MS Dhoni Decoding By Dr Vivek Bindra Case Study Hindi
फास्ट बॉलो या बड़ी टेंशन का माहौल हो यह काम रह कर के काम करते हैं स्ट्रेस में भी बड़े स्वैग से डिसीजन लेते हैं कोई इनके प्रेशर या इनके प्लेयर को कभी हरा नहीं पाता क्योंकि चिल रह करके किल करते हैं एकदम चिल कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी बैट्समैन ऑफ ऑल सीजन थाला फॉर अ रीजन साउथ इंडिया में इनको थाला बोला जाता है फ्रॉम कैप्टन कूल टू लेफ्टनंट कर्नल सुनील अस्कर कहते हैं जिस दिन मरना चाहता हूं ना आखिरी चीज अगर मैं देखना चाहता हूं तो शायद भगवान को ना देखूं लेकिन इनका आखिरी 2011 के वर्ल्ड कप का देखना चाहता हूं तेंदुलकर कहते हैं धोनी एक पहले ऐसे कैप्टन है जिनके साथ में अंदर खेल करके उनकी टीम में बहुत खुश हुआ जब भी मौका मिला धोनी वो सार्थी बने स्वार्थी नहीं बने धोनी के साथ लीडरशिप की क्वालिटी सीख सकते हो सार्थी वर्सेस स्वार्थी इनके बचपन की कहानी सुनाता हूं मेरी बुद्धि चकरा गई थी गारंटी है कि धोनी इस कहानी को सुनने के बाद टीम वर्क का सिनोनिम पर्यायवाची बचपन में नी क्रिकेट नहीं एक्चुअली फुटबॉल खेलते थे ये गोल कीपर से विकेट कीपर बने थे फुटबॉल में गोल रोकने का इनका काम होता था और जब इनके बॉस ने इनको यानी कि इनके कोच ने इनको सेलेक्ट किया और उनको सिखाया तो ये जो न साल से लड़का प्रैक्टिस कर रहा था वो तीन घंटे में सीख गए तो उनका तारीफ बहुत होने लगी सब जगह इनकी बहुत तारीफ होने लगी अब लड़कों को बड़ा इनसिक्योरिटी होने लगा इससे तो एक दिन इसके सारे वहां सीनियर लड़कों ने एक दिन इसको खूब मारा खूब पीटा खूब मारा खूब पीटा पूरा चोटों का निशान हो गया अगले दिन जब ये प्रैक्टिस प आया तो कोच ने पूछा भाई ये इतनी चोट छोटे कैसे लग साइकिल से गिर गया था बाद में कोच को किसी ने बता दिया कि ये झूठ बोल रहा है इसको सारे बड़े सीनियर खिलाड़ियों ने मारा है तो प्रिंसिपल के सामने धोनी को बुलाया छोटा सा धोनी बेचारा हां प्रिंसिपल के सामने बुलाया और तब इतनी छोटी उम्र में उसने इतनी बड़ी बात कह दी बोला तुमने क्यों झूठ बोला तुम्हारे को तो तुम्हारे सारे सीनियर्स ने मारा है तो धोनी ने बोला कि अगर मैं बता देता तो पूरी की पूरी टीम को हो सकता है रोक देते खेलने के लिए या उनको डांट पड़ जाती या वो फिर मेरे साथ में उस टीम की तरह नहीं खेल पाती जिस टीम की तरह मैं चाहता हूं वो मेरे साथ खेले दिल से दिल जुड़ा रहे छूट तो कैसे भी लग सकती थी साइकिल गिर के भी लग सकते ी चोट तो जिंदगी में खेलते हुए लगेगी लेकिन अगर मैं अपने सीनियर्स और अपने प्लेयर्स को दिल पे चोट पहुंचा दूं तो वो चोट मेरे टीम स्पेट को खत्म कर सकती है माही ने ना कभी बदला नहीं बल्कि बदलाव को चुना उनके लिए टीम उनका ट्रीटमेंट था कोच इनकी बात से इतने प्रभावित हुए प्रिंसिपल इतने प्रभावित हुए कि पहली बार स्कूल के इतिहास में ग्लव्स पैड्स ट्रैक सूट सब कुछ शूज सारी चीजें उनको मुफ्त में दी गई अपनी तरफ से बेस्ट टीम वो है जो टीम की तरह बेस्ट प्लेयर की तरह नहीं टीम की तरह बेस्ट खेलती है इनका जो रेशियो ऑफ वी वर्सेस आई है मैं और हम वो रेश उनका बड़ा स्ट्रांग है सन 2000 के अंदर अंडर 19 वर्ल्ड कप के लिए सिलेक्शन हो रहा था टीम में युवराज भी सिलेक्ट हो गए कैफ जैसे खिलाड़ी सिलेक्ट हो गए इनके साथ के बहुत लोग सिलेक्ट हो इनका सिलेक्शन नहीं हुआ उस दिन सारे के सारे दोस्त रो पड़े थे के धोनी जैसे खिलाड़ी