Ep32 Deep Conversation With His Holiness Sri Sri Ravi Shankar Bada Bharat Show Dr Vivek Bindra

[संगीत] विवेक का होना बहुत आवश्य धन्यवाद आर्ट ऑफ लिविंग है क्या जीवन को उत्सव मनाना कपल इंसान की क्या परिभाषा है जिसका मुस्कान कोई नहीं छीन सके हां जी तो आज के मेहमान की बात करूं जिस उम्र में बच्चा बोल नहीं पाता मां और बाप उस उम्र में शुरू कर दिया इन्होंने गीता का जाप जिनसे मिलने वाले कभी दोस्त की तरह समझाते कभी शांति दूत बन जाते हैं समाज में यह बड़ी-बड़ी मुसीबतों का मांझा सुलझा हैं आज जिनसे मिल रहे हैं उनका थंबनेल प आपने पिक्चर देखला ये एक व्यक्ति के रूप में इनका जन्म हुआ था व्यक्तित्व के रूप में लोग इनको जानते हैं और आज विचार के रूप में ये स्थापित हो चु हैं हम आ चुके हैं बैंगलोर में नमस्कार मैं विवेक बिंद्रा बोल रहा हूं फाउंडर एंड सीओ बड़ बिजनेस कॉ वेलकम टू द बड़ा भारत शो ऐसे लोग जो भारत को बड़ा भारत बनाते हैं उन्हीं की कहानियां हम आप तक पहुंचाते हैं आइए मिलते हैं पद्म विभूषण सेकंड हाईएस्ट सिविलियन अवार्ड और कोलंबिया का मंगोलिया का पैराग्वे का हाईएस्ट सिविलियन अवार्ड 23 ऑनरी डॉक्टरेट डिग्री 156 देशों के अंदर आपके मंदिर आपके आपकी संस्थाएं काम कर रही हैं हम मिलने जा रहे हैं हिज होलीनेस श्री श्री रवि शंकर गुरुदेव से आपका बहुत-बहुत स्वागत है नमस्कार आई एम सो एक्साइटेड टू मीट यू टुडे इतना मैं खुश हूं सबसे पहले मैं जानना चाहता हूं कि ये आर्ट ऑफ लिविंग है क्या जीने की कला जो आपने पूरी दुनिया तक पहुंचाई अगर आप एक लाइन में समझाए तो क्या कहना चाहेंगे जीवन का उत्सव मनाना जीवन का उत्सव मनाना जीवन को सम्मान करना हम जीवन की जो एक्सेसरीज है उसके उपकरण है उस परे ज्यादा उलझे रहते हैं पर जीवन पर हम ध्यान नहीं देते भगवान कृष्ण ने गीता में कहा मैं जीवन हूं मैं चेतना हूं प्राणियों में मैं चेतना हूं उस चेतन सत्ता को जानना ही जीवन जीने की कला है वेरी गुड लेकिन क्या कोशिश करते हैं लाइफ को करने की सेट फिर भी रहते हैं थोड़ा अपसेट और जेलेसी ट्रेड ईगो इतना वायलेंस कंपटीशन खुश रहने का कैसे रखे मिजाज आपकी इतनी सुंदर स्माइल के पीछे क्या है राज तो मैं आपसे पूछना चाहता होलीनेस सब पता है लेकिन क्यों नहीं पता है कि खुशी का पता कहां है तो मैं ये खुशी का पता जानना चाहता हूं आज आपसे इसी को ज्ञान बोलते हैं इसी को विद्या बोलते बाकी सब अविद्या है विद्या उसी को कहते हैं जो आपको अपने से मिला दे आपके भीतर जो खुशियों की फवारा है उसको खोल दे वही अध्यात्म है अध्यात्म के बगैर विवेक चैन नहीं है जी व्यक्ति बेचैन है तो वह इस ऊंचाई की तलाश में बेचैन है वो इधर-उधर खोजता है जहां वह नहीं मिलता समझ रहे ना मैं कहता हूं तुम दुनिया में चाहे जितना सक्सेस हासिल करना चाहते हो करो मगर यह मत भूलो उन सबका केंद्र बिंदु तुम हो और अपने पर ध्यान दो यही जीवन जीने की कला आपका चेहरा देख के ऐसा लग रहा है जैसे सारे सवाल समाप्त हो गए हैं और सारे दुख समाप्त हो गए परेशानियां समाप्त हो गई लेकिन फिर भी ये जो स्ट्रेस जो बेचैन होने की आपने बात करी ये समाज में इतनी बड़ी है बहुत फैला हुआ है बहुत फैला हुआ है और कॉलेज का स्ट्रेस खत्म हो जाए तो नौकरी का स्ट्रेस नौकरी हो जाए तो उसके बाद