मेरी सफलता का राज़ Motivational Video in Hindi Dr. Vivek Bindra
[प्रशंसा] हे वेलकम बैक आई एम विवेक बिंद्र आई एम एन इंटरनेशनल मोटिवेशन स्पीकर लीडरशिप कंसल्टेंट एंड सीईओ कोच आप में से कई लोगों ने मुझसे पूछा कि डॉक्टर बिंद्र अपनी सफलता का राज बताएं बताएं कि आप कैसे सफल हुए थोड़ा अपने जीवन के बारे में बताएं आज मैं आपको अपने जीवन के बारे में थोड़ी सी कुछ बातें बताऊंगा मैं कुछ वो चीजें बताऊंगा जिसने मेरी लाइफ में ब्रेक डाउन से ब्रेक थ्रू दिया जब मैं छोटा था लगभग ढाई साल का दुर्भाग्यवश मेरे पिता जी का देहांत हो गया था उसके बाद मेरी माता जी का विवाह किसी और से हो गया आज तक मैंने पब्लिक प्लेटफॉर्म पे ये बातें अपने बारे में नहीं बोली लेकिन आज आपको मैं शेयर करूंगा कि शुरुआती जीवन बड़ा संघर्षपूर्ण रहा ऐसा बच्चा जिसके माता-पिता बचपन में ही चले गए हो स्वाभाविक है उसके जीवन में बहुत संघर्ष रहे होंगे तो आज बहुत ज्यादा संघर्ष की बात नहीं करूंगा पर यह बताऊंगा जैसे कि कृष्ण बताते हैं ददा मि बुद्धि योगम तम येन माम पयंती ते कृष्ण कहते हैं मैं बुद्धि योग प्रदान करता हूं एक बार ग्रेजुएशन के दौरान जब मैं एमबीए कर रहा था मुझे मेरे कुछ मेंटर्स गाइड और स्पिरिचुअल मास्टर्स मिले जिन्होंने मुझे भगवत गीता का ज्ञान दिया जिनसे मैंने ट्रेनिंग लिया और उसी को मैं आज उन्हीं के आदेश पे मैं ट्रेनिंग इंडस्ट्री पे आया उन्हीं की गाइडेंस में आज मैं पूरी दुनिया भर में प्रोग्राम्स कर रहा हूं इन्हीं भगवत गीता के माध्यम से कई बार मैं भगवत गीता का नाम लेता हूं कई बार नहीं लेता लेकिन प्रिंसिपल सारे मैंने वहीं से सीखे हैं बेसिक है ये मानसिकता का बेसिक है यहां से बेसिक अगर फंडामेंटल ठीक हो गए तो हायर अलजेब्रा कैलकुलस परम्यूटेशन कॉमिनेशन इंटीग्रेशन डिफरेंशिएबल मजबूत होता है जब आपके बेसिक ठीक होते हैं मुझे किसी ने वृंदावन में भगवत गीता दी और यह भगवत गीता जिसने मेरे जीवन को सफल बनाया यह वही भगवत गीता है जिसके कारण आज मैं बहुत सफल हुआ भगवत गीता यथारूप जिसको कहते हैं भगवत गीता एज इट इज ये मैं आपके सामने खोलने जा रहा हूं लाइव आपके सामने खोल रहा हूं इसको बोलते हैं भगवत गीता एज इट इज जो कि एसी भक्ति विधांत स्वामी शल प्रभुपाद ने दी ये भगवत गीता मुझे किसी ने गिफ्ट करी थी कॉलेज के दौरान मैंने एजुकेशन लोन लेके अपनी पढ़ाई जब मैं कर रहा था उसी दौरान मैंने भ भ गीता को पढ़ना शुरू किया भगवत गीता कोई एक धार्मिक किताब नहीं है भगवत गीता ना राजनीतिक किताब है ना धार्मिक किताब है आज का वीडियो भी राजनीतिक और धार्मिक नहीं होगा आज का वीडियो होगा भगवत गीता में एफ क्यूज है फ्रीक्वेंसी एक ऐसी किताब है जिसमें आपके सारे जीवन के प्रश्नों को अर्जुन नेने आपके बिहाव पर 5000 साल पहले ही पूछ डाला है आज कृष्ण को दोबारा अवतार लेने की अवश्य नहीं है कृष्ण 5000 साल पहले सारे प्रश्नों का उत्तर इस किताब के अंदर दे गए हैं इस किताब में हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई पारसी बौद्ध ऐसा शब्दों का प्रयोग कभी नहीं हुआ तो उस प्रकार आज मैं दोबारा आपको रिमाइंड कराना चाहता हूं कि मेरे लगभग 12 लाख पाकिस्तानी भी मेरे इस वीडियोस को देख रहे हैं आज मैं बताऊंगा ये एक सक्सेस मैनुअल है कृपया नए पैराडाइम से नई विचारधारा से इसको देखें इसको एक सक्सेस लीडरशिप मोटिवेशनल मैनुअल के रूप में देखें जो कृष्ण ने अर्जुन को दिया हर एक व्यक्ति के जीवन में कठिनाई संघर्ष आता है कृष्ण कृष्ण ने अर्जुन को स्किल नहीं दिया स्किल तो द्रोणाचार्य दे चुके थे कृष्ण ने अर्जुन को विल दिया स्किल कई बार आप लोगों के पास होता है पर जो विल इच्छा शक्ति होती है कठिन समय में संघर्ष करने की वो भगवत गीता देती है द्रोणाचार्य ने पांडवों को मिलिट्री आर्ट्स की ट्रेनिंग दी कृष्ण ने अर्जुन को मेंटल और इमोशनल आर्ट्स की ट्रेनिंग दी द्रोणाचार्य ने कौरवों और पांडवों को टेक्नीक सिखाई लेकिन कृष्ण ने अर्जुन को टेक्नीक नहीं कृष्ण ने अर्जुन को एटीट्यूड बिल्ड करना सिखाया यह मानसिकता एक ऐसी चीज है जिस व्यक्ति की देखिए अगर एनर्जी आपके जीवन में इच्छा शक्ति विल पावर अगर आपके जीवन में खत्म हो गया तो मैं आपको बता रहा हूं आपके जीवन में सब कुछ खत्म हो गया अगर आपके पास जीवन में सब कुछ है लेकिन इच्छा शक्ति वो जो पॉजिटिव पावरफुल एटीट्यूड ऑफ बाउंस बैक है अगर वो चला गया तो सब चला गया कृष्ण भी अर्जुन को कहते हैं उत्तिष्ठ उत्तिष्ठ अर्जुन उठो द्रोणाचार्य ने प्रोफेशन के बारे में चर्चा किया ऑक्यूपेशनल ड्यूटी लेकिन कृष्ण ने कॉन्स्टिट्यूशन ड्यूटी की चर्चा करी प्रोफेशन नहीं पर्जु एशन कि पर्जु एड कैसे करना है अपनी कॉन्स्टिट्यूशन क आप वास्तव में है कौन आपकी कांस्टीट्यूशनल ड्यूटी क्या है द्रोणाचार्य ने कौरव पांडवों को सिखाया व्हाट टू डू वयर टू डू व्हेन टू डू हाउ टू डू व्हाई टू डू बट कृष्ण ने अर्जुन को सिखाया वांट टू डू अगर आपको पता है क्या करना क्यों करना कब करना कहां करना कैसे करना लेकिन करना नहीं है इच्छा शक्ति नहीं है एथलीट है दुनिया भर में स्टूडेंट है जो पढ़ाई कर रहे हैं उनको पता है आईएएस क्लियर करने के लिए क्या करना है लेकिन करने की इच्छा शक्ति खत्म हो जाती है मैं दोबारा आपको रिमाइंड करा रहा हूं भगवत गीता एक पहला ऐसा मोटिवेशनल सेमिनार पृथ्वी के इतिहास में कुरुक्षेत्र में 5200 साल पहले कृष्ण ने अर्जुन को दिया इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन संविधान में कई अमेंडमेंट हो चुके हैं भगवत गीता में आज तक कोई अमेंडमेंट नहीं हुआ ध्यान रहे सावधान मैं फिर बता रहा हूं नीचे कमेंट में धार्मिक चर्चा मत करिएगा मेरे साथ ये किताब धार्मिक है ही नहीं ये किताब है जो आपके लिए एक मोटिवेशनल मैनुअल है नई तरह से भी तो देख सकते हैं आप मेरी इस बात को जिसको मैंने देखा और मेरे जीवन में बहुत स सफलता आई आज जितने लीडरशिप प्रिंसिपल्स मैं टॉप कॉरपोरेट्स को शेयर कर रहा हूं आज बेस्ट