How Big is Tata Group Actually Jamsetji Tata Tycoons Of India Dr Vivek Bindra
बात आज से 3 साल पहले की है जब मैंने सर रतन टाटा के ऊपर एक वीडियो बनाया उनकी लाइफ जर्नी उनकी कहानी को कवर किया और वीडियो वायरल ट्रेंडिंग हो गया इतना वायरल ट्रेंडिंग हो गया कि उसको लगभग 18 मिलियन लोगों ने तो खाली मेरे एक youtube1 मिलियन से ज्यादा उसमें मैं देख रहा था कि कमेंट्स है हजारों हजारों हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ गए उसके अंदर उसमें एक हैशटैग मैंने डाला था भारत रतन फॉर रतन टाटा वो हैशटैग इतना वायरल हो गया उसके बाद रतन टाटा जी ने रिस्पॉन्ड भी किया उस रिस्पांस प हमने एक वीडियो बनाया था भारत रत्न रतन टाटा आज हमारे यहां नहीं है लेकिन आज आप समझ लो कि सॉल्ट हो शर्ट हो स्टील हो कॉफी हो केमिकल हो या कार हो स्टारबक्स हो या जगर हो इलेक्ट्रॉनिक्स हो या इलेक्ट्रिसिटी हो इंडिया में ट्रस्ट का दूसरा नाम केवल टाटा है केवल टाटा है टाटा को आज बच्चा-बच्चा जानता है लेकिन मैं आपको ले जाऊंगा 1870s जी टाटा जमशेद जी टाटा आज बिजनेस की स्ट्रेटेजी बताऊंगा जिसने टाटा को बनाया बिजनेस का विधाता स्वागत है आपका आपकी फेवरेट सीरीज टाइकून ऑफ इंडिया आज 10वां एपिसोड वो ब्रिलियंस जो लेके आएंगे कई बिलियंस आज बात करेंगे टाटा एंपायर की नीव रखने वाले साम्राज्य के पहले पहले पहले तीन बार बोला पहले विजनरी इस साम्राज्य के पहले विजनरी टाटा कंग्लोमरेशन के संस्थापक श्री जमशेद जी टाटा की बात आज करूंगा इन्होंने फॉर्म किया टाटा ग्रुप 1834 के अंदर धीरे-धीरे धीरे फास्ट फॉरवर्ड लेके जाऊंगा ऐसे ऐसे रेवोल्यूशन काम उस समय कोई सोच नहीं सकता था जिस समय अंग्रेजों की हुकूमत थी भारत में कोई बिजनेस बिल्ड नहीं कर सकता था आजादी के लिए लड़ाइयां लड़ी जा रही थी ये वो थे जो कि मैन बिहाइंड स्टील कैपिटल ऑफ इंडिया थे ये वो थे जिन्होंने जमशेदपुर में पहला स्टील प्लांट बनवाया था फादर ऑफ इंडियन इंडस्ट्री का नाम इनको दिया जाता है वन मैन प्लानिंग कमीशन अर्थमेटिक में इतने तेज कि आप ये समझ लो फायर सेफ्टी नॉर्म्स उस समय फायर स्प्रिंकलिंग नॉर्म्स उस समय जो अमेरिका अभी शुरू भी नहीं किया वो इंडिया में लकड़ दिया इन्होंने इनकी अर्थमेटिक एबिलिटी ऐसी थी कि आप समझ लीजिए कि जब ये दसवीं में होते थे बच्चे इनके साथ के बच्चे दसवीं में होते थे ये ग्रेजुएशन पूरी कर चुके होते थे इनका फाइनेंशियल कैलकुलेशन जबरदस्त पहली स्ट्रेटेजी फाइनेंशियल कैलकुलेशन ऑफ लोकेशन मालूम होना चाहिए आपको इनके पिता कॉटन का ट्रेडिंग किया करते थे छोटा-मोटा काम करते थे नवसारी से ये मुंबई आ गए मुंबई आकर के 14 साल की उम्र में पिता के साथ लग चुके थे विवाह इनका हो चुका था और उस समय इनको आगे व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए पिता ने इनको जापान चाइना यूरोप यूनाइटेड स्टेट्स जगह-जगह भेजा अच्छी पढ़ाई भी कराई ये टूर पे भी गए और टूर में बिजनेस के तौर तरीके सीख गए सप्लाई चेन ऑपरेशन फाइनेंशियल मैनेजमेंट क्या होता है यह कॉलेज की जगह इन्होंने दुनिया भर में घूम करके यह दुनिया भर में घूम करके बेस्ट प्रैक्टिस को कैप्चर करने वाले एक्सपर्ट थे विदेशी बाजारों में उन्होंने देखा कि भाई अच्छी क्वालिटी का कॉटन उसका पैसा ज्यादा मिलता है और इंडिया के पास कॉटन मिल मिलाने के लिए रिसोर्सेस थे कोल माइंस थी जिससे बिजली भी आ जाए लोग भी थे सोइल भी था और बेस्ट सी रूट भी बन चुका था तो मिल में मिला इनको एक ऐसा माइलस्टोन कि इन्होंने सोचा कि कॉटन मिल कॉटन ट्रेडिंग से ज्यादा प्रॉफिटेबल है इन् ये तो समझ में आ गया कॉटन मिल में मैं मैं खुद ही कॉटन बनाता हूं ना ट्रेडिंग कब तक करते रहूंगा इधर का लिया उधर बेचा इधर का लिया उधर बेचा अब एक अपॉर्चुनिटी भी थी डिफिकल्टी भी थी कि मैं कॉटन मिल बनाऊं कब आता है फाइनेंशियल कैलकुलेशन ऑफ लोकेशन ध्यान से समझना मुंबई पोर्ट सिटी यहां कॉटन बनाओ दुनिया भर में एक्सपोर्ट करो मुंबई में डिस्ट्रीब्यूशन चैनल है ज्यादातर मिल पारसी परिवारों की थी वहां पे तो पूरा इकोसिस्टम पूरी बिजनेस लॉबी बनी हुई थी तो सब मुंबई में ही मिल बनाते थे इनका दिमाग कहीं और चल रहा था इनका दिमाग चल रहा था इनिशियल कपेक्स कम लगे पैसा कम लगे ओपेक्स भी कम लगे ना केपेस लगे ना ओपेक्स लगे ना ज्यादा पैसा शुरुआत में लगे ना ज्यादा पैसा धंधा चलाने में लगे ये अलग ही सोच रहे थे तो कॉटन पॉलिस जो कि मुंबई हुआ करता था उस समय यानी कि तबका बॉम्बे कॉटन पोलिस बोलते थे उसको जैसे होते मेट्रोपोलिस कॉटन पोलिस तो परिवार दोस्त रिश्तेदार व्यापार के जानकार सभी ने कहा कि मुंबई सही जगह है जमशेद जी का अलग प्लान वो कहते हैं मैं कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस करूंगा ये मैंने बोला ना मैथमेटिक्स में गणित में बहुत तेज हुआ करते थे ये मुंबई से 800 किमी दूर नागपुर गए जाकर के नागपुर में पता लगाया इन्होंने कि भाई सारा कॉटन बन रहा है यहां से और यहां से मुंबई पहुंच रहा है इस लोकेशन का फाइनेंशियल कैलकुलेशन कर लेते हैं मुंबई और नागपुर को एलएचएस आरएचएस कर लेते हैं लेफ्ट हैंड साइड राइट हैंड साइड कर लेते हैं देखा इन्होंने कि मुंबई कॉटन कल्ट से बहुत दूर है 800 किलोमीटर कॉटन आनी पड़ती है बैलगाड़ी पर ठक ठक ठक ठक आराम से आएगी नागपुर में तो कॉटन कल्टीवेशन हुआ और सीधा मिल में पहुंच गया भा मुंबई तो क्योंकि रॉ मटेरियल के हमेशा सप्लाई के लिए डिपेंडेंट ही रहेगा ना निर्भर ही रहेगा अपाहिज ही रहेगा यहां तो रॉ मटेरियल पूरा मेरे कब्जे में अच्छी वाली माल रुकवा लू अच्छी रुई रखवा लू बाकी सारी मुंबई भेज दूं अब सप्लाई का जो चार्ज होता है वो मुंबई में पड़ता भाई 10 पैसा पर किलो और जहां पे पड़ता मुझको 6 पैसा पर किलो 40 पर तो पैसा मैं यहीं बचा लूंगा माल बैलगाड़ी से आया करता था तो डिले भी होता था और डिले की भी एक अपनी कॉस्ट है 10 दिन का डिले 000 की कॉस्ट आ जाती थी पर यहां पे प्रोडक्शन का कोई डिले है नहीं नागपुर में डायरेक्ट सप्लाई है और तो वो 000 पर डिलीवरी कॉस्ट भी बचा रहे वहां मुंबई में 000 पर डिलीवरी कॉस्ट एक्स्ट्रा पड़ रही है आएगा किस पे बैलेंस शीट पे तो आएगा इंपैक्ट आपके पीएनएल पे प्रॉफिट एंड लॉस पे तो आएगा सारा इंपैक्ट वो इंपैक्ट इन्होंने पहले गणित लगा लिया मैं कह तो रहा हूं अर्थमेटिक अरिमिल्ली होने वाला है वहां 15 मील पहले से ही है उनके बीच में खड़ा होना मुश्किल होगा यहां कंपटीशन है ही नहीं यहां मैं अकेला खड़ा हूं और पूरा हीरो बन के काम करूंगा तो उनका यहां पे ग्रॉस मार्जिन जो था ना यहां पे कम हो रहा था मुंबई वालों का ये ग्रॉस मार्जिन प्रोटेक्ट करके आगे बढ़ रहा है भैया कौन जमशेद जी टाटा टाटा ग्रुप के संस्थापक की बात कर रहा हूं टाइकून ऑफ इंडिया देख रहे हो स्वाद आ जाएगा इसका एडिक्शन हो जाएगा अगर आपने दो-चार एपिसोड देख लिए इनको ये समझ में आ गया भैया मेरे को वहां पे हाई इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट क्योंकि मुंबई में तब लैंड रेट ज्यादा था कमर्शियल हब था लैंड भी खरीदनी है फैक्ट्री बनाना कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट डालने है मेरे को ₹ स्क्वायर फीट आ जाएगा कॉल यहां