Ep 25 Khan Sir World's Biggest Edtech Channel Bada Bharat Dr Vivek Bindra
[संगीत] कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा यह प्रश्न तो देश में बहुत हुआ एक और प्रश्न देश में बहुत है वह यह खंजर का असली नाम क्या है मैंने सुना है जो लड़कियों को छेड़ता है उसको फिर आप ऐसा हैंडल करने के दोबारा हिम्मत नहीं करता छेड़ने की किसी ने आपको गोली मरने की धमकी मिली थी की एक वीडियो और बनाया तो गोली मार देंगे हान जी स्वागत है आपका मैं विवेक बिंद्रा फाउंडेशन बड़ा business.com है लेकिन जो लोग अपनी खुद अपनी जिंदगी का क्वेश्चन पेपर बनाते हैं उनके जवाब सारी दुनिया के लिए एक पावरफुल लेसन बन जाते हैं नमस्कार आज फिर से स्वागत करूंगा और आपको नहीं मिलूंगा मैं किस मिलवाने जा रहा हूं क्योंकि पहले मैं उनके बारे में बताऊंगा औरत को बड़ा भारत बनाते हैं उन्हें की कहानियां हम आप तक पहुंचने हैं हमने जब बड़ा भारत की शुरुआत कारी थी तो सुपर 30 के गुरु हमारे यहां आए द जिनको आप सब जानते हैं आज लैंडमार्क 25वां एपिसोड और हमारे मेहमान वो गुरु नहीं है वो गुरु कुल है गुरुकुल भी है गुरुकुल भी है आजकल के बच्चों को बड़ा कूल बन्ना पसंद है 17 मिलियन से ज्यादा इनके फॉलोअर्स में यूट्यूब में दुनिया का सबसे बड़ा एजुकेशनल चैनल बन चुका है आज हर वीडियो वैन मिलियन ऐसे जाता है ऐसे वैन मिलियन जाता है 42 लाख बच्चों को ये पेड़ पढ़ा रहे हैं आज मुझे नहीं लगता की इससे ज्यादा बच्चे शायद दुनिया में कहीं पेड़ बच्चे एक साथ पढ़ते तो ये केवल टीचर नहीं है बच्चों के लिए के इमोशन खाने में परफेक्शनिस्ट समझने में थैरेपिस्ट शिक्षा के स्पेशलिस्ट ज्ञान की खान है आप स्टूडेंट की जान हैं आप खान सर आपका स्वागत है बड़ा भारत सबसे पहले जो अभी सवाल पूछना चाहता हूं जिसने मेरे को बड़ा इंस्पायर किया और वो सवाल ये है की कोर्स जो आप कर रहे हैं पहले पेड़ की बात करते हैं फ्री तो सब देख रहे हैं पेड़ आपका जो लोग नहीं देख रहे हैं उनको बता दें की आप रुपया में पढ़ते हैं 180 दिन समझो ₹1 पर दे कॉफ़ी के खर्चे से कम इरादे आपके नेक है तभी कीमत रुपया एक है तो मतलब यह है की एक फेमस नहीं है की आपकी जो कोर्ट से रेहान सर वो इतने सस्ते हैं की कंपटीशन पैदा नहीं हो सकता है तो इतने सस्ते कोर्सेज आपने लॉन्च कैसे किए हैं देखिए हमको लगता है ना की जिसे जिंदगी जीने के लिए ऑक्सीजन जरूरी है वैसे एजुकेशन भी बहुत जरूरी है भारत को विश्व गुरु कहा जाता था हमारी संस्कृति पुरी दुनिया में जानी जाती थी तो हम लोग इसको खोटे जा रहे हैं रीजन क्या है की एजुकेशन बहुत महंगा हो गया तो हमको ये ये छोटा सा हिस्सा दिखता है की हम पढ़ा रहे हैं लेकिन ये एक वो फौज तैयार हो रही है ना जो भारत को वो पुराना गौरव दिलाएगा तो हमको वो एक बड़े एस्पेक्ट्स में सोचना है की हमको कैसे पुरी लिखो की एक सी खड़ी करनी है जो तलवार से नहीं कलम से लड़ेगी और उसे समय जब भारत जब सोने की चिड़िया कहलाती थी हमको वही वाला भारत चाहिए और इसके लिए बहुत बड़ा फीस देंगे तो नहीं पॉसिबल है हमको चाहिए की वो ठेला वाला ऐसा वाला जो है जिसके पास कुछ नहीं है पैसे पूरा ₹1 भी पड़ता वो भी नहीं है तो वो भी आए तो भी पढ़ाएंगे हम उसको लेकिन तुम हमारी भारत की जो भारत निर्माण की जो सी है उसमें पीछे नहीं रह सकता हर इस भारत निर्माण के हर सैनिक के हाथ में एक कलम होगा बड़ी संघर्षों से निकले यहां पर आपके ऊपर भी आया है मैंने सुना परिवार पे भी आपका काफी संघर्ष रहा बचपन में आपने मतलब फिर भी कहते हैं की जीवन में का सबसे बड़ा गुरु होकर है खाते जाओ सीखते जाओ खाते जाओ सीखते जाओ तो आपका बचपन बहुत मुश्किलों में गुजारा पिता के पास टेबल जवाब नहीं थी चीजों का अभाव था पेंसिल तक आपको आधी करके दी जाती थी और कुछ साल सादे पाने आपको मिलते द तो मैन उनको जोड़ करके सी करके लेट द घर के आगे कॉलेज था तो वो जो कुछ के किताब जो फेंक देते द कॉपी तो उसमें जो सदा- रहता था उसको फाड़ ले आते द और उसको शील्ड के मम्मी दे देती थी और उसको हम लोग ना कॉपी चेक करने नहीं लिया था क्योंकि स्कूल वालों को एक स्टडी होता है की कॉपी मेरे यहां से खरीदो ये तो कॉपी ही नहीं है सिली हुई है तो पीट देते द लोकी क्यों नहीं ले तो पीटना ही ठीक था वहां लेते तो बहन कर देते की भाई तुमको कॉपी लेने ही पड़ेगी मेरा हाथी जाएंगे क्या मतलब हमको बस आर्मी ही चाहिए थी और कुछ भी नहीं चाहिए हम जब 10थ में पढ़ते द तो जो एनसीसी में गए द तो शूटिंग जब दिया गया बहुत बेहतरीन शूटिंग किए तो अब जो करनाल साहब द हम लोग को उसे समय जो करनाल द करनाल उदय सिंह राठौर हम लोग के सीईओ साथ द वहां पे वो बुलाए करेगा क्या तू आगे वहां आर्मी