India’s Health-Care Worse Than Bhutan & Bangladesh Dr Vivek Bindra at News Nation
हमारे देश को 20 लाख 70000 डॉक्टर चाहिए लेकिन हमारे पास केवल 8:30 लाख डॉक्टर है ₹125000 आईसीयू बेड है हमें ₹7 लाख आईसीयू बेड चाहिए लेकिन हमारे यहां एक डॉक्टर 11000 पेशेंट देखता है मारी जैसे पड़े हैं जैसे ठेले के ऊपर सब्जी का ढेर एक बच्चा डॉक्टर किस किस की करेगा केयर सिस्टम कॉलेप्स कर गया हालांकि कई बड़े डेवलप्ड कंट्रीज का भी सिस्टम कलाप कर रहा था लेकिन तब हमें महसूस हुआ था की हां कहीं ना कहीं हमें हेल्थ पे बहुत एक जैसे कहते हैं बुलेट की रफ्तार से कम करने की जरूरत है इकोनॉमी के लिए बड़ी इंपॉर्टेंट है आज हमारे देश में 50 लाख नौकरियां दे का रहा है हेल्थ केयर और ज्यादा किया जा सकता था एंबुलेंस ड्राइवर नर्सेज डॉक्टर्स को हमारा देश 45 भी रैंक पे है 190 देशों के अंदर पहले ये समझ लीजिए हमारे देश को 20 लाख 70 हजार डॉक्टर चाहिए लेकिन हमारे पास केवल 8:30 लाख दो हैं चाहिए 20 लाख है हमको आज सरकारी अस्पताल में हो बोलता है एक डॉक्टर 1000 पेशेंट देखना चाहिए लेकिन हमारे यहां एक डॉक्टर 11000 पेशेंट देखता है डॉक्टर के पास समय नहीं है मारी जैसे पड़े हैं जैसे ठेले के ऊपर सब्जी का ढेर एक बेचारा डॉक्टर किस किस की करेगा केयर तो हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर हमारा कमजोर है हमें चाहिए 11 लाख डॉक्टर पर सिम ऐड कारी गई केवल 11000 11000 उसका अर्थ है कम हेल्थ केयर में बहुत पीछे नर्सेज हमें जितनी चाहिए उसकी आधी है हमारे पास ₹125000 आईसीयू बेड है हमें ₹7 लाख आईसीयू बेड चाहिए तो भारत की भारत जैसे ही इकोनॉमी की रिटायरमेंट बहुत बड़ी है आपको यह समझना है पर पर्सन जो स्पेंड है वो अमेरिका का 11000 डॉलर है स्विट्जरलैंड का ₹10000 है नॉर्वे का 8000 डॉलर है और हमारे भारत का केवल 64 है तो जो पर प्रसेंस स्पेंड है हम लोग घाना केन्या नाइजीरिया डैन भी है जैसे अफ्रीकन देशों से भी पीछे चल रहे हैं इसलिए इस एरिया में मैं चाहता हूं की सरकार को और कम करना चाहिए था सरकार ने कुछ कम किया साइकल सेल एनीमिया पे कम किया लोगों का टेस्ट करने पे कम किया कुछ नर्सेज बढ़ाने के लिए 157 वर्सेस कॉलेज भी बनाए हैं 1250 करोड़ आरएमडी पे दवाइयां के लिए इन्वेस्ट कर रहे हैं परंतु मुझे ऐसा लगता है जो कमी है उसमें 70% टोटल हेल्थ केयर स्पेंड प्राइवेट प्लेयर कर रहे हैं सरकार ने अभी कम पैसा लगाया है 3.9% 6% बड़ा है थोड़ा सा लेकिन अगर कुछ इंश्योरेंस पे टैक्स बेनिफिट दे दे और मेडिकल टूरिज्म को बूस्ट करें अगर उससे कम चल सकता है मेडिकल टूरिज्म को बूस्ट किया जाए प्राइवेट प्लेयर को बोले मेडिकल टूरिज्म के लिए कम करें रेन रेन हिंदुस्तान से बड़ी दिक्कत है बड़ी समस्या है और उसको लेकर अगर एजुकेशनल सेक्टर में कई बार लोगों की शिकायत रहती है की बहुत