पे जमीन बिल्कुल ऐसे मिल रही कौड़ियों के भाव चाहे कितना भी कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट डाल दूं नागपुर में अगर मैं लगा दूं तो ₹ स्क्वायर फीट में आधे से कम पैसे के अंदर लगभग इन्होंने बड़ा प्लांट खोल दिया बकर नागपुर में मैसिव कॉस्ट सेविंग शुरू में ही कर ली इन्होंने और पार्सी कम्युनिटी में कई लोग इनके खिलाफ थे कि भाई तुम गलत कर रहे हो जमशेद जी ने पर्सी यानी कि पियर प्रेशर पे पे ध्यान नहीं दिया कैलकुलेटिव मेजर पे ध्यान दिया बड़ी पसंद आई उदय कोटक जिसने कहा नए रेवेन्यू स्ट्रीम कहां से बनाऊं एक के बाद एक सब्सिडरी बनाते गए कैसे बनाई और ब्रिज मोहन मुंजाल उनका मुझे वर्टिकल डिसइंटीग्रेशन बड़ा पसंद आया ब्रिज मोन मुंजल रो मोटो कप दुनिया की लार्जेस्ट बाइक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी सब लोग आगे पीछे इंटीग्रेशन करते हैं आगे पीछे इंटीग्रेशन आपने मेरे वीडियो देखे हो तो ये समझ में आता है आपको इन्होंने आगे पीछे डिसइंटीग्रेशन कर दिया पीछे का मैं खरीद लू आगे का मैं खरीद लूं की जगह पीछे का मैं अलग किसी को बेच दूं आगे का अलग किसी को बेच दूं डिसइंटीग्रेशन कर दिया अपना पैसा लगाया नहीं और दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई हीरो मुंजाल का तो वीडियो आपको देखना बनता है फास्ट फॉरवर्ड दूसरी स्ट्रेटेजी इंप्रोवाइजिंग ऑन इनोवेशन अमेरिकंस यूरोपिय एक के बढ़कर एक इनोवेशन करें ये उनके इप्रो इनोवेशन में इंप्रोवाइजेशन ला दें अब मुंबई को हरा चुके थे नागपुर बैठे-बैठे लेकिन मुकाबला ग्लोबल जाइंट से था अब पूरी दुनिया सोच तो बहुत ही बड़ी थी ना टाटा ग्रुप सोचते 100 10000 साल आगे थे ये 100 100 साल आगे सोचते थे इनका एम था कि क्वालिटी कॉटन यान प्रोड्यूस करना है मुझे और फॉरन मिल से बेहतर करना है क्वालिटी भी क्वांटिटी भी एट लेसर कॉस्ट क्वालिटी मतलब बहुत बढ़िया रुई होनी चाहिए बहुत बढ़िया कपड़ा होना चाहिए क्वांटिटी मतलब बहुत ज्यादा होनी चाहिए कॉस्ट तो मैं लगने नहीं दूंगा बाहर के देशों के इनोवेशन पर नजर रखते थे कभी-कभी अपनी टीम के साथ ट्रेवल पर निकल जाया करते थे पता चले यहां दिवाली की छुट्टी होए और पांच सात दिन की छुट्टी हो तो यहां सात दिन की छुट्टी प 10 दिन की छुट्टी पर निकल जाए बाहर जाके इक्विपमेंट देखें कहां क्या इक्विपमेंट चल रहा है ऐसे एक ट्रिप के अंदर जमशेद जी ने अमेरिका के अंदर रिंग स्पिंडल देखा रिंग स्पिंडल और रिंग स्पिंडल का भी ट्रायल चल रहा था यूएस यूके के बड़े मैन्युफैक्चरर्स ने इस ट्रायल को रिजेक्ट कर रखा था और ट्रायल इनोवेटिव था बहुत बढ़िया था ो कॉम्प्लिकेटेड होने के कारण उन्होंने इग्नोर कर दिया कि भाई इस पर स्विच करने में कॉस्ट आ जाएगी काफी काम करना पड़ जाएगा स्विच करने पे क्योंकि पुरानी जो टेक्नोलॉजी थी उसको बोलते म्यूल स्पिनिंग आसान कर दूंगा चिंता मत करो मेरे साथ हो आप बहुत आसान करता हूं बच्चा भी समझ जाता है मेरे वीडियोस को म्यूल स्पिनिंग पुरानी वाली थी अब रिंग जो स्पिंडल थे उ नया वाला था अब रिंग स्पिंडल को अडॉप्ट करने के लिए इन्होंने क्या किया एक काम किया पहला एक काम करते हैं एक सेटअप लगा देता हूं बेसिक यहां पे ला कर के सबने इग्नोर किया इन्होंने इग्नोर को सबके इग्नोर को इग्नोर करके सबके शोर को को इग्नोर करके इन्होंने अपने आप को श्यर किया कि नहीं भा मैं श्योर होता हूं क्लोज ऑब्जर्व करता हूं इसके मैं फीचर पोटेंशियल और फ्यूचर पोटेंशियल दोनों को देखता हूं फीचर क्या है फ्यूचर क्या है उठा कर के ले आए एक सेटअप इंस्टॉल कर दिया उसके ट्रायल के अंदर उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी टेक्सटाइल मिलक की जो इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी थी दोनो सुनो एक बार टेक्सटाइल मिल बनाती है क्या कॉटन टेक्सटाइल मिल में मशीन बनाने वाली कंपनी यानी कि टेक्सटाइल मिल को सेटअप करने के लिए मशीन बनाने वाली कंपनी वो कंपनी थी दुनिया की सबसे बड़ी प्लैट्स प्लैट्स को उन्होंने ं का बड़ा आर्डर दे दिया कंपट र्स को लगा डिफेक्टिव मशीनरी में पैसा लगा रहा है भैया जमशेद जी टाटा नया नया लौंडो उनकी मिलक तो ले डूबेगी बिल्कुल उनको लगा टाटा का टाटा बाय बाय का समय आ गया ये टाइम आ गया टाटा करो इसको हां और जो है ना ये वहां पे मैन्युफैक्चर जो प्लैट था वो भी घबराया हुआ था पूरी दुनिया में कोई भी ऑर्डर नहीं देके गया एक अकेले जमशेद जी टाटा आए ना अमेरिकन ऑर्डर दे ना यूरोपियन ऑर्डर दे आर्डर देने पहुंच गए इंडिया से जमशेद जी उन्होंने कहा बहुत बड़ा ऑर्डर ले लिया और सारी की सारी लेकर के यहां पहुंच गए इंस्टॉलेशन के बाद अल्टरेशंस किए मैंने क्या बोला इनोवेशन सक्सेसफुल नहीं था इंप्रोवाइजेशन ऑन इनोवेशन सक्सेसफुल था है ना इंस्टॉलेशन सक्सेसफुल नहीं था अल्टरेशन आफ्टर इंस्टॉलेशन सक्सेसफुल था इन्होंने जो बनाया वह सफल नहीं था बनाने के बाद जो उसको उन्होंने अपने हिसाब से भारत में सुधारा वो इतना सफल हुआ इतना सफल हुआ कि उससे इनकी ओवरऑल प्रोडक्शन की कॉस्ट कॉस्ट खर्चा घट गया 50 पर टेक्सटाइल आउटपुट रेवेन्यू बढ़ गया 25 पर मैन पावर की कॉस्ट घट गई उस मैन पावर को अगली मशीनों पर लगा दिया और 20 पर उनका जो पानी और बिजली का खर्चा आता था वाटर और एनर्जी कंजंक्चर रिजेक्ट नहीं किया रिंग्स की वर्किंग को कुछ दिन तक ऑब्जर्व करने के बाद उन्होंने देखा कि मशीन कई घंटों तक घंटों घंटों तक लगातार बिना सोए बिना संडे के बिना छुट्टी के दिन बिना दिवाली दिशा र के लगातार काम कर सकती है यह घंटी यह जो मशीन है ये छुट्टी मांगती नहीं है यह मशीन को बीमार पड़ता नहीं बुखार होता नहीं खा होती नहीं है जुकाम होता नहीं है अमेरिकन जा म्यूल स्पिनिंग मशीन से एक दिन में 6000 चक्रिया घुमा रहे थे रेवोल्यूशन जमशेद जी की फैक्ट्री में यह 10 से 12 हज चक्रिया घुमा रहे थे रेवोल्यूशन यानी कि डेढ़ से दो गुना ज्यादा रेवोल्यूशन आराम से घुमा रहे थे और हुआ क्या ये तो थे क्वांटिटेशन बेनिफिट अब समझो क्वालिटेटिव बेनिफिट क्वालिटेटिव बेनिफिट के कारण इनको एक्सपोर्ट मिला वो क्या था फाइनेल बहुत आ गई यान जो है ना फाइनल पैकेज की तरह बन के निकलता था यान की जो क्वालिटी थी ना वो आप देखो वाइड रेंज भी बना सकते थे उसी मशीनों से सॉफ्ट वाला बनाना है कि हार्ड वाला बनाना है और ड्यूरेबल ऐसी के बाई लंबे समय तक स्ट्रांग और ड्यूरेबल देन एनी अदर मैनुअल मशीन जमशेद जी दूर ही सोचते थे बहुत आराम से 100 100 साल आगे के सोचते थे हम जमशेद जी ने अपनी स्ट्रेटेजी को लेके शोर थे रिंग्स को नहीं शोर को इग्नोर किया इन्होंने जमशेद जी कबड्डी के खेल की तरह विदेशी पाले में गए देखी कबड्डी कभी क्या करते हैं हां त त उनके इनोवेशन में जाके उनका हुत तू करके आ गए आफ्टर इंस्टॉलेशन उन्होंने जो अल्टरेशन किए वो थे इंप्रोवाइजेशन और इनोवेशन कई बार सामने वाला बड़ा अच्छा इनोवेशन करता है घबराना मत आप उसके इनोवेशन में भी इंप्रोवाइजेशन लाक उससे भी आगे निकल सकते हो उसको क्या बोलते हैं इंस्पायर्ड एग्जीक्यूशन व्हिच इज बिगर दन द ओरिजिनल इनोवेशन समझते जाओ धीरे धीरे-धीरे इजी करते जाता हूं आपको दुनिया की मिल्स में अपनी गलतियां समझने में अमेरिकंस को गलती समझने