Step By Step Strategies Of 3rd Richest Man Of India Tycoons Of India Case Study Dr Vivek Bindra

चलो दो प्रकार के लोग मान लेते हैं एक वो जो इंडस्ट्री में जाते हैं और एक वो जो पूरी इंडस्ट्री बनाते हैं 1970 की बात करूंगा कंप्यूटर इंडियन मार्केट में कंप्यूटर उस समय 70 में ना मेके बल था ना मार्केटेबल था ना बना सकते थे ना बेच सकते थे मेके बल मार्केटेबल और ऐसे में शिव नाडर ने हिंदुस्तान को कंप्यूटर सिस्टम से बिठा के पूरा सिस्टम कैसे बदला आज इसकी बात करूंगा आज सात स्ट्रेटेजी लेने वाला हूं ऐसी तिगड़म लगाई कि 1978 में 80000 का कंप्यूटर आसानी से बेचना शुरू किया कंपीटर को पीछे छोड़ के एचसीएल भारत की पहली ऐसी कंपनी बनी जिसने भारत का पहला कंप्यूटर बनाया कैसे किया ये सब nokia1 को एचसीएल लेकर के आया था यानी कि शिव नाडर और आज तक का मोस्ट सोल्ड फोन 2024 तक इतना फोन कोई नहीं बिका है वो क्या बी टू बी सीक्रेट फार्मूला है जिसकी वजह से शिव नाडर आज भी भारत के तीसरे सबसे अमीर आदमी कौन पहले मुकेश भाई गौतम भाई फिर शिव नाडर तीसरे सबसे अमीर आदमी नमस्कार विवेक बिंदरा बोल रहा हूं फाउंडर एंड सी bab.com क्या देख रहे हो आप टाइक ऑफ इंडिया द ब्रिलियंस बिहाइंड द बिलियंस वो बिलियन कैसे सात स्ट्रेटेजी सातवा एपिसोड छह एपिसोड आप देख चुके होंगे लेजेंड्स की लेगस से कैसे बड़ा बिजनेस की बड़ी लर्निंग्स ले सके पहले के छह एपिसोड में आनंद mahindra's 500 करोड़ में बना दिया अजीम प्रेम जी से प्रोडक्ट डाइवर्सिटी लाए इंडिगो राहुल भाटिया से लो कॉस्ट ऑपरेशन सस्ते में कैसे फ्लाइट उड़ाए इंदिरा न्यू से pepsi-cola मर्जर एंड एक्विजिशन छोटी-छोटी कंपनियां कैसे खरीद के अपने आप को बड़ा बनाए धीरू भाई अंबानी से हॉरिजॉन्टल लैटरल इंटीग्रेशन भैया एक बात सुनिए इतने सारे ऑपरेशन इंटीग्रेशन मैनेजमेंट एक्सपेंशन ये जब सीख रहे हो ना ये बेटर देन एमबीए लर्निंग फ्री ऑफ कॉस्ट मैं दे रहा हूं हर संडे को आज बात करूंगा जिनके नाम में ना और डर है यानी कि ना डर जो कभी डरते नहीं है ना डर शिव ना डर शिव ना बड़ी से बड़ी चुनौती इनके लिए चिल लड़ एकदम चिल लड़ है हिंदुस्तान कंप्यूटर लिमिटेड शिव नाडर और आने वाले समय में क्या देखोगे उदय कोटक देख सकते हो एशियन पेंट देख सकते हो अंबुजा सीमेंट देख सकते हो रघुराम राजन देख सकते हो हीरो ग्रुप के मुंजाल ब्रदर्स मुंजाल फैमिली देख सकते हो शिव नाडर में वापस आते हैं हर संडे मिलते हैं तमिलनाडु के विलेज में 1945 आजादी से दो साल पहले इनका जन्म हुआ था साहिर सी बात है उस समय अंग्रेजी नहीं बोल सकते थे हां 22 साल की उम्र तक अंग्रेजी नहीं सीख पाए लेकिन आज 220 देशों में इनके क्लाइंट्स हैं जिनके साथ ये अंग्रेजी में काम करते हैं भारत के जो तीसरे सबसे अमीर आदमी कैसे सबसे बड़े दानी लोगों में भी भारत के बने क्योंकि इस समय ये 530 करोड़ रु पर डे दान कर रहे हैं अपना एचसीएल जो है ना पर एंप्लॉई केपीआर करूं तो हाईएस्ट रेवेन्यू जनरेट करता रहा हाईएस्ट टीसीएस विपो और oso4 में $36000 पर एंप्लॉई कमाता है ये $27000 पर एंप्लॉई इसके पीछे एक स्ट्रेटेजी है इसके हाई पेइंग क्लाइंट्स कहां से आए ये सीखना पूरे वीडियो में सीखना साथ स्ट्रेटेजी दूंगा इनका सपना है कि चाइना को रिप्लेस कर दूं एज अ प्रोडक्ट कंपनी चीन से उसकी जगह छीन लेनी है ये इनका सपना है टॉप एंप्लॉयर का अवार्ड इनको दुनिया भर में मिलता रहा है पहली स्ट्रेटेजी लेते हैं जब कुछ नहीं था कुछ भी नहीं था तब इनके पास एक स्ट्रेटेजी थी पहली स्ट्रेटेजी विजुलाइजेशन एंड कम्युनिकेशन ऑफ विजुअल विजन यह अपने सपनों को विजुलाइज करते थे वो सपने सुनाते थे लोगों को कहानी बताते थे लोग मान लेते थे 1974 की बात कर रहे हैं डेल्ली क्लॉथ मिल डीसीएम में नौकरी करते थे मालिक ने नया कंप्यूटर खरीदा उसको देख के फेसिनेट हो गए और लोग उसको थ्रेट सेम रहे थे यह समझे नहीं नहीं यह थ्रेट नहीं है यह अपॉर्चुनिटी है यह मशीन जो दुनिया का काम आसान बना रही है लोगों का समय ब जा रही है अगर मैं यह मशीन बनाने लग जाऊं तो कैसा होगा बॉस के कंप्यूटर से कंप्यूटर के बॉस बनने की जर्नी शुरू कर दी क्या बोलता हूं मैं बॉस के कंप्यूटर से बॉस का कंप्यूटर देखा था उन्होंने ये कंप्यूटर का बॉस बंदने निकल पड़े छह दोस्तों के साथ में नौकरी छोड़ दी रिजाइन कर दी इतनी बड़ी बात हो गई कि देश के अखबारों में आने लगी है बातचीत बढ़ती चली गई इनको विजुलाइज शुरू में ही कर लिया था इरादा मजबूत था पर उसके अलावा कुछ नहीं था ना तो कैपिटल ना मैन पावर ना टेक्नोलॉजी ना बनाने वाला ना बेचने वाला ना डिमांड ना कंज्यूमर बाजार में कोई था ही नहीं पांच समस्याएं समझ लो कंप्यूटर बनाने वाला कोई था ही नहीं क्योंकि आज तक कंप्यूटर भारत ने बना ही नहीं कंप्यूटर बेचने वाला था ही नहीं क्योंकि बेचने की टीम ही नहीं थी कंप्यूटर खरीदने वाला कोई था ही नहीं भाई लोग क्योंकि पूरे देश में उस समय 100 ही कंप्यूटर थे और कंप्यूटर चलाने वाला क्योंकि कंप्यूटर चलाना भी नहीं आता था और इन सबको इकट्ठा करने वाला यानी कि कोई पैसे वाला ये पांचों चीजें नहीं थी ना बनाने वाला ना बेचने वाला ना खरीदने वाला ना चलाने वाला और इन सबको इकट्ठा चलाने वाला ज पैसे वाला वो सब नहीं थे इनके पास में और तब भी इनके पास एक चीज थी वो सपना वो विजुअल कम्युनिकेशन जाकर के कहानी सुनाते थे लोगों को मार्केट में पांचों चीजें अवेलेबल नहीं थी लेकिन ये ऑब्स्ट कल पे नहीं आउटकम पे फोकस किया ये सोचो जब आपके आसपास कुछ नहीं है और खास तौर से उस समय पर जब फाइव ईयर प्लान आया गरीबी हटाओ रोजगार बढ़ाओ गरीबी हटाओ रोजगार बढ़ाओ कंप्यूटर को देखा जा रहा था कि यह रोजगार घटा देगा कंप्यूटर को देखा जा रहा था अरे यह तो सबकी रोजगारी छीन लेगा लोगों को लगता है कंप्यूटर रोजगार खा जाएगा बैंक कि चक्कर में लोन नहीं देता था अब नाडर सोचे मैं क्या करूं क्या करूं पैसा कहां से लाऊं मुझे कंप्यूटर बनाना है कंप्यूटर बनाना है नाडर को समझ नहीं आ रहा इधर जाऊं उधर जाऊं को पैसा भी नहीं दे रहा है अभी तो नौकरी से निकला हूं कहां से लाऊं नाडर गए यूपी सरकार के पास कहानी सुनाई उनको बढ़िया कहानी सु विजन दिखाया उनको उनको विजन दिखा कर के उस समय 1978 में 77 में ₹ लाख उनसे ले लिए यूपी सरकार से ले लिए सरकार से ₹ लाख और अपने 26 पर हिस्सेदारी उन्होंने