Dr. Vivek Bindra's Exclusive Interview at Lallantop Politics, Reservation, Hinduism, Bhagavad Gita
उसे समय शुरुआती माहौल कैसा था बहुत सारे लोग फिर बाद में जब मैंने पहली बार अपना वीडियो डाला तो मेरे एंप्लॉई तीन चार पंच जो मेरे साथ कम किया करते द शुरू में अच्छा वह हंसने लगे की अपना ही वीडियो बना रहे हैं बहुत सारे लोग यह सोचते हैं की मैं यूट्यूब पर हूं यूट्यूब पे वीडियो बना था मैं कौन थी और ज्यादा हूं कैसा बिजनेस है आपका लोगों के बिजनेस को इनेबल करना मेरा बिजनेस है स्कूल में क्या चार-पांच पढ़ के लड़कियों के बीच में खड़े होकर ज्ञान पहले सुनो तुम पढ़ बाद में करना 95% वाला बेचारा कुछ स्ट्रगल करके नौकरी और ये देखते हैं मेरी एलपीएल का पैसा मिला की नहीं मिला दो बार पंच एक बार लंच लाइफ है पंच रघुपति राघव राजा राम जितनी तनख्वाह उतना कम आप ही कितने परसेंट आए द मेरे कितने आए द मैं याद नहीं करना चाहूंगा प्रोफेसर से पढ़ने लिखने वालों से क्या मतलब थोड़ा सा दांत वाट खाए द ज्यादा क्या स्कूल कॉलेज में ऐसा हुआ था कुछ क्या हम तो अभी बदल गया पहले तो जो है उल्टा करके हाथ में मारते द 90s में उसके बाद 2013 में पुलिस केस हो जाते हैं बड़ा बिजनेस तो आपका स्टार्टअप है लेकिन उसके पहले अपने कोचिंग सेंटर शुरू किया था खुद पड़ा हुआ था नंबर ऑफ आवर्त लिमिटेड है तो ऐसा करते प्लेटफार्म तैयार करते हैं जहां टीचर भी ए जाए स्टूडेंट भी ए जाए बड़े जो बिजनेस ग्रुप हैं पैसा है जितनी संपत्ति है उसको कंट्रीब्यूशन के टर्म में कैसे देख रहे हैं की उनका कंट्रीब्यूशन कर रहे हैं एंप्लॉयमेंट जेनरेशन उनका कंट्रीब्यूशन क्या है टैक्स सरकार को देना रेवेन्यू विवेक बिंद्रा आप आरक्षण पे क्या सोचते हैं मैं का रहा हूं सभी को नहीं मिले पूछिए क्यों इसलिए नहीं मिले जो सक्षम है उसको मिले ओटीपी मूवी देखते हैं गाने देखते हैं इंस्टाग्राम पर हिल्स क्या देखते हैं शॉर्ट्स वगैरा कोई इंटरेस्ट नहीं है इसमें कभी चलते फिरते कुछ दिख गया किसी ने मेरे वीडियो का लिंक भेजा तो पढ़ लगा तो देख गया की पतली कमरिया मेरी हे हे स्टार्टअप पे बड़ा बिजनेस पे आते हैं ग्लोबल सिटी ग्लोबल अकादमी फॉर कंसलटिंग एंड ट्रेनिंग बड़े बड़े कॉरपोरेट्स कई समस्याओं को सुलझाया मैंने यूनियन की प्रॉब्लम दुआ करते द तो यूनियन मैनेजमेंट की आपस में झगड़ा होते द कहीं झगड़ा बढ़ जाते द यह मानेसर वाले केस की बात कर रहे हैं मारुति वाला मानेसर से मुझे पहली बार पहचान मिली थी उसमें कुछ गड़बड़ी हो गई पैसे ही नहीं था मेरे पास दो दिन में मकान बेच दिया मैंने यू आपके साथ कम करते हैं बाय जूस के लिए ऑफस की भी खबरें चली है चार हेड मेरे साथ कम करती है मेरा भाई उससे क्या रिलेशन से कोई कार्टून आपने बनाया था और फिर उन्होंने नाराजगी दर्ज की थी गुरु गोविंद सिंह जी महाराज को एलीवेट कर दिया वो चल रहे द या कुछ का रहे द तो उनकी खा लिया फोटो लगा सकते हो एनिमेट नहीं कर सकते ऐसा सिख धर्म में मान्यता है डॉक्टर्स ने केस किया आपके ऊपर मैं डॉक्टर्स के ऊपर एक वीडियो बना है वो बहुत इंटरेस्टिंग था उसमें असली विवाद हुआ था लंबा इंट्रो नहीं दूंगा न्यूज़ रूम के संस्करण में हमारे साथ हैं मोटिवेशनल स्पीकर और बहुत सारे बार-बार सोशल मीडिया और वीडियो में अपनी प्रेजेंस और समाज में भी अपनी प्रेजेंस दर्ज करने वाले विवेक बिंद्रा बहुत-बहुत स्वागत है न्यूज़ रूम में [प्रशंसा] मैंने चार पंच विशेषण जो हैं जोड़े हैं आपके नाम के साथ वो क्रम सही था की इसमें से किस क्रम के साथ विवेक जी आपके साथ बात की जाए शुरू आगे आप लोग के प्रश्न बड़े अलग होते हैं ऐसे प्रश्न मैंने कहीं देखे नहीं ऐसा कर्म कौन पूछता है की वह क्रम ठीक-ठाक है नहीं था पर मतलब ये भी सवाल है की क्रम ठीक थक के नहीं पर आपने जो बोला वो देखिए संज्ञा को जब आप डिफाइन करते हैं तो उसके लिए विशेषण की आवश्यकता पड़ती है पर इंसान में एक ही विशेषता अगर हो की वो इंपैक्ट क्रिएट कर सके समाज में असर ला सके समाज में तो यह सपना क्रम और क्रिया नहीं प्रक्रिया ऑफ प्रक्रिया होनी चाहिए की इंपैक्ट पर कंटीन्यूअस कम कर सकें आपने बोला बिजनेस स्ट्रेटजिस्ट बिजनेस कोच मोटिवेशनल स्पीकर अगर यह सब होने के वो ज्यादा महत्वपूर्ण है बहुत सारे लोग सोचते हैं मैं यूट्यूब पर हूं बहुत सारे लोग यह सोचते हैं की मैं यूट्यूब पर हूं अच्छा मेरे मैं एक दम साफ-साफ यहां बता डन की मैं अभी भी एंटरप्रेन्योर को हिंदी में ही पहले लिखता हूं मुझे स्पेलिंग आज तक नहीं आता काफी टू है अभी भी मेरे लिए जी बहुत सारे लोग सोचते हैं की मैं यूट्यूब पर हूं यूट्यूब पे वीडियो बनाता हूं तो पर एक्चुअली क्या है मेरा जीवन उसके पीछे इन वीडियो के पीछे बहुत लंबा चौड़ा है बहुत गहरा है मैं कौन tripuni और ज्यादा हूं और ऐसे ऑन tripuni और कई बार लोग कहते भी हैं अरे बिंद्रा जी आप इतना बिजनेस सीखते हो दूसरों को खुद का अपना बिजनेस क्यों नहीं कर लेते तो मैं तो बसनेस कर रहा हूं मैं कौन हूं उन लोगों को पता नहीं चलता है तो कई बार यूट्यूब पर की श्रेणी में देते हैं मैं तो फोन यह की आप इंपैक्ट कितना क्रिएट कर का रहे हैं असर कितना ला का रहे हैं क्या आप इस पृथ्वी को जहां आप रहते हैं अपने आने से पहले जैसे थी क्या उससे बेहतर बना के जा पाएंगे वो बहुत महत्वपूर्ण है तुम वही मेरा लक्ष्य है और उसी आइडेंटिटी से मैं चाहूंगा की मेरे जाने के बाद संसार से मुझे पहचाना जाए की के बाद अपने आसपास की परिस्थितियों को कुछ बेहतर बना सका बिजनेस की बात कर चुके हैं और मैं किसी और तरीके से बातचीत को और शुरू करना चाहता था ठीक है बिजनेस की ही बात हुई कैसा बिजनेस है आपका किस तरह की मतलब यूट्यूब पर ना कहा जाए अगर बिजनेसमैन कहा जाए कहीं किसी से मीनार में किसी फंक्शन में बिजनेसमैन की तरफ तौर पे जाते हैं तो ये सवाल तो पूछा जाता होगा ना सर बिजनेस क्या करते हैं कैसा बिजनेस करते हैं अब घर ही घर परिवार गांव गिरत नहीं पूछा जाता है इस तरह का देखिए हमारा बिजनेस करने से पहले मैं उनको पर्पस बता देता हूं पर्पस है हमारा ontaneous को अनेबल करना एक आम आदमी के जीवन में उसके बिजनेस को आसान कर रहा एक छोटे व्यापारी की लाइफ में 30 40 45 50 तरीके की समस्याएं आती हैं उन समस्याओं को हमने आईडेंटिफाई किया उसके टॉप लीडर्स को अपने देश में चुना वो हो सकता है की वो कोई मिल नहीं रहे हो या सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट तू उसके साथ मिलकर के हमने उनके सॉल्यूशंस डिज़ाइन किए डिफाइन किए और लोगों को हैंड होल्ड करना शुरू किया की वो अपने बिजनेस को आसानी से कर सकें तो लोगों के बिजनेस को इनेबल करना मेरा बिजनेस है और कैसे करते हैं उसका माध्यम क्या टेक्नोलॉजी बेट एजुकेशन कैंप टेक्नोलॉजी के माध्यम से एजुकेशन देते हैं और हमारी विशेषता क्या है चैनल डिस्ट्रीब्यूशन यानी की आज हो सकता है की भागलपुर के पास के गांव में पिज़्ज़ा डिलीवरी के अंदर डोमिनोज़ को 30 मिनट लग जाए लेकिन मेरा आदमी डेमो करने के लिए आज 9 मिनट में पहुंच सकता है < 10 मिनिट्स के अंदर और एक साल के अंदर हम किसी भी देश के घर के अंदर किसी भी गांव के घर के अंदर हम 5 मिनट के अंदर अपने एक कंसल्टेंट को पहुंचा करके फिजिकल डेमोंसट्रेशन दे यह तो मेरी स्ट्रेंथ फिजिकल डिस्ट्रीब्यूशन जिसको हम बोलते हैं fizical फिजिकल और डिजिटल वो कंटेंट कंज्यूम करता है फिजिकल हम जाकर के उसको इन्फ्लुएंस करके उसको हम कंसलटिंग के माध्यम से वो प्रोडक्ट को पहुंचने हैं अच्छा मतलब वो कंसल्टेंट और आपकी टीम के जो सदस्य हैं वो जाएंगे और वो चीज सिखाएंगे और अंत प्रणोद डिजिटल पर डेमोंसट्रेशन fifically दे देंगे अच्छा ठीक है शुरुआत से बात करते हैं कहां से आते हैं पढ़ कैसी थी स्कूल में कैसे द स्कूल में क्या चार-पांच लड़के लड़कियों के बीच में खड़े होकर ज्ञान पहले सुनो तुम पढ़ बाद में करना क्या था अच्छा प्रश्न आपका मैं स्कूल जाना मेरा लखनऊ में हुआ था और लखनऊ में जन्म के बाद मेरे पिताजी का देहांत काफी लोगों को मालूम है की मेरी ऑडी आगे में हो गया था माताजी का विवाह किसी और के साथ हो गया था तो मैं चाचा जी के यहां दादा जी के यहां बुआ के यहां अलग-अलग रिश्तेदारों के हरा कई दफा स्कूल बदले कहीं बार ऐसा भी हुआ की फीस नहीं पे कर पाए स्कूल की स्कूल बदलने पड़े पर लास्ट में से सेंट जेवियर्स से पड़ा 10th और 12th हिंदी में दिल्ली से किया मैथमेटिक्स लिया था मुझे मैथमेटिक्स बिल्कुल पसंद नहीं थी क्योंकि मैं जानता हूं उसी समय मैंने एक बड़े मोटिवेशन स्पीकर की किताब 11वीं कक्षा में पड़ी थी और वो किताब थी यू कैन वीं और यह किताब बहुत सरल है इससे अच्छी किताब शायद आगे चलकर मैं लिखूंगा आप स्पोर्ट्स में काफी एक्टिव होते हैं रनर द नेशनल लेवल क्रॉस कंट्री के ऊपर जितनी भी रेस स्कूल लेवल तक होती थी डिस्ट्रिक्ट लेवल तक होती थी सब में गोल्ड मेडल आता था स्टेट लेवल पे ब्रॉन्ज मेडल तक पहुंच जाता था टाइम कितना टाइम निकलती द 400 मीटर की रिकॉर्ड होता है ना लोग स्त्रीलिंग लेते हैं तो एक रिकॉर्ड होने वाले लेकिन मुझे लगता है 49 सेकंड के आसपास या रहा होगा ऐसे में तुक्के से याद करके बता रहा हूं 49 सेकंड 400 मीटर शायद रहा होगा जितना मैं याद कर रहा हूं हो सकता है एक आड़ डेढ़ सेकंड कम ज्यादा रहा हो परंतु इतना मुझे याद है की 70 80 मेडल मेरे पास टोटल कठे हुए द आपने स्कूल का बेस्ट आउटस्टैंडिंग एथलीट रहा करता था मैं मेरे चाचा का छोटा बेटा बड़ा प्यारा वो क्या करता था रोज शाम को मेडल बनता था अपना दोस्तों को तू भी ले तू भी ले तू भी ले इस साल इतने मेडल हो गए द उसकी वैल्यू नहीं हो रही थी पर यह की मैं स्पोर्ट्स करूं का आज