में यूरोपिय को गलती समझने में ब्रिटिशर्स को गलती समझने में आठ आठ 10-10 साल लग गए और तब तक ये जमशेद जी टाटा बहुत आगे निकल चुके थे उन्होंने बाद में आकर के ये रिंग वाली मशीनें अडॉप्ट करी और ये कहां से कहां पहुंच गया अगर आप भी किसी ऐसी डायनेमिक पर्सनालिटी जमशेद जी टाटा जैसी जानते हो जिसने बिजनेस को डायनेस्टी बना दिया उनकी कितनी बड़ी डायनेस्टी टाटा की लगसी है तो कमेंट में उसका नाम लिख दो ना मैं के स्टडी बनाऊंगा बना तो रहा हूं हर संडे आ रहा हूं मेरा कमिटमेंट है आपके साथ में और सब तक पहुंचाएंगे फास्ट फॉरवर्ड आगे चलते हैं कम्युनिटी से लॉयल्टी कम्युनिटी बेस्ड लॉयल्टी क्या था अभी नागपुर में एक बड़ा लफड़ा बच गया था यह आगे तो बढ़ते जा रहे थे यह ग्लोबल एक्सपेंशन की तैयारी भी कर रहे थे नागपुर में मिल ऑपरेट करने के बाद मशीनों में बहुत बढ़िया काम करके ले आए लेकिन मैन पावर नहीं टिक रही थी नागपुर में ना काम करने का कल्चर नहीं था काम करने का कल्चर मुंबई में हुआ करता थाना के लोगों को फैक्ट्री में सुबह से लेकर शाम तक बैठने का कल्चर था ही नहीं जब निकले बाहर चाय पी के आएंगे कहां जा रहे है कहीं जा रहे हैं जी अच्छा उनके य गाना बहुत चलता है झिंगाट झिंग झिंग झ झ झ झ झिंगाट उनको हर फेस्टिवल मनाना है उनको घूमना मजा छोटे शहर में वर्कर्स कभी सीरियस लेते नहीं थे रोजगार को मौजगढ़ फैक्ट्री में ही फैमिली को बुला लेते हैं वो सारा इमोशन यहीं इन्वेस्ट करा लेते हैं फैक्ट्री में परिवारों को रिश्तेदारों को बुला के सेलिब्रेट करना शुरू कर दिया जमशेद जी का सलूशन और जब वर्क प्लेस घर जैसा लगेगा तो मिल में अपने आप दिल लगेगा और मिल में अपने आप दिल लगने लग गया लंच करने के लिए जब ये घर जाते थे कि भैया मैं तो लंच घर पे खाऊंगा मैं बीवी जो है गरम गरम पराठे बना के दे हम नहीं डब्बे में लाएंगे ठंडा खाना खाएंगे हम जाके घर पे साइकिल पे टन टना पे पहुंचे अच्छा फैक्ट्री में कैंटीन बना दी गरम गरम खाना आपको यही मिल जाएगा तो टू विन द मार्केट प्लेस यू हैव टू फर्स्ट विन द वर्क प्लेस व वर्क प्ले जीत लिया इन्होंने बात अभी यहां नहीं बची कईयों को खेलने में रुचि है जो यंगस्टर है उसका अलग प्रॉब्लम है उसको फुटबॉलर बनेगा मेराडो बनेगा है जी उनको इधर-उधर भागना है कहां कहां जाना है वो कह रहे हैं फैक्ट्री में स्पोर्ट्स डे चालू कर दो फैक्ट्री में ही खिलाओ उनको फैक्ट्री में ही गेम्स खिलाओ जमशेद जी हर चीज का सलूशन निकाल लेते रहे क्योंकि आप बिजनेस नहीं बनाते हैं आप लोगों को खड़ा करते हैं जब बंदा खड़ा हो गया धंधा खड़ा हो गया यू डोंट बिल्ड बिजनेस यू बिल्ड पीपल एंड एंड व्हेन यू बिल्ड पीपल देन दोस पीपल विल बिल्ड योर बिजनेस अब इन्होंने क्या देखा फिर भी जो है ना पत्नी का जोर बड़ा रहता था पति तो खुश होने लगा फैक्ट में पत्नी कहती थी कि भाई फेस्टिवल पे गांव जाएंगे हैं जी तो इन्होंने फेस्टिवल को फैक्ट्री में सेलिब्रेट करना शुरू कर सारी कम्युनिटी इकट्ठी कर दें होली हो दिवाली हो रक्षाबंधन हो दशहरा हो कुछ भी हो किसी भी धर्म का त्यौहार हो सबको इकट्ठा कर रहे हो खूब जबरदस्त सेलिब्रेशन लोगों को लगे भाई यही परिवार है वैसे छुट्टी से मुझे एक बात याद आ रही है कि त्यौहारों का सीजन है छुट्टियों का सीजन है और वीडियो से बेहतर गिफ्ट किसी के लिए क्या होगा देखो अपने यार दोस्तों को सोनपापड़ी बहुत देते हो दिल्ली में सब देख रहे हैं दिवाली खूब सोनपापड़ी इस बार सोनपापड़ी के साथ स्ट्रेटेजी भी बांटो बोलो ये सोनपापड़ी के साथ स्ट्रेटेजी दे रहा हूं आपको मैं और ये वीडियो लोगों को शेयर करो है ना सोन पापड़ी अच्छी होती है लेकिन स्ट्रेटेजी थोड़ी और भी अच्छी होती है कई सोन पापड़ खरीदने की फैक्ट्रियां लगाने की क्षमता बिल्ड कर देती है बात यहां खत्म नहीं हुई आगे बढ़ते हैं थोड़ा फास्ट फॉरवर्ड फैक्ट्री में ना वर्कर्स को कई बार खुले में बैठने का मन करता था अरे बहुत देर हो गया दो-तीन घंटा काम करते हुए जाए जरा पेड़ के नीचे आराम से बस आएंगे है जी क्या कर रहे हो भैया ले उनको अपना मजा करना है अपना इन्होंने क्या किया इन्होंने कहा फैक्ट्री के अंदर प्लांट को ई खुले खुले वेल वेंटिलेटेड प्लांट बना दिए पहली उस समय इतना नहीं सोचता था कोई उस समय उस समय मतलब सरकारी नौकरी के बारे में कोई सोचता नहीं था और सरकारी नौकरी के बारे में सोच भी ले तो भी सोच नहीं पाता था क्योंकि उन्होंने सरकारी नौकरी से ज्यादा फायदे अपने यहां आज से लगभग 200 साल पहले 150 साल पहले या उस समय पेंशन उस समय प्रोविडेंट फंड उस समय ग्रेच्युटी जब सरकार ने चालू भी नहीं किया था उस समय एक्सीडेंट प कंपनसेशन उस समय पैसे का कंपनसेशन ट्रीटमेंट का कंपनसेशन उस समय अगर डेथ हो जाए तो परिवार के सदस्यों को नौकरी मिल जाए उस समय मेडिकल इंश्योरेंस लाइफ इंश्योरेंस उस समय लो बहुत मिनिमम इंटरेस्ट पे उस समय फिक्स वर्किंग आवड बना दिए कि इसके ऊपर आपको हम लोग ओवर टाइम दिया करेंगे ये वो समय की बात कर रहा हूं ये जमशेद जी टाटा थे इनकी एचर पॉलिसीज को आज दुनिया भर में इंप्लीमेंट किया जाता है ये अपने एंप्लॉई को कंफर्टेबल बना देते हैं क्योंकि जब डिस्कंफर्ट आएगा तो वो कंपट र के पास चला जाएगा इनके वर्कर्स जो कभी आलसी हुआ करते थे उनके लिए क्या किया इन्होंने अवॉर्ड रिवॉर्ड रख दिया ताकि एंगेज हो जाए जो पहले दूसरों पे अपना काम थोपते थे अब वो दूसरों का काम करके अवार्ड लेने की होड में लग जाते थे कंपटीशन बिल होने लगा स्कोर बोर्ड तैयार हो गया परफॉर्मेंस आगे बढ़ते चली गई जो लोग न से पाच का रूटीन समझते थे अब हाई परफॉर्मिंग वर्कर्स को वो स्पेशल रिवर्ड करने लगे तो उनका भी मन बदल गया अच्छा फिर भी कुछ ना कुछ पैरासाइट बच जाए हा जी दो बार पंच एक बार लंच लाइफ है टंच रघुपति राघव राजा राम जितनी तनखा उतना काम ये क्या ये बोले सारे मेहनती एंप्लॉई को पीछे से थोड़ा उंगली करें जी गुब्बारे में पिंड डालेंगे गुब्बारा फूट जाए तो मेहनती एंप्लॉई से बो ज्यादा मेहनत करोगे ना काम करोगे उतनी तनखा नहीं करोगे उतनी तनखा क्या फायदा ज्यादा इन्होंने क्या किया ज्यादा काम करना ने वालों को गोल्ड वॉचेस देनी शुरू कर दी गोल्ड रिंस देनी गोल्ड चेंस देनी शु कैश देना शुरू कर दिया अब जब गोल्ड घड़ी के लिए वर्कर्स बिना घड़ी देख के काम करने लगे तो काम आगे ऐसे ऐसे ऐसे बढ़ने लगे ये इतनी विजनरी फिलॉसफी थी जमशेद जी टाटा की कि ये कहते थे कि प्रेज देयर क्रेडेंशियल टू रेज देयर पोटेंशियल अरे क्या गोल्डन स्टेटमेंट है कमाल की बात है प्रेज देयर क्रेडेंशियल टू रेज देयर पोटेंशियल कहते तनख्वा के साथ वाह वाह भी जरूरी है केवल तनख्वा से काम नहीं चलेगा वाह वाह भी चाहिए हमारे को ताकि जेब और जजबा दोनों रिचार्ज हो जाए इसको उन्होंने कम्युनिटी तैयार कर दिया कम्युनिटी से आ गई लॉयल्टी अब लोग नागपुर के अंदर काम करने लगे पहले अटेंडेंस किसी भी दिन अच्छे से अच्छे दिन 75 पर नहीं होती थी और अब अटेंडेंस बुरे से बुरे दिन 95 पर नहीं होती थी 95 पर से ऊपर रहती थी रिकॉग्निशन ने उनके फ्यूल कर दिया मोटिवेशन को आप भी इस वीडियो को शेयर करो आपको शेयर करने का रूल आपको पता होना चाहिए रूल क्या है # टाकून ऑफ इंडिया # डॉ विवेक बंदरा मैं