Guru Nanak Dev Ji की ये 3 बातें हैं सिख धर्म का आधार Gurupurab Case Study Dr Vivek Bindra

[संगीत] नमस्कार डॉक्ट विवेक बंदरा बोल रहा हूं फाउंडर एंड सीओ बड़ बिजनेस कॉ हमेशा बड़े जोश के साथ आता हूं बड़ी एनर्जी से स्वागत करता हूं एकदम चाड प्रतम लेकिन आज मन थोड़ा शांत है आज मन में पीस है थोड़ा कानेस है जैसे ना किनारा मिलने पर जो लहरें होती है वो एकदम शांत हो जाती है लहरें आती है शांत हो जाती है आज मैं भी से शांत हो गए हूं इसलिए बड़े आदर से बड़े सम्मान से बड़ी नम्रता से हाथ जोड़ के विनम्रता से आपका स्वागत करता हूं ये जो मेरी 8:00 बजे की क्लास होती है ना हर संडे सुबरे 8:00 बजे सुबरे ठ का मतलब एक नया पाठ एक नई केस स्टडी एवरी संडे मॉर्निंग 8 एम और आज का जो हमारा टॉपिक है वो टॉपिक नहीं है वो एक थेरेपी है ये थेरा प्यूट है इस थेरेपी से पहले मैं कल जो एक विशेष दिन है उसके लिए आपसे सवाल पूछ रहा हूं अगर आपका जन्मदिन होता है तो तैयारी करते हो पार्टी कहां करनी किसको इनवाइट करना है कहां घूमने जाएंगे अपना वार्डरोब अपने कपड़े गिफ्ट क्या मिलेंगे अपने को खुश रखने के लिए उसको सेलिब्रेट करने के लिए मेहनत करते हो कल जिनका आवर भाव दिवस है आविर्भाव ऐसे लोग का जन्म नहीं होता इन लोगों का ये जन्म और मरण से परे हैं श्री गुरु नानक देव जी जिनका पूरी दुनिया में इनका आविर्भाव दिवस यानी कि साधारण भाषा में जन्म दिवस सेलिब्रेट किया जाता है और पता है क्यों कैसे करते हैं इसको दूसरों की मदद करके करते हैं भूखों को खाना खिलाकर गरीब को कपड़ा दे करर के इनका जन्मदिन पूरी दुनिया के लिए गिफ्ट है आज इनकी बात कर रहा हूं इन्होंने संसार को अंधकार से बचाया है सत्य का मार्ग दिखाया है धर्म की इज्जत करना सिखाया है सेवा ही सारे सब कुछ समझाया है सभी को एक ओंकार का मतलब बताया है हर संडे सुबह 8 बजे आता हूं आज इतनी लर्निंग श्री गुरु नानक देव जी के श्री गुरु जी के आप जी के चरित्र से आपको देने वाला हूं और मेरा हमेशा यही मकसद रहता है चाहे मैं नॉर्थ कोरिया इजराइल फ हरियाणा कम्युनिटी सैम मानिक शॉ सैम बहादुर चार्ल शोभराज विराट कोहली कुछ ना कुछ नई लर्निंग्स देने की कोशिश करता हूं चार्ल शोभराज का नेगेटिव कर था पर उसको चाइना के साथ कंपेयर करके मैंने दिखाया आगे मैं पृथ्वीराज चौहान देश का चरित्र बनाना है सिंधी कम्युनिटी से क्या सीख सकते हो महाराजा अग्रसेन ने अग्र समाज के लिए अग्रवाल बनिया जितने उ लोग के लिए क्या किया उन्होंने तायल बिंदल सब उनके 18 संताने थी जीसस क्राइस्ट पर बात करूंगा उनकी 10 कमांडमेंट आ कर के बताऊंगा 25 दिसंबर को न्यू ईयर रेजोल्यूशन पर बात करूंगा नारायण मूर्ति ने इंफोसिस कैसे बनाई सिख कम्युनिटी क्या करती है 26 जनवरी को कांस्टिट्यूशन के बारे में बात करूंगा उससे क्या सीखने को मिलता है तो श्री गुरु नानक देव जी आप जी पाकिस्तान के शेखपुरा जिले में गांव था एक जिसका नाम था राय भोई दी तलवंडी जहां पर उनका जन्म हुआ था चेहरे पर सूरज जैसा तेज आंखों में चंद्रमा जैसी शीतलता स्मरण करते ऐसा लगता है जैसे पवित्र हो रहा हूं ऐसा अट्रैक्शन ऐसा आकर्षण के देखने से मन ना भरे उनका चित्र देखते हो ना बात कर रहा हूं सिखों के पहले गुरु हाथ जोड़ के सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी की बहुत सीखने को मिलेगा हां कल गुरु पूव है यानी कि गुरु नानक जयंती आप जी का 554 वां जन्मदिवस सिखों के लिए बड़ा इंपॉर्टेंट त्यौहार है गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ 48 घंटे चलता है प्रभात फेरिया होती हैं लोग कीर्तन करते हैं लंगर रोज वाटर का डिस्ट्रीब्यूशन होता है लोग घर को सजाते हैं सुंदर बनाते हैं श्री गुरु नानक देव जी बचपन से ही बहुत सारी देवी शक्तियां इन में दिखने लग गई थी लोग इनसे बहुत प्रभावित हो गए थे क्योंकि जो मेडिटेशन 4 साल की उम्र में शुरू कर दिया जब बच्चे एक दिन में एक अक्षर सीखते हैं ये एक दिन में सारी किताब सीख जाते थे सारी धार्मिक किताबें उन्होंने 6 साल की उम्र तकक पढ़ ली थी 7 साल की उम्र में