ढाबे पर काम करने वाला लड़का कैसे बना करोड़पति AajTak Dr Vivek Bindra

मुझे बचपन से बिजनेस करना था लेकिन ऐसा था की मैं पिताजी को ऑलरेडी वह 10 लाख रुपए लोन लेक पढ़ा रहे हैं मैंने जहां से शुरुआत कारी थी शायद हमारे एरिया के लोग सोच भी नहीं पाते वहां तक आज करीब करीब 25 करोड़ का बिजनेस पड़ता है एक होटल के अंदर मैंने कम किया लगभग दूसरा मैंने वहां कम किया मैं तकरीबन 2 करोड़ का बिजनेस हम कर चुके हैं योगदान से पहले मैं कर्ज के साथ जी रहा था ₹15000 के लिए मैं इस 150 किमी बाइक घुमा के प्रॉपर्टी दिखता था लगभग 25 करोड़ रुपए तक का रिवेन्यू हम जेनरेट करें 1 करोड़ रुपए के माइंस से लेक और 7 करोड़ रुपए जो की हमारी कम्युनिटी में सबसे हाईएस्ट रिवेन्यू है आज [प्रशंसा] नमस्कार मैं हूं श्वेता झा और इस वक्त मैं मौजूद हूं डी मिलेनियम क्लब मीत में बड़ा बिजनेस में एक बार फिर से लोगों के सामने अपार संभावनाएं पेस की है लोगों को फिर से यही यकीन दिलाने की कोशिश की है की आप सपना तो देखो सरकारी यहां हम आपको करके दिखाएंगे तो आई आपको इस मीत में लिए चलती हूं और आपको दिखाई हूं की देखिए कहां-कहां से लोग यहां पर आए हैं अपने सपनों को सरकार करने के लिए और कई वो लोग जो अपने सपना सरकार कर चुके हैं कम विथ मी ऐसा है जोश अरे भाई मैंने सुना है की आप लोग कहते हैं कुछ ना थकना ना तो जोश बहुत हाय है लेकिन चलिए इन लोगों से पूछ लेते हैं की कौन कहां कहां से आया है आप कहां के रहने वाले हैं मैं देख रही हूं बहुत डर से आप लाइन में लगे हुए हैं तो अब इतना इंतजार कहे के लिए यहां पे गोल्ड मिल रहा है ऐसे नहीं देखा था आप लोग कहां से वाराणसी से आया हूं मैं बहुत ही मेहनत करने के बाद आज मैं पहुंच हूं यहां तक और मुझे फाइनली गोल्ड मिल चुका है क्या करते थे पहले मैं जब करता था मैं बिल्कुल सर्टिफाइड नहीं था और अब और अभी तो बहुत सर्टिफाइड में महीने में 1 लाख की इनकम कर का रहा हूं देखिए कई सारे किस आपको यहां पर सुनने और देखने को मिलेंगे क्योंकि कई लोग जो है बहुत दूर-दूर से आए हैं छोटे-छोटे गांव छोटे-छोटे काशन से आए हैं और अपनी मंजिल को हासिल करने के लिए आगे बढ़ थे और आज यहां पर पहुंचे हैं आपका आएंगे हरियाणा रेवाड़ी से अच्छा चलिए आप तो पास की ही है लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर कैसा रहा बहुत ज्यादा इंटरेस्टिंग और अमेजिंग रहा है मैं ऑलरेडी हाउसवाइफ थी ऑलरेडी पिछले 8 साल से मैं जब कर रही थी ऑलरेडी कोर्ट में जब चली जान की वजह से मैंने विवेक बिंद्रा सर को जॉइन किया है और मेरी मिनिमम मंथली इनकम डेड से गोलक रुपए की है 150 लाख मंथली और ऑलरेडी मैं तीन से 3:30 घंटे ही टाइम दे पाती और आज मैंने यहां से गोल्ड भी लिया है हमारे कैमरे में दिखाइए गोल्ड तो यह देखिए यह इनको गोल्ड मिला है और तमाम जितने भी लोग यहां पर आए हैं सबको इसी तरह से गोल्ड का इंतजार है एक बार आप सबके लिए जोरदार तालियां सीधे रुख करते हैं डॉक्टर विवेक बिंद्रा का मैटर और बिजनेस गुरु दो विवेक बिंद्रा बहुत स्वागत है आपका धन्यवाद ऐसा यह मैजिक आप क्या करते हैं यह कैसा मैजिक करते हैं की वह इंसान वह शख्स जिसके पास कोई इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है जो बिजनेस के बड़े में सही उसको तालीम नहीं है उसके बावजूद वह इस मुकाम तक पहुंच जाता है हो इस पॉसिबल थी जब मैं इसमें जॉइन किया था वो फ्रीलांसर की इंडस्ट्री थी ट्रेनर्स की इंडस्ट्री थी प्रोफेशनल्स की थी डॉक्टर की समस्या भी यही होती है वह जितने पेशेंट दिखेगा उतना पैसा कमेगा लॉयर की समस्या भी यही है की वो जितनी कोर्ट में हियरिंग करेगा उतना पैसा कमेगा एस्ट्रोलॉजर जितनी पथरी देखेगा टीचर जितना पढ़ाएगा ऐसे ही मोटिवेशन स्पीकर जितने ट्रेनिंग प्रोग्राम लगा उतना पैसा कमेगा बट आई थिंक मेरा इंस्पिरेशन ज्यादा हॉवर्ड बोट और लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस में एक सब्जेक्ट आता है जिसको बोलते हैं पाइप बिजनेस प्लेटफॉर्म बिजनेस तो मैंने प्लेटफॉर्म बिल्ड करने पर कम किया जिन लोगों से आज आप मिले वह सारे हमारे इंडिपेंडेंस बिजनेस कंसल्टेंट्स हैं हमारे माइक्रो फ्रेंचाइजी हैं और आप कुछ बताइए जान के अच्छा लगेगा की आज देश में डोमिनोज हो सकता है की भागलपुर