Hostel Life vs Day Scholar How to decide Dr Vivek Bindra
[संगीत] हॉस्टल नहीं किया ना इसीलिए इतना बिगड़ गया अगली बार बदतमीजी कारी सीधा हॉस्टल भेज देंगे एक बार हॉस्टल जाओगे अकाल ठिकाने ए जाएगी हॉस्टल भेज देंगे तब पता चलेगा बोल रहा हूं फाउंडर सीईओ बड़ा बिजनेस डॉट कॉम ऐसा कहा जाता है की जो लोग हॉस्टल में रहे हैं वो अपनी जिंदगी के मैनेजर बन जाते हैं बिना एमबीए किए मतलब यू लव इट और यू हते इट बट जो हॉस्टल में रहा है वो एग्री करेगा वो उसकी जिंदगी का अनफॉरगेटेबल मोमिन रहे हैं उसकी लाइफ के हॉस्टल की डेफिनेशन इंस्पिरेशन आया मैं स्कूल लाइफ वर्सेस होस्टर लाइफ क्या किया जाए बच्चों को हॉस्टल भेजे या नहीं भेजे किन चीजों का ध्यान रखें कैसे हॉस्टल भेजें वैसे कहते हैं की तेरी आदत इस तरह लगी है मैं हॉस्टल में पढ़ा हूं ना तेरी आदत इस तरह लगी है की तारीफ जितनी भी करूं कम है तारीफ जितनी भी करूं कम है सोच कर हॉस्टल वाले जिंदगी दिल खुश और आंखें नाम है तेरी तारीफ जितनी भी करूं कम है सोच कर वो हॉस्टल वाली जिंदगी दिल खुश और आंखें नाम है हॉस्टल ये वो जगह चाइल्ड डेवलपमेंट करता है अपना फर्स्ट टाइम लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप आउटसाइड फैमिली परिवार के बाहर पहली बार संबंध बनाता है हालांकि मैन टेंशन में रहती है पता नहीं बच्चा अकेला कैसे रहेगा पता नहीं खाना ठीक से मिलेगा ही नहीं मिलेगा कहीं चोट लग गई तो कौन ध्यान रखेगा अरे कौन नजर रखेगा बच्चा पढ़ कर रहा है की नहीं मां-बाप के बिना कैसे रह पाएगा कितना रूठी है किसी मुसीबत में पद गया तो कौन मदद करेगा उसकी कोई ध्यान देने वाला होगा की नहीं होगा कहीं गलत संगत में पद गया तो क्या होगा देयर इसे ऑलवेज स्कूल विच इस बेस्ट फॉर योर चाइल्ड वो स्कूल कैसे ढूंढा जाए कैसे समझा जाए बच्चे को हॉस्टल में भेजे की स्कूल में पढ़ाया डेज़ स्कॉलर बनाए के हॉस्टल में भेजे आज इस वीडियो में बहुत सारे कॉन्सेप्ट क्लियर करूंगा हॉस्टल मैंने जिंदगी में थोड़ा मजाक भी कर सकता है बच्चा और मजाक अलग प्रकार का करता है सिंसियर होता है हर एक बार टीचर से बच्चे ने पूछा की मैडम क्या किसी ऐसे कम के लिए मेरे को सजा दोगे जो मैंने किया ही नहीं टीचर बोले नहीं जो तुमने नहीं किया उसके लिए तुम्हें सजा क्यों दूंगा अच्छा चलो बच गए मैंने होमवर्क नहीं किया था देखिए लाइफ अलग ही लेवल की होती है कुछ पॉइंट वाइस डिस्कशन कर लेता हूं पहली चीज क्या है हॉस्टल लाइफ में ना बच्चे का इंडिपेंडेंट बहुत ज्यादा हो जाता है स्कूल लाइफ में सारे डिसीजंस comprehens लेते हैं हॉस्टल में फिर वो डिसीजन खुद लेना शुरू करता है यहां उसको मा उठाती है उधर वो थोड़ा ओनरशिप लेता अपनी टाइमिंग की पंक्चुअलिटी की पेरेंट्स कंफर्टेबल एनवायरनमेंट देते हैं लेकिन वहां पर बदलती ऊपर स्थितियों में वो अटैक करना सिखाता है इसलिए हॉस्टल लाइफ थोड़ी जरूरी भी है कम से कम 2 साल बच्चे को जिंदगी में हॉस्टल जरूर डालना चाहिए जो बच्चे हॉस्टल में रहते हैं ना वो हर समय उनके पास मम्मी पापा नहीं होते हैं और वह क्वालिटी उसके अंदर सेल्फ रिलायंस बिल्ड करती है यहां पर जब घर में है जितनी जरूरत पड़ी पैसा मिल जाता वहां वह बजटिंग