Biggest Scam In Medicine Industry Dr Vivek Bindra

[संगीत] अच्छा मतलब आप भी काम रहे हैं आपके पास में ब्रांडेड दवाइयां नहीं है डॉक्टर आपकी दवाई नहीं कस्टमर आपके विश्वास क्यों करेगा और गरीब बना देता है जो चूड़ा लेती है लोगों के रातों की नींद और दिन की कमाई है इतिहास की ड्रेस में दौड़ता तो हर कोई है लेकिन फिनिश लाइन तक पहुंचता कोई-कोई है हम लेकर आए आप ही के लिए स्टार्टअप्स का वो सफर जो करने नहीं देता कस्टमर को सफर दूसरे पर हो गए एक सफर जान वाला और एक सफरिंग वाला सफर नमस्कार विवेक बिंद्रा बोल रहा हूं फाउंडर और सीईओ बड़ा business.com वेलकम तू डी बिजनेस आइडिया सीरीज आज जींस आपको मिलवाने वाले उन्होंने फार्मा सेक्टर में सस्ती दवाई देकर के संजीवनी बूटी का कम किया जैसे हनुमान एक जरूर के समय पे लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लेकर आए यह लोगों के लिए सस्ती दवाइयां लेकर के आए जेनेरिक कार्ड कंपनी का नाम है आप जानते हैं लगभग 5:15 करोड़ लोग सफर कर रहे हैं आज स्ट्रगल कर रहे हैं गरीबी में क्योंकि दवाइयां और इलाज उन्हें और गरीब बना देता है आज आपको मिलवाने वाला हूं मैं श्रीपाद और सलीम से श्रीपत सलीम जेनेरिक कार्ड कंपनी चलते हैं ₹3 लाख के रिवेन्यू से शुरू किया 100 करोड़ के टर्नओवर पे हैं इनके पास 1400 प्रोडक्ट की रेंज और 1800 केमिस्ट की दुकान है या ड्राइव कर रहे हैं आठ राज्यों के अंदर 3.5 से ज्यादा एक्टिव है अपने खुद के इनके वेयर है सस्ती दवाई क्या अर्थ हुआ जो दवाई आज बाजार में ₹100 की मिलती है वह ₹30 की देते हैं तो पहले तो आप दोनों का बहुत-बहुत स्वागत है थैंक यू थैंक यू थैंक यू शुक्रिया कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बीमारी ठीक होने का क्रेडिट दवाइयां को नहीं पैसों को देते हैं 3000 रुपए की दवाई लगी तब जाकर ठीक हुआ मैं आपने जेनेरिक कार्ड में अफॉर्डेबल दबाया लेकर के आए आज जो मैंने आपके बड़े में बोला की ₹100 की दवाई आप ₹30 में देते तो इतनी कॉस्ट इफेक्टिव दवाइयां आप कैसे ले के आए जनरली कार्ड कंपनी में ये मेरा पहले सवाल है आपसे देखिए विवेक जी हमको पहले तो ये समझना पड़ेगा की दवाई जो है सस्ती और महंगी कैसे होती है दोनों दवाई जो ब्रांडेड हो या जेनेरिक हो दोनों का मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट से होता है एग्जांपल लेते हैं हम पेरासिटामोल पेरासिटामोल जो है 10 गोलियां का जो कॉस्ट होता है वो ₹5 होता है मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बट ब्रांडेड कंपनी है उसको बचती है ₹28 में और जनरल कार्ड बचती है केवल ₹5 में तो यानी की दवाई लेकिन वही है या अलग है दवाई वही है कंटेंट वही होता है मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट जो है दोनों का लगभग से होता है बट क्या जेनरेट के पास मिडिल मां नहीं होता है जो की ब्रांडेड के पास होता है जैसे की सुपर स्टॉकिस्ट