Most Authentic And Raw Conversation Genuine Bande Dr Vivek Bindra
10 जनवरी 2004 को मैं अपना रीबर्थ मानता हूं 5th अप्रैल 1982 को मेरा पहला जन्म हुआ था 10th जनवरी 2004 को मेरा दूसरा जन्म हुआ था वो कह रहा है मैंने सब कुछ छोड़ के दुनिया सजाई मैंने तेरे लिए कस्टमर को बोल रहा 10th जनवरी 2004 मेरी एक गर्लफ्रेंड थी उसके साथ में मैंने सोचा कि हम वृंदावन चलते हैं द टाइम दैट आई एम इन्वेस्टिंग ऑन दिस गर्ल बट दैट टाइम इफ आई कैन ट्रेड ऑफ टू माय बिजनेस आई कैन डू मच मच मच मच मच बेटर आप दोनों से इंटरव्यूइंग स्किल सीखने चाहिए मेरी कंटेंट की टीम से मिलवा इनको भाई क्योंकि आपने जो सवाल किया सवाल भी किसी ने नहीं किया हम किस गली जा रहे अपना कोई ठिकाना नहीं नॉनसेंस देखो दो तरह का म्यूजिक संगीत ज्यादा पॉपुलर होता है मेरी दृष्टिकोण में जो मैं डिवाइड कर देता हूं एक जिससे भगवान का गुणगान होता हो एक जिससे अपनी इंद्रियों को तुष्टि होती हो इसमें गुच्ची का रूल नहीं है है कि नहीं देखो गुच्ची और पुची इन दोनों से दूर रहोगे तभी आप आगे बढ़ पाओगे जीवन में सेवा प फोकस करो और सर रात का तो बताओ रात में क्या करते हैं किसे बुलाया इंटरव्य के लिए हेलो गाइ वेलकम बैक टू द न्यू एपिसोड ऑफ वगैरा वगैरा विद यम राज एंड आज हमारे साथ जो हमारे गेस्ट हैं अब हमें समझ नहीं आ रहा कि हम उनकी तारीफ में क्याक बोले उनको मोटिवेशनल स्पीकर कहे बिजनेस कोच कहे एंटरप्रेन्योर कहे या विवेक बिंद्र ही कह विवेक बिंद्र सर तो सर पहला क्वेश्चन हमारा यही रहता है कि और बताओ क्या चल रहा है क्या लाइफ स्टाइल अभी आपको मैंने देखा आपकी घड़ी देखी मैंने आपके जूते देखे मैं तो हो गया एकदम अब थोड़ा घड़ी के बारे में बताओ ना कौन सी घड़ी है कितने की है जूते बता द कौन से बेल्ट बताओ सर पहले ब्रांड कौन सा है ऐसे इंटरव्यू के लिए लाए हो हां मेरी घड़ी मेरी बेल्ट मेरा गाड़ी ये सबके ब्रांड्स में नहीं बताता मैं सर वो ब्रांड खुद बता रहे हैं वो लिखा हुआ है उसपे ठीक है देखो नहीं दिखी ना मैं छुपा दही देखो हम असली जो काम है ना वो कस्टमर की लाइफ में जो वैल्यू क्रिएट करना है वो इंपॉर्टेंट है मैं ये दिखाऊं तुम मुझे पैसे दे रहे हो मैं घड़ी खरीद रहा हूं तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूं वहां से यहां आ ग तुम मुझे पैसा दो मैं घड़ी लूं ट्स बैड हां पर लेकिन ऑफ कोर्स अ ये सारी चीजें लाइफ में बाय प्रोडक्ट है असली फोकस क्या है असली फोकस यह है कि हर समय कस्टमर से पूछते रहो कि क्या आपकी प्रॉब्लम चल रही है और बताओ और बताओ वगैरह वगैरह और बताओ और बताओ ट्स द रियल फैक्ट किसी क्लाइंट के पास जाते हो घड़ी बांध के जाते हो इफेक्ट पड़ता है कुछ कि हां इसने घड़ी गूची की है तो कुछ तो करके दिखा नहीं नहीं मैं किसी क्लाइंट के पास जाता नहीं भगवान ने बहुत आशीर्वाद दिया क्लाइंट आते हैं क् आते हैं तो भी हां जी तो क्लाइंट आते हैं तो हमारे पास सेल्स की टीम भी बिल्ड करा दी भगवान ने वही डील कर लेते हैं उनसे हमारा काम है विजन और स्ट्रेटेजी बिल्ड करना क्लाइंट के साथ मिलने का भी समय जा चुका है अभी मतलब उसके लिए तो लीडरशिप बिल्ड हो गई है ना ऑर्गेनाइजेशन आपकी क्या दिनर दिनचर्या रहती है अबै आप टीम इकट्ठी कर लीय अच्छा हां देखो स्वास्थ्य साधना स्वाध्याय ये तीन चीजें सुबह रहती हैं स्वास्थ्य का मतलब वर्कआउट सॉलिड कितने ब उठ जाते हैं आप कभी मैं बहुत दिन तक उठता हूं फिक्स करता हूं सुहरे 445 उठने का फिर कभी-कभी ऐसे लगते है दिन बहुत टफ हो जाते हैं बहुत टफ हो जाते हैं तो फिर मैं 6 घंटा सो के उठता हूं जैसे अगर रात को बहुत लेट सो जाए तो 6 घंटे सो के उठता हूं पर फिर भी आई एम अ मॉर्निंग गाय मैं कितना भी लेट उठ जाऊं सो जाऊं फिर सुबह ज्यादा देर तक सो नहीं पाता तो पहले उठते ही साधना साधना मतलब अपना जप करना मेडिटेशन करना भगवान को याद करना उनको धन्यवाद करना मंत्र जाप करना और कृष्ण कीर्तन करना तो हो गया साधना भगवत गीता पढ़ना फिर आता है स्वास्थ वर्क आउट करना फिर आता है स्वाध्याय यानी कि खुद पढ़ना खुद सीखना फिर आता है सेवा जो कि ऑफिस में आकर के पूरा दिन करना तो ये चार एस से अपना जीवन चलता है सबसे पहले साधना उसके बाद स्वास्थ फिर अपना स्वाध्याय यानी कि स्वयं पढ़ना और चौथा उसके बाद सेवा जो पूरा दिन करते हैं इसमें गुच्ची का रोल नहीं है है कि नहीं देखो गुची और पुची इन दोनों से दूर रहोगे तभी आप आगे बढ़ पाओगे जी सेवा प फोकस करो और सर रात का तो बताओ रात को क्या करते हैं किससे बुलाया इंटरव्य शाम को आपका दिन चरिया मतलब अगर सरल भाषा में ऑफिस से घर बहुत स्पीड प फट पटड़ एकदम सीधा घर और उसके बाद रात को साधना कु अभी मैंने ना पियूष गोयल जी के साथ था एक मंत्री जी उन्होंने वेब सीरीज मुझे बड़ी अच्छी बताई तेलगी स्कैम हम तो मैंने अभी शुरू कि है वो पहला एपिसोड निपटाया है ट्राई मारूंगा वो मेरा ये रहता है कि ब चलो ठीक है जो भी चीज अपने को हमारे गोल में मदद करती हो कंट्रीब्यूट करती हो वो कंटेंट थोड़ा देखा समझा लाइट होना चाहिए बहुत स्ट्रेस नहीं होना चाहिए और सो गए उसके बाद में हंसी मजाक वाले जो वीडियोस चलते हैं सोशल