S2 E2 19 साल की उम्र में हुए 19 कोर्ट केस @rayavadhojha Dr. Vivek Bindra

[संगीत] 19 बार पुलिस कैसे हुआ आपके ऊपर एक गोंडा का गुंडा कैसे स्टूडेंट का फेवरेट बना 20 साल की उम्र में आपको घर से निकाल दिया था एक बार अपने मास्टर को भी पीट दिया किस स्कूल में आप चीटिंग करके पास होते थे मैंने सुना छह महीने बाद टेंडर का कम करते रहे क्या टीचर से यह सब चीज अपेक्षित होती है आज के समय में कुछ अलग थे की भाई मैं तो करूंगा ठेकेदारी या करूंगा राजनीति नमस्कार अनकंवेंशनल तरीका इनका पढ़ना का इसलिए यह वायरल वीडियो भी इनके बहुत पसंद करते हैं लोग आज सुनेंगे नहीं की जबानी खुद बिगड़े हुए बच्चे से बच्चों की बिगड़ी बनाने की कहानी हां बच्चों की जो बिगड़ी उन्होंने सुधा है तो ऐसा मुझे पता लगा की पूछूंगा आपसे मैं क्या बहुत बिगड़े थे की तो आज हैं हमारे साथ में अवध हो जा सर सर आपका बहुत-बहुत स्वागत है एक्साइड है आपसे मिलकर मजा आएगा बहुत साड़ी आगे पीछे ऊपर नीचे खूब चर्चा होने वाली है और वीडियो लोगों को पूरा देखना चाहिए 19 साल के थे आप जी समय 19 बार पुलिस कैसे हुए आपके ऊपर इतनी शैतानी फिर चाहे सत्ता हो या कट्टा फिर चाहे रंगबाजी हो या बमबाजी तो यह डाकू रत्नाकर ऋषि वाल्मीकि बनेगी माल संत बने जब वो भगवान बुद्ध से मिले यह लड़ाई से पढ़ाई तक का सफर आपने कैसे ते किया एक गोंडा का गुंडा कैसे स्टूडेंट का फेवरेट बना क्षमा चाहता हूं जब तक कड़वा लगे पर क्या इस सच है झूठ है आप ही बताइए नहीं है बिल्कुल सच है और गोंडा का बदमाश का सकते हैं उसके पीछे वजह सिर्फ इतनी रही की हमारे समाज में आज भी कमजोर लोगों को एक्सेप्ट नहीं किया बनवास काटना पड़ा गांव से बाहर रहना पड़ा परेशान रहे तो इस पृष्ठभूमि में वह गोंडा में एक कहानी शुरू हुई बदमाशी की बदमाशी कहूंगा और मैं क्लास 10th में था जब पहले बार मेरे ऊपर कैसे हुआ और क्या किया पुरानी सी कहानी थी एक हमारे सोसाइटी में रहते थे सिंह साहब तो उन्होंने क्लास सिक्स्थ में या सेवंथ में मुझे पिता था तो जो मैं क्लास 10 में था तो मेरे साथ मेरे दो मित्र थे अजय शुक्ला जी हरिओम तिवारी जी हम दोनों लोग ए रहे थे सिगरेट पीते हुए और वो साफ-सामने से ए रहे थे तो मैंने अपने तिवारी जी जो मेरे दोस्तों से मैंने कहा मैंने कहा यार मैं छोटा था तो इसने मुझे मारा था एक बार कहा तो आज पैरेलल कर लेते हैं और फिर हम तीनों आदमी ने उन साहब को बहुत मारा और यही से एक कहानी शुरू होती है क्योंकि जब हम कोतवाली गए श्री आत्माराम दुबे जी कोतवाल थे मुझे याद है तो उन्होंने हमें समझाया की देखो बेटे लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए और ये सब अच्छी बातें नहीं होती है पर उसे घटना के बाद से जो इज्जत मिली मतलब उससे पहले ये आलम था की कोई स्कूल में क्लास में मेरा बैग फेक दे उठा के मेरी जो होमवर्क की कॉपी होती थी उसमें लड़के गॉड देते थे कोई मेरी छुट्टियां हुआ करती थी बड़ी सी उसको पकड़ के खींच देता था लेकिन वो एक घटना ने पूरा जीवन बादल दिया बोला इतनी इज्जत मिलनी शुरू हो गई तो मुझे लगा ना ना यही जिंदगी सही है देखिए मैं जरूर कहूंगा की हो सकता है सब घटनाएं हुए पर आप इसके ऊपर इतना बेबाकी से बोल देते हैं तो कहानी डर नहीं लगता बच्चों को चरित्र पर असर पड़ेगा मैंने सुना 20 साल की उम्र में बाद में आपने आपको घर से निकाल दिया था एक बार आपने मास्टर को भी पीट दिया था नहीं वो करूंगा आपके मां से की हमारे देश के जितने भी शिक्षक हैं वो सिर्फ हमेशा विद्यार्थियों को देखें उनके पिता को और उनके परिवार को कभी ना देखें क्योंकि भाई इस चीज का शिकार रहा हूं की और मैंने शिक्षकों को देखा है कई बार की वो पिता के पद से प्रभावित होते हैं की अच्छा आपके पापा जीपी हैं आपके पापा मिनिस्टर हैं अच्छा आप मित्तल साहब के बेटे हैं मेरा मानना है की शिक्षक को हमेशा विद्यार्थी पर ही नजर रखना चाहिए और उसकी योग्यता के हिसाब से उससे कम लेना चाहिए तो हमारे जो पीटीआई साहब थे भगवान उनको खुश रखें तो वो मुझे टीम में लेते ही नहीं थे और एक बार उन्होंने मुझे कहा खुद ही कहा कहा की तुम्हारे पापा कभी बेड पकड़े तो मुझे लगता है एक शिक्षक के मुंह से ऐसी बातें