शादी का स्ट्रेस नहीं हुई तो स्ट्रेस हो गया तो उसके बाद स्ट्रेस फिर बच्चा नहीं हुआ तो स्ट्रेस बच्चा हो गया तो उसको संभालने का स्ट्रेस अब हो गया संभल रहा है तो उसको बड़ा करने का स्ट्रेस उसको स्कूल भेजने का स्ट्रेस कृष्ण कहते हैं गीता में तात्मा न प्रशांत स्य परमात्मा समाहिता समाहिता शीतोषण सुख दुखे तथा मान अपमान यो अब परमात्मा प्राप्त हो जाएंगे जिस दिन वो अपने मन को जीत ले लेकिन स्ट्रेस इंसान के नाखून की तरह हो गया है साथ ही रहता है हाथ में रहता है साथ में रहता है हमेशा रहता है काट लो तो फिर वापस आ जाता है और नहीं काटो तो तंग करता है ऐसे में स्ट्रेस को कैसे संभाले इसे ब्लॉक लिस्ट में कैसे डाले आपने एक बता स्ट्रेस मैं एक समझता हूं इतनी बड़ी बात नहीं है आप अच्छे से नींद ले लेते हो तो थोड़ा बहुत स्ट्रेस उसमें खत्म हो जाता दूसरी बात अपना मन को थोड़ा विशाल दृष्ट करके एक अलग दृष्टिकोण से देखो स्ट्रेस क्या है चाह बहुत है बहुत कुछ करना है समय कम है ताकत नहीं है तभी तो स्ट्रेस होता है इसमें क्या आप अपना ताकत पहचानो या जीवन में पीछे मोड़ के देखो यह पहली बार नहीं आपको इससे पहले भी आप बेचैन थे हड़बड़ा थे तो आप कह रहे हैं कि हेलीकॉप्टर व्यू दे दो हा बड़ा पिक्चर दे दो बड़ा पिक्चर देखो ना पहले देखो आपने संभाला तो है 10 साल पहले भी आपका स्ट्रेस हुआ अभी आप तो जिंदा हो आज जीवित हो तो फिजूल हम चिंता में पड़े रहते हैं तो हम अपने ही जीवन को थोड़ा पीछे मोड़ के देखते हैं तो 8 प्र जो चिंताए है हमारी वो कभी होती नहीं है कभी वो घटित नहीं होती है और जो 15 पर जो बचा है उसमें भी 90 प्र हम संभाल लेते हैं ताकि उस वक्त हमारे पास ताकत आ जाती यह सिर्फ मैं नहीं बोल रहा य वैज्ञानिक किस पर तलाश करके बोल रहे हैं अभी शोध करके शोध काम में यह उन्होंने पता लगाया 85 पर ऑफ द वरी नेवर हैपन एंड रिमेनिंग 15 पर है ना इ दैट 90 पर ऑफ आर मेनेजेबल आर मेनेजेबल यू कैन इजली मैनेज कंफर्टेबल कर देते आप इसीलिए आज जो जितने व्यू यही तो हमारा काम है गुरु के पास आके कंफर्ट नहीं मिला तो गुरु कैसे एक ना मैं इनके बारे में बात करना चाहता हूं आपको याद दिला रहा हूं ये प्रश्न आपके लिए कि डैडी के पास है वगन r लेकिन ये दोस्त को बताते हैं कि तो पापा की जेब से कर लेते हैं चोरी क्योंकि सोशल मीडिया पर डालनी है स्टारबक्स की स्टोरी मैं उन लोगों को मैं यह कहूंगा भैया बात सुनो तुम्हारे पास बहुत अच्छी घड़ी है कार है इससे लोग खुश हो जाते हैं यह मत समझो इससे लोग और तुमसे जलेंगे जिस व्यक्ति के पास है वह ज्यादा प्रदर्शन नहीं करता जितना व्यक्ति अमीर होता है वो उतना कम प्रदर्शन करता है व मैं एक चीज देखी गुरुदेव ये जो 800 का फोन होता है ना ये दो तरह के लोग इस्तेमाल करते हैं एक जो सबसे गरीब और एक जो सबसे अमीर 800 का फोन सबसे अमीर आदमी आजकल इस्तेमाल कर रहा है मैं किसी से मिलने लगा हूं अभी थोड़ी देर में वो भी मुझे बोलते मेरे पास 8800 का फोन है नहीं तुम्हारा व्यक्तित्व को तुम ऐसा बनाओ जी जो लोग सब तुम्हें पसंद करने लगे तुम्हारी पोजीशन को पसंद करके आते हैं वह लोग बड़े निकम में लोग होंगे वो तुमसे चोरी करने चाहेंगे या तुमको धोखा देने के लिए आएंगे पर तुम्हारा व्यक्ति से पसंद करके जो लोग आएंगे वो