दे दी ये विजुअल पावर थी सरकार मान के अरे भाई ये तो अद्भुत आदमी है ये तो कुछ भी कर देगा ऐसा कम्युनिकेट करते थे नाडर जिसके पास इन्वेस्टमेंट मांगने जाते वो ताने मारता तू क्या कंप्यूटर बना तू कौन सा आईआईटी का पढ़ा है क्या का भई आईआईटी से आए हो कंप्यूटर बनाएंगे नाडर ने सोचा अच्छा आईआईटी का इतना नाम है क्या है ये आईआईटी तो वो उसने सोचा उनका एक और दोस्त जो छह एंप्लॉई में से एक और दोस्त था जो कोफाउंडर बनाया गया वो आईईटी का पड़ा हुआ था इसकी मदद से ना एक काम करते हैं पहले आईआईटी को कंप्यूटर बेच आते हैं जब आईआईटी हमारा कंप्यूटर खरीद लेगा तो दुनिया अपने आप चुप हो जाएगी तो एचसीएल के जो कोफाउंडर थे उनका नाम था अर्जुन मल्होत्रा और वो आईटी खड़कपुर से थे नाडर ने उनके थ्रू क्या किया खड़गपुर के इनके सारे आईआईटी के दोस्तों को इकट्ठा किया फिर उनको कहानी सुनाई दुनिया बदलने वाली है भारत बदलने वाला है कंप्यूटर का जमाना आने वाला है आईआईटी में आज इधर-उधर की पढ़ाई हो रही है केवल कंप्यूटर की पढ़ाई होगी तो सारे पुराने दोस्तों को इकट्ठा करके उनसे भी पैसा ले लिया क्या स्टोरी सुनाते थे कितना विजुअल इसे विजनरी व्यक्ति बोलते हैं आईआईटी खड़गपुर के जो डायरेक्टर थे जो उस समय जो कॉलेज के डायरेक्टर आईटी खड़गपुर के उनको भी कहानी समझाई आप भी क्या पढ़ा रहे हो आने वाले समय में ना मैकेनिकल चलेगा ना सिविल चलेगा ना कोई और इंजीनियरिंग चलेगा कंप्यूटर आइट रोबोटिक्स इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन एरोस्मिथ तो ठीक है यार ऐसे करो हमारा एडवांस में ऑर्डर लिख लो बस ये चुपचाप जाकर के प्री ऑर्डर ले आए और फिर आईआईटी का ब्रांड का ऑर्डर लेकर के बाजार में निकल पड़े हां अब छोटे-मोटे उनको और भी ऑर्डर मिलने लगे आईआईटी को कंप्यूटर देते हैं आईआईटी को कंप्यूटर आईआईटी उस ये स्मार्ट आदमी थे इसकी कहानी उसको सुनाए उसकी कहानी इसको सुनाए सबकी कहानी सबको सुनाए और कहानी सुना कर के अपना धंधा चलाए ऐसे शुरुआत करी और कंप्यूटर साइंस का पहला डिपार्टमेंट वास्तव में इनकी बदौलत 1980 में शुरू हुआ पैसा आ गया कैपिटल आ गई लेकिन अभी भी इनको एक तकलीफ थी यार ये कंप्यूटर मुझे तेजी से बनाने है तो मैन पावर कहां से लाऊंगा उस समय भारत में अब पैसा आ गया लेकिन दो तीन चार चीजें अभी बच गई थी बनाने वाला भी नहीं है बेचने वाला भी नहीं है खरीदने वाला भी नहीं चलाने वाला भी नहीं है आईआईटी की एक चिट्ठी लेे क्या कर लेंगे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट सेटअप करना है अब हजारों वर्कर चाहिए या कम से कम कुछ सैकड़ों वर्कर तो चाहिए ही चाहिए अब ना डरना आजूबाजू बहुत ऑब्जर्वर थे बहुत स्मार्ट आदमी थे इनके पास पैसा नहीं था लेकिन क्षमता थी पैसा जुटाने की मैन पावर नहीं थी मैन पावर जुटाने की क्षमता थी इनके पास कंप्यूटर बनाने की फैक्ट्री नहीं लेकिन कंप्यूटर की फैक्ट्री बनाने की क्षमता थी क्षमता दिल में होती है पैसा जेब में होता है क्षमता दिल में हो ना तो पैसा जेब में आ जाता है इमरजेंसी का टाइम चल रहा था ये बहुत ध्यान से देख रहे थे इनको मालूम था क्या होने वाला है मार्केट के डायनामिक्स और पॉलिटिक्स के डायनामिक्स दोनों बदल रहे थे क्यों इंदिरा गांधी इंदिरा गांधी का उस समय इमरजेंसी लड़ाई झगड़ा बहुत स्वदेशी स्वदेशी स्वदेशी स्वदेशी पूरा सेंटीमेंट बदल गया फॉरेन कंपनीज को मारो भगाओ उनको बाहर करो उस समय मजदूर यूनियन जिंदा ऐसा बहुत चल रहा था तो तब एक कंपनी थी टेक जाइंट आईबीएम वो इंडिया में आकर के पूरी तैयारी कर चुकी थी कंप्यूटर बनाने के लिए वो इंडिया में आकर के हजारों लोग ट्रेन कर चुकी थी कि अब हम कंप्यूटर यहां बना के बे जब तक वो आक के माल बेचना शुरू करते तब तक उनको भगाने का टाइम आ गया अब भारत सरकार ने उनको भगा दिया वो चली गई अपने एंप्लॉई छोड़ गई जैसे ही अपने एंप्लॉई छोड़ के गई इसने अपॉर्चुनिटी देखा शिव नाडर को ये नाडर ये कभी नहीं डरे किसी से नाडर को पता था रेडी मेड मेरे को स्किल्ड मैन पावर मिल रही है पूरी कंप्यूटर टेक्नोलॉजी को समझती है कहीं और से मिलेगी भी नहीं तो आईबीएम के दफ्तर के बाद टेंट लगा दिया कहा भैया फुल एंड फाइनल सेटलमेंट हो गया निकाल दिए गए ना भारत के लिए काम करो आईबीएम में काम करेगा छोड़ गई ना आईबीएम तुम्हारे को नेशनलिस्ट इमोशन जगा दिया स्वदेशी भारत के लिए काम करो भारत के लिए देश में रहकर देश के काम आओ साथ मिलकर के उस कंपनी आईबीएम जिसने तुम्हारा यह हाल किया उसको भी पीछे छोड़ देंगे लोग बोले अरे कोई हमको बचाने वाला आ गया अरे वो जो बेचारा बेरोजगार हो गया था अचानक टेंट लगा बाहर कितना उत्साहित हो गया कोई बचाने वाला वो बोले फिर नार्डन ने अपना पत्ता खोला अगला पत्ता तुरुप का एक का भाई एक बात समझ लो अभी सैलरी नहीं दूंगा लेकिन छ महीने बाद इतनी सैलरी दूंगा इतनी दूंगा तिजोरी छोटी पड़ जाएगी अच्छा मालूम नहीं तुमको आईआईटी हमको डर देता है भैया ओ ये लड़का ठीक लग रहा है भाई इनका जॉइन कर लो कॉम्पिटेटिव वॉइड हो गया पूरा माहौल में मौका निकाल लिया आईबीएम की एग्जिट नादर का बेनिफिट आईबीएम की एग्जिट नाडर का बेनिफिट छा गए एंप्लॉई को उन्होंने हायरिंग पिच जबरदस्त दी वो आईआईटी के नाम पे हायरिंग पिच धीरे-धीरे आईबीएम के सारे इंजीनियर अपने कर लिए और सबसे इंपॉर्टेंट एसेट पहले इन्होंने फाइनेंशियल कैपिटल एसेट बिल्ड किया फाइनेंशियल कैपिटल उसके बाद इंटेलेक्चुअल कैपिटल यानी कि बुद्धि के कैपिटल यानी कि आईबीएम के वर्कर्स आए अपने साथ कंप्यूटर बनाने की पूरी टेक्नोलॉजी और नो हाउ लेकर के आए रिजल्ट ये हुआ कि आईबीएम के एक्स एंप्लॉई की बदौलत 1978 में यही भारत ने पहला इंजीनियस कंप्यूटर लच किया पीसी और मालूम है ये विश्व में दूसरा था ये थे शिव नाडर जिनके पास कुछ नहीं बस खाली सपना था सबको सपना सुनाते थे और सब कुछ इकट्ठा कर लेते थे पूरी पूरे भारत में उस समय केवल 100 कंप्यूटर थे और एचसीएल अपना पीसी लेकर के आया खाली एल ने उस समय 1978 तक एक पीसी बनाया था और ये इंसेप्शन था अभी डिसर पशन आ आना बाकी है मैं कोई सेंसेशनल कंट्रोवर्शियल टॉपिक नहीं वैल्यू क्रिएशन टॉपिक दे रहा हूं आपको कई लोग नीचे कमेंट बॉक्स में मुझे बोलते हैं ग्लोबल टाइकून के बारे में नहीं नहीं नहीं हम इंडियन टाइकून की बात करेंगे जिन्होंने भारत को बड़ा किया उनकी