सिख जाता है वहां वो सेविंग सिखाता है वहां वाइडऐली स्पेंड करता है कंसीक्वेंस इसका ये है की वो इंडिपेंडेंट रहता है तो बच्चे के अंदर कॉन्फिडेंस अलग लेवल कहा जाता है और वो कई प्रॉब्लम्स के साथ डील कर पता क्योंकि हर समय हर चीज उसे बच्चे के हिसाब से नहीं होती है हॉस्टल में वास्तव में नहीं होती तकलीफों में आता है वो और उसे समय उसके पास में पेरेंट्स नहीं होते कंप्लेंट करने के लिए की मम्मी मेरे कोई खाना ठीक नहीं लगा दोबारा बना लो दूसरा बनाओ तीसरा बना दो वहां पे उसको मैच का खाना खाना पड़ता है वो सेल्फ लाइंस देता है शेड्यूल का फर्क पड़ने लग जाता है शेड्यूल कास्ट दिमाग में सेट हो जाता है जो बच्चे जिंदगी भर हॉस्टल में पड़े हैं ना वो सुबह जल्दी उठाते हैं जिंदगी भर जो बच्चे जिंदगी भर हॉस्टल में पड़े हैं वो बड़े सेट टाइम पे नाश्ता खाना खाते हैं और यहां पर क्या इस घर के अंदर तो रूटीन fluxable है कभी रात को एक बज रहा है कभी वेब सीरीज पर मिर्जापुर लगा राखी है दिमाग खराब किया हुआ है हॉस्टल में लाइव डिसिप्लिन होती है भैया उनका वर्किंग बिल्कुल शेड्यूल बेस्ड रहता है फिक्स टाइम होता हर चीज का नाश्ते का खाने का हर चीज उससे वो फर्क पड़ता है उसकी लाइफ में बच्चों को पता चल जाता है आप मुझे अगला क्या करना है अगला क्या करना है मालूम है शेड्यूल उसको कंसिस्टेंसी देता है शेड्यूल उसको स्टेबिलिटी देता है वो अपने डिस्ट्रक्शन जो खत्म करके फोकस कर सकता है उसकी लाइव बड़ी disciplint हो जाती है दिस कॉलर की लाइफ नेबरहुड पे पड़ोसियों पर रिश्तेदारों पे घर के अलग-अलग सामाजिक जो उनकी जिम्मेदारियां उसे पे डिपेंड करता है लेकिन हॉस्टल में कोई डिस्टरबेंस एक्सटर्नल नहीं है वहां एक ही फोकस है सुंदर पिचाई बोलते द ना इस बारे में की पड़ोसियों के चक्कर में कई बार रात को लेट होते द हम लोग को फंक्शन है सेलिब्रेशन में कुछ त्यौहार है कुछ है अगले दिन स्कूल मेरा मिस हो जया करता था और एक चीज जो मैंने हॉस्टल में सीखी है मैंने बचपन का दोस्त का तीन दिन जो मेरे साथ हॉस्टल में पढ़ता था तीन दिन अरुणाचल प्रदेश से अभी मैं अपने भाई की शादी में गया था और वो भाई की जब शादी में मैं गया गुवाहाटी तो टेंसिंग भी अरुणाचल प्रदेश से गुवाहाटी आया था वो मेरे बचपन का दोस्त था और हमने काफी टाइम साथ में दिया मैं कुछ फोटोग्राफ भी शेयर कर देता हूं यहां पे क्या कहना चाहता हूं मैं क्रॉस कल्चरल एक्स्पोज़र मिल जाता है आपको जो है बच्चे को बाजू के शर्मा जी वर्मा जी या हो सकता है तिवारी जी मिल सकते हैं लेकिन अगर हॉस्टल रूप में उसको देश भर की कंट्री के अलग-अलग कल्चर के लोग मिलते हैं क्योंकि भारत जो है ना वो एक देश नहीं है कॉन्टिनेंट है भारत अपने आप में एक अलग दुनिया है भारत के अंदर नौ मेजर धर्म है 28 से ज्यादा राज्य है और 19500 डायलेक्ट है डायलेक्ट मतलब एक भाषा का सब भाषा को डायरेक्ट बोलते हैं एक तरह से तो हॉस्टल एक फिट प्लेटफार्म है जहां आप उसको अपॉर्चुनिटी मिलती है अलग-अलग कल्चर से तो उसके कल्चर के बाहर के लोग हैं उनसे सीखने को उनके साथ मिल शेयर करने के लिए उनके साथ झूले पर बरसात में आराम से बाहर बैठते हुए गैप मारते हुए वस्तु नए-नए कल्चर