हो गया स्टॉकिस्ट हो गया डिस्ट्रीब्यूटर हो गया ये कट डॉ होता है जेनेरिक आर्ट में डायरेक्ट मैन्युफैक्चरर से हमारा और कस्टमर कोई दवाई जाति है और ब्रांडेड कंपनी की अपनी ब्रांड की एडवरटाइजिंग की बहुत बड़ी कॉस्ट है उनकी मार्केटिंग कॉस्ट है लेकिन दवाई से है तो आप का रहे हैं जेनेरिक दवाई जो है यानी की जिसमें किसी ब्रांड का नाम नहीं है वो दवाई एक्चुअली से है लेकिन सस्ती पद जाति है ब्रांड जो है वो एक सिग्निफिकेंट प्रीमियम पे दवाई भेजता है बट जनरली कार्ड अप तू 70% कम डेमन में दवाई मया मया करता है या तो बचता है अपने और यूजर को कस्टमर को इस वजह से ₹100 की दवाई ₹30 में हम अफॉर्डेबल कॉस्ट में कस्टमर को भेजते हैं सर मतलब अगर दूसरे का टर्नओवर 100 करोड़ होगा तो आपका 30 ही करोड़ होगा अगर दूसरा ₹100 की दवाई बीच रहा है ₹30 की बीच रहे हैं तो भैया मुझे एक बात बताइए 1800 के पार्टनर्स है ये आपके फ्रेंचाइजी है ये आपके फ्रेंचाइजी भाई आप 30 में बीच रहे हैं तो ये कमाते कैसे हैं फिर इनकी क्योंकि टियर तू टियर 38 3/4 मार्केट में आप अच्छे से कम कर रहे हैं आप लो प्राइस मेडिसिन दे रहे हैं तो फ्रेंचाइजी कामता कैसे है विवेक जी इसमें ऐसा है की हमारे शॉप ऑनर्स को हम लोग 50% मार्जिन प्रोवाइड करते हैं समझो तीन लाख रुपए का वो बिजनेस महीने का कर रहा है तो डेड लाख रुपए वो प्रॉफिट घर लेक जा रहा है अब इसके खर्च के लिए हम लोग बात करेंगे तो यदि वो खुद फार्मासिस्ट है तो खाली उसको रेंट देना है यानी 10-15000 का रेंट निकाल गया और इधर उधर का छोटा खर्चा है ₹10000 निकाल दिया तो भी पूरा सवाल लाख रुपए नेट प्रॉफिट वो घर लेक जा सकता है एस कंपेयर्ड यदि अदर दें फार्मासिस्ट है तो भी वो फार्मासिस्ट को हायर करके भी हमारे बिजनेस के साथ वो जोड़ सकता है यदि फार्मासिस्ट भी उसने हायर कर दिए दो फार्मासिस्ट उनको सैलरी पे रख दिया और रेन पे जगह दिया तो वीडियो ₹1 लाख तो भी बैक जाएगा मतलब के बिजनेस के अंदर दवाई में बहुत मार्जिन है बहुत मार्जिन होता है बहुत गोरख धंधा चल रहा है विवेक जी इसमें जो फ्रेंचाइजी हमारे हैं वो तो काम ही काम रहे हैं इसके अलावा जो और यूजर कस्टमर है उसको भी बहुत बेनिफिट मिल रहा है इसे कहते हैं स्टार्टअप दोनों टच पॉइंट का फायदा हो रहा है और कंज्यूमर को सस्ती दवाई मिल रही है और बीच में केमिस्ट भी काम रहा है और नेचरली ये तो आज ₹100 करोड़ के टर्नओवर से हजार करोड़ पे जान जा रहे हैं मैं ये जानना चाहता हूं आपको इतना अपने बढ़िया स्केल किया इसको आपका यूनिट लेवल इकोनॉमिक्स कैसा राहत है क्योंकि देखो आपने सस्ती दवाई भी दी 50% मार्जिन भी उसको दे दिया वह भी काम रहा है आप अपना पैसा जो बचत है वो कहां लगाते हो आप कुछ बच्चा पाते हो या आप लॉस में जा रहे हो विवेक जी इसमें ऑलमोस्ट ट्रेनिंग टेक्नोलॉजी परचेज इस पे खर्चा करने के बाद भी 10% हमारे पास र रहे हैं ओ अच्छा मतलब आप भी काम रहे हैं इसमें