कानून मंत्री ने किए बड़े खुलासे Shri Kiren Rijiju Dr Vivek Bindra

[संगीत] 70 साल से लागू 370 हवा दिया मैं जानना चाहता हूं देश के कानून मंत्री का इस पर क्या कहना है क्या सबके लिए कानून एक जैसा होना चाहिए वो कहते हैं की नहीं हमारा कानून इसमें अलग रहेगा आपका इसमें क्या बेचारे इस पर कब डिसीजन ले ले अभी हम आपका साथ में बोल देंगे की यह करने वाले हैं तो आज ग जाएगा बाहर में एक मुद्दा बहुत चल रहा है आजकल डिग्री नहीं मिलेगी से सेक्स मैरिज अलाउड है लेकिन शादी का सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा तो क्या आप यह कहना चाहते हैं की हमारे देश में जज के बीच में नेपोटिज्म है अपने गांव का जज अपने रिश्तेदार जज लगाना चाहते हैं आप क्या कहते हैं कब तक बदलेंगे व्यवस्था को आप मैं पूरा कोड के बोलूंगा तो ऐसा लगेगा की कानून मंत्री जज पर अटैक कर रहे हैं है नमस्कार मैं विवेक बिंद्रा फाउंडर और सीईओ बड़ा business.com वेलकम तू डी बड़ा भारत शो एट ट्रिब्यूट तू इंडियास ग्लोबल ब्रांड एम्बेसडर ऐसे लोग जो भारत को बड़ा भारत बनाते हैं हर बुधवार उनकी कहानी हम आप तक पहुंचने हैं और आज के जो हमारे मेहमान हैं विभिन्न क्षेत्र में मिली इनको पहचान है वॉइस ऑफ नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड नेशंस में भी इनको डिजास्टर चैंपियन के नाम से बहुत सम्मानित किया और एक ऐसे छोटा बच्चा जो बहुत और बैकग्राउंड से आए ना सड़क थी ना बिजली थी अपनी मेहनत अपनी समझ से दिल्ली के नॉर्थ कैंपस से आगे बढ़ते बढ़ते और एक महत्वपूर्ण कैबिनेट मिनिस्टर का पोर्टफोलियो संभालने वाली एक ऐसी कहानी मैदान से मंत्रालय मैदान मतलब इससे पहले भारत मिनिस्टर र चुके हैं करंट डॉ मिनिस्टर किरण जी सबसे पहले आपका बहुत-बहुत स्वागत है सबसे पहले तो आपके स्टूडियो में आए और आपसे बात करने का मुझे आज मौका मिला तो बहुत अच्छा लगा एक मुद्दा बहुत चल रहा है आजकल वो है से सिक्स माइलेज का 134 देश में होमोसेक्सुअलिटी को एग्री कर दिया हमारे देश ने भी कर दे कोई बात नहीं रिकॉग्नाइज्ड करते हैं लेकिन केवल 34 ने से सिक्स माइलेज को अंग्रेजी किया अब हमारा देश छह रहा है की उसको एग्री किया जाए भाई सैंक्शन उसको दिया जाए आप ये कहते हैं की देश के पूरे देश के नागरिकों को प्रभाव करने की बात प्रभावित करने के बाद आप नहीं करेंगे सुप्रीम कोर्ट नहीं करेंगे हमारा कम है हम पार्लियामेंट में बैठ करके सांसद का कम है सरकार का कम है पर बात कुछ ऐसी हो गई एक पिक्चर थी वीर जरा तो यह वीर जरा की जगह सरेआम जो प्यार कर सकते हैं वो हो गए वीर और वीर लारा तो चली गई अब वीर और वीर सरेआम प्यार करेंगे और वीर और वीर लेकिन शादी से वंचित र जाति है इनकी तकदीर अब क्या करेंगे वीर और वीर मतलब हम तेरे तुम मेरे पर नहीं ले सकते साथ फेयर तो मैं यह कहना चाहता हूं की तो ऐसा होगा की जैसे कॉलेज में जाना अलाउड है लेकिन डिग्री नहीं मिलेगी से सेक्स मैरिज अलाउड है लेकिन शादी का सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा और आपने आज इसको रॉक ऐसा नहीं की मैं समर्थन करता हूं पर मेरी इच्छा थी की मैं प्रश्न जरूर पूछो अगर आप इसको उत्तर देना चाहे मटर सुप्रीम कोर्ट में चल रही है सरकार का पक्ष रखा हुआ है मैं यह मानता हूं की हमारा देश एक परंपरा से कई चीज चल रही हैं संविधान आए संविधान का तहत जो भी लोगों को मिलन चाहिए जो उनका राइट मिल रहा है दो लोगों के बीच में अपना एक संबंध हो सकते हैं अपना पसंद हो सकते हैं आप र सकते हैं कुछ भी करते हैं हम उसमें हस्तक्षेप नहीं करते से सेक्स वाले साथ में रहते हैं उसको भी हमने दी क्रिमिनल्स कर दिया है आप जैसे चाहे अपना व्यवहारिक जीवन बीते घूमने चाहे नाचना गाना पीना कीजिए मगर शादी सिर्फ दो लोगों का बंधन नहीं है यह सिस्टम है हमारा हजारों सालों से एक परंपरा चलते ए रही है और यह हमारे सभ्यता से जुड़ा हुआ यह कोई दो कर लोग बैठकर के निर्णय करने का चीज नहीं है इसलिए हमने शुरू से कहा की से सेक्स मैरिज का कोई रूप रेखा तैयार करना है तो पार्लमेंट उसका फॉर्म है सुप्रीम कोर्ट उसे पर कई नहीं कर सकते हैं हमने क्लीयरली कहा है और यही पक्ष हमने रखा है अब देखते हैं अगर कोर्ट से जो भी आते हैं हम तो अपना बात को रख चुके हैं और जैसे ही सुप्रीम कोर्ट से मटर आएंगे पार्लियामेंट में चर्चा करना बी बाकी से कम करती है और अपनी बात को रखती है और आप भी ऐसा करते हुए दिखते हैं हमको पहले कानून मंत्री ऐसे कभी नहीं किया जी तरह से आपने किया अब आपकी सरकार ने बहुत सारे रिवॉल्यूशन स्टेप बोलिए जैसे 70 साल से लागू 370 हवा दिया यह देख रहे 1400 साल पुराना ट्रिपल तलाक हवा दिया जब मैंने देखा यह मुझे अब विश्वास नहीं लगा पीछे मैंने देखा की अयोध्या का पुराना विवाद आपने समझा दिया ये सरकार बहुत तेज चलने में बिलीव करती है पर एक मुद्दा बच्चा हुआ है यूनिफॉर्म सिविल कोड और बाकी लोग कहते हैं की भाई इसलिए नहीं करेंगे क्योंकि ये आंटी माइनॉरिटी है मैं जानना चाहता हूं देश के कानून मंत्री का इस पे क्या-क्या है क्या सबके लिए कानून एक जैसा होना चाहिए या साफ-साफ बताएं इस्लाम को प्रैक्टिस करने वाले जो लोग हैं जो माइनॉरिटी है वो कहते हैं की नहीं हमारा कानून इसमें अलग रहेगा आपका इसमें क्या विचार है इस पे कब डिसीजन लेने वाले हैं हमारा इसमें विचार का बात नहीं है बहुत ही साफ शब्दों में मैं कहना चाहता हूं कई मुद्दे ऐसे देश में जो सरकार चाहे तो कर सकते थे लेकिन उसके लिए हिम्मत चाहिए निर्णायक नेतृत्व