Richest Banker Of India Uday Kotak Tycoons Of India Dr Vivek Bindra
आज की कहानी एक खुशखबरी के साथ शुरू करता हूं अगर आपके पास पैसे और दिमाग में से केवल दिमाग भी है ना तो आप सारे कंपटीशन को बर्बाद कर सकते हो आज जिसकी बात करने वाला हूं उसका जो ब्रिलियंस है ना उसने क्रिएट किए कई बिलियंस टाइकूं ऑफ इंडिया के आठवें एपिसोड मोस्ट लव्ड सीरीज आपका वापस स्वागत करता हूं मैं विवेक बिंद्रा फाउंडर एंड सीईओ bab.com कोटक है ये एक के बाद एक आप लोग बहुत पसंद कर रहे हैं सारे एपिसोड धीरू भाई अंबानी और इंडिगो मेरा फेवरेट था पिछला शिव नाडर भी मुझे बहुत पसंद आया उदय कोटक जो है इनका कोटक mahindrafinance.com कोटक ने इतना विशाल बैंक कैसे तैयार कर दिया छह अध्याय में आज का पहला अध्याय है प्रॉफिट गैप इन्होंने अपॉर्चुनिटी गैप एनालिसिस किया ये पहला अध्याय है गैप कई प्रकार के हो सकते हैं प्रॉफिट का गैप हो सकता है परफॉर्मेंस का गैप हो सकता है जो प्रोडक्ट तैयार किया उसमें गैप हो सकता है जो मैन पावर है मेरे पास उसमें गैप हो सकता है पर पहले अध्याय में ये प्रॉफिट गैप इन्होंने कैसे ढूंढा अपॉर्चुनिटी गैप एनालिसिस इन्होंने कैसे किया बाजार में एक प्रॉफिट का बीच में बहुत बढ़िया गैप मिल गया था इनको अपना बिजनेस करना चाहते थे फास्ट फॉरवर्ड चलते हैं फैमिली बिजनेस छोड़ दिया इन्होंने और अपने पिता के जो दोस्त थे प्रदीप हरिकृष्ण दास उनका एक अपना मर्चेंट बैंकिंग में उनका बहुत नाम था इकोसिस्टम का पार्ट बनने से पहले इकोसिस्टम का पाठ भी तो पढ़ना पड़ेगा तो पाठ पढ़ने के लिए सारा दिन बैठ कर के ऐसे हाथ प हाथ रख के ध्यान से सबको ऑब्जर्व करते रहते और सैकड़ों क्लाइंट्स की सारी बातचीत को सुनने के बाद इन्होंने एक बर्निंग प्रॉब्लम जो मैंने बताया प्रॉफिट गैप एनालिसिस किया क्या था जो मैन्युफैक्चरर था उसको अगर 50 लाख चाहिए माल बनाने के लिए तो मैन्युफैक्चरर बैंक के पास जाएगा बैंक 17 प उसको 50 लाख दे देगा अब बैंक 17 पर पे 50 लाख देता है इन्होंने जाके देखा कि जो लोग बैंक के पास पैसे डिपॉजिट करते हैं उनको 6 पर मिलता है तो बैंक बीच में 11 पर कमा रहा है 6 पर पे पैसा लेता है 17 पर पे दे देता है कोटक ने सोचा उदय कोटक ने प्रॉफिट कमाने का स्कोप है यहां पे उसने कोटक कैपिटल अब शुरू किया जाकर के 1982 में पहली छोटी सी कंपनी ये वो टाइम था अब इन्होंने अपने दोस्तों को ढूंढना शुरू किया इनका दोस्त था उदय फडके उदय फडके के पास गए पता चला कि लको में काम करते हैं टाटा ग्रुप की कंपनी है और समझ में आया कि भाई लको को भी यही दिक्कत आ रही है उनको भी बाजार से बार-बार 17 पर पे लोन लेना पड़ता है टा की वर्किंग कैपिटल का असर इनको जब समझ में आया तो बोला टाटा ग्रुप को भी पैसा चाहिए इन्होंने क्या किया देखा कि 6 पर और 17 पर 11 पर बहुत बड़ा गैप है अपना दिमाग लगाया कि बैंक इतना कमा रहा है अगर मैं बीच में कोई जुगाड़ कर दूं तो फड़के को