सीईओ कोच इन इंडिया का बेस्ट लीडरशिप ट्रेनर इन एशिया का जो अवार्ड्स हमें कंटीन्यूअस लगातार मिल रहे हैं जगह-जगह हमारे को अवर्ड सेरेमनीज में नॉमिनेट किया जा रहा है उसका कारण है आज हम टाइमलेस विजडम पे बात कर रहे हैं टाइमलेस का अर्थ क्या हुआ टाइमलेस का अर्थ हुआ जो समय काल और परिस्थिति के परे है ये जो ज्ञान है 5200 साल पहले दिया आज भी उतना ही एप्लीकेबल क्यों है क्योंकि ये समय काल और परिस्थिति टाइम प्लेस सरकमस्टेंस कुछ भी हो भगवत गीता को आप जैसे ही जीवन में उतारते हैं वैसे ही आपको लाभ मिलता है भगवत गीता प्रिंसिपल्स पे आधारित है जैसे गुरुत्वाकर्षण ग्रेविटी ये एक प्रिंसिपल है पाकिस्तान में अगर आप मेरा वीडियो देख रहे हैं तब भी ग्रेविटी का वही प्रभाव होगा हिंदुस्तान में अगर आप वीडियो देख रहे हैं तब भी ग्रेविटी का वही प्रभाव होगा ग्रेविटी समय काल परिस्थिति के हिसाब से बदलती नहीं है ठीक उसी प्रकार भगवत गीता में जो प्रश्नों के उत्तर हैं वो समय काल और परिस्थिति के हिसाब से कभी नहीं बदलते जब भी आप कहीं भी उसको जीवन में उतार आपको लाभ मिलेगा ही मिलेगा ये साइंस है टेंपरेचर अगर 99 डि से 100° हो तो वाटर बॉईल करेगा ही करेगा ये साइंस है ठीक उसी प्रकार कृष्ण के श्लोक जो अर्जुन को दिए गए भगवत गीता में अगर उनको जीवन में उतारेंगे 100 डिग्री पर पानी बॉईल करेगा भगवत गीता को जीवन में उतारने में सफलता मिलेगी वैदिक काल और प्राचीन काल के जितने भी राजा महाराजा हुआ करते थे अखंड भारत के सम्राट और पृथ्वी पर चक्रवर्ती सम्राट बन जाते थे किसके आधार पे इसी भगवत गीता के ज्ञान के प्रिंसिपल्स और सिद्धांतों के और वैल्यूज और इंटीग्रिटी के और कैरेक्टर के और मोरालिटी के गाइडेंस के आधार पर ही होते थे आज मैं यही बताना चाहता हूं देश देश में मैं जा रहा हूं बड़े-बड़े कॉरपोरेट और लीडरशिप और टॉप सीईओ कोचिंग के प्रोग्राम्स करता हूं जहां पे उनको नहीं पता होता लेकिन आज पब्लिकली बता रहा हूं ये प्रिंसिपल्स मैंने भगवत गीता से तो लिए हैं ये ब्लू ओशन स्ट्रेटेजी मैं भगवत गीता से डिस्कस करता हूं और आज जितने बड़े कॉर्पोरेट हैं सही वही प्रिंसिपल उठा के सर्वम अपी माम पृथ्वी स शिष्या पूरे के पूरे पृथ्वी पे लोग उनको फॉलो करते थे ऐसे महान राजाओं को आज ठीक उसी प्रकार वही वैल्यूज को प्रैक्टिस करके कॉर्पोरेट वर्ल्ड भी हाईएस्ट मार्केट शेयर लेकर के डोमिनेंट मार्केट प्लेयर पूरी पृथ्वी प बन सकते हैं जितने बड़े बिजनेस लीडर्स हैं वो अपने मार्केट शेयर को गेन कर सकते हैं आज युद्ध अस्त्र और शस्त्र का नहीं है आज युद्ध मार्केट शेयर का है कॉरपोरेट वर्ल्ड के अंदर आज कंपटीशन लड़ाई झगड़ा मार्केट शेयर का है बिजनेस प्रपोजिशंस को लेकर के आज वही वैल्यूज और प्रिंसिपल्स आप अपने कॉर्पोरेट वर्ल्ड में उतारिए जीवन के अंदर और देखिए सबसे बड़ा मार्केट शेयर आप ही का होगा ब्लू ओशन स्ट्रेटेजी को अचीव कर जाएंगे जन्माष्टमी आने वाली है हजारों लाखों भक्त लोग कृष्ण