Sardar Patel Full Biography Powerful Case Study Dr Vivek Bindra

झाल कि पूरी फॉर्म में आ चुका हूं खड़े हो कि सारी टेस्टिंग बना रहा हूं फ्रीडम फाइटर नेताजी सुभाष चंद्र बोस साइंटिस्ट अब्दुल कलाम वीडियो बनाया बिजनेसमैन सर रतन टाटा पर पॉलिटिशन अटल बिहारी वाजपेई आज बात करेंगे लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल नमस्कार मैं विवेक बिंद्रा फाउंडर एंड सीईओ एक बड़ा business.com लौहपुरुष पहले होम मिनिस्टर और डिप्टी प्राइम मिनिस्टर आयरन मैन ऑफ इंडिया बोलते थे उनको बिस्मार्क ऑफ इंडिया जर्मनी की कहानी को बारे में बताता हूं आपको पहले से मशीन को आर्मी मैन क्यों बोलते थे छोटी उम्र में एक बार को थोड़ा हो गया थोड़े में भर गई बस वह बहुत दर्द डॉक्टर बोला कि इसमें थोड़ा सा जलता हुआ गरम लोहा डालना पड़ेगा छोड़ना पड़ेगा थोड़े को बहुत मुश्किल था वह डॉक्टर भी ठहरा था माता-पिता रिश्तेदार दोस्त बोले नहीं हो पाएगा नहीं हो पाएगा छोटी उम्र में सरदार वल्लभभाई पटेल अपने हाथ से उस गर्म जलते हुए लोहे को लिया और थोड़े को छोड़ दिया कब अच्छी टो लिब्रेट करने की दर्द तो बड़ी बेटियों के अंदर पीयरलेस स्थित डरते नहीं विल पावर उनके बचपन से दिखती थी आपने कभी सोचा है अगर सरदार वल्लभभाई पटेल न होते तो देश कैसा होता अगर आप अ कश्मीर से कन्याकुमारी या अगरतला से अहमदाबाद तक अगर आपको जाना तो कम से कम स्टार्ट बार वीजा लेना पड़ता सोचने मेरी बात को अगर नॉर्थ से साउथ की तरफ चल रहे हो कितनी बार भेजा कितनी बार परमिशन लेना पड़ता है यह देश नहीं होता है यह कई देशों का एक कांटेक्ट होता है इंडिया अंग्रेजों ने जाओ हिंदुस्तान को टुकड़ों में बांटा था वहीं सरदार पटेल ने उस खाई को पाटा था 31 अक्टूबर 1875 नाडियाड गुजरात के अंदर इनका जन्म और शुरू करते हैं पिता जावेद भाई पटेल किसान और फ्रीडम फाइटर 1857 के फ्रीडम मूवमेंट में उन्होंने भी बड़ा योगदान दिया था आर्थिक स्थिति शुरू में कमजोर तीर्थ है दोस्तों से किताब विमान के पढ़ा करते थे दसवीं क्लास ने इनके हाई स्कूल पटना गुजरात के अंदर 1898 खुदाई पूरी बाद उन्होंने लॉ की पढ़ाई करी सेकंड राइट ले करके आए और राइट टो प्रैक्टिस लेकर आए लेकिन लॉय जो कि अनडिफीटेबल को हरा नहीं सकता था कोई तो फिर बताओ गांधी को पसंद नहीं करते थे अजब गांधी गुजरात की बातें भी है ना तो वह बोले कि भई ऐसे संडास साफ करके और ब्रह्मचारी का व्रत करके देश में आजादी मिलने वाली बुलेट शो में बहुत उनको जबरदस्त लो हुआ करते थे लेकिन दो साल के बाद जब चंपारण का सत्याग्रह बड़े प्रभावित हुए उसको देखे थे फल लेना पर चाहिए थे गांधी की जड़ों में फल को देखा और पढ़ा प्रभावित हुए उससे पहले न पर चाहिए मतलब फल परिचय कराता है कि जड़ के थी कि पेड़ के बारे में जानना पेड़ कैसा है तो फल लेना पड़ता है वह पेड़ में घर पर बढ़िया लगा तो पेट ठीक है गांधी से उनकी मुलाकात 2 साल के बाद हुई थी जब वह मुंबई प्रेसिडेंसी पॉलिटिकल कांफ्रेंस में आए थे अहमदाबाद के अंदर की साइड में सेटिंग में और वहां पर गांधी जी से बड़े प्रभावित हुए कि उन्होंने रेजोल्यूशन आफ लॉयल्टी टो थे ग्रेटेस्ट किंग एक ऐसे डॉक्यूमेंट है रिलीफ पॉइंट यानी कि हमारे को बढ़ा वफादार होना पड़ेगा ब्रिटिश राज्य के लिए लॉयल्टी का रिलेशन तेरी कसम खाओ सबके सब कर्मणा मनसा वाचा आप सबके सब समर्पित तो अंग्रेजों को तो उन्होंने गांधी जी अयोध्या उसको यह बड़े प्रभावित होने से तब उन्होंने वहां से अपना वोट बैंक फोल्ड करके और बिल्कुल आवाज