उन्होंने कहा कि मेरे को मैनेजमेंट से मीटिंग करा दो और मैनेजमेंट को बोला कि मैं आपको 16 पर पे पैसा दिला दूंगा आप तो बैंक से 17 पर पे लेते हो टा ग्रुप हो 17 इतना महंगा ले रहे हो मैं 1 पर कम पे पैसा देता हूं उदय ने डील तो कर ली लेकिन उदय के पास पैसा नहीं था अब उदय को पैसे का जुगाड़ करना था आगे जाकर टाटा ग्रुप ने हामी भर दी दे दो मुझको 16 पर पे दे दो पैसा इन्होंने क्या किया अपने सारे पैसे वाले समझदार लोगों की एक लिस्ट तैयार की किसके किसके पास पैसा है उन सबके पास गए उनको समझाया कि टाटा ग्रुप में अगर तुम्हारा पैसा गया तो तुम्हारा पैसा सेफ है तुम्हे बैंक 6 पर देता है मैं तुम्हें टाटा ग्रुप से 12 पर लवा देता हूं अब बैंक छ देता है टा ग्रुप मुझको 12 देगा पैसे वाले लोग उदय की बात मान गए कि मेरा पैसा सेफ है और हुआ क्या जो डिपॉजिटर हुआ करता था जिसको 6 पर मिलता था उसको 12 मिला फायदा हो गया टा ग्रुप था जिसको 17 पर पे लोन मिल रहा था अब 16 पे मिल गया उसको फायदा हो गया उदय जो कुछ नहीं कमा रहे थे वो 12 और 16 के बीच में 4 पर कमाने लग गए यहां से उदय की शुरुआत हुई ये गैप ढूंढ कर के उन्होंने 4 पर बनाना शुरू कर दिया लोग बिजनेस बनाने के लिए बैंक के पास जाते हैं और उदय ने बिजनेस बनाने के लिए खुद को बैंक बना दिया और शुरुआत कर दी ये छोटी सी शुरुआत को कैसे उदय ने बहुत बड़ा किया पहली कहानी थी पांच और बताऊंगा आपको समझ में आएगा मैं आगे भी आने वाले दिनों में आपको ब्रिज मोहन मुंजाल जिसने रो मोटो कप को इतना बड़ा बनाया या राकेश झुंझुनवाला के बारे में जानना चाहते हैं गौतम भाई अडानी के बारे में जानना चाहते हैं जमशेद जी टाटा नीचे कमेंट बॉक्स में आप मुझसे बात करते रहिए फिलहाल चलते हैं चैप्टर टू पे ब्रांड पिगी बैकिंग पिगी बैकिंग का मतलब है कोई चीज ऑलरेडी है मैं उसकी बैकिंग का इस्तेमाल पिगी बैकिंग यानी कि उसके ऊपर मैं उसका फायदा इनके पास ब्रांड नहीं था उसका फायदा उठाना चाहते थे अभी इनको पता चला आनंद महिंद्रा अपनी हावर्ड की पढ़ाई पूरी करके आए थे और उन्होंने यूजीन स्टील नाम की एक स्टील की बड़ी कंपनी का जनरल मैनेजर उन्होंने जवाइन कर लिया इनको आईडिया था कि यूजीन स्टील भी सेम प्रॉब्लम से गुजर रहा होगा आप पिछले धंधे में समझ चुके थे प्रॉब्लम कैसे सॉल्व करनी है तो इन्होंने आनंद भाई से अपॉइंटमेंट मांगा कि महिंद्रा साहब मैं आपकी एक प्रॉब्लम सॉल्व कर सकता हूं बोले क्या प्रॉब्लम बोले 72 घंटे में आपको लोन दिला दूंगा आपको लोन की दिक्कत आ रही है और सस्ता लोन दिला दूंगा अब आनंद महिंद्रा ने इनसे मैथमेटिक्स डिस्कस किया आनंद महेंद्रा को बड़ा अच्छा लगा इनकी इंटेलिजेंस समझ में आई उदय कोटक के मन में कुछ और ही चल रहा था उदय कोटक सोच रहे थे मैं लोन देने नहीं आया आनंद महिंद्रा को साथ में जोड़ने आया हूं महिंद बहुत बड़ा ग्रुप था और इनके मन में था कि अगर mahindra-ecat प्लस को इकट्ठे जोड़ना है तो उन्होंने