अच्छी नहीं लगती तो कुछ टूर्नामेंट था उन्होंने मुझे रखा नहीं टीम में उसके बाद वो बेचारे मारा गए किसी ने उड़िया का बड़ा दाल के मारा था उसका इल्जाम में ऊपर लगता है चीटिंग करके मेरा पढ़ाई से कोई नता नहीं था और मुझे पढ़ाई अच्छी नहीं लगती थी और मेरे पिताजी कहते थे की देखो बेटा पढ़ के कोई राजा नहीं हुआ और एग्जांपल इतने शानदार देते थे अशोक का दे देते अलग और उसका अलाउद्दीन खिलजी था फिर अकबर का देते थे कहते थे पढ़ने से ज्यादा की जो मुझे अब समझ में आई कहते थे पढ़ने से ज्यादा बड़ी चीज जो है वो है समझदारी तो मुझे वो रिक्शे वालों के पास ले आते थे जब वो रिक्शा वाले के पास मुझे ले आते थे तो बोलते थे की देखो इसको कोई गुड मॉर्निंग का रहा है उसको कोई नमस्ते का रहा है इसको कोई इज्जत दे रहा है मैं कहता नहीं तो फिर वो अपने साहब के पास ले आते थे मुझे पोस्ट ऑफिस में थे तो उनके सुप्रीम थे उनके पास लगा दो बार लगा तो बोले देखो कैसे लोग हाथ जोड़कर खड़े हैं देखो कैसे सुप्रीम में खड़ा है तो उन्होंने पूछा दोनों आदमी फर्क क्या है मैंने कहा नहीं पता पुलिस शक्ति का बोले आदमी तो दोनों ही हैं और ये जितने लोग इसको गुड मॉर्निंग का रहे हैं इनको कोई रिश्तेदार थोड़ी है शक्ति बीच में रोकूंगा इतना इंस्पायरिंग बोलते हैं बढ़िया बोलते हैं आदमी विजुलाइज भी करने लगता है पर पिता नहीं इतना ज्ञान भी दिया मधुशाला में मैंने सुना छे महीने बाद टेंडर का कम करते रहे क्या टीचर से ये सब चीज होती हैं आज के समय में तो ये बड़ा वक्त लगता है आपका चरित्र देख किस लिए क्यूरोसिटी जागृत होती है देखिए मेरा लास्ट आइटम खत्म हुआ तो मेरी माता जी लॉयर है उन्होंने मुझे कहा की देखो पीटी हुई थी उन्होंने मुझे कहा की देखो खत्म हो गई ना तुम्हारी साड़ी औकात अब हमारे बाल पर जिंदा रहो रहोगे और बहुत वर्बल टॉर्चर किया उन्होंने ठोस मैंने उनसे कहा की देखो ज्यादा मत बोलो और आप हिसाब से रहो भगवान नहीं हो बोली हूं ये कपड़ा ये जूता शर्ट पेंट अंदर जो पहने बनी वो सब मेरी है और अगर तुम्हारे अंदर इतनी हिम्मत है तो उसको उतार दो सब और जो तो वहां से जो मेरा जीवन शुरुआत जो मैं घर से निकाला गया और बाहर निकाला और फिर जो एक दुनिया की जो असलियत है की हमें हमें लोग जानते हैं हम अपने मां-बाप को इतना निगलेक्ट करते हैं इतना हमें लगता है की ये तो फ्री में हमारे लिए जीते हैं हमारे मां-बाप दुनिया में उन्हें भगवान हम क्यों कहते हैं वह दुनिया में एकमात्र लोग होते हैं जो बिना इंटरेस्ट के हमारे साथ रहते हैं उनके बाद जो भी आता है उसका इंटरेस्ट होता है ये मुझे वहां से निकालने के बाद पता चला इसलिए मैं हमेशा अपने स्टूडेंट कहता हूं एकदम वही टर्निंग पॉइंट स्ट्रगल में डालना जरूरी है बच्चों को परिवार में स्ट्रगल में डालना जरूरी है बहुत जरूरी स्ट्रगल में नहीं डालेंगे तो मतलब कहते हैं की कहावत है की हो बोलना है दे आर ब्रीडिंग नास्ति वायरस अगर सब कुछ उनको दे दिया जाए मैं आपके परिवार के विषय में सोच रहा था मेरे ध्यान उसे तरफ गया था माता अलग प्रकार की थी और पिताश्री माता श्री दोनों अलग-अलग प्रकार पिताजी बोले की यार सत्ता मारोगे दारू पियो घर बैठकर करो माता जी बोलती थी इतना मारेंगे तुम कुछ कर नहीं पाओगे तो ये सब दोनों प्रकार के आपके पेरेंट्स आपके हिसाब से आइडियल पेरेंटिंग क्या हनी चाहिए 360 डिग्री पेरेंटिंग क्या हनी चाहिए कम्युनिज्म के मध्य से वर्किंग क्लास के जो राइट थे उनको प्रोटेस्ट करता था तो दोनों अपना कम करते थे तो मैं सोचता हूं की मेरे पिताजी मेरे अंदर का जो नैसर्गिक इंसान था उसको नर्चर करते थे की कोई बात नहीं बाढ़ जाए तो आगे कभी-कभी तो मुझे ये लगता था की कोई कांड मुझे कर के पीछे से मेरी मां को बैक करके पिटवा देते थे वो तो मेरे सामने अच्छे बने रहते थे की नहीं सिगरेट कोई बात नहीं फिर मेरी मां को बता दिया चौराहे पर खड़ा है तो ये जो काउंटर बैलेंसिंग पेरेंट्स में होती है जो हनी चाहिए एक तरफ क्योंकि जब लड़का जवान हो रहा होता तो उसके अंदर ताकत होती है बग़ीपन होता है तो एक आदमी जब उसके साथ होता है तो उसके बिगड़ना के चेस कम होते हैं वो अपने उसे जैसे आप अपने बच्चे के दोस्त हैं तो