लगा दी मातृभाषा का प्रयोग करना शुरू किया मुझे पैसा तो बहुत कम आ सकता पर आजादी नहीं दिला पाए गुंडे धोती-कुर्ता पहन लिया सफल कई सालों में गांधी को संयोग तो किया पर 1928 में वह मौका आया जब वह अश्लील बनकर निकले हुआ था कि गुजरात में कुछ किसान की फसल खराब हो गई थी बारदोली ताल्लुका के थे किसान गुजरात में और जो अंग्रेज थे के किसानों की फसल थी नहीं 6 से 22 पर सेंट आफ बढ़ा दिया और वह आतंकवाद जमीन हड़प लेंगे किसान पहुचे गांधी जी के पास गांधी जी बिजी तो मैंने पहली बार सरदार पटेल को भेजा तब तक उस सरदार नहीं थे जब तक वल्लभभाई पटेल हुआ करते थे तो पटेल गए वहां जाकर मैंने पता किया कि चक्कर क्या है यह सारी की सारी जमीन हड़प लेंगे अंग्रेज तो पटेल ने का आइडिया लगा है क्या बोले कि मैं कुछ गुप्तचर बनाता हूं और यह पता लगाता हूं कि यह कौन से किसान किया जमीन हड़पने वाले अंग्रेज लोग और उनको नियम मालूम था लाल होने के कारण कई कि अंगूठा लगाएगा तब जमीन अंग्रेजों के नाम पर होगी यह साइन इन करेगा तब जमीन उनके नाम पर होगी तो उपचार से पता लगा है कि आज कौन से किसान का घर नीलाम होने वाला है और जैसे कि उसका पता लग जाता है कि भाई अजीत पटेल का घर नीलाम होगा तो उसको पहली बार फिर थे अब जो किसान गायब अंग्रेज होंगे भाई यह किसान इधर क्या यह किसान किधर क्या अंग्रेज हो गए परेशान हमें इस तरह नीलाम करना वह किसान आयोजित का घर mylife इनकी अपने गुड़ थे यह पता लगा लेते हैं कि आज अंग्रेजी उसके घर जाएंगे इतनी इंटेलिजेंस सारे के सारे किसानों को एक-एक करके घाघरा थे दो महीने में वापस जाते थे अंग्रेज परेशानियों का भी ना तो उनको मिल रहा है टाइम्स नाउ को मिल रही जमीन वह घबरा क्यों माफी मांग ली उन्होंने कहा कि मैं ठीक है 22 पर सेंट वापिस से पड़ जाता है कम से कम टेक्स्ट तो मिलेगा बारडोली की ओर से बहुत खुश हुई तो वह बोली कि आप आज से आपके वल्लभभाई पटेल नहीं आई कि आप सरदार वल्लभ भाई पटेल सरदार मतलब 30 और लीडर एक मिनट इसे तो बहुत हो सकते हैं सरदार पटेल के पर वह पहले प्रधानमंत्री क्यों नहीं बने वहां से शुरू करते हैं यह डिफाइनिंग मोमेंट्स हों का कैरेक्टर पता चलता है बात 1946 की है अंग्रेज वार्डो के बाद कमजोर पड़ चुके थे आप जानते थे नाम सुभाष चंद्र बोस जी जो करके पिछला वीडियो आपने देखा है अब अंग्रेजों में डिसाइड कर लिया कि आप भारत को देने वाले हैं शासन वापस और हम चलेंगे अपने घर की तरफ आ उसके लिए एक इंटरनल वर्किंग कमिटी कांग्रेस की बना ली गई और यह डिसाइड हुआ कि इस बार जो 1946 में अध्यक्ष चुना जाएगा वह पहले इंडिपेंडेंट कंट्री इंडिया का पहला प्राइम मिनिस्टर वही बनेगा तो नया अध्यक्ष चुना था वर्किंग कमेटी में गांधी जी ने बोला चलो वोटिंग करा लेते हैं वोटिंग कराया तो रूल यह प्रांतीय कमेटी जितनी होती थी पूरे इंडिया में जो लग्न से अलग स्टेट से सब लोगों को चुनना था कि अभी वर्किंग कमेटी में किसको डिसाइड करोगे तो वर्किंग कमिटी में गांधी नेहरू सरदार पटेल आचार्य कृपलानी राजेंद्र प्रसाद खान अब्दुल गफ्फार खान यह सब हुआ करते थे और सारी प्रांतीय कमेटी ने जब अपने वोट दिए तो उस दिन वर्किंग कमेटी की मीटिंग जहां बेटी और वहां सब खोल कर चेक किया गया तो इस कृपलानी हैरान हो गए और उन्होंने कहा कि इस एक नेहरू के नाम पर किसी ने वक्फ बोर्ड ने किया पूरे देश में 15 से 12 लोगों ने सरदार पटेल के नाम पर किया दो लोगों ने कृपलानी के नाम पर किया और 15वें का पता ही नहीं चला अब इसमें जब गांधी ने देखा के भाई