को सिखाता है अलग-अलग प्रकार के बच्चे हैं वहां पर वह हरियाणा का बच्चा भी होगा पंजाबी भी हो पाजी कीड़ा और वहां इलाहाबाद का लड़का भी होगा अरे कहां बतिया रहे हो भैया तो अलग अलग प्रकार के लोगों से मिलेगा एक्स्पोज़र मिलेगा उसको इंटरनेट करने का कोलैबोरेट करने का डायवर्ट ग्रुप के अंदर हालांकि लाइफ स्टैंडर्ड इफ लाइफ है बच्चे को 2 साल जरूर भेजना चाहिए कैसे हॉस्टल पुरी तरह समझिए बात को देश कॉलर जो है ना वो उसके पास हर प्रकार ऐसे लोग होते आसपास दोस्त होते हैं की अमीर दोस्त होते हैं उनसे इनसिक्योर इनफीरियर फुल करता हूं रिच दोस्तों से लेकिन हॉस्टल की लाइफ स्टैंडर्ड है एक क्वालिटी है एक जैसे कपड़े सारे पहनेगी ट्रीटेड देयर ट्रीटिंग एच आदर वेरी इक्वली अगर आप मूवी स्टार के बच्चे हैं या किसी इट वर्कर के बच्चे हैं लाइफ सिंपल और स्टैंडर्डाइज देख जैसी है तो वहां पे आप लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप बिल्ड करते हो भगवान कृष्ण त्रिलोकी दांत sarvlok महेश्वरम वह भी हॉस्टल में पड़े द वो कहां गुरुकुल में राय सांदीपनि मुरी गुरु शांति बनी मोनी की आश्रम में रहे और वहां उनके दोस्त बने कौन सुदामा पहली बार किसी को मित्र बनाने का आनंद पाया है मित्र दोनों बाद में सेपरेट हो गए सुदामा अपनी जिंदगी जी रहे हैं यह त्रिलोकी नाथ tarblok महेश्वरम द्वारकाधीश द्वारकाधीश में रह रहे द और जब पता चला की कौन ए रहे हैं चक्रवर्ती सम्राट ए रहे हैं नहीं गरीब ब्राह्मण सुदामा ए रहा है तो भगवान भागते हुए गए अपने महल से बाहर उनको हाथ पकड़ के लेके आप में राज सिंहासन पर बिठा के उनके पांव धोए और उनके पांव धोने के बाद रुक्मणी भी जो थी वो भी ईर्षा करने लग गई है इससे कौन ए गए जिनको भगवान पंखा कर रहे हैं या बिठा के और 56 भोग खिला रहे हैं यह हॉस्टल लाइफ यह हॉस्टल लाइफ की दोस्ती होती है अलग ही लेवल की दोस्ती होती है रिलेशनशिप जिंदगी भर रहते हैं और फिर एक चीज मैंने हमेशा देखिए स्कूल लाइफ के अंदर बस में ट्रैफिक जाम में बस को पकड़ने में और फिर ट्रैवलिंग में बहुत टाइम वेस्ट होता हॉस्टल में का हॉस्टल के कमरे से निकले सीधा स्कूल की बिल्डिंग में पहुंच गए तो वहां पे कम्युनिटी इजी है प्रॉक्सिमिटी मतलब बिल्कुल बाजू में है कहते हैं ना जब बटोर हो जाती है प्रॉक्सिमिटी ऑटोमेटेकली ए जाती है बेहतर प्रोडक्टिविटी तो ये बेनिफिट है देस कॉलर की जो है ना मैं ये कहूंगा की ऐसा नहीं है की हॉस्टल लाइफ ही बेस्ट है हॉस्टल लाइफ में गड़बड़ी भी बहुत होती हैं स्कूल लाइफ में पेरेंट्स को हर रोज का अपडेट मिल जाता है लेकिन हॉस्टल में तो अपडेट आपको बिल्कुल रेगुलर बेसिस पे मंथली क्वार्टरली बेसिस पे मिलता घर में बच्चे को घर का खाना खिला देते हो वहां मैच का खाना और कई बार मैच कांट्रेक्चुअल कुक खाना बना रहे हैं तो उनके अंदर वो दिल में प्रेम नहीं होता जब मैन का प्रेम होता है तो हॉस्टल लाइफ के भी नुकसान है आज स्कूल लाइफ के अंदर बच्चा सेफ रहता है हॉस्पिटल लाइफ में कभी-कभी थोड़ा ऊंट भी हो सकता है लेकिन अगर इन चीजों का ध्यान रखकर अगर आप स्कूल तय करेंगे अपना हॉस्टल तय करेंगे तो फिर इन चीजों का ध्यान रखकर के आपको 2 साल कम से कम बच्चे