आप वो आगे आपको बता देगा फिर आपने पीछे से अपनी वाइफ से का दिया की रात भर इसको आज दो-तीन घंटे ये जो काउंटर बैलेंसिंग की फिलासफी है की रोट चाइल्ड इसे नथिंग विदाउट कल मार्क्स के बिना अधूरा है रात दिन के बिना अधूरी है तो ये जो पैराडॉक्स कांबिनेशंस होते हैं ये पेरेंट्स को अप्लाई करना चाहिए की भाई मैं तो करूंगा ठेकेदारी या करूंगा राजनीति अच्छा उसके बाद फिर ठेकेदारी राजनीति के अलावा एक मुन्ना भाई थे वो एमबीबीएस के लिए निकाल गए एक ओझा जी ये है वो इस के लिए निकाल कर ऐसा क्या हुआ पढ़ाई में ऐसे इतनी दूर रहने वाला इंसान पढ़ाई कितना नजदीक पहुंच गया इतना करीब ए गया इलाहाबाद मेरे जीवन में बहुत स्थान रखना है और खासकर उपाध्याय सर सुभानु सर उनका जो दर्शन पढ़ना का तरीका है नजरिया है वो इतना प्यार है की मतलब जैसे महाराष्ट्र के संत हैं तो का रहा हूं एकनाथ जी के बड़े में कहा जाता है की वो भैंस को भी वेद मंत्र पढ़ा देते थे मतलब अगर उनकी संगत में बहस भी रहे तो वेद मंत्र पढ़ने लगती थी ऐसे कुछ वो टीचर है तो उनके कलासन में बैठकर जो रुचि पैदा हुई पढ़ाई की वह एक अलग तरह की तो मतलब आपका खाने का यह की शिक्षक का बड़ा रोल है बहुत तभी तो हमारे देश में भगवान माना गया शिक्षक जो कंसंट्रेशन 15 करने की बात करते हैं वो गलत करते हैं शिक्षक को पढ़ाई में रस पैदा करना चाहिए क्योंकि जहां भी रस पैदा होगा वहां कंसंट्रेशन पैदा होगा अरे कंसंट्रेशन से ज्यादा जरूरी है रस रस पैदा करें कंसंट्रेशन पीछे पीछे अपने आप ए जाएगा पिछले कुछ सालों में कहानी टीचर हुए हैं जिन्होंने ऑनलाइन क्लासेस को भी मजेदार बना दिया है खान आप खुद हैं आपके हिसाब से ऐसा क्या आम है आप चारों में जो बाकी सब शिक्षकों से अलग है क्या वो रस की बात है इसके अलावा भी कुछ है नहीं वो रस की बात है रस के साथ-साथ यह जो तीन नाम आपने लिए हैं मैं लगभग 2 लोगों को तो व्यक्तिगत तोर पर जानता हूं खान सर को जानता हूं और जो कीर्ति सर को जानता हूं इन लोगों में रस के अलावा इनके लिए शिक्षा बिजनेस से ज्यादा सेवा भावना है और जब भी आपका व्यवसाय आपके लिए सेवा भी बन जाएगा तो उसमें एक यूनिक ने इस पैदा हो जाएगी जैसे मैं खान को देखा हूं मेरे दोस्त हैं वो बड़ी अच्छी मेरी दोस्ती है उनसे तो हमेशा जब भी मेरी बात होती कहते हो जहां सर मैं चाहता हूं की रिक्शे वाले के बच्चे इस बने हैं बर्तन माने वाले के बच्चे तो वो जो कमिटमेंट लेवल है उसे आदमी का वो उसे रस को और एनहांस करवा देता है तो खुद भी बड़े आम बैकग्राउंड से आते हैं और [संगीत] उनके जैसा शिक्षक अभी हिंदुस्तान में नहीं इनफॉरमेशन के मामले में प्रेजेंटेशन के मामले में और मैं कहूं अगर इस बात को ज्यादा तो नहीं कहूंगा लेकिन बहुत कुछ मैंने उनसे फिर भी जो है ना बच्चा आज सब टीचर वो रस नहीं पैदा कर का रहे आप देखो 5 बच्चा अपर करता है ₹10000 अब उसका 20% इंटरव्यू में पहुंचता है 2000 र गया और उसका 30 40% साथ 8 बच्चा एक्चुअली जॉइन करता सफलता सफलता मुझे ये का अंतर है यह इसका भर सहने का जगह सबके अंदर नहीं है मैं देखा हूं की लगभग 2.5 हजार बच्चा आज हमारे देश में सुसाइड कर रहा है किसी एन किसी पढ़ाई का पढ़ाई के बोझ के चलते 28 29 का हो जाता है उसके बाद आते-आते अपने आप को बेकार समझना लगता है फ्रस्ट्रेटेड हो जाता है सपना आसमान का था और फिर गिरने के लिए इसको जमीन नहीं मिलती ओझा सर आपने भी चार-चार बार एग्जाम दिया सब में नहीं होता ऐसे स्टूडेंट इनके लिए आप क्या कहना चाहते हैं बहुत ही छोटा सा एग्जांपल दूंगा शेरशाह बार-बार रिपीट करता हूं कहता है जीवन जीने तो यह जो लाइन ऑफ डिफरेंस है जैसे मैं बहुत लोगों को देखा हूं की वो सपना को ही जीवन मां लेते हैं अगर यह नहीं मिला तो मैं मा जाऊंगा तो जीवन आपको मिला है जीने के लिए जीवन जीने ग कर सपना पक्का छठ जाएगा नहीं छूटेगा सपना छूटेगा बेहोशी के करण जीवन जीने के करण कलाम साहब जीवन जीते थे कलाम साहब मुझे लगता है की सपना जीते थे नहीं जीवन भी जिया उन्होंने कितना सेवा किया शादी नहीं किया नहीं शादी ना करना जीवन का हिस्सा नहीं है मतलब जीवन का हम हिस्सा है शादी पर वो ऐसा नहीं की जीवनी है स्वामी विवेकानंद ने नहीं किया लेकिन