आप इनका लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा लो आपका कर्जा बन जाएगा क्या किया जाए कर्जे को बधाई या उसे पिता को चलते रहो जिन्होंने कभी ठीक नहीं होना है और उसकी पत्नी के पास पैसा नहीं उसको लाखों रुपए चाहिए उसका हाथ ट्रांसपेरेंट करने के लिए और उसका बॉस को बोलता है एक रात के लिए मेरे साथ सो जा मैं तुझे पैसे दे दूंगा वो क्या करें [प्रशंसा] इंश्योरेंस पॉलिसी है इमेजिन करिए और पिता ठीक नहीं हो रहे रिकवर नहीं कर रहे रिकवर करना मुश्किल हो रहा है पर उनकी एक 10 करोड़ की पॉलिसी है जो आज रात 12:00 बजे के बाद लैब्स कर जाएगी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है आज रात 12:00 बजे पहले वो मार गए तो 10 करोड़ आपको मिल जाएंगे आप अपना कैरियर बचा सकते हो और रात को 12 पार कर गया तो वो 10 करोड़ हाथ से निकल गए अब क्या करोगे 10 करोड़ लोग या पिता को बचाओगे अर्जुन की सिचुएशन नहीं थी पर यह सब डिसीजंस लेने के लिए भागवत गीता में सिखाया गया है की वैल्यूज जब सामने होना आपके क्लियर तो डिसीजन लेना इसे है और जब वैल्यूज नहीं है वैल्यूएबल्स आपके सामने हो तो डिसीजन लेना मुश्किल है क्या मेरी बात समझ ए रही है पहले ईमानदारी बाद में दुकानदारी जब भागवत गीता पढ़ लेगा व्यक्ति तो उसको कोई हरा नहीं सकता दुनिया में मोरालिटी स्ट्रेटजी नहीं है इंटीग्रिटी सिचुएशन नहीं है की मैं ईमानदारी को सिचुएशन के हिसाब से उसे करूं स्ट्रेटजी के हिसाब से उसे करूं अपने फायदे के लिए ईमानदारी का इस्तेमाल करूं इट इस बटोर तू डिजर्व एंड ओनर एंड नॉट रिसीवड रदर थन रिसीविंग डी बैच ऑफ ओनर विदाउट डिजर्विंग इट सो मैं ये कहना चाहता हूं की देखिए एथिक्स को हम लोग प्रैक्टिस करते हैं लेकिन तभी प्रैक्टिस करते हैं जब वो आसान होता है देखिए इट इस उन्ना वो नहीं है की व्हेन योर डूइंग डी राइट थिंग देयर इस नो चॉइस एथिक crunatha है व्हेन यू आर डूइंग डी राइट थिंग व्हेन डूइंग डी राइट थिंग इसे डी मोस्ट डिफिकल्ट थिंग एंड यू स्टील डूइंग डी राइट थिंग जब सही कम करना सबसे मुश्किल कम है और फिर भी आप सही कम करते हैं उसको बोलते हैं थैंक्स मेरे क्लाइंट है अग्रवाल जी इनकी लॉजिस्टिक्स कंपनी इंडियन आर्मी में हुआ करते द हमारे प्रोफेसर भी है कंपनी ठीक चल रही थी एक दिन दो दिन के पास आया और बातचीत हो रही थी तो वह भी इनके साथ आर्मी में करनाल था यह भी आर्मी में करनाल द उनको बोला यार अग्रवाल परेशान चल रहा हूं बोलो क्या परेशानी है यार वो नौकरी ढूंढ रहा हूं कहीं नौकरी नहीं है मेरे पास परेशान हूं अरे तू तू मेरे साथ करनाल तो नौकरी ढूंढ रहा है क्यों परेशान होता है यार तू आज मेरी कंपनी में कम कर मेरे साथ बोला क्या बात करता है हान यार ए जाना जनरल मैनेजर ऑपरेशंस रखते हैं तो ऑपरेशन अच्छा संभालेगा तेरा आर्मी में एक्सपीरियंस अच्छा रहा है बोला थैंक यू यार तूने मेरे को इम्मीडिएटली नौकरी दे दिया यार थैंक यू सो नाइस ऑफ यू कुछ दिन हफ्ते महीने ठीक-ठाक तो अग्रवाल देर हो गई अपने अपने केबिन से निकलते हुए अचानक मिले तो दोस्त बुलाए यार अग्रवाल आज एक बात दिल की कहना चाहता हूं बोलो बोल बैठ यार साथ में कुछ कॉफ़ी पीते हैं हान यार अग्रवाल एक बात बता तूने और मैंने एनडीए