कई भाषाएं संस्कृत पर्सियन हिंदी बहुत सी भाषाएं सीखी और एक ओंकार का उन्होंने 8 साल की उम्र में संदेश दिया गुरु जी की ऐसी महिमा थी एक बार इन्होंने बंजर जमीन पे इनको प्यास लगी थी वहां उन्होंने मुट्ठी जोर से मार के वहां से पानी निकाल दिया और पानी निकालने के बाद जब कोई सामने वाले लोग इनसे द्वेष करते तो उन्होंने इनको पत्थर की चट्टान जोर से फेंक के मारी उन्होंने पंजे से उसको रोक दी आज भी उस चट्टान पे पंजा का निशान है इसलिए वह पंजा साहिब गुरुद्वारा है आप जी की लीलाएं या आप जी की कहानियां इसमें चमत्कार इतने अलौकिक और इतने अद्भुत है कि पत्थर में भी जान डाल दे एक बार इनकी जो भैंसे चरा रही थी ना भैसे जब चर रही थी जाकर के तो किसी के खेत का सारा का सारा वहां पे जो फसल लगी हुई थी वो खराब हो गई जब उनकी शिकायत करी गई तो उन्होंने पूछा देखो और जब देखा तो वो सारी फसलें फिर से हरी भरी हो गई थी लहलहा गई थी ये ऐसी कोई दिव्य आत्मा या भगवान का दूत ये इनके बारे में ना इन इतना शांत रूप इनका इसलिए गुरु नानक देव जी के सम्मान में आज हम एनिमेशन का डेलिबरेशन यूज नहीं कर रहे हैं क्योंकि पिछली दफा जब मैंने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज उनका वीडियो बनाया था तो उनके उनको एनिमेट किया था मुझे बाद में पता चला कि इससे सिख धर्म में हमारे हम किसी के सेंटीमेंट को हर्ट कर सकते तो मैं ऐसा कभी नहीं करना चाहूंगा इसलिए आज का एनिमेशन आपको अलग दिखेगा श्री गुरु नानक देव जी के सम्मान में हम उनके चित्र को स्टेबल रखेंगे आज एनीमेशन भले ना हो उनको एनिमेट नहीं करेंगे लेकिन लर्निंग ऐसी होंगी कि लाइफ में टर्निंग पॉइंट पॉइंट आ जाएगा एक बार ना रविंद्रनाथ टैगोर से किसी ने पूछा इंडिया का नेशनल एंथम आपने लिखा है क्या पूरी दुनिया के लिए इंटरनेशनल एंथम लिख सकते हो तो टैगोर बोले कि वो तो श्री गुरु नानक देव जी गुरु जी गुरु ग्रंथ साहिब में ऑलरेडी दे चुके हैं क्या है वो मैं उसके लिए थोड़ा परमिशन लूंगा क्योंकि ये बहुत आज हमारे लिए इतना रिस्पेक्टफुल है तो उसको बोलने से पहले एक ओंकार सतनाम कर्ता पूरक निर्भग निर्वैर अकाल मूरत अजूनी सैवम गुर प्रसाद जप आद सच जगादेवी सच ये इसके लिए श्री गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ने बोला ये इंटरनेशनल एंथम है क्या अर्थ हुआ इसका एक ओंकार मतलब ईश्वर एक है सतनाम सच्चा नाम है कर्ता पूरक सबको करता सबको बनाने वाला है निर्भग जिसको कोई भय ना हो निर्वैर जिसका कोई वैरी ना हो दुश्मन ना हो अकाल मूरत यानी कि ना केवल उनका आकार है वो निराकार भी है अजूनी से भम अजूनी जो किसी भी जून से यानी कि किसी भी जन्म और मरण से परे हैं गुर प्रसाद जिनसे गुरु की कृपा मिलती हो जप यानी कि भगवान का नाम जपना आद सच आद आदि काल से चलने वाला सच आदि काल आद सच यूनिवर्सल ट्रुथ जुगा सच जुगा सच मतलब थ्रू द एजेस इतना बड़ा सच है भी सच अभी भी सच है नानक हो भी सच नानक भी कहते हैं ये हमेशा सच है तो ये था इंटरनेशनल एंथम देखिए मैं कहूंगा कि हर पंछी की एक उड़ान की अपनी सीमा होती है वैसे ही मेरी भी एक उड़ान की अपनी सीमा है गुरु नानक देव जी का गुणगान करना मेरे बस की बात तो नहीं है लेकिन क्यों कर रहा हूं अपने शुद्धिकरण के लिए गुरु की वाणी जैसे गंगा की पवित्र धारा होती है ना गंगा जिस घाट से जाती है वो घाट पवित्र हो जाता है तो आज अगर मैं उनका गुणगान कर रहा हूं तो मैं पवित्र हो रहा हूं इस वीडियो में बहुत सी लर्निंग्स है आज मेरे लिए वीडियो एक पीस ऑफ कंटेंट नहीं है मैं इसका असर इसका इंपैक्ट अपने जीवन में फील किया है जब जाता हूं ना हरिमंदिर साहिब जब जाता हूं गोल्डन टेंपल वहां के लोग वो गोल्डन टेंपल नहीं है लोगों का हार्ट भी गोल्डन है आज का मेरा एजेंडा लाइक शेयर सब्सक्राइब नहीं है आज का मेरा एजेंडा है वो फील कराना जो मैंने एक्सपीरियंस किया है इस वीडियो से आपको शिक्षाएं भरपूर मिलेंगे अगर उनका चरित्र समझा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक नाने देश जी की टीचिंग पहुंचे और पॉजिटिविटी