Real Life Hero From Khakee Series IPS Amit Lodha Bada Bharat Dr Vivek Bindra

[संगीत] यह गब्बर से बिहार के शेखपुरा में छोटे बच्चों को उल्टा करके सर पर गली मार देना समझो मैं जानना चाहता हूं आज थोड़ा और शेखपुरा के उसे इंसान की कहानी सुना चाहता हूं मैं उससे मैं अपने क्या तैयारी कारी जिससे सब डरते थे उसको आपने कैसे बताया थी की मैं 15 अगस्त से के करण कुछ ऐसा कहानी करूंगा चेहरा आपका ऐसा लगता है की जैसे मतलब एसबीआई बैंक के कोई ब्रांच मैनेजर होंगे पुलिस वालों को मैंने देखा है की वो उनकी जितनी तेज गली चलती है उसे जहां तक गली भी दे देते हैं आप गुस्सा कैसे मैनेज करते हो और अमित लौदा जी कितना फ्रिक्वेंट गली दे देते हैं हां जी तो नमस्कार मैं विवेक बिंद्रा फाउंडर और सीईओ बड़ा business.com बड़ा भारत शो में आप सबका स्वागत है ए ट्रिब्यूट तू इंडियास ग्लोबल ब्रांड एम्बेसडर जो लोग भारत को बड़ा भारत बनाते हैं उन्हें की कहानी हर बुधवार को हम आप तक पहुंचने हैं मिलवाते हैं आपको आज की जो हमारे मेहमान हैं वर्दी ही उनकी शान है एक होता है रेल सिनेमा जो मूवी चलते हैं रेल सिनेमा में कोई सिंबा कोई चुलबुल कोई सिंघम है पर जो रियल लाइफ में इन्होंने अच्छे-अच्छे को कर दिया चिंगम है किस मिलता रहे हैं आज आपको ये अपने डर के ऐसे बाजीगर बने इनके दम पर फिर कभी डर वापस नहीं आए और डर को बेचे वालों को उन्होंने तुरंत से लाइन पर लगा इनको प्रेसिडेंट पुलिस मेडल पर मेरीटोरियस सर्विस मिल चुका है करेंटली आज ये इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस है बिहार के पीछे आपने एक वेब सीरीज अच्छी होगी बिहार के सुपर कॉप ये मोटिवेशन स्पीकर है बेस्ट सेलिंग ऑथर है बिहार डायरीज इन्होंने किताब लिखी मिलवाने जा रहे हैं आपको स्वागत करते हैं आईपीएस अमित लोढ़ा जी का स्वागत है आपका सर थैंक यू विवेक आपको थोड़ा फिल्मी तरीके से देखा जान लगा है और जब हमने आपको बुलाया तो हम चाहते हैं लोग वह जो आपने कुछ करिश्माई कम किया देखिए सब लोग करते नहीं बिहार का एक अपना अपने बिहार में 15 साल सर्व किया है मैं ठीक का रहा हूं 8 जिलों में आप एसपी भी रहे हैं लेकिन आम पुलिस वालों की तरह नहीं सोचते थे कन्वेंशनल पुलिसिंग नहीं करिए आपने सम दम दंड भेद आपका प्रूफ थोड़ा अपराधी को पकाने का थोड़ा कई बार कहा जाए तो अपराधी जैसा भी हो जाता था की भाई उसके तरीके से सोचना पड़ेगा एक ऐसा लड़का जिसको बचपन में उसके दोस्त कहते थे तुमसे ना हो पाएगा बैडमिंटन का मैच हो आईआईटी की तैयारी हो यूपीएससी का एग्जाम ऊपर लूजर से क्रिमिनल को उन्हें के गेम में हारने वाला विनर आपको कैसे वो विनर बने लोगों ने कहा बचपन में मुझे कोई बोला लोगों ने कहा बचपन में पिक्चर फ्लॉप है और ये बन गए सुपर कॉप है इसीलिए हम आपको कहते हैं सुपर कॉप तो ये परिवर्तन जो आपका आया बचपन से उसके बड़े में आज जानना चाहता हूं परिवर्तन की बात कर लेट हूं की आईटी में बहुत ही शर्मिला स्कूल में बहुत ही चुपचाप रहने वाला लड़का बहुत गुस्सा आया है मुझे लगा मैं कहां पर ए गया हूं दूसरा रीजन था की साड़ी ब्रिलियंट लोग थे वहां पे स्कूल में आपको लगता है आप बहुत होशियार है लेकिन आईआईटी वे जाके पता चला अब तो एवरेज है तो मुझे काफी परिसर हुए बहुत सी चीज ऐसी हैं भावना दाल पर मैं लूज का परिसर डेवलप कर लिया है की मुझे कुछ भी नहीं हो पाएगा और आईटी मेरे परफॉर्मेंस बहुत खराब हो गई मेरा रिजल्ट खराब हुए मैं मैथ्स में फेल भी हुआ वहां पे जाके ओके मैथ्स अच्छी थी लेकिन जब आप क्लास ही नहीं जाएंगे तो आप जीनियस तो थे नहीं की बिना पढ़े आपके नंबर अच्छे आने ग जाएंगे और यह पढ़ाई क्या जो मेरा फेलियर था की बाकी चीजों पर रिफ्लेक्टर होने लगा मेरी पर्सनालिटी वैसी टोल्ड यू आवाज और मैं अपने शैली के अंदर चला गया बट साथ ही साथ मेरा दोस्त थे जो उसे वक्त मुझे लगता था बहुत सेल्फिश है लेकिन अलग-अलग तरह बेस्ट फ्रेंड से उन्होंने मेरे को कई जगह कितना धक्का दे दे के चीज़ सिखाई चाहे वो स्क्वैश कोर्ट में बोला तेरे से नहीं हो पाएगा तो उसे वक्त बड़ा बड़ा वाला लेकिन बाद में चोट नहीं मारते हैं तो शायद मैं उसको चैलेंज की तरह लेते ही नहीं तो बहुत सी चीज है पुलिस की बात ये है की जो आपने पुलिस की वर्दी आई थिंक मुझे यह क्या सबको बहुत पसंद है कोई भी वर्दी आदमी के भी हो पीपल लव डी यूनिफॉर्म डी ग्लैमर बिहाइंड आईटी बट जब आप एक बार देखो पहन लेते तो आपको रिलाइज होता है की आपके ऊपर कितनी बड़ी रिस्पांसिबिलिटी है क्योंकि पुरी दुनिया देखने लगती है भीड़ में ग रहा नजर आते हैं छोटे से बड़ा मतलब बुध हर आदमी आपको रोल मॉडल की तरह मानता है आपके एक-एक छोटे कम की तरह लोगों ने नजर पड़ती है की कैसे चल रहे हैं कैसे बात कर रहे हैं तो यू कैन नोट हायड बिहाइंड डी क्राउड क्योंकि आप तो क्राउड में सबसे अलग दिखते ही