How World’s Largest Vaccine Company Was Created Adar Poonawalla Case Study Dr Vivek Bindra

नमस्कार मैं विवेक बिंद्रा फाउंडेशन यो बड़ा business.com आज आधार पूरा वाला की बात करेंगे आधार punsah वाला जो सीईओ है सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया हो ने अप्रूव की थी इनकी कंपनी 1966 में जो उनके पिता सरस पूरा वाला शुरू कारी थी दुनिया भर में आज हर तीन में से दो बच्चे हमारी इंडिया की बनाई हुई वैक्सीन इंडिविजुअल्स इंडिया की वैक्सीन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से बनाई हुई वैक्सीन लेते हैं आज इतनी शक्ति वैक्सीन यह बना रहे हैं की आज उनकी कई वैक्सीन तो ₹5 से कम की है मतलब चाय का प्राइस भी आज इंडिया में किसी ठेले पे चले जाइए ₹5 से ज्यादा होता है पिछले कई दिनों में मैंने कई वीडियो बनाए बिजनेस योग भागवत गीता वर्ल्ड रिकॉर्ड का वीडियो वो पहला वीडियो है वर्ल्ड रिकॉर्ड का जो हमने नहीं हटाया है मैं वर्ल्ड रिकॉर्ड में आने वाला हूं 15 अगस्त को बरहाल अभी बात करते हैं मैं उस्मान झूला से कम्युनिटी इंडिया ग्रोथ स्टोरी पर भी बात करूंगा आधार punsah वाला बचपन से ही बुद्धिमान थी उनका इमोशनल इंटेलिजेंस अच्छा था एक दफा उनकी हान अपनी किसी सहेली के घर पे उसके बच्चे के बर्थडे पे लेकर गई उसको और यानी की उनकी मैन की जो फ्रेंड थी सहेली यानी की उनकी आंटी ने बोला बेटा चॉकलेट ले लो सब बच्चे चॉकलेट उठा रहे द कोई एक उठाया कोई दो उठाया कोई एक उठाया कोई दो उठाया आदर punsah वाला से बोला बेटा आप भी बोलो नहीं| तो आंटी ने कहा दोनों हाथ खोलो और बहुत सारी चॉकलेट उनके हाथ में भर दी मैंने आज बहुत खुश हुए और सारे चॉकलेट जेब में अलग-अलग जगह भर के मुस्कुराते हुए इधर-उधर देखे और निकल पड़े रात को जब वापस तुम्हारे पूछा उनसे तुमने चॉकलेट ली क्यों नहीं थी बोले मैन अगर मैं उठाता तो एक या दो उठा पता अब उन्होंने भी पूरे हाथ में जितनी आशा की सारी दे दी देखा मैन इसे बोलते हैं यानी की ग्रेटिफिकेशन की इच्छा को डिले कर पाना ये उनका बचपन से दिखाई पड़ता था 21 साल की उम्र में ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने अपनी कंपनी इंटर्न के रूप में ज्वाइन कारी ऑपर्च्युनिटी देखी तो दुनिया भर में कंपनी फैला दी पिता ने तो इंडिया में अच्छी कारी थी कंपनी थोड़ा बहुत विदेश में करते द कम इन्होंने इतनी फैला दी दुनिया भर में की आपको जान की खुशी होगी 170 से ज्यादा देशों में आज इनकी वैक्सीन उसके पीछे आधार punsah वाला ही है सीईओ बन गए द 2011 में इनको फार्मा का टायकून बोला जाता है वैक्सीन प्रिंस ऑफ डी वर्ल्ड और उनके पिता को वैक्सीन किंग ऑफ डी वर्ल्ड आपको भी पता होना चाहिए भारत वैक्सीन कैपिटल ऑफ डी वर्ल्ड है ये नहीं मालूम था भारत वैक्सीन कैपिटल है दुनिया का इनको एशियाई ऑफ डी ईयर बिजनेस लीडर ऑफ डी ईयर का अवार्ड दिया गया आधार punsah वाला को फॉर्च्यून मैगज़ीन ने इनको $40 का अवार्ड दिया वैसे वो अवार्ड तो हमको भी मिलाया बिजनेस वर्ल्ड के द्वारा 40 अंडर 40 अवार्ड हमें भी मिला था यार अवार्ड भी दिया गया पहली स्ट्रेटजी इनकी लेते हैं 10 स्ट्रेटजी बताऊंगा पहली स्ट्रेटजी इनकी ये सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया फॉरवर्ड इंटीग्रेशन से भारी थी फॉरवर्ड इंटीग्रेशन क्या होता है कोई आलू उगता है चिप्स भी बनाने लग जाए यानी की आलू का चिप्स जो बाद में आगे बनाता है आदमी कोई गोल्ड की मीनिंग करता है उसकी मैन्युफैक्चरिंग डिटेलिंग भी शुरू कर दे फॉरवर्ड इंटीग्रेशन कोई टेक्सटाइल कपड़ों के थन बनाता है तो कप को कपड़े बनाने शुरू कर शोरूम भी खोल दे फॉरवर्डिंग किसान जब जो सब्जी उगता है तो सब्जी बेचना भी शुरू कर दे फॉरवर्ड इंटीग्रेशन ऐसे ही ऐसे ही इन्होंने देखा की इनके बेसिकली ghodon का बिजनेस हुआ करता था रेस कोर्स होते द और उसे समय लोग रेस कोर्स से पैसा भी बहुत लगाते द बड़ा मजेदार इनका बिजनेस था बड़े बढ़िया से बढ़िया घोड़े बहुत इनके पास जमीन हुआ करती थी और उन दिनों जब इनका कोई घोड़ा पुराना हो जाए उसे घोड़ा हो जाए तो भारत में कंपनी की hepkin इंस्टिट्यूट ये वैक्सीन बनाया करती थी हर की इंस्टिट्यूट सरकारी कंपनी थी तो उसको ही अपने पुरानी जो घोड़े हो जाते द जो डर्बी में नहीं दौड़ सकते उसको दे दिया करते द तो वैक्सीन वहां बना करती थी उनके सीरम निकलता है इनके ब्लड में सीरम घोड़े के तो वो सीरम से बाद में वैक्सीन बनाई जाती थी