वालों की भाषा ही बहुत स्टिक होती है तो हम उन्हें को देख के कहे की यही बन्ना है हमको बाद में एनडीए वगैरा जाना था तो काफी मेडिकल टर्म्स उसके हार्ड होते हैं तो वहां सक्सेस नहीं हो पाया इनमें और ऐसे चीज में आप chhatiyega जो कभी सही भी नहीं हो सकता है तो फिर वहां जाना कोई मतलब नहीं बनता है फिर बाद में एजुकेशन टीचिंग में चलें तो सीबीएससी आपने 10वी इंग्लिश से किया अच्छा और 12थ आपने हिंदी से किया बाद में एनडीए मेडिकल फिट होने के कारण गए नहीं और बीएससी करने के बाद अपने इमेज ज्योग्राफी में किया तो मैं देख रहा था की बार-बार आप बदल रहे द बार-बार प्रोफेशन डायरेक्शन बदल रहे द और कैरियर में आपने कई दफा चेंज किया और बाद में हम मास्टर जी बन गए आज आपसे कर लेकिन आज 25 साल से उम्र के कम उम्र के बच्चे कर सकते हैं ना वही करना चाहिए कई लड़कों को देखते हैं उनका दिमाग माइंड सेट बिजनेस का है जबरदस्ती घुसे जा रहा है इधर में वो भी सही बात नहीं है अब किसी का बिजनेस में गुजर दिए उसको पढ़ने का शौक है तो पहली उनको पता होना चाहिए हमको पता था की अगर हम इंग्लिश मीडियम में रह गए रहते तो कुछ नहीं कर पाते हम सीबीएसई पर तो मजाक के हिसाब से बोल देते हैं की सीबीएसई सीबीएसई adervise हमको ना वहां 10% समझ में आता था बट स्टैंडर्ड एकदम बढ़िया टाइम वगैरा सब रहता था शुरुआत में आपने एक बच्चे से शुरू किया था पटना और वो बच्चा बहुत निकम्मा था हमने सुना और बाद में आप वो बच्चा क्लास में टॉप करने लगा बड़ा भारत शो में हमने कई शिक्षक बुलाए हमने अलग पांडे जी बुलाए आनंद सर बुलाए अमन धतरवाल और आज खान सर हमारे साथ में है तो कठिन सब्जेक्ट भी लोग आसान कर रहे हैं ये बहुत सारे टीचर्स हैं और आप भी कठिन सब्जेक्ट तो बहुत आसान करते हैं दूसरी तरफ स्कूल कॉलेज में आज भी रखते की बातचीत हो रही है भले टॉपिक समझ में आए ना आए तो आपको क्या लगता है क्या कमी है जो क्वेश्चन सिस्टम आपको आज एजुकेशन सिस्टम समझाना है मुझे एक लाइन मगर आप भी समझाएं की एजुकेशन सिस्टम में ये कमी दूर होनी चाहिए बहुत जरूरी है क्योंकि शिक्षक ये ठीक से नहीं समझ रहे हैं तो शिक्षक के बारे में क्या कहना चाहेंगे देखिए शिक्षा से आप रोजगार का सकते हैं बट ये रोजगार का अवसर नहीं होना चाहिए आपके अंदर वो क्वालिटी है की आप शिक्षक बन सकते हैं तो ही जाइए प्लीज हम सबसे कहते हैं आप पैसे के लिए जा रहे हैं तो ये आप भविष्य के साथ खेल रहे हैं बच्चों के भविष्य के साथ नहीं इस देश के भविष्य के साथ ये देश एक ट्रेन है जिसके के रूप में वो विद्यार्थी है जो अपने घरों में बैठा हुआ है आप उसके साथ नहीं खेलो आपको पैशन होना चाहिए आपका 10 कम छोड़ के अगर आपको लगे की नहीं अगर बोला जाए की अगर आपको आज लास्ट डेट है तो आपको ये होना चाहिए की जो चीज जाने हैं उसको धड़ल्ले से फेंक दीजिए स्टूडेंट के पास जाओ भाई अब जा रहा है तो ये डेडीकेशन होना चाहिए वहां पे पैसे के लिए हो गया तो ये क्वालिटी गिरेगी है मैं असल में टीचर्स के लिए कम करने का प्रयास कर रहा हूं की मैं एक इस बार जो शिक्षक दिवस ए रहा टीचर तो मैं आज सबको ये बताना चाहता हूं की मैं एक फ्री में बिना करने जा रहा हूं सबके लिए ट्रेन डी ट्रेनर टीचर और ये मेरा एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अटेम्प्ट होगा ये मेरा वेबीनार रहने वाला है और बिल्कुल अफोर्डेबल करता हूं एक्सेसिबल करता हूं लेकिन आज फ्री करने जा रहा हूं तो जितने भी शिक्षक लोग हैं वह सीखना चाहते हैं तो मैंने कई मेथाडोलॉजी जो सारी मेथाडोलॉजी इसमें पब्लिक स्पीकिंग वीडियो प्रणाली वो ट्रेन डी ट्रेनर वह आकर के आप फ्री में अटेंड करिए उसका फायदा उठाइए उसमें कोई कमर्शियल चार्ज नहीं मेरे यूट्यूब पर होने वाला चार तारीख को शिक्षक दिवस से एक दिन पहले क्योंकि उसे दिन सन्डे है दोपहर 12:00 बजे होगा आइएगा और खान सर मैं आपको भी इनवाइट करूंगा की आप भी अपने टीचर्स को बोलिए की वही अटेंड करें क्योंकि आपके साथ और भी बहुत पीछे जुड़ने चले जा रहे हैं एक्चुअली ये जो आप प्रोग्राम वाला बात कर रहे द हम लोग आपका एक छोटा सा वीडियो हम आप तीन-चार साल पहले देखे द आप शायद किसी गार्डन में मोबाइल से बना रहे द वो वीडियो आपने बोले द की आज आपका वो एंटरप्रेन्योरशिप और बिजनेस के मामले में दुनिया में सबसे आगे आपका चैनल चला गया था वो वीडियो हम देखें और उसे दिन हमारे दिमाग में एक चीज हिट कर गया 4 साल पुरानी बात है क्या जब हमारी भारत मैन के एक संतान ने भारत की पहचान पुरी दुनिया में ले गई की और जब दुनिया देखा जाए की पुरी दुनिया में सबसे बड़ा एंटरप्रेन्योरशिप और बिजनेस कोच कहां का चैनल तो भारत का नाम आएगा बाद में आपका आएगा पहले