हमारे ऑफिस के अंदर भी लगभग 800 आदमी हमारे हेड ऑफिस में कम करते हैं इस साल हम बीएमआई के साथ में लोगों की सैलरी अप्रैल को कनेक्ट करने जा रहे हैं इंटीग्रेट कर रहे हैं बीएमआई कर टारगेट देंगे उनको हेल्थ का टारगेट देंगे तुम्हारी सैलरी 1.2x एक्स्ट्रा कर देंगे अगर तुमने अपनी हेल्थ मेंटेन कारी मैंने भी अपना वजन कम किया 30 32 किलो तो पहले आचार्य फिर प्रचार पहले खुद करके देखा उसके बाद दूसरों को बताओ मैं भी सीखना चाह रहा हूं बड़ा सिंपल है भाई साहब बहुत मुश्किल नहीं है एक रूल समझा देता हूं ज़रा यहां हाथ लगाइए मतलब इधर हाथ लेके लिए अपना यहां और ऐसा दीप लगा दीजिए खाना देखे तो जप लगा दो खाने को कम कर दो प्लेट सारी बाहर निकल दो katoriyon में खाना खाओ लोग लाइव इंडेक्स का हाई फाइबर फूड खाओ लो कैलोरी फूड लो लेकिन क्वांटिटी कम रखो [हंसी] देखी क्या जलेबी सुबह-सुबह क्या किया जलेबी अब खाओ ना एक जलेबी खाओ उसके बाद ही नहीं होता है चलिए कोई सब्जेक्ट वगैरा था जो स्कूल में पढ़ते समय ज्यादा प्यार था ज्यादा पसंद आता तब से बहुत पसंद आता है बहुत बिजनेस स्टडीज पढ़ा लो हम 11वीं में 12वीं की पढ़ लेते द 12वीं में हम कॉलेज एमबीए की पढ़ लेते द बा की पढ़ लेते द बिजनेस से संबंधित कोई पढ़ मिल जाए वो हमारा इंटरेस्ट था एरिया ऑफ इंटरेस्ट था इसीलिए मैं चाहता हूं स्कूल की जो पढ़ होनी चाहिए ना वो इस बेसिस पे नहीं होनी चाहिए की हमको यह पटना है इस बेसिक पे होनी चाहिए की बच्चे को कहा आगे बढ़ाना जो मुझको आता है जो बात है जो बाजार चाहता है जब इन तीनों को कांबिनेशन बन जाता है धंधा इतना ग्रो कर जाता की संभाला नहीं जाता है मुद्दा इतना ही है की आप आदमी को वो सिखाओ जो उसका एरिया इंस्पिरेशन हो जहां वो आगे बढ़ाना चाहता हूं जहां उसका फैशन अब आपको मैं लगा डन की मैं किचन में खाना बनाओ सिद्धांत जी आपको तकलीफ हो जाएगी क्योंकि आप जो है पत्रकार है एक कैटिगरी के पत्रकार वहां पे आपको आगे बढ़ाने के लिए मदद होनी चाहिए ये नहीं की आपको बिठा के वो सारे कम कर रहा है याद रखिए भाई साहब थ्री आउट ऑफ 10 स्कूल में जो सब्जेक्ट में आता है उसे पर मेहनत नहीं बच्चे को करनी चाहिए सेवन आउट ऑफ 10 सब्जेक्ट में स्कूल में आता है उसमें मेहनत करो 7 आउट ऑफ 10 को वो 10 एवरेज आदमी जिंदगी भर एवरेज रहेगा जिस चीज में वो सुपर स्पेशलिस्ट बन सके उसे पे ज्यादा फोकस करना है समस्या क्या है लोग जिसमें 10 में तीन नंबर ए रहा है उसको पंच करने में लगे हैं उसको चेक करने में लगे अब मुझसे पूछो कुकिंग के बारे में ग्रीन टी बना लूंगा लेकिन आप लगाओ क्योंकि उसको भी कुकिंग सीखो कुकिंग सीखो क्यों सिक्के है भाई जो कम कोई और कर सकता है हम नहीं करेंगे हम वही कम करेंगे जो हमसे अच्छा कोई नहीं कर पाएगा जिसमें हम वैल्यू क्रिएट कर पाएंगे और उसके बाद देश में बेहतरीन बढ़ोतरी ला पाएंगे तो इसलिए मेरा सब्जेक्ट बिजनेस स्टडीज था तब भी था आज भी था बिजनेस के मामले में मैंने अब तक सैकड़ो हजारों बिज़नेस को लॉस मेकिंग से प्रॉफिट मेकिंग बना दिया पहले समय लगता था मुझको आप दे दो बिजनेस मॉडल 5 मिनट में बता देंगे कहां से आएगा वो हमारी स्पेशलिटी अपने इवेंट्स में खड़े हो के पब्लिकली बोलता हूं की आप कोई भी खड़ा हो गया प्रश्न पूछ लीजिए प्रश्न का उत्तर नहीं दे सके बिजनेस के विषय में आज के बाद जीवन में समानार्थी नहीं करूंगा मेरी स्पेशलिटी है और उसे पर्सनैलिटी के कारण लोग आते हैं हमसे कंसलटिंग गाइडेंस लेते हैं बिजनेस हॉकी स्टिक कितना अचानक ऊपर कहां से जाएगा कौन से दो या तीन चेंज लेकर ए रहे हैं ज्यादा कम नहीं कर ले वो क्रिटिकल सक्सेस फैक्टर क्या आपके बिजनेस का आपके बिजनेस की सबसे बड़ी ग्रोथ कहां से आएगी सब मॉडल इतने समझ लिया अब क्या होता है एक्सपीरियंस इतनी बढ़ जाती है देख-देख के इतनी प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर करके आपकी स्पीड ए जाती है उसके बाद समझने में तो एक बात को समझने में जिस आदमी को महीना लगते हैं हमको समझने में भगवान की कृपा से कुछ मिनट लगते हैं और वहां से हम सॉल्यूशन निकलती हैं वो हमारी स्ट्रेंथ है मेरा एक प्रोग्राम आता लीडरशिप फाइनल आता है जहां पे लोग आते हैं आकर के हमारे पब्लिकली सवाल पब्लिक में कुछ भी कर लेते आउट ऑफ सिलेबस कुछ भी सवाल कर सकता है बिजनेस के बारे में और वो हमारी उसी समय उसी क्षण आपको उत्तर देंगे और उसी क्षण आप कहेंगे की मैं इससे ज्यादा सेटिस्फाइड कभी नहीं हुआ यह बताइए लंदन आपका जाने का कुछ बना था हिसाब किताब लोन की वजह से गड़बड़ हुआ लोन नहीं मिला क्या कहानी है सर प्लीज बताइए यूनिवर्सिटी लंदन बसनेस स्कूल में हमारा एडमिशन हो गया था किस कोर्स में एमबीए के लिए एमबीए के फाइनल ईयर 2004 फाइनल ईयर था मेरा चार पंच के आसपास दो चार पंच का फाइनल ईयर ठीक है एक साल की पढ़ थी लंदन में थी वो और पढ़ के लिए हमको कुछ ₹15 लाख से में चाहिए द और पंजाब नेशनल बैंक पर मेरे दोस्त की मधुर हुआ करती थी डिप्टी जनरल मैनेजर तो उन्होंने मेरा इंडिया की पढ़ का तो लोन अप्रूव कर दिया था तो लेकिन समझने में लंदन में इंडिया की पढ़ का लोन इंडिया में जो मैं पढ़ा हूं जो मैंने एमबीए इंडिया में किया है उसके लिए तो जो लोन चाहिए था वो मुझे मिल गया था लेकिन विदेश के लिए लोन के लिए जो ज्यादा अमाउंट चाहिए था वो नहीं मिल पाया मुझे कितना अमाउंट चाहिए था उसमें 15 लाख की आवश्यकता थी मैं जा नहीं पाया पर लेकिन आज आपके माध्यम से मैं लोगों को बता देना चाहता हूं की जिन प्रोफेसर से मैं पढ़ना चाहता था वह नहीं जा सका आज उन्हें प्रोफेसर्स को पढ़ने के लिए मुझे लगातार दुनिया भर से इनविटेशन आते हैं तो इंसान यह एन सोचे कभी की मेरे पास पैसे की कमी से कोई आदमी रुक जाएगा आपके अंदर वो जुनून चाहिए पढ़ने के लिए फैशन चाहिए मैं दुनिया भर की किताबें बिजनेस मैनेजमेंट की मैंने हावर्ड एंड स्टैंड फॉर लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस और एनसीआर ये पंच टॉप कॉलेजेस मैंने सर्कल डाउन कर लिए द इन पांचो इसके सारे प्रोफेसर की लिस्ट उनकी किताबें मैंने सर्कल कर ली थी और उनके सारे मैंने लेक्चरर्स डिजिटल अटेंड करने शुरू कर दिए द जो जो फ्रीली अवेलेबल द और किताबें पढ़ने शुरू कर देते द तो वो स्पीड मेरे इंस्पिरेशन तक रामानुज मैथमेटिक्स में होते द पांचवी क्लास में 12वीं के मैथमेटिक्स पढ़ते तो मैं सोचा की यार मैं कम से कम ग्रेजुएशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किताबें क्यों नहीं पढ़ सकता यहां पे मैंने इंडिया में बैठ के खूब पढ़ किया खूब समझती है लोगों खूब कॉन्सेप्ट को समझा और साधारण भाषा में अपने भारतवासियों को जो चीज का गम तकलीफ मुझको रहे वो दूसरों को नहाने डन तो मैं 7:30 सौ रुपए महीने के अंदर में कैसे दुनिया के बेस्ट मैनेजमेंट की पढ़ कर सकूं उसको मैंने मुद्दा बना लिया अपना और उसी मिशन के ऊपर अपनी ऑर्गेनाइजेशन को तैयार किया आज कम से कम तेरा 14 15 कैटिगरी में हम दुनिया में नंबर वैन चल रहे हैं और हमारे बराबरी में रेवेन्यू हो चाहे रिच हो चाहे हमारा फिजिकल डिस्ट्रीब्यूशन हो चाहे एवरेज वीडियो हिट हो चाहे एवरेज वीडियो आपको जान के अच्छा लगे सिद्धांत भाई साहब जो वर्ल्ड रिकॉर्ड रूस के पास यूरोप में द जो उस के पास द जो वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया स्वास्थ्य 11 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तो भारत में तोड़ के उठा के ले आए हैं मार्केटिंग पे हो ऑपरेशंस पे हो लीडरशिप पर हो इसके अलावा हर पे ये सब वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भारत के पास है गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और बड़ा बिजनेस के माध्यम से हम खुद ही तोड़कर दुनिया से वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत में लेके आया है एजुकेशन के ऊपर इतने वर्ल्ड रिकॉर्ड कभी द ही नहीं हमारे देश में बड़ा बिजनेस तो आपका स्टार्टअप है लेकिन उसके पहले अपने कोचिंग सेंटर शुरू किया था वो बहुत पहले बात है वो 2005 की बात है तब मैं पहला विकल्प पहला चैप्टर तो वही था ना आपका पहला बिजनेस मॉडल जो भी था आपका तब मैं बा कर रहा था 2003-4 में तो खर्चा निकलना था मुझे तो मैं सोचा यार खुद पढ़ाऊंगा तो उसके लिए खुद पढ़ाऊंगा तो नंबर ऑफ आवर्त लिमिटेड तो ऐसा करते प्लेटफार्म टीचर से आने पर लेंगे और स्टूडेंट को पढ़ने पर स्टूडेंट से लेंगे तो इस तरह में टीचर कठे की स्टूडेंट्स भी इकट्ठा किए पीतमपुरा में दिल्ली में अच्छा किया लेकिन मतलब वो क्योंकि वो तो डिजिटल करंट टेलिफोनिक था डिजिटल मतलब टेलीफोन एक था उसे समय तब इंटरनेट से कंज्यूमर नहीं एक्वायर होता था टेलीफोन से कंज्यूमर रिक्वायर्ड होता था सिटी केबल में मेरे रिश्तेदार द उनसे हमने 12:30 सौ रुपए की ऐड पहला महीना फ्री लगवा ली थी अच्छा वो नीचे मूवी के नीचे पट्टी चला करती थी और क्लासेस ऑल सब्जेक्ट ऑल लोकेशन फोन नंबर दल दिया आपका ट्यूशन आते होम और उसके बाद चालू किया टीचर्स के भी फोन आने लगे स्टूडेंट के भी आए अब मैं कॉलेज जाता तो एक लड़का मैंने 1000 रुपए महीने पर रख लिया उसका कम होता है दिन भर डायरी पकड़ के फोन पर फोन रिसीव करना और लिख लेना सारी रिटायरमेंट जो आई है जो जो का रही है लिख लो शाम को मैं आऊंगा कॉलेज से उसके बाद में कॉल बैक करूंगा और सारी क्वेरीज को मैं मैटेरियल्स करूंगा उनका कन्वर्जन करूंगा वहां से रेवेन्यू जेनरेट करूंगा तो ले देख के उसे समय पे मुझे 7-8000 महीना निकल जया करता था तो बहुत होता था उसे टाइम पे सात हजार महीना जिसमें मैं अपना ₹1000 किराए कमरा भी निकल लिया वहीं पीतमपुरा में कैलाश कॉलोनी में गढ़ी गांव था