तो यह अपने घोड़े देते रहते द उसे रिश्ता अच्छा था लेकिन इनके खुद के घोड़े को किसी ने एक बार एक सांप ने काट लिया और घोड़ा हो गया अचानक बीमार वो घोड़ा इनका बड़ा जबरदस्त घोड़ा था पता नहीं तुर्की अफ़गानी इराकी कौन सा घोड़ा था लेकिन बहुत जबरदस्त घोड़ा था वह रेस में बहुत जीता था इनको बहुत दुख लगा इन्होंने फोन किया वहां पे हैव में भैया आप इतनी वैक्सीन बनाते हो मेरे घोड़े को बचाओ तो वो नहीं कर का रहे हैं कुछ इस बारे में ऐसी तो कोई बात नहीं है हमारे पास बोलो अभी क्या अभी मुझे हेल्प चाहिए मैंने तुम्हारे लिए इतना किया तुम इतने ध्यान में दिए तो वहां है हापकिन से उन्होंने सहयोग नहीं कर पाए तो उनको बहुत गुस्सा है ये तुम्हें इतने घोड़े डैन में दिया आज मेरे घोड़े को दिक्कत आई तो तुम्हारा कोई सहयोग नहीं तो इनको समझ में आने लगा अच्छा उधर हैव केन इंस्टिट्यूट में कुछ जो साइंटिस्ट द उनके दोस्त द उन्होंने कहा भाई जी जब आपके पास इतनी जमीन है इतने बड़े-बड़े आपके पास कंफर्म है इतने सारे घोड़े भी हैं की घोड़े के sirmasi वैक्सीन बनती है और आपके पास पैसा भी है तो क्यों नहीं आप खुद वैक्सीनेशन का कम कर लेते हैं तो उन्होंने कहा मुझे कौन sikhaega बोले हम आते हैं ना आपके साथ वहां उनको आइडिया लगा के अब लोग घोड़े पर ट्रेवल नहीं करते गाड़ियां आने लगी है बाइक से आने लगी है अब लोग राजदूत जानदार सवारी तो अब उन्होंने लगा के लोग घोड़े पर नहीं जाएंगे तो इसलिए उन्होंने कहा जमाना बदल रहा है तो क्यों ना वैक्सीन के कम में जाएं पहले उन्होंने गाड़ियों को भी गाड़ियों का भी बिजनेस शुरू किया था जैगुआर हाई एंड गाड़ियां हुआ करती थी उसके प्रोटो टाइप को लेकर उसको बढ़िया सा उसको कस्टमाइज करके उसको अमीर लोगों को भेजते द लेकिन अमीर लोग लिमिटेड द दुनिया भर में तो उन्होंने कहा की वैक्सीन का धंधा अच्छा है लाखों लोगों को वैक्सीन लगेगा और usmein लाखों में अगर जवनिया कमाल है तो बहुत कम लेंगे पूरा रुपया कामना मुश्किल है लेकिन आठ जमनिया कामना आसान है समझ रहे हैं आप तो इन्होंने फिर अपना ghodon के बिजनेस को कम किया और वहां से सीरम इंस्टिट्यूट की शुरुआत कारी 10 साइंटिस्ट इन्होंने हाफ की है और उसके बाद क्योंकि घोड़े इनके पास द तो उसी के सीरम से वैक्सीन बनाने लगे और एंटी टेक्नियम सीरम इन्होंने बनाया पहली बार वहां से आंटी टिटनेस सिरप की बहुत जरूरत पड़ेगी एंटी टेटनस क्यों क्योंकि समय इंडो चीन वॉर भी हुआ था गोलियां लगा करती थी तो उसे समय कोई भी लोहे से टकरा जाए कुछ ऐसा चोट लग जाए तो टिटनेस का इंजेक्शन लगा करता था तो उनका टिटनेस का इंजेक्शन इंडिया में बहुत चला इन्होंने बनाया इंडो चीन वॉर में कहीं किसी को गोली chhuja लोहे की तो वहां टेटनस का इंजेक्शन तुरंत चाहिए रहता है फिर इन्होंने मीजल्स के ऊपर ट्यूबरक्लोसिस पे डीपी पे इंडिया ट्रिक जो बच्चे होते हैं छोटे साथ साल के उनको डीपी की वैक्सीन लगती है सांप काट जया करते द तो सांप का आंटी स्नेक विष इन्होंने बनाना शुरू किया तो फिर इन्होंने बढ़ाया आपने पूरा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बनाया है एमआर वैक्सीन इन्फ्लूएंजा की वायरल वैक्सीन बीसीजी और बाद में फिर पोलियो और रबी वैक्स में भी आए तो यह हादसा था और एक हादसे से कहां से कहां पहुंच गए बन के हादसा अखबार में ए जाएगा ना जाने कौन सा किस्सा व्यापार बन जाएगा जिसको उन्होंने व्यापार कन्वर्ट किया फॉरवर्ड इंटीग्रेशन दूसरी स्ट्रेटजी हाई कैपिटल रिस्क एक बार फोन लगाया आधार ने पिता सायरस को हेलो पापा हान या ना पापा सोच में पद गए पापा बताओ रिस्क मैं बताता हूं क्या हुआ ऑक्सफोर्ड में जेनर इंस्टिट्यूट है जो की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के पार्टनरशिप से ऑक्सफोर्ड के कैंपस के साथ में बनाया गया यह लोग वैक्सीन बनाने में बहुत माहिर हुआ करते द और जब 10 जनवरी को पता चला जेनेटिक मटेरियल सीक्वेंसिंग चीन रिलीज किया कोविद का koronavirus का तो 10 जनवरी को यह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लग चुका था यानी की जनरल इंस्टिट्यूट लग चुका था वैक्सीन बनाने में 10 जनवरी से ये लोग अप्रैल तक लगे रहे कुछ मेहनत करके उन्होंने बना लिया अब जेनर ने सोचा की भाई अभी अप्रूवल में टाइम लगेगा पता नहीं कब जाके अप्रूवल होगा उन्होंने आधार को फोन लगाया भाई आधार punsah वाला अप्रूवल नहीं है वैक्सीन हम बना के तैयार कर देंगे तुमको वैक्सीन