के एग्जाम्स की तैयारी तो एक ही साथ कारी थी ना हान या ना तू और मैं एनडीए एग्जाम कठे क्रैक करके आर्मी कठे एक ही दिन तो ज्वाइन किया था हान या ना तूने और मैंने कठे प्रमोशन ली थी लेफ्टिनेंट कर्नल से करनाल भी हम दोनों एक साथ बने द हान या ना तू और मैं कठे पियारे लेकर के आर्मी से बाहर भी आए द हान या ना [प्रशंसा] तू कहां है 2000 करोड़ की कंपनी का मलिक और मैं तेरी कंपनी में मैनेजर ये किस्मत नहीं है तो और क्या है ये किस्मत नहीं है तो और तो अग्रवाल जी बोले दोस्त मैं अपनी दोस्ती में यह बात लाना नहीं चाहता था पर तूने आज ये बात छेद दी तो उसका जवाब जरूर दूंगा जवाब सुनना चाहेंगे सुनना चाहेंगे अग्रवाल जी बोला याद कर वो रात रात को 2:00 बजे मैंने तुझे जगाया और बोला यार दोस्त वो बर्फबारी हो रही है और हम मशीन बिना तारपाल चढ़ाई खुली छोड़ करके ए गए तो उठ चलते हैं जाकर के वो मशीन को तारपाल चड्ढा के कवर करके आते नहीं तो नुकसान होगा तूने माना कर दिया तूने कहा रात के 2:00 बज रहे हैं इतनी बर्फ में 3 किलोमीटर कौन पैदल जाएगा और वापस 3 किमी कौन पैदल आएगा सो जा सुबह तारपाल चड्ढा दी जाएगी मैंने फिर इंस्टिंक्ट किया गलती हमारी यहां में जाना चाहिए तूने कहा यार क्या बात करता है इस समय जाएंगे इतनी बर्फ में बीमार पढ़ना है तू इंपॉर्टेंट है मैं इंपॉर्टेंट हूं या मशीन इंपॉर्टेंट सो जा सुबह जाए सुबह जाएंगे मैंने फिर इंसिस्ट किया क्या मैं जाना चाहिए नहीं तो नुकसान हो जाएगा तूने क्या जवाब दिया किसका नुकसान होगा ना तेरा नुकसान होगा ना मेरा नुकसान होगा सरकार का नुकसान होगा सो जा सुबह ट्रिपल चड्ढा देंगे मैं फिर इंसिस्ट किया दोस्त तुम नहीं माना तू अपने कमरे में जाकर के सो गया और मैं रात 2:00 बजे उठा बड़े बूट्स पहले छाता लिया dhaste हुए बर्फ में पांव घुसा घुसा के 3 किलोमीटर पैदल गया रात को जाकर के 3:00 बजे पहुंचकर तारपाल चढ़ाई और फिर पांव में धरती बरस के अंदर वापस लौट करके आया और अपने कमरे में आके सोया दोस्त वो दिन था और आज का दिन है दोस्त वह दिन था और आज का दिन है तू तब भी एंप्लॉई ही था इसलिए तू आज भी एंप्लॉई ही है और मैं तब भी ओनर ही था इसीलिए मैं आज भी ओनर ही हूं एक आदमी ओनर बनता है जिम्मेदारी लेने से सही निर्णय लेने से इसको बोलते हैं इमोशनल डिसीजन वर्सेस गीता आपको सिखा रही है अब पर्सन bikams गुड नॉट व्हेन ही दस नॉट डू अन्य बाद ओनली व्हेन ही एक्चुअली डू समथिंग गुड गलत ना करना सही नहीं है सही करना सही है इंटीग्रिटी जो होती है ना ये सिंपल यस और नो हुआ है अगर वैल्यू हो जाती है तो आपके पास या है या नहीं है कैरक्टर एक प्राइस सिर्फ चीज है इसमें कोई प्राइस नहीं है आपको पता है वो एक फेमस एग्जांपल है वो स्टील किंग हुआ करते द अमेरिका के एंड्रयू करने की एंड स्टील जॉइंट ऑफ उस एंड यू कान की बहुत बड़े अमेरिका के सबसे बड़े पतियों में द तो एक दिन रात कोई पार्टी में द किसी जगह पर क्या उतना अखबार में चेहरा छपता नहीं था रोज के लोग पहचान पाए तो वहां पर एक महिला से मिले जो बहुत अपनी तारीफ कर रही थी बहुत विराट कर रही थी तो उसे बोला उन्होंने ब्यूटीफुल लेडी अगर आप आज की रात मेरे साथ बताएं तो मैं आपको 1000 देना चाहूंगा कैसी बात करते हो