लोग महसूस कर पाएं दुनिया में ना सिखा आज हर जगह प पहुंच चुका है लेकिन सिख होने का मतलब आप जी ने बताया हमें सिख एस आई के एच एस मतलब सेल्फलेस सेवा सिखाया इन्होंने आई मतलब इंटीग्रिटी से के मतलब काइंड बड़े प्रेम भाव से और एच मतलब ऑनेस्टी हमेशा ईमानदारी हां जब जब प पीड़ा जब जब पड़ी पीड़ा है सिख ने उठाया बीड़ा है सब समान सबका सम्मान यही तो है सिख धर्म सिख धर्म ये कोई यहां पे कोई शुभ अशुभ दिन नहीं मानते ये कोई अच्छी संख्या बुरी संख्या नहीं मानते सब सप्ताह के सारे दिन एक जैसे मानते हैं या कोई फास्टिंग या किसी पशु की हत्या करना एनिमल सैक्रिफाइस कोई सेल्फ टॉर्चर करना ना भूख मरे ना जान मरे इक्वल स्टेटस फॉर वमन आज गुरु नानक देव जी से इतना सीखने को मिला मुझे कि मैं जब इसके बारे में इनके बारे में पढ़ रहा था रिसेंटली मुझे किसी ने बताया एक बार एक एनआरआई मां बेटे को पहली बार भारत भेज रही थी यूएस से भारत भेज रही थी बेटा परेशान हो रहा था इंडिया आ रहा है पहली बार अंग्रेज वहीं पैदा हुआ और भारत पहली बार आ रहा है बेटा परेशान हो रहा था यहां क्या करूं तो मां ने बोला बेटा जब भी कहीं फस जाए ना किसी पगड़ी वाले सिख से मदद मांग लेना मदद कर देगा ये है सिखों का आज कैरेक्टर यह सिख धर्म का कैरेक्टर किसने बनाया है संस्थापक फाउंडर आचार्य श्री गुरु नानक देव जी ने कल आपका आप जी का कल जन्मदिन है आप आप जी ने सिख धर्म के तीन पिलर दिए हैं वंड चकना कीरत करना और नाम जपना आज इसी प बताऊंगा क्या मतलब है ये शिक्षा का चैनल है ये चैनल ऐसा है जहां शिक्षाएं मिलेंगे वंड चखना क्या होता है कम्युनिटी को लोगों को सपोर्ट करना सबको मदद का हाथ दो सबको साथ दो इसीलिए सिखों को देखो कितनी सेवा की भावना रहती है इनमें वंड चखना अंदर डाल दिया है वंड चकना कम्युनिटी की सेवा करो सेवा करो सपोर्ट ये हाथ से सेवा करते हैं खाली जेब से नहीं करते देखो जेब से सेवा करना अच्छी बात है धन की सेवा सबसे नीचे की मानी जाती है तन की सेवा उसके ऊपर की और मन की सेवा सबसे ऊपर की तो ये तन और मन तो देते ही है धन तो खैर कोई भी दे देता है धन देना तो आसान काम है तन और मन देना बहुत मुश्किल है दूसरी बात कीरत करना ट्रुथ फुल ऑनेस्टी सच्चाई और ईमानदारी ये सिखाया है इन्होंने इसलिए कहा जाता है कि सिख कभी भी चोरी चकारी करता हुआ नहीं दिखेगा आपको कभी किसी सिख को देखना कभी चोरी के इल्जाम में नहीं पकड़ा जाएगा व नहीं करते बड़े ईमानदार रहते हैं नाम जपना तीसरी बात भगवान के दिव्य नामों को जपना याद रखना ऊपर वाले की सिखाई बातें उनकी शिक्षाएं उनके मंत्र उनके नाम को जप करना उसको हमेशा ऊपर रखना हां फिर देखना अगर आपने उनके नाम को ऊपर रखा तो वो आपको कभी नीचे नहीं आने देंगे इसलिए कहते हैं ना अगर आप उसके नाम में तो वो आपके काम में हां एक बार और अगर आप उसके नाम में तो वो आपके काम में अगर आप भी अपने काम में तो फिर वो भी अपने धाम में सो यह नाम जपना कहते हैं कि अगर अगर यह तीन कमांडमेंट ठीक से समझ गए और इनको समझ के उतार लिया जीवन में मैं आपको वचन देता हूं आज गुरुदेव के आशीर्वाद से ये वचन दे सकता हूं आज उनकी एंपावरमेंट से य वचन दे सकता हूं कि आपको सफल बनाने से कोई नहीं रोक सकता संसार जीवन में भी सफलता मिल जाएगी आध्यात्मिक जीवन में तो मिलेगी मिलेगी अपने लाइफ के पर्पस को कमांड कर लोगे अगर ये तीन कमांडमेंट पकड़ लोगे आप जी का पूरा जीवन इन तीन पिलर का रिफ्लेक्शन है चित्र देखते हो उनका आज उनके दर्शन जरूर कर लेना तीन पिलर मैं आपको बताऊंगा छह कहानियों के अंदर छह लीलाओं में पहला वंड चखना ये लंगर का कल्चर कहां से आया वंड चखना से समझ में आएगा आपको किधर से आया लंगर का कल्चर सुनते लंगर लगाते लंगर लगाते लंगर लगाते हैं राथन टाटा कहते हैं बिजनेस में अपने मुनाफे से पहले लोगों का फायदा देखो आप जी जब 12 साल के थे तो एक दिन उनके पिता ने उनको बुलाया नानक प्यार से बोलते थे कि उन्होंने कहा कि मैं तुम्हें 20 देना चाहता हूं 12 साल के हो गए हो अच्छा ना उनको फार्मिंग पसंद ना संसार काम पसंद शुरू से