मीडिया पे तो वो तो हल्के-फुल्के होते हैं वो तो देखते होंगे आप रील्स में एक्चुअली मैं तो देख लूंगा लेकिन मुझे दिखते नहीं हूं आपकी फीड पे नहीं आते हैं मेरे फीड में आ ही नहीं रहे हैं मैं एल्गोरिथम सेट कर रखा है आपने क्या एल्गोरिदम ने मेरे को सेट कर रखा है मुझे दिखाई वही चीज रहा है जो मेरे काम की है तो मैं ट्राई मारता हूं के कभी-कभी हसी मजाक भी हो जाए ऐसे मैंने दो-तीन एपिसोड आज तक कपिल शर्मा शो के देखे हैं हम और उतने में ही मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं उतने में मैं उनको बहुत मानता हूं वो बहुत रीजनेबल बहुत सिंसियर कॉमेडी करते हैं बीच में कभी ऐसा हुआ भी था कि वो थोड़ा बहुत खराब गए हम तो वो अपने आप में ही इतने रिस्पांसिबल व्यक्ति हैं इतने रिस्पांसिबल है कि वो उसको खुद से ठीक कर लेते हैं थोड़ा बहुत भी कस्टमर का फीडबैक आए प्रोडक्शन हाउस उनके साथ काम करता है डायरेक्टर उनके साथ बैठ बैठता है डीओपी बैठता है एक दो चीजें कंटेंट वाले समझाते हैं तो इतना लंबा लेगासी उन्होंने बिल्ड किया है तो तीन या चार एपिसोड एक मैं देख पाया था सुधा मूर्ति वाला हम इसमें रवीना ठंडन थी सुधा मूर्ति थी एक देवी थी जिनका जिनको ऑस्कर में अवार्ड मिला था उनका मैं नाम भूल रहा हूं पर सुधा मूर्ति ने पूरा शो कैप्चर कर लिया था बड़ा अच्छा लगा उनको देख के सिंपलीसिटी से मैं बड़ा अट्रैक्ट हुआ उनके तो लाइट मोमेंट ना हमारे ऑफिस में लीडरशिप के साथ भी हुता है उनके साथ सारे मूमेंट सारे इमोशन सारे रिश्ते उन्हीं के साथ निभा लेता हूं मैं उन्हीं के साथ रो भी लेते हैं डांट भी लेते हैं भी लेते हैं प्यार भी कर लेते हैं हंस भी लेते हैं नाच भी लेते हैं काम भी कर लेते हैं पैसे भी कमा लेते हैं और जो ये सबको हम सेवा मान लेते हैं सर कभी ऐसा नहीं होता कि अरे आज नहीं उठूंगा आज सोता थो नहीं या मेरे बस की नहीं है ये मैं चाहूं भी तो नहीं कर पाता ये मैं चाह के भी नहीं कर पाता मेरे को ल उठते ही लगता है लेट हो गया हमेशा ही ऐसा हुआ है उठते ही लगता है लेट हो गया मतलब जितना भी जल्दी उठू थोड़ा और जल्दी उठ सकता था बस मैं वो आज नहीं उठूंगा वो मेरे डीएनए में आता ही नहीं है कभी भी कभी नहीं संडे होगा आता ही नहीं है एक दिन ऐसा था जब मैं कुसी मेडिकेशन प था था उस दिन में ढ़ घंटा सो गया था कंटीन्यूअस एक बार में तो वो गिल्ट मुझे आज तक है माइंड में मेरे क्या ढ़ घंटा सो गया 8:30 ब उठ गया ये गिल्ट रहता है तो सर हमने थोड़ा बहुत आपके बारे में जो पढ़ा अपने र् में हमने दे आपने शायद दिल्ली से स्कूलिंग करी है हां सें स्कूल से सर अब तो अब गुस्सा आता है आपको वैसे हां हां क्यों कमाल है बिल्कुल हनुमान जी को भी आता है पूरी लंका लपेट के आ गए तो तो सेवा के लिए गुस्सा जरूरी है आपको गुस्सा दिखाना है गु होना नहीं है एक बार नारद मुनि ने एक सांप को शिष्य बना लिया था कथा लंबी है 30 सेकंड में बताता हूं सांप को जब शिष्य बनाया उन्होंने साम समर्पित हो गया उनको नारद मुनि ने दीक्षा दे दी वह हरि नाम जप करने लगा हरे कृष्णा हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे लोगों को लगा भाई सांप बदल गया काट नहीं रहा है डस नहीं रहा कुछ नहीं कर रहा तो उसको कभी पत्थर मारते रि वो कीर्तन करता जोर से मारते तो भी कीर्तन करता फिर कुछ बच्च सांप को उठा घुमाना शुरू कर दिया उसको पूछ बना के लटका कर के इधर पटक उधर पटक इधर मार उधर मार खेले उससे रस्सी कूदे साप के साथ में दो साल के बाद जब नारद मुनि वहां से निकले सोचा अपने हि से मिलता हूं मैं और देखा सांप पूरा चोल खूनम खून बुरा हाल सांप का ऐसा सांप के साथ हाल हो गया देखा क्या हो गया मेरे शिष्य को नारद मुनि भी थोड़ा डिस्टर्ब हो गए क्या किया ये बोले आपने कहा था बिल्कुल गुस्सा नहीं करना है काटना नहीं है डसना नहीं है कुछ भी कुछ नहीं करना आपको इसत मैंने ऐसा हो गया तो लोगों ने मुझे मारना फिर गलत उन्होंने बोला क्या मैंने डसने को मना किया था फन दिखाने को थोड़ी मना किया था तो फन दिखा दो ना नहीं है तो मुद्दा ये है के गुस्सा होना नहीं है गुस्सा कभी-कभी दिखाना पड़ता है सेवा के लिए तो वह करते हैं क्योंकि वो नहीं करेंगे तो फिर क्या है फिर हमारे को भी लोग समझते समझते कई बारी फिर छोड़ देते हैं ना बोलते रहते हैं वो वाली बात होती है बचपन का कोई गुस्सा हो जो आपको याद हो कि हां जैसे अभी आपने बोला कि मैं लेट उठा था तो मेरे दिल में कभी बहुत गुस्सा किया हो किसी प वो आपको लगता हो कि तब बहुत ज्यादा कर दिया था हां एक बार मेरे साथ में मेरे सारथी है सोनू ड्राइवर उन पर बहुत गुस्सा किया था मैंने तो मेरे को बाद में लगा था गलत किया मैंने अरे है ना इतना गुस्सा नहीं करना चाहिए था उसको नक से निकाल मेरा प्रॉब्लम यही है मैं नौकरी से नहीं निकालता गुस्सा कर देता हूं वो बोलते सर नौकरी से निकाल दो वो ठीक है गुस्सा मत करा करो आप क आपसे इतना प्यार करते हैं मैं नौकरी से निकालता नहीं किसी को भी मुझे लगता है कि मौका देना चाहिए और मौका देना चाहिए और मौका देना चाहिए इतने पॉजिटिव आप बचपन से थे या धीरे-धीरे अपने आपको नहीं मैं पॉजिटिव नहीं प्रोग्रेसिव हूं