बात करेंगे मेरे को आप चैनल सब्सक्राइब कर देते हो अच्छी बात है नहीं करते हो मेरा सब्सक्रिप्शन पे फोकस नहीं है मेरा सलूशन पे फोकस है टाइकून ऑफ इंडिया जो प्लेलिस्ट बना रहा हूं मेरा उस पे फोकस है ताकि ये प्लेलिस्ट एक एसेट बन जाए और अगर आप शेयर करते हो ना किसी को तो हैशटैग डाल दिया करो क्या हैशटैग डालोगे टाक ऑफ इंडिया ताकि लोगों को पता चले इससे और वीडियोस देख सके अब आती है अगली समस्या यह प्रॉब्लम सॉल्वर आदमी है अब कंप्यूटर भाई पैसा भी आ गया कंप्यूटर बना भी लिया लेकिन अब मुझे बेचने वाला खरीदने वाला चलाने वाला चाहिए क्य जब बेचने जाए तो लोग खरीदते नहीं थे क्योंकि खरीदने वाला भी तैयार नहीं और बेचने वाला भी ढंग से तैयार नहीं 80000 का कंप्यूटर तो वो ऐसी मार्केट बना रहे हैं जो मार्केट कभी एजिस्ट नहीं करती थी तो आईआईटी के अलावा अब बड़ा ऑर्डर नहीं था कोई छोटे-मोटे मिल गए लेकिन बड़ा ऑर्डर कोई नहीं था नाडर को बात समझ नहीं आ रही कि नाडर सोच भा चक्कर क्या है हम कि जो कंप्यूटर पैसा भी बचाए समय भी बचाए आपकी एफिशिएंसी भी बढ़ाए वो प्रोडक्ट बिक काहे नहीं रहा तो जब आपको ऐसी दिक्कत आए समझने के लिए नाड ने खुद सेल्स का बीड़ा उठाया फील्ड पर उतर के नाडर चले गए साथ में जाकर के देखा तो बड़े वहम फैले हुए पूरा बाजार में वहम वहम कंफ्यूजन चल रही है कंट्रोवर्सी चल रही है सेल्समैन कंपनी की को वैल्यू समझा ही नहीं पा रहे नाडर ने एक-एक करके सारे वहम को क्या किया आओ भाई लोग वाइड बोर्ड प बैठते हैं पहले लिस्ट बना लो सारा क्याक वहम चल रहे हैं बाजार में क्या ऑब्जेक्शन आ रहे हैं अगर ऑब्जेक्शन हैंडल करने पहले लिस्ट ऑफ ऑब्जेक्शन तैयार कर लो लिस्ट ऑल ऑब्जेक्शन टू हैंडल ऑल द ऑब्जेक्शन पहला ऑब्जेक्शन क्या आया कि भाई कंप्यूटर चलाना मुश्किल है क कंपनीज को लगता था कि कंप्यूटर ऑपरेट करने के लिए कोई नासा का साइंटिस्ट टाइप आदमी बहुत पढ़ा लिखा आदमी चाहिए कंप्यूटर है भैया कंप्यूटर थे इतना तेज दिमाग चलता कंप्यूटर का हम तो नहीं चला नाडर क्या करते थे अपने ऑफिस के चपरासी को साथ लेकर जाते थे और चपरासी को बोलते तू चला के दिखा भैया और उसके बाद क्या कि अखबार में ऐड दे दी कि टाइपिस्ट भी ऑपरेट कर सकता है और चपरासी भी ऑपरेट कर सकता है नाडर ने कंपनी से कहा कंप्यूटर से ना डर ए कंप्यूटर से ना डर मत डर कंप्यूटर से ये थे शिव ना डर दूसरा ऑब्जेक्शन उन्होंने देखा के कॉस्ट बेनिफिट समझा नहीं पा रहे हैं हमारे एंप्लॉई क्योंकि उस समय जब एंप्लॉई कंप्यूटर लेकर बाजार में जाते लोग कहते बहुत महंगा है इस ये बेकार का खर्चा है भाई ये तो इसमें बिजली भी खा जाएगा बड़ी दिक्कत आ जाएगी तो उस समय जो कंप्यूटर था वो 80000 का था अब आया कि टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप समझाया क्वांटिफिकेशन ऑफ वैल्यू क्रेशन समझाया कि एक्चुअली जो टोटल कॉस्ट पड़ रही है कंप्यूटर की वो आपको फ्री में पड़ रहा है कंप्यूटर एक्चुअल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप है जो टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप है जो क्वांटिफाइड वैल्यू है रियल वैल्यू है उस समय क्या होता था इन्होंने गणित निकाली मैथमेटिक्स निकाली इन्होंने देखा कि लेजर के अंदर लोग अपना मैनुअल डाटा एंट्री करते थे कागज पत्र लेकर के तो बेचने वाले को सिखाया भैया कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस कैसे निकालो अगर डाटा एंट्री करने वाला कागज में फरों के अंदर पचों में पेज के अंदर अ अपना एंट्री किए जा रहा है किया जा रहा है किए जा रहा है 10 आदमी चाहिए कंपनी को अब 000 महीना तनखा मिलती है तो 0000 महीना होगा 10 लोगों का साल का 12 महीने के हिसाब से 360000 हो गया और साथ में आजूबाजू का आलतू फालतू बिजली बिजली और ये वो खर्चे 0000 के तो 360000 प्लस 40000 4 लाख यानी कि एक साल में एक कंपनी ₹ लाख खर्च कर रही है केवल डटा एंट्री के लिए अब डाटा एंट्री ऐसे उंगली तो मैं चला दी पर ऐसे होती थी ऐसे नहीं होती थी इन्होंने समझाया कि भाई एचसीएल का पीसी तुम्हें फ्री में पढ़ रहा है बोले वो कैसे बोला 80000 का है कहने के लिए लेकिन एक ही आदमी चाहिए 10 आदमी नहीं चाहिए बोकी तनख तो ज्यादा होगी 000 वाला थोड़ी हां 000 वाला आदमी चाहिए उसको साल भर में 00 दोगे 80000 प् 60000 0000 00 की बिजली हो गई ₹ 60000 इसने दिखा दिया कि आप जो काम ₹ लाख में कर रहे हो मैं ₹ 60000 में करा रहा हूं ₹ लाख का काम 0000 में करा रहा हूं यानी कि पांच महीने में कंप्यूटर की कॉस्ट तो पूरी बाहर हो गई उसके बाद वो सारे आदमी आपको फ्री पढ़ रहे हैं तो एसीएल पहला ऐसी कंपनी बनी इसके बाद उसने देखा कि 80000 को भी और आसान कैसे कर सता हूं ईएमआई ले आया किस समय 1979 में 78 में ईएमआई लाने वाली पहली कंपनी आज से 45 साल पहले ईएमआई के बारे में मैं कोई सोच भी नहीं सकता था ये विजुलाइजेशन हर चीज की कहानी बैंकों को साथ में जोड़ दिया है ईएमआई दो तुम्हें पैसा आ जाएगा कमा लोगे तुम नाडर ने कस्टमर के कैपिटल इन्वेस्टमेंट के रिस्क को खत्म कर दिया रिड्यूस कर दिया वर्किंग कैपिटल जो ब्लॉक हो रही थी मुझे 10 कंप्यूटर चाहिए तो मेरे को 8 लाख चाहिए होंगे आज नहीं देने पड़ेंगे आराम आराम से देंगे ऐसे में बड़ी कंपनी जिनकी मल्टीपल ब्रांचेस हुआ करती थी वो अर्ली एडॉप्शन में आ गए उन्होंने फटाफट कंप्यूटर लेना शुरू कर दिया उनका भी बाजार में नाम हो गया अरे कंप्यूटर वाली कंपनी अरे कंप्यूटर उनको खुद को भी लगने लगा अरे हमारी भी ब्रांडिंग हो रही है अरे हम भी तो आगे बढ़ रहे हैं और और तीसरी ज्यादा बिजली खाएगा और खरीदने वाला को अब जो खरीदना है जिसने उसको बिजली का कंसेप्ट भी खत्म कर दिया बोला एक पंखा एक ट्यूबलाइट एक एयर कूलर लगा लो 86 यूनिट लगते हैं पर जो कंप्यूटर है वो अगर 12 घंटे भी चलता रहे तो 36 यूनिट लेता है दो कंप्यूटर 12 घंटे भी चलते रहे तो 72 यूनिट लेता है अरे भै आपके एक पंखे एक ट्यूब लाइट एक कूलर से भी कम पड़ रहा है जब नाडर ने कैलकुलेट करके दिखाया क्लाइंट्स ने कहा कि दो कंप्यूटर भी मिलक के एक पंखा एक ट्यूबलाइट एक कूलर से कम बिजली खा रहे ये तो कमाल हो गया अबी सारे मिथ्स तोड़ते चले गए इन्होंने सारे ऑब्जेक्शंस लिख लिए और उसके हिसाब से अपनी सेल्स की टीम को ट्रेन किया वहां पर ट्रेन द ट्रेनर करके सेल्स की टीम