ही बच्चों को इकट्ठा बिठाते थे बीच में बैठ जाते थे और भगवान की लीलाओं के बारे में आध्यात्मिक चीजों के बारे में चर्चा किया करते थे उनको बचपन से ही लोगों को पता लग गया था ये कोई साधारण ये अलौकिक आत्मा है अच्छा पिताजी ने र दिया और कहा जाओ कुछ सामान खरीदो और दूसरे गांव में बेच के आओ ताकि हमें मुनाफा हो जाए प्रॉफिट हो जाए श्री गुरु नानक देव जी भाई मर्दाना के साथ 10 मील चले और एक गांव में पहुंचे 20 लेके वहां लोग भूखे प्यासे और बीमार थे उन्होंने सोचा कि मुझे सौदा करना और जरूरतमंदों को खाना खिलाने और उनकी मदद करने से ज्यादा प्रॉफिट वाला सौदा सबसे बड़ा प्रॉफिट इसी में है कि जरूरतमंद की मदद हो जाए हा यह र को र करने में तो छोटा सा प्रॉफिट है लेकिन इस र को मैंने इनको लगा के दे दिया इनकी सेवा कर दी यह प्रॉफिट जन्मो जन्म तक चलेगा उन्होंने सारे पैसे लोगों पर खर्च कर दिए सारा पैसा खर्च करके जब खाली हाथ घर आए पिताजी से डांट तो पड़ी गुस्सा हुआ ये कैसा सौदा करके आए हो तो आप जी ने कहा यह सच्चा सौदा है और आज वहीं पर ही आप सच्चा सौदा गुरुद्वारा पाकिस्ता तान के फरकाबाद में बना बाद में वो कहते हैं कि नथिंग कैन बी मोर प्रॉफिटेबल देन हेल्पिंग अ नीडी यहां से सिखों का यह संस्कार आए थे सिखों में आगे चलके जहां सच्चा सौदा हुआ था वहीं प ही सच्चा सौदा साहिब गुरुद्वारा बन गया था लाइफ में कभी ऐसी सिच सिचुएशन आ जाए ना जहां एक तरफ आपको जेब भरने की ऑप्शन हो और दूसरी तरफ सामने वाले का पेट भरने की ऑप्शन हो तो बिना स्वार्थ के दे देना अपने हक का हिस्सा यह बताता है आप जी का हमारा ये सुंदर सा किस्सा हा गु जो गुरु साहिब ने अपने 0 सेवा में लगाए उसको बोलते लंगर और यहीं से लंगर शुरू हुआ जहां कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं किसी भी धर्म का कोई आ जाए ऊंची जाति नीची जाति अमीर है गरीब है सारे इकट्ठे बैठेंगे सारे इकट्ठे बैठेंगे प्राइम मिनिस्टर हो या एमएलए हो वो सब बराबर साथ में बैठते हैं और कब 24 घंटे कितने दिन सातो दिन मैं तो बड़ा इंस्पायर्ड हुआ जब मुझे पीछे मेरे दोस्त ने बताया अमेरिका के अंदर एक आदमी प ना ब्रेड चुराने का इल्जाम लगाओ और जब ब्रेड चलाने का इल्जाम लगा उसको बेचारे को कोर्ट ले जाया गया अब ब्रेड की चोरी प कोर्ट ले जाना पड़ा अमेरिका जैसे देश में और जो जज थी ना वो एक इंग्लिश लेडी थी हां अमेरिकन थी इंग्लिश नहीं बोलूंगा इंग्लिश मतलब ब्रिटिशर अमेरिकन लेडी थी उसने क्या कहा उसने अपने जजमेंट देते वक्त वहां सबके सामने अपनी बेंच से बोला कि अगली बार ज भूख लगे और तुम्हारे पास पैसे ना हो ना तो चोरी मत करना गुरुद्वारा ढूंढ लेना वहां पे हर किसी को फ्री में खाना मिलता है चाहे वो किसी भी रंग का क्यों ना हो ये देखिए आज अंग्रेज भी जानते हैं कि अगर भूख लगे तो गुरुद्वारे चले जाना ये जज बोल रही थी नॉर्मली जजेस ऐसे नहीं बोलते चाहे सीएम हो पीएम हो एक्टर हो क्रिकेटर हो सब सेवा करते हैं इसीलिए मैं बोलता हूं गोल्डन टेंपल लार्जेस्ट फ्री किचन इन द वर्ल्ड है इसलिए मैं बोलता हूं स्वर्ण मंदिर गोल्डन टेंपल नॉट जस्ट स्वर्ण मंदिर बट सिख कम्युनिटी भी खुद अंदर से हार्ट ऑफ गोल्ड है उनका खाली गोल्डन टेंपल नहीं है मदद करने वालों का कोई धंधा कभी मंदा नहीं होता है आपको एक साधारण से एग्जांपल से समझाता हूं एग्जांपल है हमारे अपने खान सर का जिनको 107 करोड़ का पैकेज मिला था यह है चखना कि उन्होंने 107 करोड़ के पैकेज को लात मारी और क्या किया बच्चों को 00 में पढ़ाना शुरू कर दिया जिसके पास सामर्थ्य है पर सुविधा नहीं है उनको 00 में पढ़ाया और आज खान सर को खान सर किसने बनाया उसी सच्चा सौदा ने बनाया वही सौदा जो अपने आप अपने लिए नहीं किया उन्होंने पूरी कम्युनिटी के लिए किया उन्होंने आज रिक्शे वाले हलवाई पान वाले सबके बच्चे उनको क्वालिटी एजुकेशन मिल रही है इस विकल्प को चुन के उन्होंने सच्चा सौदा किया इसको बोलते हैं वंड चखना आज खान सर का चैनल पूरी दुनिया में नंबर वन इसीलिए एजुकेशन के मामले में ये गुरु नानक देव जी ने एक