के पास में किसी गांव के अंदर अपना पिज़्ज़ा पहचाने में 25 मिनट 30 मिनट लगा दे लेकिन आज किसी भी प्रोडक्ट का डेमो देने के लिए मेरी मां पावर सिंगल डिजिटल ऑफ मिनट में पहुंच शक्ति है यानी की 10 से कम मिनट में इतना बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मिल गया टॉप बैंक से हमारे देश के आज फाइनेंशियल प्रोडक्ट को लेकर के हमारे साथ पार्टनर करना चाहते हैं की कैसे हम उनके प्रोडक्ट को प्रमोट करें हमारे अपने एजुकेशनल ब्रेड वो कंटेंट वो हैंड होल्डिंग सपोर्ट तो कोई भी अंतर्निशिप से संबंधित अगर कोई प्रॉब्लम है तो आज बड़ा बिजनेस सॉल्व कर रहा है टियर 3 टियर पर डी असली भारत बचत है जो की इंडिया नहीं है इंडिया केवल टॉप टेन सिटीज ऑफ डी कंट्री है असली भारत बहुत बड़ा और इस असली भारत के अंदर जो ग्रोथ रेट इस समय जो चीन ले रहा है उससे ज्यादा पॉसिबल ग्रोथ रेट हमारे पास पॉसिबल है अगर हम जो रियल इंपैक्ट आएगा वो तभी आएगा जो 100 करोड़ लोग जो पीछे कहानी छुपी हुए हैं दबे हुए हैं अगर हम उनको उठाएं वही हमारा कम एक ऐसा प्लेटफॉर्म हमने तैयार किया आज आप इंडिपेंडेंस बिजनेस कंजार्टिन से मिले मैंने इसको इतना इडियट प्रूफ मॉडल बना है इतना फूल प्रूफ जिसको फूल प्रूफ का साधारण भाषा में अर्थ हुआ की ऐसा जो कम बुद्धि का व्यक्ति है वो भी सफल कैसे हो जाए की एक शख्स जिसने बा किया हो दूसरा शख्स जिसने आपका कोर्स किया हो वर्सेस तुम बहुत ज्यादा सिंपल मेरा कम नहीं है की मैं अपनी तारीफ करूं अच्छा रहेगा आप उन लोगों से मिले उनके टेस्टिमोनियल्स ने उनसे जान वहां क्योंकि देखिए बा मैंने भी किया लेकिन मैं अपना बा में ही समझना हूं की जो कांसेप्चुअल जो थियोरेटिकल क्लासरूम बेस्ड अप्रोच के साथ पटाया जाता है जो व्हाइट बोर्ड पर पटाया जाता है वह पढ़ाई एक्चुअली एप्लीकेशन में इसलिए नहीं ए पाती क्योंकि जो प्रोफेसर आपको पढ़ा रहा है वो प्रोफेसर भी ज्यादातर चांसेस हैं की उसने इसीलिए प्रोफेसर बनाकर उसको कोई और अच्छा कम नहीं मिला हमारे देश के प्रोफेसर जिनकी मैं इज्जत तो करता हूं पर मैं चाहता हूं की वो गो करें क्योंकि उनकी जो थियोरेटिकल पढ़ाई है वो एग्जीक्यूशन में मदद नहीं कर पाते तो बा की पढ़ाई किस हनी चाहिए देखिए अगर आप डॉक्टर को देखें ना तो उनकी क्लासरूम लर्निंग अफेक्टिव नहीं होती उनकी बेड साइड लर्निंग इफेक्टिव होती है यानी की अस्पताल में बेड के साइड पे खड़े होके मुझे जितना सिख सकते हैं उतनी क्लास रूम में पढ़ कर के नहीं सिख सकते ठीक इस प्रकार बिजनेस में भी जिसने बिजनेस किया हो जब वो बिजनेस सीखना हो तो हमारे जो बिलियन है प्रोफेसर्स हैं जब वो आपके बिजनेस से खाता हैं उन्होंने खुद बिजनेस को बिल्ड किया तो वो पढ़ाई बहुत कम की होती है आप ही की बात से यही से मैं आगे बढ़नी हूं आपने कहा की प्रैक्टिकल नॉलेज इस वेरी इंपॉर्टेंट वो बहुत जरूरी है थेरलेटर कल से आप ये मुझे बताइए की आपके जितने भी कोर्सेज हैं वह सारे ऑनलाइन हैं मोस्टली तो उसमें प्रैक्टिकल नॉलेज तो कोई भी इंसान जेन उसे समय कर नहीं रहा होता है उसके बावजूद वह कामयाब कैसे होता है पहले तू खैर डिजिटल नहीं है सब वेजिटेबल है फिजिकल प्लस डिजिटल हमारे फिजिकल इवेंट्स भी होते हैं लोग वहां भी आते हैं लेकिन यह आ मेरे अलावा कई लोग पूरा डिजिटल भी कर रहे हैं मैं उनके लिए भी कहना चाहूंगा और अपने लिए भी कहना चाहूंगा की डिजिटल भी आप आपके पास इंटेलिजेंस होना चाहिए की आप कंटेंट का डिसेमिनेशन करते कैसे हैं आप राइट एनिमेशन देते हैं राइट फ्रेमवर्क देते हैं आप अगर चाट भी सपोर्ट देते हैं कल बेस्ट कोच का सपोर्ट देते हैं और अगर फिजिकल इवेंट्स भी करते हैं आपको फ्रेमवर्क देने आते हैं आपको रोड प्लेस करने आते हैं आपको क्वेश्चन एक्सरसाइज आते हैं और आप उसका फॉलोअप टाइम भी ले पाते हैं एग्जीक्यूशन फ्रेमवर्क तो हमारा कम केवल डिजिटल नहीं है डिजिटल से बहुत आगे है हम लोग इस इंडस्ट्री के अंदर नंबर वन तू थ्री नहीं है की आज तक नंबर वन है लेकिन हम अपनी इंडस्ट्री में भी ओनली वन है दी ओनली वन का मतलब है की नंबर वन पे भी हमें तू पे भी हमें थ्री पे भी फोर पे भी फाइव पे भी वो साड़ी रैंक हम इसीलिए हॉल करके चलते हैं क्योंकि हम रोज कंज्यूमर के नजदीक बैठने हैं की इसको क्या