सफलता मेहनत से मिलती है या किस्मत से @GaurangadasOfficiall Bada Bharat Dr Vivek Bindra

सारे निमित्त इंजीनियरिंग के बाद बन रहे हैं आप आईआईटी मुंबई से एक सुंदर गोपाल प्रभु आईटी दिल्ली से तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई में ऐसा क्या है और जो आप लोग वहां से मो भांग हो जाता है भगवान के साथ कनेक्ट करने का ज्यादा अच्छा तरीका क्या है भगवान से प्रार्थना करना या भगवान के नाम का जब करना है की गुस्से को पी के पी जाना चाहिए व्यक्त नहीं करना चाहिए कुछ कहते हैं की नहीं गुस्से को रिलीज करना जरूरी है आपके हिसाब से क्रोध को निगलना ठीक है या उसको निकालना ठीक है स्पिरिचुअल लाइफ में ईमानदारी समय के पाबंदी अनुशासनी से बहुत जरूरी होता है और साधना सत्संग का सेवा का डेली रूटीन पार्टी दे नहीं पता तो इस हरि में आपकी तरह भगवान हरि का नाम लेने के लिए क्या करना चाहिए नमस्कार मैं विवेक बिंद्रा foundation.com स्वागत करता हूं तब बड़ा भारत इंडिया ग्लोबल ब्रांड एम्बेसडर ऐसे लोग जो भारत को बड़ा भारत बनाते हैं उन्हें की कहानी हम आप तक पहुंचने हैं आज जो हमारे मेहमान हैं हर समस्या का इनके पास थोड़ा सरल समाधान है अपने कॉलेज के दोनों से सांसारिक तृष्णा छोड़कर कृष्णा की और मड गए इस स्पिरिचुअलिटी सस्टेनेबिलिटी और सोशल इंपैक्ट उन्होंने बहुत कम किया स्वागत करते हैं इंस्पिरेशनल स्पीकर सोशल रिफॉर्मर स्पिरिचुअल लीडर डायरेक्टर ऑफ गोवर्धन एक विलेज इस्कॉन गौरांग दास प्रभु हरे कृष्णा हरे कृष्णा आपका चेहरा देखकर ही थोड़ा सा लगता है जैसे मेरी काफी सारे समाप्त हो गए आप तो स्वयं एक आध्यात्मिक व्यक्ति है तो जानते इसका मूल्य क्या है भागवत गीता के ज्ञान का तो हम तो केवल नहीं मिलते हैं मैं पहले सवाल करना चाहता हूं मैंने देखा आपकी संस्था में एक है आप आईआईटी मुंबई से एक सुंदर गोपाल प्रभु आईटी दिल्ली से एक ही राधेश्याम प्रभु आए वो भी आप ही के कॉलेज से आईटी मुंबई से हैं मैंने ये भी सुना था की एक बार आप लोग तब से साथ में वो भी बहुत बड़े ज्ञानी व्यक्ति हैं बहुत सारे बीते अमोंगली प्रभु हमारे साथ में कपिल शर्मा शो में आए थे इसलिए गौर गोपाल को सब इंजीनियरिंग की तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई में ऐसा क्या है और जो आप लोग वहां से मो भांग हो जाता है कोई मेरे को बोल रहा था की आप एप्पल के हैडक्वाटर्स में जो माइक्रोसॉफ्ट के हैडक्वाटर्स में जो हां और वहां पर भी एक हाल के अंदर इतने सारे ईटन कठे नहीं मिलेंगे जितने इस कॉल मुंबई के अंदर रात को कठे सोते हुए कमरे में मिल जाएंगे पिछले 50 वर्षों में लगभग 55 करोड़ भागवत गीता जो वितरित किया हैं और दिल्ली में भी गोपाल कृष्णा महाराज और जितने भक्ति लोग हैं उनकी प्रेरणा से इतना कुछ हुआ है तो एक जो इनफॉर्मल स्टैटिसटिक्स ऐसा निकाला है की एमाजॉनिटी ऑफ डी पीपल परचेसिंग गीता जो गीता खरीद रहे हैं उसमें इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के लोग सबसे अधिक है तो उसके पीछे एक करण यह है की गीता के जो पांच विषय हैं वह है ईश्वर जीव प्रकृति कल और कर्म तो जीव जो व्यक्ति है वह प्रकृति के ऊपर शोषण करने का प्रयास कर रहा है कल का उसके ऊपर असर हो रहा है और वह कर्म कर रहा है तब जब केवल जीव नीचे की तरफ देखकर तो उसे अनुभव के पीछे मूल करण है भोग तो भोग के करण जब चिंता होती है तो वह जीव सोच में पड़ता है की भाई मेरी चिंता के पीछे करण क्या होगा तो आपको पता है की कैसे और इफेक्ट तो इफेक्ट को देखकर सत्संग में आकर गीता पढ़कर उसको मालूम पड़ता है भाई नीचे ने ऊपर भी देखो तो ऊपर जब देखा है तो ईश्वर की जानकारी मिलती है तो बिल्कुल कनेक्ट करता है तो उसे ईश्वर के साथ जो जुड़ाव है उसको गीता में योग कहा गया है तो भोग से किस तरह योग में हम जा सकते हैं और भोग से चिंता होती है और योग से चिंतन तो मुझे लगता है की इस परिचय और इस दृष्टिकोण को इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के लोग बिल्कुल कनेक्ट कर पाते हैं क्योंकि इंजीनियरिंग आज जो इंजीनियरिंग कर रहे हैं बाकी फील्ड में भी बिल्कुल जिसको जैन जी बोला जा रहा है आजकल पॉपुलर ही टर्म हो गया इनको देख रहे हैं इन्होंने रिलेशनशिप को एक नया अवार्ड दिया सिचुएशन से अफेक्शन नहीं है