सारे के सारे सरदार पटेल को इसलिए वोट इसलिए करते थे क्योंकि उनकी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी अच्छी टीम पूरे देश में उनका एक्सेप्टेंस का सारे के सारे देश के लिए उनको बड़ा मानते थे और वर्किंग कमिटी निकालकर ठीक है प्रांतीय कमेटी ने जो किया गांधी जी आपका क्या विचार है गांधी जी ने वहीं पर तुरंत ने मुझसे पूछा कि मैंने तुम्हारे लिए किसी ने वोट नहीं किया है सपने सरदार पटेल के लिए वोट किया है तुम्हारा क्या विचार है गांधी जी ने औपचारिकता के लिए पूछी तुम्हारा क्या विचार है नेहरू ने कोई जवाब नहीं दिया नेहरू ने मुंह नीचे कर लिया और उन्हें करके चुप हो गए गांधी जी ने बोला बोलो उन्होंने मुनि ही रखा और जवाब नहीं दिया गांधी जी को समझ आ गया कि नेहरू दूसरे नंबर की पुलिस निरीक्षक नहीं करना चाहते हैं प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं अंदर से गांधी की इच्छा थी कि इसको प्रधानमंत्री बनाया जाए तो गांधी ने कागज़ निकाला और कागज पर कुछ लिखा उसको फोल्ड कर है वहीं सरदार पटेल को दे दिया सरदार पटेल जैसे कागज खोला तो उन्होंने कागज फोल्ड करके वापस अपने जेब में रख लिया और वही मैंने बोला कि मैं अपनी दावेदारी अध्यक्ष के पद से वापस लेता हूं तब देखने लगी सरदार पटेल को तब समझ जाएं कि गांधीजी ने मना कर दिया कागज पर लिखकर और उन्होंने अपनी दावेदारी चूर्ण वापिस लेंगे अब बात यह है कि वह सरदार पटेल उस एकलव्य की तरह थे और गांधी को द्रोणाचार्य की तरह है जो अपने अर्जुन नेहरू प्राइवेट की उसी को आगे बढ़ाना चाहते थे और नेहरू के अध्यक्ष बनना चाहते थे बाद में है दो जगह डिसाइड हो गया यही प्राइम मिनिस्टर बने आगे चलकर तो कुछ पत्रकारों ने जब पूछा कि गांधी से कि जब पूरा देश चाहता था कि सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाया जाए होनी को अध्यक्ष बनाया जाए ताकि वह प्रधानमंत्री बने क्या आपको विश्वास नहीं था सरदार पटेल की मेज़ पर ढूंढने विश्वास का पूरा लेकिन न दूसरे नंबर का पोर्शन नेहरू अक्सेप्ट नहीं करते हैं तो बोला कोई बात नहीं पूरा देश को सरदार पटेल को जाता था वह सरदार पटेल तो मेरी बात मान जाते हैं नेहरू मानता नहीं आ नेहरू उस जो है ना उसके साथ दिक्कत यह अगर वह नहीं मानता और वह कांग्रेस तोड़ देता तो अंग्रेजों का बड़ा फायदा उठा लेते हैं नेहरू लिए ओन्ली इंग्लिश मैन नेहरू यह अकेला इंग्लिश में हमारे देश के अंदर जो-जो कि अंग्रेजों के साथ बातचीत करने का यह वह अपना डियर सफारी सूट पहन के हाथ में पाइप ले किया गुलाब का फूल ताकि आगे चलेंगे ऐड पहले भी 1969 में उन्हें तो 36 1939 में भी गांधी ने सरदार पटेल को पीछे किया था तेजस विमान अपना खोजते नहीं है अपने पैर भी बतला कर पाते हैं जग में सम्मान प्रचंड कर्म दिखलाकर रहते थे रिफ्लेक्स और निस्वार्थ सरदार पटेल पार्टीशन के समय माउंटबैटन ने डिसाइड किया कि कमिटी बनाते हैं और डिसाइड करते हैं जो यह पार्टीशन जो थाना यह एक ऐसा टाइप का डिम्मर हो रहा था इस तरह समझाओ दो नए देश बनने वाले थे और जब हीरो और होंडा अलग हुए तो डिसाइड करना था कि हीरो के पास किया जाएगा हंटर के पास किया जाएगा डिमर जरूर है मैनपावर के पास जाएगी क्या सिंथल प्लस किसके पास जाएगा रिसोर्स के पास जाएंगे लाइबिलिटी किसके पास आएगी आपके पास जाएगा मशीनरी किसके पास जाएगी जमीनें किसके पास जाएंगी ऐसे ही माउंटबैटन ने डिसाइड करना था कि मेरे को यहां से भारत की तरफ से पाकिस्तान की तरफ से दोनों की तरफ से उसको 1 लीटर चाहिए इस