चाहिए वह मोदी जी के बाद में ही हमको देखने को मिला है अब आपने जो जो नाम लिए हैं जो जो कम के बड़े में बताया मोदी जी ने सब अपने कार्यकाल में कर चुके हैं और कम तो भविष्य में चलते रहेंगे कई आप कम और करने हैं उसमें से एक होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड अब मैं इसको यहां बैठ करके घोस्ट तो नहीं कर सकता हूं लेकिन इतना आपको बता सकता हूं की हमारा जहां-जहां सरकार है अब उत्तराखंड में उसका कमेटी बन गए हैं गुजरात में प्रोसेस शुरू किया है कर्नाटक में हमने का चुका है की भारतीय जनता पार्टी सरकार आने पर इस पर हम करवाई करेंगे तो भारतीय जनता पार्टी ऐसे पॉलीटिकल पार्टी जो करना चाहिए वो का भी दिया पहले से हमारा सोच में है और आज आगे बाढ़ रहा है तो आगे का जो सीमा है वह मेरा कोई अनाउंसमेंट से नहीं होगा वह हमारा सोच जैसे उसे हिसाब से जैसे चल रहा है आपको नतीजा भी समय-समय में दिखाई देगा एक्ट ईस्ट के ऊपर भारत ने कम किया काफी मैं देख रहा हूं मणिपुर में इस समय नानी ब्रिज बन रहा है मैंने सुना है की शायद वो दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज है इसके अलावा अरुणाचल का जो फ्रंटियर हाईवे 2000 किलोमीटर का उसमें लगभग ₹40000 इन्वेस्ट कर रहे हैं नॉर्थ ईस्ट रेलवे कनेक्टिविटी में लगभग 1 लाख करोड़ इन्वेस्ट कर रहे हैं सब कनेक्ट हो सके वहां पे और कनेक्टिविटी को आप रिव्यू कर रहे हैं और आप इस समय क्या अचीवमेंट देख रहे हैं इस सरकार की नॉर्थ ईस्ट को भारत से कनेक्ट करने के लिए दो बातें हैं इसमें एक तो इमोशनल कनेक्ट होते हैं एक फिजिकल कनेक्ट होते हैं इंफ्रास्ट्रक्चर का दृष्टि से जो पूर्वोत्तर भारत पूरा आप राज्यों में जो कम चल रहा है मैं जिन के बताऊंगा तो कम से कम 5 घंटे लगेंगे मैं इतना बता डन आपको 8 साल अभी तो 2 साल होने वाले हैं 8:30 साल में जो नॉर्थ ईस्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर का इन्वेस्टमेंट जो पैसा मोदी जी का सरकार ने दिया है वो पिछले 65 वर्षों में जो मिला है उसके दो गुना यह पिछले 8:30 साल में मिला है 65 साल में जो मिला है उसका 8:30 में इन्वेस्ट हुआ है दूसरा इमोशनल कनेक्ट नॉर्थईस्ट के लोग दिल्ली से दूर महसूस होते थे क्योंकि दिल्ली वाला नॉर्थ ईस्ट की तरफ देखते ही नहीं थे मोदी जी के आने के बाद दिल्ली से पूरे नॉर्थ ईस्ट के लोग दिल से दिल जुड़ गए हैं इसलिए आज हम में स्ट्रीमिंग का बात करता है नॉर्थ ईस्ट में जुड़ा है ऐसा बात करते हैं मैं तो यहां मानता हूं की नॉर्थ ईस्ट ही मेंस्ट्रीम बन गया है आज जब भी दो लोगों का झगड़ा होता है पहले आदमी जाकर के दूसरे को बोल देता एलसीएम इन डी कोर्ट कैसे के नाम पर तेरी बीरबल की खिचड़ी पकाऊंगा इतना कोर्ट कचहरी में चक्कर लगाएगी की चप्पल घीसवाऊंगा समय ग जाता है इंडिया में आज लगभग 5 करोड़ पेंडिंग कैसे चल रहे हैं नीति आयोग बोलना है यह एक से डेड परसेंट आज हमारे जीडीपी को इंपैक्ट कर रहा है और 324 साल ग जाएंगे अगर पेंडिंग केसेस को खत्म करना और आप ही की पार्टी के सनी देओल वह कितना बोले तारीख पे तारीख तारीख पे तारीख तारीख पे तारीख तो आपसे प्रश्न है की तारीख को क्यों ना कोई नया तरीका दिया जाए और इंसान के रहते जिंदा रहते ही उसको इंसाफ मिल जाए आपकी मिनिस्ट्री में किरण जी आप क्या करना चाहते हैं की कुछ समाधान निकले के सनी देओल कोई दूसरा आके दोबारा ऐसा प्रश्न उठा जो आप बात कर रहे हैं वो न्याय व्यवस्था की बात है जिंदगी में किसी को अगर न्याय नहीं मिला तो बहुत अफसोस की बात है और न्याय डर से मिला तो भी बहुत ही अफसोस की बात है और कहता अंग्रेजी में जस्ट डिलीट समय और आपने बिल्कुल सही कहा की इतने सालों ग जाता है 5 करोड़ केसेस पेंडिंग है आज हमारे देश में यह एक किसी भी रास्ते के लिए अच्छा संकेत नहीं है लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बने के बाद जो हमने तेज गति से कम शुरू किया है मैं उसको डिटेल एक्सप्लेन नहीं करूंगा लेकिन मैं आपको इतना बता सकता हूं की हमारे जो इंडियन ज्यूडिशरी सिस्टम को ट्रांसपोर्टेशन करने के लिए उनको मजबूत बनाने के लिए जो भी समर्थन सहायता चाहिए क्योंकि हम जज नहीं है लेकिन जजों को किस तरीके से जल्दी न्याय दिलाने में जो मदद देना चाहिए वह हम दे रहे हैं दूसरा बात यह है की न्यायालय में किसी भी कोर्ट में न्याय जल्दी नहीं मिलता है यह हमारा सबसे बड़ा चिंता का विषय है और हम अभी ज्यूडिशरी के साथ बात कर रहे हैं के जस्टिस के साथ सारे सुप्रीम कोर्ट के जज हाय कोट्स के जजिस और लोअर कोट्स के भी हमारे पास सब आते हैं हम भी जाते हैं मिलते हैं मैं सुप्रीम कोर्ट में भी गया हूं हाय कोट्स में तो विजिट करता ही हूं फंक्शंस में और के जस्टिस ऑफ इंडिया और हमारा तो रोज का बातचीत होते ही है तो यह आम लोगों को न्याय तुरंत कैसे मिले यानी की न्याय और आम आदमी के बीच में कोई फैसला नहीं होना चाहिए ये हमारा प्राथमिक 2 लाख कैसे देते जो 30 साल से ज्यादा पेंडिंग चल रहे हैं 2 लाख कैसे प्राण जाए पर जजमेंट ना आए और यहां तक कहते हैं की तेरहवीं हो जाति है इंसान की पर उसको तारीफ नहीं मिल पाती है एक बीरबल भगत थे 1994 में उनको हत्या के आप में लिया और अब कुछ दिन पहले उनको आज लगभग 28 साल की उम्र में गिरफ्तार हुए और देख रहे 30 साल तक मेरा और बेल एक बार भी नहीं मिली और अब पता चला की वो निर्दोष थे तो आप जैसे बता रहे हैं की आप आज देखेंगे की दिल्ली सिख राइट से या उपहार सिनेमा था या अयोध्या के वर्ल्ड एक थे या अभी देखते हैं भोपाल