तकलीफ ए रही है उसकी तकलीफों को कैप्चर करते हैं उसको प्रोडक्ट में डालते हैं फिर तकलीफ को कैप्चर करते हैं प्लॉट में डालते हैं ये मंथन हम लोग लगातार करते हैं की कंज्यूमर को चाहिए क्या है असली ऑर्गेनाइजेशन अस्मिता जी सफल वही होती हैं जो कस्टमर के हिसाब से प्रोड बनाते हैं अपने हिसाब से नहीं आप भागवत गीता भी पढ़ने हैं आप मानते हैं श्री कृष्णा को मानते हैं उनके उपदेशों को मानते हैं हमने सुना भी है जाना भी है कई आपके सेशंस पे हमने सोनी जा रहे हैं देखें और आज जब यहां पर लोग आए हुए थे उन्होंने इस बात को कोर्ट भी किया और इसी वजह से विश्वास भी आप पर लोगों का बहुत ज्यादा है उनका ये कहना है की जो भागवत गीता को मां कर चला है और साथ करके चला है तो उन पर हम विश्वास कैसे ना करें तो लोगों में खास करके मांस में जो यह आपने विश्वास जीता है यह भगवान कृष्णा का मैं सेवक हूं मैं उनका दास हूं कई बार लोग गलती से कुछ ऐसे बड़ी-बड़ी बात मेरे लिए बोल देते हैं मैं एक्चुअली डांस भी नहीं हूं बने का प्रयास कर रहा हूं उनका नौकर भगवान का क्योंकि उनसे जो सीखने को मिल रहा है भूत है भाई देखो रसगुल्ला कितना स्वाद है वो पहले खाना पड़ेगा आपको केक कितना बढ़िया पहले खाना पड़ेगा भागवत गीता कितनी बढ़िया याद करना चाहते हैं उसको पढ़ना पड़ेगा उसको सुना पड़ेगा मैंने गीता इन एक्शन सीरीज चालू करिए इस देश में नॉरेटिव बादल दूंगा मैं बताना चाहता हूं की धार्मिक किताब का चश्मा उतरवा दूंगा लोगों का मेरे देश में गीता सबके लिए पुरी दुनिया के लिए गीता में वह जो मोरालिटी जो करैक्टर जो है थे जो वैल्यू जो प्रिंसिपल दिए बच्चों को अगर मिल गया ना ये भारत सोनी की चिड़िया वापस बनेगा कोई रॉक नहीं पे गीता एक ऐसा ग्रंथ है जो जिसके अंदर जीवन का जो हिस्सा सफल बनाना बन जाएगा कई लोग कहते हैं गीता में केवल धार्मिक चीज सिखाओ बिजनेस मत सिखाओ अरे क्यों नहीं सिखाएं आपको जिंदगी का जो हिस्सा सीखना है सिख सकते हो आपको जिंदगी में पारिवारिक सामाजिक व्यापारिक व्यवसायिक शारीरिक आध्यात्मिक भौतिक जो सीखना है गीता कृष्णा ने इतने बढ़िया-बढ़िया श्लोक बोल करके इंटेलिजेंस में इसीलिए मैं सबको बोलना हूं गीता इन एक्शन की सीरीज हमने शुरू कारी है उसको हो सके तो देखिए एक एपिसोड मत मिस करिए कुछ बेचे नहीं आया आपको कुछ देना नहीं चाहते हैं वो फ्री में वो संस्कार देना चाहते हैं और बच्चों के अंदर संस्कार ए गए व्यापार आपका व्यवहार आपका विचार आपका बड़े में चर्चा सब बढ़ेगा आसानी से इसलिए भागवत गीता आपको सिखाती है श्वेता जी पहले ईमानदारी बाद में दुकानदारी बिल्कुल बहुत धन्यवाद डॉक्टर बन रहा है आपका हमसे बात करने के लिए और आपके जो ये अनमोल वचन आप जो आपका धन्यवाद होस्टेस टेबल में आपने क्या बढ़िया एंकरिंग कारी आज तक चैनल का धन्यवाद आज तक चैनल नंबर वन सबसे तेज सबसे आगे और श्वेता जी आप भी औरतें और आगे बढ़ आप सबको बहुत-बहुत बधाई [संगीत] [प्रशंसा] मंजिल इंसान के हौसले को आजमाते है सपनों के पर्दे को आंखों से हट्टी है किसी भी बात से हिम्मत ना हरण है दोस्त रास्ते की ठोकर इंसान को चलना सिखाती है तो वैसे लो जो रास्ते की ठोकर खाकी बहुत ऊंचाई तक पहुंच चुके हैं आज उनसे मैं आपको रूबरू कराऊंगी वो आपने से ही एक है कल तक जिनके बड़े में कोई नहीं जानता था आज वो बड़ी-बड़ी कंपनी रन कर रहे हैं और उसके पीछे कहानी ना कहानी डॉक्टर विवेक बिंद्रा और ये बड़ा बिजनेस है तो जोरदार तालियां दो विवेक बिंद्रा और बड़ा बिजनेस के लिए तो चलिए सबसे पहले मैं बनती हूं प्रांशु रंजन को [प्रशंसा] तो आज हम प्रांशु के साथ यहां क्यों बैठे हैं ये प्रांशु से ये जानते हैं प्रांशु अपनी आप जो नहीं हमें बताएं यह बताएं सबसे पहले की आप रहने वाले कहां के हैं मैं जमशेदपुर से बिलॉन्ग करता हूं झारखंड मेरे घर से जमशेदपुर से हूं आज से एग्जकताली 6 साल पहले जैसे हमारी तरफ होता है पिताजी लोन लेकर किसी तरह मुझे पढ़ने के लिए दिल्ली में भेजो था और हमारे साइड ऐसा होता है की बेटा थोड़ा-बहुत भी पद जाए अच्छी नौकरी कर जाए 50 60000 की भी सैलरी ग जाएगी नौकरी ग जाए तो एक बहुत अच्छा हो जाता है हमारे जी के लिए की नहीं सीकर हो गया सेफ हो गया और इस टाइम पर विवेक बिंद्रा सर जिनको आज मैं दिल से बहुत ज्यादा