क्या किया थोड़ा रिश्ता बनाया प्यार उनके साथ थोड़ा और जताया जब उनके साथ अच्छा रिश्ता बनने लगा तो बोले मेरी प्री वेडिंग का एक फंक्शन है उसमें आइए और वहां पे अपने एक दोस्त को आनंद महिंद्रा के पीछे लगा दिया भाई इसको ना थोड़ा बहुत जॉइंट वेंचर के बारे में बात कर थोड़ा समझा थोड़ा समझा थोड़ा समझा इसे कहते हैं स्मार्टनेस एक ही मंडप में जहां इन्होंने अपना लाइफ पार्टनर बनाया वहीं इन्होंने बिजनेस पार्टनर ही बनाया आनंद महिंद्र को विश्वास तो था ही उनके फाइनेंशियल एक्यूमेन की रिस्पेक्ट तो थी ही और आनंद महिंद्र जानते भी थे कि फाइनेंशियल सर्विस में आगे चलके बहुत बूम है लेकिन मैं नहीं कर सकता ये मुझे नहीं आता करना उन्होंने हां कर दिया आनंद महेंद्रा ने हां किया 30 लाख की टोटल जरूरत थी उदय कोटक ने क्या किया ₹ लाख अब तक वो ₹ लाख रप लगभग आपके 2100 2200 करोड़ रुपए बन चुके होते हैं तीसरे अध्याय की तरफ चलते हैं ये है आर्बिट्राज पेनिट्रेशन उदय अब इस समय आगे बढ़ते जा रहे थे और गाड़ी की फाइनेंसिंग के बिजनेस में घुसना चाहते थे गाड़ी की फाइनेंसिंग का बिजनेस समय सिटी बैंक किया करता था सिटी बैंक दुनिया भर का जॉइंट था ये 4 साल पुरानी छोटी सी कंपनी सिटी बैंक से कैसे लड़े कैसे गाड़ियों के फाइनेंसिंग के धंधे में घुसे अब उस समय इन्होंने ध्यान से देखा कि maruti-suzuki पसंद करते हैं लोन सिटी बैंक से ले लेते हैं सिटी बैंक 13 पर पे लोन दिया करता था ताकि आदमी अपनी गाड़ी बुक करा ले अब आदमी दनदना त पहुंच जाए वहां पे शोरूम पे हां भैया हमको किया बैंक से क्रेडिट लाइन लिया पीछे 10 पर पैसा ब्लॉक करके डीलर पे दे दे करके गाड़ियां इतनी सारी बुक करा ली कि जब भी गाड़ी आए पहले इन्हीं को मिले अब कोई आदमी आए इनके पास कुछ ना कुछ गाड़ियां उस समय डिलीवर्ड होती थी कोई गाड़ी खरीदने आए तो इनके पास इनकी लाइनअप के अंदर कुछ ना कुछ गाड़ियां रहा करती थी और ये कहते थे कि भाई ठीक है मैं तुम्हें तुरंत गाड़ी देता हूं छ महीने की वेटिंग करने की जरूरत नहीं लोन मुझसे ले लो आप ये समझो उसमें उदय कोटक ने पैसा बनाया कैसे उदय कोटक क्या करते 0000 दे दे करके गाड़ियां बुक करा लेते थे अब डीलर को 0000 दे दिया एडवांस में उस 00 प गाड़ी कितने की है ₹ लाख की है 00 पे इंटरेस्ट कमाएंगे 00 प अपना पैसा लगा दिया उन्होने 10000 प इंटरेस्ट नहीं कमाया 13 पर कमाना था उन्होंने 00 नहीं बाकी 900 कमा लेंगे 00 जो इंटरेस्ट लूज किया यानी कि जो गवाया वो 650 गवाया 6 महीने के लिए आप अगर यहां प गणित निकाल ले 6 महीने के लिए 00 पे % के हिसाब से केवल 50 उन्होंने गवाया बाकी 900 पे यानी कि जब गाड़ी दे देंगे फाइनेंस हो जाएगी तो 11000 ₹ कमा लेंगे उस साल का इंटरेस्ट सिटी बैंक कमा लेता था क्योंकि वो अपना पैसा ब्लॉक नहीं करता था तो वो 13000 कमाता था ये 11700 कमाता था फर्क कितना केवल 00 का फर्क था वो 13000 कमाए 11700 कमाए लेकिन गाड़ियां इसने बुक