कंफर्ट कमिटमेंट नहीं है इनकी लाइफ में हुकअप है रिलेशनशिप नहीं है तो और परमानेंट प्यार की जगह लोग टेंपरेरी प्लेजर की तरफ भाग रहे हैं तो ये जो गंजी में बड़ा बदलाव ए रहा है इसलिए देख के ऐसा लगता है की आने वाले समय में मैरिज इदर इंस्टिट्यूट कर नहीं पाएगा आप इस परी स्थिति को कैसे देख रहे हैं बहुत इंपॉर्टेंट प्रश्न पूछे हैं आपने क्योंकि आज लक्जमबर्ग जैसा कंट्री है स्पेन का 65% चल रहा है फ्रांस का परसेंटेज है फिर भी मैं कहता हूं भारत का अभी तक तो काफी कम है तो कंपाउंड गोल्डन इफेक्ट आएगा भारत में तो एक इंटरेस्टिंग मैं एपिसोड शेर करना चाहता हूं की मैं एक विदेश के किसी कॉलेज में लेक्चर दे रहा था और एक वेस्टर्न व्यक्ति मेरे पास आए नौजवान और जाप तक हिंदी में बोलने लगे मैं तो अच्छे संपन्न परिवार में जन्म लेकिन मैं 17 साल का हूं पिताजी को कहा आपने मुझे जीवन में सब कुछ दिया लेकिन परिवार का सुख नहीं दिया क्योंकि मैं जब दो साल का था तो डायवोर्स हो गए तो मैंने फिर कहा की पिताजी मुझे परिवार का अनुभव करना है तो उन्होंने कहा की पिताजी ने कहा चलो भाई अगर परिवार का अनुभव करना है तो भारत सबसे बेस्ट जगह है तो फ्लाइट लेकर भारत आए किसी परिवार में नहीं बोले आपके फैमिली के अंदर बना लो दो साल के लिए जस्ट एक्सपीरियंस व्हाट इस फैमिली लाइफ अगर वह आप एक्सपीरियंस हमको डॉग हर महीने और कहां आपके दूसरे भी मित्रों जिनको अनुभव करना परिवार उनके लिए भी हमारे घर के द्वारा खुला भी कर सकते हैं और आउटसाइड ऑडियंस भूल सकते हैं मुद्दा बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वामी प्रभुपाद जी को किसी ने पूछा आप इतने मंदिर क्यों बना रहे हैं क्या सबको मंदिर में भारती करना चाहते हैं तो प्रभु पाजी ने उत्तर दिया नहीं हम चाहते हैं की लोग मंदिरों में आकर प्रेरणा लेकर घर को कैसे मंदिर बना सकते हैं जिससे की परिवार के सदस्य एक साथ मिलकर किस तरह भक्ति कर सके और भगवान को जोड़ सके तो आई थिंक थिस इस वेरी वेरी इंपॉर्टेंट सिचुएशन की आज लोगों को अपने जीवन में अपने प्रेरणा के स्टार को बदलना है भागवत गीता में कर लेवल के इंटेंशन बताए गए हैं तमोगुण से आता है फेयर हम हैं क्योंकि भाई ग रहा है इसलिए हम यह कम करेंगे रजोगुण से आता है डिजायर की हम कुछ का लेंगे इसलिए हम यह करेंगे तो हम इस संबंध में इस रिलेशनशिप में कुछ लेन-देन हो हमें कुछ मिले इसलिए हम एक साथ आए लेकिन उसके ऊपर कहते मनुष्य जीवन में मिनिमम सत्तू गन के लेवल पर कम करना चाहिए जो की ड्यूटी कर्तव्य पर इंस्पायर बाय ड्यूटी दें देवर इसे एन सेंस ऑफ सैक्रिफिस तब फिर हम कहते हैं की भाई दूसरों के लिए हम कुछ विचार करें और इसलिए जो पार्थिव रस के ऊपर जो हमारे यहां पर है वह रस अर्थात भगवान को केंद्र बना कर तो टॉप मोस्ट लेवल पर आता है लव या प्रेम तो मैं विचार करता हूं की हमारे सभ्यता और संस्कृति में धरोहर में यह पारिवारिक स्टार पर एक साथ आना और एक दूसरे के लिए कुछ करना यह बहुत ही इंपॉर्टेंट है और जितना समाज सेल्फिश होता जा रहा है उतना हर व्यक्ति केवल सोच रहे हैं आप अपने कुछ एम्पलाइज से बहुत लविंग रिलेशनशिप बना सकते हो लविंग रिलेशनशिप बना सकते हो बाकी लोग अब रिस्पेक्ट कर सकते हो तो क्या ठीक है क्या हर एक के साथ लव वाला रिलेशनशिप होना चाहिए की मैं सबको उतना प्यार से रखूं प्यार डन अपना प्यार एक्सटेंड करूं या रिस्पेक्ट को भी आप प्यार कहेंगे एक दृष्टि से जब लव आता है तो लव के अंतर्गत कर बातें शास्त्र में बताई गई हैं डेट इन एवरी रिलेशनशिप डेट स्कार्सिटी इंपैडाइमेंट डिस्कॉम अनहैप्पीनेस कोई कमी होगी कष्ट होगा कोई दुख होगा क्लेश होगा लेकिन इसको होते हुए भी जब संबंध स्थाई बना रहे उसको प्रेम की परिभाषा दी गई तो सामान्य भाषा में लोगों को लगता है लव मेंस प्लेजर प्रेम करते आनंद लेकिन वास्तविक उसे प्रेम की परिभाषा है स्वयं कष्ट उठा और जिसकी हम सेवा करें उसको हम सुख दे मॉन्कहुड में आने के बाद इस जीवन को जीने का ब्रह्मचर्य आश्रम सन्यास आश्रम कोई ऐसी चीज है जो अभी भी करने का मां करता है लेकिन कर नहीं पाते भगवान के साथ कनेक्ट करने का ज्यादा अच्छा तरीका क्या है भगवान से प्रार्थना करना या भगवान के नाम का जब करना कुरान से प्रार्थना करना की मैं सेवक बानो दोनों