मीटिंग में जोन घोषित करेगा पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद अली जिन्ना को भी सामने आ जाए और मोहम्मद अली जिन्ना छोटी-छोटी चीजों पर बहुत तंग करते थे दकियानूसी रूढ़िवादी गांव की चिड़चिड़ी हर बात पर बहस करने वाली सांस की तरह थे और नेहरू जानते थे कि इतना नेगोशिएट हमारी तरफ से तो खाली सरदार पटेल कर सकता है तो उन्हें सरदार पटेल को आगे कर दिया अब हर एक चीज पर बहस होने लगी वह 3 महीने बड़े अजीबोगरीब है उन तीन महीनों में पाकिस्तान को उन्होंने बोला कि भाई तुमको आधा कुछ नहीं देंगे हर चीज का लगभग 50% हम को मिलेगा 20 प्रश्न तुम को मिलेगा तुम्हारा क्षेत्रफल भी छोटा तिवारी पापुलेशन भी कम है और पाकिस्तान को अगर तुम्हें हम इतनी तारीफ थोड़ी देर है तो हमारी कर दे को भी तुम्हारे को अपने ऊपर लेना पड़ेगा मैं तो यह थे सरदार पटेल ने वड़ा छानने क्वेश्चन कराकर भी कैलाश में सोना-चांदी डाक की ट्रैक्टर पोस्टल स्टांप की सब कैसे डिवाइड किए जाएंगे 400 करोड़ रुपये उस समय भारत के पास हुआ करता था तो जिन्ना ने बोला कि ज्यादा कर दो दोस्तों तुम रखो दोस्तों हम रखेंगे सरदार पटेल को नहीं तुमको 75 करोड़ मिलेंगे क्योंकि तुम्हारी जनसंख्या और खर्च दोनों ही कम है हमसे तो उसमें से 20 करोड़ तुम कभी देंगे 55 करोड़ बाद में दे देंगे जिन्ना चला थे एक मौका भी नहीं छोड़ना चाहते थे वह उनको करेंसी प्रिंटिंग मशीन भी दे दो सरदार पटेल बोले अपना देश बना रहे हो हर चीज मांग भिखारी हो अपनी प्रिंटिंग मशीन को भी बना लो वहां पर जाकर के तब तक गिरते नोट चाहिए हमसे ले जाना काम चला लेना जितना बोले कोई बात नहीं चलो आइबी दे दो अपना इंटेलिजेंस ब्यूरो मेरे को दे दो उसको भी आधा डिवाइड करेंगे सरदार पटेल बोले भैया ऐसा ही सुनो देश का बंटवारा हो रहा है राज का हमारे टिकट का बंटवारा नहीं हो रहा है क्योंकि जानता है सरदार पटेल नगर इंटेलिजेंस ब्यूरो उनको दे देंगे तो यह सारे हमारे इंटेलिजेंस ब्यूरो कर राज ले करके पैरों को नुकसान करेंगे माउंटबैटन जो थे वह बोले मेरे पास दो गाड़ियां चल उनको भी रख लो एक गाड़ी सोने की तरह चांदी की थी तो जिन्ना जो है अपना लाठी घुमाते हुए जा करके सोने की गाड़ी का दरवाजा खोलें बुलाकर बैठकर सोने वाली तो हम लेंगे सरदार पटेल देखिए और यह आदमी तो हर चीज में चढ़ेगा सरदार पटेल ने बोला नहीं देता तुमको एक काम करो टॉर्च करो सिक्का उछालो हेड-टेल देखते हैं कि रात में सोने के आती चांद कि आपके माउंटबैटन ने निकाला और बोला है डिटेल सरदार पटेल ने बोला है तो वह जीत गए सोने की गाड़ी भारत को मिल गई चांदी कि उनको मिल गए पाकिस्तान को सरदार पटेल जिंदा कुछ समझ चुके थे जिन्होंने बंटवारे के बाद भी तंग किया सरदार पटेल उनको एक साथ पैसा भी शेयर नहीं दे रहे थे कि को एक बार मैं पैसा दूंगा तो बाद उसको तंग करेगा तो 75 कोण में दिखाई दी थीं दिया था गांधीजी बोले बाकी पहचान को दो बंटवारे के बाद उन्हें देखा कि जब जिन्ना दोबारा से आतंकवाद की सारी की सारी हरकतें करनी शुरू कर दिए सरदार पटेल ने बोला तो पैसा नहीं दूंगा गांधी जी बोलो ठीक है मंचन कर लेता हूं सरदार पटेल समझ रहे गांधी जी बात-बात पर अनशन कर रहे थे वहीं के जाकर चरण भी अछूते नहीं हैं नंदी जी माफ करें मैं दे दूंगा यह हमको भी तंग करेंगे और सरदार पटेल सरदार भी थम बहुत मजबूत थे तो वह कैसे व्यक्ति थे सारे आपके हिसाब से काम करते थे कोलकाता में इन्होंने दोबारा दिक्कतें करीब 5 हजार लोग मारेगा हिंदू मुसलमान के झगड़े हो रहे हैं ताकि