हैं तू ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी और प्लस वेरी सुन के ग्लैमर अपनी जगह है लेकिन सबसे बड़ी बात आपको इतनी बड़ी रिस्पांसिबिलिटी दी गई है और आप लोग कहते हैं पावर मैं बोलना हूं पावर बिल्कुल भी नहीं है एक होता पावर तू कप वेटिंग संबदी वेटिंग आउटसाइड योर ऑफिस पर तू अवार्ड मेरा ये माना पावर तू बिंग इंस्टेंट रिलीफ और जस्टिस तू संबदी पुलिस में बहुत ज्यादा पॉसिबल है हर सरकारी नौकरी में आपके इसी तरह लोगों के साथ नया ही कर रहे होते हैं चाहे वो इनकम टैक्स सोचा कोई डिपार्मेंट हो लेकिन पुलिस डिपार्मेंट ऐसा है की जिससे आपको आपके रिजल्ट इंस्टेंट की नजर आते हैं किसी मां का अगर बेटा किडनैप हो जाए और अब उसको रिकवर करके लेट हैं तो 2 दिन में आप उसको रिकवर कर के लिए 24 घंटे में भी होता है लेकिन फिर जब मां आपकी तरफ एक नजरों से देखते है आंसू भरे नजरों से और आपका आशीर्वाद देती है बिना कुछ कहे ये सब सच में मुझे लगता है बहुत ड्रैमेटिक ग रहा होगा लेकिन कई पुलिसकर्मियों के साथ है एक्सपीरियंस हुआ है बट अगेन आई बिल कम बैक तू यू आर नोट ट्रिंग तू बायोडाटा सुपर कॉप देखिए बड़ा फिल्मी नाम है इसलिए लेकिन मैं आपके चैनल पर टीम के साथ मुझे पता है मेरी टीम वालों ने कितना शक है अमित लौदा बिना रंजन बना अजीत के कुछ भी नहीं है तो जितने भी आपने अपराधी पकड़े हैं सब कुछ किया तो आप एक टीम में कम करते हैं और आपको यूनिफॉर्म पहन इसीलिए जाते हैं आज इन क्रिकेट टीम है 11 जाने फॉर्म पहना हैं तो 11 जाने एक हो जाते हैं से थिंक वत डी पुलिस पर डी आर्मी पर डी नेवी तो ये सब चीज बहुत जरूरी है तो आप तो बहुत बड़ा भारत है आप लोगों को मोटिवेशन देते तो टीम की तरह कम नहीं करेंगे तो कैसे होगा यस बट यू हैव तू प्रोवाइड लीडरशिप हज एन सीनरी पुलिस ऑफिसर ऐसी कोई चीज जो मैं खुद नहीं कर सकता मैं कैसे उम्मीद करूंगा की मेरे सब ऑर्डर एट करें अगर कोई ना एक्सल ऑपरेशन हो रहा है मैं 10 बार अपनी टीम को जंगलों में भेजो करता था जब एसपी गया था या एसपी बेगूसराय था अगर मैं खुद एक भी बार नहीं जाऊं तो सबसे पहले तो मेरे को कोई हक नहीं इनको भेजना का जंगल में नंबर तू मुझे उनके परेशानी भी नहीं पता की कैसे वो नदी में नलों में पर करके जंगल में गए हैं तो ये सब चीज बहुत जरूरी है तो लीडरशिप प्रोवाइड करना मेरा कम है या हमारे कोई भी आईपीएस अफसर का कम है और लीडरशिप तभी आते हैं सबका करैक्टर बहुत स्ट्रांग होता है लीडरशिप ब्लेशंस आपसे ठीक करके बहुत अच्छा ग रहा है और मैं आपकी लीडरशिप में एक आपने एक अनयूजुअल अनप्रेसिडेंटेड कम किया था गब्बर सिंह ऑफ शेखपुरा यह हिंदी पिक्चर में भी एक विलन हुआ करते थे गब्बर सिंह 50 50 कस दूर कई गांव में बच्चा रोटा तो मां के तेरी बेटा ए जाए तो का ले खाना सो जा गब्बर आज ऐसी ये गब्बर से बिहार के शेखपुरा में छोटे बच्चों को उल्टा करके सर पे गली मार देना बिजनेस में कहते हैं की अभी कंपटीशन को हरण तो उनकी स्ट्रैंथ वीक ने समझो मैं जानना बताता हूं थोड़ा शेखपुरा के उसे इंसान की कहानी सुना चाहता हूं मैं अपने करियर के सबसे मुश्किल यंग आईपीएस ऑफिसर होते हुए जो अपने सॉल्व करने का जो अपने बीड़ा उठाया उससे मैं अपने क्या तैयारी कारी जिससे सब डरते थे उसको आपने कैसे निपटाया देखिए सबसे पहले वोट से आप कहेंगे नहीं आप मॉडेस्ट बन रहे हैं मैं जब गया था बड़े बेईमान से गया था क्योंकि उससे पहले मैं बड़े-बड़े जोनोमस पी रहा था नालंदा मुजफ्फरपुर पटना और शेखपुरा एक छोटा जल था मुझे बोलते-बुल यह नहीं की मुझे थोड़ा सेल्फिश मैं हो गया था का रहे इतने बड़े जो लोग मुझे वहां भेजो जाना छोटी जगह लेकिन सबसे पहले मेरी पत्नी ने मुझे ठोक की क्या आपने आईपीएस इसीलिए जॉइन किया था की बड़े-बड़े जलो में जाएंगे तो आपका फोटो अखबार में आएगा तो आपका कम करेंगे और छोटे जिलों में जहां पे जरूर है लोगों को और जहां आपको करना है कम वहां करना नहीं छह रहे हैं तो उसे दिन मुझे फोन पर बोला की एक बार आप जाके उसे गांव में मिली है लोगों से जहां पे तरसती हुई है जब उसे गांव में गया तब मुझे लगा की कितना इनके साथ अन्य हुआ है पूरे पूरे परिवार बाढ़ गए हैं तो अंदर से कहते हैं ना विचलित करने वाली फीलिंग तो मुझे लगा की कितना मैं छोटी सोच रखना ग गया हूं और मुझे अंदर से झज्जर बड़ा फिल्मी ग रहा है सुनके लेकिन ये सच्चाई है और वापस आया मैं और बिल्कुल मेरा डिसाइड किया इसको तो पकड़ना ही पकड़ना है क्या स्ट्रीट्स रही है आपकी उसको पकाने के लिए हमको उसकी तरफ सोचना था की उसका जिला स्टेप की आवश्यकता है उसके वीक प्वाइंट्स क्या हो सकते हैं तो हमने सोचा उसे तरीके से बहुत यूपीएस और डाउंस हुए उतार-चढ़ाव है कई बार बहुत करीब पहुंचे फिर बिल्कुल साफ सीधी की तरह था की बिल्कुल 99 पे आके वापस जीरो पे ए गए हैं लेकिन जब आप चीज बहुत मेहनत