तुम्हारे सच्चे मित्र होंगे तुम्हें क्या चाहिए कौन सी मित्रता कैसी मित्रता तुम पसंद करो जो सच्चे मित्र है य मित्रता दिखाने वाले हैं दिखाने में उनको पावर महसूस होती है उनको फील होता है कि मैं पावरफुल हूं और वो पावर सेंटर ऑफ कंट्रोल व पावर मैनेज करना चाहते है नहीं ये ना समझी है ना समझी है क्योंकि भगवान ने भी मना किया प्रकार वो श्लोक है ईश्वर हम अह भोगी सिद्ध हम बलवान सुखी कि मैं अपने आप को बनना चाहता हूं बलवान सुखी लेकिन उसमें सुख मिलता नहीं है व वैसे लोगों से जो मिला हुआ पावर से डर ज्यादा होने लगता है और डर ज्यादा होने लगता है डर होने लगता है पता नहीं कल वो हमको मान मान्यता ना दे ना दे इसी चक्कर में पड़े रहते हैं तो तुम हमारे अपने भीतर जो शक्ति है उससे पहचानो तुम अनूठे हो प्रपंच में हर एक व्यक्ति यूनिक है अनूठा है तो वो अपना अनूठा पन को जो व्यक्ति पहचान लेता है फिर वोह इस चक्कर में नहीं पड़ता लोग हमको रिकॉग्नाइज करें हमको सम्मान करें हमको मान्यता दे कोई दे ना दे क्या इसलिए हम हमारी जो आर्ट ऑफ लिविंग में एक थर्ड प्रिंसिपल यह है डोंट बी फुटबॉल ऑफ अदर्स ओपिनियन किसी और के पैर के गेंद नहीं बनो मैं ना एक और आपसे मन कर रहा है सवाल करने का य थोड़ा सा सेंसिटिव है आपको अच्छा लगे तो आप समझाइए क्योंकि आप गुरु है यह सवाल मैथुन मैस्टरबेशन पर है जब एक स्कूल का बच्चा कॉलेज में जाता है तो उसे नई नई चीजों का एक्सपोजर मिलता है और उसे आजादी मिलती है उसे एक्सेस मिल गया पोर्नोग्राफी का उसको सेल्फ प्लेजर इंटीमस विद गर्ल अब इसको कंट्रोल करना उस उम्र में अब अर्जुन कह रहे हैं कि मैं वायु का तूफान कंट्रोल कर लूंगा पर चंचलम ही मना कृष्णा प्रमा बलव दम तस हम निग्रह म वायु रिवस दुष्कर्म वायु का तूफान कर लू चंचल मना ना मेरे से मर्म कंट्रोल नहीं होता यह देखिए इसमें नाइंथ क्लास की जो बायोलॉजी की बुक थी उसमें वह पेज नंबर हर बच्चे को रहता है याद जिसमें पहली बार रिप्रोडक्टिव सिस्टम का पढ़ाया गया था पाठ मैस्टरबेशन जैसी डिस्ट्रक्शन पर कैसे दे ध्यान के कामदेव के ना चल पाए मुझ पर इतने तीव्र बाण मेरा यह प्रश्न है आपसे कि क्या मैस्टरबेशन ठीक है गलत है आपका क्या पर्सपेक्टिव है आध्यात्मिकता इस विषय में आपके नजरिए से क्या कहती है देखो उस उम्र में क्या है जितना व्यस्त रहेंगे हम जितना हम काम करते रहेंगे सीखते रहेंगे ज्यादा फिर काम वासना के झपट में हम नहीं आए जितना खाली टाइम होता फ्री टाइम होता है तभी दिक्कत होती है फॉर एग्जांपल मैं पूछता हूं एग्जाम्स के टाइम में किसी भी स्कूल के बच्चों से पूछो तुम्हें उस वक्त यह थॉट सेक्स के थॉट तुम्हें ट्रबल करते हैं क्या वो बोलते नहीं अरे कल एग्जाम से कौन सा प्रश्न आया क्या आएगा इसी में पूरा फोकस रहता है ऐसे किसी का कंपटीशन है कोई रनिंग रेस पर जा रहा है या कोई स्टेज पर परफॉर्मेंस नेक्स्ट डे करने वाले या कोई इंटरव्यू देने जा रहे हैं जब जीवन की ऊर्जा का कोई और एक चैनल मिल जाता है तब हम इस पर नहीं जाते हैं मैस्टरबेशन में पोर्नोग्राफी में नहीं जाते जब खाली होता है अंग्रेजी में कहते हैं एमटी माइंड इज डेविल्स वर्कशॉप ऑफकोर्स हम लोग दूसरा बात कते एमटी माइंड इज गॉड्स ड्वे प्लेस बट यहां पर क्या है हम तो यह कहेंगे कि उस