आइडियल ब्लूप्रिंट दिया है किस जीवन में इसको बिजनेस में भी कैसे उतारना है बिजनेस में प्रॉफिट कीमती है लेकिन लोगों का भला हो तो ये बेशकीमती है सो जो बिलिनियर ब्लूप्रिंट प्रोग्राम है वहां भी हम सिखाते हैं कि प्रॉफिट से पहले पर्पस आता है इनकन्वीनियंस को कैप्चर किया जाता है तब अर्निंग की कोई लिमिट नहीं रहेगी प्रॉफिट से पहले परपज ये है सच्चा सौदा जब पर्पस आपका ठीक रहेगा अगर सीखने की आदत बन जाए ना सक्सेस आपकी डेस्टिनी बन जाएगी ऐसे ही हर पावरफुल लर्निंग हर संडे सुबह 8:00 बजे दूंगा अभी वंड चखना ये आपकी बिजनेस की प्रायोरिटी होनी चाहिए चाहिए कस्टमर सेंट्रिसिटी ये बिजनेस की प्रायोरिटी यही वन चखना है हां अगर आपको बिजनेस में इसको इंप्लीमेंट करना है कस्टमर का सेटिस्फैक्ट्रिली कहानी आती है तेरा ही तेरा जितना दोगे उससे ज्यादा पाओगे तेरा ही तेरा सुना है ना आपने ये बात ये लीला थी आप जी की सुल्तानपुर के नवाब दौलत खान लोदी के पास य इनको नौकरी पर इनके पिता ने लगवा दिया था और नौकरी क्या थी नौकरी थी कि गोदाम से अनाज लाकर के ग्राहकों को बेचना उसका हिसाब किताब रखना लेकिन जब भी कोई कस्टमर आता था तो आप जी उसको गेहूं देना शुरू करते थे 1 किलो देना होता था दो किलो 3 किलो 4 किलो ज्यादा देते थे कहते थे तेरा ही तेरा तेरा ही तेरा अच्छा वो कस्टमर जब खुद रोक दे एक की जगह चार किलो आ गया पीछे कर ले तो ये हाथ रोक देते थे तब तक ये ज्यादा से ज्यादा लेते रहते थे आजूबाजू वर्कर देखते अरे लुटा देंगे ये तो सब नुकसान कर देंगे और उनको लगा तो गोदाम खाली कर देंगे तो उन्होंने जाकर के वर्करों ने दौलत खान जी को शिकायत कर दी नवाब दौलत खान को जब शिकायत कर गुस्से में आए बोले मैं खुद चेक करता हूं चेक करने गोदाम में आए और नवाब देख के सरप्राइज रह गए कि अकाउंट्स बिल्कुल ठीक थे और गोदाम में हिसाब से ज्यादा गेहूं था आश्चर्य चकत आप जी ने जितना भी गेहूं बांटा गुदामैथुन अपने काम में या व्यापार में कस्टमर फर्स्ट तेरा ही तेरा अप्रोच के साथ काम करोगे सेल्फलेसनेस के साथ काम करोगे हां जब खुशियों का तराजू लेकर बैठो तो बिना नॉप तोल के सामने वाले को एक्स्ट्रा वैल्यू क्रिएट करके दो आप जी का यही कहना था तेरा ही तेरा दूसरी फिलॉसफी कीरत करना कीरत करना का अर्थ क्या होता है वण चकना के बाद सिख कम्युनिटी के लिए बड़ा इंपॉर्टेंट है इंटीग्रिटी ऑनेस्टी कीरत करना मतलब ऑनेस्टी इंटीग्रिटी ईमानदारी पहले ईमानदारी बाद में दुकानदारी ईमान है तो इंसान है नहीं तो बस केवल मुर्दे में जान है इस इ इटी नहीं ही तो बिलखा सिंह को सिखाया कि टूटे पांव से चैंपियन कैसे बना जा सकता है इसी ने 23 साल के भगत सिंह को उसी इंटीग्रिटी के कारण सिखाया कि देश के लिए जान देने से बड़ी कोई सेवा नहीं हो सकती इंटीग्रिटी ऑनेस्टी के लिए सिख किसी की जान ले सकता है कि अपनी जान किसी के लिए दे सकता है आप जी ने ये दूसरा कमांडमेंट बताया जो सच्चाई ईमानदारी से जीने के लिए समझाता है हमारे को एक आपको ना उनकी एक लीला सुनाता हूं अद्भुत लीला मैं बड़ा इंस्पायर्ड हुआ समझ के मुझे बहुत शिक्षा मिली उससे एक व्यक्ति था उसका नाम था सज्जन सिंह वो इलाके में उसको लोग अच्छा आदमी मानते रहे सज्जन सिंह उसने धर्मशाला बनाई सफेद रंग के वस्त्र पहनता था थोड़ा संत जैसा दिखता था लेकिन उसकी बुरी आदत थी कोई अगर अपना सामान भूल जाए तो उसे अपना समझ के रख लेता था सज्जन सिंह एक्चुअली वो सज्जन था नहीं उसका नाम सज्जन सिंह था समय के साथ उसकी आदत और खराब होने लगी आंगन में उसने क्या किया इंटेलिजेंट स्ट्रेटजिकली एक साइड मंदिर बना दिया एक साइड मस्जिद बना दिया हिंदू आए तो मंदिर दिखा के धर्मशाला में रुकवा मुसलमान आए तो मस्जिद दिखाकर धर्मशाला में रुखवा दे हा वहां लोगों को रेस्ट के लिए बुलाते और उसकी ना दुष्टता इतनी बड़ी कि यात्री का जो कीमती सामान होता था गायब कर लेते थे और अगर किसी यात्री को पता लग जाए विरोध करे तो उसकी हत्या कर देते थे शब को सीक्रेट वहीं परही उनकी डेड बॉडी को दफना देते थे और अगर आसपास लोगों को दफनाना