मैन्युफैक्चर करनी पड़ेगी लेकिन हम गारंटी नहीं दे रहे की तुमसे वापस खरीदेंगे यानी की रिस्ट तुम्हारा है लेकिन अगर तुमने बना ली तो सबसे पहले बाजार में pahunchoge और अगर आप डिस्टर्ब प्रूफ हो गई तो 10 मिलियन वैक्सीन तुम्हारी वेस्ट हो जाएंगे अब ये 200 करोड़ का एक रिश्ता मेरी बात समझ में आया की जिसने वैक्सीन बना आई यानी की जिससे वैक्सीन का आविष्कार किया वो कहता है मैन्युफैक्चरर तुम हो तो तुम पुणे में वैक्सीन बना दो अप्रूवल आए नहीं आए बात की बात है देखेंगे तो ये रिस्क बहुत बड़ा था और ये प्रक्रिया के अंदर वैक्सीन बनाने में टाइम लगता था अगर अप्रूवल का वेट करके वैक्सीन बनाते तब तक दुनिया में और लोग बना चुके होते तो इसलिए आधार punsah वालों को देखना था की भाई अप्रूवल का वेट करूं की नहीं करूं अप्रूवल का वेट करूं की नहीं करूं वेट नहीं किया और वैक्सीन ठीक निकल गई 80% ये जानते द की ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन फैल होगी नहीं इनको ये विश्वास था इन्होंने कहा 80% के लिए मैं 200 करोड़ का रिश्वत देने को तैयार हूं तो बिना सर्टिफिकेट के बिना ट्रायल के बिना अप्रूवल के इन्होंने वैक्सीन बनाने शुरू कर दी मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी जब तक ट्रायल के बाद अप्रूवल मिला तब तक दुनिया में पहली वैक्सीन कौन सी आई थी coxin नहीं थी रूस की नहीं थी अमेरिका की नहीं थी पहली वैक्सीन हमारे भारत की kovishi थी जो पुरी दुनिया में पहुंची थी वही तो एक्स्ट्रा जाने का है जो पुरी दुनिया में जानते हैं जिसको भारत में हम लोग kubishi बोलते हैं पिता ने आत्मविश्वास देखा बेटे में और उन्होंने रिस्क लेने को तैयार हो गए सीरम इंस्टिट्यूट ने सितंबर 2020 में ही 5 करोड़ वैक्सीन तैयार कर ली थी जनवरी में जब बांटने के समय आया तो सबसे पहले दुनिया में सबसे तेज मैन्युफैक्चरिंग करके आगे बढ़े आधार की सबसे अच्छी क्वालिटी यही है की यह विज़न अच्छा रखते हैं तीसरी बात सॉल्यूशन और एंटी एप्रोच यह ऐसी एप्रोच है इनकी पोलियो की महामारी दुनिया भर में फैल रही थी 1931 बजे 15th में बहुत ज्यादा फैल गई तो उस के जो प्रेसिडेंट द फ्रैंकलिन रूस बिल्ट उन्होंने कहा की भाई अब ढाबा बोलो पोलियो पे फटाफट इसकी वैक्सीन तैयार करो और इन्होंने इंजेक्शन की बात थी मुझसे मैं तैयार कारी 1961 में ओरल वैक्सीन भी तैयार कर दिया अमेरिका ने और जब ओरल वैक्सीन तैयार कारी तो उन्होंने राइट्स अपने पास कुछ डिवेलप नेशंस के पास रखें बोलो जो डेवलपिंग और उनको इंजेक्शन लगाने दो और जो हम अमीर देश है वो हम ड्रॉप द दो बूंद जिंदगी की अमिताभ बच्चन कहते द तो हम लोग वही चलाएंगे हान और तो सारे पुणे वालों को ही बात नहीं जानी इन्होंने उस में और व ह में kuchatiya लिखनी शुरू कारी और बातचीत कारी बोला की देखो कम से कम भारत जैसे देश और जो बहुत बड़े देश है वहां पे एक तो क्या है आपको सिरिंज भी बनानी है और शीशी जिसके अंदर दवाई होती है वो भी बनानी है उसको तोड़ेंगे फिर दवाई nikaalenge फिर lagaenge बोलो थोड़ा ये इसकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ज्यादा है इसमें वेस्टेज भी ज्यादा है क्योंकि आपको सीरीज करना होगा इसके अलावा कुछ स्टोरेज करने के लिए ज्यादा जगह चाहिए इसका लॉजिस्टिक्स ज्यादा परेशानी करने वाला इनकन्वेनिएंट है टाइम बहुत ज्यादा लग जाता है और सबसे बड़ी बात है इंजेक्शन लगाने के लिए ट्रेन स्टॉप चाहिए बूंद तो कोई भी आएगा हान कोई भी पितामह दादा-दादी कोई भी टपक टपक दो बूंद वाली कम हो गया उनको samjhae और इनकी मतलब यही असर था की 8485 के बाद सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया सरस पुणे वाले ने मैनेज किया हो को कन्वींस करने में ओरल वैक्सीन ही इंडिया में चाहिए होगी इनकी पहली जीत थी और बाद में जब इंडिया में एक कैंपेन बहुत तेज हुआ बिल गेट्स के साथ रोटरी के साथ में रोटरी ने इंडिया में बहुत कम किया और तब हो को और यूनिसेफ को उनकी फिर से याद आई इन्होंने कहा की देखो दो बूंद जिंदगी की जो हम बना रहे हैं इंडिया के अंदर usmein कमी पद रही है तुम भी ए जाओ हमारे साथ लग जाओ तब 2000 12 के बाद पहली बार इंडिया में इन्होंने इसके बाद फिर ड्रॉप शो मैन्युफैक्चर करने शुरू कारी थी सारी शार्टफाल को उन्होंने मैनेज किया प्रॉफिट मार्जिन से अपने नेगलिजिबल रखे द उन्होंने पुणे वाला का स्ट्रांग सेंस रहता है बड़ी चुनौतियों को स्वीकार करने का हमेशा हाई स्पीड