से शिद्दत से चाहते हैं तो आपको चीज मिलती है और डी ऑर्डर यू क डी लकीर यू गेट तो किस्मत ने भी हमारा साथ दिया कुछ गलतियां उनसे हुई कुछ जगह हमको रिलाइज हुआ की कैसे इनको हम एंटाई कर सकते हैं कैसे ट्रैप में ला सकते हैं तो बहुत सी चीज पुरी फिल्मी स्टोरी थी तीन महिलाओं का मैं यहां पे नाम लेना चाहता हूं एक जो आपकी अपनी धर्मपत्नी और एक जो अपराधी उनकी भाभी और एक अपराधी की खुद की बीबी इन लोगों के अपने फोन उसे समय तप किया आई थिंक उससे मैं टॉप करना फोन थोड़ा मुश्किल था और मैं इनके कंट्रीब्यूशन को और आपकी इस इंटेलिजेंस को समझना चाहता हूं अगर आप इस क्वेश्चन में कुछ बताएं मैं मेरी पेट के मैंने फोन टाइप नहीं किया था बाकी दोनों दोनों के इसलिए फोन टेप हुए क्योंकि उनके आपस में संबंध है बड़ा परिसर यू नो था ये पूरा जो दोनों मेल अपराधी थे इनके कहानी ना कहानी अपने वैवाहिक जीवन के बाहर भी इनके चक्कर चल रहे थे और अपनी पत्तियों से तो बहुत कम बात करते थे लेकिन जींस इनके चल रहे थे उनसे काफी लंबी-लंबी बात करते थे तो मुझे लगता था कुछ बात क्या पता उनको बताई दे लेकिन थे बहुत होशियार है उनको भी नहीं पता चला था लेकिन अंत में उन्हें की वजह से हमारा घूम फिर के वो अपने मां से बाहर आए नहीं की वजह से दोनों की जिनकी इनके प्रेमिका जो भी थी और मेरी पत्नी का तो मेंस रोल है आई थिंक हर आदमी का पीपल सिर्फ बिहाइंड एवरी सक्सेसफुल मां डियर इसे एन वूमेन जब मैं बिहार जॉइन किया जा यंग आईपीएस ऑफिसर हर आईपीएस ऑफिसर गांव में पोस्टिंग होती है तो जहां मैं पोस्टेड था वहां पे कोई भी मूलभूत सुविधा नहीं थी आई एम टॉकिंग अबाउट वे बैक और 99 2000 मेरी पत्नी को मैंने जयपुर भेज दिया था लेकिन वो जयपुर से वापस आई जब उनको पता चला की काफी मुश्किलों में र रहे हैं खाने पीने की दिक्कत हो रही है बिना पता है मुझे वापस आई वहां पर उनको खूब कीड़े मकोड़ा ने काटा कोई भी सुविधा नहीं थी उसे जमाने में मोबाइल फोन वगैरा कुछ नहीं था तो दिन भर वो किताबें पद्धति थी उनको खाना बनाना नहीं आता था लेकिन स्टफ में मेरे को अभी तक याद है उसको ढाबा ढाबा के वो प्याज की सब्जी जो उनको थोड़ी बहुत चीज आई थी बनती थी मेरे साथ हर प्रॉब्लम को डिस्कस करती थी और आज भी कोई भी क्राइम होता था कोई कैसे होता था वो अपना पूरा इंटेलिजेंस है उसमें लगती थी तो एवं इन दिस कैसे उन्होंने मुझे बहुत से सोचा आप दिए की कैसे आपको इसमें आगे की रणनीति लगानी चाहिए ये आपकी हमिलिटी के साथ एक अलग प्रकार का कॉन्फिडेंस आप में था जिसको मैं आज बात करना चाहता हूं क्योंकि एक डेट अनाउंस कर दिया आपने 15 अगस्त तक पकड़ लेंगे यंत्र पानी और उसकी पहले डिमांड आपको रिसाली ना आना चाहिए और आपने ही बड़ा रिस्क लिया और ये क्या सोच ही समझिए इसको दाल थी की मैं 15 अगस्त से के करण कुछ ऐसा कहानी करूंगा या ये आपका एक कॉन्फिडेंस था क्या डरने लगा भी अगर नहीं पकड़ पे तो बदनामी हो जाएगी दोनों ही चीज थी देखिए कॉन्फिडेंस भी था क्योंकि मेरा ये माना जैसा अपन सोचते हैं वैसे लाइफ में होता है अगर मैं नेगेटिव सोचूंगा तो नेगेटिव होगा तो पॉजिटिव सोचा की 15th अगस्त से पहले उसको गिरफ्तार करना ही है अब वो रही बात अनाउंसमेंट की की क्यों किया अनाउंसमेंट इसलिए किया उसे वक्त की रणनीति थी की किसी तरह के खेमे में पुरी खलबली मचा है क्योंकि जो में अपराधी था उसका हमने राइट हैंड मां तो थोड़े दिन पहले पकड़ी लिया था उसको और उसका कॉन्फिडेंस पूरा स्टार्टड करने के लिए जरूरी था की हम अनाउंस ही कर दें तो जब आप अनाउंस करते हैं तो आदमी को सामने वाले को लगता है की मैं पूरा डिफरेंस सिर्फ ए गया हूं और मैं क्या करूं सच में कुछ बात ही होगी तभी इन्होंने इतना अनाउंस कर दिया है और एक्चुअली इस रणनीति सी चल सबको बहुत फायदा हुआ था जब ये अनाउंस कर दिया तो पूरे पर हर जगह बात होने लगेगी गैस पी के पास कोई कहा है ऐसी कोई बात है या कोई इनके गैंग का आदमी मिल गया कन्फ्यूजन क्रिएट करें वहां पे और एक्चुअली 13th अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था हम सोच रहे थे की आप हमको कुछ कहानी सुनेंगे आपने कैसे कुख्यात अपराधियों को पीछे घुस के ऐसा गली मारा कुछ कहा कुछ तो नहीं मिलेगी आप जो है वो स्टोरी बताने की जगह क्रेडिट अपनी टीम को लेते हैं बार-बार आप बताते हैं की भाई टीम ने ऐसा किया टीम के करण हुआ एक आईपीएस ऑफिसर अकेला क्या करेगा कुछ रियलिस्टिक पुरानी मूवीज भी थी पुलिस पे जैसे एक आर्टिकल 15 थी एक श लेकर दे सकते हैं सब फिल्मों में लिखने कभी भाई ईमानदार होना केवल काफी नहीं है मैं आपके पास एक जनरल टीम हनी चाहिए तो मैं जानना चाहता हूं की कोई तो अपनी जाति के हिसाब से कम करता है हां ये कौन है भैया कहां से आए हो भैया हां यहां तो नहीं ग रहा है कोई अपनी कोई खास पार्टी के साथ संबंध रखना है