ए जाते हैं उसमें सबसे अच्छा तरीका एक दिन को प्लेन करने का क्या हो सकता है आप कंट्रोल कीजिए उनके लिए नए नियम तो 9:00 पीएम वह आपके लिए प्लेन करके दे देंगे फिर प्रोग्राम कैंसिल करना है आपको क्या लगता है आपके साथ में जीवन में एक सबसे अच्छी चीज क्या लगी बहुत होगी एक बहुत ही एडवांस्ड भक्तों का निकट का सॉन्ग कोई एक चीज जो आपको बहुत लगाया है ये गड़बड़ है बस ये ठीक होना चाहिए बाकी सब तो ठीक है प्रशासन में निर्णय लेना पड़ता है जिससे लोगों को कष्ट होता है और भक्ति लोग जुड़े होते हैं भावनाओं के साथ लेकिन कभी-कभी ऐसा कुछ लेना ही पड़ता है बहुत डेप्ट की आंसर है बहुत जल्दी दे देते हैं बहुत अच्छा लगता है एक है गुरु जी खेलने हैं ही लाइक्स प्लेईंग डेट एक और गुरुजी है श्री बाबा बागेश्वर वो क्रिकेट खेलने पसंद करते हैं आपको अगर समय मिलता है तो क्या आप भी कोई भारत पसंद करते हैं मैं कीर्तन में जो है ऊपर नीचे नृत्य करते डांस करते हैं जिसको आप फॉलो करते रहते जो हमारे वरिष्ठ गुरु हैं उनको फॉलो करते हैं की जो होता है अच्छे के लिए होता है तो कथन को मानते हैं 100% आपके हिसाब से सुखी कौन है जो नंबर है भगवान अर्थात सर्वाकर्षण जो अट्रैक्टिव इतने साल ब्रह्मचारी आश्रम में अपने बताया स्ट्रांग संगठन आप सबके दुखों से माफ कर रहे हैं ऐसा भी समय आता है जब आप दुखी होते हैं आप कब दुखी होते हैं मैं दुखी होता हूं जब कोई सेवा दी जाए और मैं उसको पूर्णता कर नहीं पाऊं एक बार जीने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी क्या है जो एक व्यक्ति में होना चाहिए की आपके शेड्यूल में आज अवेलेबल है और हो सकता है उसे दिन अब क्या करना पसंद करेंगे पुराने जो सत्संग के वीडियो हैं जिसमें हम थे पर्सनालिटी लव व्हाट यू डू और डू व्हाट यू लव यू बैलेंस बिकॉज़ आपसे कुछ अपेक्षा की जाए यू में हैव इंडिविजुअल इंस्पिरेशन बट देवर में बी इंस्टीट्यूशन डिमांड अलोंग विथ इंस्पिरेशन लाइफ में सबसे बड़ा डिस्ट्रक्शन क्या हो सकता है स्मार्टफोन यह केवल सोशल मीडिया स्मार्टफोन प्रॉपर प्रायोरिटी ऑफ इंटेंशन आपकी लाइफ में भी कोई डिस्ट्रक्शन है मल्टीपल अट्रैक्टिव प्रपोजल्स ऑफ सर्विस रहती है ये भी सेवा करनी है ये सेवा भी करनी है और मां करता है की हां ये भी कर ले आप खुद एक मोटिवेशन स्पीकर है लेकिन अगर आपको मोटिवेशन चाहिए तो आप कहां जाते हैं कुछ इस्कॉन के बड़े गुरु हैं जिनको मैं पसंद करता हूं और उनको मैं सुना चाहता हूं और उनको मैं सुनता हूं सफल व्यक्ति वह जो हर क्षण प्रॉफिट बना सके प्रॉफिट का परिभाषा क्या है व्यवसाय आत्मक बुद्धि रिमेंबर कृष्णा और फॉरगेटफूलनेस इस एक्सपेंडिचर आप तो बड़ा बिजनेस चलते हैं तो जानते हो की वही एक प्रॉफिट है तो हर क्षण जिसने प्रॉफिट कमाया तो दिन भर का बैलेंस सीट प्रॉफिट होगा वैसे महीने का प्रॉफिट होगा तब जाकर जीवन का बैलेंस सीट बनेगा तो उसको व्यवसाय आत्मिक का बुद्धि गीता में कहा है सबको लगता है और यह वीकनेस अभी भी दूर कर लिया होते तो दोनों को बैलेंस करना पड़ता है लेकिन कल क्या किया बहुत हो जाता है और साधना सत्संग का सेवा का डेली रूटीन दे नहीं पता तो इस हरि में आपकी तरह भगवान हरि का नाम लेने के लिए क्या करना चाहिए कोई टिप देना चाहेंगे गिव हरि ए ट्रायल तो कहानी पर आप आई गेस्ट हाउस में रात को रुकी है 2 दिन के लिए एक दिन के लिए या हमारे आप कहानी पर भी आई है एक टेस्ट जब तक व्यक्ति को नहीं मिलेगा उसके लिए थियोरेटिकल बात बनी रहती है तो आई थिंक जब टेस्ट ग जाता है तो फिर उसको लगता है की हां भाई जब व्यक्ति को कन्वेंस हो जाता है की इसका मुझे लाभ मिलेगा मेरे हाथ मेरे व्यक्तिगत जीवन में मेरे व्यवसाय के जीवन में सामाजिक जीवन में ए जाएगा एक बार हाथ में ले लेंगे तो उसको बहुत प्यार लगेगा है गुस्से में भी देखते आजकल कुछ लोग कहते हैं गुस्से को इंटरनलाइज कर लो या अब्जॉर्ब करके समाप्त करो उसको कहते हैं की गुस्से को बीजेपी जाना चाहिए व्यक्त नहीं करना चाहिए व्यक्त मत करो कुछ कहते हैं की नहीं गुस्से को रिलीज करना जरूरी है उसकी भी आजकल थ्योरी जा रही है इमोशन को मां में ढाबा के रखोगे तो जहर बन जाएगा इसीलिए उसको रिलीज कर दो आजकल थेरेपी ए गई कोई गेस्ट मैच थेरेपी है एक रेंज रूम तारे पे कमरे में जाकर पूरा गुस्सा