ऐसा नहीं है की लॉस मेकिंग स्टार की तरह है बट लेकिन आपकी जो दवाइयां हैं जेनेरिक है आपके पास में ब्रांडेड दवाइयां नहीं है डॉक्टर आपकी दवाई तो रिकमेंड करता नहीं वो तो लिखना है ऑगमेंटेड लो आप ऑगमेंटिन भेजते नहीं वो लिखना है आप बेचते हो जेनेरिक तो पेशेंट को विश्वास कैसे आता है कहते हैं ना वो ए शब्द है सॉरी इंसान कहे तो झगड़ा खत्म और डॉक्टर या केमिस्ट सॉरी कहे तो इंसान खत्म है क्योंकि कस्टमर आप पे विश्वास क्यों करेगा की इनकी जो एक दवाई लो बेसिकली विवेक जी हमको ये बात समझना बहुत जरूरी है जेनेरिक मेडिसिन और ब्रांडेड मेडिसिंस ये दोनों इक्वली से होता है और प्रधानमंत्री जो हमारे पीएम सर है उन्होंने जेनेरिक मेडिसिंस बहुत सारे उनके स्पीशीज में बताया है की अपील किया है की जेनेरिक मेडिसिन क्वालिटी वाइस इस से आगे एन ब्रांडेड और जेनेरिक मेडिसिंस को आप कंज्यूम कर सकते हैं और उसका बेनिफिट आप उठाया है आप भर के बाजार में उपलब्ध किसी भी दवा से जरा भी कमजोर नहीं है हर क्वालिटी के तराजू पर यह बिल्कुल खर उतरती है लेकिन क्या आपका केमिस्ट कोई गलती भी कर देता है की दवाई चाहिए थी एक्स उसने दे दी ए नहीं इसके लिए एक सॉफ्टवेयर हमने डेवलप किया है जहां पे आप अगर किसी ब्रांड का नाम डालते हो पर एग्जांपल क्रोसिन डालते हो तो उसका इक्विवेलेंट जो है पेरासिटामोल होता है कितने एमजी में होता है ये पूरा आपको डिस्प्ले पर दिखता है और उसका पूरा अवेयरनेस हम कस्टमर को देते हैं और छोटे टेक्नोलॉजी अपने बिल्ड किया टेक्नोलॉजी आज के टाइम पे बहुत बड़ा इनेबल है सही बात और टेक्नोलॉजी नहीं है तो डिसएबल है तो बिजनेस में जैसे उबर के पास में एक कस्टमर की आप होती है एक उबर के पास में ड्राइवर की आप होती है ऐसे इस स्विग्गी के पास में एक कस्टमर केयर होती है एक उसके पास में अपने डिलीवरी वाली लड़के की आप होती है हमारे भी बड़ा बिजनेस में एक कंज्यूमर किया है और ऐसे ही हमारे एक आईबीसी की अप है तो ऐसे ही आपकी भी कोई अपनी आप होगी जो केमिस्ट्री आप होती होगी उसमें क्या-क्या दिखाई हो वहां पे विवेक जी एक कस्टमर है जो 5000 की दवाई लेने वाला था हमारे पास उसके बड़े में हमें पहले से ही पता चल जाता है जो हमारा इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर सिस्टम है और उसे वजह से उसे केमिस्ट को 5000 की दवाई या तो जो भी मेडिसिन रिक्वायर्ड है वो पहले से हम उसको अवेलेबल करवाते हैं जिससे उसके जो लॉसेस हैं वो ना के बराबर होता है तो मतलब पर्चा बाउंस हो सकता था कस्टमर वापस लोट लगता था काउंटर से छोड़ के जा सकता था पर आप आउट ऑफ स्टॉक नहीं रहने देते उसको अच्छी बात यह की ना तो ये कभी केमिस्ट को अपने अवार्ड टॉक होने देते हैं ना उसको कभी आउट ऑफ स्टॉक होने देते हैं यानी की आपका री ऑर्डर लेवल मैनेजमेंट बहुत बढ़िया है ये इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर है आपका आपकी टेक्नोलॉजी पे