मुश्किल तो कुए में डेड बॉडी डाल कुआ भी खराब हो गया इतनी सारी डेड बॉडी फेंक द कुए के अंदर इतनी डेड बॉडी फेंक दी कि कुए के अंदर कुआ जहरीला हो गया कंटेम हो गया लोग पानी पीते बीमार पड़ने लगते क्योंकि तब तो कुए से ही पानी पिया जाता था तो समय के साथ सज्जन ठग बोलने लगे लोग उसको और उसके कुछ दिनों के बाद आप जी श्री गुरु नानक देव जी भाई मर्दाना के साथ वहां आए और रेस्ट करने के लिए उसी धर्मशाला में रुकने का फैसला किया तो पेड़ के नीचे बैठ कर के आराम से मेडिटेशन करने लगे और जब मेडिटेशन करे तो सज्जन ने देखा कि गुरु नानक जी पेड़ के नीचे आंखें बंद करके मेडिटेटर रहे हैं उनका सामान चुराने के लिए उनके कमरे में चला गया जैसे ही सज्जन ठग ने उनका सामान चोरी किया अचानक उसको जोर से दर्द हुआ और ऐसा लगा किसी ने उनको जोर से चाटा मारा उसने फिर उठाने की कोशिश करी फिर चाटा पड़ा फिर उठाने की कोशिश करी 20 2 चाटे लगातार पड़ गए इतने तमाचे पड़े शीशे में देखा तो हथेली छपी हुई दिखाई पड़ी पूरी सारी उंगलियां छपी हुई दिखाई पड़ी और तब गुरु नानक साहब ने वहीं साहिब ने एक एक शब्द गाया जिसका मतलब था कि कोई ईश्वर को धोखा नहीं दे सकता शब्द जैसे ही सज्जन ने सुना उसको सच्चाई दिखने लग गई उसको रिलाइज हुआ वो इविल बन चुका था ये जो पवित्र आत्माएं जो बोलती है ना व अंदर हृदय में जाकर छूता है वो गुरुदेव के पास गया उसने हाथ जोड़ के ईमानदारी से पश्चाताप किया फ्यूचर में सात्विक होने के लिए उसने प्रॉमिस भी किया और शाम को जितने गलत काम उसने अब तक किए थे उससे जितनी संपत्ति थी उसे गरीबों में दान करी एक मोरल लाइफ जीने लगा और उसके बाद में श्री गुरु नानक देव ने उस कुएं से पानी पिया और पानी ठीक हो गया सज्जन ने सिख धर्म अपना लिया सरदार बनके पूरा जीवन जरूरतमंदों के सेवा में लगा है नानक की वाणी में कुछ ऐसा खो गया पहले नाम का सज्जन था बाद में असली में सज्जन हो गया ये कीरत करना है श्री अटल बिहारी वाजपेई जी उनका उदाहरण भी मैं सोचता हूं बड़े ईमानदार नेता थे पॉलिटिक्स में भी नी ईमानदारी थी उनकी विरोधी भी उनको शांति से सुनते थे 1996 का 31 मई का जो उनका संसद का भाषण था ना सरकार आएंगी जाएंगी मगर यह देश लोकतंत्र रहना चाहिए सत्ता का खेल तो चलेगा सरकारें आएंगी जाएंगी पार्टियां बनेगी बिगड़ेगी मगर ये देश रहना चाहिए इस देश का लोत रहना चाहिए ये उनकी नेटी और टूथ फुलनेस के कारण उन्होने कहा था उस समय कंप्रोमाइज नहीं किया था याद है वो दिन जब प्रधानमंत्री की कुर्सी एक मिनट में छोड़ दी थी उन्होंने मैं अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति महोदय को देने जा रहा है चाहते तो हॉर्स ट्रेडिंग कर लेते हॉर्स ट्रेडिंग समझते हैं ना अपनी कुर्सी बचा सकते थे हां इसकी इस सांसद को खरीदना उस सांसद को खरीदना पैसा फेंकना सब लेकर के जुगाड़ कर सकते थे पर उन्होंने नहीं किया कीरत करना एक मिनट में अपनी कुर्सी छोड़ दी अटल बिहारी वाजपेई जी की आपने मेरी केस स्टडी देखी होगी आप जी ने अपने जीवन की सारी घटनाओं से अपने इस कैरेक्टर को समझाया है एक मैं ईमानदारी की रोटी बताता हूं एक बार एक अधिकारी मलिक भागो बड़े अधिकारी थे मालिक भागो बहुत उनका नाम था बहुत पैसे वाले थे उन्होंने अपने यहां डिनर पर इनवाइट किया श्री गुरु नानक देव जी को और रास्ते में आप जी एक गरीब बड़ाई बड़ाई समझते हैं कारपेंटर लालू बड़ाई लालू के यहां पे डिनर उसने कर लिया उन्होंने अब आप जी ने जब बाहर डिनर कर लिया मलिक भागो को गुस्सा आया उससे अपनी पूरी फोर्स भे लेकर के आओ नानक देव जी को तो आप जी मलिक के यहां पहुंचे और मलिक बोला मैंने आपके लिए इतने शानदार पकवान बनाए लेकिन आप सुखी रोटी खा रहे हो मैं देसी घी की रोटी दे रहा हूं गुस्से में था मलिक भागो आप जी ने मलिक भागो से कहा ठीक है आप मुझे एक रोटी दे दो और उसके बाद उन्होंने भाई लालो को भी बोला जो बड़े ही थे तुम अपने घर से एक सूखी रोटी ले आओ दोनों रोटी अपने हाथ में ली ये देसी घी की ये बढई की रोटी और यह शासक की रोटी दोनों को हाथ में लिया और दोनों