आपका वीडियो ढूंढ लूंगा और मैं आपके शेयर किए हुए वीडियो को अपने कर दिया ये मॉडल दुनिया में 1960 में आया इनके दिमाग में 1860 में आ गया सही समय पे 1800 सदी अभी चल रही थी उसके एंड की तरफ इन्होंने इसको इंप्लीमेंट किया इसको बोलते हैं कर्क पैट्रिक मॉडल ऑफ लीडरशिप बहुत जबरदस्त मॉडल है कि टीम को ट्रेन करके तैयार कैसे करें लीडरशिप का तरीका क्या है लीडरशिप वो होता है जो कि फॉलोअर नहीं तैयार करता और लीडर्स बनाता है जमशेद जी के पास वर्कर्स तो थे पर उनको मैनेज करने के लिए लीडर्स नहीं थे अभी लीडर सब मुंबई में होते थे मुंबई से नागपुर आना नहीं चाहते थे स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी थी जो स्किल्ड वर्कफोर्स थी वो मुंबई रहती थी इनके पास नॉर्मल वर्कफोर्स को स्किल्ड वर्कफोर्स बना रहे थे मुंबई छोड़ के जब नागपुर ना आए तो उन्होंने सोचा कि मैनेजर्स को बाहर से हायर करने की जगह अपने लीडर्स को मैं डेवलप करने का प्लान बनाता हूं बाहर से हीरो ढूंढने से अच्छा है अंदर के हीरो को बाहर निकालो स्ट्रांग को स्ट्रांग पर बनाओ स्ट्रांग को स्ट्रांगेस्ट बनाओ इसके लिए उन्होंने एक अप्रेंटिस प्रोग्राम लांच किया फोर स्टेप्स पे मैंने बताया ना 1960 में आया था कर्क पैट्रिक मॉडल के आई आर के पैट्रिक हां पी ए टी आर आई सीके इसके ऊपर google2 साल पहले अपने यहां इंप्लीमेंट कर दिया दिया जिस प्रिंसिपल को 75 साल 80 साल पहले इंप्लीमेंट किया कैसे किया इसमें चार चीजें हैं पहले जब भी किसी की ट्रेनिंग करेंगे ना तो उसके आउटपुट को कैलकुलेट जरूर करना है ट्रेनिंग टाइम पास प्रोग्राम नहीं है ट्रेनिंग में मुझे पूरी जर्नी उसकी कैलकुलेट करनी है तो ट्रेनिंग के दौरान फीडबैक लेते थे कि एंप्लॉई ने फील कैसा किया तो उसको बोलते हैं ट्रेनिंग में फीडबैक फॉर्म भरवाना कैसा महसूस किया ट्रेनर पार्टिसिपेंट का बहुत अच्छा महसूस किया जी बढ़िया ट्रेनिंग दे रहे हैं अच्छा गच्छा लेकिन इतने से काम नहीं चलेगा ये क्या करते थे ऑन द जॉब ले जाते थे कमरे के अंदर नहीं हां किसी हॉल के अंदर ट्रेनिंग नहीं करता ऑन द जॉब फैक्ट्री में शॉप फ्लोर के अंदर वहां ले जाकर के ट्रेनिंग करें और उसके बाद क्या करें सुबेरे पहले उसका टेस्ट ले ले प्री टेस्ट और शाम को ले ले पोस्ट टेस्ट तो वो हो गया सेकंड स्टेप प्री टेस्ट और पोस्ट टेस्ट सुबह उसके नंबर आए 10 में से तीन शाम को उसके नंबर आए 10 में से आठ अरे काफी कुछ सीख गया तो ये प्रोबेशन पीरियड के दौरान रेगुलर प्री टेस्ट पोस्ट टेस्ट प्री टेस्ट पोस्ट टेस्ट सुबह ले प्री टेस्ट शाम को ले पोस्ट टेस्ट पता चल जाए आदमी इंप्रूव कर रहा है कि नहीं कर रहा और फिर उसके बाद तीसरे स्टेज में देखते थे कि बिहेवियर में क्या चेंज आया कौन से इसके स्किल अच्छे हुए हैं हम पहले देखा कैसा महसूस किया दूसरा देखा क्या सीखा तीसरा देखा क्या परिवर्तन लेकर के आया और परिवर्तन अगर अच्छा लेकर के आया कोई स्केल अच्छे हुए हैं तो उसको उस हिसाब से डिपार्टमेंट में डालेंगे पर चौथा देखते हैं अब इसने क्या कमा के दिखाया कमाई करेगा दो तरीके से या कमाई बढ़ाएगा या खर्चा घटाए दो तरह से कमाई हो सकती है खर्चा घटा के हो सकती है कमाई बढ़ा के हो सकती है तो ट्रेन मैन पावर के फाइनेंशियल आउटपुट को मेजर करते थे क्या मुनाफा कमाया क्या कॉस्ट को घटाया तो ये चार चीजें मैं सराइज करता हूं इजी कर देता हूं आपके लिए पहला कैसा महसूस किया बढ़िया महसूस किया फीडबैक अच्छा है दूसरा क्या सीखा प्रीटेस्ट पोटेस्ट का फर्क 10 में से तीन से 10 में से 10 पे पहुंच गया तीसरा है क्या चेंज इन बिहेवियर लेके आया क्या परिवर्तन लेके आया कौन सा स्किल लेके आया और चौथा है कितना कमाया क्योंकि ट्रेनिंग के बाद अगर मेरे पीएनएल पे फाइनेंशियल इंपैक्ट नहीं पड़ा तो वो ट्रेनिंग टाइम पास हो जाएगी ट्रेनिंग नहीं कह आएगी इनका ट्रेनिंग का तरीका इतना कॉस्ट इफेक्टिव हो गया कि जितनी कॉस्ट में वो एक मैनेजर को हायर करते उतनी में वो चार को अपने यहां बिल्ड कर लेते यानी कि एक के लाने की कॉस्ट पे चार की कमाई इन्होंने चार की तैयारी कराई इन्होंने चार की इन्होंने करी कमाई और 4 साल के अंदर-अंदर क्या हुआ 16 पर डिविडेंड शेयर होल्ड को दिया इतना अच्छा परफॉर्म किया और जून 1920 आते-आते 43 साल के अंदर क्या हुआ मालूम जितना पैसा इनिशियल कैपिटल लगाया था उसका 50 गुना ओरिजिनल इन्वेस्टमेंट का बाहर आ चुका था इतना आगे निकल गए ये था कर्क पैट्रिक मॉडल ये था लीडरशिप की बात हो ना कर्क पैट्रिक मॉडल की तो लीडरशिप फनल की बात ना करूं ऐसा तो हो नहीं सकता और ऐसा मैं होने भी नहीं दूंगा मैं आपको एक एक बड़ी अच्छी न्यूज़ देना चाहता हूं इस बारी न्यूज़ क्या है एक कुछ कंपनियों के नाम बताता हूं एपी केसी इंटेंज सेसी पोशाक सिटी समोसा और कॉफी सोलर टव हो सकता है अभी आपने इनका नाम ना सुना हो पर पूरा देश और पूरी दुनिया इनका नाम बहुत जल्दी सुनने वाले हैं क्योंकि इनका ऐसा टर्न अराउंड कर रहा हूं ये लीडरशिप फॉन में मुझे मिले थे अब इनका हाथ पकड़ लिया हमने उंगली पकड़ ली हाथ पकड़ लिया साथ पकड़ लिया अब इनके फाउंडर से मैं रेगुलरली मिलता हूं इनको इंप्रूव करने में मदद करता हूं उनकी प्रोडक्टिविटी एंप्लॉयज की रिटेंशन उनके एंप्लॉयज कैसे टिके ब्रांडिंग कैसे करें एक्सपेंशन कैसे करें फ्रेंचाइजी कैसे मिले डिस्ट्रीब्यूशन टेक ऑटोमेशन कैश फ्लो वर्किंग कैपिटल फंडिंग इस सबके ऊपर इनके साथ काम कर रहा हूं इनको ब्रांड एंबेसडर दिला रहा हूं इनकी कंपनी के साथ मैंने एक शेयर होल्डर एग्रीमेंट साइन किया है टर्म शट साइन किया है एक छोटी हिस्सेदारी ले ली इनकी कंपनी में अब इनकी कंपनी और मेरी कंपनी एक ही कंपनी बन गई है ये सब लीडरशिप फनल में मुझे मिलते हैं और अगर फाउंडर में दम होता है ना जो लीडरशिप फनल में आता है मैं उसका हाथ पकड़ लेता हूं मैं उसको की अकाउंट मैनेजर देता हूं उसको इन्वेस्टमेंट बैंकर उसको वेंडर उसको मर्चेंट बैंकर उसकी मार्केटिंग प्रमोशन ब्रांडिंग सब करता हूं और अब ये सारे के सारे लोग जो है थोड़े दिनों में आईपीओ जाएंगे अब एक के बाद एक एक के बाद एक कई कंपनियां आ रही है अप्रोच कर रही हैं कि हमारा भी हाथ पकड़ लीजिए हमें भी आईपीओ जाना है अगला लीडरशिप फनल वैसे इस समय हो रहा है 8 9 10 नवंबर को होता है बीच-बीच में इस बार 8 9 10 नवंबर को हो रहा है तो आपको तो क्या करना है कॉल नाउ कॉल नाउ कॉल नाउ कॉल ना कॉल नाऊ कॉल नाऊ वीडियो भी देख लो उसके बाद कॉल कर लो वीडियो रोक के पॉज करके चाहे अभी कॉल कर लो पता लगा लो फास्ट फॉरवर्ड पांचवी स्ट्रेटेजी पर चलते हैं एनपीए टर्न अराउंड ये टाटा की बहुत बड़ी स्पेशलिटी है एनपीए टर्न अराउंड होता क्या है इजी कर दूं थोड़ा सा हां एनपीए मतलब नॉन परफॉर्मिंग एसेट एनपीए मतलब जिसको कर्जा भी ना मिले एनपीए मतलब जिस कोई लोन भी ना दे एनपीए मतलब जो कि लॉस में जा चुका है खत्म हो चुका है एनपीए टर्न अराउंड यानी कि एंप्रेस मिल में सक्सेस ले चुके थे एंप्रेस मिलक कौन सी नागपुर वाली जो उनकी थी अब इनको एक्सपेंशन करना था तो स्वदेशी मूवमेंट चल रहा था तो उन्होंने स्वदेशी मिलक की तैयारी करी स्वदेशी मिल रजिस्टर करी स्वदेशी मिल को एक्चुअली प्लान ढूंढना था मुंबई के अंदर और