थैंक यू बोलना चाहता हूं धन्यवाद बोलना चाहता हूं क्योंकि उनका आईबीसी के बड़े में मुझे समझ आया मैं उनको कर साल से फॉलो कर रहा था और फिर जो है मैंने वेजिना हुआ था उनका फ्री वेबीनार दो विवेक बिंद्रा सरकार और ऐसा होता है ना की हमारे जैसे स्टूडेंट उसे टाइम पे 5000 ₹10000 दे के अटेंड किया करते हैं तो उनके सेमिनार्स तो उनका फ्री वेबन और एक बहुत बड़ी चीज थी की यार फ्री में जन को मिल रहा है और वहां मुझे पता चला की आईबीसी के बड़े में कुछ होता है यहां भी कम किया जा सकता है मिनी फ्रेंचाइजी लेकर अच्छा पैसा कमाया जा सकता है और उसके बाद वहां से जो है मैंने सब कुछ समझा डिटेल में समझा आप अपनी जर्नी को आगे कंटिन्यू करते हुए हमें बताइए की एक वो दूर था जब आप अपने पिताजी से भी पैसे लेने में हाइक रहे थे आपको ग रहा था की पता नहीं वो पैसे देंगे नहीं देंगे फिर आपने डॉक्टर विवेक बिंद्रा को जाना फिर आगे क्या मेरा अकाउंट में 1600 रुपए पड़े हुए थे वो भी पिताजी ना जूते लेने के लिए भेजो हुआ था तो वहां से जो है मैंने अपने बाइक को बेचा है एक बाइक खरीदी थी मैंने पार्ट टाइम में अपने लैपटॉप को बेचा और इधर-उधर से पैसे अरेंज करके लाइफ में मैंने पहले रिस्क लिया मैंने जहां से शुरुआत कारी थी शायद हमारे एरिया के लोग सोच भी नहीं पाते वहां तक आज करीब करीब 25 करोड़ का बिजनेस जी करोड़ का बिजनेस मैं नहीं कांग्रेचूलेशंस वंस अगेन आपको और ये जो आपकी कहानी है हमारे चैनल के मध्य से लोगों तक पहुंचेगी घर-घर पहुंचेगी और मुझे पुरी उम्मीद है की आपको सुनने के बाद बहुत से ऐसे बच्चे बहुत से ऐसे लड़के जो आज भी बस सपना ही देख रहे हैं वो आज के बाद से ये प्राण लेंगे की वो भी जो चाहे वो जीवन में कर सकते हैं मैंने कंग्रॅजुलेशंस वंस अगेन अभी एक इंस्पायरिंग स्टोरी आपने सनी अब दूसरी स्टोरी के लिए तैयार हो जाइए क्योंकि ये भी स्टोरी खाने के लिए आज स्टोरी है लेकिन कल किसी का जीवन थी बहुत मुश्किल से आज यहां तक अश्विनी पहुंचे हैं तो आई जानते हैं उन्हें की कहानी उन्हें की जुबानी अश्विनी प्लीज कम जोरदार ताली आज [प्रशंसा] मैंने मैंने जितना जाना आपके बड़े में आ एक समय ऐसा था अपने स्ट्रगल किया 8 साल का लगभग लंबा स्ट्रगल था आपका 11 लाख का आपके ऊपर कर्ज था लेकिन आज आप हैप्पी थॉट्स के साथ बैठे हैं कभी-कभी कुछ घटनाएं जिंदगी बादल देती है सो लोग डॉ ने मेरी जिंदगी बादल दी लोग डॉ से पहले मैं कर्ज के साथ जी रहा था कर्ज था जिंदगी चल रही थी 15000 रुपए के लिए मैं 150 किमी बाइक घुमा के प्रॉपर्टी दिखता था अचानक से लोग डॉ ए गया विवेक सर मैंने किसी का स्टेटस देखा की काफी डर बहुत दोनों से किसी का स्टेटस देख रहा था उसे फॉलो कर रहा था तो मैंने देखा इतना क्यों ये विवेक सर को स्टेटस पे लगा रहे तब मैंने पूछा की क्या चल रहा है तब मुझे बताया गया है की आप अभी लोग डॉ में अपने आप को गो कर सकते हो सो मैं लर्निंग के परपज से आया था लेकिन गेम चेंज हो गया तो गेम चेंज हो गया और अब मुझे पता है ये चला है की आप कई लोगों के गेम चेंज करने में लगे हुए हैं ऐसा ही कुछ बिल्कुल राइट देखिए क्या जब अपना लाइफ बदला तो लगा बहुत सारे लोग मेरे जैसे हैं जिनके कर जा है दिक्कत है मैं बहुत मतलब बहुत ही छोटे परिवार से बिलॉन्ग करता हूं सरकारी स्कूल में पढ़ाई लिखी रहा था शायद मुझे नहीं मालूम कितने लोग जानते होंगे मेरे शेर का नाम एमपी में बहुत छोटा सा शहर है सीहोर वहां से बिलॉन्ग करता था सब मेरा लाइव बदला करोड़ रुपए का रिवेन्यू जेनरेट होने लगा मंथली तो फिर मैंने डिसाइड किया अभी भी सुनने में एक सपना सा लगता है आप लोगों को नहीं लगता इसके पीछे जो स्ट्रगल जो मेहनत आपने की है लोग वो जानना चाहते हैं बताइए उन्हें सबसे पहले थी कन्वैक्शन जो प्लेटफॉर्म विवेक सर ने दिया है विवेक सर पे सबको ट्रस्ट है आपको भी होगा मुझे भी था तो मुझे वो कनविक्शन थी की मैं विवेक सर के साथ हूं तो लाइव तो बदलेगी बदलेगी क्योंकि लर्निंग मस्त विवेक सर के साथ थी कनविक्शन आया विवेक सर बेतराज आया और जैसे-जैसे प्रैक्टिकल लाइफ बदलने लगी जैसे-जैसे रिवेन्यू होने लगा कमाई होने लगे आज इस छोटे से शहर में पूरे इंडिया से लोग आते हैं और 200 लोग वहां पर अभी ट्रेनिंग लेते हैं इसमें अगर आप अपने जर्नी