ज्यादा कम नहीं करती हैं सरकारी जितना कम होना चाहिए कहीं ना कहीं कमी रहती है आप कैसे देखेंगे बजट को एजुकेशन सेक्टर के इतिहास से पूछा 45000 डिग्री कॉलेज हमारे देश में 1000 यूनिवर्सिटी है और आज भी हमारा देश जीडीपी स्पेंड एजुकेशन पे बहुत कम कर रहा है आज आप देखेंगे मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन बोलता है की हम बच्चे पर टीचर कम करते चले जा रहे हैं लेकिन अमेरिका में 15 बच्चों पे टीचर है भारत अभी बहुत दूर है आप हैरान हो जाएंगे जान के की हम अटैक कैपिटल बन गए हैं दुनिया की लेकिन 6000 स्कूल ऐसे हमारे देश में जहां बिल्डिंग भी नहीं है टेक में इन्वेस्ट हुआ लेकिन 77% हमारे देश के जो स्कूल है उसमें बिजली तक करती है तो बहुत दूर है भाई हम लोग डिजिटल एजुकेशन को हम प्रमोट करते हैं जो 9:30 लाख स्कूल के अंदर कंप्यूटर तक नहीं है 87% स्कूल के अंदर हमारे यहां इंटरनेट फैसिलिटी नहीं है तो अभी हम लोग बहुत दूर हैं इसमें केरल में अच्छा कम किया आंध्र पंजाब राजस्थान गुजरात महाराष्ट्र और चंडीगढ़ ठीक-ठाक किया उत्तर प्रदेश सबसे खराब चल रहा है इस विषय में उत्तर प्रदेश को कम करना चाहिए केरल में टेक्नोलॉजी शुरू से इंप्लीमेंट कारी गई है अगर आप इंडिया और उस को देखेंगे तो बहुत फरक है आज इंफ्रास्ट्रक्चर में जो हम इंडिया आए 3.5 ट्रिलियन डॉलर लगा रहा है और अमेरिका 23 ट्रिलियन एजुकेशन पे खर्च करता है यहां पे पढ़ाई तो फ्री है लेकिन पढ़ाई होती नहीं है स्कूल के अंदर बच्चा पहुंचता ही नहीं है क्लासरूम के अंदर तो मैं चाहता हूं जो नेप न्यू एजुकेशन पॉलिसी सरकार ने रोलआउट की उसका एग्जीक्यूशन कमजोर है वो अभी पूरी तरह रोला आउट नहीं हो का रहा है या शुरू भी ढंग से नहीं हुआ है राइट तू एजुकेशन से तो अनूप के लिए सरकार को कम करना चाहिए इसके लिए अलग से टीम बनानी चाहिए इसकी एजुकेशन की एग्जीक्यूशन तेज चाहिए मैं कहूंगा केस में प्रिंसिपल सेक्रेटरी नेप इंप्लीमेंटेशन के लिए अलग होना चाहिए आज ₹12000 करोड़ हमारी जीडीपी का आपने इन्वेस्ट तो किया है वो अमाउंट बढ़ा के इन्वेस्ट किया है पर अभी बीच में बहुत कम करना है बाकी है मैं ये कहना चाहूंगा की अटैक पे सब्सिडी दीजिए आप एजुकेशन पे 18% क्यों इससे मैं जीएसटी चार्ज कर रहे हैं आप सस्ती है एजुकेशन को जीएसटी से बाहर कर दीजिए एक बच्चे को 18% से 3% या 5% पे ले आई और हो सके तो उसमें से जीएसटी हटा दीजिए और बल्कि एक आदमी अगर खुद से पैसा लगाना चाहता है अब इसके लिंक के लिए उसको टैक्स बेनिफिट दीजिए बहुत से कोर्सेज मिल रहे हैं बाजार में बहुत सारी कंपनी दे रही है अगर वो अपने कोर्स में इन्वेस्ट करता है तो उसको 86 की तरह टैक्स में अगर बेनिफिट दें तो उससे बहुत फायदा होगा आने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया
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