वो नई मिल बनानी थी अब उस नई मिल बनाने के लिए रिसर्च कर रहे थे पेपर में एक ऐड देखी कि धर्म स मिल एक कुरला के अंदर एक ऐसा प्लांट है जिसके ऊपर किसी की कोई बददुआ लग चुकी है क्या लग चुका है कोई ऐसा जिंक्स आ चुका है कोई काली नजर लग चुकी है क्या हो गया कि जो ले उसको प्लांट फेल हो जाए जो ले प्लांट फेल हो जाए इन्होंने सोचा नया मिल बनाऊंगा बहुत टाइम लगेगा हम अपना दिमाग लगाते हैं हम इस प्लांट को चलाते हैं हम इनसे बातों में भरोसा नहीं करते इन्होंने वो लॉस मेकिंग मेल उठा ली और बोला इसको प्रॉफिटेबल बनाने का मैं आज जिम्मेदारी लेता हूं मैं वही आगे रतन टाटा जी ने भी किया जागवा लैंड रोवर के साथ कहां से कहां पहुंचा दिया फड को उन्होंने उनकी बेइज्जती का बदला लिया था इन्होंने भी ऐसा ही किया कि कोई कहीं कहानी सुनाने पर बात नहीं करी अपने कैलकुलेशन बना लि कि मैं इसको कैसे आगे लेक जाऊंगा इजी था पर करना बहुत मुश्किल था अपने आप में साथ-साथ डिसीजन सोचने में इजी लग रहा था मिल में ना बहुत दिक्कत थी मिल चार बार पांच बार बिक चुकी थी अलग-अलग हाथों से तो मिल बिल्कुल बर्बाद हो चुकी थी मतलब खंडरई हो चुकी थी और जितने चार पांच लोग पिछले गए सब बैंकर पट हो चुके थे ये थे जमशेद जी टाटा टाइकून ऑफ इंडिया टाटा की रेपुटेशन दाव पे थी इनको मालूम था इन्होंने क्या किया सारे के सारे एक्सपर्ट बुलाए बोला हिसाब किताब जोड़ के बताओ ये मिल में कचरा पानी मटेरियल जो भी पड़ा इक्विपमेंट पड़ा लैंड बिल्डिंग कॉस्ट क्या है बोलो 14 लाख मिल इनको मिल रही थी 12 लाख पे इन्होंने कहा 2 लाख कम पे मिल रही है लाओ ले आओ दे दो मिल ले ली इन्होंने 12 लाख में 12 लाख में लेते ही पहले ही केस के अंदर उन्होने 2 लाख तो कम से कम बचा लिए अब इन्होंने प्रॉब्लम मेरि आईडेंटिफाई की पेन पेपर प बैठते हैं प्रॉब्लम लिखते हैं उसके बाद उसका रीजन लिखते हैं और उसके बाद उसके सलूशन और स्केल प काम करते हैं पहली दिक्कत क्या है वर्कर तो वहां पे आएंगे ही नहीं क्योंकि कहते हैं कि इसम श्राप लगा हुआ है इस मिल पे इस मिल पे श्राप है डिमोटिवेटेड वर्कर फ्रीक्वेंसी के वर्कर काम पे आ भी जाए तो उनको लगता है यार क्या करेंगे आ करके थोड़ी दिन में ये फिर से बिक जाएगी फिर बंद हो जाएगी कुछ नहीं होने वाला एंप्लॉई का मॉडल सबसे जल्दी गिरता है कभी आपकी कंपनी में खतरा है ना सबसे पहले एंप्लॉई घबराते हैं हमेशा सबसे पहले एंप्लॉई घबराते हैं वहां घबराए हुए एंप्लॉई थे ये सोचा क्या करूं मैं इन्होंने क्या किया नागपुर से अपने टॉप परफॉर्मर्स को बुला लिया टॉप परफॉर्मर्स को बुला कर के उस ओरिजिनल वर्कफोर्स में से सुपर सॉलिड लोगों को लाकर के यहां पे उनको परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव देने शुरू किए हैं जी खरबूजा खरबूजे को देख के रंग बदलता है सुने हो ना नहीं सुने ये जमशेद जी टाटा सुनाए थे खरबूजा खरबूजे को देख के रंग बदलता है वही हुआ उनको देखा देखी लोग क भाई क्या जबरदस्त काम कर रहे हैं ये हम भी लग जाएं इन्होंने क्या किया परफॉर्मेंस बेस्ड कल्चर का इंजेक्शन लगा दिया सब में हैं जी पीछे जो है ठू इंजेक्शन लगे आदमी भागे काम करने में लग जाए परफॉर्मेंस पे कल्चर जादू कर सकता है हो गया कल्चर का जादू पुरानी नागपुर में जो कल्चर का जादू लेके आए थे वो यहां डाल दिया यही सेलिब्रेशन अवार्ड रिवॉर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पीएफ सब कुछ सारे सिस्टम ऐसे लगा दिए लोग कहे पहली बार मुंबई में हो रहा है लोग चल पड़े काम करने अच्छा यह सब ठीक था पर जो मिलक के साथ में इन्होंने जिन शेयर होल्डर्स के साथ में मिलक खरीदी शेयर होल्डर की टर्म्स अजीबोगरीब डिजाइन हो गई थी उनका क्या था हर यूनिट प्रोडक्शन के बेसिस पे वो 10 पर का कमीशन ले लेते थे जितने शेयर होल्डर थे अब कंपनी को प्रॉफिट हो या कंपनी को लॉस हो उनका 10 पर पक्का भाई तो जितना बनाएगा उसमें 10 पर हम ले जाएंगे यानी कि रेवेन्यू का यानी कि सेल का यानी कि प्रोडक्शन का 10 पर लेके जा रहे हैं जमशेद जी ने कहा नहीं चलेगा सबको बुलाया बिठाया बोले मैं जीतूंगा तो तुम जीतोगे तुम जीतोगे तो मैं जीतूंगा हम जीतेंगे तो हम सारे जीतेंगे सबको जिताना बहुत जरूरी है मानते हो नहीं मानते हो बोले मानते हैं तो बोले ऐसा करो फिर माल बनने दो बिकने दो जो प्रॉफिट आएगा उसका 10 पर तुम्हारा रूल क्या है कॉस्ट मूव्स आउट ओनली व्हेन द प्रॉफिट कम्स इन अभी क्या हो रहा था कॉस्ट इज मूविंग आउट इर रिस्पेक्टिव ऑफ प्रॉफिट कमिंग इन प्रॉफिट आ रहा है नहीं आ रहा खर्चा जा रहा है यहां इन्होंने क्या कहा भाई कॉस्ट तब जाएगी जब प्रॉफिट आएगा उसमें से ले लो तुम अब क्या हुआ इससे इससे एक फर्क आया मैनेजमेंट ने सोचा प्रॉफिटेबल करो भाई प्रॉफिटेबल करो हमें पैसा कमाना है शेयर होल्डर ने बोला प्रॉफिटेबल करो भाई पैसा कमाना है वर्कर ने बोला प्रॉफिटेबल करो भाई हमें बोनस कमाना है सबने बोला प्रॉफिटेबल करो भाई हमको कमाना है हमको कमाना है आउटकम ओरिएंटेड रिवॉर्ड सिस्टम हो गया ये तब की बातें बता रहा हूं आपको तब कोई मैनेजमेंट कॉलेजेस नहीं होते सिखाने के लिए अब रही बाकी बात कि मुझे मिल उसी मिल से प्रोडक्शन दो तीन चार गुना बढ़ानी है क्या करूं मशीने तो पुरानी है वही इंडियन मशीने है इस बार इनको एक्सपीरियंस हो चुका था यूके से मशीनरी खरीदने का सोचा अब ऐसे में उनको कैपिटल की जरूरत थी इस मिल के नाम पे लोन नहीं मिलता था इस मिल के नाम पर नहीं मिलता था ना कोई शेर शेयर होल्डर पार्टिसिपेट करना चाहता था और तो ये गए वापस नागपुर में अपने एक्सप्रेस मिल जो उनकी अपने पहली मिल थी एंप्रेस मिल उस एंप्रेस मिल के इन्होंने अपने कुछ शेयर्स को बेचे कुछ पैसे का जुगाड़ किया और चले गए और उसके बाद जाकर के मशीनें लेकर के आए यूके से लेकिन अभी भी प्रोडक्टिविटी बढ़ गई पर डोमेस्टिक माल बेच रहे थे इन्होंने कहा कि भाई फॉरेन मार्केट बेचनी है तभी एक नया अद्भुत काम हुआ था न्यू स्विस कनाल रूट बना था एक ये जो स्विस कनाल रूट था ना ये अद्भुत था ये भारत है ये भारत यहां से निकलते हुए नीचे से मोल्डिव और मोरिशियस के नीचे से होते हुए साउथ अफ्रीका के नीचे से होते हुए ये पूरा घूमते पूरा चक्कर काट के वाह कहीं यूरोप में लंडन में पहुंचता था वहां जाके माल बेचता था अब य जुगाड़ ऐसा होगा कि बीच में से ही एक रास्ता निकल आया इसको बोलते हैं सिल्क रूट ह ये यूरोप और एशिया को सीधा कट करके लिंक करता था यानी कि मेडिटरेनियन सी और रेड सी को आपस में लिंक कर रहा है ये और उसके लिंक करने से क्या हुआ 7000 किमी का ट्रैवल बच गया इन्होंने कहा अब एक्सपोर्ट चालू करो मेरे एक्सपोर्ट की कॉस्ट भी कम हो गई ज्योग्राफिकल मार्केट डायवर्सिफिकेशन छा गए वहां से इंपैक्ट इतना आ गया कि 2 साल के अंदर इन्होंने मिल का पूरा रंग रूप बदल दिया वो धर्म स मिल जो पहले से हमेशा से घाटे में रही जो हमेशा से उसके बारे में बुरा भला बोला गया उसके शेयर होल्डर्स को जब डिविडेंड मिलने लगा तो समझ में आया इसके बाद अब इनकी तूती बोलने लग गई थी इनका नाम का सिक्का चलने लग चुका था अब ये इनका इतना नाम हो गया भारत में अब ये भारत के सबसे बड़े करोड़पति हों में सबसे अमीर लोगों में आ गए हां इन्होंने टर्न