को आंकेंगे तो आप कहां तक पहुंचे अभी लगभग 25 करोड़ रुपए तक का रिवेन्यू हम जेनरेट कर चुके हैं [प्रशंसा] विश्व यू जो डी वेरी बेस्ट जोरदार ताली एक बार फिर से चलिए अब हमारे बीच ए रहे हैं राजेंद्र सिंह रावत प्लीज वेलकम राजेंद्र सिंह रावत तो सबसे पहले तो यह बताइए की परिवार में आपने जब शुरुआत की आप कहां पर कम कर रहे थे और उसे वक्त क्या सोच थी आपके अंदर की पता नहीं आगे जीवन भविष्य क्या होगा मैं आ 2012 की बात करूंगा आपसे तो उसे वक्त मेरे पिताजी की सदली डेथ हो गई थी तो उसके बाद मैं हो सकता है हाय स्कूल में पढ़ाई कर रहा था और मैं फेल हो गया एक साथ क्योंकि जब पेपर थे एग्जाम थे पिताजी के डेथ हो गई तो मैं पढ़ाई नहीं कर पाया आगे तो फिर मम्मी ने कहा ऐसा करो तू पढ़ाई कर ले और मैं कुछ भी करके मैं मजदूर करके तुझे पढ़ाऊंगी और खेतों में कम करके और दूसरों का कम खास करके मम्मी ने मुझे पटाया मिडिल क्लास फैमिली की मैं जो बच्चे होते हैं उनके ऊपर जब जिम्मेदारी आई हैं तो फिर वो आगे पढ़ाई के सोच नहीं सकते तो उसके बाद फिर मैंने पढ़ाई को ड्रॉप कर दिया और उसके बाद फिर मैं एक होटल के अंदर मैंने कम किया लगभग दूसरा मैंने वहां कम किया फिर मैंने एक फैक्ट्री के अंदर कम किया 12 घंटे कम करता था और कभी कभी जो कंपनी के ओनर होते थे तो जो सिक्योरिटी गार्डन होते थे मुझे घर भाग दिया करते थे की तुम्हारी आगे बहुत छोटी है कंपनी के अंदर विजिटिंग होगी तो तुम्हें पकड़ लेंगे तो कंपनी को हो जाएगा तुम चले जो तो कभी-कभी मैं घर से जंगल से होते 8 किलोमीटर दूर जय करता था और उसे एरिया का नाम सितारगंज तो वहां जाता था मैं और कभी-कभी मुझे वापस आना पड़ता पर्यटन हो गया तो मतलब आप कम करने जाते थे लेकिन आपकी कम उम्र होने की वजह से आपको भेज दिया जाता था एक्जेक्टली में तो मुझे वापस भेज दिया जाता था तो इस तरीके से फिर मैंने एक कंपनी चेंज की और उसके बाद में एक डेड साल बाद में 18 साल का पूरा भी हो गया तो फिर मेरा आधार गाड़ी बावा लिया तो उसके बाद फिर मैंने लगातार 4 साल मैंने कम किया फैक्ट्री के अंदर और 2018 के अंदर जो मेरी मदर है 2016 के अंदर तो मेरी मम्मी आंख से चुडा गई थी काफी ज्यादा तो उसके बाद फिर उन्हें हॉस्पिटल में जब एडमिट किया गया तो 3.5 लाख से ज्यादा खर्च और उसे वक्त मेरी जो सैलरी थी वो 5300 के आसपास थी ₹5300 के आसपास थी उसमें से पीएफ कट के उतने मुझे मिला करती थी अगर मैं 28 दिन पूरा जाता तो ही मुझे उतने मिलते थे तो अब उसे इंसान के लिए 3:30 लाख रुपए पर हमारे हमारे पर खर्च भी हो गया और 2019 के अंदर फिर मैंने कंपनी जाना छोड़ दिया पता नहीं उसमें मैं आंध्र प्रदेश की जो वीडियो थी विवेक सर की वीडियो थी काफी देखा करता था काफी फॉलो करता था और सर की तरह बोलने का प्रयास करता था आप अच्छे से इलाके के बड़े में बता रहे हैं मुझे लगता है की यहां से यहां बैठे हुए बहुत सारे लोग जानते भी नहीं होंगे सुना है कभी नाम जहां से आते हैं मतलब वहां भी डॉक्टर विवेक बिंद्रा के वीडियो लोग देखते हैं और मैं क्या बात है भाई ताली हो जाए है तो 2020 के अंदर जब लॉक डॉ लगे वाला था उससे पहले ही मैंने आईबीसी के बड़े में कुछ सुना था लेकिन मैंने इतना इंटरेस्ट शो नहीं किया था क्योंकि इन्वेस्टमेंट लगती थी तो उसके बाद जब 2020 के अंदर ही हो तू स्टार्ट ए स्टार्टअप का जब विवेक सर का प्रोग्राम हुआ तो उसको मैंने अटेंड किया वो भी पेड़ की दाल में बैठ के क्योंकि पेड़ की दाल के ऊपर टॉप के ऊपर मैंने जो अटेंड किया तुम्हें मैंने उसको जो डोंगर होता है उसको मैंने ऊपर रख दिया पेड़ में बंद के रख दिया ऊपर और नीचे मैं दाल के बैठ के मैंने आराम से उसको अटेंड किया लगभग डेड दो घंटे का विमला था तो वहां मुझे ओवैसी के बड़े में पता चला तो एक अंदर से एक हिट हुआ की शायद हो सकता है मैं इसमें कुछ कर जाऊं क्योंकि मुझे थोड़ा सा मैं एक ऐसा इंसान था की मैं बैठे-बैठे कम करना चाहता था और मैं घर में घर में बोल चुका था की मैं अब मैं कंपनी नहीं जाऊंगा और ऑलरेडी डेड साल से घर में बैठा हुआ था तो फिर जब मैंने आईबीसी के बड़े में सुना और जब मैंने पता किया तो काफी इन्वेस्टमेंट थी और एक 5000 कमाने वाले इंसान के लिए मैं वो शायद 70-80 हजार रुपए देना वो मेरे बस की बात