मंदिर के सामने एक वह घड़ी गांव में रहा करता था पतली सी गली थी वहां ₹1000 किराए का कमरा था तुम्हारा रहता था मैं अच्छा कितने दिन चला यह वाला कोचिंग मैन लो एजुकेशन से ये मैं जब तक कॉलेज में था जब तक किया कॉलेज के बाद फिर मैं सन्यास लेने चला गया था ब्रह्मचर्य आश्रम चला गया था की मैं अपना जीवन समर्पण रहा था मैं काफी टाइम चार साल पंच साल का ऐसा कुछ समय था आपका कहां है वहां पर मैं वृंदावन में रहा आश्रम में रहा और ब्रह्मचर्य आश्रम में रहकर के वहां भिक्षा मांगना शिक्षा लेना पढ़ना सेवा करना वो सब कम किया वो मेरे ख्याल से मेरे लिए शायद असली एमबीए थी मोस्ट ब्यूटीफुल एसोसिएशन बोलूंगा एमबीए को एमबीए मोस्ट ब्यूटीफुल एसोसिएशन जहां मैंने भागवत गीता सीखी जहां मैंने शास्त्र पड़े और उसको मैंने साधारण जीवन के साथ रिलेट किया आज मैं भगवती में बहुत चर्चा करता हूं कई बार लोग मुझे बोलते भी हिंदू मुस्लिम सबसे बहुत ऊपर है इन धर्म से जातियों से बहुत ऊपर है वो आपके व्यवहार को आपके विचार को आपके संस्कार को सबको सुधार देती है वह मैंने पढ़ा वहीं से मिले क्षमता शक्ति सब वहीं से आई वहीं से मैं आगे बड़ा क्यों लिया था सन्यास आपने क्या ऐसा मोमेंट ऑफ ट्रिगर था जिसको लेक अब संन्यास लेके उधर चले हैं क्या उधर गए तब ये कौन था कहानी क्या है मतलब उसे फेस उसे ट्रांजिशन के फेस की कहानी क्या है यू आर नेब्रा जो फाइव पीपल यू कीप योरसेल्फ इन योर लाइफ वो कहते हैं बचपन में टीचर कहती थी हमारी शो मी योर फ्रेंड्स एंड आई विल तेल यू योर फ्यूचर तो मैंने मित्र साधु संत मेरे मित्र हो गए द उनके साथ बैठकर मैं उनकी इंटेलेक्चुअल डिस्कशन आध्यात्मिक और भौतिक जीवन की सुनता था समझता था तो वहां से मुझे इंस्पिरेशन सन्यास से कैसे सन्यास से बाहर आए सनातन धर्म बोलते हैं जहां से वापस नहीं आते फिर वह आजीवन संध्या तो मैं ब्रह्मचारी था और ब्रह्मचारी जीवन से ऐसा रहकर मेरे गुरुजी का आदेश था बाद में की आप मैनेजमेंट की पढ़ भी अच्छी जानते हैं शास्त्रों की पढ़ भी अच्छी जानते हैं आप उसको जाकर के शास्त्रों के माध्यम से सही बुद्धि सही ज्ञान जा करके बाहर दीजिए जहां अपने पोटेंशियल का पूरा इस्तेमाल नहीं कर का रहे उसके बाद आगे निकाला मैंने उनसे पूछा मैं क्या कम करूं उन्होंने कहा की आप एक कॉर्पोरेट ट्रेलर बनी है मोटिवेशनल स्पीकर बनी अब आपको उसको ब्राह्मण का कम बोलते हैं पठान पाठन यजन यजन पढ़ना तो पढ़ने पढ़ने का कम करिए पढ़िए और पढ़िए लोगों को तो मैं उसी कम पर आकर निकाला उन्होंने कहा अब ये करेंगे तो आपको सफलता मिलेगी मैं इसी कम पे लग गया और उसी कम पर लगा तो सफलता लगातार मिलती चली गई आज विनम्रता वी बोलेंगे हाथ जोड़कर बड़े उसे चक्कर में कोई नहीं टक्कर में नंबर वैन थ्री और फाइव भी है वो सारी रैंक हम ही को चाहिए उसी मॉडल में हम कम करते हैं कस्टमर की प्रॉब्लम ऐसे सॉल्व करो की कस्टमर आपके बिना अपने आप कहीं और सॉल्व ना कर पाए तो वो सारी रैंक आप ही के पास ए जाएंगे लेकिन इसके लिए सेवा की भावना चाहिए अहंकार की भावना नहीं चाहिए इसके लिए आपको वैल्यू कृष्ण की भावना चाहिए वैल्यू क्रिएट करेंगे तो वैल्यू बनाएगा पीछे अभी मैं किसी एक एक कम्युनिस्ट कंट्री में गया था उनके पॉलिटिकल लीडर से मेरी चर्चा चल रही थी किस देश में मैं नाम नहीं बताऊंगा उसे देश का वह प्राइवेट चर्चा थी वो प्राइवेट कंसलटिंग थी लेकिन वो कम्युनिस्ट कंट्री थी बड़ी कंट्री थी कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार थी वहां पे कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है और कंट्री भी नेचरली कम्युनिस्ट कंट्री की तरह ही कम कर रही है बहुत सालों से वो अब उसे देश में वहां पर कब की घटना है मतलब ये तो बता दीजिए आज से 20 दिन पहले की आज से 20 दिन पहले की और मैं वहां काफी देर चर्चा उनके पॉलिटिकल लीडर्स के साथ हुई और मुझे लगभग डेढ़ से दो घंटा लगा उनको ये समझने में की कम्युनिस्ट फिलासफी जो है ना वो ऑल परवेसिव जो आप चाहते हैं ऑल इनकम पासिंग जॉब चाहते हैं वो है नहीं वो इसलिए नहीं है क्योंकि जैसे ही आप इक्वलिटी रोंग कॉन्सेप्ट फेयरनेस डी राइट कॉन्सेप्ट आपको तो बोलो क्या फिलासफी ठीक है अब फिलासफी ठीक क्या है मेरे को क्राइसिस आप कम्युनिटी कृषि की हत्या करते हैं थोड़ा सा और इसको ब्रेकडाउन करके थोड़ा और इजी करके और इजी करके समझ लीजिए इतना है की सिंगापुर चलने वाला देश है और सिंगापुर आज दुनिया के कम से कम सात कैटिगरी में मेरिट के हिसाब से आगे बढ़ाया जाए रिजर्वेशन के हिसाब से नहीं एक क्वालिटी इस डी राइट क्वालिटी रोंग कॉन्सेप्ट हम सब बराबर नहीं है कभी भी बराबर नहीं होने वाले हम कभी भी बराबर नहीं हो अरे की क्षमता अलग है ताकत अलग है आप सबको बराबर कर दो तो आप इनोवेशन का पोटेंशियल अब नहीं डिस्कवरी का पोटेंशियल आप बड़ी ग्रोथ का पोटेंशियल खत्म कर दें की उसको क्या बोलेंगे जिसका 100 में 50 नंबर ए रहा है वो भी बराबर जिसका 100 में 100 नंबर ए रहा है वो भी बराबर महत्वपूर्ण ये है की जिसके पास जिस चीज में दम है उसको आगे बढ़ाया जाए उसको जितना आगे बढ़ाएंगे जब खुशहाली आएगी तो फायदा सभी का तो उनका लॉजिक क्या उनका तरक्की है की भाई जब जिस समय जब कम्युनिस्ट philosophili जीते हैं तो लोगों के मैन में शांति रहती है सब लोगों का ध्यान रखा जाता है सद्भावना होते बिल्कुल ठीक चर्च जाने का समय मिलता है उनको मस्जिद जाने का तो मंदिर जाने का समय मिलता है उनको परिवार के साथ समय बिताने का समय मिलता है उनको लेकिन कैपिटल इकोनॉमी में पैसा पैसा के पीछे भाग रहे हैं ये गलत फिलासफी है केपीटलिस्टिक इकोनॉमी में सब पैसे के पीछे नहीं भाग रहे हैं सब वैल्यू कृष्ण के पीछे भाग रहे हैं पैसा तभी तो आएगा जब आप वैल्यू क्रिएट करोगे टाटा ग्रुप क्या है टाटा ग्रुप देश की चार परसेंट टैक्स और 4% जीडीपी को कंट्रीब्यूट कर रहा है रिलायंस ग्रुप देश के 3% जीडीपी का कंट्रीब्यूशन दे रहा है वो कहते हैं की पूंजी पति सारा पैसा खा जाता है कैसे खाता है चटनी लगा के खाता है ब्रेड खाता है जो बिजनेस ग्रुप हैं हम सॉरी ग्रुप के की जो का जो पूरा उनके पास जितना पैसा है इतनी संपत्ति है उसको कंट्रीब्यूशन के टर्म में कैसे देख रहे हैं की उनका कंट्रीब्यूशन कर रहे हैं एंप्लॉयमेंट जेनरेशन उनका कंट्रीब्यूशन क्या है टैक्स सरकार को देना रेवेन्यू सरकार का कम क्या होना चाहिए सरकार का कम कम होना चाहिए पॉलिसी और प्रिंसिपल ऐसे बना है की ये कैपिटल लेफ्ट या यह बिजनेसमैन ही अंतर पनीर किसी का शोषण ना करें ये किसी का शोषण नहीं करें यानी की आपका सोशियो इकोनॉमिक ग्रोथ होना चाहिए लेकिन जैसे ही आप ये कहते हैं की हम सब बराबर है तो आप मेरेटो कृषि को कल कर देते हैं चाणक्य पंडित ने अपने टाइम पर मेरे को कृषि को बिल किया उसे टाइम से मेरे को कृषि बिल्ड होती ए रही है आप जो है पॉलिटिकल एजेंडा के लिए हम लोग इसको इस्तेमाल करते हैं बहुत सारे लोग और मैं पॉलिटिकल पार्टी पर कोई कमेंट नहीं करूंगा इसी को इस्तेमाल करते हैं भाई तुम जो है दलित हो तुम महादलित हो तुम्हारा वोट शेयर मेरा तुम्हारा वोट शेयर मेरा madalit का मतलब क्या हो गया मैंने madalit का मतलब क्या हुआ भाई तुम्हारे लिए कंपटीशन ऑल दिमाग दलित वेलकम बैक तू मी बिकॉज आई एम डी वॉइस ऑफ डीज madalits आपने क्या किया वहां पे वैसा करते ही आपने एक अलग कल्ट क्रिएट किया और अपने कल्ट क्रिएट किया आप उनके अधिकारों के लिए लड़ेंगे लेकिन उनको सक्षम बनाने पर कम करिए सक्षम बनाने पर कम करिए और सक्षम जो बनता जा रहा है उसको आगे बधाई वो है मेरिट मैं ये नहीं का रहा की आपको गरीब की मदद नहीं करनी गरीब की मदद तभी होगी जब खुशहाली आएगी फायदा सबका होगा खुशहाली लानी है हमको आपको बदहाली को और बत्तर नहीं बनाना उसको सब कुछ फ्री में देखें मेरा यहां पर एक सवाल है जो की कौन था लाजिम है की विवेक बिंद्रा आप आरक्षण पर क्या सोचते हैं क्योंकि इस अब यह बहस हो रही है अभी हम लोग भी ये बातचीत हम लोग कर रहे हैं और मामला कोर्ट में मीडिया में अपने अपने तरीके से चल भी रहा है क्योंकि हम उसे आइडिया के हैं की आरक्षण है वो इसीलिए है की सक्षम बनाने के लिए जो अपने को लगता है सक्षम बनाने के लिए सभी को उसके हिस्से की हिस्सेदारी मिले नौकरियां में मिले विद्यालयों में मिले यूनिवर्सिटी में मिले कॉलेजेस में मिले और मुझे भाई साहब मेरे तू किसी बड़ी चीज है आप का रहे हो सभी को हिस्सेदारी मिले मैं का रहा हूं सभी को नहीं मिले पूछे क्यों इसलिए नहीं मिले जो सक्षम है उसको मिले अब वो किसी भी टपके से आता हूं किसी भी जाती का हो किसी भी धर्म का हो किसी भी फाइनेंशियल स्टेटस से आता हो अगर वो काबिल है उसमें क्षमता है तो उसको मिले यह नहीं की मैं इस जाट का हूं तो मुझको मिले यह कई बार लोग ना मुझसे शिकायत करते हैं की भागवत गीता में ब्राह्मणवाद से खाया गया है या भागवत गीता में जो है हिंदू सिखाया गया है उन लोगों को क्या घर अज्ञानता के लक्षण प्रकट करते हो तो जानकारी कुछ है नहीं और यह सब वही पॉलिटिकल राजनीति के झंडा के चलते कुछ भी जो मैन करें कमेंट करें द या इनसिक्योर हो जाते हैं मैं आपको उत्तर देता हूं उसका कृष्ण क्या कहते हैं चतुर वन्य mayartam गुना कर्म विभाग गुण और कर्म के आधार पर विभाजन किया कृष्ण ने जन्म विभाग विषय ने किया आज के नेताओं ने जन्म में bhagyashak कर दिया वहां से दिक्कत है की तुम जो है आज इसके भी ब्राह्मण के बेटे ब्राह्मण और तुम सुंदर के बेटे कृष्ण ने बोला ऐसा नहीं बोला उन्होंने सिस्टम की मात्रा पितृ मेरी नहीं है आपकी नहीं है यह किसी पॉलिटिकल लीडर की बात नहीं है गुना कर्म मतलब क्या हुआ भाई साहब गुना का मतलब हुआ साइकोलॉजी कर्म मतलब साइको फिजिकल नेचर के हिसाब से डिसाइड करेंगे वो आदमी क्या कम करेगा आप एक बात बताओ ना भाई साहब जज का बेटा बिना पढ़ की अपना जज बन जाता है लॉयर का बेटा लॉयर बन जाता है यस नो उसको चाहिए ऑफ डी लॉयर गुना कर्म ऑफ डी जज भाई साहब आपके पास में जो साइको फिजिकल नेचर है उसके हिसाब से आपको आगे बढ़ाना चाहिए उसी वो है मेरी टोकरी सी मेरी क्षमता के हिसाब से मेरे इंटरेस्ट के हिसाब से उससे सही समाज बनेगा समाज सही तभी बनेगा जब आप काबिल को आगे badhaaoge समझ नहीं बनेंगे सबको आगे badhaaoge काबिल को आगे बढ़ाओ तो वो सबको आगे बढ़ाएगा वो अपने आप बाकियों को आगे बढ़ाएगा हर एक को ब्राह्मण बनने के ब्राह्मण का मतलब क्या हुआ इंटेलेक्चुअल क्लास सोसाइटी ठीक है आज मैं आपका क्षत्रिय का मतलब वो एडमिनिस्ट्रेटर क्लास सोसाइटी वैश्य का मतलब क्या हुआ मर्केंटाइल क्लास सोसाइटी जो भोजन का कम कर रहा है का मतलब क्या सोसाइटी जो असिस्ट करने में बहुत बढ़िया है ही कैन बी माइंस वैन बट ही कैन नॉट बी नंबर वैन एंड बट हिल डू फैंटास्टिक वर्क कुछ लोग असिस्ट करने में बहुत बढ़िया उसको लीडर मत बनाओ भैया दिक्कत करेगा वो आदमी क्योंकि वो अपने आप डिसीजन नहीं लेता है लेकिन डिस्ट को एग्जीक्यूट बहुत अच्छे से कर सकता है एक आदमी स्ट्रेटजी का एक एग्जीक्यूशन का है एक एग्जीक्यूशन स्ट्रैटेजिक को आपस में इंटर चेंज करो तो पुरी सरकार करना शुरू आएगा| और पूरे देश का नाम हो जाएगा वही हो रहा है वो आगे ले चलेंगे अगर आगे से आगे चले पूरा फ्रीडम रखिए मैं एक्टेंपोर चल रहा हूं मेरा नोट्स क्योंकि बिना सोच के आप मुझे पूछेंगे मैं नोट्स वाला इंसान हूं लेकिन क्लियर कर डन मैं नोट्स के हिसाब से चलता हूं मेरे वर्ल्ड पर मिनट बहुत ज्यादा होते हैं कई बार लोगों को थोड़ा धीरे करके भी करते हैं मतलब तेज जल्दी जल्दी बोलते हैं ओके फिर यहीं पर एक वह ब्लैक लाइन है ब्लैक क्या मतलब मेरे ख्याल से वह काफी विजिबल लाइन है बिलीफ और कॉन्स्टिट्यूशन के बीच की एक पत्रकार के दौर पे मेरे लिए सबसे जरूरी किताब भारत का संविधान है उसमें जो लिखा है उसके प्रिंबल में जो लिखा है उसकी उसके सेक्शंस में जो लिखा है नहीं संविधान याद करके नहीं बैठा हूं मुझे पता है की हर बार मुझे इंटरनेट की मदद लेनी पड़ती है किताबों को पलटना पड़ता है कई बार रेफरेंस देने के लिए लेकिन मुझे लगता है की इस में जो लिखा है हम भले एग्री ना करें चलेगा इससे सब कुछ कोई समस्या नहीं अब ठीक करें उससे चलना चाहिए परंतु मुद्दा यह है की क्या संविधान आज तक टाइम प्ले सर्विसेज से का रहा है सन ना मेरी बात पर स्थिति के परे नहीं संविधान हर बार इंप्रूव किया गया है संविधान में बहुत सारी चेंज आए हैं जिस चीज में अगर बार-बार चेंज ए रहे हैं बार-बार इंप्रूव किया जा रहा है तो वो परफेक्ट नहीं है आप उसको रिस्पेक्ट करिए पर परफेक्ट मानो में नहीं मानता मैं इंप्रूवमेंट साइकिल में बिलीव करता हूं यही मेरा उत्तर है मतलब आप भी एक परफेक्शन का एपिसोड आप दे एक गुंजाइश देखते हैं उसमें अभी ये का रहे हैं की उसमें परफेक्शन की ओर संविधान में इन चीजों में और परफेक्शन किया गुंजाइश ना देखो तो आप मुझे मुर्दा kahiyega इंप्रूवमेंट के गुंजाइश हमेशा है मुझे कुछ भी प्रूफ नहीं करना हर चीज को इंप्रूव करना है और इंप्रूव करने के लिए मुझे सब को साथ में लेकर चलना है आप जब शुरू किए लोग से बात करना आपने शुरू किया था तो क्या मतलब उसे समय शुरुआती माहौल कैसा था कोई अभी तो विवेक बिंद्रा को जानते हैं बहुत सारे लोग अभी तो सेमिनार आपके हाउसफुल रहते हैं लोग लोगों को लोग बताते हैं की वेट पीरियड है अभी धीमे-धीमे इतने लोग लाइन में लगे हुए हैं आपके सेमिनार शो करके के लिए शुरुआत की इतना कैसा माहौल था एकदम कुछ कम लोग द धीरे-धीरे फिर कैसे प्रोपागेट हुई कहानियां आपकी शुरुआत में जब मैंने पहली बार अपना वीडियो डाला तो मेरे एंप्लॉई तीन चार पंच जो मेरे साथ कम किया करते द शुरू में अच्छा वो हंसने लगे की अपना ही वीडियो बना रहे हैं कैसे कैमरा मोबाइल से किया था फिर एक प्रोफेशनल कैमरामैन को बुलवाया अपने कमरे की दीवार के सामने खड़ा होकर को उसने बोलना शुरू किया है दिमाग में चल रहा है मैं प्रीपेड रहता हूं पर मेरा कन्वैक्शन बहुत ही रहता है मुझे लगता है आपकी बॉडी लैंग्वेज आपका चेहरा आपकी कनविक्शन आपकी टोन से ज्यादा बोलती है बजाए स्क्रिप्ट के ध्यान दीजिएगा जो सबसे बड़े पत्रकार है ना आपकी इंडस्ट्री में जो टॉप 5 है वो अपनी कनविक्शन से बोलते हैं स्क्रिप्ट से कम बोलते हैं और जितने स्क्रिप्ट से बोलते हैं वो सब पीछे के पत्रकार कभी आगे बढ़ते के लिए आपको यह लिख लीजिएगा मेरी बात को नोट कर लीजिएगा आपको दिख जाएगा आपके पूरे इंडस्ट्री के अंदर जितनी ज्यादा भयंकर कन्वैक्शन प्रिपरेशन की कमी नहीं होनी चाहिए प्रिपरेशन होनी चाहिए बट इस मोर कन्वैक्शन तो बात आपका प्रश्न यता की वापस स्क्रिप्ट लिखते द हान अपनी कन्वैक्शन तैयार करते द माइंड तैयार करते द पर कोई वीडियो देखता नहीं था तो प्रश्न में वापस आता हूं क्या हुआ शुरुआत में हुआ ये की मैं एक दिन अपनी टीम को बोला देखो देखो आज चार लोगों ने वीडियो देखा तो बोले सर आप ही ने अपना वीडियो चार दफा देखा है चाय पीने चार दफा देखा है खुद के व्यू हैं आपके और कोई नहीं देख रहा वीडियो आपके तो शुरुआत हमेशा स्लो होती है पहली दिन जब मैं जिम गया था तो उसके बाद जब स्वेटर उतार के देखा तो अर्नाल्ड नहीं लग रहा था अपने आप को देख के पहले शुरुआती रिजल्ट हमेशा छोटा ही रहता है लेकिन आपको कंसिस्टेंसी चाहिए जो भी आपके माध्यम से देख रहे हैं जिस एरिया पे कम कर रहे हैं भाई साहब कंसिस्टेंसी इन प्रोग्रेशन विल गेट यू आउट ऑफ रेशन एंड डिप्रेशन कंसल्टेंसी इन प्रोग्रेशन बहुत बड़ी चीज है जो की आप यूपीएससी की पढ़ के बच्चों को बहुत सीखते हैं दिखाते नहीं उनके ऊपर काफी वीडियो डालते हैं मुझे कोई बता रहा था तो यूपीएससी भगवान में भागवत गीता में भी सिखाए उनके हिसाब से यूपीएससी का अर्थ है अनफ्लिचिंग पीसफुल कंसिस्टेंट एक्शन यूपीएससी अनफ्लिचिंग पीसफुल कंसिस्टेंट एक्शन उन वेवरिंग पीसफुल कॉन्सर्ट इन एक्शन एलेबोरेट कीजिए आप विद और विदाउट एटीट्यूड डबल्यू रिजल्ट आएगा तू भी कम करूंगा नहीं आएगा तू भी कम करूंगा सरकमस टाइम से बच्चे तू भी करूंगा नहीं अच्छे तू भी करूंगा आसपास जो कंडीशन है वो मेरे हाथ में नहीं जो रिएक्शन आएगा वो मेरे हाथ में नहीं लेकिन एक्शन मेरे हाथ में है तो कंडीशन प्लस एक्शन इस इक्वल तू रिएक्शन तो मेरे हाथ में एक्शन करूंगा जितने मात्रा में एफर्ट मजबूत करूंगा उतनी मात्रा में रिजल्ट को इन्फ्लुएंस करता हूं नहीं कर पाऊंगा नहीं तो कर्म करोगे हो सकता है फल मिले हो सकता है ना मिले लेकिन कर्म नहीं किया गया तो पक्का हो गया फल नहीं मिलेगा आप मतलब आप जैसे बता रहे द की आप प्रिपेयर्ड रहते हैं बहुत मतलब इसमें तो ये कौतूहल का विषय है की क्या लिखते पढ़ते हैं पढ़ते हैं की क्या-क्या है मतलब किस तरह की किताबें पढ़ना पसंद है इधर बीच क्या पढ़ रहे हैं ओटीपी मूवी देखते हैं गाने देखते हैं इंस्टाग्राम देखते हैं शॉर्ट्स वगैरा क्योंकि अभी तो मेरा बालम चलावे जिप्सी मेरा बालम थानेदार कच्चा बादाम रियल शॉट होता है ना ये सब तो ये सब भी बड़ा वायरल तो ये सब bhiral कंटेंट वगैरा भी देखते हैं क्या है कंजप्शन क्या है आपका मैं क्या देखता हूं या क्या पढ़ता हूं क्या समझता हूं उसका सिर्फ एक ही जो है सूत्रधार है फाउंडेशन है जो डायरेक्शन देता है मुझे वह मेरे कस्टमर का बर्निंग प्रॉब्लम एस का नया प्रॉब्लम ढूंढता हूं मेरा ऐसा मानना है क्रिएटर और कंज्यूमर जितना बढ़िया बनेगा suniyega ध्यान से आप कौन हैं क्रिएटर ठीक कर बोलेंगे आपको सिद्धांत जी और एक है कंज्यूमर जो आपका वीडियो देख रहा है जितना ज्यादा आप और आपके कंज्यूमर आपस में नजदीक रहेंगे उतना अच्छा आप कंटेंट क्रिएट करेंगे और समझा का रहा हूं आपको तो में मुद्दा यह है की कस्टमर सिग्नल देता है बुद्धिमान आदमी उसका प्रोडक्ट बना देता है तो मैं क्या देखता हूं मैं क्या पढ़ता हूं मैं क्या सुनता हूं मैं क्या समझता हूं मैं वही देखता हूं जिससे मैं अपने कस्टमर की बर्निंग प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकूं उसके आजू-बाजू मेरा इंटरेस्ट नहीं है बड़ा पैसे लेता हूं देखने या पढ़ने के लिए उतना ज्यादा बड़ा गोल अचीव कर पाएंगे इसलिए मैं एक वीडियो में बोल भी रहा था की यंग लड़के आपके यहां प्रोग्राम बहुत देखते तो या तो गोल्ड स्टेटमेंट को पकड़ लो या गर्ल स्टेटमेंट को पकड़ लो सेक्स स्टेटमेंट को पकड़ लो या सक्सेस स्टेटमेंट को पकड़ लो आपका फोकस कहां है वो आप ही को ढूंढना है आपके स्टार्टअप पर बड़ा बिजनेस पे आते हैं 2012 सिंपल सा भागवत गीता एक तरफ मैनेजमेंट बैठा एक तरफ यूनियन मिठाई दोनों को साथ में पहली बार लाने वाला व्यक्ति में था और ये मारुति इंडोर्स करती रही है इस बार कुछ समय समय पर मुझे बेस्ट कॉर्पोरेट ट्रेनर इन इंडिया का या हाईएस्ट रैंकिंग ट्रेनर का अवार्ड देती रही है मुझे हमेशा तो और वो मतलब आशु के साथ गले milvaye मैंने हीरो मोटोकॉर्प में भी अच्छा हीरो में भी हीरो मोटोकॉर्प में भी एस्कॉर्ट्स में भी स्कॉट्स के अंदर इतना हो हल्ला हुआ करता था फरीदाबाद के प्लांट में यूनियन की उम्र हो चुकी थी उसे समय 55 साल एवरेज जीएसटी यूनियन की पुरानी यूनियन अरे क्या बेटा हमको सिखाओगे अपना सवाल उतारा बात करें गेहूं के हाथ एक घर के वो हरियाणा हो गया समझा नहीं क्या इधर बैठ जाइए हान घर पहुंच नहीं पाएगा तो वो ईस्टर्न अप स्टाइल हो गया आप अब यूनियन की अपनी-अपनी टीम हुआ करती थी बहुत झगड़ा होता