तो भारत का हमने सोच लिया की भाई हमें भी कुछ ना कुछ तो ऐसा करना है जो पूरे वर्ल्ड लेवल में भारत को आगे जाए तो मेरे भी दिमाग में तो हम क्या कर सकते तो हम तो एजुकेशन फिल्म तो हमें उसी दिन से लगातार हमें भी एजुकेशन के मामले में दुनिया में सबसे बड़ा चैनल ले जाना है यहां पर और हम कोई बात नहीं है बहुत खुशी हो रही है जिसकी वीडियो को हम देख के ये सोचे द उसके पास आकर ये बात बता रहे हैं हमको इस बात की बहुत खुशी की आज देश दुनिया में इंडिया वाले का फिर से ढंग का बजेगा 3 4 साल पुरानी अपने बात बताई आपने वो हमारा वीडियो देखा उससे मैं अपने शुरू ही किया था शुरू भी नहीं किए द शुरू भी नहीं शुरू भी नहीं किया था बट 3 साल के अंदर आप ₹1 लाख से 1 करोड़ 70 लाख सब्सक्राइबर में पहुंच गए और मैंने सुना आपको शुरू में फेसबुक में चलाना नहीं आता था और वीडियो आप खुद एडिट कर लेते हैं मतलब 17 लोग कई लोग कहते हैं की बहुत बड़ी चीज नहीं है इच्छा शक्ति होनी चाहिए विल पावर होना टीम नहीं है कोई कंटेंट वगैरा बस इतने दिन में सिखाए लोग डाउन में हम लोग डाउन लग गया तो हम ट्रक है पटना से सारा समान लेकर आए और लाइट लगाने का जगह नहीं था तो दो बांस काट के ले बांस बंधी उसमें ट्यूबलाइट जोड़े वीडियो बनाना चालू कर दिए शुरुआत की वीडियो में बहुत क्वालिटी खराब थी माइक कमजोर था ये सब चीज धीरे-धीरे खुद ही सिख गया आदमी पढ़ने का ये अपने जुनून रहा है मैं इसमें वो ट्रक की जो आप बात कर रहे हैं उसमें कोई ट्रक ड्राइवर वाला अपने रोल में बताया था कुछ ट्रक ड्राइवर लॉक डाउन में थक गया था उसका एक भाई हम पढ़ाएंगे अगर हम लोग डाउन शुरुआत में हम लोग को लगाते हैं की छोटा सा लोग लंबा चला गया तो हमारी मजबूरी थी गांव कैसे लाएंगे उसको कहे की भाई जितना देर तुम चलाना चाहो चला सकते हो रोड तो खाली है हमको बहुत एक्सपीरियंस नहीं बट गाड़ी चला लेते हैं ट्रक चला लेंगे क्योंकि लोग पुरी सदके खाली थी खाली अब उसमें पकड़े गए द तो हम शॉर्ट में उतार के गंजी लेनी है ऐसे गमछा बंद लिए चल दिए वापस ले के चलें एक चीज बहुत मायने रखता है की टाइम पर समय के पास इतना समय नहीं है दोबारा समय देगा वक्त नहीं लगाना चाहिए मैंने जब आपके बारे में रिसर्च किया तो आपकी सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष रहा है और वो संघर्ष में जो अपने कोचिंग खोला तो मैंने सुना आपके ऊपर बम फेक गए एक तो बहुत अच्छी किस्मत थी ये फटने है टारगेट बहुत अच्छा था पता नहीं वहां पे तीन-तीन बम मार दिया गया इसलिए कर दिया गया की लड़के क्लास करने के लिए बहुत सारे लोगों को प्रॉब्लम होने लगा कई प्रॉब्लम थी की ऐसा क्यों का रहा है तो जो कोर्स 2 महीने का है अगर वो 3 महीने भी जाएगा तो हमको जब तक लड़कों की संतुष्टि नहीं होगी आगे नहीं बढ़ेंगे तो इस वजह से कई सारे ऐसी घटनाएं हुई थी हमको उसे दिन थन लिए की हम जिंदगी में कभी इन बच्चों को नहीं छोड़ेंगे क्योंकि जब मेरे कैंपस में 15 20 कोचिंग थी और मेरे कोचिंग पर पर्सनली बम चला था मेरे ऑफिस पे उद गया पूरा धुआं धुआं हो गया था बाकी ये सुबह 9:30 बजे के आसपास की घटना है उसे दिन शाम के शिफ्ट में कोई कोचिंग वाले ने क्लास नहीं खोला हमको उम्मीद थी की वो हमारा ए के मनोबल बढ़ाएंगे वो लोग खुद ही मतलब बंद करके चले गए लोग लेकिन लड़के और लड़कियां अलग-अलग हॉस्टल लॉस से उठ के चली आई यहां पर लड़के लड़कियां सब की सर आप क्लास लीजिए मेरे यहां बम फूटा था इवनिंग शिफ्ट का हम क्लास नहीं है बाकी बनते जो लड़के अंदर पढ़ रहे द वो पढ़ रहे द जो नेक्स्ट मैच के लड़के तो पूरे नीचे खड़े द की देखते हैं अब कौन ए सकता है यहां पे हम समझा रहे द वो का रहा था ए के दिखा दूंगा तभी हम सोच रहे हैं की जिंदगी की साहब योगी तो नहीं बच्चों के लिए होगी और जब लोग कहते हैं ना की फीस या ये आप इतना कम क्यों लेते हैं वो हम इसलिए कम लेते हैं ना की बच्चों का प्यार इतना ज्यादा देते हैं की हमको वो भी ज्यादा लगने लगता है की भाई इतना ज्यादा हमारे हम उसे वक्त किसी पुलिस वगैरा कुछ नहीं आया था बच्चों का इतना manobalta तो हमारे लिए एक तरह का वो भी मोटिवेशन है की ये बच्चों के लिए आपको गोली मरने की धमकी मिली थी की एक वीडियो और बनाया तो गोली मार देंगे आप वीडियो हटाना पद गया था हमको वो वीडियो आज भी मेरे चैनल पे नहीं है जबकि मेरे यहां पर ब्लास्ट हुआ था वो तो हमको काफी मतलब शुरुआत में काफी दिक्कत होता है बहुत मैं सुना जब परेशानी आई तो आपकी जेब में 40 रुपए द घर जाने का किराया ₹90 सोचता की एक टीचर पकड़ा जाएगा तो एक और दिक्कत होगा तो टीचर है विदाउट टिकट घूम रहे हैं तो हमने सोचा की अब रुक रहे हैं तो ऊपर वाला ही रोक रहा है अब