को हॉस्टल में भेज के उसके कॉन्फिडेंस को बड़ा करना चाहिए क्योंकि देखो कूल लाइफ के अंदर ना जो स्पोर्ट्स एक्टिविटी होती है वो हफ्ते में 1 घंटे होती है पर अगर हॉस्टल में आप जाओगे मैं भी एक रिसेंटली स्कूल में गया था अंबाला में मेरे क्लाइंट है उन्हें का स्कूल है उसको हम लोग बिल्ट कर रहे हैं उसको हम लोग ट्रेन कॉन्सर्ट कर रहे हैं और मैंने उनके स्कूल में देखा वहां 365 दिन की एक्टिविटी चल रही है स्विमिंग भी हो रहा है एनसीसी भी हो रहा है हॉर्स राइडिंग भी हो रहा है करते भी हो रहा है हफ्ते में एक दिन एक घंटा खेलने कूदने से सेहत नहीं बनती एक्स्ट्रा एक्टिविटी का बेनिफिट ही अलग लेवल का होता है सोशल स्किल और ओवरऑल पर्सनैलिटी जो बच्चे के बिल्ड होती है तो सोशल डेवलपमेंट बिल्ड होता है क्योंकि फेस तू फेस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के गैजेट के जमाने खत्म हो गया आत्मविश्वास से लेकर लीडरशिप क्वालिटी तक सब बाद में आएंगे कम क्योंकि देखो हॉर्स राइडिंग जो है ना वो आप नहीं कर पाओगे शहर में आप अपने मोहल्ले में हॉर्स राइडिंग नहीं कर पाओगे यहां अगर अच्छे हॉस्टल में हॉर्स राइडिंग होती है ट्रेंड हॉस्टल और एक्सपर्ट हॉर्स राइडर्स हो वहां पे तो बच्चे को ना बैलेंस और कोऑर्डिनेशन सीखने को मिलता है क्योंकि उससे जो उसका कोर है ये पेट को कोर बोलते हैं मेरा पेट थोड़ा कम हो गया है इसके ऊपर बताऊंगा कैसे कम किया पर वो जो कोर होता है वो मजबूत बनता है उसकी ब्रीडिंग मजबूत होती है उसके reflexij अच्छे होते हो फोकस बिल्ड करता है बैलेंस बनाता है जब वो हॉर्स राइडिंग करता है मेरे पास अपना स्विमिंग पूल भी है मैं स्विमिंग पूल हर आदमी कहां बना सकता है अपना हर आदमी के पास कमिंग पूल की सुविधा नहीं है हम मोहल्ले में तो बिल्कुल गांव में देखोगे तो भैंस के तालाब के अंदर ही बच्चा घुसता है अंदर लेकिन अगर हॉस्टल में इनके हॉस्टल जब मैं गया तो वहां देखा मैंने की कैरियर डिफेंस के अंदर उन्होंने शावर क्यूबिकल बनाई चेंजिंग रूम बनाए वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट लगा दिया एक्सपर्ट कोच है बिल्कुल हाइजीनिक कर दिया है तो इससे सीजन जब जाता है ना ब्रेन के अंदर ब्लड फ्लो इंप्रूव होता है जिंदगी बदल जाती है भाई साहब कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ बनती है पेट उसका डाइजेशन लांग कैपेसिटी बदल जाती है स्विमिंग करने से सबसे बढ़िया बात है नींद बड़ी प्यारी आती है बच्चे को जिम फिटनेस में वेट ट्रेनिंग कार्डियो फंक्शनल क्रॉसफिट करेगा वो स्नूकर टेबल टेनिस खेलता है मसाला डेवलपमेंट करता है मेंटल स्ट्रेस खत्म होता है आइडियल वेट बनाता है बच्चा अपना मेमोरी और ब्रेन फंक्शन बढ़िया करता है और मैंने ये देखा मैं अभी सैनिक स्कूल कुंजपुरा गया था मैं राइस स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स मेरा बचपन से सपना था स्कूल में जाने का एडमिशन लेने का राइट स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स मैं वहां से मीनार देने गया था तो मैं बिल्कुल पूरा स्कूल डिटेल में घुमा मैं जब ये कैरियर डिफेंस स्कूल गया ये स्कूल का नाम इन्होंने सर का सीडीएस यहां से सबसे