बहुत अच्छा जीवन जिए तो जीवन जीना एक मानव के लिए यह है की वह अपने जीवन को एक व्यवस्थित रूप से कैसे संचालित करता है पैदा होने से लेकर मृत्यु तक उसे जो जर्नी है उसमें जो उसका सपना है वो उसको अगर प्राप्त कर लेट है तो बहुत अच्छा है वरना जीवन खराब नहीं होना चाहिए क्योंकि मैंने बहुत सक्सेसफुल कई सारे इस ऑफीसरों को मैंने सुसाइड करते हुए देखा है 2013 में कोई साहब थे बक्सर के दम थे उन्होंने यहां गाजियाबाद में रेलवे की पटरी के नीचे सुसाइड किया था तो में चीज है कानपुर के कोई एसपी थे उन्होंने जहर का लिया था तो अब वो तो सफल हो चुके थे या स्टूडेंट को करना ये चाहिए की इस की प्रिपरेशन में एक साथ तैयारी एक साल प्रैक्टिस जो की 90% लोग प्रेक्टिस वाले पार्ट को छोड़ देते हैं एक साल तैयारी और एक साल प्रैक्टिस दो साल का कोर्स लेक चलना चाहिए तो उन्हें अपना जो ऑप्शन है दूसरा वाला जो उन्होंने सेकंड ऑप्शन कर रखा है उसे पर ध्यान देना चाहिए थोड़ा अपने इंडिकेट किया इसको इसको मैं अलग तरीके से लेट हूं आपके और मेरे बीच में आम चीज भागवत गीता अभी हम चर्चा कर रहे थे लोगों को नहीं मालूम वीडियो से पहले चर्चा हो रही थी हमारी और बातचीत कर रहे थे भागवत गीता के विषय में यथा रूप यथार्थ खूब गीता पे चर्चा होता आपके भी एक संत सन्यासी गुरु है इनके जीवन में जब कोई ब्रह्मचारी बंता है और सन्यास की तरफ जाता है 25 30 और 35 साल की उम्र में मां में बहुत संख्या राहत है की कंटिन्यू करूं या ग्रस्त में जाऊं कंटिन्यू करूं या गृहस्ट में जाऊं इस की तैयारी करने वाले का जिंदगी भी से राहत है उसको लगता है ज्यादा कंटिन्यू कर गया ब्रह्मचारी आश्रम सन्यास 35 के बाद शादी करने की इच्छा पैदा हुई तो कोई शादी करने वाला मिलेगा नहीं कम करने वाला मिलेगा नहीं इस की तैयारी करने वाले को लगता है यार दो और टाइम तीन टाइम मेरे साथ क्या ₹1 लाख महीना में पहुंच गए और मैं कहानी वापस जाऊंगा [संगीत] ही चाहिए और 26 के बाद उनके पास अपना सेकंड ऑप्शन मजबूत होना चाहिए हमें देखते हैं भगवान कृष्णा को आपने यादव समुदाय ने उनको खूब पिता उसे पर चर्चा कर दिया फिर हम देख रहे हैं राहुल गांधी को आप बोलते हैं इसको तो पॉलिटिक्स में रहना नहीं चाहिए किसी कम का आदमी नहीं है टीचर को पढ़ते वक्त क्या ये सब बोलना चाहिए क्योंकि कंट्रोवर्सी फेवरेट चाइल्ड तो सुना था पर कंट्रोवर्सी फेवरेट टीचर हम आज देख रहे हैं आप लगे हैं मिर्जापुर की तारीफ करने में आप लगे हैं वासेपुर की तारीफ करने में आप लगे हैं वायलेंस का नोटिफिकेशन करने में और कहानी जब मिर्जापुर की सुनेंगे तो ऐसा ना हो की मां उसे तरफ आकर्षित हो जाए तो उसको कैसे संभल पाते हैं की इस चित्रण को चित्रित करते वक्त पॉजिटिविटी की जगह कहानी बच्चा गलती से नेगेटिव की तरफ अट्रैक्ट हो जाए फिलासफी किया बहुत क्लास लेते हैं चर्चा करते हैं हिस्ट्री के आप एक उत्तम टीचर शिक्षक हैं हमारे देश में और मैं कई बार आपके वीडियो में भी देखा नोटिस किया क्या सिद्धांतों पे फिलोसॉफिज पे प्रिंसिपल पे भी काफी चर्चा करते हैं ये कैपिटल लिस्ट सोशलिस्ट इकोनामी पे अब मैं चाहता हूं की इस पे आपको क्या लगता है की हमारा देश प्रगति कौन सी लाइन पे कर सकता है केपीटलाइज्म शुड बी डी प्रायोरिटी और सोशलिज्म शुड बी डी गोल वेरी गुड वेरी गुड तो आप केपीटलाइज्म के मध्य से लोगों की जीवन में खुशहाली प्रगति लाना चाहते हैं ये का रहे हैं अप बिहार में जी दिन इंडस्ट्री लगेगी जब मिलेगी सोशल इक्वलिटी पैदा होगी इकोनामिक एंपावरमेंट पैदा होगा इकोनामिक एंपावरमेंट पैदा होगा सोशल इंडिपेंडेंस पैदा होगी अमेरिका की फिलासफी है जिसमें आज कहते हैं की भाई वह पूंजीवाद पूंजी बात पुरी पर कैपिटल इनकम इतना अच्छा इसीलिए है क्योंकि वहां पे आप आखरी तबले तक पहुंच जा रहा है उसका लेकिन तो इसका मतलब ये है की आप कहते हैं की भाई बिजनेस बढ़ाना चाहिए इंडस्ट्री लगती चाहिए तो आज गौतम भाई अदानी के साथ जो हो रहा है हमारे ही देश के लोग जयचंद उनके खिलाफ हो गए यार ठीक है उनके रिपोर्ट ऊपर नीचे हुई है ठीक है थोड़ी रिपोर्ट लेकिन बिजनेस तो चल रहा है उनका कैशलेस तो है फंड तो मैनेज हो रहा था अब ये बात हुई आज कुछ दिन हो गए आज ये वीडियो पब्लिश हो रहा है लेकिन फिर भी मैं आपका व्यू जानना चाहता हूं की इस विषय में आप क्या कहना चाहते हैं तो इस विषय में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन मैं जब तक अगर अदानी जी का बिजनेस चलती रहती वो मुद्दा नहीं है लेकिन बिजनेस में जो फेक एंट्रीज हैं अगर वो बाहर आई हैं तब आडवाणी जी दोषी मानेंगे अगर बिजनेस के जो अब्सेंट डाउंस के तहत वो ऊपर नीचे हो रहे हैं फिर तो कोई बात नहीं क्योंकि केपीटलाइज्म का फॉर्मूला है ये रिप्रेशन और डिप्रेशन की सरकार अपने व्यापारियों की बहुत मदद करती है उनको इंटरनेशनल एस्टेब्लिशमेंट के लिए मदद करती है गवर्नमेंट खुद जाति है श्रीलंका में गुल गई पाकिस्तान में घुस गई आज बाजू के बहुत देश में चले गए वहां जहां से इंडिया को खबर भी कर रहे हैं बिजनेस और इकोनामी के थ्रू भी मिलिट्री कॉलेज हमारे देश में जैसे ही कोई गवर्नमेंट कोई भी गवर्नमेंट हो वो किसी बिजनेसमैन को सपोर्ट करने की कोशिश करती है तो उसके ऊपर सवाल पैदा हो जाते हैं आप इसको किसने होना ही चाहिए 1850 में भारत में इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन शुरू हुआ पहले कॉटन मिल बना मुंबई में 1854 में भारतीय पूंजी पतियों ने कई साड़ी फैक्ट्रियां खड़ी कर ली 1876 में लिटन आता है कांग्रेस जैसी संस्था के जन्म में हम भूमिका निभाई दुनिया का हर देश जानता है की मेरी ताकत मेरी पूंजीपति है दो मिनट के लिए और आगे चलते हैं आप लगभग 19 सेंचुरी तक चली गए थे मैं थोड़ा 25-50 साल और टॉप लेट हूं आपके साथ में 1970 में बंगाल के अंदर तब बहुत बिजनेस हुआ करता था क्योंकि बिजनेस के लिए आगे एन टेरिटरी आगे स्टेट को बहुत बढ़िया है लेकिन वहां पर भी वो पूंजीपति श्री बिरला जी को नॉन अवस्था में अंदर गारमेंट्स के अंदर गाड़ी से उतार के केतु पैसा का गया गरीबों का पोस्ट ऑफिस से लेकर के बैंक तक पैदल चलाया था जिसके करण इस रात को बिरला ग्रुप में पूरा ऑपरेशन वहां से उठाकर बंगाल से मुंबई ले गए तो इसका इंपैक्ट आज तक पड़ता है तो मैं तो यह जब मैं देखा हूं तुम्हें जानना चाहता हूं की आपके जैसे गुरु और शिक्षक इसको किस दृष्टिकोण से देखते हैं और क्या शिक्षा देना चाहते हैं देश को की हमारे देश को व्यापारियों को किस तरह से देखना चाहिए पर उनके बड़े में मुझे एक चीज बड़ी प्यारी पता है की वह बात करते हैं सोशलिज्म और लेफ्ट विंग की कॉफी पीते स्टारबक्स में ज्यादा हो जाते हैं या तो आप स्टार वर्क में कॉफी मत पियो आप लेविस की पेंट मत पहनो आप कटिहार का चश्मा मत लगाओ आर डियर का चश्मा पहन के टहल रहे हो तो जो आदमी कार्टियर का चश्मा पहन के टहल रहा है वो कहां से लेफ्ट इनका लीडर हो जाएगा मैं किसी का नाम नहीं लूंगा आपने भी बहुत लोगों को देखा होगा तो कार्टियर तो मेरे ख्याल से एक मिडिल क्लास को पता ही नहीं होगा की कार्टियर होता क्या है आपने का दिया मैं किसी का नाम नहीं लूंगा हम लोग भी कोई ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल नहीं है लेकिन अच्छा तो ठीक है नाम ले लीजिए किसी का देगा किसी को दुखी नहीं करना चाहता क्योंकि फिर आदमी सीधे अपने ऊपर ले लेट है अगर आप नजर रखेंगे वैसे भी इतने सारे शो चलते रहते हैं डिबेट होता राहत है तो आप अबकी बार जब मैं कहूंगा आपके मां से लोगों को की जब लोगों को देखें तो उनके चश्मा पे जरूर नजर रखें की चश्मा कौन सा पहने है तो अब गांधी जी जब वो कहते हैं की मैं गरीबों का मसीहा हूं तो उनका टायर है भी उसे मसीहा का आप शूज पहने ₹1 लाख का और आप कहते हैं मुझे गरीबी मितानी है आप गरीबी नहीं मित रहे हैं आप एजेंट है किसी पार्टी के और आप इस बहाने भारत के पूंजी पतियों पर हमला कर रहे हैं तो ये अक्सर हुआ इस देश में ये कोई नई बात नहीं है टाटा जब अपना प्लांट अभी रिसेंटली लगाना चाहती थी नैनो का प्लांट बंगाल में कितना बा तो दोस्तों वापस गुजरात जाना पड़ा तो इस देश में पूंजीपतियों को लेकर एक ब्रह्म बनाया गया है पूंजीपति लूटने पूंजीपति बने का मतलब आदमी का दिमाग खुला हुआ है और वो रिस्क लेना जानता है जो रिस्क नहीं लेते वो चपरासी बनते हैं इसको जिंदगी में सुकून चाहिए की भैया हमें टेंशन नहीं चाहिए