कोई अपना कहानी बड़ा आपने बताया की वजह से कोई क्रिमिनल के साथ भी मिल जाता है मैं नाम ऐसा नहीं कभी दृष्टिकोण से नहीं लेकिन क्रिमिनल इनफॉरमेशन लिख कर देता है तो आपकी टीम में भी एक भेज दिया था कोई जिसके करण आप तकलीफ में आए थे तो माफिया के लिए कम कर आप कैसे इंश्योर करते हैं अपनी टीम को डेवलप करने के लिए आज अगर लीडरशिप पर अपने बात कारी मेरे को एक आपसे स्ट्रांग लीडरशिप टीम तैयार करने के लिए अगर तीन चीज चाहिए तो क्या करते हैं सबसे पहले ट्रस्ट म्युचुअल ट्रस्ट मुझे अपनी टीम अगर मुझे उसे पर भरोसा है तो अपनी जान भी दे देंगे और दूसरा मुझे उसके लिए खड़ा होना है जब वो मुसीबत में ए जाए तब ये नहीं की सर इससे गलतियां की मुझे तो पता नहीं उसको पता होना चाहिए की हमारे पीछे खड़े हैं हमारे साथ खड़े पीछे के हमारे साथ खड़े हैं की सक्सेस में तो मैं पूरा क्रेडिट ले लो और फेलियर में बोलो की आपकी गलती थी ऐसा नहीं है फिर मैंने ऐसा कोई भी कम उन से एक्सपेक्ट ना करो तो मैं खुद नहीं कर सकता या ऐसा कोई भी कम जो उनको रोको लेकिन खुद कर रहा हूं आज क्रिकेट टीम है या अपने शाहरुख खान की फिल्म का क्या महीने में है यार मैं भी बहुत सारे दे सकता हूं लेकिन मेरा इंटरनेट में खुद कितना सीरियस है उसे बड़े में खुद कितना पैदल जा सकता हूं जंगलों में गांव में है अगर किसी के अपराधी को पकड़ना है तो मैं लीड कर रहा हूं की नहीं कर रहा हूं या मैं तो फोन पर बोल दो जवाब पकड़ लो मैं अभी टीवी देख रहा हूं बाद में बात करेंगे ट्रस्ट आपको चाहिए और आप बाय इंस्ट्रक्शन की जगह इंस्पिरेशन आपका ऐसा लगता है की जैसे मतलब एसबीआई बैंक के कोई ब्रांच मैनेजर होंगे भाई इतने सॉफ्ट इतने मासूम से लगता हैं पुलिस वालों को मैंने देखा है की वो उनकी जितनी तेज गली चलती है उससे ज्यादा तेज वो गली भी दे देते हैं कठोर है बात आपका बड़ा हाय प्रेशर जब है मैं मानता हूं उसको एक नॉलेज करता हूं आप गुस्सा कैसे मैनेज करते हो और अमित लौदा जी कितना फ्रिक्वेंट गली दे देते हैं और पूछ रहे थे इसकी जरूर ही नहीं है जब मैंने नहीं नौकरी जॉइन की थी तो मैंने किसी सिपाही को थोड़ा दांत दिया था और अपशब्द तो नहीं उसकी थी लेकिन जो टिपिकल लिंगो नहीं होता है तुमको बर्बाद कर देंगे टांग देंगे आप सोचेंगे की बार पत्नी का रहे हैं क्यों बोलते हैं उन्होंने ये बात सनी अंदर से और मुझे इशारे से अंदर बुलाया है और बोला इस थिस डी वे यू टॉक मैंने कहा वो डिजर्व करता था मतलब डांटना जरूरी है बोल आपने जो रैंक्स पहनी है उसकी शोल्डर पे जो रेक्स आपकी लगी है उतना बहुत है उसको बताने के लिए कौन है और आपका सिर्फ आंख उठा देना उसके लिए बहुत है इतनी लंबी उसको कहानी सुनाना तो मेरा जो बाद में गुस्सा था बिल्कुल शांत हो गया और ऐसा नहीं की मैं बहुत सॉफ्ट आपको चीजें अपनी जगह है जैसे कहती थी की ऑलरेडी गंगाजल पिक्चर देखने के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए आईपीएस के निकाल पढ़ते हैं लोग अगर अमित लोढ़ा जी को एक लाइन में बताना इस के एसपेरेंट तो भैया ये है तुम्हारा फॉर्मूला इसको पकड़ लो वो क्या होगा यूपीएससी के आज प्रिंट भी सोच के साथ डिस्ट्रक्शन से बचाने के लिए कोचिंग कैमरा अंदर बैंड कर लेते हैं भैया दोस्तों को इग्नोर करते हैं सिनेमा सिनेमा पार्टी गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड चैटिंग सब खत्म हो गया इस कच्चे के डिस्ट्रक्शन से बचाने के लिए आपने अपने सर मुंडवा लिए थे और मेरे को बोला क्या आपने अपनी दाढ़ी बड़ा ली और आपके ताकि कोई लड़की मुझको देखें नहीं मो माया को ना करना पड़े फेस आपने भी बादल लिया अपना भेज आपने इंटरव्यू में कहा है की हर इंसान अपने करियर में बहुत साड़ी गलतियां करता है पर सबक लेट है मगर आपकी सबसे बड़ी गलती क्या थी अब पक्की अमिताभ बच्चन की पिक्चर थी पिक्चर में वह सीन आता जहां विलन सामने आता है और अमिताभ बच्चन वहां पे जो पिक्चर पता नहीं क्या जंजीर पिक्चर थी कौन सी थी जिसमें वह कहते हैं की जब तक बैठने को कहा ना जाए खड़े रहो पुलिस स्टेशन में तुम्हारे आप का घर नहीं तो जैसे वो अमित जी ने जो है इस तरह माफियाओं अपराधियों को ऐसा सलूक किया तो ठीक है चलो आप अपनी टीम के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं धर्मपत्नी के साथ करते हैं घर में ठीक है तो सामने को माफी आता हूं आप भी ऐसा कोई डायलॉग मारे कभी अपने डायलॉग की जरूर नहीं पड़ी लेकिन व्यवहार तो पुलिस का अपराधी के साथ क्या ऐसा होना चाहिए आपने उसे फिल्म में भी देखा जंजीर में ऐसे ही करते हैं लोग ऐसे ही होना भी चाहिए तो ऐसे कोई इंश्योरेंस जो आपको याद ए रहा हो ओके यार मैंने मैंने भी ऐसी बात बोल दी की खुद को ही अच्छा ग रहा था नहीं ऐसा बहुत बार हुआ है बहुत बार हुआ है मैं वैसे बड़ा फिल्में देखने का बहुत शौक है लेकिन रियल लाइफ और रियल