रोटियों को जोर से दबा दिया जैसे ही सुखी दोनों रोटियों को दबाया तो लालों की रोटी से ना दूध टपकने लग गया और मलिक भागों की रोटी से खून टपकने लगा आप जी ने कहा यह तो मुझे दूध के समान शुद्ध भोजन छोड़कर तुम मुझे रक्त ग्रहण करने के लिए आमंत्रित कर रहे हो मैं इसे कैसे स्वीकार कर सकता हूं बड़े शांत मन से उन्होंने बड़े प्रेम से अपने इस मैसेज को दिया क्या मैसेज दिया हिल गया वो क्या मैसेज दिया कि तुमने तुम्हारी गलत जो कमाई है यह लोगों का खून चूस के बनाई है और बाद में जो बड़े ही भाई लालू थे वो कई बार उनके साथ में दिखे और उनका जो घर था उसको धर्मशाला बना दिया बाद वो गुरुद्वारा भी बन गया गुरुद्वारा खुई भाई लालो लालू का कुआ आज भी वहीं पे है जिसका पानी इस कुएं का आज तक नहीं सूखा है भाई लालों का इंटेंट था भूख मिटाना और मलिक भागों का इंटेंट था शान दिखाना हां यहां इंटेंट को उन्होंने समझाया आप आपके लिए मेरे लिए बड़े इंपोर्टेंट लेसंस है ये कि इंटेंट ये जो संस्कार आए है ना सिख धर्म में ये यहीं से आए हैं ये हर्षद मेहता हो अब्दुल करीम तेलगी हो शाप माइंड थे पर इंटेंट सही नहीं था कीरत करना के पिलर से इतना दूर चले गए कि आखिर में ना अपनों ने साथ दिया ना उनके खुद के पैसे ने साथ दिया किसी ने उनका साथ नहीं दिया ये था कीरत करना ये डाला है संस्कार के अंदर सिख धर्म का जो फाउंडेशन है जो पिलर है जहां से सिख धर्म आया है ये संस्थापक है तीसरा पिलर दिया उन्होने नाम जपना नाम जपना चांटिंग की शक्ति चांटिंग की शक्ति नहीं तो खूंखार डाकू को महर्षि वाल्मीकि बना दिया मरा मरा से मरा मरा से राम राम तक पहुंच गया प्रहलाद ने भगवान का नाम जप कि ओम नमो भगवते वासुदेवाय और उसके बाद ही भगवान नरसिंह ने उनकी रक्षा करने के लिए आ हिरण कश्यप से द्रौपदी ने भी जब भगवान का स्मरण किया तो दुशासन से कृष्ण ने आके उनके दुराचार से बचाया उनको चैट द नेम ऑफ गॉड के दो मतलब है एक भगवान के नाम का जप करना और एक भगवान की इंस्ट्रक्शंस का जप करना जैसे भगवत गीता भी पढ़ते हैं हां गुरु ग्रंथ साहिब पढ़ते हैं उनकी इंस्ट्रक्शंस को फॉलो करते हैं तभी आपको राइट आउटकम वही है यूनिवर्सल ट्रुथ तो लाइफ में ये जो रूल्स बनाए हैं जो ऊपर वाले के वो रूल्स को पढ़ना वो कमांडमेंट्स को पढ़ना वो भी नाम जपने के समय सन है नाम जपना तीसरा इंपोर्टेंट पिलर इसलिए कहा जाता है देखिए आप आप अगर क्रिश्चियनिटी में देखोगे दाउ शल चैट होली नेम ऑफ द लॉर्ड अगर आप गुरु ग्रंथ साहिब देखो कब कलयुग केवल नाम आधारा नाम आधारा नाम जप करना सुमरी सुमरी उतर पारा सिमरण करते करते उतरी आ पारा यू विल गेट डिलीवर्ड फ्रॉम दिस भव सागर अगर आप वैदिक धर्मों को देखोगे हरेर नाम हरेर नाम हरेर नाम एव केवलम कलो नास्ति एवा ना अस्ति एवा ना अस्ति व गति र्य था तीन बार बोला हरेर नाम हरेर नाम हरेर नाम नास्ति एव नास्ति व नास तीन बार बोलने का बड़ा महत्व होता है कबूल है कबूल है कबूल है तीन बार बोलते हैं ना भूल ना जाए आदमी तलाक तलाक तलाक बड़ा तीन बार बोलने का रेलीवेंस समझा रहा हूं मैं नमाज अदायगी के बाद जब दुआ करते हैं तो अल्लाह को अलग-अलग 999 नामों से पुकारा जाता है हर जगह नाम हां तो ये जो है ना ये तीसरा पिलर बड़ा इंपॉर्टेंट है जैसे अर रहमान अर रहीम अल मलिक तो ये क्या है अलजबर ये अलग-अलग नाम है और ये जब आप भगवान के नामों को पुकारते हो या उनके इंस्ट्रक्शंस को रिपीट करते हो तो आप प्यूरिफाई संसार से मुक्ति मिल सकती है समुद्र को पार लगाने के लिए पर्याप्त है अपने आप में जाप से दूर रहते पाप हैं और महसूस होता है अपने आप एक डिवाइन एनर्जी आपके साथ है सो गुरु नानक देव जी की जो लीलाएं हैं जो उनकी कहानियां उनके चमत्कार उनकी सीख उनके कमांडमेंट हैं ये केवल एक धर्म तक सीमित नहीं है कंपैशन कम्युनिटी सर्विस कंपेनिया शिप गुरु नानक देव जी की फिलोसोफी आज दुनिया के टॉप इंस्टिट्यूट से पढ़ाई जा रही है आज गुरु नानक फेलोशिप इंट्रोड्यूस करी गई ऑक्स यूनिवर्सिटी में ये तो कॉलेज की बात है मैं तो कहूंगा हमारे देश के अंदर गुरु नानक देव