असली हुनर किसी का मोहताज नहीं होता Emotional Story Dr Vivek Bindra
बड़े मतलब की छोटी बात दिल को छू जाने वाले जज्बात देखिए बड़ा तुम हमेशा करते आए अब कुछ बढ़िया करने का हमने किया है प्रयास आज जो हम कहानी सुनने जा रहे हैं आपको यह भेदभाव के थर्ड कॉलम की कहानी है कहानी आपका जो हुनर है ना वही आपकी असली पहचान है वर्ण नाम और जेंडर के लाखों इंसान हैं ये जो ही और ही ये बाल जनता है असल में सी से समाज बनता है लिए देखते हैं आज की छोटी सी कहानी आपके दिल को छू जाएगी [संगीत] राहुल की जरूरत है हेलो सर हेलो [संगीत] [संगीत] प्रीति सिंह [संगीत] अपने कंपनी तुमने सोच भी कैसे लिया अभी भी लहरी हूं इस फॉर्म में सिर्फ दो डब्बे अलाउड है एक मेल और दूसरा फीमेल और तीसरे को हम एंटरटेन नहीं करते बहुत ग्रेट है क्या ना ताली पीटो जाओ राहुल ये क्या हो रहा है प्रीति तुम सर यहां पे कम नहीं कर सकते इंटरव्यू के लिए हम किसी और को देख लेते हैं अभी तो तुम इसकी काफी तारीफ कर रही हो [संगीत] वॉशरूम कहां जाएगी सर तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई है सब बोलने की ये मेरी है वो मेरे बच्चों को पेंटिंग सिखाती है और मुझे तो पता ही नहीं था की यहां पर इंटरव्यू देने ए रही है इससे पता चलता है की कितनी बड़ी खुद्दार है सर आप तो छोटी सी बात पे नाराज हो रहे हैं सर छोटी सी बात छोटी सी बात लोगों का है सर ये कहां टिक पाएगी यहां पर अगर तुम्हें कोई इशू है ना तो तुम जा सकते हो अरे नहीं नहीं सर राहुल सर तो वैसे भी आपके पुराने साथ में मिड कम से सिख लेंगे शर्म आणि चाहिए तुम्हें राहुल [संगीत] जिसके साथ तुम [संगीत] सबकी पहचान अलग है तू अलग है [संगीत] हम सब की पहचान अलग [संगीत]
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