निकाल के ए जो बाहर एक और फिर पेस लैब थेरेपी थप्पड़ लगा दो अपने को है ना आपके हिसाब से क्रोध को निगलना ठीक है या उसको निकालना ठीक है बहुत अच्छा प्रश्न है यही प्रश्न पूछा की भाई एक क्रोध के पीछे करण क्या है तो मैं कहता हूं अंग्रेज वन लेटर शॉट ऑफ डेंजर तो जैसे मैं यह बड़ा जय में एक लेक्चर दे रहा था तो सामने हाथ उठाया क्वेश्चन पूछना है वो कहता है मैं स्टेज पर आकर पूछूंगा कौन है भाई उसने कहा 12 मर्डर किया उसने मैंने कहा मैं तेरा ऊपर है बड़ा उसने आध्यात्मिक प्रश्न पूछ और सब लोग ने तालियां बजे फिर बाद में मैंने उसको पूछा भाई इतने मर्डर कर दिया तुमने सोचा नहीं क्या वो कहता है की ऐसा क्रोध का धुंधला मेरे आंखों के ऊपर छ जाता था विवेक शक्ति समाप्त हो जाति थी लेकिन उसने कहा यहां पर अभी जो जय के अंदर कम मिला है वह बुक्स को ब्रेल भाषा में अनुवाद करने का और अभी जो लेटेस्ट बुक अनुवाद कर रहा हूं वो भागवत गीता जी को और उसके बाद मुझे समझ में आया की यह सब क्यों हो रहा था क्योंकि मेरे अंदर ही अंदर छुपा हुआ है और फिर नाम जब स्टार्ट किया और वहां पर एक पूरा 16 राउंडर्स का एक हरे कृष्णा जब करने वालों का एक ग्रुप तैयार हो गया तो वास्तव में हमने यह देखा की जो रोग है वह शरीर रोग है शारीरिक रोग के लिए भारत में 70 हजार अस्पताल है लेकिन मानसिक रोग को दूर करने के लिए भारत में 20 लाख 20 लाख मंदिर है तो इसलिए मंदिर अर्थात मां के लिए अस्पताल तो वास्तव में क्रोध एक मां के अंदर छिपा हुआ रोग है और उसको इस प्रकार अप्रोच करना चाहिए जैसे हम रोग को अप्रोच करते हैं और उसको दूर करने के लिए यही तरीका [संगीत] है उसे लेवल का करेज और उसे लेवल की समस्याओं को सुलझाने की क्षमता बहुत कम लोग होती हैं इसके लिए क्या किया जाए लेकिन तेरी किस्मत में नहीं लिखा है लोग कहते हैं लोग कहते हैं सफलता की लकीरें इसके हाथ में है ही नहीं ये देखो किस्मत का धनी है तू कितना करके भी कुछ नहीं मिल रहा है जीवन में लक्खा रोल कितना है हार्ड क से क्या किस्मत को बदला जा सकता है क्योंकि रवि शंकर जी बोलते हैं की 100 चीज जिनके बड़े में हम सोच के परेशान रहते हैं उन्हें 90 होती नहीं है पांच जो होती है वो मैनेजर बोलती हैं तो हम अपनी इमेजिनेशन के करण ज्यादा सफर कर रहे हैं तो ओवर थिंकिंग से बाहर निकालने के लिए क्या पर्सपेक्टिव वाले आंसर के साथ स्टिक करें कोई भगवान की इतने सारे गुना को आप इतने अच्छे से समझते हैं अभी हनुमान जी का आप में समझाया पवन कृष्णा क्या भक्ति हैं उनसे कोई अगर तीन लीडरशिप क्वालिटी जो है साड़ी लीडर में हनी चाहिए कड़वाहट के करण कुछ अगर गलत बोल दे तो उसका असर खाली उतनी डर तक नहीं राहत फिर असर तो बहुत लंबा होता है आप द्रोपदी की कुछ शब्द थे जो महाभारत का करण बताए जाते हैं मंत्र के कुछ शब्द थे जिसके करण राम लीला एक करण बना बताया जा रहा आज भी पति पत्नी में दोस्तों में दो देश में रिश्ते बनते हैं बिगड़ने हैं वो कहते हैं की एक ही शब्द दवा और एक ही शब्द जो गाव को दूर भी करता है और एक ही दवा का कम भी करता है प्रश्न ऐसा होना चाहिए मेरा आपसे की मां की बात किसी का मां दुखाए बिना कैसे करें मतलब होता है ना ब्रूटली ऑनेस्ट बिना ब्रूटल हुए कैसे करें बने तो कृष्णा ने गीता में सुंदर सूत्र दिया है अनुवेग कर्म वाक्य ऐसा कुछ बोलिए जिससे दूसरों को उड़वेगी एन करें सत्यम सत्य हिट हो प्रिया जो की प्लेसिंग हो हितम जो दूसरों के हिट के लिए सनम चाहिए तो इस तरह कितना भी प्रयास करें वैसे ही जब क्रोध है अंदर वह निकलेगा और उसमें सबसे पहले बात व्यक्ति को जब लगता है की मैं कंट्रोलर हूं मैं नियंत्रक हूं और फिर उसके विपरीत कुछ होता है तब जाकर क्रोध का पर चढ़ता है जब व्यक्ति को पता है की नहीं मेरे ऊपर भी कोई ताकत है शक्ति है और मैं निमित्त हूं तो थे इंपॉर्टेंट थिंक इस तू लाइन एक्सपेक्टशंस तो एक बार आपकी अपेक्षाएं परिवर्तित हो गई आप समझ गए हां भाई ऐसा ही होने वाला है तो फिर आपकी प्रतिक्रिया कुछ अलग होगी लेकिन जब आपने बताया की ऊपर कोई और है और मैं जो है कंट्रोल कर नहीं का रहा हूं और कहानी आप शायद बता रहे थे की एक्सपेक्टेशन और फ्रस्ट्रेशन और इन्वर्सली प्रोपोर्शनेट और सॉरी डायरेक्टली प्रोपोर्शन मेरे एक्सपेक्टेशन भी बाढ़ रहा है तो