को ट्रेन करके सामने वाले को गणित समझाया कि तुमको कैसे कंप्यूटर फ्री का पड़ रहा है कंप्यूटर में लोग कहते टच कर करंट तो नहीं लगेगा भैया अब इतने पढ़े लिखे लोग नहीं थे इसको छुओ कहीं करंट लग जाए हमको ये काला दिक्कत हो अब लोग टेंशन में देख के कंप्यूटर थोड़ा गुदगुदा है लोग हसे अरे क्या चीज आ गई ये जी तो कक एकदम नई चीज थी तो इन्होंने क्या किया इन्होंने हर जगह से हाथ लगा लगा कर के अपने सेमन को बोला देखो छूके कहीं करंट नहीं लगता है भैया मार्केट में एंट्री मिल गई 76 तक भारत में जब खाली 100 कंप्यूटर थे 2 साल में 78 से 80 के अंदर उन्होंने 10000 कंप्यूटर बेच दिए पहले सामने वाले को फायदा बताया फिर अपना फायदा कमाया क्रिएट वैल्यू शेयर वैल्यू नाडर ने तो पांचों सवाल के जवाब ढूंढ लिए कौन से पांच सवाल कंप्यूटर बनाने वाला कंप्यूटर बेचने वाला कंप्यूटर खरीदने वाला कंप्यूटर चलाने वाला क्लर्क भी चला सकता है पीन भी चला सकता है कंप्यूटर चलाने वाला और पैसा जुटाने वाला ये सारे पांचों सवाल को सॉल्व कर दिया आगे चलने से पहले आपसे एक सवाल कर ले देता हूं आपने कितने गौर से फॉलो किया टाइकून ऑफ इंडिया सीरीज को एक प्लेलिस्ट है प्लेलिस्ट में जाइए ये आपका क्विज है भैया प्लेलिस्ट में सारे के सारे वीडियोस को देख लीजिए कौन से हैं उनमें एक चीज कॉमन है सारे वीडियोस में एक चीज कॉमन है हां ये सातवां एपिसोड है इससे पहले छह एपिसोड थे साथ के साथ एपिसोड में एक चीज कॉमन है वो कॉमन क्या है कमेंट बॉक्स में बताओ अगर मुझे आपका आंसर सही लगा तो 24 घंटे के अंदर मैं आकर के आपको हार्ट दूंगा आपके आंसर को आ कर के मैं धन्यवाद करूंगा रिप्लाई करूंगा आपके साथ इंगेज करूंगा अगर सही आंसर दिया प्लेलिस्ट में जाकर चेक करो एक कॉमन चीज क्या है देखते हैं कौन-कौन कौन कौन कौन सही गेस करेगा आप करोगे सही गेस फिर अब आते हैं अब इन्होंने क्या किया जी भारत में तो 10000 कंप्यूटर बेज दिए दिमाग तेज था भैया विजुलाइजेशन सब कुछ देखना पहली स्ट्रेटजी थी अब हम चौथी पे आ गए हैं इसने क्या किया इंटरनेशनल फोकस पायलट मार्केट ढूंढता हूं क्योंकि विदेश में जाना बड़ा मुश्किल था भारत को टेक्नोलॉजी का देश नहीं माना जाता था भारत को गरीबों का देश माना जाता था तो इन्होंने क्या किया इंटरनेशनल फोकस पायलट मार्केट में जाने से पहले इंडिया के डाउट्स क्लियर कर लिए इंडिया में कंफ्यूजन को क्लेरिटी में बदल लिया पांचों समस्याएं हेल कर दी अब डोमेस्टिक मार्केट के बाद जब ग्लोबल जाना था तो इंडिया एचसीएल में नाडर जो है सिंगापुर चले गए पहले सोचे सिंगापुर में जाता हूं एक फॉस्ट कंपनी नई कंपनी एस्टेब्लिश कर दी फार ईस्ट कंप्यूटर फार ईस्ट कंप्यूटर भैया ये ठीक लग रहा है फार ईस्ट कंप्यूटर जाता हूं सिंगापुर जाऊंगा साउथ कोरिया जाऊंगा जापान जाऊंगा पूरा फार ईस्ट एशिया कवर करते जाऊंगा सिंगापुुर आए तो सिंगापुर में कोई कंप्यूटर ना खरीदे बोले हम यूके से लेते हैं हम यूएस से लेते हैं हां इंडिया नहीं भैया इंडिया थोड़ी कंप्यूटर बना सकता है हां जी बिजनेस ओनर्स वहां पे बहुत ही ज्यादा ब्रांड कॉन्शियस कंट्री कॉन्शियस हुआ करते थे थे तो इंडिया की अभी इतनी रिस्पेक्ट नहीं थी इन्होंने कहा मार्केट नहीं है तो मैं मार्केट पैदा कर दूंगा तब इन्होंने कम्युनिटी ड्रिवन मार्केट से एंट्री करी ये थे तमिलियन शिव नाडर तमिलनाडु के थे ये और सिंगापुर में तमिलनाडु की काफी पॉपुलेशन थी टोटल पॉपुलेशन का सात पर तो तमिलियन ही थे पहले अपना तमिल रिश्ता बनाया उनके साथ में वो तमिलियन कांटेक्ट उन्होंने कनेक्ट किया नाड ने जाकर के तमिल भाषा में बात करने लगे करेक्ट ना नाइट वेलक टैक बो तो एकदम करेक्ट किया और उसके बाद तमिल कंप अब व कंपनी ओनर बोले लेकिन हम लोग तो भाई थोड़ा प्राइस सेंसिटिव है कंजरवेटिव है कंप्यूटर बेचने की बात करो दोस्ती तो कर ले मसाला डोसा खाएगा इटली ब खाएगा कंप्यूटर खरी देगा इले नहीं खरीदेगा वो कंप्यूटर खरीदने पे इले हर बात अच्छा इनके यहां बड़ा पॉपुलर वर्ड है इले मतलब नहीं नहीं इले इतना पॉपुलर वर्ड है आप कुछ भी इनको बेच इले इले र वेलकम ले व ये शिवना सोचे क्या करें प्राइस को अट्रैक्टिव बनाते हैं ये प्राइस पे एंटर किए इन्होंने दिमाग लगाया कि फोकस पायलट मार्केट है मैं कैसे प्राइस सेंसिटिव मार्केट को पकड़ूं 1980 के अंदर जो कंप्यूटर था इनका वह 00 सिंगापुर डॉलर का था सिंगापुर डॉलर हां सो सिंगापुरी डॉलर जो है 20000 चाहिए था इन्होने कहा कुछ ऐसा करता हूं रिड्यूस करके 25 पर इसको 15000 सिंगापुरी डॉलर में ले आऊ अगर तो लोग फट से पकड़ लेंगे 15000 सिंगापुर डॉलर इतना कम कर दूं कम करने के लिए दिमाग लगाया और क्या स्ट्रेटजी अपनाई भाई आदमी बहुत बुद्धिमान है या ड्यूल शोर मैन्युफैक्चरिंग मॉडल इसको क्या बोलते हैं इसको बोलते हैं ज्योग्राफिकली डिस्पर्स प्रोडक्शन यह बड़ी काम की चीज़ है इसको मैं आसान भाषा मैं समझा देता हूं ज्योग्राफिकली डिस्पर्स प्रोडक्शन क्या होती है ये एक बड़ी कूमेट कॉम्पिटेटिव एडवांटेज है आप जो भी चीज बना रहे हो उसकी छोटी-छोटी सप्लाई चेन को डाईट कर दो अलग-अलग करो देखो कि कौन सी आइटम कहां सबसे सस्ती पड़ेगी हम कहां करेंसी एक्सचेंज रेट सस्ता है प्रोडक्शन कहां सस्ती है कहां ट्रांसपोर्टेशन सस्ती है कहां से एक्सपोर्ट सस्ता है कहां असेंबली ठीक रहेगी इन्होंने दो हिस्सों में बड़ा डिवाइड किया ज्योग्राफिकली इन्होंने चेन्नई को अपना लोकेशन बनाया चेन्नई सिंगापुर समझ लो ऐसे एकदम आजू-बाजू एकदम आजूबाजू मलब समझ लो पूरा मुंबई जब तक आप पार करोगे लेफ्ट से राइट तक या पूरा दिल्ली पार करोगे नॉर्थ से साउथ दिल्ली तक तब तक आप चेन्नई से सिंगापुर पहुंच ये एकदम आजूबाजू फ्लाइट की टिकट बहुत सस्ती पड़ रही है वहां पे इन्होंने क्या किया सॉफ्टवेयर बनाते हैं यहां पे क्योंकि सॉफ्टवेयर को फ्लॉपी में डाल के ले जाएंगे फ्लाइट के अंदर वजन ही नहीं है इतनी सी फ्लॉपी है छोटी सी जाके फ्लाइट में उड़ा के ले जाएंगे और हार्डवेयर जाकर के सिंगापुर बनाएंगे तो उन्होंने क्या किया मद्रास के अंदर उस समय चेन्नई नहीं था वो मद्रास था मद्रास के अंदर फ्लॉपी सारी बनाई फटाफट और यहां सस्ती बनाई मैनपावर टेक्नोलॉजी सारी यहां पे सस्ती पड़ रही थी इनको और हार्डवेयर जाके वहां असेंबल कर दिया हार्डवेयर क्योंकि यहां से भर भर के लेके जाते थोड़ा