Lawrence Bishnoi का पूरा इतिहास Case Study Dr Vivek Bindra

थंबनेल में देखा आपने लॉरेंस बिश्नोई का पूरा इतिहास बताते हैं सलमान खान के कारण वह पहचाने जाते हैं हमेशा न्यूज़ हेडलाइंस में छाए रहते हैं उनकी सलमान खान से क्या नाराजगी है उनके अराउंड इतनी कंट्रोवर्सी क्यों है वो सही है गलत है उसका फैसला तो चलो कोर्ट ले लेगा उसके लिए जुडिशियस सिस्टम है नमस्कार मैं डॉक्टर विवेक बिंद्र फाउंडर एंड सीओ bab.com आज बताऊंगा इस कंट्रोवर्सी के जुड़ा पीछे का एक कनेक्शन पीछे का इतिहास क्या है वो इतिहास के बारे में ज्यादा बात करूंगा नेगेटिव की जगह पॉजिटिव बात जरा से दिखाऊंगा आपको सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई नहीं उनकी पूरी कम्युनिटी जो कि वातावरण एनवायरमेंट को प्रोटेक्शन के लिए जानी जाती है पहचानी जाती है वर्ल्ड फर्स्ट एनवायरमेंटलिस्ट कम्युनिटी ये जो बिश्नोई है ये ऐसे लोग हैं इनके बारे में किसी को पता नहीं मेरे दिमाग के धु निकल गए जब मुझे पता चला बिश्नोई कौन है बिश्नोईयों का जब इतिहास समझ में आया तब मुझे उनका क्रोध भी समझ में आया जानवर के लिए जान दे दे अपनी सबसे पहले उनकी बात करते हैं जिसने बिश्नोई कम्युनिटी की शुरुआत करी गुरु जांबेश्वर यूनिवर्सिटी का नाम सुना होगा ये कौन थे गुरु जांबेश्वर के नाम पे जिनको जंबू जी बोला करते थे धरती के पहले पर्यावरण के वैज्ञानिक साइंटिस्ट बाद में पता लगाता यह पहले सेंस कर लेते थे गुरु जांबेश्वर बिश्नोई समाज के संस्थापक इसको सुनना इसको ये वीडियो को सुनना आप धुए निकल जाएंगे 28 अगस्त 1421 में जन्म लिया राजस्थान में इन्होंने नागौर जिले में बचपन से नेचर लवर थे आध्यात्मिक बहुत थे और किसी भी जीव हत्या के प्रति बहुत बहुत बहुत जागरूक करने में लोगों को लगे रहते थे ओजोन सेफ्टी की जो लेयर है उस वो हमारे को डेंजरस सनरेज से बचाती है और पोल्यूशन के कारण ये लेयर खत्म होती है क्या आप जानते हैं ओजोन लेयर को किसने पहले खोजा था google3 ने 1913 के अंदर लेकिन आपको बता दूं हैरान हो जाएंगे भाई 550 साल पहले गुरु जांबेश्वर ने बता दिया था मोरे धरती ध्यान वनस्पति वासो ओजू मंडल छायो ओजू मंडल छायो ध्यान रूप में धरती पर बसने वाले पेड़ पेड़ को बोलते थे कि पेड़ ध्यान रूप में बसता है पेड़ शांत रहता है ना एक जगह रहता है तो कहते हैं भगवान का ध्यान कर रहा है पेड़ तो ध्यान रूप में बसने वाले जो पेड़ उनके खतरे के लिए ओजू मंडल छायो ओजू मंडल छाया हुआ है इसीलिए धरती का पहला पर्यावरण वैज्ञानिक कहते हैं उन्होंने बहुत सारी चीज पहले बता द थी गुरु जांबेश्वर इनके जीवन में इन्होंने 29 संस्कार दिए इसीलिए इनको 20 नो 20 नोई इसीलिए इनका नाम विश्नोई पड़ गया 20 न मतलब 29 20 और नौ हां और कई लोग कहते हैं क्योंकि भगवान वि