फ्रस्ट्रेशन भी बाढ़ रहा है फिर मन डिस्टर्ब होता है कहते हैं की रन से पहले इंसान मां से हारता है जो मेरी युद्ध करने से पहले मां से हर जाएगा अगर वहां बाद में हारेगा कुरुक्षेत्र में अर्जुन के साथ भी ऐसा हुआ इससे पहले की दूसरे आपको बोले की तू नहीं कर पाएगा तुझे तुमसे ना हो खुद ही मां लेते हैं मैंने हरे मां को यह बड़ा इशू है इतना सा भी जिसे बोलते हैं ना बाद में स्टेबल नहीं र पता है कठिन समय आता है तो वो उसे लेवल का करेज और उसे लेवल की समस्याओं को सुलझाने की क्षमता बहुत कम लोगों में होती है इसके लिए क्या किया जाए कुरुक्षेत्र में यहां पे एग्जांपल ले लीजिए दूर योद्धा वो नाम का अर्थ क्या है वन हूं इसे ऑलवेज फाइटिंग पर डी रंग कोस्थेटा उसके मम्मी पापा ने ऐसा नाम रखा कैसे दूर देखिए शास्त्र में कई लोगों के नाम का पर्याय इस तरह होता है की वह व्यक्ति की जो भूमिका होती है कभी उसको लगता है पीने के कुछ बड़ा है तो वह जो हमेशा अपने अहंकार के बचाव के लिए कम करें तो कहा जाता है दुर्योधन दिल्ली में तो आपको पता है कितनी गर्मी होती है समर सीजन में ग्रीष्म रितु में अपने सर के ऊपर किसी को छतरी भी लेने करता था क्यों मेरे ऊपर कुछ नहीं हो सकता इंक्लूडिंग अंब्रेला उसका जो अहंकार के प्रति उसका भाव था तो इसलिए छोटी छोटी बटन को लेकर ऑपरेशन हो जाता था युधिष्ठिर ने पांच गांव मांगे थे बीच पर अन्य कैलकुलेशन वेयर इस रीजनेबल प्रशासन करें क्या प्रॉब्लम हो गया वह मां के अंदर विकार ए गया है सो मैं कहता हूं डी थ्री कैंसर ऑफ डी मन आर कंपेयरिंग कंप्लेनिंग और क्रिटिक तो अगर हम तुलना करते रहे कंपैरिजन जय तो दुर्योधन के कंपैरिजन बीच-बीच में आप ऐसा बोल के छोड़ देते हो इनका पूरा जीवन चला गया है की अगर मैं युधिष्ठिर को पांच गांव दूंगा तो वह इतना लोग प्रिया है इतना लोकप्रिय है की विश्व के सारे जान समुदाय गांव में आकर बस जाएंगे और वह उसे सा नहीं हो रहा था तो वास्तव में हमको लगता है महाभारत तो उसे समय कथा प्राचीन ग्रंथ है यह लेकिन आज एक लेवल के बाद हर व्यक्ति का जो इनकम लेवल बढ़ाने के बाद जाते हैं तो कई बार वह कुरुक्षेत्र आज एक कॉरपोरेट लेवल पर गवर्नमेंट के बीच में कई अलग-अलग सोशल स्टार पर चल रहा है क्योंकि यह कुरुक्षेत्र जो दुर्योधन और पांडवों के बीच हुआ तो उसने यह तो या मंद भाग्य तो मदन नियोजन ईश्वर प्रहलाद के प्रति उसका सबसे बड़ा ऑब्जेक्शन क्या था मैड अन्य जगदीश वर्मा मुझे छोड़कर और किसी को अब कैसे मां सकते हो इसलिए यह अहंकार है वह आसमान में खत्म नहीं होता जमीन पर खत्म नहीं समाप्त कर सकते घर के अंदर नहीं कर सकते अहंकार को दिन मैंने रात में नहीं अहंकार किसी अस्त्र शास्त्र से समाप्त नहीं होता है खत्म कर दिया पर हमारी लाइफ में ट्रस्ट है हमें समझ में नहीं ए रहा भगवान तो दोबारा मंदिर इतने सारे बने हैं और यह जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन गया रिलेशनशिप में ब्रेकअप में जब में जब नहीं मिल रही मिल गई तो भी अप्रैल में मोटे हो गए तो पतले हो गए तो क्या करें मतलब हर साथ में सिचुएशन में स्ट्रेस और स्ट्रेस ना वास्तव में बहुत बाढ़ गया है और मैं अभी दुबई में हमारे बहुत प्रिया मित्र विवेक ओबेरॉय हमारे भी रहते हैं तो मुझे नहीं बोल रहे थे इतना कम कर रहे हो सुबह निकलते हो डर रात को आते हो कर रहे हो फिटनेस पे कम मैं देख रहा हूं फुटबॉल तब तक मुझे पता नहीं तो कॉलेज और लेवल क्या है स्ट्रेस का इंडिकेटर है की लाइफ में कितना स्ट्रेस है मैं चेक किया फिर मेरा कंट्रोल में निकाल गया मेरे को लगता था और उसकी नीड एस्टेब्लिश हो गई है आप इसके लिए कोई ऐसा समाधान बताइए जो आज देखकर लोग आए एक आंसर मिल गया यही ढूंढ रहा था मैं एक्चुअली मैं भी जो भागवत गीता से इनिशियल जुड़ा कई पॉडकास्ट में मैंने वर्णन किया है की आईटीएम मेरा फ्रेंड एक सुसाइड अटेंप्ट किया तो उसको देखकर मैं हैरान हो गया की भाई अच्छा नंबर आते थे क्यों किया तो उसने बोला भाई गोल्ड मेडल मिला इसलिए मैंने ये किया बिकॉज़ आईटी वज इस एक्सपेक्टेशन और वो नहीं मिल पे एक एग्जाम में और इस एग्जाम में मेरे कर पांच मित्र जो थे वो तीन-तीन चार-चार सब्जेक्ट में फेल हो गए थे वो आराम से घूम रहे थे तो मैंने जब उनको पूछा यार आप लोग के बड़े रिलैक्स ग रहे