तो नहीं टेंशन का जब चपरासी का है भाई जो एसपी ऑफिस में बैठा है उसको तो 24 घंटे शहर की चिंता होगी लेकिन जो चपरासी उसके ऑफिस के बाहर बैठे हैं जो भी है ₹500 दे दिया उसकी तो जिंदगी मस्ती में चल रही है तो इस देश में एक माहौल है पूंजीपतियों के खिलाफ तो यह डायलॉग बाजी यहां बहुत चलती है और यह बोलकर फिर लोग लक्ष्मी की पूजा भी करते हैं तो यहां जो भी आदमी जैसे अदानी साहब छोटे से बहुत ऊंचाई पर गए तो यहां एक दफ्तर यह भी है की जो छोटे से बहुत ऊंचाई पर गया उसे पर तो हमले होंगे कंटेंट आप बड़ा अच्छे तरीके से देते हैं आपका क्वांटम बनाने का क्या तरीका है मैं पूछना चाहता हूं मैं भी जब कंटेंट बनाता हूं तो कुछ रेफरेंस पॉइंट को डाटा कुछ कभी-कभी स्टोरी और जोक से बात करते हैं कुछ अनयूजुअल यूजफुल इनफॉरमेशन भी देते हैं यह ढूंढते हैं की रीलीवंशी क्या है सब्जेक्ट पढ़ते वक्त जैसे आप हिस्ट्री पढ़ते हैं तो अब मेमोराइजिंग फैक्ट होते हैं कोई बड़े मेस्मेराइजिंग फैक्ट्स होते हैं कुछ प्लेस से इसको डेट्स कुछ लेकिन जब जो बच्चों को पढ़कर ए जाए नींद उससे आप ऐसे पढ़ा देते हैं की उसको भी सब याद र जाता है इतिहास को बिंदास बनाने का टैलेंट आपके अंदर ये कहां से आता है ये मैं जानना चाहता हूं की आप इतिहास को बिंदास कैसे रस पैदा करने के अलावा थोड़ा बताइए कंटेंट कितना प्रिपेयर करके आते हैं इतिहास को बिंदास बनाने का जो कॉन्सेप्ट है वो मैंने शिखा है ओशो से आचार्य रजनीश से मैं उनके अंदर कल थी की वो दर्शन को कहानी में बता देते थे तुझे मैंने उनकी किताबें पढ़नी शुरू की तो मुझे लगा की यह बहुत प्यारी चीज है की किसी भी दर्शन को अगर स्टोरी में कन्वर्ट कर दिया जाए तो एवरेज जो लड़का वहां बैठा होगा वो स्टोरी समझ लगा पर जब आप स्टोरी सुनते स्टोरी सुनते सुनते आपका कंट्रोवर्सी से भी नता जुड़ जाता है हमें देखते हैं भगवान कृष्णा को आपने यादव समुदाय ने उनको खूब पिता उसे पर चर्चा कर दिया फिर हम देख रहे हैं राहुल गांधी को आप बोलते हैं इसको तो पॉलिटिक्स में रहना नहीं चाहिए किसी कम का आदमी ने फिर हम देखते हैं आप कहते की वह सामान्य में बड़ा अचीवमेंट कर लिया भैया और सम बिन लादेन ऐसा चिंबू अचीवमेंट हो तो ओसामा जैसा हो तो टीचर को पढ़ते वक्त क्या इसे बोलना चाहिए क्योंकि कंट्रोवर्सी फेवरेट चाइल्ड तो सुना था पर कंट्रोवर्सी फेवरेट टीचर हम आज देख रहे हैं नहीं नहीं कंट्रोवर्सी लिए क्रिएट होती है क्योंकि मैं जब भी कोई टीचर बोलना है तो किसी कांटेक्ट में बोलना है जैसे हम जब टेररिज्म पर चर्चा करेंगे तो 1980 में जब भारत में टेररिज्म शुरू हुआ और हमने इंटरनेशनल कम्युनिटी को बोला की साहब हम टेररिज्म के शिकार हैं तो पुरी दुनिया ने कहा की नहीं कोई टेररिज्म नहीं है ये तो सेल्फ डिटरमिनेशन की आवाज है लोग परेशान हैं पंजाब और कश्मीर हमारी कोई सुन ही नहीं रहा था जब ओसामा बिन लादेन ने ट्विन टावर पर हमला किया तो अब जॉर्ज बस जूनियर ने कहा की दिस इस तरह से डी वर्ल्ड इस फेंसिंग डी मां ऑफ टेररिज्म मतलब तुम मार खाए तो अगला बदतमीज और हम मार खाए तो डिफेजिनेशन तो मैंने उसे पर्सपेक्टिव में ये बात राखी की वो आदमी हमारे लिए बहुत हेल्पफुल था तो मेरे जो चने वाले हैं बहुत सारे तो वो उसे चीजों को मैनिपुलेट करके प्रेजेंट कर देते हो या सर कांटेक्ट निकाल देते हैं क्योंकि आउट ऑफ कांटेक्ट निकालना के लिए पहले कुछ होना तो चाहिए और होता भी है आपकी बटन में आप लगे हैं मिर्जापुर की तारीफ करने में आप लगे हैं वासेपुर की तारीफ करने में आप लगे हैं वायलेंस का ग्लोरिफिकेशन करने में तो जब अब जैसे हम भी देखते हैं तो हमारा एक कैमरामैन मिर्जापुर देख रहा था यही कहानी खड़ा होगा हमको पकड़ लिए तेरा जन्म मिर्जापुर देखने के लिए हुआ है तू जिंदगी में मिर्जापुर दे लेकिन हम आपको आपके बड़े में आने से पहले मैं थोड़ा पढ़ रहा था पूछा भाई टीम से तो बोले की आप मिर्जापुर बहुत पसंद करते हैं मैं जब बात करता हूं कहता हूं कौन प्रवीण तांबे सुपर 30 मैं बात करता हूं दंगल रॉकेट ट्री मैं बात करता हूं भाग मिल्खा भाग मेरी कॉम तो जब मैं आपका यह देखा तो मुझे ये लगा की ये कहानी ऐसा तो नहीं हो जाता की इस चित्रण को चित्रित