दोनों में फर्क है पॉजिटिव मतलब कुछ भी हो रहा है मैं बड़ा पॉजिटिव हूं प्रोग्रेसिव मतलब गलत हुआ है लेकिन आगे बढ़ते हैं दोनों में फर्क है गलत हुआ बहुत गड़बड़ हुआ नेक्स्ट न्यू बेटर ए गल तो नेक्स्ट न्यू बेटर और क्योंकि मैं इतनी दूर आया हूं यहां रहने के लिए नहीं आगे बढ़ने के लिए बहुत आगे जाने के लिए बहुत दूर जाने के लिए तो मैं प्रोग्रेसिव हूं पॉजिटिव हिस्सा है उसका पॉजिटिव इज नॉट एब्सलूट इट इज कंट्रीब्यूटिंग फैक्टर एबट ट फैक्टर इ प्रोग्रेसिव व्हेन यू आर प्रोग्रेसिव तो आप कितना भी नीचे गिरा दे आप उठ के आगे बढ़ पाओगे जब आप पॉजिटिव हो तो आप चीज को क्या करोगे आप चीज को गलत दृष्टिकोण से जबरदस्ती अपने आप को बताओ नहीं ठीक है ये अच्छा हो रहा है गलत है वो गलत है जो सही है वो सही है सही की तारीफ करो गलत को बता दो ये गलत है लेकिन उसको मन में मत रखो आगे बढ़ो और उससे अगले मिनट इतनी अच्छी बात करो कि उसको याद भी ना रहे कि आपने उसको डांटा भी है सर जैसे आपकी इमेज है youtube2 करते हो आप कभी वल्नरेबल होते हो कभी दुखी अकेले में हां होता हूं गुड क्वेश्चन कभी किसी ने पूछा नहीं ऐसा क्वेश्चन पहली बार पूछा है तब होता हूं जब कोई बायो पिक देख रहा हूं और उसमें बहुत कठिनाई के बाद आदमी जीता हो जीत गया हो वन ही इज अ विनर तो मेरी आंख में बहुत आंसू आ जाते हैं मुझे याद नहीं आती शायद ये कोई बायोपिक ऐसी होगी जिससे मैं रोया ना हूं हर बायोपिक में मतलब मैं तो गुंजन सक्सेना मूवी जो शायद ही किसी ने देखी हो कम लोग देखते थे लोग कहते थे मैं तो बहुत दो बार देखी मूवी और ये फीलिंग मुझे पहली बार पता चल जब मैंने पहली बार लाइफ में मूवी देखी थी जो जीता वही सिकंदर हम जिसमें आमिर खान लास्ट में साइकिल रेस जीता था ओफ आज भी अगर देख लू तो आज भी रो पड़ता हूं साइकिल रेस को तो जो विनिंग मोमेंट्स है ना वो मेरे अंदर इमोशंस को बहुत बढ़ा देते हैं तो आई एम अ विनर बाय नेचर बाय कैरेक्टर और आजूबाजू किसी को जीतते हुए देखता हूं तो बहुत इमोशनल हो जाता हूं दूसरी चीज जो मुझे इमोशनल करती है वो होते हैं बच्चे अगर कहीं बच्चे मिल जाए तो मैं सारे काम छोड़कर उनके साथ बैठ जाता हूं दो चीजें मुझे लगता है कि शायद मुझे बहुत ज्यादा मेरे इन्हेरेंट नेचर में है एक जीतना और एक बच्चों के साथ समय बताना जैसे बायोपिक मैंने देखी थी मिल्खा सिंह फगल का बागने देखी बहुत एंड रेस और पूरी फिल्म ही वो बहुत इंस्पायरिंग और बहुत मोटिवेट अमेजिंग अमेजिंग व वो देखने के बाद ना मैं तो बताऊं आपको सुल्तान मूवी फिक्शन थी हां हम जिसमें सलमान खान लास्ट में पीटता पाट होता है और जीत जाता है और उसमें एक आदमी का हाट टूट जाता है कोई उसमें नीग्रो होता है जिसका वो बोलता है कि ये सुल्तान का दाव है वो उठेगा नहीं वो पीछे जो स्पांसर था उनका बोलता है सुल्तान का दाव वो उठेगा नहीं वो स्पोर्ट्स बेस थी वो जीता था बायोपिक नहीं थी फिक्शन थी मैं तो उसमें भी बहुत रोया था तो जीतते हुए को देख लो ना तो मेरे में फर्क था कि मैं उसको अपने अंदर छाप लेता हूं मैं एंटरटेनमेंट की तरह नहीं देखता मतलब ऐसा नहीं है कि अपने को प्रिपेयर कर रहा हूं नेचर में नहीं है एडू टेनमेंट की तरह देखता हूं इससे मैंने क्या सीखा तो मैं ढाई घंटे लगा के आरवा नहीं निकला मूवी के बाद ना तो मेरे लिए मूवी बेकार है वो मैं उससे सीखा था अपने य मार्क जकरबर्ग मार्क जकरबर्ग ने अपनी पहली गर्लफ्रेंड इसलिए छोड़ी थी क्योंकि वो उसको दूर वाले डिस्क में ले जाना चाहती थी बोला प इस पे भी टाइम लगाओ ट्रेवल पे भी टाइम लगाओ पैसे प भी पैसा भी लग ही रहा है चलो काम करो ज्यादा पैसा लग जाए लेकिन पास वाले डिस्क में जाएंगे क मेरा आरई नहीं आ रहा द टाइम द टाइम इन्वेस्टिंग ऑन दिस गर्ल विद दैट टाइम इफ आई कैन ट्रेड ऑफ टू माय बिजनेस आई कैन डू मच मच मच मच मच बेटर वहां से अपने को आईडिया टीशर्ट भी चेंज नहीं करता मैं तो वार्डरोब चेंज किया मेरी सिस्टर है उसने मेरे कपड़े सारे उठा के फेंक दिए क्या वो मेरा एक बार ना यहां साकेत में मॉल है तो मैंने अपने पीए को भेजा मैंने क को शर्ट चाहिए क ठीक है शर्ट्स खरीद कितनी मैंने कहा 10 शर्ट्स लेनी है सारी पुरानी बहुत बर्बाद हो गई है ठीक है गए एक दुकान में गए देखा उस समय 42 साइज पहनता था मैं तो 42 पिंक शर्ट बेबी पिंक कलर बहुत अच्छा डबल कफ कफ कफलिंग लग जाएंगे ठीक है ले लिया कह र सर नेक्स्ट मैंने कहा नहीं नेक्स्ट नहीं हो गया बो स आप कह 10 शर्ट लेनी है मैंने कहा 10 ही ली है और 10 कहां है ये जो है इसकी 10 पैक करते तो पहले मैं ऐसा था फिर अभी थोड़ा-थोड़ा ये है कि परिवार वालों ने खास तौर से मेरी सिस्टर का बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन है उससे मेरे सारे वडर सारे सारे कपड़े जला दिए मेरे और कुछ कपड़े पीछे मेरे बाड़ में डूब गए और कुछ उसने जला दिए तो फिर वो नए आए शॉपिंग जाते हैं आप अपने आप भी कभी हां जाता हूं इंडिया में इस या दुबई में ही नहीं नहीं शॉपिंग कौन दुबई कर यहीं आजूबाजू मॉल में मैं पहले अपनी टीम मेंबर्स को भेज देता हूं उन्हें बता देता हूं मैं ऑफिस में हूं मैं हर आधे घंटे के बाद दो मिनट के लिए मोबाइल