यंग एज में संगीत में नृत्य में हास्य में और एक ऐसा माहौल में रहे जहां हंसी मजाक हो प्रेम हो तब यह जो टेंडेंसी है वह टेकओवर नहीं करता व्यक्ति की अभी जो आपने बताया संगीत में अलग-अलग चीज एक जगह आपने किसी प्रश्न में उत्तर में कहा भी था कि भाई अगर अकेलेपन को दूर करने के लिए शादी के अलावा कोई और उपाय है तो आपने कहा था ध्यान गान और ज्ञान मैं ठीक याद कर रहा मैंने हां हां बिलकुल ध्यान गान और ज्ञान आपने कहीं बताया था पर इसमें भी मन लगाते शादी जो है आजकल टिक नहीं रही कुछ साल अच्छा लगता है शादी के बाद उसके बाद तकलीफ बढ़ रही है यूएस में बहुत ज्यादा है 55 पर ऑफ मैरिजस इन अमेरिका आर गेटिंग डिवोर्स इन लेस दन वन ईयर्स ऑफ देयर मैरिज टाइम इंडिया में बहुत बढ़ गया है ये आज शास्त्रों में बताया गया त्रिना दप सुनी चेना तरो रिवा सहीना के को तिनके से विनम्र हो जाओ पेड़ से ज्यादा सहनशील बनो और यहां मन ता है भाई कैसे करें भाई पिछले 10 साल के अंदर हमारे को आज यूएन कह रहा है कि यहां पर इंडिया के अंदर नंबर डबल हुआ है पिछले 10 साल के अंदर डिवोर्स का और कोविड के बाद से दोबारा डबल हुआ है तो अब जो कुछ कहते हैं जॉइंट फैमिली के कारण कुछ कहते हैं लड़कियों की डिमांड बढ़ गई कुछ कहते हैं फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट हो गई इसलिए कुछ कहते हैं अ लड़कियां बर्दाश्त नहीं करेंगी अवेयरनेस बढ़ गई है की बात यही है सहनशीलता कम होने लग हम क्या हो गए इतने रेस्टस होने ल ते हैं और अपनी जो सारी तनाव को दूसरे पर तोप नहीं लगते हैं तो हमारी जो समस्या का कारण हम दूसरों को मानने लगते हैं इसलिए ताक साथ में रहने से जो साथ में रहते है उन्हीं पर तो थोपते हैं ज्यादा अपना आपने कहा सहनशीलता कम होई इसको बढ़ाने का क्या उपाय है यही यही तो है योग प्राणायाम यह सब य बढ़ाता है तनाव कम करता है तो सहनशीलता बढ़ जाता है आप देखिए यूत में दो बात हुई एक तो डाइवोर्स दूसरा सुसाइड केस बहुत ज्यादा हो गया है बहुत ज्यादा बढ़ गया आपने पीछे ड्रग्स पर भी काफी काम किया मुझे पता लगा इसमें यही एक तो अग्रेशन आक्रामक मनो मानसिकता दूसरी तरफ से है ये डिप्रेशन मानसिक अस्वस्थता ये दोनों जो छोर है यहां पर जूझ रही है आज समाज पूरे दुनिया में ऐसा है तो इसको बीच में लाने के लिए मेंटल हेल्थ की जो ध्यान अभी खीच रहे लोग दुनिया भर में इसी की वजह से और हिंदुस्तान में इसका उत्तर है भारत महान है के भारत के पास ऐसी विद्या है जिससे पूरी दुनिया आज लाभान्वित होते हो रही है ब्रेकअप के बाद जो एक्सट्रीम पेन है उससे बाहर आने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे अगर आप स्पिरिचुअल लीडर नहीं होते योर होलीनेस तो आप क्या होते शादी का लड्डू जो खाए वही पछताए जो ना खा वो भी पछता है आपके हिसाब से शादी का लड्डू खाके पछताना चाहिए या बिना खाए पछताना चाहिए आपके लिए क्या ज्यादा महत्त्वपूर्ण है जिस कार्य को करते हैं उससे प्रेम करें या जिससे प्रेम करते हो वो वाला कार्य करें आजकल कॉलेज लाइफ में लिव इन रिलेशनशिप हो योर होलीनेस हालत ऐसी है कि ब्रेकअप पैच अप ब्रेकअप पैच अप ब्रेकअप पैचअप और यंगस्टर्स का अगर ब्रेकअप होता है तो ना उनका पढ़ाई में मन लगता है ना उसका उसके बाद शराब पीता है रात घर जागता