करते वक्त पॉजिटिव की जगह कहानी बच्चा गलती से नेगेटिव की तरफ अट्रैक्ट हो जाए क्योंकि कहानी आप ओशो से सिख के सुना देते हैं अब कहानी जब आप मिर्जापुर की सुनेंगे तो ऐसा ना हो की मां उसे तरफ आकर्षित हो जाए तो उसको कैसे संभल पाते हैं फिर हम नहीं मेरा उद्देश्य होता है की लड़के को थॉट प्रोसेस को दिखाना जैसे मर्जापुर के जो कैरक्टर्स हैं उसमें एक अखंडानंद त्रिपाठी का करैक्टर है साउंड कैरेक्टर मतलब उतना प्यार करैक्टर कुछ भी कर सकता है आपकी फैक्ट्री में आज ग गई कम आपको फोन कर रहा है दूसरा ज्यादा नुकसान तो नहीं हुआ आपने कहा की नहीं कोई ज्यादा नहीं हुआ लेकिन आप एक कम करो आप यह शो कर दो की सांप की सरकार ने इस पर रेड मारा था और बहुत बड़ी है की फैक्ट्री तबाह की गई प्रशासन द्वारा जी आदमी को अपने नुकसान को अपने फायदे में बदलने की कल पता हो मैं बार-बार यह बात कहता हूं की लर्निंग स्टडी इसे नोट लाइफ अगर पढ़ा नहीं है जिंदगी होता तो सारे पुरोहित दुनिया में उच्चतम पड़ा पर बैठे होते हैं लर्निंग में पृथ्वी के इतिहास के सबसे महान फिलॉस्फर त्रिलोकी नाथ सर्वलोक महेश्वर प्रभु श्री कृष्णा थे जिन्होंने भागवत गीता की चर्चा टेंशन के माहौल में करें वह क्या कभी बम पड़ा कभी रुक कभी वहां लगातार चल रहा है तीर चल रहे एक के बाद एक भगवान कृष्णा बोल सकते थे अर्जुन क्या करना लाड फटाफट से तो उसे समय रात को कमरे में बात कर लो मुझे अभी का रही हो तो नहीं करूंगा स्थिति को अपने पॉजिटिव में बादल दिए कृष्णा नेगेटिव स्थिति में भागवत गीता दे दी है हमारे को मैं आपसे ही प्रश्न इसलिए करने जा रहा हूं चर्चा इस पर इसलिए आप गीता पसंद करते हैं मैंने सुना बहुत ज्यादा काफी गुणगान भी करते हैं और यथार्थ गीता उन्होंने लिखी है तो आज मैं लेकर आना भूल गया पर मैं आपको भेजूंगा उसमें मैं यह जानना चाहता हूं गीता ने आपकी जिंदगी पर क्या प्रभाव डाला उससे कोई एक दो शिक्षा जो आप देना चाहे क्योंकि गीता मेरे हृदय की बहुत नजदीक है मां का सबसे बड़ा अस्त्र है पेशेंस ये मैंने गीता पढ़ा था यानी मां का अपना कोई वजूद ही नहीं है तो बिना कबीर तो गली देते हैं मां को कबीर तो बहुत गुस्सा है मां पे कहते तू है फिर भी हांडी मतलब भारत के कैसे संत है जिन्होंने मां को गली दी किसी ने गली नहीं दी क्योंकि यह सुबह रात में तो रहेगा की कल सुबह 4:00 बजे उठाना है रात में पुरी तैयारी करवा देगा पहले हम लगता देगा और जॉगिंग ट्रैक सूट रखवा दिया सब कुछ रात में सेट कर दिया की सुबह उठाना है और जब 4:00 बजे अलार्म बजेगा तो यही बोलेगा की 5 मिनट और और अगली बार नींद खुलेगी सुबह 8:30 बजे इस दुनिया में 95% लोग बाहर से नहीं परेशान हैं अपने मां से परेशान हूं कृष्णा कहते हैं चंचल हम ही माना कृष्णा ब्रह्मा थी बलराम सत्य हमने ग्राहम वन्य व्यू दिवस करो| तुम इस मां को तुम व्यू के बवंडर तूफान को अर्जुन कंट्रोल कर लोग अपने तीरों से लेकिन मां नहीं कंट्रोल कर पाओगे अर्जुन घबरा गया था बाद में कृष्णा ने उसका उत्तर भी दिया की उपाय क्या है उपाय उन्होंने बताया था की अभ्यास तो कौन थे अबीराग्य थे भाई दूज और डोंट छान अब मैं आपको ले चला हूं एक नई जर्नी पर यह जर्नी है रैपिड फायर की इसमें आप मैं प्रश्न पूछूंगा तुरंत आपको उत्तर देना है तुरंत अब जो मां में पहले उत्तर आए दे दीजिए अपने स्टाइल में है ना सोने का समय नहीं दूंगा मैं आपको उत्तर देने की सीमा आपकी है 5 सेकंड की तैयार है ठीक है आपको ऐसा कोई राजनीतिक प्रश्न नहीं करेंगे ओझा सर की अब तक की सबसे बड़ी अचीवमेंट क्या है शिक्षक के रूप आवत सर अपनी क्लास में हिस्ट्री से ज्यादा है स्टोरी पटना पसंद करते हैं या हिस्ट्री पसंद पटना पसंद करते हैं ऐसी कोई चीज जिससे आपको आज भी बहुत अफसोस है यार ये गलत किया मैंने एक आदमी का पैसा छन लिया था ओके मिर्जापुर के अगले सीजन में अगर आपको बोला जाए आप भी कम करने ए जाए तो चलेंगे सब करेंगे आप खुद एक दबंग रहे हैं तो क्या आपके स्टूडेंट आपसे डरते हैं नहीं डरने की जरूर ही नहीं मैं तो शिक्षक हूं शिक्षक से कौन डरता प्यार करते हैं बहुत याद करते हैं अगर आप टीचर नहीं बनते तो क्या बनते हैं तो मैं भी मिर्जापुर में राहत आप