था वहां पे उनको साथ में बिठा के साथ मिलने मैनेजमेंट प्रिंसिपल भागवत गीता ये ग्लोबल एक्टर मैंने किया था वहां से बिना किसी एडवर्टाइजमेंट के बिना किसी प्रमोशन के का चारों ओर हर हेड जब अलग-अलग कंपनी चेंज किया करते द मेरे को साथ ले जया करते द अपने बोले आप अब आप होंडा में ए जाइए अब आप हुंडई में ए जाइए अब आप इस कंपनी में ए जाइए तो ऑटोमोबाइल से चालू हुआ टियर वैन टियर तू वेंडर्स के पास जाना चलो फिर बाकी कॉरपोरेट्स में गए हम लोग अब क्या है देखो आप अगर आज एक हर हेड यहां पे हो 2 साल 3 साल में आप नौकरी बदलते ही हो चार साल में नौकरी बदलते हो आप जहां जाते हो तो वहां हमको ले आते हो साथ में ऐसे करते-करते डेढ़ हजार कॉरपोरेट्स हमारे क्लाइंट हो गए पैसा अच्छा कम रहे द पर वीडियो देख कर के सवाल हमारे quarrette छोटे व्यापारियों को दुकानदार के के मैं जो है दी मार्ट कैसे बनूं बिग बाजार कैसे बनूं क्योंकि आप बड़े क्लांस को डील कर रहे हो और छोटे क्लाइंट्स के सवाल ए रहे द दुकान दर के राशन वाले के सवाल ए रहे द उसके की मैं आज एक जो है मॉडर्न ट्रेड की तरह चैन कैसे बनाओ रिटेल स्टोर्स की मेरा छोटा प्लांट है मुझे कोई कर्जा नहीं दे रहा है मैं इस प्लांट को टर्न आउट कैसे करूं मैं एक्सपोर्ट का बिजनेस करना चाहता हूं मुझे समझ नहीं ए रहा मुझे कर्जा कहां से मिलेगा या जो क्लाइंट लूंगा लक क्या होता है लेटर ऑफ क्रेडिट क्या होता है या मैं डॉक्यूमेंटेशन कैसे बनाऊं छोटी छोटी चीज ए रही थी हमारे पास में हम क्या यार इनकी कॉर्पोरेट की प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए हजारों ट्रेलर है देश में यह जिसको कोई जो पैसा नहीं दे सकता है जिसकी कोई मदद नहीं करेगा उसकी अगर मदद करने उतर जाए हम बाजार में तो वो बहुत बड़ा बाजार है तो हमें समझ में आया की मिडिल ऑफ बॉटम ऑफ पिरामिड और मिडिल ऑफ पिरामिड असली जो है ना देश में ग्रोथ वहीं पे ही है वहां पे आवश्यकता बहुत ज्यादा है आप समझते हैं ना बी ओ पी मॉडल समझते हैं मैनेजमेंट का एक मॉडल होता है देश का 55% कोल्ड ड्रिंक गांव में बिकता है देश का 62% सिगरेट गांव में बिकती है देश की 63% एलआईसी इंश्योरेंस गांव में होती है देश की 65% मोटरसाइकिल गांव में बिकती है तो उसके लिए छोटा सॉल्यूशन बनाया जाता है छोटू कूल रेफ्रिजरेटर वो क्या है बॉटम अप पिरामिड केला है ₹8 की रिटर्न टेबल का शशि डिटर्जेंट का या टूथपेस्ट का या इनका ये गांव में लेकर आया गया ये बॉटम और पिरामिड की मार्केट है जिओ वाटर में पिरामिड की मार्केट है तो बॉटम और पिरामिड से आपको बहुत बड़ी ग्रोथ मिलती है क्योंकि वहां पर उनकी मदद करने वाला कोई नहीं वो सॉल्यूशन बिल्ड कर दिया तो गेम चेंज तो इसीलिए हम छोटे व्यापारियों के लिए बाजार में उतर गए कॉर्पोरेट ट्रेनिंग में तो सब कर ही रहे द हम भी कर लेंगे क्या फायदा कम तो वहां करेंगे भाई साहब जहां पे हम ऐसा इंपैक्ट लाइन जो फिर हमारे बिना ना पाए कहां तक ग्लोबल अत ऑफिस आपका मतलब उसके बारे में कहानी है की वहां पे आप समय बचाने और सब कुछ के लिए मतलब सब कुछ तो आप वहां के टॉयलेट भी साफ करते द आपने एक इंटरव्यू में बताया है फरीदाबाद में था पहला ऑफिस हमारा सूरज के बाद मोहन कोऑपरेटिव तो हम पहुंचे पर उसके बाद फिर बाद में माइंड अप कर दिया था हमने मोन कोऑपरेटिव के बाद अच्छा और फिर हमने 2018-19 में हमने बड़ा बिजनेस शुरू कर दिया था बड़ा बिजनेस कैसे शुरुआत ऐसे ही हुई हमारे एंप्लॉय कुणाल वर्मा उनकी धर्मपत्नी ने नाम हमारे को दिया सुझाव दिया अच्छा आपके एंप्लॉय ग्लोबल अकादमी ग्लोबल आर्ट बाद में बंद करके ग्लोबल के सारे कर दिया उसको एक तरह से करें तो क्रेडिट इसको हम क्या बोलते हैं इसको बोलते हैं की बिजनेस ट्रांसफर हो जाता है इसको लीगल भाषा में बोला जाता है तो आपका बिजनेस वहां से ग्लोबल एड से बड़ा बिजनेस में ए गया वो कंपनी बंद हुई है कंपनी नई शुरू की है प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई इसकी लिस्टिंग की तैयारी के लिए लेके गए द हम लोग इसी के अंदर हम इन्वेस्टमेंट भी लेंगे इसी के अंदर इन्वेस्टमेंट भी इंवॉल्वड है इसी के अंदर हम उसको लिस्टिंग के लिए तैयारी करेंगे तो पब्लिक डोमेन के अंदर अवेलेबल फाइनेंशियल हैं हमारे आज 300% की ग्रोथ लेते रहे कंपनी में तीन चीजों को कंट्रोल में रखता हूं मैं कैश ग्रोथ प्रॉफिट वो तीन चीज कंट्रोल में हो तो आप एक अच्छे तरह बड़ा बिजनेस को आगे लेकर गए और वहीं से बड़ा बिजनेसमैन छोटे व्यापारियों का बिजनेस बड़ा करने के लिए हमने कम किया वही इसकी आइडेंटिटी है तो आई थिंक आइडेंटिटी में हिंदी स्पीकर फिर 2016 में इंटरव्यू देख रहा था उसमें कुछ गड़बड़ी हो गई तब वहां पर 2016 में शायद और उसे गड़बड़ी से शिफ्ट आया फिर जिससे बड़ा बिजनेस का रास्ता खोलता है क्या हुआ था प्लीज 2016 में मेरे कुछ बड़े प्रोजेक्ट चल रहे द उसे समय जूता बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी थी एक ट्रैक्टर बनाने वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी थी एक रियल स्टेट की बहुत बड़ी कंपनी थी एक ऑटोमोबाइल में कर मैन्युफैक्चरिंग बहुत बड़ी कंपनी थी ये 5-6 बड़ी कंपनी के साथ मेरे प्रोजेक्ट चल रहे द हर एक से मुझे अच्छा पैसा आता था और मैंने जो है टीम हर कारी हुई थी उसे टीम में एक आदमी ने बहुत बड़ी गड़बड़ कर दी थी जब पांचो प्रोजेक्ट को लीड कर रहा था जिसके कारण और वह गड़बड़ी हो गई की हमारे को 3 महीने से पेमेंट नहीं आई क्लाइंट ने बोला अभी देंगे अभी देंगे यह कागज जमा करो कागज जमा करो और 18 जून 2016 से लेकर के 26 जून 2016 के अंदर अंदर हमारे यह पांचो बड़े प्रोजेक्ट बंद हो गए जनक और तीन-तीन चार-चार महीने से पेमेंट नहीं आई थी और मुझे tankhaye देनी थी हमारा तंखा करनी है बिल्कुल फिक्स है एक तारीख को तनख्वाह देंगे तो देंगे अब हम 30 तारीख को लेते हैं टांका और कितने एम्पलाई द उसे समय उसे टाइम पर ऐसे एम्पलाइज द और सबकी तनख्वाह फस रही है सामने दिया बाद में पता लगा लोगों दुकानदारी तो एम्पलाइज को तकलीफ नहीं आणि चाहिए मुझे बचपन में रिलाइज हो गया था बचपन मतलब काफी साल पहले हो गया था की एक राशन की दुकान पर मैं जब मैं कुछ खा रहा था उससे बिस्कुट लेकर तो मैंने पूछा तुमने दुकान डबल कर ली बोले हान धंधा बढ़ गया है तो मैं बोला क्या रुपए की सेल हो जाती है पढ़ने तो मुझको बता रहा था एक तारीख से सात तारीख सेल बहुत ज्यादा होती है और 21 तारीख से 30 तारीख सेल बहुत कम रहती है मैं पूछा ऐसा क्यों बोला तनख्वाह आती है उसे में तब मुझे महसूस हुआ की तनख्वाह आने पर लोग खर्चा करते हैं टांका कितना बड़ा कंट्रीब्यूशन है आपके घर के एक्सपेंडिचर को प्लान कर रहे हैं आपसे मैंने डिसीजन लिया तो आप रेंट और तमाम चीज सबसे पहले पे करते हो रोज के समान खरीदते हो उसे दिन हमने निर्णय लिया था की एंप्लॉय की तनख्वाह नहीं ले लेंगे चाहे कुछ हो जाए हम चले ना चले एंप्लॉय की तनक जरूर चलनी चाहिए टाइम से फिर घर बेचा आपने जून में 2016 जून में मैं लॉस में था भयंकर लॉस में था मकान बिक गया लेकिन 2015 में जितना मेरा टर्नओवर था मैं नवंबर 2016 में फिर से बिजनेस को बिल्ड कर गया और दिसंबर से लेकर मार्च तक मैंने इतना टर्नओवर कर लिया की वो 2015 के मुकाबला फिर से तीन गुना हो गया था तो मतलब ऐसा नहीं की मैं खुद लंबा समय बहुत तकलीफ हो रहा है पैसा खत्म हो गया करले में चले गए मकान बिक गया उसके 6 महीने के अंदर फिर टर्न अराउंड कर दिया हमने कितना कर्ज़ में चलेगा तो ज्यादा ही हो गया होगा कुछ नहीं चार-पांच करोड़ रुपए का नुकसान था उसे समय 5-7 करोड़ का मकान बिकने में गाने में सब करने में 4-5 करोड़ कुछ नहीं क्योंकि कौन लगता है ऐसे मत करिए देखिए ये छोटी सोच और पांव की मोच इंसान को आगे नहीं बढ़ाने देती मेरा ऐसा मानना है कुछ नहीं होता आपके पास असीमित क्षमता है भाई साहब अपनी असीमित क्षमता में 5 करोड़ को बड़ा अमाउंट मैन लेंगे तो जीवन में करेंगे क्या आपने अपनी क्षमता का पूरा प्रयोग नहीं किया अभी उपयोग नहीं किया है वो आपको पहले विश्वास होना चाहिए और मेरा कम होना चाहिए की मैं आपको विश्वास दिलाओ उसके बाद सही ट्रैक है सही डायरेक्शन दे अब कर पाएंगे आगे थोड़ी कोई मुकेश भाई अंबानी का जन्म नहीं मालूम आपको कैसे हुआ उनके जन्म पर वह चतुर्भुज जन्म हुआ था उनका उनके हाथ में कमल गडा पद्मा सब हाथ में लेकर हुआ था मुकेश भाई अंबानी और गौतम भाई हटाने का जन्म है ना नहीं भैया वह भी नंगे पैदा हुआ था सबके तरफ है ना और वो भी यहीं पर आगे बढ़े सब के सब गौतम भाई दानी का कोई फर्क जेनरेशन entrepune हो रहे हैं आपके सुनील भारती मित्तल कितने बड़े-बड़े व्यापारी हमारे देश में रहे फोर्थ जेनरेशन उत्तर प्रदेश कहां से कहां पहुंच गए सब के सब क्षमता सबके पास है आपको उसको विकसित करना है किसके साथ उठाते बैठते हैं आपके आजू-बाजू कौन है शकुनी मंत्र के साथ तो नहीं रहते हैं अब आपका एडवाइजर कौन है गाइडेंस किस लेते हैं मजबूती से कंसिस्टेंसी से कम कितना करते हैं कोई समस्या नहीं है सारा आदमी आगे बढ़ सकता है क्या सक्सेस स्टोरी है कितने लोग हैं जिन मतलब रिफॉर्म कर चुके हैं ऐसा कोई डाटा रखते हैं अपने पास की इतने लोगों आए इतने क्लाइंट आए क्या होता है मतलब की आप समय लेते हो की यार कोई क्लाइंट है प्रॉब्लम लेकर और एप्रोच को भी कैसे करें आपको फिर आप कितना समय लेते हैं उसे पर चयन करने पे टीम में कौन-कौन लेवल है थोड़ा इसके बारे में बताइए प्लीज आपको महत्वपूर्ण बता देता हूं एक आज हमारा जो टोटल सब्सक्राइबर बेस है वह लगभग हो गया 35 मिलियन का यूट्यूब फेसबुक वगैरा मिला के और लगभग 20-21 मिलियन यूट्यूब पे होगा नंबर वैन