सितंबर 1939 को उन्हें का आदेश दिया दंगाइयों को देखते ही गोली मार दो हम यहां पर लाहौर को मैं दिल्ली कोई गौर नहीं बनने दूंगा क्योंकि वो मानते थे कि एकता ही देश की तकरीर है और जिसमें एकता नहीं वह तो फकीर है हजरत निजामुद्दीन में सारे मुसलमानों को जब दिक्कत आएगी सरदार पटेल वहां पहुंच गए वह सारे मुसलमानों की रक्षा मैं करूंगा भाई जो हमारे देश को मुसलमान वफादार नहीं भरे पाकिस्तान चला जाए वर्दी हमारे देश में कुछ लक्षणों में करूंगा कि उन दिनों इससे मैटअप ट्रेन पाकिस्तान से इंडिया आती थी उनमें हिंदू की लाश होती थी तो उन्होंने अमृतसर से मुसलमानों की लाश भेजने शुरू करें तो सरदार पटेल को अमृतसर पहुंच गए यह तो वह राजा हिंदू और सिखों और मुसलमानों के खून को जलियांवाला बाग से रंगा गया था वह सारे सिखों को ध्यान रखना पड़ेगा और जा करके उन्हें वहां भी बोला कि मुसलमानों काम नहीं मारेंगे इस समूह में सर्वभूतेषु सरदार पटेल ऐसे व्यक्ति थे जो मुसलमान और हिंदुओं सबकी रक्षा करना चाहते थे बेस्ट हैं इनके कॉन्ट्रिब्यूशन जो हिस्सा था वह 565 रियासतों में जोड़ी सबको जोड़ करके भारत को अखंड बनाया जो नेगोशिएशंस है वह सरदार पटेल का बहुत बड़ा कॉन्ट्रिब्यूशन का यह तमाम दाम दंड भेद इन उपचारों किया करते थे बातचीत की नीतियों के सांभर बातचीत करके 561 रियासतें उन्हें साथ में कंट्रोल कर लिए जो नहीं माना जूनागढ़ तो वह जाकर भेज कर दिया जूनागढ़ के अंदर जो बिल्कुल नहीं माना जैसे कि हैदराबाद बजाय उनको दंड दिया ऐसे व्यक्ति थे सरदार पटेल के दस्ते नहीं पर फोन दिखा कर डाले थे जोधपुर गड़बड़ी दिक्कत है जोधपुर के राजा थे वह सारी दबाया 22 कि 22 रियासते पूरे राजस्थान की ग्रेटर राजस्थान किए वह जोधपुर से इन रोटियों को जोधपुर बहुत बड़ा था और वहां के राजा हनवंतसिंह थे 1947 में धौलपुर के महाराज नवाब की मदद से जो भोपाल वाले थे उनकी मदद से जाकर जनता से मिले और जिन्ना के छात्रों ने घोषित कर लिया और जिन्ना ने आपको कनविंस कर लिया उसके भाई तुम मैं कोरे कागज पर साइन करके देता हूं तुमको महाराज हनवंतसिंह और जोधपुर जो तुमको चाहिए मुझसे मिलो और विशेषज्ञ कराची की बंदरगाह की सुविधा दे देंगे आपको कि रेलवे के आने-जाने की सुविधा दे देंगे अनाज और शत्रुओं के इंपोर्ट एक्सपोर्ट की पूरी सुविधा दे देंगे तो इनको तक कंप्यूटर गया वहां पर जा रहे पाकिस्तान में और जोधपुर केंद्रों के चक्कर में राजस्थान की जो बाकी 21 अ यह थे कि वह भी जोधपुर के पीछे-पीछे चलती थी उन्होंने भारत के साथ जुड़ने को मना कर दिया है सरदार पटेल के लिए बहुत दिक्कत आ रही थी सरदार पटेल ने जो वीपी मैनन यह भी पीवण पर वीडियो बनाना बनता है बहुत जबरदस्त मिथुन के टाइम क्यों मेरे को भेजा कि जाओ भैया तुम जोधपुर की माला से जो कैमरों और उनको बोलो इंस्ट्रूमेंट परक्शन पर साइन कर दो तुम बाल के साथ रहने वाले हो जाए के वहां वीपी मैनन पहुंचे तो जोधपुर के महाराजा ने रिवाल्वर लगा दें उसके गले पर और तुझको तो खत्म कर दूंगा बैरागी मैंने वापस आया समझ में आया इनको के भी सरदार पटेल को सुनने वाला तो यह मैंने बताया यह फंड दिखाकर डराते थे न जोधपुर के राजा को बदल दिया वह से मिलने के लिए जोधपुर के महाराजा दिल्ली पहुंचे हनवंत सिंह हनुमान सिंह को बिल्कुल बोले थे तुम्हें पता है ना वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे और तुम्हें मेरी देखरेख में छोड़कर गए हैं और मेरी बात समझ लो अग आज हम ऐसे नहीं मानोगे तो पिता के रूप में आ करके ऐसा दंड देकर तो