विष्णु का सब उपासक है इनकी कम्युनिटी भगवान विष्णु को बहुत मानती है भजमन नारायण नारायण नारायण विष्णु विष्णु विष्णु विष्णु बहुत भजन करते हैं ये भगवान विष्णु का इसलिए कहते हैं कि विश्नोई विष्णु पहले विश्नोई थे बाद में विश्नोई हो गए तो ये दो तरह की कहावत हैं मुझे नहीं पता सही कौन सी लेकिन मैं दोनों बताना चाहता था हरे पेड़ नहीं काटना ये इनका बहुत बड़ा मॉडल था सबसे बड़े सैक्रिफाइस इनकी कम्युनिटी ने किए हैं अपने गर्दन कटवा दिए अपने पेट धर से अलग करा दिया अपने शरीर को थ कटवा दिए मरने को तैयार हो जाते हैं सैकड़ों बिश्नोईयों ने अपनी जान दे दी कि हरे पेड़ नहीं काटने देंगे बिश्नोईयों के बारे में कोई नहीं जानता अभी आज जानेंगे आप हर प्राणी पर दया भावना रखना ये कहते थे गुरु जांबेश्वर हर प्राणी पर दया भावना रखने का मतलब क्या हुआ प्राणी मतलब क्या इंसान नहीं जानवर भी अगर किसी जानवर की मां मर जाती है ना किसी हिरण की मां मर जाती है तो जो बिश्नोई समाज की मां अगर वो स्तनपान करा रही है बच्चे को तो अपने स्तन से उस जानवर को भी दूध पिलाती है अपने स्तन से ये कहीं नहीं पूरी दुनिया में के पूरे के पूरे गांव के गांव के गांव के गांव में चलते चला जा रहा है विश्नोई के सारे के सारे गांव में चलते चला जा रहा है कि माएं जानवरों को भी अपने स्तन का पान कराती है हां अपना दूध पान कराती है जानवरों का मांस नहीं खाना है उनकी नेचुरल डेथ होनी चाहिए संस्कार जैसे इंसान का होता है वैसे ही जानवर का होना चाहिए आपको पता है ये लोग नीले रंग के वस्त्र को पसंद नहीं करते क्यों जानते हैं क्योंकि नील की खेती से में एक्सट्रीम पानी लग जाता है और जितना ज्यादा पानी लगेगा और पानी वेस्ट होगा बाद में वो इन फर्टाइल सोइल भी हो जाएगा तो वो यूवी रे ज्यादा अब्जॉर्ब करेगा च लीड्स टू कैंसर ये सब चीजें उन्होंने तब बता दी थी आज से 500 साल पहले इनके यहां ना खेजड़ी का पेड़ होता है उसको य भगवान मानते हैं ये सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई की कहानी नहीं है केवल ये लॉरेंस बिश्नोई क्यों सलमान खान से इतने नाराज थे ये समझो आप खेजड़ी को तुलसी के बराबर या पीपल के बराबर माना जाता है खेजड़ी की पत्ती लूंगा जो बकरियों और ऊंट का खाना बन जाता है उनके जो फूल मझर और फल से सांगरी है उसकी सब्जी और अचार बन जाता है फल सूखने पर सूखा मेवा मेडिसिनल यूसेज के लिए आ जाता है ये खेजड़ी का पेड़ अलग ही पेड़ होता है उसकी लकड़ी से फर्नीचर बनता है पर जड़े इतनी जबरदस्त होती है कि उससे हल भी बन जाता है राजस्थान में एक लता पेड़ मई जून में हरा भरा रहता है उसको रेत के अंदर रेगिस्तान में पानी की जरूरत नहीं तब भी हरा रहेगा एक ही पेड़ है दुनिया में खेजड़ी का पेड़ रेत के रेगिस्तान में जहां बूंद नहीं