हो फेल हो के बोले यार अपना फिलासफी सिंपल है कॉलेज में घुसाना अपना कम है निकालना कॉलेज का कम है प्रोविजनिंग सॉल्यूशन अगर आप अपने पर्सपेक्टिव को दृष्टिकोण को बदलने का सुधारने का प्रयास नहीं करोगे तो फिर आपको पल लेना पड़ेगा तो इसलिए सनातन धर्म क्या का रहा है की भाई गाड़ी है अब उसे ट्रैफिक जाम में टके हुए आपके सामने जो गाड़ी की स्क्रीन से आप देख रहे हो दूसरा आप ऊपर हेलीकॉप्टर से भी इस चीज को देख सकते हो तो वही स्थिति अलग दृष्टिकोण से आपको आशा देगा और इसलिए जन्माष्टमी हम लोग मानते हैं यह बताने की भाई वासुदेव जी का एक नाम है शौरी तपस्या शौरी भागवत प्रचोदयात् शौर्य प्रदर्शन करने वाले कौन सा शौर्य प्रदर्शन किया 6 पुत्रों की हत्या होने के बाद भी जो व्यक्ति आशाहीन हो जाए उसके बावजूद वो आशा वादी रहे अर्थात संपत्ति कानाश बढ़ाना स्नेहा माना गया सनातन धर्म में मां सम्मान करना संबंध का नस किसी प्रकार के अपने स्वास्थ्य का नस इन सभी राशियों को बहुत हल्का माना गया सबसे बड़ा नस कहा गया है सनातन धर्म के जितने भी ग्रंथ हो जितने भी तत्वों जितने भी लोग हो और जितने भी मंदिर बने हो यह पूर्ण रूप से केवल एक संपत्ति के ऊपर फॉक्स कर रहा है आशा को कैसे बढ़ाएं और इसलिए मैं कहता हूं प्रेयर प्रेयर इसे डी वैक्सीन अगेंस्ट डी वायरस सब खत्म हो जाए लेकिन अगर होप है तो बात बन शक्ति है सब कुछ है होप खत्म हो गया यह मोबाइल कंप्लीट इसलिए सॉरी शब्द का उसे किया गया संतानों का देहांत होने के बाद भी उनके अंदर वह होप थी आपको पता है की ट्रॉमा में हाईएस्ट इस लॉस ऑफ डॉटर और 6 को उनकी आंखों के सामने कम स्नेहा निर्मम रूप से हत्या की तो व्यक्ति सोचा गया अभी क्या र गया है क्या करना है उसको लेकर कृष्णा वहां पर प्रकट हुए इसलिए जन्माष्टमी के जो उत्सव भूमि में वासुदेव जी के चरित्र को लोग ध्यान नहीं देते इसलिए हम लोग का कर्तव्य होता है की उसके ऊपर थोड़ा हाईलाइट करना अब मैं हेल्पलेस हॉपलेस नहीं हो लेकिन ओवर थिंकिंग फिर भी कर रहा हूं सोच के परेशान रहते हैं उन्हें 90 होती नहीं है पांच जो होती है आखिरी की तो हम अपनी इमेजिनेशन के करण ज्यादा सफर कर रहे हैं रियलिटी में उतनी समस्या होती नहीं है इमेजिनेशन में समस्या होती है अब खाने को यह उत्तर आपने दिया अभी जो मैं पकड़ चुका हूं तो ओवर थिंकिंग से बाहर निकालने के लिए क्या प्रोस्पेक्टिव वाले आंसर के साथ स्टिक करें या कुछ और एड करना चाहते हैं आपको मैं की हिस्टोरिकल एग्जांपल देता हूं सुंदर कांड बहुत ही प्रसिद्ध हनुमान जी बजरंगबली सफलतापूर्वक जो चलांग लगे बाल के मूर्तिमान स्वरूप मानसिक रूप से उनसे सशक्त दूसरा कोई चरित्र में जो है शास्त्रों में वर्णन ही नहीं है कितने शक्तिशाली थे सीता की खोज में गए मिशन दिया गया था मिशन में हर व्यक्ति सफल होना चाहता है तो पुरी लंका को खोज रहे हैं यहां खोज रहे हैं वहां खोज रहे हैं देख रहे हैं रावण के आसपास जो महिलाएं हैं वह है क्या पूरा लंका का छान मार लिया और सीता देवी नहीं मिली तो रामायण के सुंदरकांड में लगभग 20 25 लोग हैं जहां हनुमान जी विचार कर रहे हैं की भाई मैं अपने सीता देवी को खोजना के मिशन में सफल हो गया बढ़िया अपेक्षाओं के साथ रामचंद्र जी ने मुझे भेजो पूरा समुदाय समाज मुझे अपेक्षा कर रहा है की मैं सफल हो के लौटूं और सफल होकर लोट के अगर मैं समाचार डन सीता देवी नहीं मिली तो सबसे पहले रामचंद्र प्राण छोड़ प्राण छोड़ेंगे तो लक्ष्मण तो छोड़ी देंगे भारत और शत्रुघ्न को समाचार मिलेगा वह छोड़ देंगे और फिर कौशल्या और बाकी जितने रनिया है वह अपना शरीर छोड़ देंगे अयोध्या वासी शरीर छोड़ देंगे देखते देखते सभी लोग शरीर छोड़ देंगे तो उसके पीछे करण मैं रहूंगा तो अच्छा है की महेश्वरी कम से कम आशा बनी रहेगी सीता मिली नहीं मिली पता नहीं हनुमान जी इस तरह विचार कर रहे थे लेकिन क्योंकि वह हनुमानजी है उन्होंने कहा नहीं हमें अपने विवेक शक्ति का प्रयोग करना है और उन्होंने कहा चलो भाई हम अपने बुद्धि का प्रयोग करेंगे भले अब तक हम सफल हुए लेकिन अंतिम क्षण तक पर्यटन करते रहेंगे जैसे कम से अपने हाथ में तलवार उठाई देवकी का कैसे अपने हाथ में लिया एलिवेटर पिच के लिए कम से कम 30 सेकंड लगता है उसे कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार करो यह कल का ऐसेट मुझे मिला है इसमें मैं कन्वेंस करने का ट्राई करता हूं कैम्स को और उसने ट्राई किया हनुमान जी मैंने कहा चलो भाई भले में सफल हो गया लेकिन आशा ही नहीं होगा फिर प्रयास किया अशोक वाटिका में पहुंचे सीता देवी का दर्शन हुआ तो यह जो भावना है की हम प्रयास करें प्रयास में सफल हो सफल होने के बाद जो प्रतिक्रिया हमारी होती है वह पूर्व जमाने में पूर्व के दोनों में और आज के दोनों में अंतर यह है की हमारे पास रोल मॉडल कम हो गए तो आज हेल्प प्लस के साथ हो प्लस के जब एग्जांपल ज्यादा दिखते हैं तो लोगों को लगता है की भाई हम भी क्या करें लेकिन जब हेल्पलेस के साथ अगर हो फूल व्यक्ति होगा आशावादी होगा और दूसरों को भी आशा देने का प्रयास करेगा और पहले किसी के समस्या होती थी वह सोशल मीडिया के मध्य से विश्व में ब्रॉडकास्ट नहीं होता था तो आज कहानी पर कुछ हो गया गड़बड़ अगले शिक्षक पूरे विश्व में इतने तीव्र गति से फेल जाता है की सबको लगता है उसकी सफलता और उसके समस्या मेरी समस्या है तो यह बहुत बड़ा विज्ञापन कभी असर है की भाई आज सुबह 9:00 बजे से रात के 9:00 बजे तक परिवर्तन परिवर्तन आता रहेगा लेकिन उसे परिवर्तन को जूझने के लिए मैं अपना दिन शुरू करूं की भाई प्रकृति कल और कर्म तो बदलते रहेगा लेकिन ईश्वर के साथ मेरा संबंध बदलेगा नहीं उनकी सेवा करने की समर्थ और शक्ति कम नहीं होगी इसलिए हम चाहे हिंदू हो जो भी हो हर धर्म में प्रातः कालीन प्रार्थना और हमारे दादाजी पर दादा माता-पिता हमेशा बोलते थे बेटा बेटी सुबह उठकर प्रार्थना करो लेकिन इसके पीछे करण नहीं बताते थे इसलिए लोगों को हल्का लगता था की यह क्या है यार यह तो रिचुअल है पर उसके पीछे बहुत एक इंपॉर्टेंट मैसेज यह है की भाई जो बेगन डी दे विथ स्ट्रांग इंटेंशन व्हेन इंटेंशन स्ट्रांग यू बिल हैव पावरफुल इंस्पिरेशन इंस्पिरेशन रहेगा यू बिल हैव ग्रेट इंटीग्रिटी इंटीग्रिटी रहेगी दें यू बिल हैव इंटेलिजेंट चॉइसेज तब जाकर यू बिल हैव इंटेंसिटी तू पुश थ्रू ऑब्सटेकल्स तो यह फॉर्मूला है यह बहुत इंपॉर्टेंट है बिना अपने सही प्रेरणा के हम लोग अपने जीवन में परिवर्तन ला सकते हो पवन कृष्णा क्या भक्ति हैं उनसे कोई अगर तीन लीडरशिप क्वालिटीज जो एक हर लीडर में हनी चाहिए वह अगर आप बता सके एग्जांपल के स्टडी जो सबसे लोकप्रिय है सुदामा जी का क्योंकि हॉवर्ड ने कैसे स्टडी मॉडल जो है फेमस किया ऐसा लोगों को लगता है लेकिन ओरिजिनल तो अपने शास्त्रों में यह कैसे स्टडी मॉडल जो है तो सुदामा जी जो थे उनके पत्नी ने कहा भाई कुछ लेकर आओ फंड्रेस का समय ए गया तो फंड्रेस करके लो करके भेजो तो द्वारका में आए तो किसी को लगेगा की वो आए तो कृष्णा पहचानेंगे नहीं पहचानेंगे तो सबसे पहले कृष्णा का जो गन मैं मानता हूं की वह नम्रता हमिलिटी अगर भागवत पुराण के दशम स्कंद का कर देखो डीबीटी का कृष्णा नीचे बैठे हैं सुदामा जी तो नम्रता कृष्णा की एक बहुत बड़ी लीडरशिप क्वालिटी है और तब जाकर उन्होंने पद प्रक्षालन किया बहुत अच्छे से उनका सत्कार किया और उसके बाद नेक्स्ट दे वो चले गए यार आप तो फंड्रेस करने आए फंड तो मिला नहीं प्रश्न कैसे हो गए तो यह बताएं दो बहुत महत्वपूर्ण गन कृष्णा के थे वह क्या था सम्मान रिस्पेक्ट और सेवा तो हमिलिटी रिस्पेक्ट और सर्विस एटीट्यूड तो जब किसी व्यक्ति को हम आपको की मैंने आपके लिए कर दिया तो उन्होंने सुदामा की रिस्पेक्ट उनकी सेल्फ रिस्पेक्ट मेंटेन करके करिए सुदामा के अंदर एक बहुत ही गुप्त रूप से अहंकार पैदा हो गया था की मैं सबसे निर्धन हूं कैसे मिलने बना के अब इसको सुनकर आप बोलोगे मैं भी कृष्णा के पास जाके बोलो मुझे भी सुदामा वह नहीं होगा तो भाले महाराज को भगवान ने नंबर बनाए उसका धन लेकर सुदामा को नंबर बनाएं धन देकर कृष्णा का झंडा से था हम ट्रीटमेंट सबको यही करना चाहते हैं अहंकार मुक्त बनाकर सेवा भाव पैदा करो बहुत लंबा होना चाहिए यह खत्म नहीं होना चाहिए अगर हमारे हाथ में कुछ है ही नहीं मैं करूं तो भी वही मिलन है जब डिसाइड हो चुका है नहीं करो तो भी वही मिलन जो डिसाइड हो चुका है भाई 30 तारीख को सैलरी उतनी ही आनी है कम करो तुम भी उतनी टैंकर नहीं करो तो भी उतनी टैंकर तो क्यों करें फिर देखिए वापस अपन के स्टडी की डिस्कस कर रहे हैं