का सिलेक्शन नहीं हुआ धोनी मुस्कुरा रहे थे वहां से बालूशाही और समोसे खरीद के लाए बोले आज हम सेलिब्रेट करेंगे पूछा क्यों क्यों सेलिब्रेट करेंगे ये कैप्टन कूल मन से शांत थे बोले आज मैं सेलिब्रेट कर करूंगा क्योंकि आज मैं समझ गया हूं इतनी मेहनत से काम नहीं होगा और मेहनत करनी पड़ेगी और ये पार्टी इसलिए कि मैं आज का दिन जिंदगी भर याद रखूंगा दोस्त लोग सबकी बुद्धि चकरा गई सबकी आंखों से आंसू बह रहे थे ये कैप्टन फूल थे ये 2011 का एक मैच बताता हूं जिस समय इंग्लैंड वर्सेस इंडिया का मैच चल रहा था टेंट ब्रिज टेस्ट मैच था ये इयान बेल उस समय जबरदस्त खेल रहे थे ऑलरेडी 137 रन बना चुके थे और वो मैच हारने के चांसेस पूरे थे यान बेल को जैसे ही आउट किया रन आउट किया था उस समय क्या हुआ था उसने एक चौका मारा उसको लगा चौका लग गया तो अपने दोस्त के साथ जो सामने दूसरे छोर प खिलाड़ी खेल रहा उसे बातचीत करने लगे लेकिन उनको ये नहीं पता था कि बाउंड्री तक बॉल नहीं गई और वहां पे फील्डर ने बॉल फेंक के मारी और सीधा विकेट पे गए वो बेचारा रन आउट हो गया उसके बाद टी ब्रेक थी टी ब्रेक प जाके धोनी बोले यह फेयर नहीं है बेल को पता ही नहीं था उस समय कि चौका नहीं लगा उन्होंने टीम टी ब्रेक में लोगों को बोला कि इस इंसीडेंट के लिए एक उनके अपील को रिट्रैक्ट्स बैटिंग करने के लिए बुला लिया 137 रन वो मार चुके थे उस समय वो मैच हार भी गए इंडिया वो मैच हार भी गया अगर उस समय बेल को बाहर कर देते ना जो कि एक्चुअली बेल बाहर हुआ था तो शायद इंडिया जीत जाता लेकिन बेल ने और मारा इस इंसिडेंट के लिए आईसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवार्ड जो कि 10-10 साल में एक बार दिया जाता है ये शायद ही दुनिया में दो-चार लोगों को मिला है वन ऑफ द मोस्ट हार्टनिंग जेस्चर इन क्रिकेट इंडस्ट्री माही सिर्फ मैच नहीं दिल भी जीतते थे इसको बोलते हैं कैप्टन ूल शांत मन से हां मैं जीतूंगा या हारू वो महत्त्वपूर्ण नहीं है सुख दुख मान अपमान वो महत्त्वपूर्ण नहीं है धोनी की तरह आपकी हिम्मत भी आप आपके हालातों को बदल सकती है मैं भी लोगों को अपने लीडरशिप फनल में कैसे टॉप परफॉर्मिंग इसी प्रकार की टीम कैप्टन कूल बनके सिखाता हूं मैं उसको अगला लीडरशिप फनल में इससे मैं जून में करूंगा बैच अगर आपको उसकी जानकारी चाहिए पता करिए लेकिन अभी बता रहा हूं आपको रवि शास्त्री भी बोलते थे कि धोनी का टीम मैनेजमेंट और डिसीजन मेकिंग ऐसे है जैसे किसी सर्जन की हाई प्रेसीजन वाली सर्जरी हो रही हो इस प्रकार डिसीजन लेते हैं क्यों मन शांत है आसपास कितनी कठिनाई धोनी से मैंने भी बहुत कुछ सीखा जब सोशल मीडिया प मुझे बहुत लोगों ने कांस्टेंटली टारगेट किया तो मैं भी इंपल्सिव नहीं कूल डाउन रहा क्योंकि जब दिमाग ठंडा रह है सही लाइन पर बंदा रहता है तो मेरी कामने ने कई बार शुरू में लोगों को मेरी कमजोरी समझी लेकिन मैंने आकर के बाद में महेश्वरी जी के बारे में सारी सच्चाई यां खोली कई चीजें बात आगे होंगी और सब सब कुछ अपने आप उ स्ट्रेंथ की तरह साबित होता जाएगा जब आप मन से शांत रहोगे अगर आप लोग भी इस वीडियो से सीखे कि लाइफ में कभी लो फील हो तो आराम से कूलडाउन रह कर के धोनी की तरह बाउंस बैक करो हमारे साथ जुड़े रहने के लिए वीडियो को सब तक पहुंचाने के लिए आपका प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद [संगीत]
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