किराया जाना पड़ता इनको जो है लॉजिस्टिक की कॉस्ट आती तमिलियन बिजनेस ओनर्स का मेंटल ब्लॉक टूट गया उनका मेंटल ब्लॉक टूटा बाकियों का मेंटल ब्लॉक टूट गया सिंगापुर का मार्केट इनको मिलने लगा वो जो पहले करते थे इले इले इले अब एक दूसरे को क्या बोले ए ले ले ले ले ले ले वो इले से ले ले कर दिया इन्होंने तो ये मजाक मजाक में 10 लाख का प्रॉफिट तुरंत जनरेट कर गए ये थे शिव नाडर की शुरुआती स्ट्रेटेजी अगर आपको पता है आपको भी बिजनेस को एक्सपेंड करना है मैं आपको एक फ्री का इवेंट दे रहा हूं अगर आपका बिजनेस एक्सपेंशन के लिए तैयार हो गया है नया बिजनेस के लिए नहीं बोल रहा हूं फटाफट आपको अनाउंस कर देता हूं दो-तीन दिन के बाद एक इवेंट कर रहा हूं दिल्ली के अंदर आइया टू आईपीओ उसमें टिकट नहीं है खाली हम ब्रेकफास्ट लंच वगैरह इवनिंग स्नैक्स टी कॉफी का पैसा ले रहे हैं आपसे लेकिन शर्त ये है कि आपका धंधा ₹ करोड़ साल का होना चाहिए तो उसको एक्सपेंशन में मैं आपको मदद कर पाऊंगा कि भाई कैसे डिस्ट्रीब्यूशन बिल्ड करोगे कैसे फ्रेंचाइजिंग कैसे आप जाओगे आईपीओ के लिए रेडी कैसे होगे हजारों बिजनेस ओनर्स एक साथ एक छत के नीचे होंगे इंडस्ट्रियलिस्ट भी होंगे र भी होंगे मार्केट एक्सपर्ट भी होंगे फिन फ्लुएंस यानी कि फाइनेंस के इनफ्लुएंसर भी होंगे एमएसएमई के मिनिस्टर भी होंगे इस फ्री इवेंट को अटेंड करना है तो नीचे रजिस्टर कर सकते हो आप अपनी डिटेल दे सकते हो सिल्वर बिलवर सारी कैटेगरी बिक चुकी है एक आधी कैटेगरी कुछ सीट्स है इनकी मैं पांचवी स्ट्रेटेजी पर जा रहा हूं मैं इंडिया कैप्चर कर लिया सिंगापुर कैप्चर कर लिया इनके माइंड में चल रहा था अमेरिका कैप्चर करूंगा ये अमेरिका लपेटना हमको भैया डॉलर में चाहिए कमाई अब अब हम अमेरिकन डॉलर कमाएंगे 89 में इन्होंने क्या किया मैकेंजी से बातचीत किया मैकेंजी कंसल्टिंग कंपनी थी मैकेंजी ने इसको एक प्रोजेक्ट दे दिया एचसीएल को कि मेरे अमेरिका में जो कस्टमर है मैं कली समझ लो बीच का आदमी हो गया बीच का आदमी हो गया अमेरिका में जो मेरे कस्टमर है उनके लिए आप यूक्स कंप्यूटर बना ए बना देंगे मैकन जैसे बोला यक्स बना बना देंगे इनके पास जब कुछ नहीं होता तब भी तैयार होते सब हो जाएगा जब कोई पैसा नहीं कोई आदमी नहीं कोई फैक्ट्री नहीं तब इन्होंने देखो भारत का पहला कंप्यूटर विश्व का दूसरा कंप्यूटर बनाया है तो यूनिक्स बनाने में क्या बना देंगे सिलिकॉन वैली में जाकर के सिलिकॉन वैली आज सिलिकॉन वैली का कितना नाम है य उस समय लेट 80 में 89 के अंदर सिलिकॉन वैली में अपनी फैक्ट्री खोल दि है पैसा नहीं था उस समय भी वहां पे 200 300 बिलियन डॉलर की मार्केट थी वहां बहुत कमाई की अपॉर्चुनिटी थी सिलगन वैली में इनका दिमाग उसी में था इनको था पैसा कर लेंगे जुगाड़ आईआईआई बैंक प गए उससे पहला ₹ करोड़ रप उठाया भाई लगाओ फैक्ट्री लगा दो चालू कर दो वहां बहुत पैसा बहुत कमा लेंगे आज लगा देते हैं थोड़ा लगा दिया यूनिक्स बनाना शुरू कर दिया इनको क्लाइंट भी मिल गए एक गलती थोड़ी सी कर दी जो पावर सप्लाई यूज का वहां कंप्लायंस था यक्स के लिए उसकी फ्रीक्वेंसी जो उन्होंने बना दी थी वो यूएस में एक्सेप्टेबल नहीं थी क्योंकि इंडिया की जो फ्रीक्वेंसी है वो 50 हर्टज की है और यूएस की उसम 60 हर्टज की यूनिक्स को क्लीयरेंस नहीं मिल पाया फैक्ट्री भी लगा दिया मैन पावर भी लिया है कंप्यूटर भी बना दिए एक भी यूनिक्स नहीं बिका वहां यह पहली बार बड़ा बुरा फस गए अब क्या हो गया जी क्या बचा हाथ में फैक्ट्री का किराया चालू एंप्लॉई की सैलरी चालू लोन की ईएमआई चालू अब किराया बचा लू सैलरी बचा लू ईएमआई बचा लू बिजनेस चालू नहीं हुआ दो दिन तक शिव नाडर इतना डिप्रेशन में ले गए दो दिन 48 घंटे कमरे से बाहर नहीं निकले ना खाया ना पिया बैठ कर के टेबल पे ऐसे बैठे कुर्सी पे सर नीचे करके बैठ के सर हिलाते रहे सोचते रहे सर हिलाते रहे सोचते रहे परेशान भी थे लेकिन एनालिटिकल माइंडसेट तो है ना आदमी का कोर तो वही है जिसका कोर अच्छा है वही तो करोड़ कमाए कोर से करोड़ों तक कैसे पहुंचते हो आप ऐसे ही लोग पहुंचते हैं दो दिन के बाद जब ये बाहर निकले ना तो हीरो बन के निकले पार्टनर से बोला यूएस में ऑपरेशन रैप अप नहीं करेंगे पार्टनर ले ग पगलाए गए भैया हैं इतना पैसा बर्बाद करा दिया तुमने यूनिक्स में अच्छा खासा इंडिया सिंगापुर काम कर रहे थे अमेरिका अमेरिका अमेरिका का शौक चढ़ाए बैठे ये बोले नहीं नहीं सुनो हम स्वॉट बेस्ड पेव करेंगे बोले वो क्या होता है बोले मेरे स्वॉट एनालिसिस किया है दो दिन में मेरी स्ट्रेंथ क्या है मेरी वीकनेस क्या अपॉर्चुनिटी क्या थ्रेट क्या स्ट समझ लो हा मेरी होती है स्ट्रेंथ और वीकनेस बाजार में होती है अपॉर्चुनिटी और थ्रेट स्ट्रेंथ और वीकनेस मेरी कंपनी के अंदर होती है अपॉर्चुनिटी संभावनाएं और आने वाली तकलीफ है वो बाजार में होती है तो बोले मैंने वो समझ लिया है यह कंप्यूटर के लिए मेरे पास मैन पावर है वो मेरी स्ट्रेंथ है बाजार में कुछ समस्याएं मैंने देखी है वो अपॉर्चुनिटी है तो अपनी स्ट्रेंथ से मार्केट की अपॉर्चुनिटी को मैच कर रहा था मैं दो दिन से बैठ के हूं बोले क्या मतलब क्या कर रहे थे बाकी पार्टनर अब थोड़ा लगे कि भाई कुछ सोच के आया लग रहा है बहुत दिमाग लगा के आया ये शिवना डर ये किसी से भी ना डर ये ऐसा है जो डर को डरा दे शिव ना डर कभी ना डर ये क्या किया है बोले मैं सॉफ्टवेयर सलूशन प्रोवाइडर बन जाता हूं ना कंप्यूटर के बजाय अपनी आईटी कैपेबिलिटी है ही है मेरे पास मैं लॉस में कुछ ठोस लेकर के आया हूं बोलो क्या लाया बोले सिलिकॉन में जो क्लाइंट्स है ना जितनी भी बड़ी-बड़ी कंपनी है सिलिकॉन वैली में यूएस में इनके पास में टोटल आठ समस्याए हैं बोले क्या आठ समस्याएं हैं बोले ये आठ समस्या नहीं ये आठ अपॉर्चुनिटी है बोले क्या है बोले इन कंपनी कंपनियों को अपना धंधा करना आता है पर पहली समस्या ये है कि इनके पास सॉफ्टवेयर डेवलपर टैलेंटेड नहीं दूसरी समस्या ये है कि सॉफ्टवेयर डेवलपर ये लाते हैं तो उनको महंगे पड़ते हैं इनकी कंपनी में टिकते नहीं तीसरी समस्या है कि उसके लिए कंप्यूटर बनाने के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर लगाओ वो इनको खर्चा पड़ जाता है चौथी है कि अगर ये लगा भी ले तो कभी इनका सर्वर क्रैश हो जाए कभी इनका फ्रीक्वेंसी