तो ये मैं तो कहता हूं की आपको जो है हॉवर्ड के स्टडी मॉडल जैसा लेकर रामायण महाभारत भागवत पुराण उससे ले लेकर कई जो मॉडर्न दे केसेस हैं उसमें इसको इंटीग्रेटेड करने का प्रयास जरूर करना चाहिए आपकी आजा का पालनपुर करेंगे तो दो केसेस है अर्जुन द्रोणाचार्य दोनों के साथ विपत्ति हुई क्या दोनों के पुत्र मारे गए अभिमन्यु की मृत्यु हो गई अर्जुन बॉश हो गए हताश हो गए द्रोणाचार्य को युधिष्ठिर ने कहा की भाई आपका पुत्र मारा गया है लेकिन द्रोणाचार्य ने भी सुना अपने संतान की मृत्यु का समाचार अर्जुन ने विश्व अपने संतान की मृत्यु का समाचार दोनों विवश हुए लेकिन दोनों में अंतर क्या था कृष्णा ने अर्जुन को हेल्पलेस के साथ हो प्लस नहीं होने दिया और कृष्णा अर्जुन को कहा आपको युद्ध करना है इमोशनली यू मे गेट अफेक्टेड बट यू कैन नोट फॉरगेट योर ड्यूटी तो इसलिए अर्जुन फिर तैयार हो गए और अगले दिन उन्होंने युद्ध किया संकल्प के साथ तो जब लोगों के जीवन में ऐसी स्थिति आई है की आशाहीनता ए जाए तो सबसे महत्वपूर्ण अपने वाराणसी में और उसके बाद कुछ मीना बाद उनको लगा की मैं आत्महत्या करूंगा क्योंकि मेरे कुछ फोड़े हो गए यह हो गए करके तो चैतन्य महाप्रभु ने जगन्नाथ पुरी में बैठकर उनको वापस बता की आपका मिशन क्या है अभी भूलो मत तो इसलिए कभी-कभी जीवन में कई मौसमी आई हैं जब लगता है यह सीट कल है बवंडर है आगे कुछ नहीं होगा लेकिन उसे समय खुद ही बैठकर विचार करते रहो सोचते रहो सोचते रहो वह आशाहीनता के बादल दूर नहीं होंगे उसे समय एक व्यक्ति जो हो सकता है सामाजिक दृष्टि से आर्थिक दृष्टि से आपकी बराबरी में भी नहीं होगा और आपको भी लगता होगा कभी की यह कोई इंपॉर्टेंट नहीं है यार जो भी हो लेकिन अगर उसने सही ज्ञान सही समय पर सही प्रेरणा से उचित सद्भावना के साथ आपको दिया वह जो असर करेगा वह चाहे आप व्यक्ति ऑनलाइन कितना भी बैठकर सुनते रहे उसका असर नहीं होगा तो आज सोशल मीडिया के जमाने में लोगों को यह समझना आवश्यक टेंडेंसी टुवर्ड्स आइसोलेशन क्यों क्योंकि गेजेट्स आपकी बात तुरंत मां लेते हैं जो बटन दबाया गेजेट्स वैसे रेस्पॉन्ड करते हैं आदमी या परिवार में किसी को डीबीए तो एक बटन डब तक कुछ और निकलता है तो आदमी को लगता है और इनके साथ क्यों समय बिताएंगे गैजेट के साथ ज्यादा अच्छा है कंप्यूटर बोले धीरे-धीरे व्यक्ति परेशान होता है तो उनको परेशानी में दूसरों के साथ समय बिताना चाहिए वो और अकेलेपन में चला जाता है तो यह बहुत बड़ी समस्या है प्रभु जी देखिए जो ऐसी चुंबक है जो नेगेटिव खींच के सामने वाले से निकाल कर के साइड कर देते हैं आपका और आसपास की साड़ी नेगेटिव इसको सबमिट के खत्म करके उसको बिल्कुल कम पॉजिटिव कर दो मैंने देखा आपका उत्तर देने का जो तरीका है वो मुझे बहुत प्रभावित किया जी तरह से आपने उन डेप्थ के साथ में स्पॉन्टेनियस लेकिन वेरी इंटेलिजेंट इतना प्रभावित किया यह ऐसा वीडियो है जिसको एक्चुअली दो या तीन बार देखना पड़ेगा क्योंकि गौरांग प्रभु की जो बातें हैं ऐसे ही जैसे वृंदावन की गलियां होती हैं ना सीधा कृष्णा से मिलती हैं ऐसी इनकी बात है जो सीधा भगवान से मिलेंगे आपको तो आज हमारे साथ जुड़ने के लिए हमारे इस बड़ा भारत शो में आकर के इसकी मंच की आ महिमा को थोड़ा और बढ़ाने की देसी शोभा को बढ़ाने के लिए आपका हृदय की गहराई से प्रेम पूरा बहुत धन्यवाद आपसे बोल रहा हूं लाइफ में करियर में रिलेशनशिप में क्लेरिटी अगर ढूंढ रहे हो तो ये वीडियो कम का है और अगर थोड़ी-थोड़ी क्लेरिटी ए रही है तो वीडियो दोबारा देखो पुरी ए जाएगी बस इतना ही का सकता हूं बहुत हृदय प्रश्न हो आज हमारे साथ जुड़े रहने के लिए आप सब का हृदय के गहराई सुप्रीम पूरा बहुत धन्यवाद अगले हफ्ते आप किस मिलन चाहेंगे मुझे कमेंट बॉक्स में बताइए आपकी कौन सी है वो बताइए कितनी साड़ी समस्याओं हेल्पलेस हो जाए हॉपलेस नहीं होना ये मेरी लर्निंग है आपकी मैं देखने ए रहा हूं प्रभु जी आपका विशेष धन्यवाद [संगीत]

Comments

Popular posts from this blog

Let’s Celebrate Victory Of Good Over Evil Is Bar Holi Khushhali Wali Dr Vivek Bindra

20th Episode How To Overcome Sex Addiction Gita In Action Dr Vivek Bindra

Multiply Your Business With Leadership Funnel Dr.Vivek Bindra