पानी की वहां भी हरा पेड़ रहता है ये खिचड़ी का पेड़ अपनी छाव में पौधे और अनाज को उगने में हेल्प करता है ये इस पेड़ के लिए एक बार 363 लोगों ने एक पेड़ के लिए अपनी गर्दन कटवाई थी 1730 की बात बता रहा हूं जोधपुर के महाराजा अजय सिंह उनके महल में लकड़ी की जरूरत थी तो खेजड़ी का पेड़ चाहिए सबको राजा के आदेश पर सैनिक पेड़ काटने के लिए लग गए बिश्नोई समाज की अमृता देवी खड़ी हो गई अमृता देवी को बहुत मानते हैं वहां विष्णु स बहुत मानते हैं अमृता देवी को आज से मैं भी बहुत मानता हूं जब मैंने पढ़ा इनके बारे में जाना इनके बारे में यह जाके चिपक गई पेड़ को यह पेड़ को जाकर चिपक गई बोलो पहले मेरी गर्दन काट दो उसके बाद पेड़ काटने दूंगी उसकी तो गर्दन काट दी उसकी तीनों बेटियां भी आ गई उनकी भी गर्दन काट दी फिर पति आ गया एक पेड़ ना कटे उसके लिए फर पति ने भी अपनी गर्दन कटवा द उसके बाद 363 लोगों ने अपनी गर्दन कटवाई कि एक पेड़ ना कटे ये चिपकू आंदोलन ना बाद में शुरू हुआ था 1973 में चिपकू आंदोलन ऐसे ही 1973 में ये फेमस नहीं हुआ यही अमृता देवी से इंस्पायर्ड था गवर्नमेंट ने सरकार ने अमृता देवी बिश्नोई वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन अवार्ड रखा गया इनके नाम पे आगे बताता हूं आपको सुनोगे धुए निकल जाएंगे सेना में होने के बावजूद सेना में ना होने के बावजूद एक होता है शौर्य चक्र शौर्य वीर चक्र होता है ये ये केवल जो आर्मी के लोग होते हैं डिफेंस सर्विसेस में होते हैं केवल उन्हीं को मिलता है ये जब वो कोई बहुत शौर्य का काम करके दिखाते हैं लेकिन सेना में ना होने के बावजूद पहले भारतीय इस पृथ्वी पर निहालचंद बिश्नोई राजस्थान के बीकानेर जिला में पैदा हुए थे 1996 की बात बता रहा हूं जंगली शिकारी आकर के छह हिरणों को मार चुके थे ब्लैक बक जो सलमान खान की कंट्रोवर्सी चलती है छह हिरणों को मार चुके थे निहाल रात का समय था उनको जब गोलियों की आवाज आई तो ये भाग के बाहर निकले अपने घर से भाग के बाहर निकले इन्होने देखा शिकारी लोग और हिरण मारने की कोशिश कर रहे हैं इन्होने कई आवाज ऐसी निकाली जिससे हिरण लोग को पता चल गया कि उनको भागना है जंगल में रहते हैं ना जानवर इनके बहुत नजदीक है वहां इंसान और जानवर एक दूसरे पर कभी हमला नहीं करते वो उनको भरोसा है एक दूसरे पर बहुत यह कम्युनिटी ऐसी है ऐसी ऐसी आवाज निकाली कि सारे हिरण भाग गए वहां से पर उस दिन सुबह छ लाश नहीं सात लाशें निकली छह लाश तो उन हिरणों की निकली जिनको लेकर जाने नहीं दिया इसने निहाल चंद बिश्नोई ने उन हिरणों को मर जाने के बाद भी उनकी लाश को जो लेकर जाना चाहते थे शिकारी अपने साथ उठा के ले जाने नहीं दिया आखिरी में खुद गोलियां खा कर के मरे सात लाशें निकली वहां से और भारत सरकार ने शौर्य चक्र से इनको