है वो कहते हैं कि ब्रेकअप के बाद वो बहुत तकलीफ में जाते हैं बहुत परेशान में शराब की बोतल घाव नहीं भरा करती ब्रेकअप से जिंदगी इतनी ज्यादा नहीं थका करती कि इतना बढ़ जाता है उसकी हार का कद कि उ करने लग जाता है सारी की सारी पार हद पता नहीं मैं ऐसे राइमिंग करने का ट्राय कर रहा हूं पर मैं ये जरूर कहना चाहता हूं कि यह ब्रेकअप के बाद जो एक्सट्रीम पेन है उससे बाहर आने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे सुदर्शन क्रिया सुदर्शन क्रिया हम यही कहते हैं यहां पर जो ब्रोकन हार्ट को हम हील करते हैं रिपेयर करते तुम आ जाओ कितने लोग सुसाइड टेंडेंसी से बच जाते हैं इस तरह से ब्रेकअप के बाद एकदम फिर नॉर्मल हो जाते हैं अगर आप अलाउ करें मुझे और बताए एक मिनट में या शॉर्ट में सुदर्शन क्रिया होता क्या है देखिए हमारे जीवन में देखते हमारा शरीर में एक रिदम है एक लाय बता है समय समय पर नहीं समय समय पर भूख लगता है फिर नेचर कॉल्स में जाते हैं नींद आती है य एक साइकिल है ऐसे ही विचारों का भी एक साइकिल है किसी किसी वक्त आप में पॉजिटिव विचार आते हैं कभी नेगेटिव विचार जाते हैं ऐसे सांस में भी एक रिदम होते हैं प्रकृति में भी रिदम है लयबद्ध है गर्मी के बाद फिर वसंत ऋतु वसंत ऋतु के बाद गर्मी गर्मी के बाद फिर फॉल आते हैं फिर शरद ऋतु बारिश फिर हेमंत तु जैसे ऋतु में परिवर्तन है प्रकृति में परिवर्तन है शरीर में यह सारे रिदम को वोह एक लयबद्ध में लेकर आते सांस की जरिए हम अपने मन की जो गहराई में उतरकर वहां की जो तनाव है भरा हुआ पता नहीं पुराने जो जो संस्कार पड़ी हुए वह सबको हम बाहर निकालते इसलिए क्या होता है बिल्कुल ताजगी महसूस होने लगता है प्रसन्नता ताजगी आपके कितने परसेंट डिसाइल आप महसूस करते हैं कि वो सुदर्शन क्रिया करने के बाद अब टेंशन में नहीं रहते हैं या उन्हे नहीं आता या वो झगड़ा नहीं करते नहीं मैं यह कहूंगा कि उनके पास एक टूल आ गया जिससे मान लो गुस्सा आता भी है फिर वह तुरंत वापस आ जाते नहीं तो क्या होता गुस्सा आपके मन में आता है तो वह बना रहता बहुत दिन तक अब यह जो ध्यान साधना करते हैं उससे मिनटों में हम बाहर आ जाते हैं यह तो बहुत लाखों करोड़ों लोगों से बलात हुए तो आप ये कहते आना बंद नहीं होगा लेकिन आप गुस्से से बाहर आ सते होता है कम होता है बंद होता है म ऐसे कुछ किसी किसी को नहीं भी बंद होता है तो मगर उनको अपने पर काबू में आ जाते हैं देखिए एक प्रश्न मेरा थोड़ा कॉर्पोरेट कल्चर आप बेंगलोर में है यह तो आईटी हब है और यहां तो कॉर्पोरेट के कितने लोग हैं और ऑफिस में पॉलिटिक्स बहुत होती है और इतनी पॉलिटिक्स होती है कि बॉस का केबिन बन जाता है बिग बॉस का घर और पॉलिटिक्स ही पॉलिटिक्स मिलती है हर कोने पर कृष्ण बताते हैं इस विषय में कि अद्वेता सर्व भूता नाम मैत्र करुणा वच कि हमारे अंदर द्वेष नहीं होना चाहिए मैत्र सबके मित्र बने करुणा ए वच सबके साथ अच्छा रिश्ता ब निर्मम निर अहंकार बड़ा अच्छा श्लोक है भगवता में आप आपसे अगर मैं पूछूं कि इसका एप्लीकेशन क्या होना चाहिए ऐसे श्लोकों का और ऐसे ज्ञान का एप्लीकेशन कैसे आप अपनी भाषा में देंगे कि एक आदमी पॉलिटिक्स से बाहर निकले और उसको अफेक्ट ना करे एक बात यह है जहां लोग होते हैं वहां पॉलिटिक्स