लाइफ में बड़ा फर्क होता है लेकिन मैं उसमें दूसरा उसका उल्टी चीज बताऊंगा अपने माफिया का रहे हैं बात की मुझे कभी-कभी जूस चीज की खुशी होती है गर्व तो नहीं बानो गर्व इसलिए क्योंकि मेरा कम ही था मैं गया मैसेज पिता तो इलेक्शन के टाइम मेरे पुलिस ऑफिसर तीन कर अपराधियों को लेकर आए बोला सर देसी कैट के साथ हमने इनको गिरफ्तार किया है एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दीजिए बड़ा अच्छा मैसेज आएगा की पुलिस बिल्कुल एक्टिव ली कम कर रही है प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिल्कुल सच बता रहा हूं मैंने पीछे मड के देखा भी नहीं की कौन कर थे बिल्कुल उतना व्यास ठाणे का पुलिस वाले ले कर देसी कैट हैं तो अपराधी होंगे जब वो जा रहे थे तो उनमें से देखें यंग से लड़का बिल्कुल 17-18 साल का मैंने उसको रॉक मैं का रही तुम इतनी कम उम्र में अपराधी क्यों बन गए तुम तो सिर्फ परिवार के भी ग रहे हो उसने बोला सर मैं तो उनके साथ था ही नहीं तो बोलो था ही नहीं तो तुमको कैसे पकड़ लिया अब आप पुलिस वाले से पूछना बोला सर हमको देखिए भागने ग गया फिर मैंने कर अपराधियों से पूछा है तुम्हारे साथ बोलना नहीं तो मैं इसको भी तुम जय भेज रहे थे इनके साथ कितनी बड़ी गलती है जब पैसे होती तो उसने बोला सर कॉन्फ्रेंस हो गई मेरा चालान कैट दिया मैंने कहा मुझे कुछ नहीं पता पर इसको जाके फोन करो की इसका नाम और फोटो का अखबार में नहीं आएगी ये घर जा रहा है अपने और ये चला फाड़ के फेक दो तो दो दिन बाद सामने मुझे खुद फोन किया और बोला मैं जी बहुत अच्छा किया आपने तो मुझे इन चीजों को बड़ा मतलब ये माफिया डायलॉग मारना है की अपनी जगह है तो बहुत मुश्किल कम नहीं है लेट मी वेरी ओंस आपने किसी को पकड़ लिया तो अब कुछ भी बोल सकते हो उसको लेकिन किसी इनोसेंट आदमी का करियर बिगड़ जाता उसकी लाइफ बिगड़ जाति है और मेरे को बड़ा दुख होता अगर मैं उसके साथ न्याय नहीं करता है कई बार हम लोग कर देते हैं तो न्याय करना ज्यादा जरूरी है मैं ये जानना चाहता हूं की भाई बच्चा जब आपकी तरह आज देख रहे हैं यूपीएससी की मैं भी तैयारी कर गंगाजल पिक्चर देखने के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए आईपीएस की निकलते हैं लोग अग्नि पिक्चर देखने के बाद अच्छा आपने मैच चुनाव मठ आपका अच्छा था मैच में ही आप थोड़ा आगे चल के तकलीफ में आए आपने बाद में खूब स्ट्राइक शेड्यूल बनाया तो आपस में अपना दिया जान लगाएं आगे बड़ा एक आदमी को बता रहा था एक होता है डैडी के सन और एक होता है डेडीकेशन मैं हूं मेरे डैडी का सन इसलिए मैं जबरदस्त हूं डैडी का सन और एक होता है डेडीकेशन जान लगा देंगे मैं ये जानना चाहता हूं वीडियो को आज हजारों इस के अस्पताल देख रहे होंगे अगर अमित लोढ़ा जी को एक लाइन में बताना इस के अस्पत भैया यह है तुम्हारा फॉर्मूला इसको पकड़ लो वो क्या होगा एक सबसे पहले तो मैं थोड़ा एक लाइन में थोड़ा सा लंबा बोलूंगा जरूर की आप यूपीएससी या कोई भी सदस्य कोई भी नौकरी आप तभी करें जब आपका तन मां उसे में लगा हुआ है जस्ट बिकॉज़ आईपीएस इस ने बहुत ग्लैमर है गाड़ी बांग्ला है और आप ए गए हैं की मैं ज्ञान दे रहा हूं लेकिन देश की सेवा कर रहे हैं ना आपको उसकी तनख्वाह मिल रही है अपनी चॉइस से ए रहे हैं तो अब तब क्या है आपका माइंस में है इसलिए ना की बांग्ला है गाड़ी है क्योंकि आपके एक डिसीजन से लाखों करोड़ लोगों की जिंदगी में असर पड़ता है उसके बाद मोटिवेशन की बात हो रही है की आपने ये चीज करने की वजह इस आईपीएस यूपीएससी में आना है फिर अपना दृढ़ निश्चय है भरोसा और आपके हमारे जैसे लोग निकलते हैं कोई बहुत जीनियस होने की जरूर नहीं है भरोसा लेकिन नहीं है तब नहीं होगा मैं भी तो फेल हुआ था लेकिन उसके बाद खुद पर भरोसा की नहीं पहले आपने बोला परपज पता होना चाहिए मैं ही क्यों कर रहा हूं दूसरा आपने बताया भी आपका उसमें इंटरेस्ट भी होना चाहिए तीसरा आपने बताया भाई भरोसा होना चाहिए ट्रांसपोर्ट एक बात पूछता हूं कौन से साल में इंटरव्यू दिया था अपने यूपीएससी का याद ए रहा है वो दिन मैंने दिया था पहले 97 96 में दूसरा 97 में 97 में जब इंटरव्यू में बैठे थे उन्होंने पूछा हुआ की इस आईपीएस क्यों बन्ना चाहते हैं तो जब आपसे पूछा आज आपके मां में क्या आता है की भाई मेरे को मतलब मैंने सही उत्तर दिया है या कुछ अलग उत्तर देना चाहिए था मैं मुझे पूछा था की आप आईटी से हैं जब पिकल थार बड़ी डिस्टेंस से पूछा था उन्होंने बिल्कुल सही आंसर दे रहा था मतलब आंसर सही मतलब सच्चा है की मैं मेरे को हमेशा से आईपीएस ऑफिसर बना था इस आईपीएस और मेरे को ग्रेजुएशन कहानी ना कहानी से कर नहीं था पढ़ाई में अच्छा था और बिल्कुल सीट वेस्ट नहीं हो रही क्योंकि आईआईटी की जो-जो चीज मैंने सखी है या टेक्नोलॉजी है या जो मुझे इंटेलेक्ट और मेरा डेवलप हुआ है कॉन्फिडेंस भी लीडरशिप क्वालिटीज भी वो सब यूपीएससी में कम आएंगे और आज आप देखिए अपराधियों में पकाने में मोबाइल टेलीफोन आप सब व्हाट्सएप इंटरनेट साड़ी चीजें कम आई है सीसीटीवी फुटेज तो एक आईपीएस अफसर का तो टेक्नोलॉजी आनी चाहिए आज तो हम सारे लोग सॉफ्टवेयर डेवलप कर रहे हैं क्या-क्या चीज नहीं हो रही हैं उसके अलावा कितनी साड़ी चीज जिसमें टेक्नोलॉजी की सीट कम आएगी तो मैंने ये जवाब दिया था बड़ी तैयारी कारी होगी आपने उसे समय मैंने बहुत अच्छी थी बिना मेहनत के तो आपको सक्सेस मिल कर देता लेकिन मैंने उसे पूरे प्रोसेस बांट ट्री करता था बाद में होते थे वो आठ अटैंड्स एक अटेंड हो गए आपको समझ में आने लगी चीज और उसके अलावा बहुत सिस्टमैटिक पड़ेगी एक होता है की घंटा में इंडिया में कई बार होता है अब घंटा में किसी चीज को नापते हैं की मैंने 15 घंटे पढ़ लिया रात भर सोया नहीं यूपीएससी मैं बिल्कुल आराम से 6 साल घंटे वो भी कम नहीं था स्ट्रक्चर अप्रोच स्ट्रक्चर्ड अप्रोच थी सिस्टमैटिक था स्विमिंग करने भी रोज जाता था स्ट्रक्चर अप्रूव ज्यादा कम आई है जिद्दी होना कम आता है वो मांझी के ऊपर मूवी थी जब तक तोडेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे यूपीएससी के अस्पताल सोच के साथ डिस्ट्रक्शन से बचाने के लिए कोचिंग कैमरा अंदर बैंड कर लेते हैं भैया दोस्तों को इग्नोर करते हैं सिनेमा विम पार्टी गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड चैटिंग सब खत्म अच्छा अपनी जवानी की जो परीक्षा उनको कुकर प्रेशर ऐसा बन जाता है की उसको कर प्रेशर में जब तक दाल गाल के यूपीएसी की ट नहीं बैक जाति है तब तक वो जो है ये बाहर कभी बाजार में ट मारना नहीं जाता किसी लड़की को देखने थोड़ा मैं आज उसको युद्ध के भाषा में कहना चाहता हूं की क्या इस सच है की डिस्ट्रक्शन से बचाने के लिए आपने अपने सर मुंडवा लिए थे और मेरे को बोला की आपने अपनी दाढ़ी बड़ा ली और आप ताकि कोई लड़की मुझको देखें नहीं वो माया को ना करना पड़े फेस आपने भी बादल लिया सच्चाई है देखिए अभी भी मुझे रोज लोग व्हाट्सएप करते इंस्टाग्राम करते हैं मैसेज से भेजते रहते हैं किसी से मैं मोबाइल पर लगा हुआ हूं ये लगा हुआ हूं तो मैं बोलना हूं की क्यों लगे हुए हो क्योंकि 90s में तो मैं सोचता था पांच ओवर देखूंगा पांच के 50 ओवर हो जाते थे और पूरा दिन चला जाता था तो मैं अपने नाना के यहां शिफ्ट हो और टीवी नहीं था बिकॉज़ सारे अपने जितने ग रहा हूं शायद वो ये जैसी होती है लेकिन मेरा परपज उसे वक्त और था मुझे अप से निकालना था तो मैं तो कोई आप जो किरण डैडी का सन मेरे पास तो कुछ था नहीं अच्छी फैमिली थे पढ़े लेकिन बिजनेस तो नहीं था की मुझे तुरंत करना है तो मैं तो मुझे अपनी रास्ता खुद बनाना था तो मैंने यह सपना माली बावा लिए एक साल तक मैंने ये नहीं खेलने तो इतना रेडिकल होने की जरूर नहीं है लेकिन मैंने इसलिए किया की मैं कोई जरूर ग रहा था की सबसे निकाल जाता हूं बाहर और बहुत कम आगे में काफी इवॉल्व हो गया था उसे वक्त में मेरे लिए बहुत अच्छा था क्योंकि मैंने आईटी में 4 साल इतना कुछ गड़बड़ कर दी थी की खुद ही रास्ता निकालना पड़ता है मैं सारे लफड़े से बाहर ए गया कई बार अमित जी बोलना हूं की गोल को जो कंट्रीब्यूट नहीं कर रहा उसको छोड़ते जो और बड़ा अच्छा लगा देख के मतलब एक ये अपने आप में अनकंवेंशनल है की आदमी अपने बाल मुंडवा ले दाढ़ी बड़ा ले और नाना के घर शिफ्ट हो जाके वहां टीवी नहीं है अच्छा मैं यह जो बच्चे देख रहे हैं आज आपको ना ये वर्दी देखके इनका बड़ा जाम होता है यूपीएससी के बच्चों में वृद्धि में देख ले एक बार लगे वो अलग लेवल का एक्सपीरियंस है लेकिन जब सफल इसके आगे एन शब्द ग जाता है इंसान खुद से ही दौड़ में थोड़ा पीछे र जाता है 10-12 लाख बच्चे आईटी की तैयारी करते हैं स्टूडेंट सुसाइड करने ग जाते हैं 2022 में बहुत ज्यादा स्टूडेंट ने सुसाइड किया मैं कोटा में देख रहा था अकेले कोटा में ही पिछले साल 23 बच्चों ने सोसाइटी किया है कोई मैसेज मैं उनके लिए मांग रहा हूं आपसे की आत्म विश्वास को आत्महत्या में बादल देते हैं लोग अमित जी पहले अटेंप्ट में आपने आईटी क्लियर किया आईटी मैं आप डिप्रेशन में गए ग्रेट खराब हुए लेकिन आप आगे फिर निकाल गए लाइफ एक्सपीरियंस से आप स्टूडेंट को आज क्या मैसेज देना चाहते हैं वो 23 बच्चों को एक रेफरेंस पॉइंट की तरह ना देखते हुए क्या मैसेज देना चाहिए अगर रास्ता नहीं दिखे रहा है क्योंकि वो पॉसिबिलिटी की जगह डिफिकल्टी देखने लगता हैं और मेरे दिल की बात कर ही गए क्योंकि मेरे खुद के बच्चे उसे दूर से गुर्जर रहे हैं मेरी बेटी 17 साल के बेटे के साथ क्या है एक्जेक्टली डी से सिचुएशन लाइफ लव यू कई बार इंडिया में खासकर देखा है मां-बाप अपने सपना बच्चों के मध्य से पूरा करते हैं कहते हैं की अरे