अराउंड कर दिया एक नॉन परफॉर्मिंग एसेट को ये थी मेरी ल अब मुझे तो देखो आपसे फंडिंग नहीं चाहिए और मुझे नहीं चाहिए मुझे आपसे कुछ भी नहीं चाहिए मुझे चाहिए आपका फोकस बस खाली अपना फोकस दो सब्सक्राइब इसलिए करलो ताकि नोटिफाइड होते रहो इस तरह की वीडियो संडे वाली ना मिस हो जाए आपसे चलते हैं फास्ट फॉरवर्ड ये अजीबोगरीब स्ट्रेटेजी है हैं जी ये है आरओ आई वर्सेस आर ओई ताजमहल होटल आरओ आई वर्सेस आरओ क्या है ये रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट वर्सेस रिटर्न ऑन ईगो इनको वाटसन होटल में किसी ने इनकी ईगो हर्ट कर दी थी बहुत बुरी तरीके से जमशेद जी अपने एक विदेशी दोस्त के साथ में जो उनके साथ बिजनेस करना चाहता था मुंबई के सबसे प्रीमियम होटल में गए उसका नाम था वाटसन होटल और उसके जब लंच प उन्होंने इनवाइट किया ये गए वहां पे तो ये अपना लॉन्ग सूट बूट पहन के स्मार्ट थे हैंडसम थे पूरा परिवार ही ऐसा था अमीर आदमी थे बहुत रुतबे वाले आदमी थे उन दिनों गाड़ियों में घूमते हुए दिखाई पड़ा करते थे मुंबई के अंदर कौन गाड़ी चलाता था पहली गाड़ी मुंबई में इन्होंने चलाई अपना सड़क पे और रस्ते में खराब होती थी गाड़ी इनको एडवेंचरस लगता था गाड़ी खराब हो रही है लोग आके देख ही रहे हैं कोई बात नहीं गाड़ी चला रहे हैं तो लोगों को इंस्पिरेशन मिल रही है गाड़ी भी चलानी चाहिए और जमशेद जी का इतना नाम और उसके बावजूद उन्होंने देखा कि उनको इस ये बोल के घुसने नहीं दिया गया कि इंडियंस आर नॉट अलाउड भारतीय अंदर अलाउड नहीं है यह केवल अंग्रेजों का होटल है बहुत हर्ट हुए और सोचा अगर मेरे जैसे इनफ्लुएंशल आदमी को होटल में एंट्री नहीं मिलेगी तो बाकी इंडियंस का क्या हल होगा बाकी इंडियंस के हिसाब से सोचने लगे इस इंसीडेंट ने उनको इंडियन होटल इंडस्ट्री को स्टडी करने पे मजबूर कर दिया रिजेक्शन ने उनको प्रोजेक्शन दिया क्या प्रोजेक्शन होना चाहिए इसका क्योंकि होटल के धंधे में कमाई होती नहीं है इसीलिए मैंने बोला रिटर्न ऑन ईगो नहीं चाहिए रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट चाहिए तो इनका दिमाग लगातार चल रहा था कि होटल के धंधे में कमाई कैसे हो होटल तो मैं खोल दूंगा चलो ठीक है ताजमहल होटल खोल दूंगा जितने कहीं बार आप वीडियोस देखते हो ना और नहीं था जहां इंडियंस अलाउड हो एक भी नहीं था ये इन्होने मार्केट स्टडी करनी शुरू करी ये टाटा स्टील भी जब बनाए तब भी आठ आठ साल मार्केट रिसर्च किया करते थे मार्केट रिसर्च बहुत बड़ा गेम चेंजर होता है जमशेद जी ने होटल इंडस्ट्री में घुसने के लिए थ्री पॉइंट मनी मेकिंग मॉडल देखा पहला क्या देखा इंडियन डायस्पोरा की पॉपुलेशन कैलकुलेट करी कि भाई 4 लाख इंडियन डायस्पोरा है जो इंडिया ट्रेवल करते हैं इनको ट्रेवल करना है तो बिजनेस करने के लिए आएंगे तो मुंबई आएंगे इनके लिए कोई होटल नहीं है ये साउथ अफ्रीका से आ रहे हैं कैरेबियन से आ रहे हैं मॉरिशियस से आ रहे हैं मलेशिया से आ रहे हैं यूएस से आ रहे हैं यूरोप से आ रहे हैं जो इंडियन लॉट के आ रहे हैं इस समय उनके लिए तो कोई जगह ही नहीं है यहां पे और अल्ट्रा एचएन आई जो इंडिया में रहता है अल्ट्रा हाई नेटवर्क इंडिविजुअल जो इंडिया में रहता है वो 50000 से ज्यादा लोग हैं और अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल वाला तो मुंबई आएगा ही आएगा ऐसे 50000 लोग अच्छा बॉम्बे में ही सन 1900 के अंदर उस समय 10000 बड़े अमीर लोग हुआ करते थे कलकाता में 5000 दिल्ली में 5000 चेन्नई में 3000 ने सोचा इतने लोग बिकॉज बम्बे इज द ट्रेडिंग कैपिटल ऑफ इंडिया बिजनेस कैपिटल ऑफ इंडिया दिल्ली कैन बी द नेशनल कैपिटल इंडिया लेकिन बम्बे बिजनेस कैपिटल है और यहां पे बिजनेस के सिलसिले में लोग आते हैं और इंडियंस को फिर आकर के धर्मशाला में लॉज में डॉरमेट्री में रिश्तेदार के यहां कहीं ना कहीं किसी के यहां बिस्तरे के साथ में नीचे गदरा चादर लगा कर के वहीं लेट जावे ये नई जगह अल्ट्रा च नहीं को दिक्कत रहा करती थी नहीं तो क्या इतना अनटैप्ड मार्केट उसको मैं टैप कैसे करूं और दूसरी चीज टाटा भी थे तब बिल्लास भी थे तब गो गोदरेज भी थे तब और भी कई बड़े-बड़े इंडियन जाइंट हो चुके थे उनको कोई प्रीमियम जगह नहीं मिलती थी फॉरेन बायर से मीटिंग करने के लिए फॉरेन बायर तो चला जाए वाटसन में वो नहीं जा जा सके मीटिंग नहीं होल्ड कर सके तो फिर उनको क्या करना होता था गोदरेज वगैरह जो थे उस समय ये लोग क्या करते थे बिल्लास होते थे ये विदेश जाते थे अपने क्लाइंट से मीटिंग करने मैं वहीं आ जाता हूं वहीं आके मिल लेता हूं फॉरन जाकर के मीटिंग करते थे ये अनएड्रेस्ड मार्केट थी बहुत लाभदायक होगा और तीसरी फाइनली चीज देखी इन्होंने वाटसन होटल सुंदर है बहुत बढ़िया है अमेजिंग है लग्जरी है बहुत प्यारा है लेकिन लोकेशन अच्छी नहीं है लोकेशन का एक ही मतलब है मुंबई के अंदर एक ही लोकेशन होती है ओए समुंदर में नहा के और भी समुंदर के किनारे लोगों को अलग प्रकार का एक्सपीरियंस होता है समुंदर के पास को लोकेशन बोला जाता है मुंबई में सारी प्रॉपर्ट बहुत महंगे समुद्र के किनारे उन्होंने कहा सबसे प्रीमियम होटल मैं बनाऊंगा लोकेशन अट्रैक्टिव होनी चाहिए समुद्र के किनारे साउथ मुंबई में उन्होंने मेन अट्रैक्शन सी साइड होटल खोला लोकेशन एडवांटेज इनको मिल जाएगा और टूरिस्ट वाटसन जैसे प्रीमियम होटल को छोड़ कर के हमारे वाले में आ जाएंगे अपने आप टसन का मार्केट भी हम खा जाएंगे जिस टसन ने मुझे घुसने नहीं दिया उस टसन में मैं किसी और को भी घुसने नहीं दूंगा और लोकेशन प्रिटी के सुपीरियोर के चलते इन्होंने यहां काम करना शुरू किया इसके बाद इन्होंने सी साइड होटल जो खोलने का डिसीजन लिया उसमें आगे सुन इन्होंने क्या मटेरियल और इंटीरियर सारे वोल्ड क्लास रखे कंस्ट्रक्शन के बाद प्रीमियम पोजिशनिंग के लिए निकल पड़े इन्होंने क्या कहा मेरे को एक्सपीरियंस मैनेजमेंट स्टाफ चाहिए लग्जरी होटल के लिए इंडिया में नहीं मिलेगा कोई बात नहीं सारा मैनेजमेंट सारे शेफ सारा किचन का स्टाफ सारी कुजन सब कुछ यूरोपियन कर दो कुजन मतलब जो खाने पीने की आइटम है वो भी यूरोपियन ये नहीं वाड़ा पाव मिल रहा है वहां पे बड़ा पाव गल और वो टपरी वाला चाय वाला घूम रहा है वहां पे कुजन सारा पूरा यूरोपियन प्रीम प्रयम एक्सपीरियंशियल बड़ी हाइट बड़ी लाइट बड़ा स्पेस बैक देन उस समय ये लार्जेस्ट होटल बन चुका था साउथ ईस्ट एशिया के अंदर क्योंकि लिफ्ट लेकर के आए जर्मनी से एलीवेटर्स और सैंडलर बड़ी-बड़ी लाइटें लेकर के आए इटली से टर्किश से हमाम बाथ लेकर के आए भाई उसके अंदर हमाम बाथ टप बात के अंदर आराम से अंग्रेज लेटे हैं अपना मुंह में पाइप लगा कर के स्मोकिंग इज इंजस 12 पाइप लगा के लेटे हैं और वहां पे आराम से एक अपना ड्रिंक ले रहा है और फोटो खिंचा रहा है इसको खुशी वो एक्सपीरियंस देने के लिए फ्रेंच स्टील पिलर्स लेकर के आया अमेरिकन पंखे लेकर के आया और यह पहला ऐसा होटल था जिसका अपना पावर प्लांट था कि जिसकी बिजली आती थी देश में बिजली नहीं थी इस फाइव स्टार होटल में अपनी बिजली थी इन्होंने पैसा लगाया अगले 200 साल के हिसाब से कि 200 साल तक ये होटल कमाता रहेगा कमाता रहेगा आज सवा साल से ज्यादा हो गया आज