ज्यादा बच्चे इंडियन आर्मी में जा रहे हैं इन्होंने फीस बड़ी कम राखी है एनसीसी की ट्रेनिंग कराई यहां पे तो कैरियर डिफेंस में मैंने क्या देखा कंपलसरी ट्रेनिंग राखी इन्होंने सारे सब को एनसीसी की उससे डिसिप्लिन कैरक्टर और स्पिरिट ऑफ एडवेंचर बच्चा सिखाता है उसको इंटरव्यू ट्रेनिंग बचपन से सीखने लग जाते हैं ऐसे भी की एनडीए की एनडीए होता है ना आपका डिफेंस के लिए तैयारी होती है बच्चे का स्ट्रेस एंजायटी अपने आप ही रियल इंटरव्यू से पहले ही खत्म हो जाता है क्योंकि उसको पहली ट्रेनिंग दे दी जाती है उसको इंटरव्यू मोक्ष सेशन पहले कर देते हैं बॉडी लैंग्वेज उसकी प्रिपेयर हो जाती है लीडरशिप मैनेजमेंट ट्रेनिंग होती है उसकी हॉस्पिटल लाइफ में 2 साल बच्चे को जरूर डालना चाहिए अगर वहां पर लीडरशिप मैनेजमेंट ट्रेनिंग हो रही है अंतर paneership की भी ट्रेनिंग हो रही है तो उसको भगवत गीता आप सिखाई जा रही है स्पिरिचुअल हीरो बना देते हैं उसको क्योंकि अगर हॉस्टल अच्छा हुआ तो परफॉर्मेंस ट्रैकिंग आप कर पाओगे परफॉर्मेंस बहुत इंपॉर्टेंट है मैं इस बिल्डिंग में अलग-अलग जगह गया घूमने में आपको वीडियो में साथ-साथ दिखाता हूं नॉर्मली स्कूल में तो पैरेंट टीचर मीटिंग होती है 3 महीने में एक बार अब अच्छा अगर हॉस्टल हो तो वहां पे डेली एक्टिविटी रिपोर्ट वीकली अकादमी रिपोर्ट सब पेरेंट्स को चले जाएंगे बच्चा बिगड़ ही नहीं सकता उससे आपके सारी ऑनलाइन रिपोर्ट आपको अगर मिल जाए मोबाइल एप्लीकेशन पे ऑटोमेटेकली नोटिफिकेशन ए जाए सारे एग्जाम्स के भी ए जाए पॉकेट मणि का हिसाब किताब में समझ में ए जाए बच्चा कितना कहां पे खर्च कर रहा है वो बीमार हो जाए तो इंजरी इलनेस उसका ट्रीटमेंट उसकी मेडिसिन उसे सब नोटिफिकेशन ए जाए तो हमने जब मैंने सीडीएस के फाउंडर से बातचीत किया तो मैंने कहा की अगर हमने ये मोबाइल एप्लीकेशन टेक्नोलॉजी को अच्छा किया उन्होंने किया इतना अमेजिंग कर दिया की पेरेंट्स को ऐसा लगता है की बच्चा उनके पास ही रहना है और रोज की रोज करना शुरू कर दिया कितने सारे अच्छे हॉस्टल हैं आपके इलाके में भी अच्छे हॉस्टल होंगे मैं बताता हूं उसमें गोल ओरिएंटेशन जो है ना जो दिस कॉलर होता है उसको बेसिकली क्या साल में दो बड़े एग्जाम होते हैं हाफ वाली फाइनल और बीच में कुछ ट्रेडिशनल फॉर्मेट में पढ़ होती रहती है ट्रेडिशनल फॉर्मेट में एग्जाम होते हैं तो टेक्नोलॉजी अगर हॉस्टल में अच्छी है जैसे सीडीएस में हम नए जब अंदर कंप्यूटर लैब देखा तो उन्होंने 500 कंप्यूटर लगाया है मैं पूछा भाई इतना कंप्यूटर क्यों लगाया बोला हमने बच्चों को ऑनलाइन देना सिखाया हमने बच्चों को हर सन्डे ऑनलाइन टेस्ट देना शुरू कर दिया ताकि पेरेंट्स को रिपोर्ट मिलती रहे तीसरी क्लास से बच्चा ठीक रहा है ऑनलाइन कॉम्पिटेटिव एग्जाम के लिए देखिए कॉम्पिटेटिव एग्जाम के लिए ना आपको लॉजिकल रीजनिंग और क्रिटिकल थिंकिंग चाहिए इसको टाइम लगता है डेवलपर में तीसरी क्लास से करना शुरू कर दो पांचवी सातवीं नवीन आते आते 10वीं 12वीं आते आते वो कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स के लिए इतना प्रिपेयर हो जाता है जिधर बैठता है सक्सेस लेकर के आता है हान आप देखो पता क्या