सिस्टम में कोई ना कोई बग आ जाए कोई दिक्कत हो जाए पांचवी समस्या ये है कि भाई साइबर का थ्रेट आ जाए हैकिंग का दिक्कत आ जाए डटा ब्रीज कर जाए बोलो और बोलो और ये सब समस्याएं मत देखो अपॉर्चुनिटी देखो छठी समस्या जिसको अपॉर्चुनिटी देख रहे हैं कि क्लाइंट अपना धंधा करने की जगह सॉफ्टवेयर बनाने में लग गया हमारा जो बड़े-बड़े कॉर्पोरेट जॉइंट्स हैं वो अपना धंधा छोड़ कर के ये टेक्नोलॉजी में लगने की कोशिश कर रहे हैं अब ना अपना धंधा कर पा रहे हैं ना टेक्नोलॉजी बना पा रहे तो इस चक्कर में सातवी समस्या ये जो बनाते थे पहले वो भी स्लो हो गया और टेक्नोलॉजी बना नहीं पा रहे बोले आठवी समस्या बोले इनके चक्कर में जब यह लेट कर देते हैं बाजार में नहीं उतर पा रहे टेक्नोलॉजी की कमी के कारण ये स्लो होए जा रहे हैं तो कोरिया और चाइना घुसे जा रहा है इनको ठोके जा रहा है बर्बाद किया जा रहा है परेशान किया जा रहा है तंग किया जा रहा है चाइना और कोरिया बहुत तेज आ रहा है यूएस के जो हमारे अपने क्लाइंट्स है वो अपना बिजनेस लूज कर रहे हैं पार्टनर सोचने लगे यार आदमी क्या कमाल का आदमी है कैसे सोचता है लॉस में ठोस बोला लॉस में ठोस ढूंढ लिया मैंने कुछ नाड टॉप यूएस कंपनी के पास गए एकदम कोट पैट टाई लगा कर के ऐसे हीरो की तरह जैसे बहुत बड़े अरबपति वहां जाकर के बोले तुम अपना धंधा संभालो जो तुम्हारा काम नहीं है तुम करो मत वो तु मतलब टेक्नोलॉजी का काम हमको दो हमारे पास बढ़िया मैन पावर रेडी है पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर रेडी है सारे ऑपरेशंस रेडी हैं सॉफ्टवेयर के दुनिया के बेस्ट से बेस्ट आदमी हमारे पास आपका आईटी ऑपरेशन संभालने के लिए रेडी है आप अपना धंधा करो इन्होंने अपनी स्ट्रेंथ को मार्केट की आठ समस्या यानी कि आठ अपॉर्चुनिटी से किल किया अपनी वीकनेस को किल किया इनकी वीकनेस क्या थी लूप क्लोज करते हैं इनकी वीकनेस थी यक्स बिका नहीं रेंटल चालू थे यूक्स बिका नहीं तो क्या सैलरी चालू थी यूनिक्स बिका नहीं तो क्या ईएमआई चालू थी आईसीआईसीआई का लोन चालू था अब क्या किया इन्होंने दूर तक सोचते हैं भाई दूर तक सोचते हैं तीन स्टेज की प्राइसिंग लॉन्च करी पहली अभी घुस रहा हूं बाजार में पहली स्टेज सुन लो घुसते वक्त पेनिट्रेटिव प्राइसिंग प जाऊंगा इकॉनमी सस्ती प्राइसिंग प जाऊंगा वैल्यू प्राइसिंग प जाऊंगा कैपटिव प्राइस प जाऊंगा अभी मार्केट को खाऊंगा पहले जाकर के पकडा कुछ कस्टमर लेकर के आऊंगा उनको दूसरे कस्टमर दिखाऊंगा दूसरे कस्टमर को मैं पहले और दूसरे और पांचवे कस्टमर दिखाऊंगा बहुत सारे कस्टमर ले आऊंगा तब बाद में प्राइस बढ़ाऊ घुस गए ये बाजार के अंदर सिसको मिल गया इनको सिसको मिला देखते दे देखते सिस्को की शक्ल दिखा दिखा के सिस्को को कागज दिखा के जैसे आईआईटी का कागज दिखाते थे सिस्को का दिखा कर के बाकियों से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट आउटसोर्स करवा लिया ओए होए होए मर्क पकड़ ले गए ऑटो डेस्क ले गए बोइंग कंपनी जो हवाई जहाज बढ़ती है सीमेक्स ले गए मैटल ले गए स्टेट फार्म ले गए सीए टेक्नोलॉजीज ले गए एक के बाद एक आउटसोर्स लोग उनको करने लगे और अपना जो है अपना कैपिटल उन्होंने बचा लिया कंपनी ने भैया ये तुम्हारा काम है तुम संभालो हम कहां इसके लिए आदमी हायर करें हम कोका कोला बनाते हैं कोका कोला बनाएंगे तुम टेक्नोलॉजी बनाओ हमारे लिए हम हवाई जहाज उड़ाते हैं हवाई जहाज उड़ाएंगे तुम अब इसको सबका धंधा मिलने लगा और प्रॉफिट मार्जिन जो इनके क्लाइंट थे उनको बड़ा कंफर्ट आने लगा जब इसने देखा अब मुझे मार्केट मिल गई है अब आ गया स्टेज टू प्राइसिंग स्टेज टू प्राइसिंग जब मैं लीडर बन रहा हूं ना तो अब इस समय मैं क्या करूंगा अब इस समय मैं प्राइसिंग अपनी बदल देता हूं अब अब ये नई प्राइसिंग लेकर के आ है प्रीमियम प्राइसिंग प्रीमियम प्राइसिंग से क्या किया बाजार इनके साथ है ना और यह बाजार में अकेले हैं हां ये क्या है नंबर वन नहीं द ओनली वन टाइप हो गए थे उस समय इन्हीं का नाम चल रहा था एचसीएल भैया आई है कोई कंपनी जबरदस्त है अमेरिकन कंपनी एचसीएल अब अपने आप को अमेरिकन कंपनी घोषित कर दिया है इससे इन्होंने एक्स्ट्रा चार्ज करना शुरू किया कॉस्ट रिकूपमेंट कॉस्ट रिकूपमेंट क्या मतलब क्या होता है रिकवरी ऑफ लॉस्ट फंड्स जो ऑपरेशंस में ये पैसा बर्बाद कर चुके थे यूनिक्स के चक्कर में जितनी बर्बादी हुई थी ये स्टेज टू पे आके सारा पैसा रिकवर कर गए सारा कर्जा कुर्जा सब निपटाए दिए ले पकड़ तेरा कर्जा ये चेक फेंक के मुंह प मारा यानी अमिताभ बच्चन के टाइम पे मूवी में आता आज भी मैं गिरे हुए पैसे नहीं उठाता मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता खूब कमाया वहां पे प्रॉफिटेबिलिटी अपनी पीक पे ले गए और अपनी वीकनेस भी खत्म कर दी वीकनेस क्या थी बताया था ना आपको तीन वीकनेस थी ईएमआई चालू थी रेंटल चालू था वहां के तीनों वीकनेस उस समय कंप्यूटर बिक नहीं रहा था उस समय फंसे पड़े थे ये अब इन्होंने सारी वीकनेस भी खत्म कर ली अब जब देखा देख देखी इंडियन जायंट्स भी विपो घुसने लगा फोसिस घुसने लगा बहुत कमाई है इसमें टीसीएस घुसने लगा बहुत बाकी मल्टीनेशनल घुसने लगे तो मैंने इंडिया के तीन बताए सब आने लगे यूएसआईटी मार्केट में एंटर भी कर रहे हैं इमर्ज भी कर रहे हैं एंटर भी कर रहे हैं इमर्ज भी कर रहे हैं ये पहले से रेडी थे आ जाओ आ जाओ हमें पता था जी हम आएंगे तुम पीछे-पीछे आओगे हां जहां भी मैं जाऊंगा मेरे पीछे-पीछे आओगे हां तो ये स्टेज थ्री की तैयारी पे थे पहले से ही क्या है स्टेज थ्री अब करेंगे कॉम्पिटेटिव प्राइसिंग कॉस्ट प्लस प्राइसिंग मार्क अप प्राइसिंग यानी कि जितनी कॉस्ट है उसके थोड़ा एक्स्ट्रा लूंगा फॉर एग्जांपल बोइंग कंपनी ने इनको बोला हमारे लिए 100 सॉफ्टवेयर डेवलपर लगा दो लगा ही देते हैं कितना पैसा वो 100 सॉफ्टवेयर डेवलपर का एक करोड़ रुप महीना है अच्छा आप क्या लोगे हम ऊपर से 10 लाख 20 लाख महीना लेंगे अब क्या है वो एक्चुअली 80 लाख के आदमी लगाए एक करोड़ का बिल बनाया 20 लाख ऊपर लिया यानी कि 1 करोड़ 20 लाख में 80 लाख की कॉस्ट 40 लाख की कमाई अभी भी 33 पर मार्जिन छा गए भैया ये कॉस्ट प्लस के नाम पर भी छाए गए आगे बढ़ते जा रहे सस्टेनेबल ग्रोथ आ गई अब स्टेज वन पहले मैं इकॉनमी प्राइस से जाऊंगा वैल्यू प्राइसिंग