देखूंगा आप सब खाली फोटो खींच खींच के भेजते जाओ तो फोटो खींच खींच के भेजते जाते हैं हर आधे घंटे के बाद दो मिनट मोबाइल देगा उनको सिलेक्ट करा देता हूं ये सारी निकाल के रखो ये साइज में निकाल के र साइज उनको पता ही है वो सब निकाल के रखते हैं बाकी सब हटा देते हैं तो 10 स्टोर पे गए उसमें तीन स्टोर जीरो डाउन किए उसमें से 25 कपड़े उन्होंने 100 में से जीरो डाउन कर लिए 25 में गया वहां जाके देखा फट पट पट 15 लिए अभी पीछे मैं गया था शॉपिंग प इरशाद होगा यहां पर साथ में तो मैंने 12 मिनट में 12 शर्ट खरीदी थी तो 12 मिनट में 12 अलग-अलग शर्ट ये बचपन से आपको था कि ऐसे घड़ियों का शौक जूतों का शौक जैसे होता है कि जब पैसे आ जाएंगे तब खरीदूंगा ऐसा कुछ ना घड़ी का शौक आज है ना बचपन में था ना जूतों का शौक आ जाना बचपन में था और बेल्ट का हां बेल्ट खाने काकल आप बहुत शैतान थे सर आपने सुनारे कितना पिटाई होती थी उस टाइम मुझे लगता है उस टाइम टीचर पीटते थे अच्छे अच्छा मारते थे सर स्कूल में दो साइड है इसम देखो ये पूछो कितना पिटाई करते थे आप करते थे टीचर की अरे सर क्या बात देखो टीचर पंगा लेता नहीं टीचर हमारा नाम टेस्टिमोनियल के स्टडी बेस्ड अप्रोच चलती ी दूसरे सेक्शन में विवेक बिंदरा बनने की कोशिश मत करना नहीं तो पीठ डालूंगा यही तो वो टीचर्स नहीं मारते थे मेरे को वो जानते थे बहुत सीरियस आदमी है बहुत सीरियस है बात कुछ भी बन सकती है मैं मुआ थाई चैंपियन था नेशनल बटम विट कैटेगरी में और एक ही बा बत दिक्कत हुई थी जब मैंने ना एक जगह झगड़ा हुआ था क्रिकेट में सीनियर्स के साथ में हम नाइंथ में थे वो 12थ में थे और हमारे साथ एक लड़का होता था सूर्यवर्धन सिंह वो बहुत बढ़िया बैट्समैन था तो उनका जो बेस्ट बॉलर थे ना अब वो लेदर की बॉल स्ट्रांग बैट और बैट सही जगह जैसे ही कनेक्शन हुआ बॉल स्टेडियम के बाहर कनेक्शन हुआ बॉल स्टेडिम के बाद वो बहुत चिड़े हुए थे उन्होंने बीच में मैच बंद कर दिया विकेट उखाड़ दी तो विकेट उखाड़ दी तो मैं बोला भैया क्या कर रहे हैं भया भैया भैया ही बोलेंगे अच्छा स्कूल में बड़ा असर होता है नौवी 12वीं में फर्क पड़ जाता है बहुत बड़े होने के बाद लगता है तीन साल छोटा तीन साल बड़ा क्या फर्क पड़ता है स्कूल में उसका बड़ा एक अलग प्रकार का असर होता है भैया भैया बोले अब उसने अपनी भाषा में थोड़ा गलत बात बोल दिया विकेट हाथ में लेके भैया ने हां भैया ने और फिर उसमें सूर्या के उन्होंने पीछे पीट दो मार भी दिए और ज मार हमारे पीछे तो वो बेचारा जमीन पर लेट के ऐसे ऐसे और रोली पोली ऐसे होने लगा हालत खराब थी उसकी बत तो उस दिन मैंने फोर्स से एक पंच जो है ना उसके यहां पेट के साइड पर मारा था तो उसकी दो पसली टूट गई थी तो वो मेरे को बहुत आज तक फील होता है वो भाई को वो काफी दिन बेचारा वो मतलब बेड डन हो गया था तो एक दो इंसिडेंट ना काफी हो जाते हैं जिससे उसके बाद फिर बाकी 12थ तक दोबारा कभी ऐसा दिक्कत था ही नहीं किसी ने कभी दोबारा कुछ कहा नहीं वो म भी मैंने जानबूझ के नहीं किया था जानबूझ के तो क्या पथवी तोड़ दिया आपने क्या है देखो अब ये है मोट हा भी कते सिद्धू साहब से भी हुआ था एक बार नवजोत सिद्धू से उनकी भी उनका तो खैर उनको तो मर्डर का चार्ज लग गया था मैं थोड़ा वो आदमी रिकवर कर गया मेरे हाथ में इतनी जान नहीं थी तो ये चलो ठीक है दिस इ बैड इट्स नॉट अ लेसन टू बी ल अभी तो आप कह रहे थे सेवा में डाल देता हूं गुस्से को तब हा तब में तब में अब में असर है राइट गुड क्वेश्चन आई थिंक दिस क्लेरिफिकेशन इ नीडेड मैं तब बिफोर एंड आफ्टर थी मेरी लाइफ जब मैं कॉलेज में मंदिर चला गया था आश्रम चला गया था ब्रह्मचार्य जीवन बिताने चला गया था तब वो उससे पहले का जीवन अलग था उसके बाद का जीवन अलग है उससे पहले तक मेरे पास मेंटरशिप नहीं थी गाइडेंस नहीं थी तब मुझे संतों का आशीर्वाद मेंटरशिप गाइडेंस डायरेक्शन मिली वहां से ट्रांसफॉर्मेशन आया तो वो मेरा पुनर्जन्म था दैट वाज माय रीबर्थ 10 जनवरी 2004 को मैं अपना रीबर्थ मानता हूं 5थ अप्रैल 1982 को मेरा पहला जन्म हुआ था 10th जनवरी 2004 को मेरा दूसरा जन्म हुआ था तब मैं लगभग 22 साल का हो चुका था मतलब 21 साल 9 महीने का हो चुका था मैं 21 साल 9 महीने के से पहले मेरी लाइफ अलग थी बाद में अलग थी क उसके बाद फिर फिर उसके बाद तो अलग लेवल के एक्सपीरियंस हुए मुझे आध्यात्मिक जीवन को एक्सपीरियंस करते करते वहां से कैरेक्टर बिल्ड हुआ वहां से अंदर से बहुत शांति आई गहराई आई बहुत चीजों को गंभीरता आई जीवन के अंदर उससे पहले तो जितना संगत थी तो अगर आपको एक लेसन लेना हो तो लेसन ये शो मी योर फ्रेंड्स एंड आल टेल यू योर फ्यूचर उस समय मेरे फ्रेंड्स अलग थे फोर 10 जनवरी के बाद मेरे फ्रेंड्स अलग होए थे तो वो मेरे लाइफ का एक डिफाइनिंग मोमेंट था सर ऐसा ऐसा क्या मतलब ऐसा वो मोमेंट क्या था कि जब आप अध्यात्म की ओर चले गए संतों के साथ आप कि मतलब जैसे एक मैंने काफी लोगों से सुनाया जैसे आप बड़े-बड़े लोगों को सुना हो कि एक लाइफ चेंजिंग मूमेंट आ गया मेरी लाइफ में और सब बदल गया मैंने कुछ देख लिया या किसीने मुझे कुछ दिखा दिया आप दोनों से इंटरव्यूइंग