पॉलिटिक्स में इंटरेसेंट में सबको पता है किंग बनेंगे किंग मकर बनेंगे मकर बनेगा ना किंग बनेगा लेकिन हां मैं किंग को साथ रहूंगा जो किंग बनेंगे क्योंकि मैं चाहता हूं की ये हमारे एडवाइजर बनेंगे राजपूत आपका फेवरेट कौन है खान सर या विकास डर मेरे फेवरेट है विकास देव कृति सर लेकिन मैं चाहता खान सर को बहुत आपको इस ऑफिसर ना बने का कितना अफसोस है अफसोस है पर अब अचीवमेंट ने उसको धक दिया है आपके हिसाब से भारतीय इतिहास का सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री कौन रहा है जवाहरलाल नेहरू और सबसे कमजोर प्रधानमंत्री कौन रहा है क्या आप मानते हैं की आज अगर स्मार्टफोन नहीं होता तो किसी भी मध्य से अव्वल हो जाता और इतने पॉपुलर हो पाते सेक्स एजुकेशन का स्कूल में हिस्सा होना चाहिए की नहीं बिल्कुल होना चाहिए नहीं तो ये जो दीवारों पे लिखा है राजपुरुष मिले इसकी संख्या बढ़नी जाएगी और देश परेशान होता जाएगा आपके लेक्चर जो होते हैं वो स्पॉन्टेनियस होते हैं या प्लांट कंटेंट होता है स्पॉन्टेनियस स्पॉन्टेनियस आपको सबसे मुश्किल सब्जेक्ट कौन सा लगता है आपको आ कोई ऐसा स्टूडेंट जिसने आपको बहुत टांग किया हो उन्होंने तमीज से ज्यादा परेशान रहते हैं कोई ऐसा फेवरेट को गोल्डन स्टेट मिनट ऐसा मोटिवेशनल को जिसने आपको अपनी जिंदगी में बहुत ताकत दी है कर भला तो हो भला एक बात जो आपने अपने फेवरेट टीचर सखी और अब सबको बताते हो सेवा करनी चाहिए आप हमेशा गमछा साथ में रखते हैं तो यह आपके लिए क्या लकी गमछा है स्वामी अड़गड़ानंद जी ने तो मैं जब भी कहानी जाता हूं किसी प्रोग्राम वगैरा में तो मैं पहन के जाता हूं किस बात से डर लगता है सबसे ज्यादा खुशी होती है मेरे बच्चे सफल होते हैं और खासकर वो लोग जब सफल होते हैं जैसे मेरा एक स्टूडेंट है राजीव शुक्ला अभी वो जय अधीक्षक है बरेली का तो जब वो मुझे पहले और मिलने आया तो मैंने पूछा की राजू हिस्ट्री कौन सी है तुम्हारी पास कौन सा ऑप्शन है ऑप्शनल तो हिस्ट्री होगा टेंशन थोड़ी होगा वो आदमी जब सफल हुआ क्योंकि मुझे पता है की सिर्फ डायरेक्शन का भाव होता है किसी को भी सही जैसे आप कहते हो ना की पूरा पैसा ले जो तो आपको डायरेक्शन पता है आपका बिजनेस चल रहा है आप पैसा काम रहे हो अच्छी बात है नहीं तो आप पूरा पैसा ले जो तो आपको पता है ना की मुझे डायरेक्शन पता है ऐसा मुझे भी पता है की मुझे डायरेक्शन पता है मेरे पास नॉलेज भले ना हो लेकिन मुझे इस खेल का डायरेक्शन पता है की ये करने पे आदमी जीत जाता है तो वो उसे तरह के लड़के जिटेट हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है आवत सर नई क्लास में नई किताबें के तालगी बच्चों को बहुत अच्छी लगती है खुशबू आई है किताब में नई क्लास नहीं किताब लेकिन फिर धीरे-धीरे जब वक्त निकलता राहत है कंधे पर जो मटका बस्ता है ना वो भारी लगे लगता है पता नहीं चला है लेकिन आप जैसे टीचर्स को मेरा सलाम है जो बच्चों के मां को ताज रखना है जिनका कम है आपकी क्लास में बच्चे खूब हंसते क्योंकि आप जो है ना वह हस और रस रस से जो है जो आप गुरु नहीं है आप एक गुरुकुल है हर घर तक पहुंचा आपने अपना स्कूल है और आप सबसे मैं कहना चाहता हूं जो सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है या जो यूपीएससी का अटेंड करना चाहता है जिसका गोल्ड स्टेटमेंट क्लियर नहीं है या जिसको केवल ग्लैमर के लिए पढ़ाई कर रहा है जिसको हिस्ट्री समझ नहीं आई है जिसको पढ़ाई में डिसिप्लिन मिला का रहा है जो मां-बाप की बच्चों की परवरिश को लेकर परेशान हैं बच्चे अपने मां आप से परेशान हैं इनको ये वीडियो पहुंचाइये बहुत इंटरेस्टिंग चीज बताई है आज वह 2017 और बड़ी क्लेरिटी के साथ बात करते हैं कॉन्फिडेंस से बात करते हैं कनविक्शन से बात करते हैं और ऐसे टीचर्स से कई टीचर्स भी बड़े इंस्पायर होते हैं अपने कमेंट से बताइएगा आपको कैसा लगा यह वीडियो बड़ा भारत 2.2 और बस थोड़ा सा इंतजार ए गया एक और बुधवार हर बुधवार को हम लेकर आते हैं बड़ा भारत जो हमारे साथ इस मंच पर आने के लिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्व बहुत धन्यवाद [संगीत]

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