ये तैयारी पहले से चाहिए यू डोंट प्रेक्टिस अंटील यू गेट राइट प्रैक्टिस अंटील यू कांत गेट रोंग मतलब इतनी तैयारी कर लो की तुमसे गलती ना हो सके क्योंकि जो आसानी से आता है ना जो आसानी से मिलता वो टिकेगा नहीं और जो टिकेगा वो आसानी से मिलेगा नहीं हान जो आसानी से आता है वो टेक के घर नहीं और जो टिकेगा वो आसानी से मिलेगा नहीं इसलिए बच्चे को तीसरी क्लास से ट्रेनिंग शुरू करते हैं ताकि 12वीं तक आते आते उसको टेक्नोलॉजी इतनी सिखा देते हैं कोडिंग इतनी सिखा देते हैं कंपलसरी कर दिया स्कूल के अंदर मैं तो आपको आपके लिए ताली बजाना चाहता हूं मैं कैरियर डिफेंस स्कूल मैं बहुत सारे हॉस्टल्स में गया मैं खुद भी हॉस्टल में रहा हूं मैं जिस हॉस्टल में रहा हूं वो रिकमेंड करता है लेकिन वो बंद हो गया नॉर्मली स्कूल के अंदर कोडिंग जो है 11वीं क्लास में एक ऑप्शनल सब्जेक्ट होता है वहां जाके आप सी सी प्लस प्लस प्रोग्रामिंग ज्यादा सीखते हो इन्होंने क्या किया इन्होंने पांचवी क्लास तीसरी क्लास से बच्चों को कंपलसरी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ट्रेनिंग उसको टेक्नोलॉजी का ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया और इससे क्या हुआ भाई उसको वो आगे चल के 12वीं के बाद मेरे को बहुत सारे बच्चे ऐसे मिले जो का रहे हैं की वो 30 40 हजार फ्रीलांसिंग से ही कम रहे हैं पेरेंट्स पे बर्डन नहीं बने क्यों क्योंकि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सिख गए वेबसाइट सिख गए वीडियो क्रिएशन एडिटिंग सिख गए ये सब चीज अगर टेक्नोलॉजी बच्चा सिख सके हॉस्टल में 365 दिन अगर वो इंगेज्ड रहे क्योंकि हॉस्टल में एक रूल क्या बनाया हमने ये मेरे लीडरशिप के पार्टिसिपेंट है इसलिए मैं इनकी तारीफ थोड़ा ज्यादा भी इसलिए करना चाहता हूं क्योंकि हम इनकी ग्रोथ को इनकी प्रोग्रेस को मॉनिटर कर रहे द तो टेक्नोलॉजी सीखने से 365 दिन का मॉड्यूल रखे द बच्चा जब चाय छुट्टी लेकर के ए जाए लेकिन स्कूल 365 दिन चलेगा हॉस्टल 365 दिन चलेगा वहां पे हम उसको जमीन से जुड़ेंगे को तो अब नई चीज ऐड कराई इनसे बात करके और ऑर्गेनिक फार्मिंग भी भाई डी स्कॉलर जो है ना बच्चा घर पे खाना खाता है या कैंटीन का खाना खाता है लेकिन स्कूल के अंदर बच्चा ऑर्गेनिक खाना खाएगा और ना केवल खाएगा वही ugayega वही गे का दूध निकलेगा अभी वही फल सब्जी भी हुआ आएगा उससे बच्चा नेचर से कनेक्ट होता है क्योंकि वो खुद भी खेती करना सीखने लग जाता है और फाइनली मेरे विचार में आप जज भी हॉस्टल में भेजना चाहो उसे हॉस्टल के अंदर आप स्टूडेंट टीचर रेश्यो जरूर चेक कर लो गवर्नमेंट स्कूल में स्टूडेंट टीचर रेश्यो 30 बच्चों पे एक टीचर होता है अच्छा प्राइवेट स्कूलों बहुत एक्सपेंसिव प्राइवेट स्कूल हो तो वो 1520 बच्चों पे टीचर होता है पर यहां पे हमने क्या किया उसको आज मैं आपको बधाई देता हूं कोरियर डिफेंस स्कूल आप में 10 बच्चों पे एक टीचर लगा दिया अगर 10 बच्चों पे टीचर लगा दिया तो बच्चा कहीं फिसल के जा ही नहीं सकता हूं टीचर के पास एक अपॉर्चुनिटी है की बच्चे के इंटरेस्ट में दीप लाइव करें और बच्चे के इंटरेस्ट को समझे जितनी बड़ी क्लास हो ना टीचर का ध्यान केवल