मालकिन की वजह से आये आँख में आंसू Emotional Short Story Dr Vivek Bindra

झाल अजय को कि चप्पल बाहर उठाना सुशीला हां भाई रोशन उतारकर जाती हो कर दो [संगीत] कर दो हुआ है हुआ है कर दो हुआ है जी हां इसमें चीनी डाल दी तूने सुबह सुबह मूड खराब वह भाभी मैं दूसरा बना दूं नहीं रहने दे दो कि अब भाभी मुझे आपसे कुछ कहना था हां बोल अगले हफ्ते मेरी बेटी वर्षा की शादी है कि अब उधर दे दो को मुबारक हो 25 की तारीख पड़ी है एक अच्छा अच्छा मुझे यह बताओ छुट्टी कितने दिन की चाहिए तुझे आ कुछ नहीं भाई मुझे तो बस चार दिन की छुट्टी चाहिए उसमें सारी रस में निपट जाएंगे और बाकी का काम वर्षा के पापा देख लेंगे मुझे तो मैं आपसे कुछ मांगना था यह क्या मांग मुझे ₹50 चाहिए कि मैं को दूंगी मतलब नौ हजार रुपए कुछ भी बोल रही है क्या कि इतने तो तेरी 3 महीने की तनख्वाह है इतने पैसे एक साथ कैसे भेजूं मैं तुझे हां भाभी आप मान लो कि आप मुझे 3 महीने का एडवांस दे रही हो वह कदम बाजार गए थे कि पैसा को शादी का लहंगा पसंद आएंगे लाडो ने तो मना कर दिया जब देखा कि वह लहंगा 500 रुपए का है पर मैं तो मामला भी और आप तो जानते हैं कि कुमार के लिए उसके बच्चे के खुशी से बढ़कर कुछ भी नहीं होता सुशीला तीन लड़की भी समझदार है पर तुझे अकल कब आएगी तू ना इस उदार और व्यास के चक्कर में लगी रहेगी कोई जोड़ा भाड़े पर ले अच्छा तो फैशन में भी है क्या फर्क पड़ता है मेरे पास नहीं है तरह से अ मेरा टेबलेट कहां पर है कर दो कि पापा पूरे फाइव डेज सेशन फॉर नाइट के लिए बस 15000 देने हैं जो आगरा मसाज का प्रॉमिस किया था कि देता हूं कि यह सेटिंग दिखाओ सेंड आपके लिए थैंक यू बा अ [संगीत] हुआ है कर दो कर दो [संगीत] में आ गई पूरे चार दिन की छुट्टी के बाद और वह भी लेट वह शादी के काम में ज्यादा टाइम लग गया हुआ है है अरे यहां पर सो दीना शादी मैं तो भूल ही गई थी यह सरप्राइज़ 12th मुझे चार दिन के लिए अच्छा-अच्छा सारी कपड़े भी ऐसे ही पड़े हुए हैं तो पहले बाहर से उठा ले चार दिन कहां निकल गए पता ही नहीं चला हां भाई यहां भी चार दिन कैसे बीत गए पता नहीं चला सब कुछ हंसी खुशी में निपट गया देखा मैंने कहा था ना भाड़े के कपड़े यही रहते हैं नहीं भाभी भाड़े का नहीं वर्षा को जो रहना चाहिए था हमने वह दिलवाया था यहां पर इतने पैसे कहां से आए मैंने तुझे पहले ही कहा था यह व्यक्ति के चक्कर में मत पड़ना नहीं ब्याज नहीं के कुछ बड़े लोगों ने मेरी मदद की थी अच्छा भाभी मैं कपड़े उठाकर लाते हैं हुआ है एक अच्छा सुन अरे यह तो बताओ आप कौन थी वह बड़े लोग जिन्होंने तेरी मदद की थी अजय को और सुनाओ तो यही है वह लोग अ यह देखिए खूब खुशियां मनाओ लौंग तुम मीडिया रिश्ते सजा लौंग तुम सभी आखिरी आखिरी अशरा हम बेटी की शादी का लड्डू खिलाएगी क्या है कर दो और हां हमारे [संगीत] अमीर पैसे से नहीं दिल बड़ा करने से होते हैं कर दे हल्का बूंद किसी का इंसानियत नाम की भी कोई चीज़ होती है चक्कर देख मदद का लड्डू एसिड नहीं होती हैं [संगीत] MP3 कर दो

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