कराने के कारण लोग इसी से सारा लोन ले लेते थे कहते थे भैया तुम ही दे दो लोन क्योंकि तुम गाड़ी तुरंत लाए ते हो इन्होंने क्या किया पहले गाड़ी खरीदी फिर गाड़ी बेची यानी कि पहले बुकिंग का पैसा लगाया इसको बोलते हैं आर्बिट्राज वो आर्बिट्राज का इन्होंने जुगाड़ किया केवल बुकिंग का पैसा लगाया और छोटा सा बस मार्जिन कम हुआ लेकिन सारा बिजनेस इनको मिलता चला गया शुरुआत उन्होंने 500 गाड़ियां बुक करने से करी थी बाद में पांच पांच 101 हजार गाड़ियां इन्होंने बुक करनी शुरू कर दी मॉडल इतना फूल प्रूफ था इतना बढ़िया था फुल प्रूफ नहीं बोल रहा हूं फूल प्रूफ यानी कि फेल ही नहीं हो सकता था तो पीछे से इनको क्रेडिट लाइन भी अच्छी मिलने लग गई धंधा बढ़ गया सिटी बैंक की हालत खराब कर दी 1996 में आनंद तो कोटक ने क्या किया फूड मोटर में भी घुस गया वहां से उसने और कमाया अब गाड़ियों के फाइनेंसिंग के धंधे में अच्छा काम किया एक टेस्ट आपका भी छोटा सा ले लेते हैं भाई लोगों मैंने ये मेरा आठवा एपिसोड है आप आठों एपिसोड देखो और मैं आपको कैसे प्रमोट करूंगा मैं आपके बारे में instagram2 एपिसोड देख लिया एक सोशल मीडिया प अपनी तीन लर्निंग्स बताओ मुझे सोशल मीडिया पर डाल दो एक वीडियो शूट करके मोबाइल से शूट कर लो सिंपल सा वीडियो सोशल मीडिया में भाई मेरी ये तीन लर्निंग र टाइकून ऑफ इंडिया में मैंने ये सीखा ऐसा करके बताओ और और उसको मैं ढूंढ लूंगा कैसे ढूंढू आपको हैशटैग यूज करना है # टाक ऑफ इंडिया # डॉ विवेक बिंद्र इस हैशटैग को टाइप करके मैं सारे वीडियोस ढूंढ लूंगा और जिन-जिन की लर्निंग्स अच्छी है और अगर आपकी लर्निंग अच्छी है तो मैं उसको अपने कि बड़े कॉरपोरेट्स को फंडिंग की जरूरत पड़ती थी तो ये ग्लोबल स्ट्रेटेजिक अलायंस फॉर लोकल फंड रेजिंग ये है चौथा अध्याय अब इन्होंने क्या किया अब ये सफलता इनको जैसे-जैसे मिली तो इन्होंने स्टोरी को फास्ट फॉरवर्ड करते 1991 में कोटक एक अपॉर्चुनिटी ढूंढ रहे थे ये अब इसके लिए एक इंस्ट्रूमेंट की जरूरत हैथ जिसको बोलते हैं ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीप्ट बहुत इजी भाषा में समझा देता हूं इंडिया की किसी कंपनी को अगर पैसा चाहिए यूएस कैपिटल मार्केट के अंदर और अपना आईपीओ नहीं लाना चाहते वहां लिस्ट किए बिना अमेरिका से पैसा लाना है तो कैसे लेकर के आएंगे या अब ये इंडियन कंपनी जाएगी अमेरिका में किसी बैंक के पास बैंक जाएगा इन्वेस्टर के पास और वहां लग जाते हैं ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीप्ट इसी को बोलते हैं डिपॉजिटरी रिसीप्ट इशू कर देता है इन्वेस्टर को जीडीआर बोलते हैं बेसिकली हां एक जीडीआर 10 शेयर के बराबर हो हो गया जैसे एसबीआई है स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यूके में $95 का उसका एक जीडीआर है अब इसको और इजी कर देता हूं अब इसमें क्या होता है फॉरेन इन्वेस्टर इंडियन कंपनी में शेयर ले लेगा और अपना पैसा