मैं सुधार हुआ कल आ जाएगी तुमको और उनको क्योंकि इनको मानना है कि जैसलमेर बीकानेर यह सब कोई साथ में नहीं आया और यह आपके साथ जाकर मिल गया पाकिस्तान के साथ और राजस्थान पाकिस्तान के पास चला जाता तो पूरा राजस्थान मिलाकर पाकिस्तान दिल्ली के नजदीक आता हूं किसी देश की राजधानी अगर बाजू वाले देश के बिल्कुल नजदीक हो तो देश की राजधानी पर खतरा बढ़ जाता है तो इन्होंने उनको समझाया जोधपुर के राजा को भाई मेरी बात सुन तेरे जो जनता है ना वह तेरा साथ नहीं देगी सारी चिंता तेरी हिंदू है और पाकिस्तान के साथ जबरदस्ती जुड़ा तो जब जनता समेत मैत्रेय खिलाफ खड़ा जाएगा खत्म कर दूंगा तुम नतीजा बाद में यह लिख के इन्होंने साइन कर दिया वह ठीक है जी सरदार पटेल जी माफी मांगता हूं सारी किस रियासत हैं इनके साथ वापस आ गई इधर पूरा राजस्थान कंट्रोल में आया लेकिन गुजरात के जूनागढ़ हो गई दिक्कत क्योंकि जूनागढ़ में पापुलेशन तो हिंदू की थी राजा मुसलमान था वह गुलाम पाकिस्तान से मिलेंगे बिना लड़े सरदार पटेल ने वीपी मैनन को फिर बोझ आ जाओ भैया जूनागढ़ हेलो व्युअर्स बार मैं लडूंगा नहीं बिन लड़ें कैसे करेंगे इसे बोलते हैं कूटनीतिक बोला राजा सहमत में लाख जागीरदारों से मिलो ऊपर राजा नीचे जागीरदारों छोटे-छोटे उनसे जाकर मिले उनको जाकर बढ़ता दूर जाकर कि क्या बोलो उनको बोलो कि तुम्हारा मुस्लिम नवाब मुस्लिम मुल्क के चंगुल में तुम सबको फसवा देगा तुम सारे हिंदू हो तुम्हारा नवाब मुसलमान वह देश मुसलमान तुम सब फस जाओगे जैसे यह बोला तो वह विद्रोह चालू हो गया 4 जागीरदार राजा को बोलने लगे मुस्लिम नवाब को वहां पर हम नहीं देंगे पाकिस्तान में और बिना लड़े इन्होंने क्या बोला कोर्ट ने की थी चलो वोटिंग करा दो जब वोटिंग कराया गया 1948 कह रहा घर में तो इंडिया के लिए उसे पूरा किसको वोट दोगे इंडिया बनाओगे पाकिस्तान में रहोगे तो 1 लाख 19 हजार लोगों ने भारत के लिए वोट किया केवल 196 लोगों ने पाकिस्तान के लिए वोट किया यहां से जूनागढ़ वापस आया हादराबाद में ज्यादा दिक्कत थी कि हैदराबाद बड़ा बहुत आ वह इतना बड़ा था आज का हैदराबाद नहीं आंध्र प्रदेश तेलंगाना कर्नाटका मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के काफी इला हैदराबाद में आते थे जब भारत देश का पेट था पेट का बन चुका था कैंसर और जो हैदराबाद के निजाम का सलाकार था वह बहुत पागल आदमी कासिम रिजवी इसके साथ दिक्कत 12 जून 1947 को भारत आजाद हुआ है उससे पहले अपने आप को घोषित कर दिया हम मजबूर हो चुके हैं अब कितना सरदार पटेलों को समझाई उल्टा धमकी दे यह बोले हम सबसे अमीर है सबसे शक्तिशाली यह वास्तव में शक्तिशाली थे और हमारे पर कब्जा करने पागल भारत तुम्हारी क्या औकात हम चैप्टर डे चुके हैं अजय पटेल युद्ध करना नहीं चाहते थे क्योंकि वे थे india-pakistan का टक बहुत खराब चल रहा था और यह लेकिन हैदराबाद वाले मान नहीं रही वह पाकिस्तान को 20 करोड़ रुपए उधार दे दिया पाकिस्तान को और पावर किए जा रहे थे और ताकि पाकिस्तान कश्मीर में लड़ने के लिए भारत के खिलाफ हथियार खरीद सकें हिंदुओं का बलात्कार कर रहे हत्या कर लूटपाट कर रहे हैं तो हैदराबाद में कैसा कैंसर था अच्छा इन्होंने कई डिस्कशन कर ली बादाम के साथ में और कई बार उन्हें ब्रेक कर दिया आखरी बार बोला सरदार पटेल ने खत्म भेज रहा हूं तुमको आखिरी मौका दिया जा रहा है निगम जब नहीं माने पटेल ने सैन्य कार्रवाई का कर दिया 5 दिन लड़ाई हुई थी 5 दिन में हैदराबाद की फौज ने घुटने टेक दिए हादराबाद पूरे देश