होगा तो जब हम कहते हैं पॉलिटिक्स हो रहा है हम क्या कर रहे हैं अपने आप को अलग कर रहे हैं डिस्टेंसिंग कर रहे हैं टैग कर रहे हैं एक परिस्थिति या व्यक्ति को हम टैग कर देते हैं उन पर लेबल लगा देते हैं यह पॉलिटिक्स कर रहे तब हमारी जो मानसिकता है यह अलग हो जाती है लोगों से कटने की हो जाती है जुड़ने की नहीं होती है मैं यह कहता हूं कि तुम यह लेबल मत लगाओ यह पॉलिटिक्स है उनके शू पर उनके स्थान पर खड़े होकर देखो परिस्थिति को अपना दृष्टि जब विशाल होता है तो हमको लगता हर एक व्यक्ति जो कर रहा वह सही कर रहा अपनी जगह पर तो इस तरह से हम अपनी दृष्टि कोण बदले फिर हम किसी भी परिस्थिति से भागेंगे नहीं भगोड़ी नहीं बने भगोड़ी बनने से कुछ प्राप्त नहीं कर पाएंगे अपने दृष्टिकोण को बदले दृष्टिकोण बदले और जहां पॉलिटिक होता वहां रह के उस बीच में रह के जीतना चाहे आप उससे इन्फ्लुएंस मत हो जाओ उस परिस्थिति को तुम इन्फ्लुएंस कर सकते हो मैं ये कह रहा हूं मतलब बड़ा आइडियलिस्टिक आंसर तो है अगर अप्लाई करेगा तो आदमी को सफलता मिलेगा सफल व्यक्ति सब ये अप्लाई करते ही हैं सफल सब अप्लाई करते हैं और सफल होने का चाह तो हर एक व्यक्ति में होता ही है और एक्सटेंड करता हूं इसको नेगेटिविटी की तरफ मन जल्दी आकर्षित हो जाता है नेगेटिव कंटेंट की तरफ जल्दी आकर्षित होता है कृष्ण कहते हैं यतो यतो निश्चल मन चंचल अस्थिरम ततो ततो जहां जहां मन जाएगा वहां से वापस लाओ क्योंकि मन तो चंचल अस्थिर है नेगेटिविटी इतनी जल्दी चलती है कि गलत की ओर खींचे जाना एक बीमारी है नहीं उसका ये स्वभाव ही ऐसा है भाई अब 10 अच्छे अच्छे कॉम्प्लीयंट गटरी नेगेटिव रिमार्क आप पर लग जाए ठीक बात है तो आप उसी को पकड़ के रखोगे ये हमारा मन का चित्त का नेचर ऐसा है इसका स्वभाव जब हम इतना जान लेते हैं अरे हमारे जीवन में 80 प्र अच्छी अच्छी बातें हैं व 20 प्र कुछ अनहोनी अनचाहे चीजें भी होती है और हम उन्हीं को पकड़ के बैठे रहे हैं यही तो विवेक है यह विवेक तो यही है तो यह जान लेना और विवेक हीन व्यक्ति को तो ना समाज में सुख है ना यहां का सुख है ना पर का सुख है तो इसलिए विवेक का होना बहुत आवश धन्यवाद बिल्कुल आवश्यक है और आप आशीर्वाद दीजिए कि हमारे में भी कुछ विवेक आए और हम और आगे बढ़े लोगों की मदद करें उनको इंपैक्ट करें एक ना एक ना इस तरह का फिलॉसफी होता है कि अच्छा पहले क्योंकि आप प्रेम की बहुत बात करते हैं मैं आज आपके एक डिसाइल से मिला तो उन्होंने बोला कि गुरुदेव में मुझे प्रेम दिखता है और बड़ा अच्छा लगा मुझे सुना मैं चर्चा करा उनसे थोड़ा और पूछा तो देखिए दो तरह की बात होती एक है ब्रजमंडल में चंद्रावली और एक श्रीमती राधा रानी चंद्रावली कहती है तता मैं कृष्ण की हूं श्रीमती राधा रानी कहती है मध अता कृष्ण मेरे हैं तो कौन चंद्रावली के कृष्ण के साथ संबंध में रिस्पेक्ट है मैं कृष्ण की हूं और इधर अगर राधा रानी के रिलेशनशिप को देखें तो वह लव है कृष्ण मेरे हैं प्रेम है हमारे को समाज में एप्लीकेशन कैसे करना चाहिए रिश्तों में रिस्पेक्ट रखनी चाहिए कि लव रखना चाहिए दोनों प्रकार के रिश्ते होते दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है इसको तुम अलग अलग नहीं कर सकते हो जी जहां प्रेम होता है वहां आदर भी