सम्मानित किया क्या विश्नोई समाज के बारे में जानते थे आप यह पता चलना चाहिए हमारे देश को ऐसे ऐसे अवार्ड से सम्मानित होने वाले पहले सिविलियन है और तीसरी कहानी से पहले मैं आपको एक और बात बताता हूं ये कम्युनिटी जो होती है ना जैसे बिश्नोईयों की कम्युनिटी कम्युनिटी तब ग्रो करती है जब कंपीट नहीं कोलैबोरेट करें और मैं कोलबेन वाली लीडरशिप फनल पे बड़ा फोकस करता हूं हां अगले पॉइंट से पहले समझो कि कम्युनिटी अंत्रप्रेनोर सी कैसे बनती है जब लाइक माइंडेड लोग आते हैं जब सेलिब्रिटी स्पीकर्स आते हैं जब कंसल्टेंट आते हैं जब स्ट्रेटेजी फ्रेमवर्क एक्सपर्टीज के साथ नेटवर्किंग में करते हैं जब रिसोर्स शेयरिंग करते हैं जब हमारे साथ में सैकड़ों जुड़े हुए वेंडर आकर के आपको ऑटोमेट करते हैं आपकी टेक्नोलॉजी ऑटोमेट करते हैं जब नए नए आपको सप्लायर मिलते हैं तो कम्युनिटी बनती है ये बिजनेस की कम्युनिटी है बिजनेसमैन को भी एक दूसरे के लिए खड़ा होना चाहिए ये मैन्युफैक्चर और सर्विसमैन की सबकी कम्युनिटी है जो आते हैं लीडरशिप फनल में आप कभी देखो टेस्टिमोनियल देखो उनके अगर जॉइन करना है तो इनके वाले प्रोग्राम जॉइन करो बिंद्र जी वाले बिंदरा जी तो न देख लो पूरे वर्ल्ड में इनता बढ़िया बिजनेस कोई सिखा ही नहीं सकता इनके सिखाने का तरीका और इनके बताने का तरीका सिर्फ आपके मन में नहीं दिमाग में बैठ जाएगा मेरा जो ढक्कन लगा हुआ था वो मेरा खुल गया दिल में जो भी क्वेश्चन आते हैं आप आराम से पूछ सकते हैं उसका आपको आंसर डॉक्टर विवेक बंद्र जी देते हैं इमीडिएट स्टूडेंट था ना तब से मैं स्टूडेंट लोन लेके इनका प्रोग्राम अटेंड किया था उसके बाद हमने ना स्टार्टअप चालू किया वो स्टार्टअप चालू करके विन हो गया बेसिकली मैं लीडरशिप फनल में इसलिए आया था क्योंकि मैं जो होटल है मैं उसको मैनेज नहीं कर पा रहा था बट इस लीडरशिप फनल में आके मुझे ऐसा लग रहा है कि मुझे दिल्ली में हर स्टेट में अपना होटल खोलना पड़ेगा मतलब जो ढक्कन है ना मेरा ढक्कन वो खुल गया है मैं सजेस्ट करूंगा जितने भी यंग एंटरप्रेन्र्दे सोचा है कि अब जॉब नहीं करनी ओनली बिजनेस पर ध्यान देना है और बिजनेस ही करना है अपना आई विल रिकमेंड कि जो भी अपने बिजनेस को एक्सपेंड करना चाहता है दे शुड कम हियर जो लर्निंग विंद्र जी ने दी है उसका ये माइंड का जो ढक्कन है ना ढक्कन एकदम से खुल गया है अब ऐसा लग रहा है कि मतलब अपने बिजनेस को 10 गुना 20 गुना 100 गुना तक बढ़ा कर के आगे लेके जा सकते हैं ये कॉम्पिटेटिव कोलैबोरेटिव स्ट्रेटेजी सीखते हैं बिजनेस का मर्जर और और एक्सपेंशन कैसे हो वो सीखते हैं जॉइंट वेंचर्स कैसे क्रिएट करें क्रॉस एंडोर्समेंट क्रॉस प्रमोशंस कैसे करें कम्प्लीनोस में तब कम्युनिटी तैयार होती है ये 3 दिन का प्रोग्राम नहीं