फ्रंट पंचर पर रहता है और जो पीछे के बच्चे हैं उनको अटेंशन मिलता नहीं वो अपना पीछे मुझे मार रहे हैं अपना ड्राइंग कर रहे हैं वहां हीरोइन की फोटो है ड्रॉ कर रहे हैं और फिर इसके अलावा इंग्लिश अगर क्योंकि ये इनकी फीस बहुत कम है तो फीस कम होने से या किसी भी ऐसे हॉस्टल में भेजोगे जहां पे फीस बहुत कम है तो गांव के बच्चे आते हैं गांव के बच्चे आते तो अपनी मदर तंग में बात करते हैं नॉर्मली स्कूल के अंदर जो है ना स्कॉलर को होगा तो उसमें इंग्लिश एक पीरियड होता है यहां पे क्या इंग्लिश को जिंदगी बना दिया इन्होंने की भाई क्या इंग्लिश को एट्मॉस इंपॉर्टेंट देखिए इंग्लिश लैब बना दी है क्योंकि वो टियर 3 शहर से बच्चा आएगा अगर आप महंगे हॉस्टल में दल रहे हैं तो वहां पे भी यही कल्चर होगा लेकिन अगर आप सस्ते हॉस्टल में अपने बच्चे को डालोगे कभी भी तो वहां पे जैसे गांव का बच्चा आएगा तो उनका ना बिल्कुल आपको लैंग्वेज आएगा मदर तंग उनका जो मदर तंग इन्फ्लुएंस होता है मती जिसको बोलते हैं तो ये लोगों ने क्या किया कंपलसरी इंग्लिश मोटिवेशनल मूवी दिखाने शुरू करेंगे इंग्लिश को में लैंग्वेज बना दिया इंग्लिश इंटरनेट की भाषा बन चुका है आज आज दुनिया की ग्लोबल इंटरनेट भाषा आप कहीं सफल नहीं हो सकते अगर आपको हिंदी के अलावा अंग्रेजी नहीं आती हो तो फिर जो है बच्चे के अंदर एक बटोर प्राइड एक सेल्फ कॉन्फिडेंस आता है की बचपन से पटर-पटर बढ़िया है अंग्रेजी भी सिख हिंदी के साथ-साथ अपनी मातृभाषा के साथ साथ फाइनली मैं ये जरूर कहूंगा जिस भी हॉस्टल में बच्चे को डालो आप वहां पे उसका सेफ्टी कंसर्न बहुत इंपॉर्टेंट है नॉर्मली किसी एक हॉस्टल के अंदर 50 सीसीटीवी कैमरा लगे होते हैं यहां एक अच्छा कम क्या कर दिया 300 सीसीटीवी कैमरा लगा दिया है प्लीज हाई कवरेज सीसीटीवी कैमरा ताकि हॉस्टल से लेकर स्कूल से लेकर हर कॉर्नर नजर ए जाए उनकी सेफ्टी सकू सेंट हाईएस्ट होनी चाहिए बच्चा पेपर नजर आती है बच्चा हरकत करने से पहले दो बार सोचेगा वर्ण हॉस्टल में क्या रहता है बच्चे शैतानी बहुत करते हैं और पीछे हमारे यहां पर मैं हॉस्टल में था तो वहां पे बच्चे जो है गर्ल्स हॉस्टल के बाद छेड़खानी करते रहते द तो एक दिन वो दो दोस्त आपस में बात करें पप्पू कितने रात में पढ़ते हो कितने बज गए यार कितने बज गए मालूम नहीं पत्थर उठाया गर्ल्स हॉस्टल में हमारा वहां से गोल्डन की आवाज़ ए गई लेडी कमबख्त तो सो जाओ रात के 2:00 बज रहे हैं बोला 2:00 बज रहे हैं तो शैतानियां करते हैं बच्चे लेकिन अगर ऐसा सिस्टम हो क्योंकि देखो अगर आपने सिक्योरिटी अच्छी नहीं है हॉस्टल की तो हॉस्टल मत भेजना वहां पे वो गलत संगत में पद जाएगा 7 साल की बच्ची को वॉशरूम में अभी पीछे मार दिया था हॉस्टल के अंदर उनके चौकीदार ने हमको पता है वो कहानी कोडाइकनाल के एक बोर्डिंग स्कूल में मर्डर हो गया था 10वीं क्लास के बच्चे का 13 साल की एक लड़की को सेक्सुअल एसॉल्ट किया गया था देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में भी 16 साल की लड़की कर रहे द पर ये सब चीज इसीलिए होती है क्योंकि वहां सिक्योरिटी नहीं है इसीलिए रूल क्या बनाया हम इन्होंने मुझसे फलों में सवाल पूछा था तो मैंने