स्किल सीखने चाहिए मेरी कंटेंट की टीम से मिलवा इनको भाई क्योंकि आपने जो सवाल किया ये सवाल भी किसी ने नहीं किया नेक्स्ट लेवल का क्वेश्चन है 10th जनवरी 2004 मेरी एक गर्लफ्रेंड थी उसके साथ में मैंने सोचा कि हम वृंदावन चलते हैं भगवान के दर्शन करने चलेंगे उसने कहा ठीक है लेकिन उसने कहा कि मैं अकेले आपके साथ जाऊंगी तो मुझे दिक्कत होगी मम्मी को क्या बोलूंगी सुबह जाएंगे रात को आएंगे पूरा दिन लग जाएगा तीन घंटा जाना तीन घंटा आना वहां दर्शन करना कुछ प्रसाद ग्रहण करना समय लग जाएगा तो मैंने बोला तू अपनी बाजू वाली सहेली को ले ले साथ में वो मानी नहीं वो नहीं मानी मैंने अपने दोस्त को बोला भाई तू चल वो भी नहीं माना अब जब तक इकट्ठे नहीं जाए तो दिक्कत कहता है मम्मी को कैसे बोल उसके भाई लेके जा रहे हैं वृंदावन तो मैंने वो लड़की को बड़ी-बड़ी गाड़ियों का शौक था तो मेरे दोस्त के पास बहुत बड़ी गाड़ी थी उस समय तो मैंने बोला कि आज हम गाड़ी तू चलाएगी हम तो साथ में बैठ के जाएंगे और यह गाड़ी मैंने गाड़ी का नाम बताया कहती चलती हूं मेरे दोस्त को मैंने कहा चल जिसकी गाड़ी थी कह नहीं जाऊंगा मैं बहुत बिजी हूं मैंने कहा जो देवी जी तेरे साथ जा रही है उनके साथ तुझे अलग दिव्य दर्शन होंगे तो जो मेरी गर्लफ्रेंड की फ्रेंड थी तो वो भी मान गया तो ऐसे करके अपन चारों को मना लिया पता नहीं भगवान ने क्या प्रेरणा दी अंदर से ऐसी प्रेरणा दी वहां पे कि मैंने वो व्यवस्था किसी तरह से भगवान के माध्यम से कर दी हम चारों चल पड़े वृंदावन चारों गए रास्ते में म्यूजिक सुन रहे थे खूब गपशप मार रहे थे अपनी जो भी हंसी ठोली रास्ते में कहीं रुके कुछ सैंडविच बर्गर पकौड़े खाए वहां पहुंच गए वृंदावन वृंदावन पहुंचने के बाद हम भगवान के दर्शन कर रहे थे अद्भुत नजारा था वहीं पे हमारे को एक संत मिल गया अचानक कहां से आए उका दिल्ली से अच्छा बोले आओ मेरे रूम में आ जाओ अपने रूम में ले गए और थोड़ा पेड़ा प्रसाद सबको दिया चारों को को और पेड़ा प्रसाद देते देते चर्चा करने लगे हमने कहा यहां थोड़ा बताइए वृंदावन के बारे में हमें कहां दर्शन करना चाहिए उन्होने कहा यहां जाना चाहिए यहां जाना चाहिए बातचीत होने लगी सब बातचीत में उन्होंने एक लाइन बोली जो इंसान अंडा मीठ मांस मछली खाता है पर स्त्री गमन करता है जुआ सट्टा लॉटरी खेलता है उसको भगवान दर्शन तो दूर कभी सपने में भी नहीं आ सकते तो अपने को उस दिन बड़ा फील हुआ अपन इतने गंदे लोग हैं है ना कि भगवान दर्शन तो दूर सपने में भी नहीं आ सकते तो उस दिन मैंने सब चीजें छोड़ दी प्योर वेजिटेरियन हो ग वो गर्लफ्रेंड आई थी वो उनके साथ आखिरी दिन था मेरा और वो बेचारी दुखी हुई बात में वो अलग बात है लेकिन उस दिन मैंने वो डिफाइनिंग मोमेंट था मेरा जब मैंने सब कुछ चेंज कर दिया उन्होंने कहा मैंने पूछा अब आगे क्या करना चाहिए बोला साधना करनी चाहिए जप करना चाहिए भगवान का और शास्त्र पढ़ने चाहिए मैंने शुरू कर दिया अगले दिन मैंने निर्णय ले लिया कि मैं अपना जीवन समर्पित कर दूंगा भगवान की सेवा में तो वो डिफाइनिंग मोमेंट था तो कई बार ऐसा होता है कृष्ण चूज कर लेते हैं आपको कि नहीं ये आदमी चाहिए मेरे को इसको सुधारना है सबसे अधम व्यक्ति पर भी भगवान सबसे ज्यादा कृपा कर सकते हैं इसलिए उनको बोलते हैं करुणा सिंधु करुणा मतलब मर्सी सिंधु मतलब सागर तो यानी कि भगवान कृपा मर्सी करुणा के सागर है समुद्र है हमारे जैसे कई पापियों के पाप को आसानी से धो सकते अगर उनकी इच्छा हो तो और थोड़ा हमारा प्रयास तो कृपा का मतलब य भी होता है कर और पा कृपा तो थोड़ा थोड़ा हमने एफर्ट किया भगवान ने बहुत रेसिप केट किया वहा से जीवन बदल गया आपकी आइडेंटिटी नहीं है इस चैनल की इस तरह के कंटेंट की पर ठीक है सर मेरा सवाल यही था कि जो आपके साथ दोनों आए थे उनका हुआ कुछ उन दोनों का जो मेरा दोस्त था उसको फिर हमारे ही उसकी जो फिर जो स्थाई जो उसकी मित्र थी वो भी फिर भक्ति के जीवन में लग गई साथ में और फिर तब से हम लोग सब इकट्ठे आज भी मंदिर जाते हैं वह भी विवाहित है और वो भी आते हैं मंदिर हम साथ में ही शास्त्र भी पढ़ते हैं साथ में हम आध्यात्मिक स्थानों पर तीर्थ यात्रा करने भी जाते हैं हां कभी-कभी बाकी दुबई वगैरह भी और बाकी विश्व में और भी इंपॉर्टेंट जगह जहां जाना पड़ता तो वहां भी जाते हैं आपकी फेवरेट जगह कौन सी है दुनिया में वृंदावन छोड़ के बहुत स्मार्ट है मालूम था क्या आंसर आएगा छोड़ के सबग कौ है आप टूरिस्ट डेस्टिनेशन पूछ रहे हैं या कुछ म वाली मतलब आपको अच्छा लगता हो ये जगह सुंदर है वैसे कुछ हां तो फिर मैं बता देता हूं आपको यह भी किसी ने पूछा नहीं आज पहली दफा रि करता हू एक जगह अगर आप आउटसाइड इंडिया पूछ रहे विदन इंडिया आउटसाइड सर दोनों बताज चलो दोनों बता देते पहले आउटसाइड इंडिया बताता हूं आउटसाइड इंडिया मेरी फेवरेट प्लेस है मॉल्व मेरा एक क्लाइंट है वो मेरे को कंसल्टिंग के पैसे देता है उसका मैंने पिछले से पिछले साल महीने का प्रोजेक्ट बना दिया 18 महीने का प्रोजेक्ट बना दिया 18 महीने तक हम मिलेंगे व बीच में रुक गया अभी प्रोजेक्ट व क्यक मैं बिजी हो गया तो 18 में से न महीने