यहां रुकेंगे ना तब जाएंगे नहीं यहां से ऐसी मुश्किलें या तो इंसान को तोड़ देती है या सही रास्ते पर मोड देती है और आपको हमेशा मुश्किलों में सही रास्ते पर मोड और मैं बधाई देना चाहता हूं पर मैं फिर भी हैरान हूं मतलब इतना करें जप में कहां से आता है सर ऑप्शन भी तो नहीं था कुछ एक चीज हम देखे हैं की जिनको राजा बनने का शौक है ना उन्हें पहले गुलाम की तरह मेहनत करना सीखना चाहिए तभी आपको कुछ करना पड़ेगा तो ऑप्शन भी नहीं था घर जाके क्या कर पाते कोई बहुत बड़ा घर से तो हम लोग द भी नहीं है मिडिल मिडिल से भी नीचे द हम लोग तो वो दोस्तों ने काफी हेल्प किया वहां पे फाइनेंशली कुछ कुछ दोस्तों के पास तो अपना पॉकेट खर्चा आता था तो कुछ 5600 ऐसे दे देते द और काफी एक चीज अच्छा रहता है ना बिहार में अपना समोसा खरीदेगा तो उसके साथ सब्जी देते द तो काफी अच्छा रहता चावल बना लिया उसी को खा लिया पैसे नहीं द कोई बात नहीं बट हमको बच्चों का हिम्मत देखना था की हम इनको छोड़ के कैसे चले जाएंगे और वो लड़कों का यही कहना था की सर आप नहीं पढ़ते तो कोई दिक्कत नहीं था जो लत लग गई ना अब नहीं छूटेगा यहां पे हम तो पटना ही पड़ेगा बहुत जबरदस्त ये सब में सुना भाई हंसते-हंसते कट जाए रास्ते सुनाई सब में हंसते हंसते कट जाए रास्ते बच्चे लेकर जाते हैं छोटे-छोटे बसते हंसते हंसते कट जाए रास्ते लेकिन हंसते हंसते रक्त जाए बसते आपने बच्चों के बच्चे को पूरा हटा दिया और इतना हंसा हंसा के आपके पढ़ने का अंदाज़ थोड़ा निराला है ये तो हमने सुना है भैया के स्टाइल और स्वैग बिल्कुल देसी क्लेरिटी ऐसी कर दे सबको क्रेजी तो ये जो है एक मैन सुना लैला मजनू की स्टोरी खूब सुनते हैं लड़कियों के चक्कर में पड़ोगे तो बहुत पीतोगे मुस्कुराना तो लड़कियों की अदा है इसको प्यार समझा वो गधा है तो मैं सन रहा था अब की बात की पढ़ते वक्त एंटरटेनमेंट होना चाहिए पर आपने एंटरटेनमेंट ने पढ़ा ही दल दी एक फिल्म जो बनती है ना वो 3 घंटे की फिल्म लोगों को दिखती है बट उससे पीछे की 3 साल के मेहनत नहीं दिखता है तो ऐसा नहीं होना चाहिए की कोई टीचर उठ के आया है आप सीधे पढ़ा दिया वहां पे एक घंटे उसे एक घंटे के पीछे तीन घंटे का उनका मेहनत होना चाहिए उनको लगना चाहिए की ये जो लड़का है ना इसको हमको वर्ल्ड लेवल पे कंपीट करना है ऐसे नहीं होना चाहिए की आप पढ़ा के चल दिए यहां पर ऐसा नहीं है आपको क्या एग्जांपल देना है लड़के का मेंटल स्टेटस क्या है हर लड़का एक जैसा नहीं होता है कुछ लड़के बहुत हाई लेवल के होते हैं कुछ बहुत लो होते हैं तो उसको मिला के चलना पड़ता है ये बहुत ज्यादा जरूरी होता है लड़कों पता नहीं चलना चाहिए वो क्या सीखना चाह रहा है जब वो सिख जाए ना तब पता चले और ये यही सीखना था तो काफी हमको इसमें बहुत इंटरेस्ट लगता है हम लड़कों को पहले तो मेरा एक ही टारगेट रहता है की लड़कों को ये ना पता चले उसको सीखना क्या जब सिख जाता है ना तो आप कहता है सर केमिस्ट्री का ट्रिपल बॉन्ड देख रहा है ना कितना इसी था वेरी गुड वेरी गुड आंसर आपने बताया की भाई मूवी बनने में 3 घंटे का 3 साल लग जाता है अब 3 घंटे का मूवी बनने में 3 साल लगता है उसमें इतना विजुलाइजेशन इतना तैयारी होता है तो खांसर को जब एक घंटे का क्लास लेना होता तो उसके पीछे क्या प्रिपरेशन होता है और कैसे प्रिपेयर करते क्योंकि आपके कॉन्टैक्ट में करता सुपर फास्ट एक्सप्रेस और इतनी स्पीड से आप बोलते जाते हो और इतना कंटेंट इतना जाता है आपका दोस्तों मैं तेज बोलता था आपसे मिलने के बाद हमको सीखना पड़ेगा करके तो ये क्या तैयारी करके रखते हैं की ऐसा निकलता है आपके यहां से जैसे मतलब कभी आदमी भगत हो तो उसके शरीर से पसीना निकलता है आप और हम लोग भागते तो कंटेंट निकलता है तो वो तैयारी क्या करते हैं प्रिपरेशन चुटकुला कैसे डालते हैं चुटकुला पहले सोच के आते हैं कोई ऑन डी स्पॉट प्लान करते हैं हम लोग जब स्टूडेंट लाइफ में द ना तो हम लोग पढ़ने में एकदम बेवकूफ द मतलब 40 लड़कों के स्टूडेंट में 37 रैंकिंग आती थी अब बहुत हालत खराब था कभी-कभी ऐसा लगा की मतलब हम लोग आपके बस का पढ़ नहीं है तो एक चीज हमको समझ में नहीं आया था साइंस से या कुछ चीज ऐसी थी जो उसको समझ में नहीं ए रहा था तो मेरे एक दोस्त हमको बताया पूरा बेहतरीन समझ में ए गया तब समझ में आया की मेरी गलती नहीं पढ़ने वाले लोग को लगा की उनके बराबर हमको भी नॉलेज है तब हमको ये रिलेज हुआ की हमारा कम पढ़ने से ज्यादा समझने पे होना चाहिए लड़का को क्या समझ में ए रहा है वहां पे उसका लेवल क्या चीज है तो शुरुआत में काफी मेहनत हुआ था की कभी दो-तीन लड़कों को समझते द की तुम समझा की नहीं समझा हम खास करके उसे फील्ड के