मैन्युफैक्चरिंग 2013 में इन्होंने कारी और 2014 के अंदर भारत को पोलियो फ्री डिक्लेयर कर दिया गया असली लीडर वही होता है जो अपने विज़न को हकीकत बना दे क्लेरिफाई योर विज़न एंड प्लान विद प्रशिक्षण ये इनकी खास बात रही है सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया चौथा बिजनेस को बकेट्स में कन्वर्ट कर दिया बिजनेस आइडिया samjhie की तरफ सीखने को बहुत मिलेगा आपको usmein क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी कैसे बनी बिजनेस बकेट्स बना दिए उन्होंने एक बिजनेस बकेट उन्होंने बनाया इमरजेंसी वैक्सीन का और दूसरा बना है हाई डिमांड वैक्सीन का इमरजेंसी वैक्सीन की हमेशा जरूरत नहीं पड़ती जब कोई महामारी ए जाए एपिडेमिक कहा जाता है उसकी तरफ पड़ती है और हाइट डिमांड वैक्सीन वो है जिसकी हमेशा जरूरत पड़ती रहती है दो बकेट बना दिया इमरजेंसी वैक्सीनेशन में क्या करते हैं प्रिपरेशन डी सॉल्यूशन यानी की ये चाहते हैं की रिचिंग फर्स्ट विल रीपिंग ट्रस्ट रिचिंग फर्स्ट इसे इक्वल तू रैपिंग ट्रस्ट क्या मतलब हुआ इसका क्या भाई मैं ऐसा करता हूं जो इमरजेंसी दस्त तरह की सिलेक्ट कर ली है की ये महामारी दुनिया में कहीं ना कहीं आई जाती है ये वाली एपिडेमिक या कोई ना कोई पेन डेबिट दुनिया में कहीं ना कहीं ए ही जाता है तो ऐसा करते हैं इस तरह की 10 बीमारियों के davaiyan दो करोड़ 5 करोड़ दोस्त बना करके 3 साल का स्टॉक मेंटेन करते हैं अपने पास में ताकि जहां पे भी बीमारी ए जाए वहां सबसे पहले बीमारी में ये 50 लाख 1 करोड़ 2 करोड़ 5 करोड़ दवाई लेकर के पहली फ्लाइट से फाटक पहुंच जाओ वहां जाकर प्रधानमंत्री से वहां के राष्ट्रपति से वहां के deshvasiyon से अपनी रिश्तेदारी बनाते हैं उनके साथ में उनको क्योंकि ये कहते हैं की भाई जब भी ऐसी तकलीफ है सबसे पहले तकलीफ को सॉल्व करने के लिए हम पहुंचे तो उन्होंने बिजनेस का एक सेक्शन बनाया हुआ है इमरजेंसी वैक्सीन का और ये वो सेक्शन है जहां पर ये दो साल तीन साल चार साल कर लेते हैं दवाई कहीं ना कहीं इमरजेंसी ए ही जाएगी वहां दवाई लेकर सबसे पहले pahunchte हैं इसीलिए रिचिंग फोर्स सबसे पहले पहुंचना रिपिंग ट्रस्ट उससे इनका विश्वास बढ़ता है और विश्वास इतना बड़ा की अगली बार जब बिजनेस की जरूरत पड़ती है तो भारत के सिरे में इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया को ही बिजनेस दिया जाता है या ऐसे इनके बढ़िया कोल्ड स्टोरेज उसी हिसाब से उन्होंने बनाए जान माइंस 20 डिग्री की जरूरत है तो वहां माइंस 30 और माइंस 50 तक का इन्होंने अरेंजमेंट करके रखा स्टोरेज overfil हो तो उसको भी मैनेज कर जाए वैक्सीन को शॉट नोटिस में इसीलिए दे पाते लेकिन दूसरी तरफ था अगला बकेट हाई डिमांड वैक्सीन इसकी डिमांड हमेशा ही रहती है तो हाइट माउंट वैक्सीन में ये स्टॉक रोटेशन पे कम करते हैं स्टॉक बनता जाए मूव करता जाए बनता जाए मूव करता जाए usmein तो ये बिल्कुल भी स्टॉक करने की जरूरत ही नहीं समझते usmein क्या करते हैं अब क्योंकि हाईएस्ट टॉप रोटेशन है तो ये सही रेट पे दे पाते हैं कम मार्जिन रखने के बावजूद भी वॉल्यूम बहुत ज्यादा बनाते हैं वॉल्यूम मतलब क्या हुआ 1.5 बिलियन दोसेस ये हर साल बना रहे हैं 170 देशों में देने के लिए dekhiae हर आदमी जीरो तो शुरू करता है ऑल ऑफ स्टार्ट फ्रॉम जीरो बट Vi टेक डी राइट डिसीजन तू बिकम रियली हीरो तो यह एक विशेष साइकिल था जो विशेष सर्कल को उन्होंने अचीव वैसे ही किया एक तरफ हाई डिमांड एक तरफ इमरजेंसी हाई डिमांड और इमरजेंसी दोनों के कांबिनेशन में डिवाइड किया इन्होंने इमारत चाहे कितनी भी बड़ी क्यों ना हो उसकी शुरुआत छोटी सी ईंट से ही शुरू होती है और छोटी-छोटी ईंट से आज इन्होंने इमारत इतनी बड़ी बना ली इनका एक कोई पांचवी स्ट्रेटजी रिजेक्शन रेट देखते हैं कम से कम रखते हैं इनका kpie की परफॉर्मेंस इंडिकेटर क्या रिजेक्शन रेट की भाई मैं जब वैक्सीन बनाऊं तो वैसी बनाऊं की मेरी वैक्सीन कभी रिजेक्ट ना हो बस रिजेक्ट हो और हर टेस्ट को पास कर जाए हर ट्रांजन से डिफिकल्ट से डिफिकल्ट टेस्ट को पार कर जाए जो उससे क्या होगा इनकी ओवरहेड कॉस्ट कम रहेगी ओवरहेड कॉस्ट कम है तो लो कॉस्ट प्रोडक्शन होगा लो कॉस्ट अगर कमिटेड में पावर होगी डेडीकेटेड लॉयल स्टाफ होगा और बेस्ट मशीनस रखेंगे और छोटी से छोटी स्मालेस्ट अनवांटेड पार्टिकल भी अंदर घुसने नहीं देते रिजेक्शन रहे तो कंट्रोल में रखते हैं हर समय चेक करते हैं रिजेक्शन