गैस ट्रेजेडी आरुषि का केंद्र तो कहानी वेब सीरीज ए गई निर्भय हत्याकांड पर वेब सीरीज ए गई निठारी क्या नेविलाइजेशन कैसे भी होगा तो हमारे बॉलीवुड वाले तेज कम कर रहे हैं जस्टिस में जब मैं देखा हूं की अगर आज साड़ी के सारे जज मिल के सारे केसेस पे हर एक घंटे में 100 के सॉल्व करें साड़ी जज हर एक घंटे में 100 के सॉल्व करें तो भी उनको 35 साल ग जाएंगे खत्म करते करते हैं आप का रहे हैं आप बात करते हैं आज हम पैसा ही नहीं इन्वेस्ट कर रहे हैं शायद आज भी बजट कम है दूसरे देश के मुकाबला और कहते हैं की जिनके पास है महंगे एडवोकेट उनकी बात में थोड़ा ज्यादा वेट समस्या यह की ऐसे में गरीब आदमी को इंसाफ मिलेगा कैसे आपने बताया आप बात करते हैं सीबीआई से स्टेप्स क्या ले रहे हैं बहुत कम हम उठा रहे हैं सबसे पहले तो टेक्नोलॉजी का मध्य से जो सर प्रोसेस में ढीले होते हैं उसको कैसे ठीक किया जाए जैसे की अगर जज आज न्याय देना चाहता है लेकिन बेसिस पे न्याय देगा उसके लिए एविडेंस कलेक्शन का तरीका उसके लिए जो इन्वेस्टिगेशन टीम्स का जो अपना कर सीट या जो मैटेरियल्स देना होता है विटनेस को लाना अब ये फिजिकल जो डिस्टेंस होते है उसको कैसे खत्म किया जाए मगर हम किसी कैसे को हम जिसको कहते हैं कच्छ फैसला उट कर दे सकते हैं न्याय गलत तरीके से नहीं दे सकते हैं उसके लिए एक बिजनेस में सर प्रोसेस रॉक देते हैं मां लो कैसे चल रहे हैं 50 लोग इंवॉल्व है एक बिजनेस गे है कैसे डफर हो जाता है कभी-कभी एक मटेरियल चाहिए जज कहते हैं की ये सपोर्ट डॉक्यूमेंट चाहिए आप दे नहीं सकते उसके लिए फिर सरकार एजेंसी या वकील कहते हैं की हमको समय चाहिए तो यह जो व्यवस्था है प्रोसेस ऑफ डिलीवरी जस्टिस इसको ठीक करने के लिए हमने टेक्नोलॉजी का सॉल्यूशन शुरू किया है अभी अभी जो हाल ही में जो बजट आए हैं 7000 करोड़ 7000 करोड़ का हमने ए कोर्स फ्री शुरुआत किया है कोविंद का समय कोर्ट क्यों बन नहीं रहा है क्योंकि टेक्नोलॉजी हमने फेस तू में मोदी जी प्रधानमंत्री बने का साथ-साथ फेस तू को हमने प्राथमिक कर दिया उसमें हार्ट और सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंप्यूटर डिजिटल इक्विपमेंट्स आपको व्हाइट नेट वर्किंग सर जो डिजिटल प्रोसेस में जो भी समाज चाहिए वह हमने खड़ा किया है तभी तो इंडियन कोड दुनिया का सबसे ज्यादा सुनने वाले कोट्स में से हमारे इंडियन कोट्स बने हैं लेकिन वो सॉल्यूशन नहीं है सॉल्यूशन है जल्दी न्याय कैसे दिया जाए तो वही मैंने आपको कहा की टेक्नोलॉजी एक बैग है दूसरा रिपोर्ट ज्यूडिशरी में कुछ रिफॉर्म्स चाहिए उसे पे अभी मैं बात करूंगा तो लंबा हो जाएगा लेकिन कुछ चेंज है जो ज्यूडिशरी को भी खुद को भी उसमें सहमति देना होगा की रिफॉर्म्स सिर्फ सरकार के लेवल में नहीं ज्यूडिशरी में भी खुद को रिफॉर्म्स के पाठ पर जाना होगा आपकी परफॉर्मेंस के लिए जानना चाहते हैं भारत सुना चाहेगा आपसे 68वीं रैंक पे आज हमारा देश और कभी भी यह टॉप 50 रैंक्स पर देश हमारा नहीं ए सका है आज 128 देश का जब यह एनालिसिस किया जाता है तो हमारे भारत को जस्टिस में बहुत पीछे माना जा रहा है क्योंकि भारत की ज्यूडिशरी को एफिशिएंट कैसे बनाया जाए देखिए ज्यूडिशरी का झगड़ा चल रहा है या वो चल सकता है या उसे पर आप लोग के अलग-अलग मतभेद हो सकते हैं आप कहते हैं की सुप्रीम कोर्ट के जो सीजी उनके साथ आप बैठ के दिन में दो बार बात भी कर लेते हैं पर एफिशिएंट बनाना चाहे मैं इसको ये नहीं का रहा हूं की आप कॉरपोरेट टाइल में लीड करेंगे पर आपके इनिशिएटिव जानना चाहता हूं क्योंकि समस्या आज ये है की जी डर से सबको इंसाफ की आशा है उसमें छोटी-छोटी समस्याएं लेकर के जैसे हिंदी और अंग्रेजी वह भी एक भाषा है तो मैं आज एफिशिएंसी पे पहले बात करूंगा फिर भाषा पे आता हूं श्री ऐसा है की वो अपने आप में इंडिपेंडेंस है क्योंकि संविधान में रेखा खींच हुआ है जिसका हम लक्ष्मण रेखा मानते हैं जो न्यायपालिका है उसका प्रक्षेत्र है कार्यपालकपालिका हमारा अलग क्षेत्र है फिर हमारे विदाई का है जिसका भी मैं मेंबर हूं क्योंकि मैं पहले एमपी हूं बात मंत्री हुआ है तो पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में मंत्री एमपी होते तो मैं एक लेजिस्लेचर कभी हिस्सा हूं तो हमारा कार्यपालिका जो एग्जीक्यूटिव का जो कम है वो तो मैं कर रहा हूं न्यायपालिका में जो रिफॉर्म्स लाना चाहिए उसे पर हम एडवाइस दे सकते हैं हम आज कोई कम उठेगी अगर न्यायालय कहते हैं की नहीं यह हस्तक्षेप है फिर उसको खारिज कर देते हैं तो इसलिए मैं जो भी बोलना हूं बहुत सोच समझ के बोलना हूं और अपने डेयर में सीमित रहकर के मैं बोलना हूं लेकिन क्योंकि मैं ब्रिज हूं इस देश का विधि और न्याय मंत्री होने का नाइट सरकार और ज्यूडिशरी के बीच में एक ब्रिज का कम करता हूं मैं झगड़ा नहीं करता हूं और मैं गलत बात नहीं पढ़ना हूं मीडिया में कभी-कभी और हमारे देश में जो एक ग्रुप है लिबरल लेफ्ट बोलते हैं लेकिन लिबरल तो है नहीं बोलो वो न्यूज़ गलत तरीके से चला के झगड़ा दिखाई हैं हमारा देश का छवि खराब हो लेकिन बिल्कुल ऐसा नहीं है हम ज्यूडिशरी को सिर्फ इज्जत ही नहीं है सम्मान ही नहीं हम उसका इंडिपेंडेंस को बरकरार रखना के लिए हर संभव कम भी उठा रहे हैं चर्चा करते हैं आम आदमी की आम आदमी आज न्यायालय जा रहा है न्यायालय के लिए हाय कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हिंदी का ओरिजिनल लैंग्वेज में कोई प्रावधान छोड़ ही नहीं गया है अभी पीछे पटना में वकील ने कहा