लगातार हर महीने मैं टू नाइट्स के लिए मलव गया हूं कंटीन्यूअसली न महीने तक और वह साथ जाता है भाई मेरे और साथ जाता है और उसकी शर्त यह होती है कि जितने उसने पैसे देने उस पैसे में मैं उसको एक घंटे की कंसल्टिंग देता हूं लेकिन मैंने बोला मैं तुझे दूंगा छ घंटे की कंसल्टिंग डे वन पर दो घं घं डे टू प दो घंटा डे थ्री प दो घंटा छ घंटा दूंगा डे वन पे दो घंटा देक होमवर्क दूंगा डे टू पे होमवर्क दूंगा डे थ्री पे तेरे को एक महीने का होमवर्क दूंगा टू नाइट थ्री डेज के लिए हम जाते हैं वहां मैं अपने कमरे में बंद हो जाता हूं ना उसको परिवार लेके जाना लाउड है ना मेरे को परिवार लेके जाना ना उसको मि ले जाना लाउड है ना मेरे को तो अपने कमरे में बंद हो जाता है और हम नौ अलग-अलग आइलैंड्स पे नौ महीने तक लगातार गए आज वो अपना बिजनेस भी ग्रो कर रहा है मेरा ट्रिप स्पंस करता है और साथ में मैं उसको बोलता हूं मुझे छ घंटे का स्पा तेरे को स्पनर करना ट्रिप के साथ में तो ओशन वेला ले लेते हैं अंदर समुद्र के अंदर अपना वेला होता है वहां अपना मेडिटेशन करना कॉल्स करना ऑफिस में जब करना पढ़ना अपना कंटेंट क्रिएट करना और बॉडी को रेस्ट देना ताकि स्पा ले सके पैसे के पैसे कमा लेते हैं खर्चा निकल आता है बाटर भी हो जाता है थोड़ा और उसके अलावा मेरे को अपना गैप मिल जाता है आप पूछ सकते हो मलडी क्यों पसंद आता है बहुत शांत है क्यों पसंद आता है क् वहां मार्केट नहीं है मॉल्स नहीं है वहां शोर नहीं है शराबा नहीं है वहां प हर आइलैंड वहां पे 1 किलोमीटर में होता है लेंथ वाइज अदर वाइज बहुत ही छोटा होता है हर आइलैंड प केवल 1 200 लोग कमरे होते हैं वो 1 200 कमरों में भोजन की व्यवस्था बटलर मेरे को कर देते हैं वो तो मैं बिना प्याज लहसुन का शुद्ध शाकाहारी खाता हूं तो मैं मासा आहार करता नहीं अंडा मीठ मास मछली कुछ नहीं तो वहां मिल जाता है और कोई नहीं होता बस समुद्र के बीच में आपका एक कमरा है वहां बैठे आप आराम से वहां पे अपने सेल्फ मेडिटेशन में अपनी डेप्थ में जा सकते हो जितना मर्जी और जब जब आता हूं वहां से तो मैं नई गहराइयों के साथ और नए विजन के साथ वापस आता हूं लौट के भा हम भी चलना चाहिए अब लग रहा है जरूरत है जो भी लोग थोड़ा पॉपुलर हो जाते हैं ना फेमस हो जाते हैं आप देखना वो मलडी पसंद करेंगे कुछ नहीं करते प्राइवेसी बहुत है सर ये जैसे इंडिया का रहता है हां वो इंडिया का इंडिया का रहता है सो इंडिया में आई थिंक मैं कहीं नहीं जाना पसंद करता एक्सेप्ट फॉर कहीं कुछ मुझे आध्यात्मिक धार्मिक जगह पर जाना हो तो वो मैं जाता हूं अभी मैं गया जी गया था अपने पितरों का श्राद करने के लिए वो बहुत अच्छा लगा मुझे कामाख्या देवी टेंपल गया था वृंदावन के अलावा नवद्वीप बंगाल में मायापुर है वहां बचपन में वैष्णो देवी हर महीने जाया करता था तो इंडिया में मैं किसी टूरिस्ट स्पॉट पर नहीं जाता खाली आध्यात्मिक धार्मिक स्थल कवर नहीं हो पाते पहले वही बस कवर करते रहता हूं अभी मैं तिरुपति जा रहा हूं थोड़े दिनों में तो इंडिया में इंडिया मींस भारत और भारत मतलब जहां पर मां भारती ने आपको बहुत सारे ऐसे दिव्य स्थान दिए हैं 84 लाख योनियों में मनुष्य जीवन मुश्किल से मिलता है भारत में और भी मुश्किल से मिलता है और भारत में मिलने के बाद आपको इतने संतों की कृपा तो वो बहुत ज्यादा दुर्लभ है तो वो इतनी सारी अपॉर्चुनिटी तो उसको खराब नहीं होने देता यहां पे तो इंडिया में देर इज नो टूरिस्ट स्पॉट ट आई गो सर जैसे आपने अभी मेंशन किया कि बार्टर हो जाता है ये जो इनफ्लुएंसर कल्चर आया है कि हम लोग भी जैसे जाते हैं बार्टर में कि हां आपको रील्स दे देंगे स्टोरीज और इसके ऊपर का आपका क्या टिक है जो इंसर जैसे आप मोटिवेशन स्पीकर हो आप इनफ्लुएंसर भी बहुत बड़े हो हा बहुत बढ़िया मैं तो मैं तो कपड़े नहीं पैसे नहीं खर्च करताय सब य सब कपड़े बाटर में आ रहे हैं हां अच्छे-अच्छे ब्रांड लाते हैं बोलते हैं अ कपड़े हमारे पहन लो है कि नहीं फोटो में नीचे लिख देना बस ये वाले ब्रांड का नाम था कभी-कभी ठीक है अच्छा रहता है पैसे बचाए कैश आउट फ्लो बचेगा हां हां सब बढ़िया है मतलब इंपोर्टेंट है बहुत मजा आता है इसमें अरे मैं मेरे को तो बहुत आता है मज पैसा लगाएंगे वापस बिजनेस में अपने कपड़ों पे कौन लगाए पैसा कप इतना अगर फायदा मिल सकता है तो ले लेना चाहिए हां लेकिन इसमें ध्यान रखना चाहिए जैसे एक एक फॉरेक्स ट्रेडिंग की एक कंपनी आई थी मेरे पास वो ₹ करोड़ उसने ऑफर किए थे मुझे कि आप हमारे ब्रांड के बारे में बताओ लोगों को और लिंक से जितना पैसा भी आएगा क्या बोलते हो उसको अफिट तो वो भी आपको मिलेगा और प्लस 5 करोड़ हम अपफ्रंट दे रहे हैं आपको वो उसका स्टडी कर लिया था उसको घुसने नहीं दिया हमने अपने ऑफिस में दोबारा बिटकॉइन वाला आ जाए तो बिटकॉइन वाले को तो मालूम है कि उसको चपट चपत पड़ जाएगी तो उसको पहले भगा देते हैं हम आने नहीं देते बिटकॉइन वाले ने दो पा सा 8 10 करोड़ की कई डील्स आई हमारे पास ले लो आप ऐसे कर लो इंपॉसिबल है क्यों सर ना सर देखो बिटकॉइन इज नॉट बिजनेस उसको आप इन्फ्लुएंस नहीं कर सकते वोलेटाइल है उसका ऊपर जाना और नीचे आना आपके