होगा और जहां आदर होता है वहां प्रेम अपने आप होने लग जाएगा तो यह एक ही चीज की दो पहलू है रिस्पेक्ट एंड लव दोनों साथ-साथ चलेंगे साथ साथ ही चलेंगे एक होगा तो दूसरा भी आ ही जाएगा और यदि एक खत्म हो जाता दूसरा भी खत्म हो जाएगा एक वैसे आपको जानकारी के लिए मैं एक नया सीरीज शुरू किया है बहुत सफलता मिल रही है उस सीरीज का नाम है गीता इन एक्शन गीता को जीवन में कैसे उतारे मैं स्टेडियम में करता हूं आज आप सब हमारे भक्तों की कृपा से व्यूवर्स की कृपा से और आप सब संत जनों की कृपा से आज हमारे लगभग 40 मिलियन टोटल हमारे सब्सक्राइबर्स हो गए और 600 मिलियन का वीडियो व्यूज हो गया हमारा मंथली एक्टिव यूजर गीता इन एक्शन सीरीज बहुत अच्छा चल रहा है और अब हमें संत लोगों का आशीर्वाद चाहिए होता तो आपसे आज थोड़ा लालच भी है मेरा आप आशीर्वाद भी दीजिए कि हम लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके कि भगवत गीता आपके जीवन को सुधार में मदद करेगी अवश्य अवश्य करना चाहिए देखिए जो भी चीज सुधार लाती है उसका एक ठोस न्यू होता है बैकग्राउंड होता है तो हमारे जो ग्रंथ है हमारे जो फिलोसोफी है वो जब तक इस तरह की एक अनादि काल के जो चले आ रहे परंपरा से नहीं जुड़ी होती है फिर वह मजबूत नहीं होता शाश्वत नहीं होता वाह क्या बात है जो अनादि है वही अनंत काल तक चलता अनादि जाएगा अनंत तक बहुत सुंदर थैंक यू तो इसलिए आप अवश्य करो इससे लाखों करोड़ों युवाओं को लाभ मिले और सब खुशिया अनुभव करें जीवन में सब प्रसन्नता अनुभव करें और इससे ज्यादा क्या है चार पांच में रैपिड फायर क्वेश्चन करना चाहता हूं हा बिल्कुल पहला प्रश्न है आपको तो सब प्यार करते हैं आप किससे प्यार करते हैं सबसे करता हूं करोड़ों लोग आपको दुनिया में फॉलो करते हैं आप किसको फॉलो करते हैं मैं फॉलो करता हूं तो सत्य के मार्ग पर ज्ञान के मार्ग को फॉलो अगर आप स्पिरिचुअल लीडर नहीं होते योर होलीनेस तो आप क्या होते अभी भी मैं कहां स्पिरिचुअल लीडर हूं मैं अपने लिए तो इसको स्पिरिचुअल लीडर नहीं मानता हूं मैं जो हूं सो हूं अच्छा एक सफल इंसान की क्या परिभाषा है जिसका मुस्कान कोई नहीं छीन सके अरे वाह जिसकी आत्मविश्वास कोई नहीं डगमगा सके तो क्या श्री श्री के मुस्कुराते चेहरे पर भी कभी दुख की शिकन आती है दुखियों को देखने से दुख तो हमें भी लगता है हमको पत्थर थोड़ी ना है वाह म हम है शीशे जैसे जो जो सामने जैसा होता है उसको तो प्रतिबिंबित होना पड़ आप दुनिया को जोड़ने की बहुत बात करते हैं मैंने इस बात सुना आपका सबका डर दूर करते हैं क्या हिज होलीनेस को भी योर होलीनेस को भी किसी बात का डर लगता है तब तो मैं यहां बैठ ही नहीं सकता एक बैलेंस लाइफ जीने के लिए एक चीज जो हर आदमी को करनी चाहिए वो एक चीज क्या होगी अपने आप को जानना अपने आप को जानना और एक ऐसी चीज जो उसको नहीं करनी चाहिए ताकि उसका जीवन बैलेंस रहे आप यह नहीं पसंद करते जो लोग आपके साथ करें वह दूसरों के साथ आप मत करो लाखों लोग आपसे आके लाइफ लेसन लेते हैं योर होलीनेस क्या आपको भी किसी ने कोई ऐसी एडवाइस दी जिसको आप आज भी बहुत पसंद करते हैं अरे वो एडवाइस मैं याद रखता हूं ना मैं एडवाइस पर डिपेंड ही नहीं करता हूं मेरा जो एक्शन है वो स्पन होता है मैं कभी कोई चीज