ऑन thripianora यूट्यूब चैनल है वर्ल्ड का तो ट्रैफिक बहुत है हमारे पास में इंगेजमेंट अच्छा है हमारी प्राइवेट मोबाइल एप्लीकेशन में बड़ा बिजनेस वहां लोग आते हैं उनकी रिटायरमेंट के हिसाब से हम उनको प्रोग्राम डिजाइन करके लेते हैं मेरी स्ट्रेंथ है आज चैनल डिस्ट्रीब्यूशन मेरे साथ में आईबीसी कम करता है इंडिपेंडेंट बेसिस कंसल्टेंट ये वो आम आदमी है जिसको हम लोग ट्रेन करके रगड़ के उसको रेडी करके 1 लाख 2 लाख 5 लाख 10 लाख रुपए महीना कमाने के लायक बना रहे द इसमें तो अभी रिसेंटली कुछ लोग हमारे साथ में नहीं अच्छा चल पाए तो हमने एक मॉडल बिल्ड कर दिया जिसको हम बोलते हैं की मणि बैक गारंटी अगर आप हमारे साथ आईबीसी बने और 25 लाख कुछ कामना चाहते हैं और नहीं कम पाए तो जो पैसा हमने आपसे लिया है वो पैसा हम आपको वापस लौटा देंगे 100 दिन के अंदर आप यू शुड स्टार्ट मेकिंग मणि तो यह मणि बैक गारंटी हमने लॉन्च किया आज देश के 750 डिस्ट्रिक्ट के अंदर लगभग सरदार शहरों में आज हमारी प्रेजेंट है फिजिकल डिस्ट्रीब्यूशन है हमारे छोटे बड़े ऑफिसर द वहां पे लोग कम कर रहे हैं 120 बड़े ऑफिस है हमारे जिनको मैं जिनको हम लोग फुल flejet फ्रेंचाइजी बोलते हैं जिनके माध्यम से आगे जाते हैं तो एक छोटे टिकट साइज पे एक आम आदमी को अंतर पुण्यतिथि से खाना वो हमारा कम है और आईबीसी मॉडल में हमारे को बहुत सफलता मिले आईबीसी मॉडल पे हमारे साथ में कंज्यूमर भी आता है और हमारा चैनल भी आता है दोनों मिलकर के साथ में हमारे कम करते हैं तो डाटा यह कहता है की लगभग 200 करोड़ का तो हमने अपने चैनल को लगभग कमीशन ही बांट दिया है पिछले कुछ दिनों के अंदर हम लोग और देवदंड वेरी वेरी वेल विद अस वो अच्छा तेज हमारे साथ में ग्रो की है 300% का कंपाउंड एंड एनुअल ग्रोथ रेट के साथ हम लोग ग्रो करते हैं आज कंपाउंडर ग्रोथ रेट का मतलब हुआ आज अगर मैं ₹100 का धंधा कर रहा हूं तो अगले साल 300 का करूंगा 300 कर रहा हूं तो अगले साल 200 का करूंगा यानी की अपन मोटा-मटी तीन गुना हर साल ग्रो कर जाते हैं और ये बूटस्ट्रैप है हमने कोई ऐसा नहीं की मतलब बॉटमलेस स्पित फंड ड्रिलिंग ले आओ मैं वह स्टार्टअप शुरू से प्रॉफिट मार्जिंस मेंटेन करके चलता हूं यह बिट्टा के बात नहीं करता पेट की बात करता हूं मैं पैट मतलब प्रॉफिट आफ्टर टैक्स बैलेंस शीट में ये बड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा है ये तो मेरा ये मानना है की वो बिजनेस ही नहीं जो दूसरे के पैसे पे किया जाए बिजनेस ऐसा बिल्ड करिए जहां पे आपके बिना कोई कम ना कर सके बहुत बढ़िया मॉडल ऐसा तैयार कारी है आज आईबीसी जो हमारे साथ में जुड़े हैं डिपेंडेंट बिजनेस कंसर्न जिसको हम बोलते हैं जो हमारे माइक्रो फ्रेंड चाय ले लें दे आर ग्रोइंग बाय लिप्स एंड बाउंड्स आज एक इंश्योरेंस कंपनी एक एमएलएम एक फाइनेंशियल एडवाइजर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी जो है इसको हम बोलते हैं लिए फिर इंडिपेंडेंट फाइनेंशियल इन सबको इतना बड़ा सपोर्ट नहीं कर सकता जितना बड़ा सपोर्ट हमने किया जिसके कारण हमारी बहुत बड़ी ग्रोथ हुई है आज 112 कोर्सेज हैं हमारे पास में हर बिजनेस प्रॉब्लम के ऊपर एक कोर्स है हमारे पास में और वो 112 कोर्सेज को हम लोग देते हैं लोग कंज्यूम करते हैं उनका फायदा उठाते हैं हमने चैट सपोर्ट के लिए हैंड होल्डिंग सपोर्ट रखा उत्तर प्रदेश के लिए तू आकर के पूरा फायदा उठाते हैं और इसके लिए हमारे को भी एडवर्टाइजमेंट नहीं करनी पड़ी है बिना एडवर्टाइजमेंट की हम लोग कंटीन्यूअसली ग्रुप की है पर आजकल मैं गीता एक्शन पर कम कर रहा हूं लोगों को समझा रहा हूं की भागवत गीता के माध्यम से बिजनेस कैसे बढ़ाया जाए ये मेरे यूट्यूब चैनल पे आजकल गीता ना बहुत सीरीज पॉप्युलर हो गई आपको यूट्यूब चैनल पे ओके आ आपने एमएलएम का जिक्र किया मल्टी लेवल मार्केटिंग का इसको लेकर लंबे समय से एक समय बहुत सारी कंपनियों एमएलएम के मार्केट में एक समय आया था आज से मेरे ख्याल से 20 साल पहले या 22 साल पहले बहुत सारी कंपनियों एमएलएम के नाम पे मार्केटिंग और कुछ लोग ये द की भाई आप उनको ये देखिए प्लान में शामिल हुई है एमएलएम मल जिनको ना पता हो मल्टी लेवल वॉर में मार्केटिंग में आपको अपने नीचे जो प्रचलित मॉडल है वो ये रहा है की आपको अपने नीचे दो लोग रखने हैं फिर दो लोग अपने अपने नीचे दो-दो लोग रखेंगे फिर वो एक चेन पिरामिड की तरह वो चलता रहेगा और फिर उसमें कुछ कंपनी आए हैं जिन्होंने पैसा लेकर पैसा जो उनसे लेती थी मार्केट में टीम में लेने के लिए उनको कुछ इंटेंस इंसेंटिव भी देती थी उतने ही पैसे के कुछ किसी को हीटर दे दिया किसी को कुछ दे दिया की भाई ये भी रखो फिर अचानक से वह कंपनियों गायब हो गई और फिर उसके बाद वह फेस आया वो कंपनियों गायब हो गई जिन्होंने पैसा लगाया और जो जिन्होंने जिनके कहने पे पैसा लगाया फिर एक भयानक संघर्ष शुरू हुआ और बहुत इस तरह की लड़ाइयां का दौर आया की भाई आपके गाने पे हम तो पैसा डूबा दिए पैसा लगा दिए कुछ नहीं मिला ये है वो है तमाम चीज और उसके बाद से मल्टी लेवल मार्केटिंग की जो पुरी स्ट्रीट्स है उसे पूरे बिजनेस प्लान पे इस देश में बहुत सवाल खड़े हुए आज भी हो रहे हैं उसके बाद से जो भी आया सवाल हो रहा है क्योंकि 20 साल पहले कुछ हुआ है यहां पे बहुत बड़ा अभी भी हो रहा है अभी भी हो रहा है और कोई बीच में तो कोई सर्वे और वे करके चार-पांच कंपनी आई थी आज से 10 साल पहले बीच में एक स्पार्क आया की फिर आएंगे एमएलएम को लेकिन वो खत्म हो गया और एमएलएम से भरोसा खत्म हो गया लोगों का दुनिया भर में हो गया और अब प्रश्न यही है की इन आरोपी से आपका कितना सामना होता है अभी भी होता ही होगा और मेरा बिल कैसे करते हैं आप डील कैसे करते हैं जब एमएलएम पर क्योंकि लोग कोई कन्फ्यूजन है की बिजनेस के जब हम बिजनेस में जाएं पैसा कमाए तो हम इस तरह के फ्रॉड मॉडल से कथित रूप से जो फ्रॉड है कैसे बचें मेरे पास एमएलएम पे कोई सवाल नहीं आता मेरा एमएलएम से को रिश्ता नहीं है एमएलएम कंपनी में आता जाता हूं मुझे एमएलएम कंपनी पैसा देके भरपूर इनवाइट करती है मैं जाता ही नहीं मल्टी लेवल मार्केटिंग कंप्लीट की मैं रिस्पेक्टफुली दूर रहता हूं लोगों को भी सुझाव देता हूं अगर आपको ज्वाइन करना हो पहले देख लो कंपनी में प्लॉट अच्छा है पहले चेक कर लो कंपनी के पीपल अच्छे पहले चेक कर लो कंपनी में प्लॉट की प्राइसिंग ठीक है ऐसा नहीं है ओके ₹50 के टूथपेस्ट को वो ₹1000 का बेच रहे हो ऐसा नहीं है ₹100 के तेल को ₹2000 में बेच रहे हो तो वो चीज चेक कर लो कंपनी कैसी है कंपनी स्टेबल है की नहीं है तभी ज्वाइन करो एमएलएम में किसी कंपनी को इंडोर्स नहीं करता हमारा एमएलएम कंपनी से थोड़ा डिस्टेंस रहता है मैंने एमएलएम का बातचीत बातचीत शुरू किया की मुझे दो-तीन सवाल इसी चेन में पूछने द दूसरा सवाल इसी चेन में आप समझिए शेयर मार्केट अभी शेयर मार्केट यह है की सबके फोन से चल रहा है ठीक है स्मार्टफोन में ऐप्स वगैरा हैं अपना वेरीफाई वगैरा करिए चलिए जैसे चलाना है आपको अपना इन्वेस्टमेंट कीजिए और उसमें निफ़्टी सेंसेक्स मैं अपने इंडेक्स पे चल रहे हैं लेकिन एक बड़ा हिस्सा इकोनॉमिस्ट का जो ये कहता है की सब कुछ एक बड़ा सा बबल है सब कुछ एक बहुत बड़ा सा बबल है जो कभी भी phutega क्रिप्टो करेंसी के लिए बोलते हैं वो शेयर मार्केट बबल थोड़ी है शर्मा तो बड़ा ऑर्गेनाइज्ड के साथ मार्केट बबल कैसे हो सकता है कोई भी नहीं मानता है आप शायद आपने कहीं कोई गलत पढ़ लिया है की वो मेरी समझ के बाहर इसलिए है क्योंकि मैं उसको प्रभावित नहीं कर सकता इन्फ्लुएंस नहीं कर सकता रेट के बढ़ाने और घटने के अंदर क्योंकि उसमें मेरे हाथ में आपके हाथ में कुछ भी नहीं है उसके ट्रेडिंग कर रहा हूं इन्वेस्टमेंट कर रहा हूं इन्वेस्टिंग के formulaaj है इन्वेस्टिंग की गाइडलाइंस है की मैं जिस कंपनी में इन्वेस्ट कर रहा हूं वो कंपनी कैसी है उनको 10 12 पैरामीटर्स पर चेक करो उसे पे इन्वेस्ट करो और इसमें पैसा कम सकते हो मैं ये कहूंगा लोगों को ट्रेड कम बानो इन्वेस्टर ज्यादा बानो है ना ट्रेड कम ऑन मिस्टर ज्यादा बानो दादा बानो फिर भी ट्रेडिंग भी करना चाहे वो भी गलत नहीं है वो भी कोई समस्या नहीं है शेयर मार्केट को बबल कहने वाला आदमी बहुत मूर्ख आदमी है आप स्टार्टअप में फंडिंग को बबल का सकते हैं कुछ लिमिट तक वो कहा जा सकता है शेयर मार्केट में जो व्यक्ति का रहा है की शेयर मार्केट जो है बब्बल है वो घर अज्ञानता के लक्षण प्रकट कर रहा है ऐसे आदमी तो थोड़ा दूर रहिए भाई साहब कुछ समझ ही नहीं किसी चीज की हम लोग एक खास चीजों पे और बात करते हैं फिर हम लोगों से जो लोगों के पास जो सवाल होंगे उसके बाद जनता ने हमसे सोशल मीडिया पे कुछ सवाल उछाल रहे हैं आपके तरफ तो हम उनको उनसे भी आप से पूछ लेंगे और मुझे लगा होगा छोटे-मोटे कुछ विवाद है जिसमें इस तरह की चीज भी हैं जैसे आपको एसजीपीसी कमेटी को अपने कोई कार्टून शायद था क्या कोई कार्टून आपने बनाया था और फिर उन्होंने नाराजगी दर्ज की थी फिर आपने बोला की आपने मतलब आपने बड़ी हंबली उसने सॉरी बोला उसने उनसे बिल्कुल गुरु गोविंद सिंह जी महाराज 10वें बादशाह सच्ची बादशाह है गुरु गोविंद सिंह जी महाराज गुरुदेव उनका हमने एक जैन समाज के साथ में एक चर्चा दिखाई थी उसे एनीमेशन में मैं बोल रहा हूं मेरे वीडियो का फॉर्मेट होता है वो हर वीडियो का फॉर्मेट होता है मैं बोल रहा होता और एनीमेशन चल रहा होता है तुम गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और एक टोडरमल जैन के अंदर चर्चा दिखाई और वह चर्चा बहुत अच्छी है सबको मालूम है दोनों धर्म का सम्मान बढ़ रहा