के अंदर वापिस आकर कह दिया कि इसी तरह कश्मीर में दिक्कत आ रही थी यह कश्मीर में दिक्कत ये थी वह राजा हरिसिंह वह कहते है हम रहेंगे अजीब हम वाला देश हमारा यह देशों के हाथ राजा हरिसिंह बोले और मेरा प्लेन है मैं को स्विट्जरलैंड बना दूंगा कश्मीर बड़ा खूबसूरत है पिंपल हमारी जो क्लासिफिकेशन बहुत अच्छी है लेकिन हुआ क्या अभी तो वहां के भारत में विलय नहीं थे हुआ यह के वहां से वह इंडिपेंडेंट करना चाहते थे वहां से पाकिस्तान ने क्या गलती कर दी 22 अक्टूबर 1947 को कव्वालियों के माध्यम से उन्हें जैन के पर हमला कर दिया और कश्मीर के जो लोकल मुस्लिम थे वह कव्वालियों के पाकिस्तानियों के साथ मिल गए और यदि पाकिस्तान के साथ मिलकर राजा हरिसिंह व बहुत दिक्कत में आ गए अब मौका ढूंढ और सरदार पटेल बिना लड़े इस बार फिर उन्हें वीपी मैनन जाओ जम्मू पहुंच जाओ और जम्मू के वीपी मेनन को भेजा भी जा करके उनको बोला हम है ना आपकी सहायता करने के लिए और भी मैंने लागे बोले जितने कब जरा इन सबको ऐसे मिला देंगे 2 मिनट पर तो बिल्कुल टेंशन मत ले तू खाली कागज साइन कर दो कि तुम भारत के साथ रहोगे और इंस्ट्रूमेंटेशन लेकर गए भाई हम तुम्हारे साथ मिलने वाले हो और जाकर राजा हरिसिंह तुरंत साइन कर दिया बोला मरता क्या ना करता मेरे को भारतीय फौज की मदद चाहिए इस समय कव्वालियों से हमको बचा लो और भारतीय फौज वहां पहुंच गई कमियों को खत्म कर दिया यह ऐसे व्यक्ति थे सरदार पटेल इन्होंने पूरे भारत को एक किया एक धागे में पूरे भारत को जोड़ दिया आज हमारा भारत इतना बड़ा समृद्ध और शक्तिशाली है यह की मैनेजमेंट ऑपरेशन को तेज किया अंग्रेजों के टाइम पर च्वॉइस हुआ करते थे इंडियन सिविल सर्विस नाइन को आईएस वन आफ थे मोस्ट इंडियन सिविल सर्विस के लोग और बुक की पीड़ा काउंटिंग वेयरहाउस मैनेजमेंट छोटे-छोटे काम करते थे उन्होंने आईएएस को और पावर किया क्यों प्रशासन में सहयोग करें कानून को लागू करे लोन और अच्छा करें एजुकेशन की स्पीड तेज करे पॉलिसीज बनाए इंपोर्ट के एडिशनल एस सेक्रेट्री ज्वाइंट सेक्रेटरी एडिशनल सेक्रेटरी मजिस्ट्रेट और सारे गोले तैयार कर दिए और बाद में फिर आगे चलके जो शेख अब्दुल्ला आए उन्होंने जम्मू एंड कश्मीर के लिए अलग स्पेशल स्टेटस की डिमांड करें उसको स्वीकार भी कर लिया लेकिन पटेल जानते थे कि आज इंडिपेंडेंस स्टेटस मांग रहा आगे चलकर के यह इंडिपेंडेंट कंट्री बनने की कोशिश करेंगे हुआ भी यही सरदार पटेल ने उस समय में आर्टिकल 370 में एक मामूली सा बदलाव कर दिया थोड़ा सा बदनावर क्या लिखा है संस्था जब चाहे राष्ट्रपति के अप्रूवल से धारा 370 को खत्म कर सकती है आज हमारी सरकार ने इसी का फायदा उठाकर के जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से भारत में मिला लिया है यह पैटर्न बेस्ट प्रोडक्ट्स करने से चाइना के बारे में सोच समझ के विदेश मंत्रालय ने सरदार पटेल के पास नहीं था नेहरू के पास था लेकिन फिर भी बिहेवियरल पेटर्न इन चाइना का आदर करते थे चाइना का जो विस्तारवाद यानी कि जो सिक्किम को टैबलेट को सबको एक बार करना चाहता है उसके कंसीडेड कर रहा है कि मिलावटी मिठाइयां जाए यह सरदार पटेल पहचान रहे थे पटेल ने बोला नेहरू को एकदम इनफ पॉवर हम डेमोक्रेटिक इनसे दूर लव कब्ज से दूर रहो लेकिन नेहरू ने जाकिर को प्रमोट कर दिया चाइना कोई यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में उनको पर गबरू बना दिया आगे चलकर वहीं व 1950 में चाइना ने ट्वीट में भी अटैच किया हजारों लोगों की क्रूर तरीके