के मंदिर जाते हैं जन्माष्टमी पे लोग कहते हैं मैं कृष्ण को मानता हूं कृष्ण को मानता हूं पर वास्तव में कृष्ण को मानने का अर्थ है कृष्ण की बात को मानना जो कृष्ण ने मेरे और आपकी सफलता के लिए इंस्ट्रक्शंस दिए हैं उनको मानना आपका जीवन जैसे कि आप फ्रिज खरीदते हैं मोबाइल खरीदते हैं उसको एक मैनुअल के हिसाब से चलाएंगे तो फ्रिज और मोबाइल ठीक चलेगा कार खरीदते हैं उसको मैनुअल के हिसाब से चलाएंगे तो कार ठीक चलेगी ठीक उसी प्रकार आपके जीवन का भी एक मैनुअल है जो भगवत गीता ये जीवन जीने का तरीका बता रहा है इसमें हिंदू मुसलमान तो बात कभी करी ही नहीं कृष्णा ने आज तक मेरे एक क्लाइंट हैं चावल के बहुत बड़े व्यापारी हैं देश में उनका बहुत बड़ा ब्रांड है मुझे बोलते हैं बिंद्र जी मेरे पिताजी लाहौर से गीता लेक आए थे 1942 की गीता है ये हम कपड़े में लपेट के रखते हैं रोज सुबह मेरे दादाजी उठते थे प्रणाम करते थे दफ्तर जाते थे बाद में उन्होंने मेरे पिताजी को दी वो भी इसको प्रणाम करते थे दफ्तर जाते थे बाद में उन्होंने मुझे दी मैं भी प्रणाम करता हूं दफ्तर जाता हूं अपने बेटे को दूंगा वो भी प्रणाम करके ही दफ्तर जाएगा मैंने उनसे पूछा भाई साहब एक बात बताइए पड़ेगा कोई नहीं सभी प्रणाम करेंगे क्या अगर प्रणाम करने में इतनी ताकत है तो पढ़ लिया तो पता नहीं क्या हो जाएगा आज मैं यही मैसेज देना चाहता हूं दुनिया और देश के लोगों को कि ये खाली प्रणाम करने की किताब नहीं है ये पढ़ के जीवन में उतारने की किताब है मेरा आज आपसे गुजारिश है इस छोटे से वीडियो को इस जन्माष्टमी से पहले सब लोगों को शेयर करें ताकि वो लोग केवल कृष्ण के दर्शन ना करें कृष्ण ने जो दर्शन दिया है इस किताब के थ्रू उसको अपने जीवन में उतारें इसको बोलते हैं भगवत गीता एज इट इज भगवत गीता यथारूप ये आपको ऑनलाइन भी फ्री मिल सकती है आप रिसर्च करें googlegroups.com मैं जानता हूं फिर भी आप वीडियो देखेंगे रिलिश करेंगे आपको अच्छा लगेगा लेकिन आप पढ़ेंगे नहीं आप क्या बोलेंगे जब उसकी इच्छा होगी तब पढ़ूंगा जब उसका बुलावा आएगा तब जाऊंगा एक बात बताएं सिनेमा हॉल में जाते हैं शराब पीने पब में जाते हैं क्लब में जाते हैं आपको सिनेमा हॉल का मालिक बुलावा देने आता है तब आप जाते हैं जब आप गंदे काम करने हैं तो आपको कोई बुलावा नहीं आता अपने आप करते हैं अच्छा काम करने के लिए बुलावे का इंतजार क्यों कर रहे हैं कृष्ण बुलावा 5200 साल पहले दे चुके हैं अब तो आपको उठना है और जीवन में उतारना है सरल है इसी प्रकार के वीडियो देखते रहे और अगर फिर भी आपको भगवत गीता पढ़ने में समझ नहीं आ रही तो मेरे वीडियो जरूर देखते रहे फ्री लर्निंग यूनिवर्सिटी दे रहा हूं सब्सक्राइब करें यह मेरी सफलता का राज है आप भी सफल बन सकते हैं अगर आप इस किताब को पढ़े वीडियो देखने के लिए आपका बहुत-बहुत [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] धन्यवाद
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