इंसान को समझते द जिसको कोई लेना देना नहीं अब जैसे क्वांटम फिजिक्स पटना है तो किसी नॉर्मल इंसान को लोग जिसको फिजिक्स से कोई लेना देना नहीं हल्का भी इंटरेस्ट ए रहा है मतलब थोड़ा ठीक-ठाक जा रहे हैं आप तो कोशिश यही रहती है की पढ़ उसे इंसान को भी पढ़ा दिया जाए जो 20 साल पहले पढ़ छोड़ चुका है और उसके अंदर ललक जगह की हमने क्यों छोड़ा था प्रश्न ये भी है साथ में एप्रोच और मानसिकता के अलावा आप तो मैं ये भी जानना चाहता हूं कॉन्ट कैसे बनाते हो धीरे-धीरे धीरे-धीरे अचानक कोई सोचेगा विवेक बिंद्रा बन जाए कहां से होगा आपके पास ये कंटेंट एक दिन में तो आया नहीं यहां पर ये तो एक धीरे-धीरे ना एक बिल्ट अप होते रहता है स्कूलिंग लाइफ में द फिर कॉलेज लाइफ में द हमको लगा की नहीं ये टीचर इस चीज को ऐसे नहीं ऐसे समझते तो और अच्छा सा समझ में आता है कई बार ऐसा होता है क्लास खत्म होने के बाद लड़के को जब लगता था की थोड़ा सा फस गया है तो वो ना एकदम टेंशन फ्री हो जाता अरे हमको कोई दिक्कत नहीं क्लास के बाद हम खान से पूछ लेंगे पर दफन है बाहुबली को क्यों मारा है ये प्रश्न तो देश में बहुत हुआ एक और प्रश्न देश में बहुत है वो ये है की खंजर का असली नाम क्या है आपको इतना नॉलेज है आंसर क्या खान सर ने कभी यूपीएससी ट्राई किया आंसर कौन है एक शब्द में कैसे डिस्क्राइब करेंगे बिहार में बहुत anandloyment है तो नेशनल एवरेज है बिहार का एंप्लॉयमेंट एवरेज बेरोजगारी से डबल चल रहा है आपके हिसाब से इसका क्या कारण है मैंने एक बच्चे का इंटरव्यू देखा को गांव से आया अच्छा वो बच्चा जो है आकर के एनटीपीसी की कुछ तैयारी कर रहा था घरवाले 3000 रुपए महीना दिए ₹1500 जो है जिसमें उसका किराया निकल जाए और आप खाली ढाई तो मैं पढ़ा दे और 12:30 से मैं घर भी चलाएं तो ये जो आपने किया इतनी मुश्किलों में आप बच्चे को जहां इतना अभाव है वहां पे भी आप इतना बड़ा करना चाह रहे हैं आप ऐसे बच्चों को आज कोई इंपॉर्टेंट अगर एक मैसेज देना चाहे भाई ये तो मैंने अभी कई तारीफ लेकिन हम आपसे मैसेज मांगू तो क्या मैसेज देना चाहेंगे आज आप बच्चों को बड़ा भारत प्लेटफार्म से नाम ये इसका बड़ा भारत प्लेटफार्म हर स्टूडेंट को ना इतना जी जान लगा के मेहनत करना चाहिए ना की उसकी सफलता से केवल उसका परिवार नहीं बल्कि पूरा देश गौरवान्वित होना चाहिए आज अब्दुल कलम विवेक बिंद्रा जैसे स्वामी विवेकानंद जैसे लोगों से केवल उनका परिवार प्रभावित नहीं है पूरा देश प्रभावित है तो उसकी मेहनत उसे तरह से होना चाहिए की उसको देश को प्रभावित करना है ऐसा नहीं की एक घंटा पढ़ लिए या कर लिए तो उनको पुरी मेहनत करना चाहिए और ये जो इस डिस्ट्रक्शन की बात कर रहा है उनको ऐसे चीजों पे ज्यादा ध्यान देना चाहिए जो उनके कम बहुत सारी चीज ऐसे एंटरटेनमेंट की तौर पे ये लेकिन वो कमला चीज है तो ये सब चीजों पर ध्यान देना चाहिए और हमेशा देश आत्मा सोचना चाहिए और कभी कभार थोड़ा मतलब देखिए हमारी एक चीज सिद्धांत है किसी चीज में ना बेस्ट मरेंगे अगर पढ़ाएंगे ना तो बढ़िया से pitenge तो बढ़िया से बदमाशी करेंगे तो बढ़िया से देखिए हम यही कहते हैं की एक लड़के का अगर रिजल्ट होता है किसी चीज में यूपीएससी से लेकर ग्रुप दी से लेकर रुकिए पीट भी डालते हैं आप पीठ से पुलिस वाला लाठी रखे हम ऑन कैमरा पीट देते हैं रीजन क्या है की एक तो अगर लड़का पढ़ नहीं कर रहा है तो तुम अपने मां-बाप के साथ धोखा कर रहा है तुम अगर लौटेगा तो दूसरे पड़ोसी जो गरीब लड़का 3 साल पढ़ाओ रिजल्ट ही नहीं हुआ तो हम तो गरीब है तुम कहां से हो हम तुमको लौटने नहीं देंगे क्योंकि तुम अकेला लौटा तो 10 का रास्ता रोकेगा और लड़कियां जो है ना वो एक एग्जाम से तो लड़ती हैं दूसरा बेचारी परिवार और समाज से लड़ती हैं गांव वाले पढ़ने नहीं भेजना चाहता उनको यहां के यहां पे छेड़खानी करेंगे लोग अलग से रूम रखेंगे आपसे आकर के बाद में बाहर बदमाशी कर यार हमको मारा छोड़ेंगे नहीं बम मारा अभी से बड़का क्या होगा अब कुछ नहीं बस हम इतना चाहते हैं की जो स्टूडेंट है उनको खाली हाथ नहीं लौटने देंगे और लड़कियों को ये जो लोग ऐसे मतलब पढ़ने परेशान मनचले लोगों को छेड़ता है उसको फिर आप ऐसा हैंडल करते हैं की दोबारा हिम्मत नहीं करता छेड़ने की बहुत सारे मतलब शुरुआत में ना जो पढ़ाया गया तो एजुकेशन ऐसा चीज तीन-चार साल भर रिजल्ट देखता है अभी कहीं पे बिहार पुलिस स्टेशन में हर जगह दो-चार तो अपने लड़के आई हैं बस हमको पता करना है की ये किस एरिया में है और उसको उठा के दे देना है अब उसमें खास करके हम करते नहीं जो लड़की हैं सब जैसे कोई लड़की है डीएसपी इधर होगा उसको दे देंगे ना तो और बढ़िया सी इलाज करेंगे उनका बच्चे