है हालांकि मैं आ रहा हूं 1 2 3 अगस्त को दिल्ली के अंदर लीडरशिप फंड लेकर के फाइव स्टार होटल में करते हैं हम ये लेकिन ये तीन दिन का नहीं है ये 52 हफ्तों का प्रोग्राम है जहां पे आपको कोच मिलकर के 52 हफ्ते तक हर हफ्ते एक-एक फ्रेमवर्क को आपकी कंपनी में अंदर घुसता है आपके खून में डलवा है आपके डीएनए में डलवा आता है चाहे एचआर हो सेल्स हो मार्केटिंग हो लीगल हो कुछ भी हो 108 तरह के को अलग अलग प्रकार के कोर्स साथ में देता है वन स्टॉप सलूशन बिजनेस मतलब बड़ा बिजनेस मैं आगे लेकर जा रहा बूचो जी का बलिदान भाई कौन जानता था बिश्नोईयों के बारे में बूचो जी का बलिदान कम्युनिटी ऐसी है बिश्नोई का गुरु मंत्र एक कि गुरु के वचने निव खिव चालो के गुरु के वचनों का पालन करने के लिए अपनी जान भी दे दो 1756 की बात है नागौर जिले में नरसिंह नाम के राजा ने खेजड़ी के पेड़ काट दिए इठे बहुत सारे बचो जी ने जाकर प्रोटेस्ट किया पेड़ से सांस मिलती है हमारे को पेड़ से ही हम सांस लेते हैं लोग हसने लग गए पेड़ से सांस मिलते हैं पेड़ से ऑक्सीजन ये किसी को पता नहीं था तब तक लोग बोले बिश्नोई का बलिदान इनकी कहानियां झूठी है पेड़ के लिए कौन जान देता है अपनी भाई पेड़ काटने के लिए कोई गर्दन कटवा आता है क्या ये बिश्नोई समाज है वो कहते हैं ऑक्सीजन मिलता है भैया इससे बूचो जी ने ललकार हुए कहा कि मैं शहीद होने के लिए तैयार हूं बोला अगर तूने गर्दन कटवाने को तैयार हो गया तो मैं पेड़ नहीं काटू राजा ने भी बोल दिया बोला ठीक है तो मैं भी वचन देता हूं मैं अपनी गर्दन कटवा ना मेरा रोकेगा ना मेरा गांव रोकेगा पर आपको वचन पूरा करना होगा आप इसके बाद एक भी पेड़ नहीं काटेंगे इसने प्रतिज्ञा ली राजा ने प्रतिज्ञा ली राजा ने कहा ट्राई करके देखना भाग जाएगा ये तलवार लगाना गद भाग जाएगा यह खड़े रहे वहां पर यह अपने गुरु का स्मरण करते रहे गुरु जांबेश्वर जी उनका स्मरण करते रहे बूचो जी ने गर्दन कटवा कर के लोगों को पेड़ ना काटने की कसम खिलवा दी वहां पर राजा ने कसम खा ली बलिदान के 18 साल के बाद 1774 में एक अंग्रेज साइंटिस्ट जोसेफ बिसली ने फोटो समझाया हमारे को कि प्लांट से ऑक्सीजन निकलती है गुरु जांबेश्वर ने 500 साल पहले बता दिया इन्होंने 1774 में बताया इस बलिदान के भी कई सालों के बाद बताया आज खामू राम बिश्नोई उनका नाम पर एक्स्ट्राऑर्डिनरी मैन ऑफ इंडिया का अवार्ड है मालूम क्यों क्योंकि प्लास्टिक पोलूशन के खिलाफ लड़े वो 48 साल से किसान है एक अनिल बिश्नोई यह पोचर पोचर होते है ना जो हिरणों को पकड़ते हैं आकर के उनके लिए 200 से ज्यादा कोर्ट में केस लड़ चुके अब तक पूरे 30 साल में पूरे भारत में 10000 से ज्यादा ब्लैक बक जिसकी पूजा करते हैं जो हिरण है वहां पे विश्नोई समाज उनको बचाया इन्होंने राजस्थान