इन्वेस्ट कर देगा इसको इंडिया में इन्वेस्टमेंट लाने का तरीका चाहिए था लेकिन दो बड़े गैप थे फॉरेन यानी कि अमेरिका के इन्वेस्टर को इंडिया की मार्केट का पता नहीं था और इंडियन कंपनी को फॉरेन के इन्वेस्टर्स का पता नहीं था कैसे करें क्या कंप्लायंस है नियम कानून क्या है कैसे करा जाए तो यहां पे दो एजेंट्स की जरूरत थी कोर्ट टक mahindra's से जुड़ता हूं तब इन्होंने गोल्डम सक्स के साथ में एक स्ट्रेटेजिक अलायंस किया एक पार्टनरशिप किया ताकि इंडिया में पैसा आ सके इजी कर दूं और दोबारा सुनूं कोटक mahindra's के पास गोल्डमैन सक्स वहां का एजेंट कोटक महिंद्रा यहां का एजेंट उसने बोला तुम वहां पैसा रेज कराओ मेरी कंपनी को रेज कराओ ग तुम्हें रेज कराने पे 3 पर मिलता है उस 3 पर में 75 पैसा मुझे दे देना और ₹ 25 पैसा तुम रख लेना बड़ा सिंपल था गए गोल्ड मैन सेक्स के पास जाकर के मीटिंग किया अपने किसी दोस्त को पीछे से छोड़ दिया गोल्ड मैन सक्स में वही करना है इंडिया में तो कोटक mahindra-ecat को पैसा भी मिलना शुरू हो गया विदेशों से पैसा आने लगा अमेरिकन कंपनीज आक के शुरू करने लगी और इनका रिश्ता अच्छा होता चला गया गोल्डमैन सक्स दुनिया का सबसे बड़ा था उस समय और कोटक उसकी तरह इन्होंने कोटक सिक्योरिटी उस समय शुरू कर दी किसके साथ गोल्ड मैन सक्स के साथ मिलकर के शुरू कर दी और वहां से इन्होंने कमोडिटी ट्रेडिंग का काम करना हो शेयर्स बेचने खरीदने का काम कराना हो एफएओ फ्यूचर्स एंड ऑप्शन का काम कराना हो वो उस धंदे में किया चलते हैं पांचवें अध्याय पे कैसे बैंक बना कैसे ये बैंक बनने का जिगसॉ पजल था ये पूरा अलग-अलग छोटे-छोटे टुकड़े जोड़ कर के एक विशाल बैंक अभी तक बैंक नहीं बना था कोटक महिंद्र ये छोटी-छोटी सब्सिडियरीज थी अलग-अलग जो बाकी बैंक में बैंक्स बहुत ज्यादा बड़ा हो सकता था अब ये इतना बड़ा बैंक बनाए कैसे अब ये बिजनेस की इ र की ये सारी प्रॉब्लम सॉल्व कर दी लेकिन कॉमन मैन से नहीं जुड़ पाए कॉमन बैंक जो बेचारा बैंक की लंबी लाइनों में लगा करता था कॉमन मैन जो उसको कैश नहीं मिलता था चेक क्लीयरेंस में एक एक हफ्ता लग जाता था बैंक स्टाफ का व्यवहार अच्छा नहीं था स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अकाउंट खुलवाने में टाइम लग जाया करता था तो कस्टमर सर्विस में कस्टमर सर्विस तो मिलती थी कष्ट से कस्टमर मर जाया करता था इन्होंने 2001 के अंदर जिस समय आरबीआई ने प्राइवेट प्लेयर्स को इनवाइट किया ये उसी दिन की तैयारी कर रहे थे वो उनके लिए म्यूजिक था अरे अब आएगा मौका अब कमाल करेंगे तो उन्होंने क्या देखा मेरी एनबीएफसी है नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉ उसको मैं कैसे एक बैंक में कन्वर्ट करूं तब 2003 के अंदर इनको परमिशन तो मिल गई बैंक के लेकिन बैंक बनाना बहुत महंगा था इतनी ब्रांचेस खोलनी है पूरे देश भर में फैलना कैसे फैला जाए अब छोटे-छोटे टुकड़ों को देखो कैसे जड़ा