समझिए की नया स्टार्टअप शुरू करना हो तो टेक्नोलॉजी पे कम करना जरूरी है मुझे इनका री ऑर्डर लेवल मैनेजमेंट समझ में आया मुझे एक्सपायरी मैनेजमेंट समझ में आया रैक मैनेजमेंट समझ में आया इसे जितना मैंने बात किया और अच्छा लगा मुझे और मैं आपसे पूछना चाहता हूं अगर कोई छोटे बड़े शहर से और वो भी इस तरह फार्मा के बिजनेस में इंटर करना चाहता है तो उसको अब क्या सुझाव देना चाहेंगे विवेक जी बसनेस कोई भी हो फार्मा को हो या अगर कोई हो इसमें कस्टमर का प्रॉब्लम ढूंढना बहुत जरूरी है जैसा हम लोगों ने ऐसे झंझरी काटने कस्टमर के प्रॉब्लम ढूंढे उसको महंगी दवाई सस्ते डेमन में अब तो 70% डिस्काउंट रेट में देने की कोशिश की ये हम लोगों ने किया केमिस्ट जो है हमारे उसको भी 50% का प्रॉफिट हमने उसको मिल सके इसका प्रोविजन हमने करवाया जो की पूरे वर्ल्ड में है तो भारत में ऐसा कोई भी बिजनेस नहीं है जो केमिस्ट को 50% का मार्जिन देती है और ये प्रॉब्लम्स हमने उसकी समझी और उसको 50% का मार्जिन दिलवाया इसी इसी रीजन से आज हमारे 18 फ्रेंच ऐसी है और इसके आगे 18000 होंगे 1 लाख 80 हजार होंगे सर सो कोई भी कम या तो कोई भी प्रॉब्लम जो है उसको सॉल्व करने से आपका बिजनेस बाढ़ सकता है गो हो सकता है 1800 से 18000 और 18000 से 1 लाख बहुत बड़े तो आप करें फॉर्म इंडस्ट्री में कोई भी इंडस्ट्री को कस्टमर की प्रॉब्लम पकड़ो और उसको सॉल्व करो बहुत-बहुत बधाई आज ये 18 से 18 हजार ₹1 लाख 3 हजार पे जा रहे हैं फ्रेंचाइजी के थ्रू केम अखबार कर रहे हैं ऐसेट लाइट हो जाता है खर्चा नहीं लगता एक्सपेंशन लो कॅपिटल से होता है फिक्स कॉस्ट इनकी आई नहीं है रैपिड एक्सपेंशन और इकोसिस्टम में सबका फायदा में मुद्दा यही है की कस्टमर को सस्ती दबाई और केमिस्ट की मोती कमाई और साथ में ये भी गो कर प्रधानमंत्री ने भी जेनेरिक दवाइयां में बहुत जोर दिया है तो कहते हैं की महंगाई के दूर में आई है ऐसी दवाइयां जो चूड़ा लेती है लोगों के रातों की नींद और दिन की कमाई आप इस को उन्होंने सॉल्व किया है नए आइडिया का है जमाना आज के युवा ने कुछ अपना अलग करने का है थाना यह तो था जेनेरिक कार्ड अगर आपके पास भी कोई बिजनेस आइडिया है और आप चाहते हैं हम आपके बड़े में आकर के बात करें तो आपको मैं लिंक दे रहा हूं उसे लिंक पे जाकर के आप रजिस्टर करिए अपने बिजनेस आइडिया को शेर करिए हमारे साथ और हमारे टीम आपके संपर्क करेगी अगर आपके आइडिया में अगर आपके बिजनेस मॉडल में दम होगा तो हम उसको यहां पे आकर के शोकेस करेंगे हमारे साथ जुड़े रहने के लिए बिजनेस आइडिया सीरीज के सारे वीडियो को देखने के लिए जेनेरिक कार्ड को नीचे कमेंट बॉक्स में आके सस्ती दवाइयां की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए उनको बधाई दीजिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूरा बहुत-बहुत धन्यवाद [संगीत]

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