रेट क्या है रिजेक्शन रेट क्या है रिजेक्शन रेट क्या है वो क्वालिटी मेंटेन करने के कारण इनकी acceptibility दुनिया में बढ़ती गई वहां से उन्होंने बिजनेस को बहुत बड़ा किया और dekhiae हुआ ये की इसी कारण अपनी कॉस्ट को कंट्रोल में रख सके जो फील्डर है फाइजर ने जब अपना वैक्सीन लॉन्च किया तो $20 को लॉन्च किया मॉडर्न ने 25 $ का लॉन्च किया लेकिन एक्स्ट्रा जनिका यानी की यही वाली हमारी वैक्सीन ये दो डॉलर में आई जॉनसन एंड जॉनसन भी $10 ले रहा था रूस की sutnik भी $10 ले रहा था और बाकी सारे भी कोई सस्ती नहीं थी 15-16 की वैक्सीन उसकी तारीख की सारी पर हमारी ही वैक्सीन थी जो $2 की लॉन्च कारी गई यानी की 150 रुपए से शुरू हुई थी आज जो उनकी जिसकी जिस रेट पे सरकार पुरी द 150 रुपए में अब अगर उसको बढ़ा भी लें तो भी ये दुनिया से कश्ती वैक्सीन पड़ा करती थी इसलिए भारत में हम वैक्सीन को जल्दी लगा भी पाए इनकी छोटी स्ट्रेटजी इकोनॉमी जो स्केल एंड स्कोप इकोनॉमिक ऑफ स्केल एंड स्कोप क्या होता है ये उसके लिए क्या करते हैं ऑफ पेटेंटेड मेडिसिन बनाते हैं ऑफ पेटेंट का मतलब क्या हुआ 10 साल का अगर पेटेंट किसी ने ले लिया तो 11वें साल पे मेडिसिन को बनाना शुरू करते हैं जब पेटेंट खत्म हो जाता है तो वो सस्ती हो जाती है standardisective प्रक्रिया से उसे पेटेंट की कॉस्ट खत्म होने से इनको कॉस्ट एडवांटेज मिलता है और कॉस्ट एडवांटेज से ये सस्ती बनाते हैं कॉस्ट पर यूनिट कम होता है इसीलिए बहुत बड़े स्केल पे बनाते हैं इकोनॉमी जब स्केल का मतलब इकोनॉमी जब स्केल इंडिकेट करता है की फर्म ने इतना बड़ा साइज ग्रो कर लिया है इतनी एफिशिएंट हो गई है की उनकी आज अन जो पर यूनिट कॉस्ट है जो यूनिट इकोनॉमिक्स है यानी की एक दवाई की कॉस्ट बहुत नीचे ए जाती है जिसकी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं स्पेशलाइज लेबर बल्प में मल खरीदते हैं रॉ मटेरियल और फाइनेंशियल मैनेजमेंट और नेटवर्क का अच्छा इस्तेमाल करते हैं इकोनॉमी में जो स्केल समझो ऐसे होता है की जैसे आपने एक वीडियो गेम बना ली एक वीडियो गेम बनाने में अगर आपका ₹10 करोड़ लगा लेकिन अब उसे वीडियो गेम को आप डुप्लीकेट करते हो सबको बेचने के लिए तो एक वीडियो के अंदर 10 करोड़ का पड़ा दो बना दी तो 5 करोड़ का पड़ा आपने चार बना ली तो ढाई करोड़ का बना और लाखों लोगों को वीडियो गेम बेच दी तो सोचो पर यूनिट कॉस्ट कितनी कम हो जाती है जितने बड़े स्केल में bechate हैं पर यूनिट कॉस्ट अपने आप कम हो जाती है क्योंकि वीडियो गेम बनाने की कॉस्ट एक बार आई इसी तरह से ये भी अपने बिजनेस को ऐसे करते हैं की पर यूनिट कॉस्ट इन के कम हो जाए और स्केल बहुत बड़ा हो जाए तो जितने भी डेवलपिंग और अंडर डिवेलप नेशन है सबसे ज्यादा जगह पे इन्हीं की वैक्सीन चलती है इन्होंने ज्यादा से ज्यादा अच्छा दूसरी तरफ इकोनॉमी में जो स्कोप भी होता है यूनिट कॉस्ट तू प्रोड्यूस अन प्रोडक्ट विल डिक्लाइन यानी की एक आइटम को बनाने में जो कॉस्ट आती है वो कम हो जाती क्यों क्योंकि जैसे उसकी जैसी वैरायटी प्रोडक्ट भी आप वहीं पे उसी प्लांट पे बनाना शुरू कर देते हो क्योंकि आप सारे के सारे जो प्लांट के जितने भी सपोर्ट डिपार्टमेंट द उनका जॉइंट यूटिलाइजेशन करते हो उसे नए ब्रॉड को बनाने में है की नहीं तो जैसे आपने फॉर एग्जांपल एक जूता बनाने वाली कंपनी है वो जूता बना रही है पिताजी का अब वही पे ही बच्चे का भी जूता अगर बनाना शुरू कर दिया तो क्या हुआ वही मशीन इस्तेमाल हुई वही सप्लाई इस्तेमाल हुई वही वाला स्टोरेज इस्तेमाल किया वही स्त्री भूषण चैनल है आपका उसी में आपने एक और आइटम ऐड करके दे दिया तो नेचरली अगर आपको उसके लिए अलग पूरा प्लांट खोलना पड़ता तो पर जूता महंगा पद जाता है उसी प्लांट में अपने कर लिया तो से रिसोर्सेस को आपने एटलिस्ट 50% तक यूटिलाइज कर लिया तो बच्चे का जूता भी सत्ता पड़ने लग गया समझ रहे मेरी बात को भाई मैकडॉनल्ड्स अगर बर्गर बना रहा है फ़्रेंच फ्राइज बना रहा है बर्गर बनाने का अगर एक मैकडॉनल्ड रखता और फ़्रेंच फ्राइज बनाने का फ़्रेंच डाउनलोड बना लेता हूं पुरी अलग ही कंपनी बना लेता तो फ़्रेंच फ्राइज की कॉस्ट बढ़ जाती है लेकिन वहीं पे उसी में डाउनलोड फ़्रेंच फ्राइज बना रहे हैं तो सत्ता पद जाता है इसको बोलते हैं इकोनॉमिक्स को मतलब एक ही जगह पे आप जब और तरह के प्रोडक्ट ले आते हो तो रॉ मटेरियल भी मशीनरी मैनपॉवर भी बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उसकी