हाय कोर्ट में हमको अंग्रेजी नहीं आई और जज ने बोला हिंदी हमको आई नहीं है हिंदी में बात नहीं करेंगे पीछे गुजरात के हाय कोर्ट ने बोले की एक पत्रकार बोले टोकन इंग्लिश ओनली जानना छह रहा हूं क्या चीन के अंदर चाइनीस में नया व्यवस्था है आज जर्मनी के अंदर जर्मनी में है आज सुप्रीम कोर्ट ऑफ जापान में जापानी के अंदर इनफैक्ट मेक्सिको में भी स्पेनिश में है और मैं ये देखा हूं की दुनिया को अपनी भाषा बा रही है आज भी इंडिया अंग्रेजन को गंगा रही है आप इस बड़े में बात तो कारी थी फीवर में पर मैं ये कहना चाहता हूं की भाषा की भूल भुलैया है इंग्लिश बैंड बैठी आज सबकी मैया है मैया इसे कहते हैं मदर टांग के लिए कहा जाता है थोड़ा कड़वा ना लगे इसलिए का भी देता हूं की वर्नाकुलर लैंग्वेज का आप मुझे समर्थन किया परंतु आपका जज के साथ कई बार होता है 36 का आंकड़ा कैसे सुलझाएंगे ये वाला माजरा हर कोर्ट में भारत के किसी भी राज्य में कोर्ट है अपना अपना एक रीजनल भाषा है अपना मातृभाषा है और लगभग कई राज्यों में हिंदी चलती है हिंदी हमारा राज्य भाषा है ऑफिशल लैंग्वेज जिसको कहते हैं वो संविधान में लिखा हुआ है और संविधान ये भी कहा की हिंदी को आगे और आगे ले जान के लिए प्रचार प्रसार कम सरकार को करना चाहिए किसी भी देश में मूल रूप से कामकाज अपना मातृभाषा से होना चाहिए इसमें तो कोई मतभेद नहीं होना चाहिए क्यों है की अंग्रेजी में आपको बात करना पड़ता है जजमेंट भी अंग्रेजी में लिखना है इसमें सबसे जो चोट किसको पहुंचती है आम आदमी जो आम आदमी हैं जिसको विदेशी भाषा नहीं आता है तो मोनोपोली हो गया था जो अंग्रेजी ज्यादा बोलना है उसका फीस भी ज्यादा है तालियां भी बजती है उसको हमारा पार्लियामेंट में एक-दो मेंबर भी है इंडिया में अच्छा अंग्रेजी बोलते हैं और भारत में यह हमारा बहुत ही विराम बना है जो अंग्रेजी अच्छा बोलना है लोग सोचते की वो बहुत इंटेलिजेंट आदमी है यह जो धरना है यह एक कॉलोनियल मीन सेट है यह स्लेवरी मेंटालिटी है इससे हम दूर रखना चाहिए प्रधानमंत्री जी ने रेड फोर्ट से का चुका है की जो कॉलेजों मन सेट को और कॉलेज हटाना है हमने 148 कॉलोनियल समय का जो लो है पुराने लो हटा दिया है जो बच्चा हुआ कुछ है वह भी हटे वाले हैं जो भी कानून होगा वह भारतीय कानून होगा और भारतीय नाम भी होगा तो आप खानदान करते अंग्रेजी का मैं खंड अंग्रेजी सीखने में कोई बुराई नहीं है किसी को किसी भी भाषा सीखने में कोई परहेज नहीं होना चाहिए भाषा सीखने में अच्छी बात है लेकिन सोचो अपने मंत्र भाषा में और भारतीय कोर्ट में अगर डिबेट डिस्कशन अपना आर्गुमेंट सर चीज अपना कन्वेनिएंट हिसाब से जो व्हाट्सएप आप कन्वेनिएंट है उसे भाषा में करेंगे तो ट्रांसलेशन के व्यवस्था है आज के दिन में टेक्नोलॉजी ए गया है इंस्टेंट ट्रांसक्रिप्शन होता है ट्रांसलेशन होता है तो प्रॉब्लम नहीं होना चाहिए तो के जस्टिस ऑफ इंडिया अभी का जो वर्तमान के जस्टिस ऑफ इंडिया है वह भी हम लोग इस पर एक मत है की टेक्नोलॉजी उसे करना चाहिए और रीजनल भाषा में अगर कांड को सकते हैं लोअर मत होते हैं हाय कोर्ट में भी जो हो सके आगे चलकर के हम पुश करेंगे की रीजनल भाषा में किसी भी तरीके से इस्तेमाल करने के लिए जो भी मदद चाहिए सरकार देंगे और विदेशी भाषा का हम विरोध नहीं करते हैं हम अपना मातृभाषा को प्रेम करते हैं न्याय का मतलब है नया आए अब किरण जी आए तो नया क्या आए यहां पर खैर आपकी क्रिटिसिजम बने के बाद में वहां तो आपके खूब वाया आई थी आपके लिए पर्सनल फेवरेट क्या है टेनिस कोर्ट बैडमिंटन कोर्ट या हाय कोर्ट सुप्रीम कोर्ट आप अपने प्रदेश को तेजी से प्रगति का रास्ता दिखा सकते थे मुख्यमंत्री बन गया आज मैं ये पूछना चाहता हूं आप मानते हैं की आपका कम बन छोड़ देना उसे पर को वो आपके लिए ठीक था गलत था किरण जी आपको रिवॉल्यूशनरी माना जाता है इसमें तो मैं पॉलीटिकल बात नहीं कहूंगा पर्सनल लीडरशिप पढ़े लिखे हैं आप उलझे हुए समझदार हैं नॉर्थ ईस्ट से हरे नॉर्थ ईस्ट का फेस है मेरा प्रश्न थोड़ा स्पेशल है न्याय का मतलब है नया आए अब किरण जी आए तो नया क्या आए मेरा क्वेश्चन ये है की न्याय करने वाले कम है हमारे देश में समस्या यह है की जजमेंट तो सब दे रहे हैं पर जजिस अवेलेबल नहीं है जो एक्चुअल जज को जजमेंट देना चाहिए था आज मेरी लोएस्ट रन चल रही है मेरे भारत की नंबर ऑफ जज पर वन मिलियन में अब देखिए ना उस में हर 10 लाख में ₹150 है यूके में आज 147 जज है हमारे यहां 15 जज है समस्या यह है की वहां पे 5 महीने के अंदर जजमेंट आता है उसमें हमारे या पांच साल में आता है वहां मैं कहूंगा की एक सरकार है जो करप्शन के ऊपर बनी थी करप्शन करप्शन भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार खूब चर्चा किया सरकार ने मेरा ऐसा मानना है जब जजिद बढ़ेंगे जब कोर्ट बढ़ेंगे जब डॉ फैकेल्टी जैसे इंस्टीट्यूशंस बढ़ेंगे जब आप दादा कोटा पाएंगे जब आप फास्ट ट्रैक कोर्ट ला पाएंगे जब आप बिजनेस डॉ की पढ़ाई कर पाएंगे तब मुझे लगता है की शायद भ्रष्टाचार कम होगा आज मैं यह देख का रहा हूं की कुछ टाइमलाइन की कमी है प्रोसीजर इशू जितने ज्यादा है मैं देख पता हूं की कोर्ट थ्रोट अय्यर नहीं चला गर्मियों की छुट्टी सर्दियों की छुट्टी बारिशें की छुट्टी लोकेशन सबसे ज्यादा आज इस समय जज को मिल रहा है फास्ट ट्रैक कोट्स जितने होने चाहिए थे उतने नहीं है और सबसे बड़ी बातें मैं समझना हूं की आज अगर हर चीज 24 घंटे मिल रही है आज इलाज हॉस्पिटल मेडिकल एम्बुलेंस सब कुछ तो न्याय 24 