How to do Diwali Puja Dr Vivek Bindra Gita

अजय को कि आप सबका स्वागत हैं आज दीपावली की इस पर्व रात को विशेष रात को लोग दीपावली पर पूजा करना चाहते हैं मैं बात करूंगा कि पूजा भगवत गीता में क्या-क्या बताया गया है कि दिवाली पूजन कैसे किया जा सकता है आप करना चाहते हैं जानिए बड़ा अच्छा उपाय अठारहवें अध्याय के छप्पनवें श्लोक में थोड़ा पीछे से चलेंगे पांच-दस मिनट बाद आपके फेसबुक लाइफ में बात करूंगा कि आज विशेष देने दीवाली पूरा देश बनाना पूरी दुनिया बना रही भारतीय तो व्यक्ति हर अब लगभग देश के अंदर है और समाज दिवाली मनाना चाहते हैं तो अठारहवें अध्याय के 13वे श्लोक से शुरू करते हैं यह मेरे सामने भगवत गीता है बीते ज्ञान हमार खात अंगुठियां 276 माया वृक्षे दश लेना है यथा स्थिति तथा कुरु बीते 1175 मृत्यु को ज्ञान दे दिया और कृष्ण को मैं तुम्हें नहीं कर दो मैं इसके ऊपर मेडिटेट करो सोचो फिर उसके बाद यथा स्थिति तथा कुर्य था मतलब जैसे इच्छा थी मतलब जैसे तथा मतलब करो गुरु मतलब करो था तथा शुरू हो गया था इस वजह से करो और उसके बाद अब अर्जुन है कि भगवत गीता उइके समाप्ति की तरफ बढ़ने लगी अठारहवें अध्याय के 6820 लोग पर आता है और संख्या 78 में तक थोड़ा वीडियो लंबा हो सकता है लेकिन काम की बात करूंगा और 70 में बताऊंगा कृष्ण ने कैसे बोला कि दिवाली पूजन कैसे करते हैं या मिड टर्म परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति भक्तिमई प्राकृत वामा विशेष फैशन है कृपया कहते हैं अठारवें अध्याय के 68 वें श्लोक में कृष्ण कहते हैं कि यह मीडियम पर म्युजियम जो व्यक्ति भक्तों को यह परम रहस्य बताता है पध सीक्रेट रहते हैं मत कि सोवे मत भक्ति मद्भक्तेष्वभिधास्यति यानि कि ऐसा व्यक्ति वह मेरे भक्तों को घृणित व्यक्ति को जो दूसरों को सब्सक्राइब करें लाइक करें जो कर रहे हैं उसका ग्रुप में 394 तस्मान्मनुष्येषु न च तस्मान्मनुष्येषु कश्चिन्मे प्रितम भविता वा न धरो इस संसार में कोई सेवक मुझे से अधिक प्रिय है और न कोई होगा कि इससे जो दूसरों को नॉन ह्यूमन सर्विस में सेवर मोड को के इस बयान को शेयर करता बताता है कि यह संसार में मतलब स्कैनर अन्य कोई और दूसरा नहीं है है तो अब लेकिन 18वें अध्याय के 70 वें श्लोक में कृष्ण कहते हैं कि अगर आपको पूजा करनी है मेरी आपको भगवान की पूजा करनी है उसका उपाय क्या गीता के उपाय से अधिक हत्या एवं धर्म एवं संवाद में अयोग्य यज्ञ ना हम्म मिस्टर मिट्टी में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने अध्ययन करेगा पाठ करें कि धर्म संवाद संवाद का गीता के संवाद को पढ़ लेता लेता है ज्ञान यज्ञ के घोषित करता हूं मैं कोशिश करता हूं कि पवित्र संबंध का अध्ययन करता है वह अपनी बुद्धि से मेरी पूजा कर