इन्होंने छोटे-छोटे टुकड़े इनको मालूम था कि अगर मेरी बैंक ग्रो कर गया ना तो मेरी सारी सब्सिडियरीज कंबाइंड इतना ग्रो नहीं कर पाएंगी जितना मुझे बैंक से कमाई होगी सब्सिडियरीज मतलब नहीं समझे आप जो उनकी छोटी-छोटी कंपनियां थी कोटक कोटक mahindra's भी था एक कोटक क्या एडवाइजरी इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ये छोटी-छोटी बहुत सारी अलग-अलग धंधों में घुस चुके थे मैंने बताया ना अलग-अलग कई धंधे इन्होंने किए तो मार्केट को ये एसेस कर रहे थे मार्केट में एक बुल रन चल रहा था और इनका दिमाग फाइनेंस में बहुत तेज था ये मार्केट को समझते थे मैक्रो को समझते थे कि बुल रन बहुत तेज चलेगा सब्सिडियरी कंपनियां बड़ी होती जाएंगी बढ़ती जाएंगी होती जाएंगी और कमाती जाएंगी इन्होंने क्या किया अब पीछे से एक टेल विंड आ रही है इनकी सब्सिडरी कंपनी बड़ी होती जा रही है फैलती जा रही है और वहां से पैसा निकाल के कोटक बुल रन वैस ठीक वैसा ही हुआ 614 पर शेयर मार्केट बढ़ गया 5 साल के अंदर 2003 से 2008 की बात कर रहा हूं क्रैश से पहले तक की बात कर रहा हूं तब तक उन्होंने बहुत पैसे कमा लिए 2003 में जो 2924 पॉइंट का सेंसेक्स था वो 2008 5 साल होते-होते 20000 यानी कि लगभग 10 गुना लगभग 9 10 गुना बड़ा हो गया कितने साल के अंदर 5 साल में 10 गुना 10 टाइम्स ग्रो कर गया लगभग और तब उससे हुआ क्या इनकी जो कैपिटल कंपनी थी सिक्योरिटीज वाली कंपनी थी म्यूचुअल फंड वाली थी या इनकी एसेट मैनेजमेंट कंपनी थी या इनका जो प्राइमर्स था या जो इनका एडवाइजर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड था कोटक का वो सब मोटे होते चले गए वहां से ये कमाए तो पीछे का आया क्या पीछे का आया टेल विंड ये सारे बड़े हो गए इनसे पैसा निकाल कर के अपने बैंक में इफ्यूज करते चले गए इफ्यूज करते चले गए इफ्यूज करते चले गए बैंक को बड़ा करते गए और वही हुआ अब इसी साल अप्रैल से जून तक इनके केवल बैंक का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स फाइनल पैट एक क्वार्टर का बता रहा हूं एक क्वार्टर तीन महीने का 3500 करोड़ का था और बाकी सारी सब्सिडरी मिलाकर के 1500 करोड़ एक अकेला बैंक 3 महीने में 3500 करोड़ कमाया बाकी सारी कंपनी मिलके 1500 करोड़ तो इनको मालूम था शुरू से ही कि बैंक शुरू करने का जो उन्होंने सोचा था उसके लिए पैसा आएगा कैसे अब आगे चल करके देखते हैं कि इन्होंने बैंक पर ट्रस्ट कैसे बिल्ड किया एक्सपेंशन के लिए क्या किया उसमें इनका छठा अध्याय पीआर इज बेटर देन एडवर्टाइज ंग बोले मैं एडवर्टाइज करने पे बहुत पैसा नहीं लगाऊंगा पीआर जनरेट करूंगा शुरुआत के दिन थे पैसा नहीं था इनके पास में मैं 2005 6 7 8 9 10 की बात कर रहा हूं उधर ने एक ऐसा स्टेप लिया कि मेरी मार्केटिंग कैसे हो जाए बिना पैसा लगाए तो के साथ पहले काम भी कर चुका था कि भैया हमको मर्च में के साथ जॉइंट वेंचर है भाई साहब मैं कोटक थी पैसा कमाना