हमारा बच्चा यह बन जाए पड़ोसी का मेरे टाइम नहीं हुआ है अरे पड़ोसी के पत्ता चला गया क्योंकि मेरे तो बेंचमार्क कितना खराब बन गया था आईआईटी तो पड़ोसी भी मतलब वाला आईआईटी कंपैरिजन हो रहा था नीचे वाले लोग तो थे ही नहीं वह पेंशन चला गया हुआ है अहमदाबाद कर लिया तुम क्या कर रहे हो हम तो तैयारी कर रहे हैं बेसिकली जब तक बनी नहीं तब तक तो आप उन एंप्लॉय है लेकिन यह चीज बिल्कुल गलत है सबकी अपनी अपनी जर्नी और आज की तारीख में इंडिया में इतनी चीज हो गई की किसी जमाने में देखिए इस चैनल के मध्य से बोलो ना लगे इंस्टाग्राम और युटुब पर लोग नहीं कहते आज तो वो मिलियंस करवा रहे हैं हमसे कई ज्यादा तो जी जगह आप अपने मां से जो मैंने पहले ही बोला आपको पैशन होना चाहिए उसे कम के लिए और उसने एक सेल कारी है मैं अकेली निकाल गया पहले एक दो टेंट में लेकिन हो सकता लेकिन देखो आना यही था क्योंकि मैंने रिलायंस और कोई कम मेरे को इंटरेस्ट नहीं मुझे इसी में इंटरेस्ट है मेरा लाइफ का यह फैशन था और 6 मिनट बाद नहीं होता दुख बहुत होता माना नहीं कर रहा हूं डिप्रेशन भी शायद होता है लेकिन इस एन प्रेशियस गिफ्ट जिवन बाय डी डिवाइन पावर तू स आपको यहां नहीं सक्सेस ज्यादा इंटेलिजेंट लोग हैं जिनका यूपीएससी में नहीं आए जिन्होंने मुझे इंस्पिरेशन लेक कम भी यूपीएससी देंगे उनको बहुत बड़ा लगा लेकिन आज वो जहां है वहां सक्सेसफुल है उन्होंने जितनी छोड़ी अपनी और जो अब मेहनत करते हैं कहानी ना कहानी पे कम आएगी ना आप एक कोल्ड कॉफी इस डेवलप्ड होती टैलेंट डेवलप और नॉलेज आई कहां जाएगी वो कितने आजकल मैं देखा हूं जो लोग यूपीएससी एस्पायरेंट्स थे आज वह खुद फेमस हो गए हैं कम मैं देखा हूं युटुब पे नाम हम क्या ले के नो फेमस है आपको पता ही है की उसे वक्त वक्त सो कॉल्ड नहीं सक्सेसफुल लेकिन आज कितने यूपीसी एस्पायरेंट्स को कोचिंग दे रहे हैं तो रात से तो बन जाते हैं मेरे खुद की लाइफ में आज हम 49 कितने उतार-चढ़ाव है लोगों के सर आप यह साड़ी चीज आपने बोल दी लेकिन जो मैं गुर्जर रहा हूं तो मुझे ही पता है ना लेकिन अगर मैं गिव अप कर दूंगा मुझे भी थॉट पहले भी यहां अभी भी आते हैं ऐसा थोड़ी कई बार लगता है की क्या है सब खत्म हो जाता अच्छा है इतना मैं दुख जल रहा हूं लेकिन नहीं अगर मैं अपने आप में फेथ नहीं रखूंगा होप नहीं रखूंगा आज हम सब होप भी तो जिंदगी कल का दिन आज से बटर होगा चाहे वो विवेक बिंद्रा में थोड़ा अच्छा कोई भी याद नहीं हो जब मैं पटना में गुजरा हूं सुबह मैं आपको बता रहा हूं मैंने देखा है लोग पाव नहीं हाथ नहीं लेकिन सुबह 8 मिनट ठेला लगा रहे हैं उसकी सफाई इतना सा उसकी जगह है क्योंकि रोज एक रोड से गुजरा ऑफिस में रोज उसकी सफाई करता है रोज देखा की यह मेरी आज मेरे कितने गोलगप्पे हैं मेरा क्या बिकेगा उसको उम्मीद है की कल शायद बटर होगा जब वो इतनी मत रख रहा है तो फिर मैं या जो अस्पत हूं ही नहीं चाहिए लोगों ने बहुत कुछ लाइफ में जो लाइव विवेक जी सबकी अपनी जर्नी है हम लोग सब आए अपने को अपने कर्तव्य आई नो डायलॉग कैसे आई एम सॉरी मैं बाहर में आते ही ए रहा हूं क्योंकि आपके बड़े में मैंने पढ़ा तो आप तो खुद मतलब कमल कर रहे हैं तो कुछ साल पहले शायद आपको भी नहीं पता होगा की आप यहां पहुंच सकते हैं अब आपको शॉर्ट में आंसर देना है और मैं शॉर्ट में सवाल पूछूंगा दबंग सिंघम सिंबा या गंगाजल इनमें से आपकी फेवरेट फिल्म कौन सी है सब पुलिसवालों पे थी गंगाजल बिकॉज़ डी फर्स्ट क्लोजेस्ट तू डी ट्रुथ ज्यादा डर आप बुक में रैगिंग के समय पे या खूंखार किसी क्रिमिनल की शूट आउट के समय में इट्रेजिंग बिहार डायरी ऑफ लाइफ इन यूरिन फॉर्म दो किताबें बिहार डायरी या लाइफ इन यूनिफॉर्म आपने दो किताबें लिखी आपकी फेवरेट कौन सी है क्या कभी लगा की सरकारी नौकरी को छोड़कर आप इंजीनियरिंग वाले दोस्तों की तरह कॉरपोरेट जब में जैन एक बार सोचा था कभी खुद पर अपनी अचीवमेंट्स पर घमंड हुआ बिल्कुल भी नहीं आईपीएस बने के बाद सबसे ज्यादा समय आपने बिहार में गुजर तो क्या आपने वहां की लोकल भाषा सखी कहा हो भैया भोजपुरी मैथिली मैं कभी कभी टच तो ऑफिस में आता ही था ऐसी कोई कंट्रोवर्सी आपके साथ जो नई हनी चाहिए थी नहीं नहीं आपने इंटरव्यू में कहा है की हर इंसान अपने करियर में बहुत साड़ी गलतियां करता है पर सबक लेट है मगर आपकी सबसे बड़ी गलती क्या थी अब तक की मैंने करियर में कोई गलती तो नहीं की मतलब स्टैंड बाय लंबा डिसीजंस वेरी प्राउड ऑफ एवरी सिंगल डिसीजन डेट वे टेकन तिल नो कभी-कभी आपको अपने डिसीजंस के लिए एक प्राइस पे करनी पड़ती है वो जरूर होता है बट दें यू हैव तू बी यू हैव तू शो योर रियल करैक्टर आपको स्टैंड रखना पड़ता है यह चीज तो होती है और फिल्म में भी होती है प्रोफेशनल में भी होती है उसका मुझे कोई दुकान क्योंकि जिसका जो डीएनए है जो करैक्टर हो