है परंतु गुरु गोविंद सिंह जी महाराज को मूव नहीं कर सकते आप उनको एनिमेट नहीं कर सकते तो मुझे ऐसे कोई नियम का नहीं पता था उसकी मुझे जानकारी नहीं थी निंदा किसी की नहीं हुई थी दोनों धर्म का सम्मान ही बढ़ रहा था चर्चा में गलती क्या थी गुरु गोविंद सिंह जी महाराज को एनिमेट कर दिया क्यों चल रहे द या कुछ का रहे द तो उनकी खा लिया फोटो लगा सकते हो एनिमेट नहीं कर सकते तो मैंने कहा की उनको एनिमेट करने से अगर आप अपमानित फुल किए हैं तो मैं एक बार नहीं सौ बार माफी मांगता हूं मैं तो खुद sikhoge परिवार से आता हूं मेरे दादाजी सिख द हम पाकिस्तान में सब सरदारों के परिवार से ही आए द बाद में वो इनकम टैक्स कमिश्नर द लखनऊ में दादा जी दादा जी मेरे तो गुरु गुरु चरण सिंह बिंद्रा मेरे फादर से कुलवंत राय अरे मैं कैसे अपमान कर सकता हूं अरे जी बैटल ऑफ चमकौर पर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के ऊपर मैंने वीडियो बनाया मैंने कहा मेरे माफी मांगने से आप मुझे माफ कर दोगे तो ये तो आपकी मानता है आप कहो मैं पंच बार और माफी मांग लेता हूं आज आप फिर से माफी मांग लेता हूं मुझे कोई समस्या नहीं है मेरा पर्पस सब जानते हैं पर्पस देता के गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और टोटल मल जैन की चर्चा दिखाई थी उसे चर्चा में उनको समस्या थी की आपने गुरु गोविंद जी महाराज को hilayak कैसे भैया वो एनिमेट नहीं आप कर सकते देखो विवाद नहीं है कोई और फिर डॉक्टर्स ने केस किया आपके ऊपर आपके जीत गए हो शायद ना वो डॉक्टर्स का केस हुआ था 2018 में 2018 में बिल्कुल ठीक मैं डॉक्टर्स के ऊपर एक वीडियो बना है वो बहुत इंटरेस्टिंग था उसमें असली विवाद हुआ था उसमें पंजाब केसरी ने छाप दिया था की विवेक बिंद्रा को 4 साल की जेल होगी कहीं अखबारों में छाप दिया था मुझको जेल होगी हान हो जाएगी ऐसा ऐसा और जो है रोज और 500 1000 डॉक्टर के हमारे ऑफिस में फोन आते द तोड़ देंगे मार देंगे खत्म कर देंगे एक्चुअली मैंने डॉक्टर्स के ऊपर बताया था की उनकी मल प्रैक्टिस यह हो रही है और डॉक्टर्स को करना चाहिए स्केलेबल मॉडल बिल्ड करना चाहिए डॉक्टर गोविंदप्पा वेंकट स्वामी के बारे में मैंने बात किया था मैंने बात किया था दो मैंने बात किया था दो अरविंद के बारे में मैं बात किया था उनके बारे में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के बारे में की ये लोगों ने सब ने स्केलेबल मॉडल बिल्ड किए हैं तो डॉक्टर का क्या होता है गलती के भाई जो आया पेशेंट एक बार में काट लो जो है पेशेंट जितना उसे उसकी हर जगह कमीशन बंधी होती है उसे मॉडल को मैंने पूरा एक्सप्लेन कर दिया था जिसे आईएमए क्योंकि वह बॉडी है आईएमए को इलेक्शन जितना है वहां के लीडर्स को उनको डॉक्टर्स को सहयोग चाहिए तो उनके फीवर में दिखाने के लिए उन्होंने पूरे देश भरे मेरे खिलाफ कर दी कोर्ट में केस भी दल दिया 50 करोड़ का मेरे खिलाफ मानहानि का केस हो गया तो हमने सच बोला था भाई हमने क्या झूठ बोला था आप ए जाइए कोर्ट में आपका स्वागत है कोर्ट में केस चालू हुआ वो जज ने जजमेंट दिया था उसमें 18 पेज का जजमेंट उसमें लिखा था की विवेक बिंद्रा के खिलाफ केस चालू करना तो दूर की बात है हम उन्हें सम्मान भी नहीं कर सकते उनका संबंध करना डेमोक्रेसी की हत्या हो गई और उन्होंने कहा था आईएमए को ऐसे बदतमीजी नहीं करनी चाहिए बंद करिए ऐसे केसेस करना विवेक बिंद्रा जैसे लोगों के ऊपर और यह भी लिखा था की आप अपने आप को स्कॉलर बताते हैं उसमें उन्होंने लिखा की रावण भी तो ज्ञानी था पर यह रावण डिसाइड नहीं करेगा की रावण नोबल था की नहीं था जनता डिसाइड करेगी आप कितने एजुकेटेड क्यों जनता डिसाइड करेगी डॉक्टर नोबल है की नहीं यह डेमोक्रेसी है अपनी बात को रखना विवेक बिंद्रा जी के उनके अधिकारों में है उसके ऊपर कोई केस नहीं बनता वो केस में जीत गया था केस शुरू होने वाले होते होते जीत लिया था मैंने क्या 5 करोड़ का जुमा जो है मानहानि केस अक्षय कुमार पर डाला था उन्होंने भी मूवी बनाई थी हम पे 50 करोड़ का डाला था तो ठीक है हमारे को भी समझ में आया की भाई अब लोग हमारे वीडियो को सीरियसली लेने लगे ठीक है अच्छा वीडियो हमारे सीरियसली ले रहे हैं इतना इंपैक्ट ए रहा है इसका तो हमें यह लगा की ठीक है कम्युनिटी को हम लोग हम भागवत गीता की बात मानो तो मैं थोड़ी गलती यह कारी की सत्यम रुके प्रेम सत्य बोलो प्रिया ढंग से बोलो सत्य को कड़वा करके मत बोलो प्रिया ढंग से का दो तो लोग डाइजेस्ट कर लेंगे ज्यादा कड़वा बोल दोगे दिक्कत हो जाएगी हम अपनी नज़रों का जिक्र का शाहरुख करते हैं और जिन्हें लोकसभा पूछना चाहते हैं उनके पास आएंगे अमित जी कहां हैं अमित एचडीएफसी हैं हमारे मार्केटिंग और सेल्स का पूरा कम देखते हैं यहां पे और इस पुरी बातचीत में आप भी संदीप कैसे होता है अच्छा कैसा प्रज्वल हो जी ये पूरा b2b जो प्लेटफार्म आपने बिल्ड किया है आपकी काफी कंपीटीटर्स भी हैं या इस तरह के प्लेटफार्म में आपका प्लेटफार्म क्या डिफरेंट करता है उसे पूरे डोमेन के अंदर सी है जो ट्रेड उसके लिए नहीं नहीं कंज्यूमर के लिए कर रहे हैं एंड कंज्यूमर के लिए कंटेंट है एंड कंज्यूमर के लिए आम आदमी के लिए कंटेंट है इसके ऊपर कोई कंपटीशन नहीं है और देश में कोई दूसरी 50 देशों में कोई दूसरी ऑर्गेनाइजेशन नहीं है जो ऐसे अफोर्डेबल मैं आपको बताता हूं इसको ऐसे समझो की मैं वृंदावन गया था भाई साहब और एक रिक्शा वाला एक इस्कॉन मंदिर के बाहर की मैंने कहा की ये कृपालु महाराज का आश्रम 500 700 मीटर दूर है यार मुझे उतार दो मैं कितना पैसा बोला ₹500 लेंगे तो मैंने कहा आधा किलोमीटर का 5 तो ज्यादा नहीं मांग रहे उन्हें मांग रहे हैं आपका कोर्स खरीदे द यह हमारा पांचवा रिक्शा और आपसे पैसा नहीं वसूल लेंगे तो बड़ा अच्छा लगा हमारे को की रिक्शा वाला एक लॉजिस्टिक्स कंपनी बनाने के बारे में सोच रहा है और वो का रहा है की चक्का घूमे और मेरे मोबाइल एप्लीकेशन में पता लग जाए की कितनी देर से रिक्शा घुमाया उसके बेसिक पे मैं इससे किराया चार्ज कर लूं और ऐसे 100 रिक्शा में पूरे वृंदावन मथुरा और गोवर्धन और राधाकुंड शाम कुंड में चलाओ तो ये थिंकिंग ऑफ बिल्डिंग तो ये इस तरीके का प्रोडक्ट किसी और ने किया की आम आदमी को 7:30 पर महीने में आप मैनेजमेंट की पढ़ कर दो बहुत सी बातें बिजनेस में हुई ज्यादा फोकस बिजनेस पे था इंटरव्यू का मैं यह जानना चाहता हूं मैं पत्रकार हूं मुझे पैसे से ज्यादा मतलब नहीं है मतलब रियल लाइफ में भी पैसे से मुझे ज्यादा मतलब नहीं बिजनेस कहा जा रहा है बस समाज के लिए सोसाइटी के लिए कुछ करना है वो किसी का मकसद है मैन लीजिए मेरा है तो हम आपको क्यों फॉलो करें और क्या मतलब आपसे हमें मिलेगा क्या क्यों हम आपको देखें यूट्यूब पे ये थोड़ा सा माना मकसद नहीं है हमारा क्या नाम है आपका अभय शर्मा अभय शर्मा जी सुनिए पहला चीज मैं यह नहीं कहूंगा मुझे क्यों देखें क्यों सुने पर अगर आप मुझसे जुड़े तो मैं आपको इसे खाऊंगा की ऐसा पत्रकार आपके कौन से कोई इंपॉर्टेंट है जिससे आपका पत्रकारिता मजबूत हो जाएगी जैसे आप लिखते हैं की बोलते हैं आप लिखते हैं आपके कंटेंट पे बाउंसर रेट कितना है आपके अकाउंटेंट कंटेंट पे एवरेज व्यू ड्यूरेशन कितना है आपके कंटेंट पे शेयर रेट कितना है आपके कंटेंट को देखने 100 लोग आए उसमें कितने लोगों ने उसको शेयर किया आपके कंटेंट को देखने लोग आए वहां पे कितनी देर तक रुके आपके कंटेंट को लोग देखने आए नीचे लाइक का बटन कितना दबाके गए आपके कंटेंट को लेकर देखने आए उसपे री विजिट कितने लोगों ने किया मैं आपके वो कोई डिफाइन करूंगा जिससे आपको आपके मैट्रिक्स समझ में आएंगे जिसको ये पता लगेगा की इफ योर कस्टमर लाइक सेटअप प्लीज रिपीट इट तो मैं आपकी क्षमता में मैथमेटिक्स और डाटा दे दूंगा मैं आपकी क्षमता में आपको बता दूंगा की शर्मा जी आपका बेटा झूठ बोल सकता है पर आपका डाटा झूठ नहीं बोल सकता और जब आपको ये समझ में ए जाएगा तो आप ये समझेंगे मैं कैसा कॉन्टैक्ट लिखूं जिससे मुझे सफलता प्राप्त होगी धन्यवाद तमांग कैसे घूमने जाएं जहां अभी जो धड़क हुई है ए जाओ और किसी के सवाल है है ना पहला तो जब एक हमारे लल्लनटॉप अड्डा हुआ था तो ललन टॉप अड्डा हमारा एक एनुअल फेस्ट है जो कोविद से 2 साल से असेसमेंट था इस साल हुआ है लल्लन टॉप अड्डा उसका नाम बधाई बधाई तो उसमें अंकुर बारी को आए द उन्होंने कहा था की स्कीम जहां पर भी स्कीम शब्द लगा हो तो मतलब समझ लेना फ्रॉड है क्या बात है अंकुर बारिशों एक अच्छे व्यक्ति हैं समझदार व्यक्ति हैं हमारे प्लेटफार्म पे ए करके प्रोफेसर लोगों को सीखते हैं बड़ा बिजनेस के प्रोफेसर है अगर अंकुर बारीक उन्हें यह बात कही की जहां स्कीम लगा हो वो फ्रॉड है तो मैं ये कहूंगा आपने उनकी पुरी बात मत सुनी वो ऐसा नहीं कहेंगे स्कीम लगा हो उसके फ्रॉड होने की संभावना है मतलब वो देखो एक सेकंड ये कहूंगा उन्होंने ये कहा तो उनसे दोबारा सवाल करने देना चाहिए की हर स्कीम फ्रॉड है क्योंकि भाई साहब आपका ब्लैक फ्राइडे भी आता है आज आप देखते हो सबसे सबसे सस्ता अन हफ्ता भी आता है आज अमेज़न भी स्कीम देता है आज फ्लिपकार्ट भी स्कीम देता है आज जो है इंश्योरेंस पे भी कोई ना कोई स्कीम मिल जाती है की आपको इतना कैशबैक मिल जाएगा इतना बेनिफिट मिल जाएगा आज आप देखते हो की क्लियर ट्रिप भी देता है आपको आज आप जाते हो दी मार्ट आप यहां बिग बाजार भी हमारे देश में इस्तेमाल करते हो वहां पे सबसे सस्ते 5 दिन आते हैं 26 जनवरी या 15 अगस्त के दौरान तो उसे फ्रॉड है क्या स्कीम लिखा हो वहां थोड़ा सावधान हो जाइए उसकी बात से मैं इत्तेफाक रखता हूं और किसी के सवाल एक आता