के जिलर जिले में पीराराम बिश्नोई सड़क पर पंचर लगाया करते थे ये इन्होंने एक बार देखा कि हिरण का बच्चा अपनी मां उसकी मां मर गई है और उसका दूध पीने की कोशिश कर रहा है मरी हुई मां का दूध पीते हुए देखा उन्होंने हिरण रोड एक्सीडेंट में हिरण की मौत हो गई थी इसके बाद उन्होंने ना सिर्फ उस हिरण के बच्चे को पाला बल्कि अब तक 2000 से ज्यादा जानवरों को रेस्क्यू और रिहैबिलिटेट करा चुके हैं कौन पंचर लगाने वाला पैसा है उनके पास नहीं दिल है गुरु जांबेश्वर जी का दिया हुआ संस्कार है 29 संस्कार जो गुरु जांबेश्वर जी ने दिए है हर जगह बिश्नोई समाज के लोग सक्सेसफुल हो रहे हैं आपको पता नहीं है आप केवल लॉरेंस बिश्नोई को जानते हो मैं उसके पीछे का पूरा इतिहास दे रहा हूं आज आपको कुश्ती हो या क्रिकेट का मैदान नेचर हो या देश का फ्यूचर बनाने वाला नेता हो बिश्नोई समाज से हर फील्ड से लोगों ने अपना कंट्रीब्यूशन दिया रवि बिश्नोई क्रिकेट में 23 साल की उम्र में स्पिनर जो नंबर वन बॉलर बन गया आईसी टी20 रैंकिंग के अंदर किरण बिश्नोई फ्री स्टाइल रेसलर यह कॉमनवेल्थ के अंदर गोल्ड मेडल लेकर के आई पॉलिटिक्स में भजनलाल भजनलाल पूरा नाम क्या है भजनलाल बिश्नोई कुलदीप बिश्नोई तीन बार चीफ मिनिस्टर रह चुके हैं हरियाणा के दुनिया भर में लाखों ऑर्गेनाइजेशन हैं यूनाइटेड नेशन है वर्ल्ड वर्ल्ड लाइफ फंड है ग्रीन पीस क्लाइमेट फंड है यूएन एनवायरमेंट प्रोग्राम है हजारों लाखों प्रोग्राम चल रहे हैं 10 लाख से ज्यादा इनिशिएटिव है लेकिन रिजल्ट क्या है लगभग जीरो पर्यावरण खत्म होते जा रहा है और आज आप लोगों को कह देता हूं ए भारतवासियों आज आपको बोल देता हूं अगर विश्नोई कम्युनिटी के लोगों को एनवायरमेंट बचाने के लिए ग्लोबल चेयरमैन बना दिया जाए यूनाइटेड नेशंस का चेयरमैन बना दिया जाए ये दुनिया इतनी बदल जाएगी इस धरती का एनवायरमेंट फ्रेंडली होना उतना ही श्योर है जितना कल का सूरज उगना शोर है कल का सूरज उगेगा ही उगेगा और उतना ही श्योर है कि एनवायरमेंट बचेगा ही बचेगा अगर विष्णु आगे निकल के आ गए तो इनको आ गया स्टोरी टेलिंग की यही खास बात है आप सिर्फ सुनते नहीं आप सीखते भी हैं और मेरे वीडियोस में बिजनेस का मतलब है बड़ा बिजनेस मेरा यही मोटिव है मेरे व्यूवर्स मुझे वैल्यू लेकर के जाए मुझसे और जैसे गुड न्यूज़ आने पे आप मिठाइयां बांटते हो ना इस वीडियो को बांटो ना बांटो लोगों बच्चों को बताओ क्या है बिश्नोई समाज ने कैसे एनवायरमेंट की रक्षा करी नहीं तो संस्कार कैसे मिलेंगे अंबानी के बेटे की बेटी की शादी में देखते रह जाएंगे और वो शत्रुघन सेना की लड़की की शादी देखते रह जाएंगे वो हमारा काम नहीं है हमारा काम है इस देश को आगे बढ़ाना धन्यवाद [संगीत]

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