तो वही रहेगा वो चेंज नहीं हो सकता अमित लोढ़ा एक राजस्थान का यंग बाय जिसको पहले पोस्टिंग बिहार में मिली घरवालों का रिएक्शन कैसा था बिहार में इतने चैलेंज उसे वक्त थे तो बहुत एक्साइटिंग था हां मैं बोलूंगा लक्खा भी बहुत फैक्टर है की मेरे को सक्सेस जो सो कॉल्ड सक्सेस है पुलिस की थी की अपराधी पकड़ना मुझे बहुत जल्दी काफी ज्यादा मिल गई और फिर जो पब्लिक का प्यार जो बिहार में मिलता है वो बड़ा रेयर है कहानी और बिहार में आज भी कितने 25 साल बाद उनके याद किया जाता है तो जो पब्लिक का प्यार था सपोर्ट था वह कमल था रिपब्लिक का प्यार तो उत्साह बढ़ता है क्या आईपीएस बने के बाद इंडियन पुलिस सिस्टम में कोई ऐसी चीज दिखाई जिसको अमित लोढ़ा बदलना चाहेंगे लेकिन सिस्टम तो बिल्कुल बढ़िया क्योंकि सिस्टम हम ही लोग बनाते हैं सबसे पहले ऐसी चीज करूं जिससे लोग मेहनत अब यंग आगे और एसपी जॉइन किया तो मेरा जो शो ट्रेनिंग में जो दे रहे थे उससे बोला सर हम तो बिल्कुल क्ले की तरह मिट्टी की तरह है जैसी शॉप आप देंगे वैसा हो जाएंगे बिहार 20 साल पहले का बिहार और आज का बिहार कितना बदला हुआ है जबरदस्त पतला है जबरदस्त और इसमें पूरा बिहार की पॉलीटिकल लीडरशिप इसलिए नहीं बोलूंगा क्योंकि मैं आपके चैनल पर तो मैं डिप्लोमेटिक करो क्योंकि फ्री हैंड मिला हमेशा मिला पुलिस ने जबरदस्त कम किया और एक कंटीन्यूअस प्रोसेस आज आप देखिए बिहार में इट्स एन फैक्ट और इसमें सारे पुलिसकर्मियों का रोल रहा है किसी ने ट्रायल्स कराई किसी ने मोबाइल फोन उसे करके उनके कमर तोड़ी किसी ने इकोनामिक ऑफ प्रिंस की थ्रू जा के उनके बैंक अकाउंट फ्रिज किया तो आज आप बिहार में देखिए कोई भी बाहुबली नहीं है इट्स एन फैक्ट विच नोबडी कैन आई उसे पे बिहार पुलिस का जबरदस्त कंट्रीब्यूशन था और बिहार की जो लीडरशिप थी उन्होंने पूरा उसका सपोर्ट किया एक पुलिस ऑफिसर के लिए क्या पहले आना चाहिए ड्यूटी या फैमिली मैं बड़ा लकी मेरी तो फैमिली ही इसमें मेरा हर पाल साथ दिया मेरी वाइफ तो हर कैसे को अपना पर्सनल कैसे समझ लेती थी और मुझे डिस्कस करती थी हर कैसे को मैं भी मैं बहुत सौभाग्यशाली रहा पुलिस की नौकरी में सबसे बुरी चीज क्या है जो की सबसे बुरी चीज है सबसे अच्छी चीज है यह साड़ी प्रॉब्लम सही होते हैं बाकी जगह बोल सकते हैं की भाई कम हो रहा है थोड़े दिन बाद हो जाएगा आपको तुरंत लाना है और बुरी चीज भी है की मतलब ज्यादा हो जाता तो लगता है और नहीं हो तो कोई कम ही नहीं है बड़ा अजीब सा है अमित लोढ़ा जी आपकी कई पर्सनल बातचीत कारी मैंने आज एक चीज और बताइए आप सर के आईआईटी या आईपीएस या ऑथर या मोटिवेशन स्पीकर कर रोल में मैंने आपको देखा फेवरेट कौन सा रहा आईपीएस मुझे बहुत बटन में अपने बड़ी कमल की बड़ी गहरी बातें बताएंगे और साथ-साथ आपने यह भी बोला की मैं कोई फिलासफी या ज्ञान देने की कोशिश नहीं करना पर सच्चाई भी है यह बातें सुनने में बेसिक लगती है पर इसमें आपका जो आज 49 की आगे में जो आपका एक्सपीरियंस छुपा हुआ था ये बहुत गहरा था मैं सब लोगों को कहना चाहता हूं की अमित जी भारत को बड़ा भारत बनाने वाले हमारे यहां कहानी मेहमान आए बेहतर बनाने वाले भी हैं पर भारत को सुरक्षित बनाने वाले जब आते हैं तो मैं बड़ा गर्वित महसूस करता हूं आपने बिहार को सुरक्षित बनाया बचपन में चोर पुलिस का जब खेल खेलने थे सबको पुलिस वाला बन्ना होता था लेकिन लोगों को पता नहीं की पुलिस वाला जो है ना अल में 24 घंटे खतरों से खेल रहा होता है और हर सांस में साथ टकराव था तो किसी के लिए नहीं अपने लिए नहीं हम सबके लिए ऐसा कर रहा होता है और जब आपने ये किया आपके जैसे पुलिस वालों को और विशेष रूप से आपको हम सबका एक सलूट है जो हम देना चाहते हैं उनको धन्यवाद करना चाहते हैं ऑडियंस को मैं जरूर कहूंगा जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं पुलिस में जाके देश की सेवा करना चाहते हैं अंदर कॉन्फ्रेंटी या जानना चाहते हैं की सुपर कॉप के पीछे उन्होंने किसको आज क्रेडिट दिया क्यों सुपर कॉप एक्चुअली है क्या इसके पीछे की असली जिंदगी क्या है मूवी में देखने अलग है असली जिंदगी अलग है उनको एक जरूर वीडियो शेर करेगा इस वीडियो में बातें मैसेज बड़े गहरी थे जो लोग अपने से डेयर रहते हैं जो कई बार एक बड़ी देखते हैं और उसके बाद पिक पे वापस जाना चाहते हैं काफी कुछ देखा मैंने आज इस वीडियो में और नीचे कमेंट बॉक्स में बताइएगा अगले हफ्ते आप किस मिलन चाहते हैं थोड़ा सा इंतजार ए गया एक और बुधवार हम ऐसे लोगों की कहानी आप तक पहुंचने हैं जो भारत को बड़ा भारत बनाते हैं हमारे साथ जुड़े रहने के लिए इस वीडियो को लाइक भी कर देने के लिए आप सब कहे देखें गहराई से प्रेम पूर्व और बहुत धन्यवाद जी आपका विशेष धन्यवाद थैंक यू विवेक [संगीत]

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