से हत्या करीब औरतों का बलात्कार किया बच्चों का बलात्कार किया महिलाओं की ब्रेस्ट काट दी नॉमिनेटेड के अंदर 22 धर्मगुरुओं को अरेस्ट करके उनको यातनाए दी सिंह पटेल पैटर्न respiration समझती है इंटेलीजेंसी 1962 में फिर से चीन ने हमारे पंचशील समझौते को थोड़ा और अक्साई चीन को ने आकर अपने कब्जे में कर लिया आज भी वह अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख इस ट्रक को अपने कब्जे में लेना चाहता है चाइना क्या कर रहा है आज भी टो पावर का इस्तेमाल करना इंटरनेशनल लेवल पर मेरे खिलाफ यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में हमारे को वीटो पावर ना मिल जाए उसके लिए लगातार काम कर रहा है वह जैश-ए-मोहम्मद के पाउडर जो है मसूद अजहर उसको इंटरनेशनल डे घोषित नहीं करने दे रहा कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का फ्लेवर कर रहा है दहल एक युग का अंत हुआ मुंबई के बिरला हाउस में पंद्रह दिसंबर 1950 को आपका देहांत हुआ आपका दे अंतू आत्मा का अंत नहीं आत्मा आज उत्तर प्रदेश में बस्ती लंबी बीमारी के बाद दिल का दौरा पड़ने से सरदार पटेल हमारे बीच में नहीं है वह देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि जब इंसान अपने पथ से नहीं बल्कि अपने काम से प्यार करता है वही सरदार पटेल बन पाता है 31 अक्टूबर को उनके जन्मदिन को एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है जैसा सरदार पटेल चाहते थे कि भारत समृद्ध बने वहीं चार्जेस हमने भी मिट करिए कि भारत समृद्ध और एंपावर्ड बने आज इस समय अस्त्र-शस्त्र का समय नहीं रहा है आज एजुकेशन तो पुष्प और इकॉनमी के दम पर देश मजबूत होता है दुनिया से लड़ता है आज वर्ल्ड वॉर टेक्नोलॉजी और इकोनॉमी के बीच पर चलती है और वहीं हम चाहते हैं कि एजुकेशन के अंदर पैर से पहले कौन भी को बढ़ाने के लिए एवरीथिंग अबाउट और तर्पण और एवरी थिंग सब कुछ हमने सारे देश के पावरफुल ने प्रोफेसर के साथ आपको दिया है आप फोन करिए 2 डी नंबर पता करिए एवरीथिंग बट 1000 सिर्फ इतना फॉर डबल हो गया है कि आप आज वास्तव में हमारे कॉन्टेंट को कोई बात नहीं कर पा रहा है जो आकर कि हमारी यहां पर कंटेंट कल जिम करना गेम चेंज कर रहा है बहरहाल फ्री वीडियो में फिर भी देता रहूंगा कौन यह पोस्ट पर्सनैलिटी पर आप मेरी कॉम पर सचिन तेंदुलकर पैन का जन्मदिन आने वाला है या इंटरनेशनल पर्सनालिटी पर फौरन वापिस स्टीव जॉब भारत में कई व्यापारी बहुत बड़े हैं अंबानी है राधा कृष्ण दमानी है आनंद महिंद्रा है लक्ष्मी मित्तल है उदय कोटक है कि इसके विषय में वीडियो देखना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स कि आपका है यह आपके लिए मैं हजारों कमेंट चाहता हूं इसके ऊपर ज्यादा लाइक साइड इस पर ज्यादा वह टाइम कोशिशों पर नेक्स्ट वीडियो बनाऊंगा खड़े होकर पूरी एनर्जी के साथ चुका हूं सरदार पटेल के इस विडियो को पूरे देश में फैला यह अपने बच्चों को जरूर दिखाइए अपने एंप्लॉयर को दिखाइए एस थे सरदार पटेल जो अकेले अपने विजनरी दम पर पूरे भारत को आज एक किया आज जितने भी दान लेने पड़ते हमको कश्मीर से कन्याकुमारी हमें अहमदाबाद से अगरतला अगर सरदार पटेल होते हमारे साथ जुड़े रहने के लिए इस वीडियो को शेयर करने के लिए मेहनत करता हूं बहुत मेहनत करता हूं लाइक करके थोड़ा सा होता बढ़ाने के लिए आप सबका हृदय की गहराइयों से प्रेमपूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद अ [संगीत]

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