हाथ में नहीं है उसकी प्रिडिक्टेबल आपके हाथ में नहीं है और जो मेरे हाथ में नहीं है कंप्लीट जो मेरे कंप्लीट कंट्रोल से बाहर है वो गैंबलिंग है और लोगों गैंबलिंग की तरफ मैं लेके जाऊं वो होने नहीं दे सकता मैं तो इसलिए बिटकॉइन से अगर शेयर मार्केट का कोई मुझे कांसेप्ट समझाना है तो वो कर सकता हूं मैं क्योंकि शेयर मार्केट प्रिडिक्टेबल है शेयर मार्केट में मैं अपने डिसीजन से अपने रिजल्ट्स को इन्फ्लुएंस कर सकता हूं मेरे को चार्ट्स का एनालिसिस मैं सीख सकता हूं अगर मैं फंडामेंटल सीख गया या टेक्निकल सीख गया दोनों सीख गया तो मैं आगे बढ़ सकता हूं पैसा कमा सकता हूं वो संभावना है वहां भी डूब सकता है लेकिन वहां मेरे पास में संभावना है स्किल सेट बिल्ड करके मैं रिजल्ट को इन्फ्लुएंस कर सकता हूं क्योंकि मेरा प्रयास उसमें इवॉल्वड है बिटकॉइन में मेरा कोई प्रयास इवॉल्वड नहीं है बिटकॉइन कंप्लीट सट्टा है तो वो नॉनसेंस है और वो उसको मैं बिल्कुल कभी फेवर नहीं करूंगा और जो उसमें जा रहे हैं और पूरे कॉन्फिडेंस से बोल रहे आना चाहिए और नीचे कमेंट बॉक्स में मेरे को गाली दे रहे हैं यानी कि वो घोर अज्ञानता के लक्षण प्रकट कर रहे हैं उनको मेरी तरफ से दूर से प्रणाम और सर बैटिंग आप आजकल बहुत चल रहे हैं पूरा क्रिकेट तो आजकल इसी के अराउंड होता है इसमें भी आपको य से मानना इसका मुझे नॉलेज नहीं है बेटिंग में मैं कितना अगर बेटिंग में मेरा नॉलेज स्किल सेट इवॉल्वड है और गैलिंग नहीं है देन इट इज ओके और अगर उसम मेरा नॉलेज एनालिटिकल थिंकिंग क्रिटिकल थिंकिंग डिसीजन मेकिंग नॉलेज और इंफॉर्मेशन पे बेस्ड नहीं है कंपलीटली चांस बेस्ड है तो वो सट्टा है तो नहीं करना चाहिए तो मैंने प्रिंसिपल बता दिया डिटेल आप खुद ढूंढ लो सर म्यूजिक संगीत बताइए आप किस तरह का सुनते हैं देखो दो तरह का म्यूजिक संगीत ज्यादा पॉपुलर होता है मेरी दृष्टिकोण में जो मैं डिवाइड कर देता हूं एक जिससे भगवान का गुणगान होता हो एक जिससे अपनी इंद्रियों को तुष्टि होती हो हम तो वो जिससे भगवान की इंद्रियों की तृप्ति होती हो वो म्यूजिक बहुत बढ़िया रहता है सतोगुण होता है फिर होता है रजोगुण म्यूजिक जिससे आपकी इंद्रियां उत्तेजित होती है और आप नृत्य करते हैं अलग प्रकार से अपनी इच्छा पूर्ति के लिए ठीक है मैं सुनता हूं म्यूजिक अरिजीत वाले के अरिजीत वाला जो है वो किसम आता है इट्स नॉट अबाउट अरिजीत इट्स अबाउट मेरे को कोई भी गाना सुना दो आप हां मैं वो गाने में अगर मेरे को मेरा बिजनेस समझ में आ रहा तो मैं सुनता हूं आपको समझ नहीं आएगा ये बड़ी इसमें बहुत डेप्थ है हर चीज में बिजनेस ं लेते हो नहीं मैं ढूंढता नहीं हूं मुझे दिख जाता है समस्या थोड़ी अलग है मेरी आपको गाना सुनाओ मैं बताऊंगा ये काम का है कि नहीं है फॉर एग्जांपल अभी एक गाना चल रहा था पीछे अ विवेक ओबरॉय आए थे तो हमारे यहां जो डीजे है ना स्टेज पे अपने बहुत खास दोस्त है अपने इवेंट में रेगुलरली आते हैं तो विवेक ओबरॉय के बाद ना उन्होंने बजा दिया गाना तेरे लिए डू जमाना मैं तो क्या था आगे ू दीवाना बन ग तेरे लिए छोड़ दी खुदाई मैंने तेरे लिए छोड़ दी खुदाई मैंने तेरे लिए तो मेरे को लगा मतलब ये ऐसा चल रहा है जैसे शॉपकीपर है वो कह रहा है मैंने सब कुछ छोड़ के दुनिया सजाई मैंने तेरे लिए कस्टमर को बोल रहा है मैंने घर भर को घर बार को छोड़ दि तेरे लिए कस्टमर आया ऐसा करके उसके मन में फीलिंग आ रहा है करके तो मेरे को पता नहीं वो गाना बचते मुझे वो दुकानदार विजुलाइज हुआ और सामने कस्टमर आ रहे हैं और उनको इतना प्रेम तेरे लिए फिर क्या हुआ के मेरा एक कॉलीग है उसने अपना ने गाना सुना कौन दिशा में लेके चला रे बिठो या द ड्राइवर इज टेकिंग यू इन सम डायरेक्शन हम जरा ठहर ठहर ये सुहानी सी डगर जरा देखन दे क्या इंस्पायरिंग लाइन लगी मेरे को कि मैं ऐसे किसी डायरेक्शन में जिंदगी में जाऊंगा ही नहीं थोड़ा रुको लेट मी चेक इसका मतलब क्या रिव्यू साइकिल्स इंप्रूवमेंट साइकिल्स किस डायरेक्शन में जा रहे हो भाई लाइफ में रोको जरा अपने आप को चेक करो एंड देन मूव फॉरवर्ड सो प्लान टू चेक एक प्लान टू चेक एक पीडीए पीडीसी साइकिल चल गई मेरी वो गाना सुनते आप कोई भी गाना सुनाओ ना मेरा दिमाग वैसे ही काम चलता है एक गाना मुझे किसी ने भेजा जिसमें राधे मां एक स्पिरिचुअल लीडर है मैं उनको एंडोर्स नहीं कर रहा हूं मैं उनके बारे में जानकारी नहीं रखता पर वो डांस कर रहे हैं उसमें वो चल रहा है गाना कौन सा चल रहा है बहुत पुरानी पिक्चर का गाना था वो एक तेरे भरोसे पे सब बैठी हूं भूल के जैसे ही गाना चला तो मेरे को लगा यह कंसंट्रेशन रिस्क का गाना है समझो समझो गाने को कि मैं एक एक कस्टमर बड़ा है मेरे पास उसके भरोसे पर बाकी सबको भूल के बैठा हूं इसको बोलते हैं कंसंट्रेशन रिस्क न योर मैक्सिमम रेवेन्यू इ कमिंग आउट ऑफ लिमिटेड नंबर ऑफ क्लाइंट्स है ना अब मैं अब आप केवल दो तीन कस्टमर के भरोसे में बैठे हो सबको छोड़ रखा है जिस दिन वो दो तीन कस्टमर ले आपका गेम ओवर तो इसलिए यह गलत है तो अपना क्या है वो गाना चलाया उसने वो जो अरजीत सिंह आप बोल रहे थे उसका कौन सा गाना था वो हम किस गली जा रहे