आपको इतना प्यार करते हैं और मैं आपसे पूछना चाहता हूं ये लड़की को कोई तंग करता है तो आप उसको खूब भड़कते हैं और उसको पीठ भी देते हैं और उसको करेक्ट भी करते हैं कभी इंस्पायर भी करते हैं डिपेंड करता है कितना डोज में वो ठीक हो रहा है [हंसी] करते द ब्लड रुक गया था मेरा कितना ढाई तीन हजार राखी बंद दिया है उसके बाद मैं दोबारा नहीं किया इन्वेंट मैं बताता हूं आपको कारण क्या हुआ वो हमारा इवेंट हो गया ओवर सोल्ड अच्छा हॉल के अंदर जगह केवल ₹2000 लोग हैं कृष्ण मेमोरियल हान मुझे याद नहीं था तो केवल 2000 लोग बैठ सकते हैं वहां एडजस्ट कर कर के 22 23 वान 24वां आदमी घुस गया अब बाहर 2000 आदमी और खाली खड़ा तो उनमें जो है हमारे पास हमारे सेल्स के आदमी बैठे हैं बाहर तो ऐसा करके आया और यूं कान खोजा और बोला बिंद्रा जी से का दीजिएगा दिल्ली पहुंच नहीं paaiyega वो हमारी टीम अब भाग गई है दिल्ली पहुंच नहीं पाएगा तो उसे दिन के बाद दोबारा पढ़ना नहीं बहुत बार कर रहे हैं क्योंकि मतलब दबंग है लोग वहां के और आपने मतलब किसी को दबंग होते वक्त खुद को उतना मजबूत कर लिया की फिर आप मैं अंदर वो भाई नहीं आया नहीं अब हम आपको खुद इनवाइट करते हैं की आप chaliyega हम खड़े रहेंगे मेरा आपसे एक प्रश्न है थोड़ा अलग प्रश्न है कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ये प्रश्न तो देश में बहुत हुआ एक और प्रश्न देश में बहुत है वो ये है की खंजर का असली नाम क्या है और वो प्रश्न ये है की भाई खान सर जो है वैसे तो देखो आदमी अपने नाम से नहीं अपने कम से बड़ा होता है और आप अपने कम से बड़े हैं तो आपका नाम क्या है इसके पीछे बहुत कहानियां है अब जो कहानी आप बताना चाहेंगे आज हम वो कहानी सुनना चाहते हैं देखिए हम एक नॉर्मल से जब शुरुआत में द जो एक लड़का था तो उसे क्लास को ही हटाना पड़ा जो बाद में पंच छह लड़के आए पढ़ने के लिए तो धीरे-धीरे लड़के अचानक बढ़ाने लगे तो एक कोचिंग वाले ने ऐसे नाम दे दिया खान सर और बहुत सारे लोग अलग-अलग नाम से बुलाते हैं कोई अमित सिंह भुला दिया कोई खांसर बुला दिया और कोई जालिम खान भुला दिया किसी को जो मानो बुलाना है बुला सकते हैं बात ये नहीं है की नाम क्या चीज है बात ये की हम अपने देश को प्रेजेंट करना चाहते हैं हमारा में मकसद है की हमें जाती धर्म से मतलब नहीं है हमारी एक सिंगल सी एंटी है ऑप्शन है की हमें हिंदुस्तानी है बस इनफ है यहां पर आपके हर बात सुनकर लगता है आप एक देशभक्त हैं बहुत अच्छा लगा मुझे मैं कुछ रैपिड फायर ले सकता हूं आपके साथ तेज क्वेश्चन होगा और आपको तेज आंसर करना है तो आपकी कहानी पर क्या कोई बायोपिक बन्नी चाहिए कहीं बात हो रही है कुछ लोग आए द बात कर रहे हैं हमको मतलब बहुत ज्यादा फिल्मों का आइडिया नहीं है इसलिए हम नॉर्मल बात कर दी उनसे ठीक है देखा जाएगा अब पढ़ते वक्त इतने बेबाक रहते हैं तो क्या कभी माता-पिता ने गुस्सा करके आपको दांत लगाई कभी-कभी मम्मी थोड़ा सा चिंता में रहती है की बाबू ये सब कुछ भी कुछ भी कहे बोल देता है तुम खंजर कौन है एक शब्द में कैसे डिस्क्राइब करेंगे हिंदुस्तानी आपकी सबसे बड़ी स्ट्रेंथ क्या है कितना भी कुछ हो जाएगा हम अपने लक्ष्य नहीं हटेंगे आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है कमजोरी में थोड़ा इमोशनल हो जाता है स्टूडेंट को देखते हैं तो उनको कभी-कभी दूसरे की इमोशंस में ऐसा लगने लगता है की मेरा ही प्रॉब्लम है तो अपना कम छोड़ के सोचने पे इसका सॉल्व कर दे तो एक लेवल पर यह ठीक रहता है इमोशन जागे हो जाते हैं लाइफ में ना कई बार आपको ना किसी के अच्छाई के लिए झूठ बोलना पड़ता है बहुत बार ऐसा झूठ बोलना पड़ता है मतलब धार्मिक हैं मेरे दो लाइफ एक है अपने पर्सनल लाइफ हम किसी से मतलब ज्यादा ऑफ नहीं करते आप दूसरों को डिस्ट्रक्शन को दूर कर रहे हैं अभी डिस्ट्रक्शन दूर करने के लिए अच्छा मैसेज दिया क्या खान सर खुद कभी डिस्ट्रक्ट होते हैं डिस्ट्रक्शन का जिस आगे में हम लोग द डिस्ट्रक्शन के उसे आगे में इतनी ज्यादा प्रॉब्लम थी ना लाइफ में क्यों वो खुद ही अपने आप में कोई मतलब क्यों आपके पास कोई आएगा आपके पास कुछ रहेगा ही नहीं तो हम खाली घर में कोई भी चोरी तो हो ही नहीं है बहुत अच्छा हुआ ऊपर वाले से हम दुआ मांगते हैं की जिस आगे में डिस्ट्रक्शन होता है उसे में इतनी प्रॉब्लम आई थी उसी प्रॉब्लम को दूर करते करते खत्म हो गया आपके कितने बच्चों ने अभी तक कोई सरकारी एग्जाम क्लियर किया है हम तो सरकारी एग्जाम की अगर बात करें तो शायद ही कोई डिपार्टमेंट होगा जहां के नहीं होंगे क्योंकि एक्चुअली क्या है की चार पंच साल से पढ़ने जैसे जिसको आज पढ़ाएंगे वो तो दो साल बाद जाएगा तो इसका