नहीं थी मैं बस बोलूंगा यहां पर तो उसके बाद जो मैंने घर में मम्मी से कहा था मैंने कहा बेटा देख के बड़े-बड़े लोगों को कम होते हैं जिनके पैसे होते हैं वही ये कर सकते हैं ऑलरेडी मैं कई जगह पर ऐसे फैंस चुका था पहले और काफी गज और करवा चुका था तो मम्मी ने कहा अब देख तू मतलब कहानी कंपनी चले जो और जब घरवालों ने काफी प्रेशर किया तो मुझे लगा शायद मुझे कंपनी चले जाना चाहिए तो फिर मैंने वो ड्रॉप कर दिया शायद मार्च अप्रैल के बीच में वो सेशन हुआ था तो मैं ध्यान नहीं दिया तो फिर मैंने जब लॉगिन बढ़ता गया बढ़ता गया बढ़ता गया तो उसके बाद और फिर मैंने 2020 25 दिसंबर के अंदर मैंने आईबीसी जॉइन किया और वो भी मैंने अभी जो मदर थी उनकी मम्मी ने अपने जो शादी मैंने गने मिले थे उनको उन्होंने सेल किया और दें मुझे फिर आईबीसी बनाया तो उसके बाद मैंने कम करना स्टार्ट किया है और 25 दिसंबर 2011 को मैं आगे एन आईबीसी बड़ा बिजनेस के अंदर इनरोल हुआ और वहां से कम होना स्टार्ट किया और आज कहां पर पहुंच गए हैं मैं आज मैं तकरीबन 2 करोड़ का बिजनेस कर चुके हैं और इस के साथ-साथ आ युटुब के ऊपर 60000 से ज्यादा लोगों को आज मैं शिखा पता हूं इसके सेट के ऊपर मन सेट के ऊपर ट्रेनिंग के पास 8000 से ज्यादा लोगों को और लाखों में क्या है अभी मैं आ सर 23 साल जी 23 साल में 2 करोड़ का बिजनेस है और क्या चाहिए थैंक यू सो मैच अगली हमारे मेहमान ए रहे हैं यानी सुगंधा बंसल उनकी कहानी हम जानेंगे क्योंकि यह बा इन्होंने किया हुआ था और अच्छा खास एन ये कम कर रही थी तो लेट वेलकम सुगंधा सुगंधा प्लीज कम ऑन स्टेज और प्लीज शेर योर स्टोरी क्योंकि आप ये सब कोई जानना चाहेंगे देखिए जिसने पढ़ाई नहीं की या फिर किसी वजह से वो नहीं कर पाया तो वो एक अलग बात होती है लेकिन बीइंग इन बा बा करने के बाद एक अच्छा एजुकेशन हासिल करने के बाद फिर आप यहां तक कैसे पहुंची और आपकी जर्नी क्या रही प्लीज बताएं एक्चुअली बचपन से ही था की बिजनेस करना है तो जब पढ़ाई करते हो आप इतने एक्सपेंसिव पढ़ाई करते हो तो ऑब्वीजली एक बार डर होता है की पढ़ाई खत्म करने के बाद बिजनेस करेंगे कैसा होगा तो फिर मैंने एक साल जब किया आई क विद लाइक एन गुड एमएनसी वेल और उसके बाद मैंने रिलाइज किया नहीं मुझे तो बिजनेस नहीं जाना है छोटे-छोटे बच्चे भी करते हैं वो बोलते हैं हमें बिजनेस करना है तो उनसे जब हम उनकी इतिहास समझते हैं तो उसमें एक लर्निंग पार्ट था ओबवियसली हर एक कन्वर्सेशन पे सीखने को मिलता डेट इस वेयर यू बिल्ड एन कॉन्फिडेंस बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंस आता है एन पार्ट फ्रॉम दिस ऑब्वीजली आपको इनकम भी होता है तो यहां पे पार्ट टाइम कम करके मैंने एन वन कर प्लस का रेवेन्यू जेनरेट कर लिया है क्या बात है पार्ट टाइम है 1 कर प्लस का रिवेन्यू क्या बात है कांग्रेचूलेशंस बहुत ज्यादा लोगों को लगता है की युटुब पे सोशल मीडिया प्रेजेंस होना चाहिए आई वुड लाइक तू तेल यू देवर इस नो प्रेजेंट्स मैंने सब कल पे किया मैंने सब कस्टमर से बात करके किया आई डोंट हैव एन युटुब चैनल सो डेट इस क्या बात है आजकल हर कोई चाहता है की मेरी आप युटुब पे खुद सामने आकर के आप देखिए लोगों को लेकिन उसके बावजूद आपने कल पे सब किया इट्स विदाउट लर्निंग कितना ज्यादा लर्निंग कितनी अच्छी है क्लेरिटी कितनी है ताकि आप और लोगों को समझा सकें बता सकें शुगर एक बात बताइए डॉक्टर बिंद्रा से मेरी कई बार मुलाकात हुई है बातचीत हुई है जहां तक मैं उनको समझती हूं या जान पी हूं तो बीइंग और बा जब उन्होंने आपकी प्रोफाइल लिंक अच्छी होगी आपकी पढ़ाई लिखी अच्छी होगी तो पहले बार जब आपकी उनसे बातचीत हुई क्या कहा उन्होंने उन्होंने बोला की सुगंधा मतलब वही मैं लास्ट टाइम उन्होंने बोला की सुगंधा आप जो कर रहे हो बहुत अच्छा कर रहे हो इट्स जो अबाउट इंटरेस्ट एरिया तो सर भी जैसे कितने सारे विनर में बोलते हैं की बिजनेस करो एंटरप्रेन्योर बानो यू नो अपना खुद का स्टार्ट करो जो अब मैं क्या है यह आपके ऊपर है की आप कितना मेहनत से कम कर रहे हो राइट सो सर की एक ही लर्निंग होती है जो भी कम करना है एक कम करो अच्छे से करो उसमें कोई और आपको पूरा 100% देखेगा 100% दे दो और अगर आप 100% देंगे तो आप जो चाहेंगे