प्रिपेयर नहीं करता हूं शादी का लड्डू जो खाए वही पछताए जो ना खाए वो भी पछताए आपके हिसाब से शादी का लड्डू खाके पछताना चाहिए या बिना खाए पछताना चाहिए देखिए दो तरह के लोग होते हैं जो शादी करके भी खुश रहते हैं बिना करके भी खुश रहते हैं दूसरे लोग शादी करके भी दुखी है अकेले होकर भी दुखी रहते हैं मैं कहूंगा पहले जो वर्ग के लोग है वोह बन जाओ आप शादी करो या ना करो खुश रहो आप इतना दुनिया भर में ट्रेवल किया और आप आज आर्बिट्रेशन एक्सपर्ट है दुनिया के कोई ऐसा भी कंट्री है इंडिया के अलावा जो आपको सेकंड होम लगता हो मैं जहां भी जाता हूं वहां अपनापन मुझे महसूस होता है और लोग भी मुझे ऐसे ही समझते हैं हमें कोई फॉरेनर करके किसी भी देश में लोगों ने नहीं माना अपना ही मानते थे आपकी इतनी स्ट्रेंथ है दुनिया आपकी स्ट्रेंथ जानती है दुनिया में आपने इतनी सेवा करी आज सैकड़ों देशों में आपकी प्रेजेंस है आप दुनिया में ट्रेवल करते हैं पर क्या आपकी कोई वीकनेस है मेरी वीकनेस है कि मैं गुस्सा दिखाता हूं तो ज्यादा देर उसको रख नहीं पाता हूं मैं भी हंसने लगता हूं वो भी जिनको दिखाने के लिए मैं चेष्टा करता हूं वो भी नहीं हो पाते कभी कभी गुस्सा दिखाना पड़ता है जरूरी पड़ती है आपके लिए क्या ज्यादा महत्त्वपूर्ण है जिस कार्य को करते हैं उससे प्रेम करें या जिससे प्रेम करते हैं वो वाला कार्य करें कोई भी काम करते हो बड़े प्रेम से करो एक बात है क्लेरिटी इन द माइंड प्योरिटी इन हार्ट सिंसेरिटी इन एक्शन ये अपना फार्मूला बनाओ क्लेरिटी प्योरिटी सिंसेरिटी मन में जो है क्लेरिटी हो अपने दिल में जो है ना शुद्धता हो किसी के प्रति कभी बुरा ना चाहे और जो काम करते वो डट के पूरा प्रामाणिकता से कर एक सर्वे हुआ था जिसमें बताया गया कि 99 प 7 पर लोग दिन में 5 मिनट हंस नहीं पाते आज आपकी मुस्कुराहट को देख के अच्छा लगा है मैं क्विकली इसको क्लोजर की तरफ लेकर चलता हूं कहते हैं बीइंग सिंपल इज नॉट दैट सिंपल बीइंग सिंपल इज नॉट दैट सिंपल पर आपके चेहरे पे हमेशा रहता है वह मुस्कुराहट का डिंपल तो आपने भारत की संस्कृति और योग और आध्यात्म को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया आपने भारत को बड़ा भारत बनाया आज हमारे साथ जुड़कर इस मंच की शोभा बढ़ाने के लिए आपका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद बाकी लोगों को मैं ये कहना चाहता हूं छोटा हो या बड़ा हो सिंगल हो या शादीशुदा हो जॉब करता हो या बिजनेस करता हो लिमिटलेस लर्निंग्स है इस वीडियो में सबके लिए तो इस वीडियो को आपको सही व्यक्ति तक पहुंचाना नंबर वन टू नीचे आकर के आपको तीन लर्निंग्स अपने लिए जरूर लिखनी है कमेंट बॉक्स में कि आपकी टॉप थ्री लर्निंग्स क्या थी बस थोड़ा सा इंतजार आ गया एक और बड़ा बुधवार बताइएगा कमेंट बॉक्स में अगले हफ्ते आप किनसे मिलना चाहते हैं आपने रिक्वेस्ट किया था कि आप हिज होलीनेस श्री श्री रवि शंकर गुरुदेव से मिले आज मैं आपकी इस रिक्वेस्ट के कारण खुद अपना शुद्धिकरण महसूस कर रहा हूं हमारे साथ जुड़े रहने के लिए इस वीडियो को अंत तक देखने के लिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद हिज होलीनेस आपका विशेष धन्यवाद [संगीत]

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