रहा है कि गीता पढ़ने वाला पूरे के साथ भगवान की पूजा कर रहा है कि लोग लक्ष्मी पूजन करते हैं लक्ष्मी कौन है विष्णु की वाइफ ऐसा नहीं होना चाहिए कि आपने लक्ष्मी को इनवाइट किया विष्णु को इन्वाइट नहीं किया कृष्ण को इन्वाइट नहीं किया यह तो ऐसा यह जैसे आप किसी के घर जाओ दिवाली पर और दरवाजा खोलो टिंग टोंग अब पत्नी के अंदर कर लो पति को बाहर छोड़ दो व्रत पूजा तेरी जरूरत नहीं प्रोफाइल लक्ष्मी ही पत्नी चाहिए इससे विष्णु महाराज होते हैं दवा विष्णु की पूजा करते हैं विष्णु आते हैं तो लक्ष्मी अपने आप आ जाती हैं धन की कमी नहीं होती है जो कि मैं धन के पीछे भागते जो मिट्ठू को नहीं समझते और इसमें क्या-क्या अंडा प्रोक्लेम ठाट टू स्टडी टिप्स लेकर डायलॉग ऑफ वर्ल्ड इस वरशिपिंग में विद थे इंटेलेक्ट अपनी बुद्धि से मेरी पूजा कर रहे हैं तो दोस्तों प्राइजेज नॉलेज ज्ञान के कारण सच में भी कहते हैं कि आप मिट्टी में मति ही कहते हैं कि मेरा यह मत है श्याम मिट्टी में मती का अर्थ क्या हुआ इसका अर्थ दिया है भगवत गीता में इतनी इस प्रकार में मत यह मेरा मत है एक ऋषि ने बताया है तो अगर आप दीवाली पूजा करना चाहते हैं सबसे अच्छा उपाय है आज 18 व यह भगवत गीता का और इसका अनुवाद अनुवाद आराम से पढ़ लीजिए आपको आधा घंटा लगेगा वह भगवान की असली पूजा है जो भगवान शिव भोले हैं उनको रिपीट करें इससे आपकी बुद्धि भी बढ़ेगी और बुद्धि के द्वारा भगवान का पूजन अपने आप हो जाता है उसके बाद कृष्णा Play Store में कहते हैं श्रद्धा वह अनुसूया शब्द रेणु यादव फ्यूनरल क्षणों कुछ लोग कहते हैं भगवत गीता नहीं पड़ता है क्योंकि थे भगवत गीता क्षणों याद अप योर नाराज वो भी न फॉलो सुंदर है कैसे उड़ रहा है श्रद्धावान अनुसूची अष्टम भाव श्रद्धा के साथ सुन लेता है तो वह भी मुक्त और उसको मुक्ति मिल जाती है शोभन लोग कांत वह सब लोगों को प्राप्त होता है और फिर आगे क्या कहते हैं जुबान लोग कान प्राप्त याद पुण्यकर्मणाम् वही असली सारे पुण्य अपने आप जागृत हो जाते हैं भगवत गीता को पढ़ने और समझने सारे पाप भी समाप्त हो जाते हैं और जो मेरा जीवन है उसमें घोल आपको मिलता है सिंपल सी बात है और लेकिन आध्यात्मिक लाभ पूरा मिलता है इसी लिए क्या कहा हे भगवान ने भगवान का जो श्रद्धा समेत और द्वेष रहित होकर इसको सून प्रॉब्लम्स नहीं रखना सदा वृक्ष न समझना है सारे पापों से अपने आप में गुम जाता है और शुभ फलों की प्राप्ति उसको जाती है इसके बाद कृष्ण क्या कहते हैं अगले श्लोक में हम पढ़ते हैं कि काश क्षेत्र यह शुत्रु पार्थ त्वयैकाग्रेण चेतसा कश्चित् ज्ञान सम्मोहक तुरंत से धनंजय धनंजय कृष्ण क्वेश्चन पूछ रहे थे ट्रेंनिंग प्रोग्राम घृत और तुमने ध्यान से सुनी सुनी अर्जुन अर्जुन से कहते हैं और कहते हैं