वो आपको जरूर मिलेगा चाहे वो आधा घंटा क्यों ना बस आधे घंटे का प्रोसेस होना चाहिए की उसे आधे घंटे में क्या छोटे-छोटे गोल्ड आपको चीज करने हैं एक बड़ा गोल अचीव करने के लिए यही एक और यही छोटी-छोटी बातें आपको बड़ा बनती है एक बार फिर से जोरदार तालियां सुगंधवा के लिए मेरी उम्र स्वांस ए गया [प्रशंसा] है शुरू से ही यार अगर कुछ नहीं हो सका तो बिजनेस कर लेंगे अभी भी यही सोच है पहले भी यही सोच थी लेकिन कई बार क्या होता है की यह सोच आपको बहुत बड़े घाटे में भी ले आई है अब जो आने वाले हैं उन्होंने यही किया था बिजनेस को लेकर उनको कुछ ज्यादा समझती नहीं लेकिन कहानी और कुछ नहीं हो सका तो उन्होंने सोचा की चलो यार बिजनेस कर लेते हैं और बिजनेस शुरू किया तो ₹1 करोड़ का घाट भी हो गया इनको तो बुलेट हैं केवल लखानी को और उनसे पूछ छोटी सी आगे है बट छोटी सी आगे में जितने उतार चढ़ा देखें हैं मुझे लगता है अभी कुछ भी देखने में बाकी नहीं रहा है एक करोड़ रुपए के माइंस से लेक और 7 करोड़ रुपए जो की हमारी कम्युनिटी में सबसे हाईएस्ट रिवेन्यू है आज के आज का रिकॉर्ड है यह की ₹7 करोड़ आज तक किसी ने नहीं किया वहां तक पहुंच 10/10 का ऑफिस से जर्नी शुरू हुआ था आज बड़े लैविश तीन और परेड ऑफिसर्स हैं मेरे एक बहुत बड़ा युटुब स्टूडियो है तो जर्नी वाले हैं आप कहां से आते हैं बेसिकली में किशोर से हूं किशोर जो गुजरात जूनागढ़ में आता है और दें आई शिफ्टेड तू अहमदाबाद आपका बैकग्राउंड क्या है मी फादर इस बिजनेसमैन उसके बाद भी आपको बिजनेस नहीं आया एन दोनों का सोच अलग है मेरा मेरे फादर जो है ट्रेडिशनल बिजनेस ऑपरेट करते हैं और मैं कुछ अलग करना छह रहा था और डर आर सो में फैक्टर्स जब एक बिजनेस फेलियर होता है तो एक ही रीजन नहीं होता गलत लोग पे आप भरोसा कर लेते हैं आपको मार्केट की समझ नहीं होती है आपको प्रोडक्ट डेवलप करना नहीं आता है एग्जिट समय बदला है तो मार्केटिंग का तरीका बदला है कंज्यूमर्स के नीड बदले हैं और आज जब जी तरह से बिजनेस होता है वो बिल्कुल अलग है यू अब्सोल्युटली राइट के आज तो ऐसा है की मतलब पुराना एम्बेसडर वाला टाइम था की एम्बेसडर आ 30-40 सालों तक चला करता था और आज ऐसा है की रोज आपको कुछ नया इंप्रूवमेंट लाना पड़ता है रोज सुबह कुछ नया अपडेट ए जाता है तो वो टाइम में बिजनेस के साथ चलना बहुत डिफिकल्ट है और इसी सब चीजों को ना समझते हुए ना समझ में 1 करोड़ का घाट गया बट मैंने फादर को बताया नहीं था जब मेरा लॉस हुआ हेक्टिक टाइम जब मुझे पता नहीं था की आज खाना कहां से खाऊंगा ₹10 में दिन कैसे निकलता है आप मुझे पूछोगे तो मैं रेसिपी बता सकता हूं देर सर पानी पियो एक पकौड़ी या पानी पुरी जो आप बोलते हैं उसको का लो एक बार दो पुरी एक्स्ट्रा फ्री में मांग लो ऐसा करके आप अपना दिन निकाल सकते हैं पार्ले जी का एक पैकेट ले लो तो वो ₹10 में भी दिन निकाला और आज जब वो मुझे देखते हैं की जब मैं आज 24000 से ज्यादा का परिवार है मेरा युटुब पे आज जब लोग मेरे मम्मी पापा को मिलते हैं तो उनको बोलते हैं की आपके लड़के की वजह से आपके आ यू नो लाइक सुन की वजह से आज हमारे घर में महीने का ₹50000 ₹2 लाख आता है तो हम उनको बहुत प्राउड होता है की यू नो मेरे फादर पहले से ऐसे रहे हैं की वो खुद के बड़े में नहीं दूसरों के बड़े में पहले सोचेंगे और वही से चीज रिप्लिकेट हुई है हालांकि हमारे रास्ते अलग है वो ट्रेडिशनल करते हैं मैं डिजिटल करता हूं बट एक चीज कंफर्म है की आज मैं भी दूसरों के लिए करता हूं और वो भी दूसरों के लिए ही करते थे तो उनको बहुत ज्यादा प्राउड होता है इस बात से और देखिए भागवत गीता में भी ये लिखा हुआ है जिसका जिक्र आपने किया डॉक्टर विवेक बिंद्रा जिसको मानते हैं की आप जो देते हैं ना वही वापस लोट के आपको मिलता अगर आप प्रेम देंगे तो आपको प्रेम मिलेगा अगर आप सामने वाले के लिए कुछ अच्छा सोचेंगे तो ईश्वर भी आपके लिए अच्छा ये सोचेगा एक बार जोरदार तालियां हो जाए केवल रिलेशंस वंस अगेन कहानी दूर एक छोटा सा गांव जहां परिवार में एक लड़का बड़े-बड़े सपना देखा है फाइनेंशियल कंडीशन इतने है नहीं थी की वो आगे चलकर कुछ अच्छा करने के बड़े में सोच भी सके लेकिन सपना बहुत बड़े-बड़े हैं अक्सर इस तरह की बातें हमने कहानियां में