भी ताजमहल मुंबई के टॉप होटल्स में इंडिया के टॉप होटल्स से माना जाता है ये इंडिया का पहला फर्स्ट लाइसेंस्ड बार था इसके अंदर फर्स्ट ऑल डे रेस्टोरेंट था पहला ऐसा होटल था जिसमें 24 घंटे कॉफी शॉप थी पहला ऐसा होटल था जिसमें फर्स्ट इंटरनेशनल डिस्को था और एक पहले साल के अंदर ताज महल नंबर वन चॉइस बन चुका था सारे यूरोपियन के लिए और इंडिया के जितने महाराजा थे उस समय में अभी तो डिवीजन पार्टीशन हुआ नहीं था वो महाराजा भी वहीं आते थे सारे एलिट्स वहीं आते थे सारे अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स वहीं आते थे और लाइफ हो गया फुल सर्कल फुल सर्कल समझते हो पूरी चक्कर खा के लाइफ वहीं आ गई जिस वाटसन होटल ने उनको एंट्री नहीं मिली थी वो वाटसन ताज से कंपीट ही नहीं कर पाया ताज का रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट आ गया रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट आया जहां से मैंने शुरू किया था कंपीट नहीं कर पाया वलन बैंकर हो गया वलन बर्बाद हो गया घाटे में चला गया खत्म हो गया उसके एंप्लॉई छोड़ के चले गए उसके सारे अंग्रेज बटलर यहां पे जमशेद जी टाटा ने हायर कर लिया और थोड़े दिन के बाद जमशेद जी टाटा ने एक चेक साइन किया न को दिया और वो भी खरीद लिया हां ये थे जमशेद जी टाटा खाली रिटर्न ऑन ईगो नहीं कि मेरी ईगो पे अटक गए रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट हैं जी कि मैं पूरे भारत के लिए सोचूं और देखो पता क्या मैं सिर्फ कहानी नहीं सुनाता मैं कैलकुलेटिव टैक्टिक्स लेकर के आता हूं मैं चाहता हूं तो खाली प्लॉट बताता मैं साथ में प्लान भी बताता हूं मैं चाहता तो खाली फं आपको एक फिक्शनल नैरेटिव एक कहानी सुनाता लेकिन फिक्शनल नैरेटिव के साथ मैं फॉर्मूला भी देता हूं मेरी इच्छा है मेरा स्टाइल मैंने ऐसा सोचा है कि डेप्थ इंड स्ट्रेटेजी दूं बिजनेस न आएगा जरूर सीख के जाएगा टाइकूं ऑफ इंडिया है ना ये इस वीडियो का जितना रीच बढ़ेगा एमएसएमई इकोसिस्टम उतना स्ट्रांग बनेगा और मुझे वही करना है इस समय आप भी अगर मेरी मदद कर सकते हैं तो आप क्या करिए अपने आसपास किसी व्यापारी को जानते हैं पुत्र देख रहा है तो पिता को पिता देख रहा है तो पुत्र को एंटरप्रेन्योर बनाना है इस वीडियो को # डॉ विवेक बिंद्र # टाकून ऑफ इंडिया के साथ शेयर करो फास्ट फॉरवर्ड जमशेद जी टाटा की उम्र बढ़ती चली जा रही थी अब रिले रेस ऑफ सक्सेशन प्लानिंग फिर भी बड़ा सपना साथ में लेकर चल रहे थे एक्चुअली ये सपना ना कई साल पहले जब वो अपनी मशीनरी की रिसर्च करने के लिए मैनचेस्टर गए थे तब वहां पे एक यूनिवर्सिटी में जाके बैठ गए चुपचाप पीछे से आकर के कमरे में आके आराम से बैठ गए मैं तो लेक्चर सुन रहे थे लेक्चर में वहां प्रोफेसर बोला बहुत बड़ा प्रोफेसर था बहुत महान प्रोफेसर था इसीलिए उसके लेक्चर में जाके बैठ वो प्रोफेसर ने एक लाइन बोली जिस देश के पास में स्टील है समझ लो उस देश के पास गोल्ड ऑलरेडी है जिस देश के पास में लोहा है द कंट्री हु हैज द आयरन एंड स्टील इज ऑलरेडी द ओनर ऑफ द गोल्ड यह बात सोचने लगे बहुत देर तक बोले भारत को स्टील की लोहे की बहुत जरूरत है अगर हमें सोने की चिड़िया बनना है तो क्योंकि जो कंट्री स्टील को हार्नेस कर सकती है वो इकोनॉमिक सुपर पावर बनेगी बात उनके समझ में आ गई और स्टील का थॉट उनको उसी समय आ गया था वो साथ-साथ चल रहा था थॉट लेकिन उस पर काम करना बहुत मुश्किल हो रहा था उनको कोई जियोलॉजिस्ट मिल नहीं रहे थे वो एक्सपर्ट नहीं मिल रहे थे जो बताए कि भारत में स्टील है कहां पे देश में मिनरल पर कोई भी रिसर्च होए ये उसकी न्यूज पढ़ लेते थे ये उसकी न्यूज को पता लगा लेते थे कोई भी रिसर्च कहीं भी कर रहा हो 15 साल तक वेट करने के बाद 18828 हो गए पूरी टीम के साथ वहां पहुंच गए सोइल के सैंपल उठाए सैंपल उठा कर के इन्होंने लेकर के जर्मनी भेज दिया भाई तुम्हें इस ऑइल के सैंपल को टेस्ट करो चांदा डिस्ट्रिक्ट से भेजा है तुम बहुत महान आदमी हो जूलॉजिस्ट चेक करो चेक किया पूरा टेस्ट टस्ट करके अपना पूरा रिपोर्ट जनरेट करके दे दिया कि है लोहा है पर क्वालिटी हल्की है फिलेबल नहीं रहने वाला प्रोजेक्ट अब यह परेशान क्या करें हां अभी सोचे समय बीतता जा रहा है मैं बीमार होने लगा हूं तो इन्होंने सर दोराब जी टाटा जो इनके बेटे थे उनकी तैयारी शुरू करा दी साथ-साथ स्टील की तैयारी करनी थी स्टील की कंपनी बनानी थी और बैक ऑफ द माइंड चल रहा है उमर बढ़ रही है सक्सेस के लिए सक्सेसर की जरूरत पड़ेगी वो थी रिले रेस ऑफ सक्सेशन प्लानिंग मेरी सातवी स्ट्रेटेजी लोकेशन के लिए रिसर्च चालू रखा इन्होंने पर आई इंश्योर किया कि दौरा जी इसके लिए मैं सुपरस्टार की तरह तैयार करूं ताकि ये काम बन जाए मेरे को भारत को लोहा देना है भारत अगर लोहा ले आया तो वो सोने की चिड़िया बन जाएगा फ्यूचरिस्टिक विजनरी जमशेद जी टाटा ने पांच चीजों पे काम किया अब इवॉल्व करना शुरू कर दिया दोराब जी को शुरुआत में ही बिजनेस के ऑपरेशंस में 20-22 साल की उम्र में कर दिया विजनरी एक्सपोजर दिया दोराब जी को समझाया कि भाई स्टील के इंडस्ट्रियल फ्यूचर इंडिया में क्या होने वाला है राब जी तैयार हो रहे कांसेप्चुअल ट्रेनिंग उनकी मिलती जा रही है कि नेशन बिल्डिंग का बहुत बड़ा स्कोप है अगर लोहा भाई क्यों है रेलवे में तुम्हें लोहा चाहिए सारा एविएशन में तुम्हारे को लोहा चाहिए मैन्युफैक्चरिंग में लोहा चाहिए कुछ भी लगा लो कुछ भी कर लो हर जगह लोहा चाहिए और वो लोहा हम पैदा करके भारत को जल्दी दे दे तो भारत जल्दी विकसित होगा दूसरा इन्होंने मेंटरशिप कैसे किया रियल लाइफ प्रॉब्लम सॉल्विंग में किया ये नहीं कि रात को कमरे में आर्म चेयर आराम से बैठ कर के आओ तुमको एक और लाइसेंस से खाए भैया दोराब जी जी पिता जमशेद जी ऐसे नहीं प्लांट में भेज देते जमशेद जी को पता था कि बिजनेस का पौधा जो मैं लगा रहा हूं ना ये समय के साथ बहुत बड़ा पेड़ बनने वाला है और उसको हराबरा रखने के लिए मुझे स्ट्रांग लीडर चाहिए तो कंपनी में जितनी रूटीन प्रॉब्लम है अब इन्होंने कहा मैं हाथ नहीं लगाऊंगा इस प्रॉब्लम को अब दोराब जी आप देखेंगे इसको नेगोशिएशन करो लेबर के साथ क्लाइंट के साथ मशीनरी सब कुछ ये सारा करो और मेरे को शाम को आ करके बताओ मैं तुमको फीडबैक दूंगा तुम ऑपरेशंस के सारे काम संभालो मैं फीडबैक दूंगा और मैं बाकी प्रोजेक्ट प काम करूंगा अब डिसीजन मेकिंग के लिए राब जी को इतना तैयार करते चले गए अब तीसरे स्टेज प उनको इवॉल्व कर लिया इंटरनेशनल भी जाओ अब तुम दोराब जी उठो जहाज में बैठो पानी के समुद्री जहाज में ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस सीख करके आओ और उनको भेजना शुरू किया जहां-जहां स्टील प्लांट और माइनिंग सबसे बड़ी दुनिया में यूएस और यूरोप के अंदर वहां भेजा जहां-जहां टेक्नोलॉजी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और इंट्री केसेस स्टील प्रोडक्शन की कैसे होती है क्या बहुत स्टील प्रोडक्शन बहुत मैसिव एक शहर चाहिए आपको तो वो टेक्निकल वो स्ट्रेटेजिक लर्निंग वो कितना कैपिटल एक्सपेंडिचर वो पैसा कब कमाएंगे कैसे निकलेंगे कैसे जाएगा स्टील के लिए आसपास हमारे को क्या-क्या फैक्ट्रियां