घंटे क्यों नहीं मिल सकता क्या कोई तरीका नहीं है की 24 घंटे न्यायालय चल सके और फास्ट्रेक पे सब चीज सॉल्व कर सकें आप चिप्स बिस्कुट जी तरह से ए रहा है मैं तो इतना आपसे एक्सपेक्ट करता हूं आज सबके सामने पूछना चाहता हूं की आज आपकी लीडरशिप में क्या नया आए ताकि सबको मिले आए बहुत अच्छे सवाल कई सारे मुद्दे आपने एक साथ पैकेज के हिसाब से रखा है सबसे पहले तो जो रेशों वाला बात है हम किसी देश के साथ कंपेयर नहीं कर सकते हैं एक देश है जिसका पापुलेशन ₹6000 है और वहां 12 एमपी है मेंबर ऑफ पार्लियामेंट तो रेशों तो कम होगा अब हमारा दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी हमारा देश में है अब 140 करोड़ है तो रेशों के तोर पर सब ऐसा होगा एक पुलिस कितने हजारों में एक पुलिस में ना होते हैं कितने हजारों में डॉक्टर होते हैं वो रेशों अलग ही होगा वो देश का साइज से बंता है दूसरा जो आपने बहुत इंर्पोटेंस सवाल जो पूछा के हमारा जो चैलेंज है हमारा सरकार और ज्यूडिशरी के पास जो आज चैलेंज है उसको कैसे ठीक किया जाए जो न्याय प्रणाली है उसको कैसे ठीक किया जाए यह जो प्रोसीजर इश्यूज से लेकर के लोगों तक कैसे आज हम लोग न्याय लेकर जाए सबसे बड़ा उदाहरण मैं यह देना चाहता हूं हमने लीगल सर्विस और आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया है जिसमें कोट्स में ही सिर्फ न्याय नहीं मिलन है न्याय जमीन में जाकर के भी न्याय देना चाहिए हमने नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी शुरू जो किया है उसमें सुप्रीम कोर्ट का जो सेकंड सीनरी बस जज होते हैं वो उसका एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट बनते हैं और मैं खुद कानून मंत्री हम लोग मिलकर के सुप्रीम कोर्ट के जज हाय कोर्ट के सारे जज बीच-बीच में हम लोग जाते हैं ग्राउंड में वही लोग अदालत लगाते हैं वही ऑन डी स्पॉट हियरिंग होते हैं वही फैसला होते हैं तो यह आउटब्रेस प्रोग्राम है लीगल अवेयरनेस हमने एक पैनल लॉयर बनाया है की गरीब आदमी को लीगल कंसल्टेशन के लिए जो फीस देना नहीं पड़ेगा अभी जो हमारे लीगल सर्विस कैंपेन देशभर में चल रहा है उससे क्या होता है जैसे एक गरीब आदमी है उसको इसने न्याय नहीं मिल रहा क्योंकि वो वकील एफर्ट नहीं कर का रहे हैं वो हम दे रहे हैं ये हम लोग नए शुरुआत की अभी तक किसी को फीस देने का जरूर भी नहीं है लीगल कंसल्टेशन न्याय बंधु नाम के जो स्कीम तेली लो मतलब हम लोग डिस्टेंस से भी हम उसको न्याय का एडवाइस देते हैं तो कंसल्टेशन सर्विस ये जो सर कॉन्सेप्ट ये प्रो बनो जिसको बोलते हैं फ्री ऑफ जो एड वो चला रहे हैं दूसरे जो इंपॉर्टेंट बात आपने बताया पैसे का वजह से लोग गलत तरीके से जैसे इस्तेमाल करते हैं और ये भी मानते हैं की बड़ा वकील है बड़ा पैसा लेट है और वही न्याय दिल सकता है ये जो परसेप्शन है इसको भी खत्म करना है मैंने जी दिन से इस देश का कानून मंत्री बना है इस दिन से प्रधानमंत्री जी का सोच को आगे लेक हमने क्लीयरली बता दिया है की इस देश में हर एक नागरिक को बराबर न्याय देने के लिए वकीलों में और जजों के बीच में भी एक सहमति बन्ना पड़ेगा की जो ज्यादा पैसा देगा उसको प्रेफरेंस क्यों मां लो न्यूज़पेपर में आज बहुत चर्चा हो रहा है उसको मेंशन तुरंत हो जाता है कोट्स में और कोई 30000 आप का रहे की 30 30 साल 20 साल केसेस पेंटिंग है कोई उसका चर्चा कोई नहीं कर रहा है इसलिए जायज भी उसको प्रायोरिटी नहीं दे रहे हैं इसलिए मैं चाहता हूं की केसिस पॉपुलर हो ना हो फेमस होना हो इक्वल इंर्पोटेंस देना चाहिए किरण जी आपका इंटेंट अच्छा है आप बात कर रहे हैं इक्वलिटी की बात कर रहे हैं की सबको मिलन चाहिए मेरा यहां पे एक बड़ा मुद्दा ही सवाल है की इंडिया में प्राइवेट जब सरकारी जब है एक आदमी का एवरेज वर्किंग ओवर इसको पकड़िएगा किरण जी की वो 45 घंटे ईयरली एवरेज वर्किंग हफ्ते का हमारे यहां जज का एक हफ्ते में एवरेज वर्किंग और 25 घंटे ए रहा है छुट्टी इतनी मिल जाति है उनको छुट्टियां के बड़े में क्योंकि मैं पूरा खोल के बोलूंगा तो ऐसा लगेगा की कानून मंत्री जज कोपर में अटैक कर रहे हैं मैं ऐसा नहीं लगे देने के लिए आपको एक मिडिल ग्राउंड बनाकर के बता रहा हूं जजों को छुट्टियां क्यों चाहिए क्योंकि एक दिन में 50-60 केसेस देखते हैं हियरिंग करते हैं फिर घर में जाकर जजमेंट लिखने हैं तो जज भी तो इंसान है तो उनको मटर प्रेशर रहेगा तो लगातार तीन कर महीने कम करने के बाद उसको कोई हॉलीडे जाता है तो थोड़ा रिलैक्सेशन होता है तो मैं हॉलीडे जो होते हैं जजों का उसका विरोध नहीं करता हूं लेकिन मैं जो कहना छह रहा हूं वह महत्वपूर्ण है हमारा देश में जितने भी जज होते हैं आधा समय उसको प्रशासनिक कम में अपना समय देना पड़ता है कोई ट्रिब्यूनल अपॉइंटमेंट करना है उसका भी समिति को एक जज हेड करते हैं कोई एक तो यहां केसेस हो गया सरकार ने रेफर कर दिया जुडिशल कमीशन बना दिया उसका बेहद जज करते हैं कोट्स के अंदर में आई कमेटी होते हैं टेक्नोलॉजी कमेटी होते हैं आप इंप्लीमेंटेशन कमेटी होते हैं बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कमेटी होता है तो आधा समय या जो का समय एडमिनिस्ट्रेशन में ग जाते हैं और फिर ये जो अपॉइंटमेंट जो विषय जिसको लेकर के सबसे बड़ा विषय बंता है की अगले 10 कौन बन्ना चाहिए दुनिया में कहानी भी जज जज का अपॉइंटमेंट नहीं करते जजों का अपॉइंटमेंट एक प्रोसेस से होते हैं जांच इसमें इंवॉल्व नहीं होते हैं भारत ही एक ऐसा देश है जहां जज लोग