से जाऊंगा हल्के में जाऊंगा स्टेज टू प्रीमियम प्राइसिंग में बहुत कमा लूंगा स्टेज थ्री अब कॉम्पिटेटिव आराम से चलूंगा और मार्केट में अपने आप को आप फर्क ये हुआ 177000 अमेरिकंस को उन्होंने नौकरी पर रख लिया माइक्रोसॉफ्ट जितने इंडियंस को एंप्लॉय करता है उससे ज्यादा लोगों को अकेले 177000 अमेरिकंस को उन्होंने एंप्लॉय कर लिया आज की डेट में भी इनका ऑपरेशनल बेस 145 देशों में है और सब मोस्ट सबसे मैक्सिमम अमंग ऑल इंडियन आईटी कंपनी तभी तो ये भारत के तीसरे सबसे अमीर आदमी छठी स्ट्रेटजी समझो यह तो 90 को पकड़ा इन्होने 90 में आते आते इनका भारत में भी बहुत कंप्यूटर बिक रहे थे सामान बहुत बिक रहा था इनका एक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क था उस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में इन्होंने कहा कि ऐसी प्रोडक्ट लाइन ऐड करते हैं जो सनराइज सेक्टर हो ये हर समय 20 साल आगे सोचते थे 25 साल आगे सोचते थे आप इमेजिन करो ना अगर 90 के अंदर जो इंटरनेट कंपनीज बनी आज ट्रिलियन डॉलर हो गई अब अब जो सोलर कंपनीज बन रही है वो आगे जाकर ट्रिलियन डॉलर बनेंगे बिलियन डॉलर बनेंगे उस समय 1970 के अंदर कंप्यूटर बनाया इसलिए बहुत बड़े बिलिनियर बने यह अहेड ऑफ कर्व चलते हैं अहेड ऑफ टाइम तब इन्हें फोन के बारे में समझ में आ गया मोबाइल फोस का समझ में आ गया कि मैं अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से किसी का बढ़िया मोबाइल फोन बेचता हूं या टावर लगाता हूं तो टावर उस समय फ्यूचर पोटेंशियल को समझ के इन्होंने लाइसेंस के लिए अप्लाई कर दिया टेलीकॉम लाइसेंस उस समय निकलने शुरू हुए थे सिंगटेल आया सिंगापुर टेलीकॉम वो आया बोला हम दोनों हाथ मिलाते हैं दोनों मिलकर भारत में छाते हैं दोनों आए गए साथ में और लाइसेंस भी मिल गया अब सिंगापुर टेलीकॉम और एचसीएल दोनों हाथ मिला के आगे बढ़ रहे चलो लाइसेंस मिल रहा है दोनों मार्च पास कर रहे लेफ्ट राइट लेफ्ट राइट आगे बढ़ रहे है इतने में क्या हुआ चाइना में अपॉर्चुनिटी की तरफ नजर चली गई इसकी सिंगाप सिंगापुर टेलीकॉम थोड़ा तेज आदमी था उनको लगा यार एचसीएल तो अच्छा है चाइना में धंधा ज्यादा बड़ा है चाइना बहुत बड़ा है बहुत ज्यादा बड़ा है सिंगापुर टेलीकॉम ने उसको क्या किया देख भाई मेरी बात सुन बुरा नहीं मानना मैं चलता हूं मिलेंगे हम फिर से है जी हमको चाइना जाना है वहां ज धंधा मिल रहा है हमको इसने कहा क्या कर रहा है अपने को मिल गया लाइसेंस नहीं नहीं तुम संभाल लो हम चल रहा है तुम ज्यादा स्टेक ले लो ज्यादा पैसे ले लो तो भी नहीं माना सिंगापुर टेलीकॉम धोखा देके निकल लिया वहां से अब उस समय शिव नाडर यहां पे अकेले पड़ गए तो उनका लाइसेंस भी कैंसिल हो गया कोई पार्टनर होना जरूरी था कंप्लायंस था नियम था इन्होंने सोचा कोई बात नहीं भाई मैं अगर टेलीकॉम टावर नहीं बना सका तो टेलीकॉम में फोन तो चाहिए होगा ना लैंडलाइन हैंडसेट मोबाइल फोन ये सब तो चाहिए होंगे हमारे को आगे तो ये काम कर लेते हैं तब ये दुनिया भर में चेक कर रहे है कौन बढ़िया चल रहा है तो फिनलैंड की फिनिश एक कंपनी हुआ करती थी सपोर्ट मैं तुम्हारा डिस्ट्रीब्यूशन मेरे पास इतने रिटेलर मेरे पास इतने डिस्ट्रीब्यूटर एचसीएल उस समय एस्टेब्लिश डेस्कटॉप और कंप्यूटर एसेसरी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क था 00 बड़े रिटेल आउटलेट थे 90 डायरेक्ट डिस्ट्रीब्यूटर थे इनके पास में 1500 शहरों के अंदर 64 डि डिस्ट्रिक्ट में पहले से थे बोला इसको एक्सपेंड कर देंगे क्योंकि ये फ्लो में बना हुआ है हमारे हम कर ही रहे हैं तुम आओगे जीरो से शुरुआत करोगे तब तक कोई ना कोई हम कि जिसको लेके आएंगे उसको आगे ले जाएंगे तुम तो खत्म लिपट जाओगे मार्केट में बचोगे नहीं इसको भाई समझ में आ गया बना लेंगे ये सब काम इसको आते हैं इसको करने दो और तब सनराइज सेक्टर को आकर के शिव नाडर जो कभी भी ना डरे उसने आकर के नोकिया को लेकर के आया और एचसीएल ने 100 सर्विस सेंटर तुरंत nokia2 से 2005 के बीच में उस समय 8000 करोड़ रए बना गया केवल की तरह है हैं जी और नाम nokia1 एचसीएल रहा है पीछे फिर इन्होंने देखा कि एचसी जो है nokia1 ना आगे की तैयारी करते रहते थे अब इन्होंने कहा आने वाला जमाना है ना अब इस समय हार्डवेयर मार्केट के अंदर कंपटीशन बढ़ेगा तब इनका 42 पर मार्केट शेयर था ये नहीं कि हम हीरो हैं तो हीरो चलते रहे हम हीरो ही रहेंगे इनको समझ में आ रहा था कि चाइना में क्या चेंज हो रहा था आजूबाजू देख रहे थे तो 42 पर से मार्केट शेयर जैसे ही गिरने लगा लैपटॉप डेस्कटॉप इनके फिर ये लो मार्जिन करें या नो मार्जिन करें तो फायदा नहीं ये तो प्राइस का डिसएडवांटेज है ये तो लॉस लीडिंग है वो लंबा चलेगा नहीं चाइनीज ब्रांड की पॉपुलर बढ़ रही है एचसीएल का मार्केट शेयर डिक्लाइन होता चला जाएगा वहां था इनका वाटर शेड मूमेंट दोबारा बोलूं वाटर शेड मोमेंट वटर शेड मोमेंट का क्या होता है इसको बोलते हैं टर्निंग पॉइंट इसको बोलते हैं हिस्टोरिक मोमेंट वो था इनका मोमेंट वो हिस्टोरिक मोमेंट था वहां क्लिक किया नहीं यार ये प्राइस वॉर में नहीं घुसना यह सब मैं रुपया 54 अठनी बचाने के चक्कर में नहीं जाऊंगा मेरे को हाई वैल्यू धंधा चाहिए मेरे को प्रीमियम क्लाइंट चाहिए तब ये बी टू बी बिजनेस में गया ए बी सी एनालिसिस किया ए मतलब वो 80 पर वो क्लाइंट जो मेरे को सबसे बड़ा धंधा देते हैं 15 पर बी मतलब वो क्लाइंट जो ठीक-ठाक धंधा देते हैं 5 पर वो क्लाइंट जो धंधे में कभी-कभी नेगोशिएट कर लेते हैं ऐसा जैसे ही हिसाब जोड़ा इसने बोला मेरे 20 पर क्लाइंट मेरे को 80 पर रेवेन्यू देंगे सबसे बड़े वाले क्लाइंट पकडू पहले महीने के अंदर इसने अपने 500 क्लाइंट बाहर कर दिए गेट आउट 80 मिलियन डॉलर का धंधा छोड़ दिया क्या किया वैल्यू बेस्ड शिफ्ट किया पोर्टफोलियो को हाई यील्ड क्लाइंट को पकड़ना शुरू किया जहां मोटी कमाई होगी क्यों क्योंकि जो प्रीमियम क्लाइंट होता है ना वो बहुत बारगेनिंग नहीं करता प्राइस सेंसिटिव नहीं होता है जो प्रीमियम क्लाइंट होता है ना वो हाई मार्जिन उसको आप हाई वैल्यू एडेड सर्विस दे दो उसको एक्सटेंडेड वारंटी दे दो वो भी खरीद लेगा उसको एएमसी दे दो वो भी खरीद लेगा उसको सॉफ्टवेयर सलूशन दे दो वो भी खरीद लेगा क्योंकि वो लार्ज डील साइज है हाई वॉल्यूम ऑडर है