तुम जानते नहीं हो कौन हूं मैं नहीं सॉरी मैं एक्चुअली गलती से निकल गया मुंह से ऐसी बात नहीं मैं का रहा था अगर आप आज की रात मेरे साथ बताएं तो ₹1 लाख देना चाहता हूं व्हाट नॉनसेंस उसने गली देना शुरू किया चिल्लाना शुरू किया औरत बहुत गुस्से में ए गई व्हाट आर यू टॉकिंग अगर आप मेरे साथ एक रात बताएं तो मैं आपको एक मिलियन डॉलर देना चाहता हूं किसी को पता नहीं चलेगा बस मेरे और आपके बीच में है तो मैडम बोलिए की कैसे देंगे पेमेंट क्या शेयर चेक जैसे ही आपने वैल्यूज को प्राइस टैग लगा दिया वैल्यूज अपनी वैल्यू खो देते हैं जैसे ही आपने मूल्य और संस्कारों की कीमत लगा दी उसकी कीमत वही समाप्त हो जाती है और जब आपका स्ट्रांग वैल्यू सिस्टम हो तो डिसीजन मेकिंग जिंदगी में आसान हो जाती है शिलांग प्रधानमंत्री आए गए पर हमारे देश में रतन टाटा जी का सम्मान हमेशा बना रहेगा [प्रशंसा] अब वह गीता एक ग्रंथ है कैरक्टर का मोरालिटी का प्रिंसिपल्स का वैल्यू उसका वे प्रचार शारीरिक रोमा हर्ष जयते गांडीव गंदी khiskara इतना मेरा बुरा हाल हो गया कैसे इमोशन जो होता है आपको आपको उन स्टडी बना देता है कैसे वो डिप्रैस स्टेट ऑफ माइंड में लेकर जाता है तो जो youngstery था ये इमोशनल हो के डिप्रेशन में चला जाता है उनके लिए मैं मैसेज दे रहा हूं की फाइलिंग तू फेस डी फीलिंग फीलिंग तू फेस डी फीलिंग फीलिंग वेल मेक यू फेस डी परमानेंट फीलिंग मैं समझता हूं फीलिंग तू फेस करना किसको फीलिंग फीलिंग वो फीलिंग जो आपको बेवकूफ बना रही है अगर आप उसको ठीक नहीं किया वह फीलिंग फीलिंग फीलिंग जो आपको बेवकूफ बना रही है तो फीलिंग तू फेस डी फीलिंग फीलिंग वेल मेक यू फेस डी परमानेंट फीलिंग अब परमानेंटली फैल हो जाएंगे अगर उसको नहीं किया संभाला तो ये डाउन साइड है ये इमोशनल होने का डिसीजन मेकिंग एबिलिटी खत्म हो जाती है ये डाउन साइड है की आपके लॉजिकल रीजनिंग लॉजिकल जो ब्रेन है वो स्लो हो जाता है और ऐसे आदमी का पुरी दुनिया लाभ उठाती है आपको पता है इमोशनल आदमी का हर आदमी फायदा उठा कर चला जाता है यस और नो इमोशनल इंसान का हर बाजू वाला आदमी फायदा उठा लेता है और ये जो इंसान है ये नंबर ड्रिवन माइंड चेक में फिट ही नहीं होता है ये ओवर थिंक करें और इसी की स्ट्रेस डिप्रेशन लॉक ऑफ स्लीप लॉक ऑफ डायट लाख ऑफ कर सब खत्म होता है यही सिम्टम्स है लॉजिकल पर्सन हो जाने के जब वो लॉजिकल नहीं रहता और वही श्लोक में बताया गया है वे पड़ोस और शरीर में रोमा हर अगर अर्जुन ठीक होता तो भगवान उसको उत्कृष्ट yoddhayakrit निश्चय नहीं बोलते आगे चलके तो यह आज का चैप्टर था हमारा इमोशनल डिसीजन वर्सेस एथिकल डिसीजन इसको समझ पाना ये ग्रंथ राज श्रीमद् भागवत गीता आपको सिखाती है ये वो एक लर्निंग है जिंदगी में सब छूट जाए भागवत गीता के लोडिंग नहीं छुटनी चाहिए यही मेरा आप सबको और पूरे देश को और हमारे सारे यूथ को युवाओं को यह मैसेज है इसीलिए मैं सबसे कहूंगा की इस वीडियो को आप failaiye लोगों तक pahunchaiye भागवत गीता pahunchaiye लोग पढ़े और अपने बुद्धि का विकास करें ग्रंथ श्रीमद् भगवत गीता की [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत]

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