बैठ करके अगले जज कौन होना चाहिए वो ते करते हैं तो उसमें पूरा समय बर्बाद होते हैं की हमारे देश में जज के बीच में नेपोटिज्म है अपने गांव का जज अपने रिश्तेदार जज लगाना चाहते हैं तो अवस्थाएं ऐसे बनाया की जिसको जानते हैं इस को रिकमेंड करेगा जिसको नहीं जानते हैं वो तो रिकमेंड नहीं करेंगे इसी को ही तो मैं बता रहा हूं की कब तक बदलेंगे व्यवस्था को आप अभी हम आपका साथ में बोल देंगे की ये करने वाले हैं तो आज ग जाएगा बाहर में तो ये एक्स्ट्रा विषय है जज अपॉइंटमेंट इतना कंट्रोवर्शियल सेंसेटिव मटर है की इसको लेकर के बहस छेड़ा हुआ है लेकिन आपको विवेक जी मैं एक बात जरूर बता की जाऊंगा आज की संविधान से देश चलना चाहिए संविधान में तो अभी भी लिखा है की जायज का अपॉइंटमेंट सरकार ही करना चाहिए संविधान में ये लिखा है की राष्ट्रपति जायजास का अपॉइंटमेंट करते हैं और के जस्टिस ऑफ इंडिया से कंसल्टेशन करने के बाद इतनी बी बाकी से अपनी बात को रखते हैं तो मेरे ख्याल से शायद आप पहले डॉ मिनिस्टर रहेंगे आपने वकालत की प्रैक्टिस नहीं कारी लेकिन आप जानते हैं की वकालत में होता क्या है और जज के सामने आप खुला के बाकी से अपनी बात रखते हैं तो यह कन ट्रोवर्सीज में रहना क्या इसलिए की आप सिद्धांत को याद रखना चाहते हैं या इसलिए की आप एक अच्छे पावरफुल स्ट्रांग रिकॉल वाली एक मिनिस्टर के पोर्टफोलियो को भी एक ब्रांड की तरह रखना चाहते हैं देखिए दोनों चीज हो शक्ति हैं इसमें मेरा सोचना बहुत ही साफ है मैं तो वकील तो हूं नहीं मैंने कोर्ट का दरवाजा नहीं देखा मैंने कभी प्रैक्टिस नहीं किया मैं किसी गुटबाजी का नहीं हूं मोदी जी ने मुझे इस देश का कानून मंत्री बना बनाया और मुझे कुछ एक्सपेक्टेशन बनाया होगा मुझे वही कम करना है जो देश हिट में है और प्रधानमंत्री जी का गाइडेंस के साथ मैं किसी को खुश करने के लिए कोई बात नहीं बोल सकता हूं और नकली बात मैं नहीं बोल सकता हूं क्योंकि मैं नकली सोचता नहीं हूं जो मैं हूं वही मैं देखा हूं वही मैं बोलना हूं इसलिए मैं सोचता हूं की हमारे समय में मोदी जी जैसे प्रधानमंत्री ऐसा नेता तो बार-बार देश को मिलता नहीं है तो अब हमारा समय ए गया है अब देश आगे बाढ़ रहे थे ज्यूडिशरी में भी रिफॉर्म्स होना चाहिए मैं यह देखा हूं की आप बोलते हैं की अपॉइंटमेंट पर अभी आपने आज भी सवाल उठाया आपने कहा कॉन्स्टिट्यूशन का जो यह कम है एग्जीक्यूटिव का कम है यह कम सुप्रीम कोर्ट का नहीं है उनको नहीं करना चाहिए पिछली दफा आप भारत मिनिस्टर थे आप तो जानते हैं क्रिकेट खेलने वक्त नहीं आना चाहिए नहीं तो स्टंप आउट हो जाएंगे तो आपने कहा तो है की दोनों की अपनी-अपनी लक्ष्मण रेखा है क्या कई बार खरीद से बाहर आकर के शॉट करने में ग जाते हैं लक्ष्मण रेखा पर भी कर जाते हैं क्योंकि इस पर चर्चा किसी और कानून मंत्री के साथ नहीं हूं जितनी आपके साथ हो रही है वो ऐसा लोग करते हैं अगले जज कौन बन्ना चाहिए लेकिन अभी भी अपॉइंटमेंट तो सरकार का कलाम से होता है तो जब हम मेरे पास कोई मां लो बड़ा हाय कोर्ट है इलाहाबाद 25 नाम आया अगले जज क्योंकि रिटायरमेंट होते रहते हैं तो मैं हर दो महीने में कम से कम लगभग 50 100 जज अप्वॉइंट करते हैं जब नाम हमारे पास आता है तो हम तो उसको दिउ डिलिजेंस करना पड़ेगा कौन सही है कौन गलत है हमारे पास रिपोर्ट्स है जज के पास तो व्यवस्था नहीं है ना सरकार के पास है इंटेलिजेंस इनपुट्स और इनपुट डिपार्मेंट इनपुट्स सर खबर लेकर के फिर हम ते करते की यह जज बन्ना चाहिए की नहीं बन्ना चाहिए तो हम जब यह करते हैं फिर हम अपने हिसाब से नाम ते करते की यह यह सब ठीक है फिर उसको सुप्रीम कोर्ट के जो कॉलेज में फिर वो ऑब्जेक्शन करते हैं की सरकार जो है वो उसको गलत तरीके से नहीं देखना चाहिए मैं हमेशा कहता हूं की लोकतंत्र में मतभेद हो सकता है लेकिन उसको झगड़ा कंसंट्रेशन ग्रुप देना वो सही नहीं है तो अभी हम भी रोल प्ले करते हैं लेकिन नाम हम ते नहीं कर सकते हैं लेकिन इसको मैं नहीं मानता हूं की मैं अपने से बाहर जाकर की बात कर रहा हूं बिल्कुल मैं अपना कृष पे हूं आप हंसराज कॉलेज की तरफ आपके जाना चाहता हूं क्योंकि वहां पे आप भारत में बहुत एक्टिव थे और डू से आपने बाद में आगे चल के कानून के पढ़ाई कारी होम मिनिस्ट्री सपोर्ट मिनिस्ट्री डॉ मिनिस्ट्री फिट इंडिया मूवमेंट पर आपने कम किया है खेलो फिट इंडिया मूवमेंट पर आपने आपने भारत का बजट भी बढ़ाया सब लोग जानते हैं मेरे फुटबॉल कोच पर्सनली मुझे बता रहे थे की जब आप जी समय भारत मिनिस्टर रहे तो कम दिखने लगा था अचानक अचानक देखने लगा के बजट प्राइस सब बाढ़ गया और आपने पारा एथलीट्स को भी काफी सपोर्ट किया आपने आगे चल के आपके कई वीडियो के वायरल पुष्प मार रहे हैं आप कभी कभी आज भी आप वर्कआउट करते हैं आपने टेबल टेनिस के वीडियो दिखे रहे हैं आपके तो अब आप डॉ मिनिस्टर बने इतना सा पूछना चाहता हूं यहां पर खैर आपकी क्रिटिसिजम बने के बाद में बात तो आपकी खूब आई थी आप एक डिसिप्लिन पार्टी क करें मेरा आपसे सवाल है की भारत के बाद अपने जो कानून के हाथ पकड़े हैं आपके लिए पर्सनल फेवरेट क्या है टेनिस कोर्ट बैडमिंटन कोर्ट या हाय कोर्ट सुप्रीम कोर्ट खेल मंत्रालय बहुत ही लेफ्ट वहां हर चीज ग्लैमरस है तो खेल मंत्रालय ग्लैमरस मिनिस्ट्री है और डॉ मिनिस्ट्री बहुत लेबर्स मिनिस्ट्री है यहां दिखता नहीं है वहां फिल्म होते हैं तो ऐसा मैं तुलना करना आसन नहीं है यहां मैं अपना पूरा टाइम डीके जितना कम करता हूं वो दिखता नहीं है खेल मंत्रालय