इस अध्याय में इस लोक में क्या तुमने सुना है और और दूर हुआ कि नहीं तो जैसे ही यह बच्चे बेहतर रूप में 1872 में इस लुक पूछा तो 73 हुए दर्जन उपाय और इसका उत्तर देते हैं और उत्तर में क्या कहते हैं जुड़वा बच्चा नष्ट मोह स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत अस्तित्व सुनील दत्त संदेशवाहक अभिषेक बच्चन अथवा कहते हैं कि वो ईश्वर की कृपा से चले गए तब मैं बचत करूंगा कि अर्जुन न इंटेलीजेंट स्टूडेंट प्रोग्राम में आ रहे थे कि उत्तर में स्थित जितने भी लोग संसार में वह सब जिंदगी में चले जाएंगे जो लोगों की स्मृति कमज़ोर है मृत्यु हो जाते हैं उनका वह बल्बोए ज्योति मोहित हो जाते हैं वहीं कृष्ण करें यहां पर और वही अर्जुन ने उत्तर दिया अब अर्जुन के उत्तर के साथ भगवत गीता समाप्त हो गई लेकिन एक और व्यक्ति था सुन रहा था वालों को ऑन संजय दत्त और संजय धृतराष्ट्र को बता रहे थे पीछे वह तो अपना थोड़ा ओपिनियन देंगे तो हर ट्रेनिंग प्रोग्राम के बाद फिट बाद कम होता है क्या होता है फीडबैक फ्रॉम तो यह फीडबैक दे रहे हैं और कौन थे रैपिड ऐक्शन जैक्सन दरें संजय दत्त संजय दत्त संजय उवाच मतलब संजय ने कहा यदि हम वासुदेवस्य पार्थस्य च महात्मनाम् संवाद इमाम शुभम अधिकतम रोमहर्षण कि मैंने वासुदेवस्य पार्थस्य कि वासुदेव कृष्ण अवतार मतलब अर्जुन का महात्मा सुना संभावित संबंध अधिकतम ऐसा अद्भुत संबोधन में खड़े-खड़े की जबरदस्त हैं तो फ्री हैं अरविंद को पीछे सफेद हो गया और क्या करें अब उत्तम रोमांच चरम फ्री यह नहीं बोला कि मैं सिंसियर है ऐसा नहीं बोलते उन्हें व्यास प्रसाद आप बुद्धिमान अठारहवे अधयाय का 75वां लोग के व्यास की कृपा सेवा शुक्रवार मतलब सुना है मैंने कृपा से व्यक्ति उनके गुरु है तो कई लोगों से सारा का सारा श्रेय लेते देखा मैंने ध्यान से सुना व गन्ना ना मिले यह तो वे राज्य की मृत्यु इसलिए रुका हुआ था और क्या सुना मैंने कि यह संवाद ज़ुल्मो सितम हम परम सबसे अधिक खुशियां संवाद है हम मट्ठा व्यक्ति शत्रुओं पर चल रहे हैं क्या कहते हैं ग्य तमाम परम योगं योगेश्वर दत्त कृष्णा साक्षात्कार तथा स्वयं के योग हम योगेश्वर आकर्षण हिमांशु को देख लिया है वह मिल गया ठीक है साहिल है कि आपकी कृपा से मैंने यह सारी बातें साक्षात कृष्ण अर्जुन से कहीं भी सुनी और अगले में कहते हैं क्षेत्र में मैं राज्यम संस्मृत्य संस्मृत्य राजन स्मरण कर रहा हूं फिर स्मरण कर रहा हूं कि खत्म नहीं हुई ऐसे तो खत्म हो गई और उसके मन में चल रही स्मरण प्रॉब्लम समितियां समिति हातिम बाद अमित गौतम मैं इस अद्भुत संवाद को बार-बार याद कर रहा हूं अखिलेश यादव अर्जुन यह पुण्यं य केशव यानी कृष्ण और अर्जुन के बीच में उन्हें सम्मान हुई थी हरी शिमला मिर्च मूहुर्त में बार-बार