किसन में पड़ी है फिल्मों में अच्छी भी है और जब फिल्मों में हम देखते रहे हैं तो यह उम्मीद भी करते रहे की काश इसके सपना पूरे हो जाते हैं लेकिन जब रियल लाइफ में वाकई को एक ऐसा इंसान आपको मिलता है जो किसी दूर कहानी गांव से आया हो बड़ी मुश्किलों से जूझता हुआ जो उसने सपना देखें हो आज वो सरकार कर पाया हो तो उसे रियल लाइफ हीरो को मिलने के लिए अगर आप तैयार हैं तो प्लीज वेलकम नारायण सिंह मिनी कांग्रचूलेशंस नारायण कहां के रहने वाले हैं आप एमपी में एक जगह सतना के रहने वाले हैं परिवार में कौन-कौन लोग हैं पता क्या करते हैं मेरे फादर गवर्नमेंट जब में थे और वो रिटायर हो गए थे जब मैं क्लास 10th में था और फिर जब मैंने 12th कंप्लीट कारी ग्रेजुएशन हुआ तो मेरे को बा करना था लेकिन फैमिली घर में फाइनेंशियल इस थोड़ा प्रॉब्लम हो गई थी तो जिसके करण से मैं बा नहीं कर पाया फिर मैंने देखा की चलो कुछ कम करते हैं तो डायरेक्ट सेल से मैंने कम करना चालू किया लेकिन विवेक सर को सुनता था विवेक सर को काफी टाइम से सुन रहा था फिर इसे सीखने को मिला शिखा और फिर जर्नी स्टार्ट हुई थी युटुब में वीडियो क्योंकि मेरे पास ना एक टाइम आया था क्या होता है जो लोअर मिडिल क्लास का बांदा होता है गांव का लड़का होता है उसके पास ज्यादा उम्मीद नहीं होती है ओपन नहीं होती एक दो जगह से होप होती है और जहां से वो होप उसकी टूट जाति है तो फिर वो ना बहुत अंदर से हैरान परेशान हो जाता है तो मैं उसे टाइप का था लेकिन विवेक सर के वीडियो देख के मेरे को लगता था नहीं कुछ तो कुछ ना कुछ तो हो सकता है तो मेरे को लगता था की लाइफ में बाउंस बैक होगा जो की होता है तो बस वीडियो देखा था और ऑनलाइन लर्निंग करता था युटुब से आपने एक्चुअली शुरुआत कहां से की थी कम कहां किया करते थे मैं एक ना डायरेक्ट सेल्स में कम करता था 20-25000 मेरे को मिलते थे लेकिन मैंने बा नहीं किया था वो टीम मेरे अंदर थे क्या अगर मैं बा कर लेट ना तो शायद ज्यादा अच्छी जब मेरे को मिलती है ज्यादा अच्छा कम कर पता क्योंकि मेरे बाकी फ्रेंड्स ने कर लिया था वो अच्छे वेल सेटल हो गए थे तो डॉक्टर विवेक बिदासर का युटुब में वीडियो देखा था फिर विवेक सर ने एक कोर्स लेकर के आए थे 2 साल के लिए उन्होंने बोला ये प्रैक्टिकल बा है इतने बिलेनियर प्रोफेसर से सीखने को मिलेगा तो मैंने बोला यार ये करते हैं लेकिन से प्रॉब्लम लोअर मिड क्लास बच्चे के पास की पैसे होते नहीं है तो मैंने अपने तीन दोस्तों से क्रेडिट कार्ड से लिया पेमेंट और पेमेंट में उधर लिया हां हां मेरे पास था नहीं लेकिन इतना डेडीकेटेड तैयार की एक मौका मिला है विवेक सर के साथ सीखने का जो मैं नहीं जान देना चाहता तो वहां से मैंने अरेंज करके कुछ नहीं हो पाया तो तुम्हें वैसे भी तो कुछ हो ही नहीं रहा था एक तो डर होता है की कुछ नहीं हो पाएगा तो नहीं हो पाएगा तो क्या होगा ज्यादा से ज्यादा हम जी स्थिति में उससे नीचे तो नहीं जाएंगे एक्सप्लेन करें अपनी जर्नी को कहां तक पहुंचे हैं जब मैंने स्टार्ट किया था तो पान इंडिया में पहले महीने नंबर वन आया था उसके बाद यहां पे बुलेट कॉन्टैक्ट हुआ था की विवेक सर ने बुलेट कॉन्टैक्ट अराउंड अनाउंस कारी थी वो भी मैंने जीता फिर फास्टेस्ट वन कर का रिवेन्यू जो करना था वो भी मैंने किया फास्टेस्ट तू सियार का रिवेन्यू किया अभी फाइनली फास्टेस्ट थ्री कर का रिवेन्यू एन विद इन ए एयर मैंने यहां पे कंप्लीट किया है जोरदार तालियां जोरदार तालियां हो जाएंगे और धन्यवाद आपका अपनी सक्सेस स्टोरी हमें बताने के लिए एक बार फिर से जोरदार ताली नहीं तो नचले तो एक बहुत बड़ा इवेंट्स एक मेगा इवेंट अभी अभी आप लोगों ने देखा है जिसमें हमने इंटरव्यू किया उन लोगों को और जाना उन लोगों के बड़े में जो आपने देखा की कहा छोटे से कस्बे से निकालकर बड़े-बड़े सपना देखने वाले लोगों ने वाकई अपने सपना यहां सरकार किया और पूरे किया हैं और उन सभी का यही कहना था की अगर उनके साथ डॉक्टर विवेक बिंद्रा नहीं होते उनका मोटिवेशन नहीं होता उनके कोर्सेज नहीं होते तो शायद उनके लिए इस मंजिल को पन मुश्किल होता और मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता [संगीत]

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