जी के बारे में स्कूल में कैरेक्टर बिल्डिंग के लिए एक सब्जेक्ट पढ़ाना चाहिए क्यों नहीं पढ़ाते हैं क्या सिखा रहे हैं हमारे स्कूल में ये कैरेक्टर बिल्ड करना हमारे को जिससे बचपन से ही जब कैरेक्टर बिल्ड हो गया तो भारत के लोगों का चरित्र निर्माण करना यही मेरा भी कंट्रीब्यूशन है यही प्रयास मैं कर रहा हूं सिर्फ गुरु नानक देव जी नहीं इससे पहले भी मैंने कई ग्रेट पर्सनालिटी के कैरेक्टर के विषय में कई के स्टडी बना चुका हूं महाराणा प्रताप छत्रपति शिवाजी महाराज भगत सिंह हां या शहीद भगत सिंह ये सब देखने के लिए आपको क्या करना है विवेक ब्र केस स्टडी सर्च किया करो पर विवेक बिद्र केस स्टडी बहुत सारी मिलेंगी आपको और अगर कोई और पर्सनालिटी चाहते हैं जो आपको इंस्पायर करती मोटिवेट करती नीचे लिखिए कमेंट में आपके कमेंट्स को आ कर के कम से कम 100 कमेंट से मैं रिप्लाई भी करूंगा मैं एक नया प्रैक्टिस शुरू कर रहा हूं मैं अपनी डिजिटल मार्केटिंग टीम को आज बता रहा हूं कि रिप्लाई करना शुरू करो अगर कोई हमारे को कमेंट में बता रहा है आज आपको पता है दुनिया के कम से 80 से ज्यादा देशों में सिख लोग रहते हैं कनाडा की सेकंड भाषा पंजाबी है तो सिखों के दुनिया भर में फैल जाने के पीछे भी एक कारण है यूनिटी और कम्युनिटी बिल्डिंग को लेकर बड़ी पोर्टेंट शिक्षा आपको बताता हूं क्विकली एक बार आप जी गांव में गए वहां बहुत लोगों ने उनका बड़ा तिरस्कार किया तो अगले दिन निकलते हुए नानक देव जी ने सब गांव वालों को इकट्ठा किया बोला हमेशा एक दूसरे के साथ यहीं रहो जब अगले गांव गए वहां उनको बड़ा आदा सत्कार मिला और बहुत उनको सेवा करी सबने उनको भोजन कराया आराम कराया उनकी उनसे कथा सुनी प्रवचन सुना जब उस गांव से निकले तो उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा आप सब बिखर जाओ दूर दूर फैल जाओ तोय दे देख भाई मर्दाना पूछा लॉजिक क्या है वहां आपने कहा जो गंदे लोग थे बोला मिल के रहो और जो अच्छे लोग थे उनको बोला फैल जाओ तो नानक देव जी ने बताया कि अवगुण और दुष्कर्म जितनी एक ही जगह लिमिटेड रहे उतना अच्छा है दुर्गंध एक ही जगह रहे फैले नहीं तो उतना अच्छा है लेकिन ये दूसरे गांव में सुगंध थे यहां पे गुण थे अवगुण नहीं थे यहां सत्कर्म थे दुष्कर्म नहीं थे ये जितना फैल जाए उतना अच्छा सुगंध फैल नहीं चाहिए और दुर्गंध एक जगह रह जाए वही खत्म हो जानी चाहिए अच्छे लोगों की जरूरत इस गांव में नहीं हर जगह पे है तो ये यूनिटी से कम्युनिटी ऐसी लिए आज देखते हो सिखों को सब जगह पहुंच गए हैं आज अच्छी क्वालिटी अगर आप दिखती है कहीं पे कोई भी अच्छी क्वालिटी मिलती है उ उसे whatsapp2 18000 किमी यात्रा करी अफगानिस्तान में इनको पीर बलक दन के नाम से जानते थे श्रीलंका में इनको नानक आचार्य के नाम से जानते हैं चाइना में इनको बाबा फुसा बोलते हैं सिक्किम और भूटान में इनको गुरु रिनपोचे बोलते हैं रशिया में इनको नान नानक कदम दार बोलते हैं इराक के लोग उनको नानक पीर बोलते हैं सऊदी अरेबिया में इन्हें वली बोला जाता है इजिप्ट में इनको नानक वली बोला जाता है नेपाल में इनको नानक ऋषि कहते हैं या तिब्बत में इनको नानक लामा कहते हैं जहां सिख है वहां सीख है आज की वीडियो का लेसन एक बड़ा सुंदर गुलदस्ते की तरह बुकी की तरह एक सुंदर फूलों के गुलदस्ते की तरह जिसका अगर एक फूल एक लर्निंग आपको मिल गया मेरा एजेंडा पूरा हो गया इस फूल की खुशबू जितना हो सके उतनी इस खुशबू को हम फैलाएं यही मेरा आज का एजेंडा था सोसाइटी में इतना वायलेंस है अग्रेशन है जब गुरु नानक देव जी के संस्कारों को हमारे अंदर पड़ेंगे इंसानियत की उम्र इंसान से बड़ी होनी चाहिए कि इंसान मर गया लेकिन उसकी इंसानियत याद रह जाए नानक विद योर नेम एंड ब्लेसिंग्स मे एवरीवन इन दिस वर्ल्ड प्रॉस्पर एंड बी इन पीस हमारे साथ जुड़े रहने के लिए वर्ल्ड के नंबर वन एंटरप्रेन्योरल सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक झुक के हाथ जोड़ के बहुत-बहुत [संगीत] धन्यवाद

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