कॉस्ट भी क्योंकि आपने जो लैंड लिया इतना बड़ा किराए पे लैंड लिया तो किराया आपने बच्चे के जूते में भी डिवाइड तो कर दिया ना तो इकोनॉमिक्स ऑफ़ स्कोप इसी को कहते हैं क्योंकि अगर मैकडॉनल्ड हैमबर्गर और फ़्रेंच फ्राइज अगर आपस में शेयर करके बना लेगा तो वही फूड स्टोर्स की फैसिलिटी वही प्रिपरेशन की फैसिलिटी वही सारी की सारी फैसिलिटी वहीं कॉमनली यूज्ड हो जाएगी इसीलिए वो कॉस्ट कम पद जाती है बरहाल अगली पर चलते हैं मजा आएगा मेरे साथ बिजनेस sikhoge आप साथ भी स्ट्रेटजी डेड फ्री कंपनी ये कर्जा नहीं लेते कभी भी है की नहीं है जब कोरोना बोस का pandavig दिया है उसे समय भी ये आर्ट्स रूम मिलियन डॉलर से ज्यादा का बिजनेस कर रहे द लेकिन द completilly डेड फिल्म का कारण क्या है की जब किसी देश के साथ ही कोई ऑर्डर लेते हैं अगर उनसे 100 करोड़ का ऑर्डर लिया तो 70% पैसा यानी की 70 करोड़ एडवांस ले लेते द तो जब 70 करोड़ एडवांस ही आपको मिल गया तो उसके बाद आपको कर्जा लेने की जरूरत ही नहीं 70 करोड़ के अंदर ही दवाई बना देंगे 5-10 करोड़ ऊपर लग भी गया तो कोई बात नहीं 80 करोड़ में वहां पहुंचा देंगे और बाकी का जब 30 मिलेगा तो usmein से मेरा फायदा हो गया एडवांस लिया एडवांस के अंदर ही अपनी सारी की सारी कॉस्ट निकल लेते द तो इसीलिए इनको कर्जा लेना नहीं पड़ता सिर्फ और ये इनका कहना भी आधार punsah वाला का की जब दूसरे का पैसा इस्तेमाल करोगे तो हो सकता है आप इतना ध्यान ना दो लेकिन जब खुद का पैसा लगता है ना तो पाई पाई का हिसाब बाद में रखता है डेट एक बिगेस्ट ट्रैप है और सुजलॉन वीडियोकॉन जेपी एसोसिएट आ अनिल अंबानी यह बहुत सारे बिज़नेस जो उनके अपने रिलायंस अंबानी बहुत सारे बिजनेस डूब गए द अभी कुछ ही साल पहले इनको बोलते हैं billians तू बेस्ट एकदम बर्बाद हुए इसके ऊपर एक वीडियो बनाऊंगा की कर्जे से बाहर कैसे निकाला जाए अगर आप चाहते तो नीचे मुझे कमेंट बॉक्स में bataiyega जरूर एवरी टाइम यू बोरो मणि यू रॉबिंग योर फ्यूचर फॉर योर सेल्फ और ये बड़ा सिंपल है तरीका रखा इन्होंने कहा की तितली हेल्ड अगर ऑर्गेनाइजेशन होगी ना तो किसी को इक्विटी बाटेंगे ना किसी से कर्जा लेंगे क्योंकि अगर किसी को शेयर bantati है तो फिर शेयर होल्डर को हर महीने जवाब दो वो हर महीने क्वेश्चन करेगा हर क्वार्टर आफ्टर क्वार्टर उसको रिपोर्ट देना पड़ेगा आपको रिजल्ट्स उसके सामने शोकेस करने पड़ेंगे और वो आप कोई बड़ा डिसीजन लोग तो क्वेश्चन कर देगा की भैया बिना अप्रूवल के तुमने एक्स्ट्रा जनिका की क्यों बना दी ओवी शील्ड हमारा पैसा डूब जाएगा तो हमने तुम्हारी कंपनी पैसा लगा है तो ये बोले मेरे को डिसीजन इंडिपेंडेंस ये था चाहिए मुझे अगर कोई बड़ा डिसीजन लेना है दो हेलीकॉप्टर खरीदने जहां पे मैं अपनी क्लाइंट्स की एक्स्ट्रा सेवा कर सकूं तो मुझे कोई प्रश्न करने वाला नहीं होना चाहिए इसीलिए उन्होंने अपने ही पैसों से कम किया ना कभी किसी से उधर लिया ना किसी को शेयर बेच के पैसा लिया अगला अब इसी को समझने के लिए क्योंकि पैसा इनका खुदका था तो उन्होंने b2b मार्केटिंग पे अच्छे से लगाया है उन्होंने एक से बढ़कर एक महंगे हवाई जहाज खरीदें अपने पर्सनल उसे के लिए महंगे हेलीकॉप्टर खरीदें अपनी पर्सनल ट्रिप पे बना दी खुद किए एविएशन कंपनी भी खोल दी के भैया जिस दिन हवाई जहाज मैं इस्तेमाल ना करूं तो इनकी राय पे चड्ढा डन उनकी एविएशन कंपनी को बोलते हैं ये पुणे वाला एविएशन प्राइवेट लिमिटेड तो इन्होंने b2b मार्केटिंग यानी की जब भी कोई बड़ा अंग्रेज क्लाइंट को लेकर आना है कोई लंदन से क्लाइंट को लाना है कोई उस से क्लाइंट को लाना है उसको एकदम फाइव स्टार फैसिलिटी देंगे खुद का अपना एक हवाई जहाज के अंदर भी एक अलग ऑफिस बना लिया इन्होंने क्या किया पैसा खर्च करने में कोई कमी नहीं छोड़ी एक से बढ़कर एक रॉयल्स रॉयल्स और बेंटले और उसके भी बढ़िया महंगी से महंगी गाड़ी जी इन्होंने कई कॉर्पोरेट जेट और हेलीकॉप्टर इसीलिए रखे की मेरा जब क्लाइंट आए तो उसको ऐसी सेवा डंक उसका बिजनेस हमको मिल जाए क्योंकि क्लाइंट्स होती है लिमिटेड वो खुद ही बहुत बड़ी कंपनी होती है तो एक कंपनी से दूसरी कंपनी का रिश्ता बनने से पहले तो जो दिखता है वो बिकता है तो उनको खूब दिखाते हैं बाजार में पब्लिक को नहीं दिखाते हैं अल वो अलग बात है की नताशा पुणे वाला इनकी धर्म पत्नी बॉलीवुड के साथ बहुत उड़ती baithati है तो वहां से कुछ देखता है