हूं आपने यह रिजर्वेशन और जाती को लेकर के कुछ बात तो बीच में की थी और आपने बात किया की जो सक्षम है उसको स्थान दिया जाना चाहिए आपसे सवाल ये है की आप sakshamta को किस तरीके से डिफाइन करते हैं दूसरी चीज की जो एक समाज है भारत के जाती व्यवस्था के तहत कई सालों से हजारों सालों से दबाया गया है और उसको कोई लेवल प्लेइंग फील्ड कई सालों तक नहीं मिला संविधान बनने के बाद में उसे एक मौका मिला की वो आकर के एक से अटल में फाइट कर सकता है तो आप इसको किस तरीके से देखने उसे समाज का प्रतिनिधित्व तो हर वर्ग में हर सेक्टर में कैसे आएगा यदि हमारे पास रिजर्वेशन नहीं होगा ऐसा एक छोटा सा उदाहरण आपको दे डन उसके बाद आप रिप्लाई कीजिएगा एक एडीएम जबलपुर जजमेंट है बहुत इन फेमस जजमेंट है इंदिरा गांधी के कार्यकाल में पत्रकार के टाइम में आया था उसमें सिर्फ एक जस्ट द जस्टिस हर खन्ना उन्होंने डीसेंट दिया था बाकी चार्जेस ने सरकार के साथ गए द और वह बहुत फंडामेंटल राइट्स को वायलेट करने वाले कुछ प्रोविजंस लगाए द सरकार इंटेलेक्चुअल टाइप के जज नहीं द लेकिन उन्होंने डिसाइड दिया था और उनका डीसेंट वैन ऑफ डी बेस्ट डीसेंट माना जाता है और उसमें बहुत बड़े-बड़े जज द जो की बहुत इंटेलेक्चुअल एसओसी माने जाते द लेकिन वो सरकार के साथ गए तो मेरा यही आपसे सवाल है की आप मैरिड sakshamta इन सबको किस तरीके से डिफाइन करते मापते कैसे हैं ये मेरिट होता है क्या नाम है आपका धीरज धन्यवाद धीरज भाई बहुत अच्छा प्रश्न है आपका इस प्रश्न पे कई लोग मुझसे नाराज भी होंगे और कई लोग मुझसे खुश भी हो सकते हैं एक तेरा कैमरामैन साहब नीरज का चेहरा देखने दीजिए उनका एक्सप्रेशन इंपॉर्टेंट है मेरे लिए सुनिए पहली चीज इसके मापदंड बहुत सारे बनाए जा सकते हैं मेरा ये कहना नहीं है की किसी एक जाट में व्यक्ति पैदा हुआ हो सकता है की उसको आरक्षण की आवश्यकता हो हो सकता है ना हो मेरा ये कहना है जिसको आवश्यकता हो और जो उसके लिए काबिल हो यानी की जिसके अंदर इंटरेस्ट है मुझे आगे बढ़ाना है मुझे आईएएस अफसर बन्ना है इसकी कोचिंग के लिए मुझे पैसा चाहिए मैं पढ़ने में तेज हूं मैं मेधावी छात्र हूं तो मुझे उसके लिए मदद मिलनी चाहिए मेरी जाती को देखकर के नहीं मैं किसके किस की कोख से जन्म लिया उसको देख के नहीं अब आपका बात मुद्दा यह है की बहुत समय से लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं मिला लेवल प्लेइंग फील्ड कैसे मिलेगा लेवल प्लेइंग फील्ड ऐसे मिलेगा जिसको जरूरत है उसकी मदद करिए उसको आरक्षण दीजिए अब आते इसके मापदंड कैसे बनाए जाएं किस तरह तैयार किए जाएं इसके मापदंड को इसके मापदंड क्यों ठीक तैयार नहीं होते इसके मापदंड इसलिए तैयार नहीं होते क्योंकि राजनीतिक रोटियां में कैसे सीखो sekunga मैं कैसे बना हुआ एक पॉलिटिकल पार्टी आई थी मेरे पास पिछले इलेक्शन में उनके भाई के मिनिस्टर के भाई छोटे भाई हमारे यहां कम से कम 15 चक्कर लगाकर गए हमारे दफ्तर में आकर के भाई साहब इलेक्शन लाडो आपका इतना सब्सक्राइब और बेच इतना ट्रैफिक कितना इंगेजमेंट आप बात बड़े जोरदार कहते हैं लोग आपकी बात मानेंगे पढ़ा-लिखा मानेंगे आपको साथ में मेरा पॉलिटिकल इंटरेस्ट जीरो है मेरा इंटरेस्ट इतने में है के गवर्मेंट शुड हैव नो बिजनेस ऑफ डूइंग बिजनेस गवर्नमेंट को कम करना चाहिए की सोशियो इकोनॉमिक ग्रोथ जो की ऑल पर भेजे हो उसके ऊपर पॉलिसी का प्रक्रिया तैयार करें हमारे यहां गवर्नमेंट मिली हो जाती है बिजनेस करने में गवर्नमेंट खुद कंपटीशन क्रिएट करने मोनोपोली क्रिएट ना हो कभी भी बिजनेस के अंदर ऐसी पॉलिसी प्रक्रिया बनाई है कई बार लोग कहते की पूंजी पति जो है सब पैसा खा जाते हैं इनको भी मिलना चाहिए इनको भी मिलना चाहिए मेरा मानना यहां पर यह बड़ा सिंपल जरूरत के आधार पर होना चाहिए और जरूरत का आधार मैं तय करूंगा नहीं जरूरत का आधार तय करने के लिए मैंने आपको बताया की वो कम सरकार का है जहां पर आकर के वो ऐसे नियम निर्धारित करें जिसमें हर जरूरतमंद को लाभ मिल जाए लेकिन अगर अभी अभी भी कई ऐसे धर्म है कई ऐसे धर्म में कहीं ऐसी जातियां हैं जिनके लिए पीछे 50 सालों से पॉलिटिकल परियों वोट मांग रही है हम तुम्हारा उत्थान करेंगे हम तुम्हारा उत्थान करेंगे उन्हें जाती और उन्हें धर्म से चेक कर लो की देश के टॉप 100 बिलेनियर में दो प्रश्न भी लोग नहीं मिलेंगे जबकि उनकी पापुलेशन ज्यादा होगी तो ग्रोथ नहीं मिला ना उनको तो वो रिजर्वेशन का फायदा हो गया क्या नहीं हुआ ना फायदा 70 साल 72 साल में फायदा कैसे होगा फायदा ऐसे होगा की जरूरतमंद को दिया जाए पॉलिटिकल बेनिफिट्स के लिए नहीं पर ये आसान नहीं है इस पुरी व्यवस्था को तोड़ने में बहुत समय लगेगा उसके लिए पहले नॉलेज चाहिए आप ये समझो एक पॉलिटिकल पार्टी अभी इलेक्शन जीती दिल्ली के अंदर उनके वोटर्स का एजुकेशन लेवल चेक करना और जो अभी हरि बहुत समय से जीत रही थी उसके वोटर्स का एजुकेशन लेवल चेक करना ये एजुकेशन लेवल भी आपको बताया एजुकेशन लेवल बताया की इंस्पिरेशन कहां पर ज्यादा ए रहा है किधर ज्यादा ए रहा है ये सब स्ट्रैटेजिस का हिस्सा है भाई साहब ये स्ट्रैटेजिस का हिस्सा है और आप हो सकता है उसे स्ट्रेटजी के शिकार हो चुके हो और आप हो सकता है उसे स्ट्रेटजी के ऊपर से रहकर के उसको देख का रहे हो ये महत्वपूर्ण नहीं हूं चार सवाल है जो सोशल मीडिया पे आए अन एक सवाल है की अनुराग पूछ रहे हैं की बिंद्रा सर एनर्जी कैसे रहते हैं आज आपके साइन में होनी चाहिए जब आपको पर्पल डिफाइन हो जाए मैं क्यों कर रहा हूं तो पर्पस आपको बहुत इंपैक्ट क्रिएट करके देता आपके पत्रकार आए बोले हमको पैसा नहीं कामना है हमको अच्छी पत्रकारिता करनी है वह इंपैक्ट लाना चाह रहे हैं देख रहे हैं उनका पैसे से भी मुंह खत्म हुआ पड़ा है वह पर्पस के कारण होता है जिसके अंदर देखो किसी भी इंसान ने कभी भी आप देखना किसी ने इतिहास रचाओ तनख्वाह बनवाने के लिए नहीं रचाऊंगा उनको कहीं दफा कहा गया की भैया आप जो है लंदन में तुमको बसावट कर देंगे मंडेला को कितना पिता गया जेल के अंदर उनको सर्दियों में टी-शर्ट पजामे के अंदर रखा जाता था उनको अपने रिश्तेदारों से नहीं मिलने दिया जाता था उनको अपने बेटे की अपनी बीवी के फंडा पे नहीं जाने दिया गया मंडेला को बड़े-बड़े बुढ़ापे के अंदर पत्थर tudwaye जाते द फिर भी उन्होंने इतिहास रचा नोट 4 सैलरी पर्पस से आदमी को एनर्जी आती है अगर विवेक मोहित मीनल का सवाल है अगर विवेक बिंद्रा के साथ कम करना है तो प्रक्रिया क्या है अपने बारे में लिखिए अपना रिज्यूम भेजिए या बड़ा बिजनेस के कैरियर पेज पर जाइए हमारी वेबसाइट पर रैली में भेजिए हम अभी भी हाई रिंग कर रहे हैं और अगर आपके अंदर काबिलियत है तो हम आपको हीरे करेंगे राहुल गौतम का सवाल है की क्या विवेक बिंद्रा से आज तक कोई ऐसा आम आदमी मिला है जिसने उनका मोटिवेशनल सेमिनार ज्वाइन किया हो तो ढाई साल बाद मिला हो और बोला हो की आपने उसे दिन बिंद्रा जी आपने उसे दिन की स्पीच आप आपकी उसे दिन की स्पीच मेरी जिंदगी बदल दी प्रोग्राम बहुत अच्छा सवाल है अब आप आकर के आप ऐसे कुर्ते से अटेंड करिए जिसमें आप अच्छे पब्लिक स्पीकर बन सकते हैं पब्लिक स्पीकर बन्ना एक अपने आप में कला है और इस कला में बहुत आवश्यकता है देश में जो भी आपको आता है उसकी पब्लिक स्पीकिंग कारी उसकी ट्रेनिंग कारी है लोगों को सिखाए आजकल मोबाइल एप्लीकेशन के प्लेटफार्म बन गए हैं जहां 10000 पे साल भर में आपका प्राइवेट मोबाइल एप्लीकेशन बन जाता है और उसे पे जा करके सिखाए पब्लिक स्पीकिंग के लिए आपको उसके कुछ 10 12 इंपॉर्टेंट प्रिंसिपल्स होते हैं उनका सिद्धांतों का पालन करिए जो बात करेंगे सेंट्रल मैसेज डिफाइन करिए ओपनिंग क्लॉथिंग अच्छी राखी है स्टोरी के अंदर कहानी में बात कारी है आप बॉडी लैंग्वेज से बात करिए कन्वैक्शन से बात करिए बातों को रिपीट ना करें कुछ 10 12 प्रिंसिपल से गाइडलाइंस को फॉलो करिए अच्छे पब्लिक स्पीकर बनेंगे प्रैक्टिस जरूर करिए आखिरी सवाल कैसे लोगों ने पूछा है सोनू हरी और गौरव ने भी की विवेक जी ने अपने कोर्सेज की फीस बढ़ा दी है बहुत ज्यादा ऐसा है क्या नहीं पहला चीज तो हम आपको दो बातें बता देते हैं जो गौरांग हैरी सोनू जो भी है लोगों ने पूछा आपको बता देते हैं अगर हमसे सस्ता और दूसरा हमसे अच्छा दोनों चीजों पर दो ही ऑब्जेक्शन होते हैं भाई साहब गाड़ी खरीदने जाओगे तो लोग कहेंगे यह वाली सस्ती है या यह वाली अच्छी है मोबाइल खरीदने जाओ ये वाला सस्ता है या ये वाला अच्छा है दो ही चीज है अगर हमसे सस्ता या हमसे अच्छा कुछ भी मिल जाए तो हमारी कंपनी चलाने का फायदा ही नहीं है तो इसलिए ज्ञान था हो सकता है हो पहले यह बताएं की अगर कोई महंगी चीज कंपैरिजन तू व्हाट किसके कंपैरिजन में महंगी है रेफरेंस पॉइंट तो दिखाइए जब तक रेफरेंस पॉइंट नहीं होगा मैं बताई नहीं पाऊंगा की भाई ये महंगा बता देंगे सत्ता बता रहे हैं इसलिए 750 रुपए महीना आपको महीना भी लग सकता है सस्ता भी लग सकता है लेकिन तब लगेगा जब कोई कंपैरिजन दिखाएंगे जब आपको दिखा देंगे हमसे अच्छा कोई दिखा रहा हूं तो हम का सकते हैं विवेक जी आप हमारे न्यूज़ रूम में आए बहुत-बहुत स्वागत है आपका बार-बार लिए और अच्छा लगा पाए इतनी सारी बात की मैं अब खड़े होकर बात करते हैं हमने बिठा लिया आपको बहुत देर तक और लल्लनटॉप के सभी दर्शकों को ललन लोगों के सभी दर्शकों का बहुत-बहुत शुक्रिया की हमारे न्यूज़ रूम के बहुत सारे साथियों का शुक्रिया इस बातचीत में इंवॉल्व रहे देखा सुना बतिया या अपने हिस्से के सवाल पूछे और पीछे ताली बजाने की जल्दी है बहुत मुश्किल [प्रशंसा]
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