तो वो क्या है कि वो बार-बार ना वेंडर चेंज नहीं करता क्योंकि ऑपरेशनली बड़ा मुश्किल है बार-बार वेंडर चेंज करना एचसीएल को हटा कर के टीसीएस को लगाने में बहुत दिक्कत आ जाती है तो वो यह समझते थे मार्केट अपॉर्चुनिटी बहुत बड़ी हो गई क्योंकि वॉल्यूम बहुत बड़ा हो गया अच्छा बार-बार नया कस्टमर नहीं बार-बार कंप्यूटर थोड़ी एक कंप्यूटर एक कंप्यूटर एक मोबाइल एक मोबाइल एक कंप्यूटर एक चार्जर बेचो ईयरफोन बेचो क्या बेच रहे हो भैया लीड बेच रहे हैं 20 की वो सब तो काम है नहीं अब तो बड़ा काम है तो बार-बार क्लाइंट लाने का कॉस्ट भी खत्म ऑपरेशनल कॉस्ट भी खत्म तो जो बाइंग साइकिल थी वो बहुत प्रिडिक्टेबल हो गई कि भाई मेरे ये बड़े 200 क्लाइंट हैं इनसे मुझे इतना रेवेन्यू आना है प्रिडिक्टेबल रेवेन्यू हो गया और अब ये कंसिस्टेंटली बढ़ते गए क्योंकि समझ में आ गया भाई ये 200 क्लाइंट से इतना रेवेन्यू इस साल आएगा तो पहले ही एनुअल ऑपरेटिंग प्लान ठीक बन जाता पूरे साल का प्लान ठीक बनता था हम अब कस्टमर नहीं जा पाता है छोड़ कर के क्योंकि ये एक लॉन्ग टर्म लॉयल्टी बन जाती है बहुत-बहुत साल तक एचसीएल के साथ चलता रहेगा क कन्वेनिएंट नहीं है चेंज करना पैसा बहुत खर्च हो जाएगा कि एचसीएल को बाहर निकालो और टीसीएस को अंदर लाओ या एचसीएल को बाहर निकालो फोसिस साइकोलॉजी पे असर आता है अरे इतनी सरदर्द कौन लेगा भैया हां इतना एफर्ट कौन लगा इतना टाइम कौन लगाएगा इस अपॉर्चुनिटी को समझ गए बड़ा क्लाइंट को झंझट नहीं चाहिए तो इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट सर्विसेस देनी शुरू कर दी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर उनका उनके सर्वर्स उनके नेटवर्क डेटा सेंटर्स उनके सारे रिमोट मैनेज जब एचसीएल ने किए तो एक स्विचिंग बैरियर आ गया कि भाई मैं स्विच करके जा नहीं पाऊंगा इनको सबसे बड़े क्लाइंट उन दिनों मिले थे ब्रिटिश टेलीकॉम और यूबीएस वहां से य आगे बढ़ते गए इंपैक्ट ऐसा आया कि 2008 में जब रिसेशन आया ना ये nokia2 के रिसेशन में एचसीएल एकमात्र आईटी कंपनी थी जो लॉस में नहीं गई 34 पर ग्रो कर गई 2009 तक और अगले दो-तीन साल के अंदर अपने रेवेन्यू को तीन गुना बढ़ा दिया एचसीएल का ये फेज में जो जर्नी में जो फेज आया उसको उसने एक टेंप्लेट की तरह बना दिया टेंप्लेट समझते हो एक चीट शीट बना दिया बोला ये कॉपी करना है तरीका डोमेस्टिक हो या फॉरेन कंपटीशन हो एचसीएल ने क्या किया इस एजिस्टिफाई एडजेसेंसी एक्सपेंशन एडजेसेंसी एक्सपेंशन नहीं समझ में आया इजी कर दूं एडजेसेंसी एक्सपेंशन यानी कि रिलेटेड आइटम ढूंढो जहां धन कमाई है कनेक्टेड कॉम्प्लीयंट जो बिल्कुल आजूबाजू हो वहां ढूंढो तो ये वहीं जाकर के ना एक आइटम बेचते थे उसके साथ में चार पॉसिबिलिटीज और ढूंढते थे और उसी कोर के कारण कई कई कई करोड़ बना लिए इन्होंने आज आईटी और बिजनेस सर्विस में आईटी बीएस के अंदर इंजीनियरिंग आरटी सर्विस में इनका 90 पर रेवेन्यू है भारत के तीसरे सबसे अमीर आदमी है आईटीबीएस ऑटो नॉमिक्स या इंटीग्रेटेड आईटी ऑप्स या डेटा और एआई या हाइब्रिड क्लाउड या डिजिटल वर्कप्लेस या मोबाइल एबस या आईआरडीएस सेमीकंडक्टर चिप सेमीकंडक्टर चिप में भी घुस गए अब इनको समझ में आया ना 2021 से पहले जिस समय ये सब वॉर वगैरह हुए कोविड हुए झगड़ा हुआ सेमीकंडक्टर चिप्स चाइना की तरफ से कम हो गए इन्होंने इंडो चाइना टेंशन के बाद सेमीकंडक्टर की चिप्स की शॉर्टेज को उन्होंने पकड़ लिया ताकि व्हीकल की जो डिलीवरी हो रही थी गाड़ियां उस समय बहुत डिले मिल रही थी वो भी मिले टाइम से नाडर को समझ में आ गया कि मुझे ये चिप्स को बनाने की कैपेबिलिटी भारत में लेकर के आनी है और उन्होंने इटेल के साथ में और एनएसपी के साथ में पार्टनर किया और चाइना जो उसके मामले में डोमिनेंट था वो चाइना की डोमिनेंस को उसने हिला दिया मतलब भूकंप ला दिया चाइना की धरती में आज यह चिप्स दुनिया के 10 टॉप ओईए में से छह को एचसीएल दे रहा है चीन से उसकी जगह छीन ली हां वहां शुरू हुआ था चीन से उसकी जगह छीन नी थी अब छीन ली चीन से छीन ली जी ये थी शिव नाडर की आज की टॉप सेवन स्ट्रेटेजी बड़ा बिजनेस की बेस्ट बिने स्ट्रैटेजी देने की कोशिश कर एक लाइन में बोलूं वो अनस्टॉपेबल आदमी थे हम हमेशा आगे चलते थे तो उन्होंने कभी गिव अप नहीं किया अडेप्ट किया इवॉल्व किया मार्केट को कंटीन्यूअसली स्टडी करते रहे आगे की सोचे इसलिए सबसे आगे निकल गए कमेंट बॉक्स में आप जरा अटेंडेंस लगाओगे अपनी हैं भैया अभी तक रुके हो तो अटेंडेंस लगाओ अगर सातों स्ट्रेटेजी देख ली है और टाइप करके बताओ सात स्ट्रेटजी के नाम क्या थे मैं हार्ट दूंगा अगर आपने सातों स्ट्रेटजी के नाम लिख दिए आपको लिखने हैं नाम ठीक-ठीक नाम लिखने हैं स्पेलिंग मिस्टेक मत करना हां स्क्रीनशॉट लेके रख लो सेव कर लो टाइप करो नीचे जिसने साथ स्ट्रेटजी दी है मैं उसको आकर के धन्यवाद करूंगा कमेंट बॉक्स में आकर के उसको अपना हार्ट दूंगा ऐसे ही टाइकून के ट्रेजर और सारी सक्सेस थ्योरी ऐसे लेकर के आऊंगा इजी तरीके से एपिसोड में अगले किसका देखना चाहे उसके लिए आपका स्वागत है आपने कहा था एचसीएल मैंने बना दिया धीरू भाई बोला मैंने बना दिया मेरे को एक्स आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन भी टाइकून नजर आते हैं वो कर सकते हैं हम उदय कोटक कर सकते हैं आप लोग बताओ मेरे को मेरे साथ पार्टिसिपेट करो ब्रिज मोहनलाल मुंजाल बीएम मुंजाल मुंजाल ब्रदर्स जिन्होंने रो मोटो कप दुनिया की सबसे बड़ी बाइक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी खड़ी कर दी या राजेश मेहता राजेश एक्सपोर्ट्स हां जो तीन लाख करोड़ का रेवेन्यू कर रहे हैं 4tune 500 कंपनी में आ गए हैं वही भारत की दुनिया की गोल्ड की सबसे बड़ी कंपनी है कमेंट बॉक्स में बताओ पार्टिसिपेट करते हैं जितना क्यक ये तो हम मैं और आप एक परिवार है ना और परिवार में नीचे आपस में वाद संवाद होते रहना चाहिए चर्चा होते रहनी चाहिए जो अच्छा लगा वो भी बताओ जो बुरा लगा मैं सुधार सकूं मुझको वोही बताओ मैं आपके साथ में हूं हमारे साथ जुड़े रहने के लिए यह वीडियोस को भारत के बिजनेसमैन को दिखाने के लिए आपका हृदय की गहराई से प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद [संगीत]

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