adervise ये इस्तेमाल करते हैं b2b के लिए 9वी स्ट्रेटजी आ ही इसे नॉट जस्ट रिच बाय स्ट्रेचर इस अलसो रिच बाय नेचर ये अपने नेचर से अपने प्रकृति से भी बहुत अमीर है कैसे की फिलैंथरोपिस्ट ने समाज सेवा में बहुत पैसा लगाते हैं फिलैंथरोपिस्ट ऑफ डी ईयर अवार्ड भी उनको 2016 में मिला सर यानी की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी समाज के प्रति जो जिम्मेदारी इसको बड़ा अच्छे से निभाते हैं क्लीन सिटी initiatij उन्होंने बहुत लिए 100 करोड़ रुपए इन्होंने खर्च किया ये इनका इन्होंने एक viluppuna वाला जो उनकी मैन है मैन थी उनके नाम पे भी एक मेमोरियल हॉस्पिटल खोला जहां पर उन्होंने बहुत लोगों का इलाज कराया और usmein इन्होंने लेप्रसी पे हान जो की कोड हो जाता है जो लेपर्ड्स होते हैं क्योंकि इनके बाहर भी इनके पर्सी से ग्रसित एक भिक्षुक था वहां पे जो मतलब जो बेगार होता है उसको देख कर के तो सोचा की मेरे को लेप्रसी rihabilitation सेंटर भी बनाना चाहिए masass इम्यूनाइजेशन पर उन्होंने बहुत कम किया ऐसी-ऐसे देशों को उन्होंने davaiyan मुफ्त में दिए हैं जो की बहुत ही गरीब देश हुआ करते द छोटे लाउड डेमोक्रेटिक रिपब्लिक या फिर हमारे बाजू में नेपाल में भी इन्होंने बहुत मदद कारी है सब फ्री वैक्सीन सप्लाई कारी है मोबाइल हेल्थकेयर और पानी की सफाई उन्होंने बहुत कम किया दो मिलियन लीटर वाटर और रोज देते हैं जिसको 10 मिलियन लीटर वाटर होने को साफ देने वाले हैं पीने के लिए ये कहती है एजुकेशन केन भी ये गेम चेंजर फॉर डी अंडर प्रिविलेज तो हाई स्कूल इंग्लिश मीडियम स्कूल इंटरनेशनल स्कूल्स भी इन्होंने बनाए जहां पे गांव के अंदर स्कूल बनाया जाए फैसिलिटी नहीं है टॉयलेट की फैसिलिटी नहीं है क्वालिटी ऑफ लाइफ इंप्रूव करना चाहते हैं की फ्लाईओवर बनाना बृजेश banvana सड़कों को चौड़ा करना टॉयलेट बनाना ग्रीन इनीशिएट उन्होंने बहुत लिए जो भी विंड पावर जेनरेशन किया वाटर कंजर्वेशन के प्रोजेक्ट उन्होंने किया तो काफी कम इन्होंने किया इनकी अपने प्लांट में भी आग लगी थी इन नहीं प्लांट में आग लगी पंच लोगों का देहांत भी होगा और तब की बात है जब ये जनवरी में kubishield बना रहे द बहुत स्पीड से बनाना था उसे समय सब ब्रेक लग गया बहुत तकलीफ हुई लेकिन बाउंस बैक किया उन्होंने जिन पंच लोगों का देहांत हुआ उसे आग में जल के उनको तो उन्होंने 25-25 लाख का कंपनसेशन भी दिया खुद का 1000 करोड़ का नुकसान भी सह और वापस पुरी स्पीड के साथ सप्लाई को फिर से बिल्ड किया और सप्लाई को लेके पहुंचे परफॉर्मेंस ओरिएंटेड हैं 10वी स्ट्रेटजी ये बहुत ज्यादा padhaai लिखाई में बिलीव नहीं करते इंटर्न बन करके बड़े हुए हैं अपनी कंपनी के अंदर ये केवल एक ग्रेजुएट है और हार्वर्ड से ग्रेजुएट भी नहीं है कॉमर्स ग्रेजुएट है और उनके पिता ने इनको बोला की अब तुम्हारे को जो है ना जो लर्निंग चाहिए वो लर्निंग क्लासरूम लर्निंग नहीं बेड साइड लर्निंग जैसे नारायण हृदय वाले हॉस्पिटल के जो चेयरमैन हैं वो क्या कहते हैं की एक होता है क्लास रूम में बैठ के सीखना और एक है अस्पताल में बेड के पेशेंट के साइड में खड़े हो के सीखना usmein सीखने को ज्यादा मिलता है किताब में पढ़ के गाड़ी कैसे चलते हैं सीखना मुश्किल है गाड़ी चला के गाड़ी चलाना सीखना जरा आसान है तो उन्होंने यही कहा की मैं कंपनी में नीचे शुरू करूंगा और उनके पिता ने इनको इंटर्न बनाया सबसे जूनियर और फैक्ट्री से चालू किया और धीरे-धीरे एग्जीक्यूटिव होते-होते होते सीईओ बने तो वहीं से लर्निंग लेकर के आए इनके लीडरशिप का स्टाइल भी ऐसा है की ये बहुत लंबा समय नॉन परफॉर्मेंस टॉलरेट नहीं करते हैं इनके बड़े इनीशिएटिव रहे ऐसे की 50 पैरासाइट एम्पलाइज द इनके सीईओ बनने से पहले जो पिता जिनकी इनके ऊपर चिल्लाते रहते द वो 50 ऐसे एम्पलाई द जो कोई कम नहीं करना हर बात में उल्टा एक्सक्यूज दे देना कोई ना कोई कहानी सुना देना लेट आना ऑफिस में सही डिसीजन ना ले पाना कम को खराब कर देना और पता चलते रहते द लेकिन nikaalte नहीं द ये आए इन्होंने परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम न है पीएमएस अपने हर के साथ इंप्लीमेंट किया ऑर्गेनाइजेशन वाइड इंप्लीमेंट किया और पीएम में simpliment करने के बाद उन 50 एम्पलाइज को एक-एक करके निकल दिया क्लियर मैसेज दे दिया कंपनी में की भाई ऐसा है जो कम करेगा वो आगे बढ़ेगा कहते हैं मैंने जितना भी सिखा है समय बर्बाद नहीं होने दिया है उनका