एजुकेशन करना टर्म थोड़ा सा लंबा होता है तो कम इस हार्ड डिपार्टमेंट में आपको इतना नॉलेज है आंसर क्या खान सर ने कभी यूपीएससी ट्राई किया हमको बस जाना था तो इंडिया में तो बस और कहीं सपना ही नहीं देखे द बंदूक चलाने का शौक हर टाइप का बंद एवं अगर आप गौर कीजिएगा या लोग जो गौर किए होंगे जो चीज सी से रिलेटेड रहती है ना वो हम बहुत दीप से अंदर बता देते हैं कई बार ऐसा होता है ना की ऊपर से कुछ लोग कॉल करते हैं हम सब इतना डिटेल मत बताइए तो अब क्या होता है ना की कुछ चीज बता की उन लोगों को भेज देते हैं देखिए ठीक-ठाक है ना इस चीज को काट दीजिए बिहार में बहुत anandloment है जो नेशनल एवरेज है बिहार का अनइंप्लॉयमेंट एवरेज बेरोजगारी से डबल चल रहा है आपके हिसाब से इसका क्या कारण है बिहार ने स्किल्ड की प्रॉब्लम है वहां जैसे कोई आता है कम करने के लिए वो ये बोलता है की हमको कम चाहिए वो उसे बोलना चाहिए की हम ये कम जानते हैं क्या ये वाला है की नहीं आपके पास तो वहां पे स्केल की बहुत कमी है स्किल्ड है और उन ऑर्गेनाइज्ड तरीके जैसे की आएगी अभी कोई योजना चलेगी गवर्नमेंट की थर्ड डिस्ट्रिक्ट में उसको खोल देंगे बस जहां आपका दूर गया तो काउंटिंग से पावर खत्म हो जाता है उसको सेंट्रलाइज करना चाहिए आपको सीखना है ना तो आप पढ़ना ही है अब जिंदगी भर के लिए थोड़ी ए रहे हैं एक दो महीने खोल के चले जाएगा बट ये जो गांव कंट्रोल नहीं हो पता है तो फिर वो एक चीज गड़बड़ी है स्किल्ड की बहुत बड़ी प्रॉब्लम है और एक वर्किंग कल्चर भी वहां पे ना जो एक तरह का एक जैसे गुजरातियों का एक बिजनेस कल्चर ये वहां पे तो वहां अभी भी ना नौकरी को बहुत प्रेफरेंस देते हैं एक दादी जीती बहुत बुरी हो गई थी तो उनसे हम मिलने बहुत खुश हुई नौकरी हो जाए सरकारी तो अब ठीक अगर बच्चों के दिल की बात करनी हो आप बच्चों के दिल की बात करते लेकिन अगर अपनी खुद की दिल की बात करनी है तो किसके पास जाते हैं या तो आपके पास आते हैं आप किसके पास जाते हैं दिल में जो रहता है हम बच्चों को बोल देते हैं ऐसा कोई पर्सनल चीज नहीं रहा है और अभी अब जस्ट पहले की झूठ बोलने के लिए हम सबसे ज्यादा झूठ बोले द ना तो कोरोना के टाइम पे एक्चुअली क्या था कोरोना में लोग दर के मारे बहुत ज्यादा लोगों की जान जा रही थी तो अगर हम पहले पूछ लेते तो तुम्हें उसका प्रॉब्लम क्या है जैसे की उसका ऑक्सीजन लेवल घाट रहा है फाटक से बोलते द घाट रहा है अच्छी बात है ये सबसे तेज रिकवर कर रहे हैं जिनका 60 हो जा रहा है ना 60 के बाद अचानक से बूम कर दे रहा है तो वो ठीक होने के लिए नहीं सोच रहा था वो सोच रहा था खान सर बोले ऑक्सीजन लेवल 60 आएगा ठीक हो जाएंगे 60 जल्दी आओ जल्दी आओ मतलब उसको इस तरह से करना जो उसकी कमजोरी बता रही है यही सही होगा किसी का स्मेल चला गया हमको यही वाला तो एकदम जल्दी सही हो रहा है एक गाना मुझे याद ए रहा है जिंदगी एक सफर है सुहाना यहां कल क्या हो किसने जा रहा है खान सर के सफर की मंगल क्या है अखंड भारत देखना चाहते हैं अल्टीमेट हैं तो फौजी ए गए पढ़ने वो अलग बात है जाना तो था फौज में भारत मैन का जो आंचल हटाया गया ना पीओके पीओके चाय अक्षय था बस वही दे दो क्या बात है आपका कोई अपना वीडियो अचानक अपनी वीडियो में कैसे अब जो इतना आदमी बोल देता है रिसर्च कर देता है की इंटरेस्टिंग कोई मेरा ऐसा वीडियो जो आपको बहुत पसंद हो दुनिया आपको क्यों जाना है और एक जो आपने बोला था की हम भारत मैन का भारत के एक संतान का चैनल सबसे आगे चला गया वो तो मतलब नेक्स्ट लेवल था मतलब उसी को देख के हम यहां आपको बताना बता भी देगी आप ही की वजह से हमने सोचा की वजह से नहीं आपकी मेहनत और बच्चों के प्यार से हैं अच्छा मैन लीजिए आपने कुछ पढ़ाया और स्टूडेंट को समझ में नहीं आया तो इसमें टीचर की कितनी गलती है स्टूडेंट की कितनी गलती है इस बात से कई टीचर हमसे नाराज भी हो जाते हैं हम ये कहते हैं की अगर स्टूडेंट क्लास में नहीं आया है उसके बाद फैल हो जाता तो स्टूडेंट की गलती है क्लास में बैठ के फैल हो जाता है तो आपकी गलती है कैसे हो गया यहां पर रिस्पांसिबिलिटी नहीं समझ में आए आप आप उसको उसे लेवल पे ले जाकर समझाइए और ये धीरे-धीरे एक्सपीरियंस से ए जाता है जब हम लोग भी शुरू में पढ़ते द ना तो एक आइडिया लगता था की एक फ्लो में पढ़ा देते द लेकिन अभी आइडिया आया है की हान यहां तक हमको जाना है यहां ये पक्का fansega तो इसलिए उसको हंसा खिला के वहां तक मैं निकल देते हैं तो आप टीचर को बड़ा जिम्मेदार व्यक्ति मानना चाहते हैं की मैं टीचर की जिम्मेदारी है उसके साथ एक और चीज क्या था टीचर की बहुत सारी जिम्मेदारी है आपको ये सोचना आपके दिमाग से हटा देना चाहिए