कहा था 30 कैमरा होते हैं ना आप 300 कैमरा कर दो 300 कैमरा कर दिया हैवी फाइंड कर दिया बच्चा उसमें माइक में आवाज़ भी आती है बच्चे को गली देने पे भी हैवी फाइन कर दिया गली भी नहीं दे सकता बच्चा उसको कुत्ता है भी फाइन कर दिया तो उससे क्या हुआ इतना सिक्योर्ड हो गया की एनवायरनमेंट में और डिसिप्लिन ए गया अब ऐसा जिंदगी में 2 साल के लिए बच्चे को हॉस्टल जरूर भेजना चाहिए आपको ये मेरा आज का टोटल समरी पॉइंटर के 2 साल आपने जहां भी हो ये सारे पॉइंट मैंने बताए इनको देखना और इनको जाकर के लेफ्ट राइट वीडियो को वापस जा करके देखो की भाई ये चीज हॉस्टल में अगर होंगी तो भेजूंगा जब कैरियर डिफेंस आज अच्छा ग्रो कर रहा था इसलिए मैंने तारीफ कारी आपको बहुत बधाई कैरियर डिफेंस आपने अंबाला के अंदर पटियाला के अंदर दो जगह अपने हॉस्टल खोलें और आपकी फीस भी आपने बहुत अच्छी धक्की साल भर की केवल ₹1 लाख के आसपास फीस है टारगेट है अपना 20000 बच्चों तक पहुंचने का डी स्कूल खोलने जा रहे हैं अगले 3 साल में इनके अलावा भी बहुत सारे अच्छे क्वेश्चन है डन स्कूल है देहरादून का उसकी फीस लगभग 12 लाख साल की गुड शेफर्ड इंटरनेशनल ऊटी के अंदर बहुत अच्छा है इनकी 15 लाख के आसपास साल की फीस है सिंधिया स्कूल है ग्वालियर के अंदर बहुत बढ़िया हॉस्पिटल है बहुत बढ़िया स्कूल है उनकी भी 15-18 लाख के आसपास की फीस है इसके अलावा कैनेडियन इंटरनेशनल बेंगलुरु में वो स्टॉक के मसूरी में मेरे कॉलेज में बहुत सारे बच्चे द लड़कियां थी जो वो स्टॉक से आई थी म्यू कॉलेज अजमेर के हैं विवेक ओबेरॉय भी वहीं से पड़े हैं बहुत सारे फिल्मी सेलिब्रिटी वहां से पड़े हैं बहुत अच्छा हॉस्टल है वेल एंड गर्ल्स स्कूल है देहरादून में बिशप कॉटन में शिमला के अंदर उनके सारे अच्छे इनकी फीस 12-15 लाख है जो मॉडल इनके साथ में हमने बिल्ड कराया कैरियर डिफेंस के साथ में वो किया था स्केल एबिलिटी का मॉडल केक के बाद एक नए हॉस्टल अच्छे खोलेंगे लेकिन फोर टेबल मॉडल बनाएंगे ये सारी स्पोर्ट्स की सर्विसेज सब सर्वे से जितनी भी है मैं खुद गया हूं जाकर के देखा मैंने ये सब 15 लाख नहीं 10 लाख नहीं ₹5 लाख नहीं तीन लाख नहीं ₹1 लाख साल में हम लोग कैरियर डिफेंस में कर का रहे द तो अगर आप लोग एक्सपेंसेस को हॉस्टर में डालना चाहते हैं तो मैंने उनकी भी लिस्ट दी आपको अगर आप अफोर्डेबल में डालना चाहते हैं तो कैरियर डिफेंस के बारे में जरूर पता lagaiyega अमेजिंग लेकिन बच्चे को जिंदगी में 2 साल कम से कम हॉस्टल में जरूर भेजी है ये इस वीडियो का सारांश था इस वीडियो को हो सके उन पेरेंट्स को भेजिए जो अपने बच्चों को हॉस्टल भेजना चाहते हैं नए लेवल का कॉन्फिडेंस बिल्ट करने के लिए अगर आप बच्चे हैं तो अपने मां-बाप को भेजिए की आप अच्छे स्कूल्स के बारे में रिसर्च कर सके हॉस्टल के बारे में रिसर्च कर सकें हमारे साथ जुड़े रहने के लिए वर्ल्ड के नंबर वैन ऑन यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने और करवाने के लिए इस वीडियो को सही लोगों तक पहुंचने के लिए आप सबका हृदय के गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद [संगीत]
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