में जितना मैं कम करता था वह दिखता था तो वहां थोड़ा सा मस्ती भी था यहां सीरियसनेस थोड़ा ज्यादा है लेकिन जो जिम्मेदारी मिलता है तो मुझे तो दिल लगा के कम करना है इसलिए मैं ज्यादा फेवरेट हिसाब से किसी मंत्रालय को मैं नहीं का सकता अप में देखें वह देख बहुत कुछ रहा है आजकल वहां पर आपकी एक सरकार चल रही है अप की जो राज्य सरकार है बड़ी पॉपुलर दिया जाता है दूसरा पक्ष सकता है की या तो भाई कोर्ट रूम और यह करते हैं तो यह कोर्ट रूम नहीं आगे बढ़ाने देते इसे कहते हैं बुलडोजर कलर वर्सेस प्रोसीजर अब आप कानून मंत्री है आप बात करते हैं प्रोसीजर की और वहां बात होती है बुलडोजर की मैं आपसे ये पूछना चाहता हूं इनका ऐसा भी मानना क्या 800 क्रिमिनल चुपचाप के सुरेंद्र कर गए अप में अगर कोई क्रिमिनल होगा तो या तो दूसरे राज्य में भाग जाएगा यहां के सुरेंद्र कर देगा इतना डर ग रहा है वहां बुलडोजर से 183 क्रिमिनल्स को मार भी गिराए गया और कानून मंत्री इस पर क्या कहना चाहते हैं बुलडोजर या प्रोसीजर देखिए बुलडोजर जो चला रहे हैं वो भी प्रोसीजर और कितने ही चलते हैं उसमें सिस्टम है ऑर्डर पास करते हैं और उसके बाद में लो होते हैं उसका प्रोसेस को फॉलो करते हैं मेरा से इतना कहना है की कानून का डर और कानून के प्रति इज्जत ये होना ही चाहिए राजनीति में हूं पहले तो आम आदमी को अपना सिक्योरिटी का गारंटी नहीं था उत्तर प्रदेश में बिहार में भी आज का हाल आप देखते हैं वह क्योंकि कानून व्यवस्था बहुत कमजोर था इसलिए पुलिस और प्रशासन मजबूत होना देश के लिए समाज के लिए अनिवार्य है लेकिन उसका इस्तेमाल करना चाहिए मैं ये मानता हूं की उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था जो कायम किया है ये उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं देश के लिए एक मिसल है और अच्छा कम कर रहे हैं कठोर कहूं तो उसको कहा जाता है ईमानदारी और कानूनी वाली गुंडागर्दी के आपको तुरंत एक्शन मां बन जाए आज से पहले चला था प्रोसेस सिस्टम प्रोसेस पॉलिसी और फैक्ट डिटेल तारीख अब चला है एक्शन पता नहीं चला की कैसे एनकाउंटर हो जाता है तो आप इस बुलडोजर और एनकाउंटर का समर्थन करते हैं यह यह समर्थन का विषय ही नहीं है अगर कोई पुलिस अपना करवाई करते हैं कानूनी तहत कार्यवाही करते हैं तो उसको सवाल नहीं उठाना चाहिए सवाल तभी उठाना चाहिए जब गैर कानूनी तरीके से कम करता है आज उत्तर प्रदेश में अगर लोग खुश हैं लोग सुरक्षित महसूस करते हैं वह इसीलिए की सरकार प्रशासन के मध्य से पुलिस के मध्य से अपना कम कर रहे हैं तो लोग वही तो चाहेंगे लोकतंत्र में लोग अच्छा लगेगा लोग खुश है तो फिर आप समझ लीजिए की सब कुछ व्यवस्था अच्छी तरह से चल रही है ₹51 साल के हो गए अभी भी आप बहुत फिट लगता हैं भारत में आप इंटरेस्ट रखते एक पर्सनल सवाल करना चाहता हूं पीछे आपको अरुणाचल प्रदेश क्योंकि आपका होम स्टेट रहा है बेस्ट कमेंट से आप आते हैं वहां का जिला उसकी अपने बहुत तारीफ कारी पीछे 330 गांव में लगभग वहां 254 के अंदर 4g टावर ग गया आपने उसकी भी बहुत तारीफ करें आपको चेहरा माना जाता है 2016 में आपको मौका मिला था वहां मुख्यमंत्री बने का आपने आप अपने प्रदेश को तेजी से प्रगति का रास्ता दिखा सकते थे मुख्यमंत्री बन के ऐसे देखा जाए तो आपकी पार्टी से उमा भारती जी जब उनको मौका लगा या योगी आदित्यनाथ जी को राजनाथ सिंह जी को या सुषमा स्वराज जी को या वसुंधरा राज को सब मुख्यमंत्री बन्ना पसंद करते हैं आपने उसको छोड़ आप मानते हैं की आज मैं ये पूछना चाहता हूं आप मानते हैं की आपका कम देना उसे पद को वो आपके लिए ठीक था गलत था क्योंकि आपके पर्सनल जीवन का जो संविधान है क्या आप उसमें आगे चलकर कोई अमेंडमेंट करना चाहेंगे की नहीं मैंने गलती कारी मैंने उसको छोड़ दिया मुझे मुख्यमंत्री बन्ना चाहिए था नहीं मेरा कोई इच्छा नहीं है इस तरह के पार्टी का इच्छा से हम लोग चला है 2009 में हमारा पार्लियामेंट के वोट ते किया था की मुझे वहां मुख्यमंत्री का चेहरा के हिसाब से उतारा जाए इस समय मैंने अपना उसे समय अध्यक्ष राजनाथ सिंह जी थे तो मैंने कहा की मैं मेंबर ऑफ पार्लियामेंट के हिसाब से दिल्ली में रहूंगा उसके बाद से मैंने अपना कोई इच्छा जाते ही नहीं है 2016 में जो हमारा फिर सरकार बनी तब भी मैंने इस बात को सोचा ही नहीं है क्योंकि मैं ऑलरेडी यहां मंत्री हूं हमारे यहां भारतीय जनता पार्टी में एक कलर है मेरा जिम्मेदारी खुद ते नहीं करते हैं पार्टी ते करते हैं तो इसमें सोचना ही गलत बात है की मैं यह बन्ना चाहता हूं या उपाधि चाहिए मेरा कोई इस तरह का मांशन नहीं है अब रहते दिल्ली में लेकिन दिल आपका फिर भी नॉर्थ ईस्ट में राहत है कैपिटल मेरा जो राजधानी मेरा जो गांव उसमें संपर्क आपको रहेंगे ना यह यह देश का राजधानी है लेकिन मेरा कम का राजधानी तो मेरा पॉलीटिकल सेंटर तो अरुणाचल है तो वो मेरा कॉन्स्टिट्यूशन से वहां के लोग मुझे अलग अलग करते हैं तो वो टच में रहेंगे आपके अंदर ना एक यूजफुलनेस मैंने ऑब्जर्व करें आपसे मिलने से पहले मैं चेक कर रहा था की एक वीडियो जिसमें आप गाना ग रहे हैं तेरे जैसा यार कहां और नाच भी रहे और 35 पुश अप लगा रहे हैं कहां ऐसा याराना याद करेगी दुनिया तेरा मेरा अफसाना प्रधानमंत्री मोदी जी भी आपकी तारीफ कर रहा है गाना गेट हुए सीबीआई भी तारीफ कर रहे हैं मैं ही पूछना चाहता हूं कैसे हैं आपके असली वाले मिजाज या जानकर करते हैं ताकि छाई रहे आपके ही अंदाज मेरा जिंदगी ऐसा है हम लोग तो इतना दूरदर्शी आते हैं