शुरू हो गया था काफी इनकी जो प्रेजेंस थी वो वेस्ट इंडिया में थी वेस्टर्न पार्ट ऑफ इंडिया यानी कि महाराष्ट्र गुजरात में बहुत मजबूत थे नॉर्थ में भी मजबूत होते जा रहे थे लेकिन साउथ में बिल्कुल नहीं थे और छोटा एसएमई क्लाइंट नहीं था इनके पास में 8 पर केवल एसएमई क्लाइंट था तो कोटक ने वहां पे क स्ट्रेटेजिक डिसीजन लिया जितना पैसा कमा कर इकट्ठा किया उससे आई एनजी व्यासा खरीद लिया 2014 में रीजन बड़ा सिंपल स्ट्रेटेजी इनकी बड़ी अच्छी कि मैं एक एक एक एक एक एक टुक टुक टुक टुक टुक टुक रन मारूं क्यों नहीं छह बॉल पे छह मारूं एक बार में बहुत लंबा स्कोर कर दूं मैं ये एक रन लिया फिर एक रन लिया एक ब्रांच खोला फिर एक ब्रांच खोला फिर एक ब्रांच ख टुक टुक टुक टुक टुक टुक अरे कितनी ब्रांचेस से खोलूंगा तब ये आईन जीी व्यासा के साथ पार्टनर किया आईन जीी व्यासा के पास में जो इनकी वीकनेस थी वो उसकी स्ट्रेंथ थी यानी कि एसएमई क्लाइंट बहुत ज्यादा था जो इनकी वीकनेस थी ये साउथ में नहीं थे उनकी 65 पर ब्रांचेस 550 600 ब्रांचेस साउथ में थी साउथ इंडिया के अंदर बस यही हुआ मर्जर से पहले कोटक की 641 ब्रांचेस थी मर्जर के बाद में 1214 हो गई पूरा साउथ कवर कर गए मर्जर से पहले कोटक के पास केवल 80 लाख कस्टमर थे मर्जर के बाद 1 करोड़ सवा करोड़ पार करते चले गए बहुत तेज हो गया तो जैसे ही इन्होंने आईजी व्यासा लिया ना तो इनके एटीएम जो उस समय केवल लगभग 11 1150 थे वो बढ़ कर के लगभग 1800 एटीएम हो गए साउथ में केवल 15 पर थे ये साउथ में अभ ये 38 पर मार्केट शेयर ले गए एसएमई लोन इनको बहुत ज्यादा उसका एक्सपोजर हो गया जो प केवल पर 8 पर था आई एनजी व्यासा की स्ट्रेंथ थी 25 पर वहां पैसा इन्होने लगा लिया एक्सेप्शनल रिजल्ट वही दे पाते हैं भैया जो एक्सक्यूज पे नहीं एग्जीक्यूशन पे काम करते हैं एक्सक्यूज नहीं एग्जीक्यूशन और आदमी एग्जांपल बन जाता है ऐसे ही इंस्पायरिंग आइकॉन की स्ट्रेटेजी और स्टोरीज लेके आता रहूंगा इतना विशाल बैंक बिना पैसे के अपने आप इन्होंने कहानी पर कहानी कहानी प कहानी छह स्ट्रेटेजी आपने सुनी और ऐसी स्टोरीज के साथ बहुत कुछ सिखाता रहूंगा क्योंकि बिजनेस का मतलब बड़ा सिंपल बड़ा बिजनेस है ये वो मूवी नहीं दिखाता हूं आपको जहां कोल्ड ड्रिंक और पॉपकॉर्न चलता है ये कोल्ड ड्रिंक पॉपकॉर्न वाली मूवी नहीं है ये प्लेलिस्ट में जाओ सारे एपिसोड देखो और इस मूवी को अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करो मैं तो बोलता हूं अपने दुश्मन का भी भला कर दो उसको भी टाइकून सीरीज के सारे एपिसोड अपना शेयर करते जाइए इस लर्निंग की कहानी को आगे बढ़ाते जाइए मिलते हैं हर संडे को सुबह 8 बजे टाइकून ऑफ इंडिया अगला एपिसोड किसका देखना है कमेंट बॉक्स और याद है ना वीडियो बना के डालना है हैशटैग के साथ में मैं आपका वीडियो प्रमोट करूंगा [संगीत] धन्यवाद और [संगीत]
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