की आपकी पर्सनल लाइफ से बहुत बड़ा मैं आप टीचर बन गया ना तो आपको आपकी लाइफ से स्टूडेंट को कनेक्ट करना है अब पता चला हम यहां से आधा बाल इधर रंग दे आधा इधर रंग दे कहे की मेरी पर्सनल लाइफ है तो कहे को टीचर बन गया आपको पर्सनल लाइफ में जाइए ना फिर भेज डन मैं यहां पे नाचेगा ये मतलब ये कंट्रोल में रहना चाहिए की आपसे लोग इंस्पायर हो रहे हैं आप यहां आए हैं तो आपकी eximmedari बनती है सिलेबस के बाद भी एक ऐसी जिम्मेदारी है जो लाइफ टाइम उसको सीखना है सर्वांगीण विकास होना चाहिए उसके पास ताकि उसको लगे की हान ये हिंदुस्तान से पढ़ के गया है controversys भी हो रही है तो लोग कई बार आपको बुराई भी करते हैं और इतनी सारी कॉन्ट हुई होंगी आपके साथ कोई ऐसी कंट्रोवर्ट है जिसने आपका दिल दुखाया हो की करंट अफेयर में जरूरी होता है तो टॉपिकल डेडीकेटेड था पाकिस्तान और फ्रांस से उसको इंडिया से कोई मतलब ही नहीं था तो हम जो भी चीज बता रहे द पाकिस्तान का बता रहे द बट क्या हुआ ना कुछ पाकिस्तानी चैनलों ने ना पाकिस्तान हटा दिया फ्रांस हटा दिया धीरे-धीरे पाकिस्तान से इंडिया की ओर चलाया कुछ गाने भी होते हैं आप देखते होंगे पाकिस्तान से इंडिया के और आगे बहुत तेजी से स्प्रेड हो जाता हूं तो उनका था और यहां बिना मतलब की इन लोगों ने कंट्रोवर्सी खड़ी कर दी बाद में जिन लोगों ने कंट्रोवर्सी खड़ी की थी वो पर्सनली कॉल भी की है और कहे की सर हम वापस आपसे सॉरी बोलते हैं हम अब तुम चौपट करके एक तो बिना मतलब का कम किया उसको सॉरी बोलता रहने दो भाई ऐसे ही रहने दो यहां पे बाद में धीरे-धीरे रिलाइज हुआ वो टॉपिक ही इंडिया का नहीं था तो एक होता है ना की इंडिया का टॉपिक है तो बोलो तो समझ में भी आता है मैंने सुना एक कंपनी ने भी आपको ज्वाइन करने के लिए करोड़ रुपए ऑफर किए द 107 करोड़ 160 करोड़ उसे वक्त मेरे पास कुछ भी नहीं था बहुत कुछ नहीं था की आप अपनी फीस को बधाई जो ₹100 की फीस है उसको 2000 करिए फिर जाके 10000 करिए लड़का तो पड़ेगा अब जैसे मैन के चलिए किसी को खांस से पढ़ना है तो 200 की जगह हम उसको 500 भी करेंगे तो क्या थोड़ा सा कहेगा की सर नहीं बधाई फिर तो पड़ेगा ही वहां पे तो ये चीज थी उनका कहना हम कहते की नहीं फी अगर 200 ही रहेगा तो कोई दिक्कत नहीं वो बढ़ाएंगे कहेंगे सर हम आपको 107 करोड़ देंगे ₹200 की फीस में हम कहीं नहीं चाहिए तो चला तो एक फॉर्म ही रहे हैं टेक्नोलॉजी बेटे एजुकेशन दे रहे हैं 42 लाख बच्चे आपसे पढ़ रहे हैं 200 ₹250 आप 180 रुपए कुछ ले रहे हैं उनसे तो अब आए द अलग पांडे जी वो भी फंडिंग ले गए 7:30 हजार करोड़ की जो है आज कंपनी हो गई है तो खान सर फंडिंग लेंगे नहीं लेंगे एक्चुअली क्या है की जब हम लोग यूपीएससी वाले सेगमेंट में जा रहे हैं ना तो वहां बच्चों को हमको एकदम प्राइम फैसेलिटीज देनी है मतलब वो चीज जो उसके पास नहीं है ऐसा फुल देना है ना की वो आने के बाद वो उसको लग गया की अब मेरा तो वही हो गया वहां पे तो वहां पे अगर इस टाइप का अगर कुछ लगेगा तो आदमी आगे सोचेगा क्योंकि लड़कों को इंफ्रास्ट्रक्चर गांव के लड़कों को ना हमको वो फुल देना है ना की उसको इंफ्रास्ट्रक्चर उसको लग जाए की ये चीज इसके शिव कहीं नहीं मिल सकती थी दो दो से तीन लाख में मिल रहा है हमको वो मामूली मतलब जब जैसे 2 लाख 2.5 लाख फीस को आप 80000 तक सरप्राइज करेंगे उससे ज्यादा तो स्प्रेस भी नहीं हो पाएगा कोई भी पढ़ा लिखा सोचेगा तो इससे ज्यादा क्या है तो उसे टाइम पे हो सकता है की जरूरत लगे बट आते डी लास्ट एंड यही है की एक गांव के लड़कों को भी हमको जहां तक जाना चाहिए मिशन के लिए जरूरत पड़ेगी तो पैसा उठेंगे भी लेकिन मिशन नहीं लाएंगे आज खांसर की इंटरव्यू को मैं चाहूंगा कई बच्चों ने देखा होगा इसको बाकी बच्चों तक पहुंचने ताकि वो और इंस्पायर्ड हो ये अपने आप में बिजनेस मॉडल भी बहुत सुंदर है जिन्होंने अफोर्डेबल बनाया खान सर एक ऐसे रिवॉल्यूशनरी उन्तर-पने और भी हैं और एक ऐसे एजुकेटर है कैसे टीचर बने हो रहे हैं जिन्होंने बहुत बड़ा रिवॉल्यूशन लेकर के आया है मैं चाहूंगा इस मैसेज को आप सही आदमी तक सही व्यक्ति तक जरूर पहुंचाएं सही बच्चों पर जरूर पहुंचाएं और बस थोड़ा सा और इंतजार ए गया एक और बड़ा बुधवार अगले बुधवार आपसे ए करके फिर मिलेंगे वीडियो को लाइक जरूर करिएगा हमारा उत्साह बढ़ता है आप चैनल को सब्सक्राइब करना चाहे लेकिन उसको सही व्यक्ति तक जरूर pahunchaiyega हमारे साथ जुड़े रहने के लिए इस वीडियो को पूरा देखने के लिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्व बहुत-बहुत धन्यवाद खान सर आपका विशेष धन्यवाद [संगीत]
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