चाहिए होंगी वो सारी ग्लोबल फैक्ट्रीज दोराब जी को स्टील प्लांट की टेक्निकल एक्सपर्टीज समझ में ये बैठ कर के कमरे में नक्शा तैयार करने लगे कि कैसा होना चाहिए हमारा स्टील प्लांट और उस इनको एक्सपीरियंस देते रहे अब ग्लोबल एक्सपीरियंस भी होगा चौथे स्टेज पे उनको जिम्मेदारी पकड़ा दी अब जिम्मेदारी तुम्हारी है मैं चलूंगा साथ में लेकिन तुम हर जगह आयरन ओर की जो टीम है रिसर्च की जो टीम है कहां लोहा मिलेगा कहां लोहा मिलेगा घूमो घूमो घूमो घूमो और सारे फॉरेन एक्सपो के साथ रिलेशनशिप बनाओ पांचवा अब इन्होंने रिस्पांसिबिलिटी के साथ अथॉरिटी भी दे दी अब तू डिसीजन भी लेना शुरू कर दे भाई और साथ में पूरा नक्शा तैयार करके दिया कि कैसा प्लांट बनेगा और 17 साल तक गांव में खूब ढूंढने के बाद जंगलों में ढूंढने के बाद कहां-कहां जंगलों में आदिवासी इलाकों में ढूंढने के बाद जमशेद जी राब जी को उनकी टीम को एक जगह मिली साकची वो छोटा सा गांव था जहां 3 बिलियन टन से ज्यादा आयरन डिपॉजिट थे और यहां पे टाटा स्टील की प्लांट की शुरुआत होनी थी लेकिन शुरुआत होने से पहले ही 19 1904 में जस्ट शुरुआत से पहले दो-तीन साल पहले उनका जर्मनी में देहत हो गया अब तक पूरी डेलिगेशन अथॉरिटी इनको दी जा चुकी थी दोराब जी को उन्होंने पूरा नक्शा दे दिया कैसे पार्क बनेंगे कैसे ग्राउंड बनेंगे कैसे मंदिर बनेंगे मस्जिद बनेंगे गुरुद्वारे बनेंगे क्या-क्या थैयार होगा वहां पे किस प्रकार से लोगों के लिए घूमने के लिए बड़े-बड़े पेड़ लगेंगे प्लांट कैसे होगा प्लांट की पॉलिसीज कैसी होंगी वर्कर्स कैसे काम करेंगे वर्कर्स को के ग्रेड क्या होंगे लेवल्स क्या होंगे बेनिफिट्स क्या होंगे सब कुछ तैयार करके दे दिया और ये रेले रेस ऑफ सक्सेशन प्लानिंग ने ऐसा किया तो 1907 में प्लांट तो बन गया और अगले 20 साल में 72 पर देश की स्टील की रिक्वायरमेंट इन्होंने पूरी करी और 1907 से 40 साल के बाद 1947 जब भारत आजाद हुआ टाटा स्टील हमारे देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई द लार्जेस्ट प्राइवेट प्लेयर ऑफ द कंट्री और इन्होने सप्लाई किया किसको पता है इन्होंने कैसे भारत को बिल्ड किया है हावड़ा ब्रिज इन्होंने बनवाया भाखड़ा नंगल डैम आज जो नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाता है 40 से ज्यादा एयरपोर्ट आप ले लो ऑलमोस्ट हर प्रकार का मेट्रो नेटवर्क जहां भी कोई बड़ी कंस्ट्रक्शन होए दोराब जी ने उसके बाद इतना ही नहीं किया यहां से वो और आगे बढ़े उन्होंने दो बड़े सपने और पूरे किए दोराब जी ने 1909 में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस जो उन्होंने पैसा लिया था जो उन्होंने एक ट्रस्ट तैयार कराया था अपने पिता के साथ में और उस ट्रस्ट को में इन्होंने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस जहां एक से बढ़कर एक साइंटिस्ट पैदा हुए होमी बाबा भी वहीं से आए थे सीवी रमन का तो नाम सुना है आपने विक्रम सारा भाई का नाम सुना है ये सब इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस में ही थे 1910 के अंदर अब इन्होंने कहा कि बिजली की समस्याएं बहुत हैं इनके पिता ने पहले ही दोराब जी को समझा दिया कि हमारे को हाइड्रो प्लांट लगाना है हाइड्रो प्लांट यानी कि पानी का हमारे को प्लांट तैयार करना है दो बिजनेसमैन तैयार हुए और मुंबई से इन्होंने टाटा पावर भी शुरू कर दी इनकी लीडरशिप में इनके कजन जो है वो उसके बाद नार जी वो आगे बढ़े नार जीी ने इनकी पूरा फिर उसके बाद हाथ संभाला 1932 से 1938 संभालने के बाद नारो जीी सक्ता वाला उन्होंने भी काफी काम किया 11 सीमेंट कंपनियां उन्होंने ली टाटा के साथ में जब वो सीमेंट कंपनियां लेने के बाद 11 कंपनियों को एक में मर्ज करके एसीसी सीमेंट कंपनी बनाई जिसके पहले चेयरमैन बने थे और फिर 1938 के अंदर इनके देहांत के बाद इनके कजन जेआरडी टाटा के हाथ कमान संभाली लांगेस्ट सर्विंग चेयरमैन ऑफ टाटा ग्रुप कमाल किया 1932 में टा एयरलाइन शुरू करी जिसको बाद में भारत सरकार ने ले लिया था इनसे उसको एयर इंडिया बना दिया पहले इन्होंने टाटा केमिकल बनाया आयोडाइड सॉल्ट बनाया बहुत कुछ किया लको टाटा इंजीनियरिंग लोकोमोटिव कंपनी और एयर इंडिया को जब देना पड़ा बाद में तो इन्होंने कोई बात नहीं वहां भी नहीं रुके वहां पे एक नॉन वॉलंटरी चेयरमैन तो रहे लेकिन टाटा वोल्ट टाटा t टाटा कंसल्टेंसी सर्विस जो कि सेकंड मोस्ट वैल्युएबल आईटी कंपनी है पूरी दुनिया में टाइटन वॉचेस यहां से आगे जाते-जाते उसके बाद रतन टाटा आए 53 साल तक टाटा ग्रुप को हेड करने के बाद 1991 का समय आया जब वो लेजेंड लीडर लौट करके आया इस देश में 1991 जेआरडी स्टेप डाउन रतन टाटा अपॉइंटेड एज सक्सेसर और इनकी लीडरशिप में टाटा ग्रुप का जो मार्केट कैप था वो लगभग 17 गुना और उनका रेवेन्यू 30 गुना और उनका प्रॉफिट 50 51 गुना बढ़ता चला गया विदेशी कंपनियां खरीद ली टेटली टी कोरस स्टील जगर लैंड रोवर एयर इंडिया वापस लेकर के आ गए एयर इंडिया का कम बैक हो गया घर वापसी और सबसे बड़े फिलैंथरोपिस्ट र ये लोग अब ऐसा मैं आपको समझा देता हूं दुनिया में फिलैंथरोपी की बात होती है तो बिल मिलिंडा ग्लेड की बात होती है वरन बफे की बात होती है पर जमशेद जी टाटा को आज भी पूरी दुनिया में सबसे बड़ा दानी माना गया है बिल मलिंडा गेट्स से भी बड़ा वो आपको क्विकली समझा देता हूं बिल मिलिंडा गेट्स इससे मैं 90 बिलियन डॉलर के आसपास दान कर चुके हैं और जमशेद जी टाटा ने जो दान किया आज तक उस दान को अगर हम इंफ्लेशन एडजस्ट करते हैं तो वो हो जाता है 103 बिलियन डॉलर हां और वो 103 बिलियन डॉलर बिल मिलिंडा गेट से भी ज्यादा है तो आज तक के पृथ्वी के इतिहास में नोन इतिहास में जानकार के इतिहास में कई सैकड़ों सालों में सबसे बड़े दानी अगर कोई हुए हैं तो वो थे जमशेद जी टाटा जिनसे हमारे को सीखने को मिलता है जिन बिजनेस मास्टर्स ने मुझको इंस्पायर किया है उनकी स्ट्रेटेजी मैं संडे को देता हूं आपको सुबह 8:00 बजे संडे मॉर्निंग का एक रिचुअल हो गया टाइकून ऑफ इंडिया टाइकूं ऑफ इंडिया टाइकून ऑफ इंडिया अगर मिस हो गया कोई बात नहीं प्लेलिस्ट में जाके देखो पर देखो जरूर ये प्लेलिस्ट थोड़ी नहीं है ये पावर लिस्ट है पावरफुल लोगों की फर्स्ट हैंड इंफॉर्मेशन है ये और मेरा ऑब्जेक्टिव है आपकी लर्निंग इसीलिए आपका ओपिनियन भी जरूरी है कमेंट में बताओ कौन से टाइकून को देखना चाहते हो लीडरशिप फनल में तो आप आ ही रहे हो उसके बारे में इंक्वायरी जरूर कर ना क्योंकि आप उसके बारे में जान चुके हो मैं कई कंपनियां हाथ पकड़ के लेकर जा रहा हूं इस समय जिनको सैकड़ों हजारों करोड़ की बना रहा हूं मैं इस समय और वैसे नीचे कमेंट बॉक्स में मैं एक ही चीज देखता हूं किस पर ज्यादा वोट आएंगे उसी पे हम वीडियो बनाएंगे 15 करोड़ एमएसएमई को मुझे इंस्पायर करना है उनको नेक्स्ट लेवल तक लेके जाना है केवल बिजनेस करना है बिजनेस की बात समझा आनी है बिजनेस का मतलब है बड़ा बिजनेस इंस्पायरिंग आइकॉन की स्ट्रेटेजी देखते चले जाइए क्यों एक ही कारण है बिजनेस मतलब बड़ा बिजनेस हमारे साथ जुड़े रहने के लिए प्रेम पूर्वक हाथ जोड़ के धन्यवाद [संगीत]
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