कहना है की जब भी कोई मीटिंग होती है तो पहले 10 मिनट में बता देता हूं की मीटिंग प्रोडक्टिव रहेगी की नहीं रहेगी और 10 मिनट के अंदर ही मीटिंग खत्म करना चाहते हैं ये विचार विमर्श पे ghanton बर्बाद नहीं करते टैक्स वाइस मैन तू लर्न फ्रॉम इट्स एक्सपीरियंस बट एवं अन वाइजर मैन तू लर्न फ्रॉम आदर्श मिस्टेक तो उन्होंने यही किया ए करके इधर उधर से कारी हुई गलतियों से सिखा फटाफट और उसको इंप्लीमेंट किया थोड़ा पारिवारिक व्यक्ति भी है फैमिली मैन है और थोड़ा ज्यादा phamili मैन भी है इनकी पद धर्म पत्नी नताशा पुणे वाला का जन्मदिन था तूने पूछा क्या खाएंगे बोलो मेरे को और thintic इटालियन पिज़्ज़ा चाहिए यहां कहां बनता है ऑथेंटिक इटालियन पिज़्ज़ा रियल तुमने कहा अच्छा कोई बात नहीं इन्होंने शाम को जहाज अपना प्राइवेट जेट इटली भेज दिया और वहां जाकर के इटली में बोला यहीं से फोन कर है पता लगाया की इटली का सबसे बड़ा सेवन स्टार होटल का जो सबसे बड़ा एग्जीक्यूटिव शिफ्ट जो आप पीड़ा बनाता है उसको अगले दिन पूरे महीने की tankhvah देकर के हवाई जहाज में बैठा के सीधा पुणे आए हैं प्राइवेट जहाज में बैठा के ले आए और बोला की वहीं से सारे इंग्रेडिएंट्स मिले क्या और ऑथेंटिक इटालियन पिज़्ज़ा बना हो कई लोग इस बात को लेकर नाराज भी हो सकते हैं की बीवी का बर्थडे है पिज़्ज़ा खाने के लिए इटली से मंगाया जा रहा है पिज़्ज़ा और पिज़्ज़ा बनाने वाले को बुलाया जा रहा है इतना पैसा गरीबों में बांट देते हैं और कई लोग उसको ऐसे भी देखेंगे की इनका पत्नी के पति प्रेमिका है की किसी भी हद तक जाने को तैयार है दोनों विश्व में पर्सपेक्टिव है क्योंकि समाज सेवा तो ये करते ही हैं ये फैमिली से भी बहुत प्रेम करते हैं वीकेंड पुरी फैमिली के साथ बताते हैं और पत्नी को इतना इनकरेज किया की उनको डायरेक्टर भी बना दिया कंपनी में dekhiae entrapy न्यूड की इज्जत करना सीखना चाहिए हान हमने आजकल क्या किया है हमने एंटरटेनर्स एक्टर्स को हीरो बना दिया और जो हमारे देश की आर्मी और पुलिस तो जो रियल हीरो की तरह देखना था वो मिस कर रहे हैं बिकॉज आज में प्रॉब्लम ये है की मैं ज्योति इंडियन जॉब क्रिएटर को विलन की तरह देख रही है और एंटरटेनर्स को नाचने वालों को हीरोज की तरह देख रही है तो ये अंतर पानी और है ये असली हीरो है इसलिए मैं तो ये बोलूंगा की indigenious हमारे देश की कंपनी जो दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनी आज हमारे देश को वैक्सीन कैपिटल ऑफ डी वर्ल्ड बनाया ऐसे आधार punsah वाला की इज्जत हमें करनी चाहिए देश की समस्या को दूर करना आपकी और हमारी जिम्मेदारी है इसलिए बिजनेस की हर समस्या को खत्म करना वो हमारा एक मात्रा लक्ष्य है आप भी अगर रियल हीरो बन्ना चाहते हैं तो हमारे साथ जुड़िए आप किसी भी सब्जेक्ट में फैंस रहे हो चाहे वो कोई भी सब्जेक्ट हो ना बिजनेस का आज हमने लगभग 60 अलग-अलग प्रकार के डिटेल कोर्सेज jismein saikdon saikdon वीडियो है और हर एक वीडियो देश के सुपर सॉलिड सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट से बनवाया गया अगर मुझे ब्रांड मैनेजमेंट पर भी कम करना है तो देश की टॉप 5 कंपनी जिनका ब्रांड वैल्यू सबसे ज्यादा है उनकी जो ब्रांड हेड्स हैं उनको बुलाकर के कोर्स करता हूं ये नहीं की सारे कोर्स में खुद करूं हर कम मैं खुद नहीं कर था इसीलिए जीव jivash से जीवन हम जब एक जीव का जीवन दूसरे जीव के जीवन पर निर्भर कर जाता है तब यह रियल इकोसिस्टम बन जाता है तो आप किसी भी सब्जेक्ट पे हमारे बोर्ड लाइन नंबर है फोन करके पूछिए वो आपको मदद करने को तैयार है इस वीडियो को शेयर जरूर kariyega क्योंकि यह भारत का प्री है सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया है सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ वर्ल्ड नहीं है सर्विंग डी वर्ल्ड है इस वीडियो को जरूर शेयर करिए सब्सक्राइब करिए और आकर के आने वाले मैं ज्यादा की स्टडी शुरू करने जा रहा हूं बहुत सारी केस स्टडी जा रहा हूं बहुत सारी वीडियो रहने के लिए आप सब का हृदय की gahraiyon से प्रेम पूर्व बहुत-बहुत dhanyvad [संगीत]

Comments

Popular posts from this blog

Let’s Celebrate Victory Of Good Over Evil Is Bar Holi Khushhali Wali Dr Vivek Bindra

20th Episode How To Overcome Sex Addiction Gita In Action Dr Vivek Bindra

Multiply Your Business With Leadership Funnel Dr.Vivek Bindra