मैं अपना छवि अपना सोच बादल नहीं सकता हूं मैं जैसा हूं वैसा ही रहूंगा मैं बादल नहीं सकते हैं कामकाज करने का अंदाज तरीका बदलते हैं क्योंकि मेरा नेतृत्व मेरा पार्टी जो चाहेगा वैसे करेगा लेकिन जो शैली है वह बादल नहीं सकता अगर बादल गया तो फिर मैं ही खुद नहीं रहा अब आपसे हम एक शब्द या एक लाइन का उत्तर चाहेंगे हम रैपिड फायर में आपको ले जा रहे हैं पहले प्रश्न अब तक का आपका सबसे बड़ा इंस्पिरेशन कौन रहा है नरेंद्र मोदी जी आप कर्म भूमि अपनी किसको मानते हैं अरुणाचल प्रदेश या न्यू दिल्ली मेरा पूरा भारत देश ही मेरा कर्म भूमि है आप जस्टिस डिलेट में पूछना चाहता हूं की डिलीवरी ऑफ जस्टिस बहुत स्लो इंडिया में आप एग्री करते हैं डिसएग्री करते हैं एग्री करता हूं किस अपोजिशन लीडर के बड़े में आपकी पार्टी में चाय पे सबसे ज्यादा चर्चा होती है हम लोग अपोजिशन के बड़े में चर्चा नहीं करते हैं लेकिन कोई कोई नाम कभी-कभी ए जाते हैं प्रधानमंत्री मोदी जी एक ट्रिक मास्टर है या एक लिलियंट लीडर है ये अच्छा गाइड है ऑफिस में जब कोई अच्छा कम नहीं करें तो सीनरी उसकी क्लास लगा देता है क्या प्रधानमंत्री जी ने कभी किरण जी आपकी भी क्लास लगे है सबका लगता है राहुल गांधी या प्रियंका गांधी आपको क्या लगता है दोनों में से ज्यादा पोटेंशियल किसमे है पोटेंशियल तो दोनों में है लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में नहीं है क्या सुपर फिट इंडियन रिजु कभी सिक्स पैक अप बनाने की भी सोची थी अपने हिसाब से जितना हो उतना ही मैं अपना आपको ठीक मानता हूं इससे आगे नहीं भारत के लिए ज्यादा बड़ा थ्रेड कौन हो सकता है पाकिस्तान ये चीन भारत तो इस तरीके से तो सोचता नहीं की कोई हमारा दुश्मन है लेकिन कोई मुकाबला करना चाहते तो भारत भी तैयार रहते हैं आपके हिसाब से भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री कौन रहे हैं नरेंद्र मोदी जी आपके हिसाब से अब तक के भारत के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री कौन रहे हैं सबसे कम समय जो प्रधानमंत्री हैं तो उसको कम करने का मौका नहीं मिला तो कमजोर माना जाएगा अगर आपको इंडियन ज्यूडिशरी में एक चीज बदलने का मौका मिले केवल एक तो वो क्या होगी श्री का अंत में अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी आपको क्या लगता है सबसे ज्यादा फिट कौन है आप अखिलेश यादव अरविंद केजरीवाल या राहुल गांधी फिर तो सब है फिजिकल राहुल गांधी बहुत फीता है लेकिन 2024 के इलेक्शन में अगर आपकी सरकार को अगर खतरा होगा तो किस हो सकता है केजरीवाल राहुल गांधी नीतीश कुमार हम किसी के खतरों से अपना पैमाना नहीं रखते हैं मोदी जी के नेतृत्व ही हमारा ताकत है अगर आप नेता नहीं होते पर्सनली किरण जी तो क्या आप खिलाड़ी होते या वकील या कुछ और मैं समाज सेवक राजनीति में सबसे अच्छी बात किसको मानते हैं राजनीति में हर समय लोगों का बीच में रहने का मौका मिलता है राजनीति में सबसे बुरी बात किसको मानते हैं हम एक दूसरे के प्रति गलगली या जो आप विरोध में कम करना पड़ता है ये सही नहीं है किरण जी को सबसे अच्छा कंप्लीमेंट क्या मिला है की मैं इस देश का पहले ट्राईबल डॉ मिनिस्टर बना है किरण रिजु जो बड़े शांत दिखते हैं आपको गुस्सा कब आता है गुस्सा नहीं आता है जब कोई हमारा देश को गली देगा तब घुस आता है मोदी जी के बड़े में सबसे अच्छी बात क्या लगती है आपको एक तरफ देश के लिए जी तरीके से कम करता है वो तो है ही लेकिन अपने कलीग अपने लोगों को ध्यान रखना है सबके लिए मुझे अच्छा लगता है बहुत खूब सोशल वर्कर स्पोर्ट्समैन लॉक स्टूडेंट या पॉलीटिशियन सबसे ज्यादा सेटिस्फेक्शन आपको किस से मिला पॉलीटिशियन एक लाइन में अगर किसी को पॉलिटिक्स जॉइन करना चाहिए तो क्यों करना चाहिए रास्ते सेवा पॉलिटिक्स के मध्य से और अच्छा कर सकते हैं बहुत खूब किरण जी जज ने बोला ऑर्डर ऑर्डर आपने कहा गलत करने से और डर और डर और बहुत डर या डर पैदा करना चाहते हैं एफिशिएंसी लाना चाहते हैं सच की अहमियत बड़ी है फिर भी झूठ ज्यादा बिकता है आज आपको देखकर पता चला हमारे देश का न्याय थोड़ा कैसा दिखता है कभी सोचा नहीं था की जजिस की लाइफ में इतना स्ट्रेस होगा जो आज आपने समझाया कैसे आपने उनके साथ अपना कम्युनिकेशन बढ़ाया समाज की नॉइस के लिए आपकी वॉइस का होना बहुत जरूरी है कानून के लंबे हाथों में आपका हाथ इसी तरह सदैव बना रहे इस मंच पर आने के लिए इसकी गरिमा को और बढ़ाने के लिए आपका हृदय की गहराईयां से प्रेम पूर्व बहुत-बहुत धन्यवाद मैंने देखा पिछली आपके आ समय में खेल में आप कानून के नियम लेकर के आए और इस बार कानून को कोई खेल ना समझ बैठे इसपे आप लगातार कम करते रहे और आप और आगे कम करें आपसे मैं उम्मीद करूंगा की आपको ये वीडियो जरूर पसंद आया और अगर पसंद आया तो फिट शेर करना बंता है और अब ए गया एक और बड़ा बुधवार फिर लौटेंगे एक नए मेहमान के साथ जिन्होंने भारत को बड़ा भारत बनाया कमेंट बॉक्स में अपनी राय देते रहिए हम आपसे मिलवाते रहेंगे ऐसे सभी लोगों से जिन भारत को बड़ा भारत बना हमारे साथ जुड़े रहने के लिए वर्ल्ड के नंबर वन ऑन त्रिपुरा युटुब चैनल को सब्सक्राइब करने और करवाने के लिए आप सबका हृदय की गहराई से प्रेम पूरा बहुत-बहुत धन्यवाद किरण जी आपका विशेष धन्यवाद बहुत-बहुत धन्यवाद मुझे अच्छा लगा और बिना किसी टेंशन के आपसे जो कुछ छड़ यहां आपके स्टूडियो में आने का मुझे मौका मिला बहुत-बहुत धन्यवाद [संगीत]

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