हर्षित और हूं बार-बार हर चतुरंग मतलब ऐसा होता है कभी-कभी ग्रेट मेमोरीज होती है और को याद करके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है ऐसे ही संजय के चेहरे पर मुस्कराहट बार-बार आधार आ रही है गीता तो खत्म हो गए थे लेकिन संजय अभी भी याद कर रहे हैं उसको और 77 वें श्लोक में संजय कहते हैं कि तक शासन स्मृत्य संस्मृत्य रूपम अधिकतम हरे मन हारी अद्भुत रूप दिया संस्मृत्य संस्मृत्य द्वारा बॉर्डर फिर से याद करना मुसलमानों में महान रहा जुडने महाजन विस्मित हो गया हूं हरी मिर्च पुणे पुणे पुणे पुणे पुणे पुणे पुणे पुणे इसको नहीं थे लेकिन गीत सुनने के बाद इसको भी रिस्पेक्ट देर है महान राजन हरिश्याम बीच पूना पुणे तो बात यह है कि आखिरी स्ट्रोक भगवत गीता का 9878 वर्ष लोग यत्र योगेश्वर कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम आपके यत्र योगेश्वर जहां योगेश्वर कृष्ण का यत्र पार्थो धनुर्धर यहां पर धनुर्धारी अर्जुन की संभावना होगी यह तो यार मतलब जहां तत्व मतलब हां फ्री मतलब कभी पैसे की कमी नहीं होगी और दिवाली पूजन कर रहे हैं धन की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी पूजन कर रहे हैं धन की प्राप्ति के लिए तो आपको श्री मतलब धन अपने आप आएगी और साथ में क्या आएगा विजय हमेशा जीतोगे बूते मतलब आपको पुत्र भी प्राप्त होगी और इसके बाद क्या बताया दूर्वा लेकिन यहां पर क्या कहते हैं कि वहां पर आपको विजय मिलेगी भीतर मतलब विलक्षण शक्ति पावर एक्स्ट्राऑर्डिनरी पावर रंधावा दूर्वा मतलब क्या हुआ निश्चित रूप से मिलेगी नीतिर्मतिर्मम महक यह मेरा मत है संजय अपना मत दे रहे करें में ऑर्डिनरी नहीं हूं मैं संजना में मेरा क्या नाम है संजय नाम है मेरा मेरी भी सुन लो हो कि तुम को क्या मिलेगा यह तुमको लक्ष्मी मिलेंगी तुमको जीत विजय मिलेगी उत्तर मिलेगी नीति मिलेगी थे प्रिंसिपल और चारों जुग परताप घृणा में रिपीट करने का मन कर रहा है कि जो व्यक्ति इस संवाद को लेता है पर फोकस कर लेता है 18 अध्याय के श्लोक में कृष्ण कहते हैं इसे पलट रहा हूं कृष्ण कहते हैं कि मैं घोषित करता हूं दूध एक डायलॉग घोषित कर देता हूं करता है वह अपने पूजा दिवाली पूजन करने का सबसे अच्छा उपाय है 18 लिए पढ़िए और इस मैसेज को शेयर करिए मेरी इच्छा थी कि मैं घर के बैठ करके पढ़ते-पढ़ते घृत कि मैं आपसे है आधुनिक शेयर करूं आपको अच्छा लगे इन भगवद गीता के इस मैसेज को शेयर करिए हमारे साथ जुड़े रहने के लिए फेसबुक लाइक पर आने के लिए और बाकी चैनल को भी सब्सक्राइब करने करने और करवाने के लिए आप सबका हृदय की गहराइयों से प्रेमपूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद थैंक यू

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