अपना कोई ठिकाना नॉनसेंस क्या बकू आद तेरे को मालूम किस गली जा रहा है तेरे को ठिकाने का पता नहीं तू क नहीं पहुंचेगा जिंदगी में है कि नहीं आपको पता रहना चाहिए मेरे को किस गली में जाना है कोई भी गाना सुना होगा ना आपको यही लगेगा कि हमारा कनेक्शन ही वहीं से चलता है तो ये आइडेंटिटी की बात है ये अपने बिलीफ की बात है आपको वही सुनाई पड़ेगा जो आपके काम का बाकी सब हट जाएगा अब अगर कोई वहां प मतलब पतली कमर या मेरी हाय हाय हाय गाना चलेगा तो हो सकता है कि मैं सोच लू कि हां यार इंपोर्टेंट है सिक्स पैक प प काम करना है इससे अलावा कुछ समझ में नहीं आएगा अपने हेल्थ के लिए काम करना है सो ये दिस इज ऑल अबाउट आइडेंटिटी आप क्या बिल्ड कर रहे हो आप क्या बन रहे हो आप क्या जिंदगी में हो आप कौन हो आप आप सच बता रहा हूं मतलब आप जब एक गाना बजा था मैं कहीं नाई प बाल कट रहा था हम तेरे बिन कहीं रह नहीं सकते तेरे बिना क्या वजूद अब यू शुड थिंक अबाउट योर सब्सक्राइबर्स है ना हम तेरे बिन कहीं रह नहीं सकते मेरा सब्सक्राइबर का मेरे को रिटर्न रेट ज्यादा चाहिए मेरे को उनका रिपीट रेट ज्यादा चाहिए उनका शेयर रेट ज्यादा चाहिए क्योंकि तेरे बिना क्या वजूद मेरा अब लेकिन इसी में अगर आपने लड़की को दिमाग में रख लिया तो गेम ओवर सारा प्रॉब्लम भी वहीं प ही है सो आई थिंक ट्स माय अंडरस्टैंडिंग आ डिफरेंट पर्सन अब हमारे दिमाग में भी आया ने सुन रहे होंगे तो सोचते हैं सर जवान देखी आपने नहीं अभी देखनी है कल मेरी विवेक से बात हो रही थी उन्होंने बताया इसमें अलग-अलग इमोशंस कवर्ड हुए हैं बहुत प्यारे प्यारे इमोशन कवर्ड हुए एन ही एक्चुअली ग्लोरिफाइड द मूवी आल्सो काफी उन्होंने तारीफ करी उसमें तो मेरे को लगता है कि आई विल ट्राई टू सी दैट लेकिन उससे पिछली मैंने पठान देखी थी वो मैं बीच में उठ गया था पैटिक मूवी थी इट न पठान इट वास पैटिक सर मेरा आखरी क्वेश्चन आपसे कि आप सबको मोटिवेट करते हो सब आप इयर होते हैं आपको भी कभी लो फील होता होगा तो ऐसे मुझे भी आपको मोटिवेशन चाहिए होती होगी कभी किसी जीवित इंसान का नाम लीजिएगा जिससे मेरे को मोटिवेशन मिलता है हां नहीं एक्चुअली क्या है मेरे को अपनी टीम से मोटिवेशन मिलता है और मेरे को अपनी ऑडियंस से मिलता है जब आप उनको इंस्पायर करते हो तो आपको इंस्पिरेशन अपने आप आ जाता है जिस रास्ते से गंगा बहती है वो स्थान अपने आप पवित्र हो जाता है तो जब आप दूसरों को मोटिवेशन देते हो तो खुद को भी मिलता है करके तो आई थिंक आप यू हैव टू बिकम सेल्फ स्टार्ट नॉट पुश स्टार्ट व्हाई डू आई नीड सम टू कम एंड मोटिवेट मी एवरी टाइम बॉस टेल मी व्हाई नो देन आई एम सरकमस्टेंशियल देन आई एम डिपेंडिंग ऑन सरकमस्टेंसस ये मोटिवेट करेगा तो चलूंगा नहीं करेगा तो गिरंगा वो नॉनसेंस आपके पास में इतना दम होना चाहिए कि परिस्थिति कुछ भी हो अपन बाउंस बैक कर सकते हैं सामने कुछ भी आ रहा हो अपन प्लास्टिक पेंट बन जाए मेरे पास कुछ चिपके नहीं सब नीचे गिर जाए दैट्ची ये जब आपको जो चीज नहीं मिल रहा जो चीज आप दूसरों से अपेक्षा कर रहे हो वो आप उनको देना शुरू कर दो आप पवित्र हो जाओगे अपने आप मिलेगा आपको सो आपको लगता है रिकग्निशन नहीं मिल रहा दूसरों को दो आपको लगता है ट्रस्ट नहीं मिल रहा दूसरों को दो टू गेन ट्रस्ट एक्सटेंड ट्रस्ट रूल यही है जो चीज आप दूसरों से मांग रहे हो वो आप उनको दे दोगे तो अपने आप मिल जाएगा आपको बिकॉज़ व्हेन यू गिव मोर दन व्हाट यू गेट सून यू गेट मोर दन व्हाट यू गेव यही था माम प्रपद्यंते ताम सत भजामि जब आप देते हो उससे ज्यादा जो आपको मिला आपको मिलेगा उससे कहीं ज्यादा जो ज्यादा आपने दिया खुद सिंपल फिलोसोफी क्लियर हो गई ना लाइफ में दिक्कत नहीं आती इसलिए प्रिंसिपल बता दिया डिटेल सारे अपने आप ढूंढ लेंगे सर थैंक यू सो मच आपने हमें टाइम दिया और इतना कुछ हमें तो कई चीजें आज हम सोचेंगे बैठ के कि सर से बात करने के बाद हां ऐसे भी तो सोच सकते हैं हम चीजों को बहुत शुक्रिया सर और बड़े जेनुइन बंदे हो आप दोनों आप भी हो गए अब तो सर हमारी गैंग में हमने एक गैंग बना रखी है जेनुइन गैंग हां तो जो भी हमारे साथ पॉडकास्ट करते हैं तो वो भी हमारी गैंग में शामिल हो जाते हैं आ ग मैं मैंने भी शुरू किया था चैनल अपना तो कोई देखता ही नहीं था तो जितने व्यूज आते थे वो खुद के देखे हुए आते थे कितनी बार देख लिए पांच व्यू एक बार और देख लेता हूं खुल के छ हो जाए मैं तो मम्मी के फोन से ऐड चलाता था कि एक रुप बन जाएगा नहीं फिर तो रास्ते में अपने को जो मिल जाता था ऑटो वाला मिल गया बे सब्सक्राइब कर धन्यवाद थंक य सोच स लॉट्स ऑफ लव टू यू लॉट्स ऑफ ब्लेसिंग्स टू यू सब्सक्राइब करो जेनुइन बंदे हैं कब से बोल रहा हूं सुन नहीं रहे हो मेरी बात को सुन लो मान लो सब्सक्राइब करो इनके चैनल का नाम है जनन बंदे बंदे जेनन बंदे जनन बंदे तो वही तो बोल रहा हूं मैं इसको काटना मत इसको ऐसे ही लेना मैं अभी भी नहीं मान र जेनन बंदे सब्सक्राइब करो मैं अपना स्क्रीनशॉट भेज दूंगा मैंने कर दिया है लव यू ऑल थैंक यू थैंक यू सर थैंक यू थैंक यू सो मच थैंक यू
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