Success Strategies of Arcelor Laxmi Mittal Case Study Tycoons of India Dr Vivek Bindra
मां लक्ष्मी भी उन्हीं के यहां निवास करती है जो विष्णु के चरणों में विष्णु के बच्चों की सेवा करते जाते हैं जो एक्सक्यूज प नहीं एक्शन पे बिलीव करते हैं एग्जांपल सेट करते हैं वही टाइकून कहलाते हैं आज ऐसे ही लक्ष्मी निवास टाइकून जिनको 24 घंटे मिले कुछ को यह भी कम पढ़ते हैं और कुछ इसमें भी कमाल कर जाते हैं नमस्कार मैं विवेक बिंद्रा फाउंडर एंड सीओ bab.com आपको तो पता है आज तीसरा एपिसोड है 52 टाइकून ऑफ इंडिया वेलकम टू द एपिसोड थ टाइकून ऑफ इंडिया जो लोग कौन से आइकॉन बन गए ये बड़े आइकॉन बने एक समय था ये विश्व के तीसरे सबसे अमीर आदमी तगड़ा कंटेंट फीस नहीं ले रहा हूं उसकी इन्वेस्टमेंट नहीं ले रहा हूं उसकी पर रिटर्न जरूर मिलेगा आज बात उनकी जिनकी जी तोड़ मेहनत ने उनको कॉमन मैन से कॉरपोरेट मैग्नेट बना दिया स्टील के सबसे बड़े किंग चेयरमैन ऑफ आर सलर मित्र लक्ष्मी नारायण मित्तल ओनर ऑफ आर सलर मित्तल सेकंड लार्जेस्ट स्टील कंपनी इन द वर्ल्ड 2005 में ये तीसरे सबसे अमीर आदमी थे स्टील का मार्केट शेयर 25 पर से ज्यादा है ये कहते हैं हर चौथा आदमी अगर कोई स्टील ले रहा है तो वो हमारे यहां बना होगा लंदन में रहते हैं 30 साल से लेकिन पास आज भी यूके का नहीं इंडिया का है दिल दिल है फिर भी हिंदुस्तानी आर्सनल मितल इनके ग्लोबल फुटप्रिंट्स हैं बुर्ज खलीफा का स्टील सारा इनका लगाया हुआ है वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पे ऑर्बिट सेंटर पे बु बुर्ज अल अरब पे सारा स्टील इन्हीं का लगा है यूएस मिलिट्री के एयरक्राफ्ट टैंक्स और शिप पे सारा स्टील इन्हीं का लगाया हुआ है 70 मिलियन टन स्टील एनुअली बनाते हैं इतना बड़ा रेवेन्यू कमाते हैं रेवेन्यू ऑफ 80 बिलियन डलर 2022 में था 23 24 का मैं चेक नहीं कर पाया ये कभी इमोशंस को बिजनेस के साथ मिक्स नहीं करते पहली चीज जो इनका बचपन था ना वो डिनाइड था क्यों क्योंकि ये हिंदी मीडियम के पड़े हुए थे आम परिवार से आते थे बहुत राजस्थान के बड़े छोटे गांव में जन्म हुआ टाइकून ऑफ इंडिया इन टाइकून ऑफ इंडिया से आप इतना बिजनेस सीखो ग जो कहीं नहीं सीख सकते आप इनके घर में बिजली नहीं थी पानी दिन में एक घंटा के लिए आता था परिवार बड़ा होने के कारण माता-पिता कैसे अटेंशन देंगे हर बच्चे को इतने सारे बच्चे कैसे अटेंशन देंगे इसलिए अपने आप इंडिपेंडेंट बनने लगे क्यों कोई और अटेंशन नहीं दे रहा तो खुद से करना पड़ा एटमॉस्फेयर ने इनको आत्मनिर्भर बना दिया सुविधा के अवसर ना होने के कारण पिता कोलकाता शिफ्ट हुए पैसों के अभाव के कारण एक कमरे के फ्लैट में नौ लोग रहते थे सोचो एक कमरे के फ्लैट में नौ लोग उस समय की बात कर रहे तब मकान बड़े-बड़े व करते हवेलिया उस समय एक कमरे में नौ सबसे कम फीस वाले सबसे सस्ते वाले सबसे ज्यादा सस्ते वाले हिंदी मीडियम पाठशाला में मित्तल ने अपनी शिक्षा ली 12वीं में टॉप किया लगभग सारे कॉलेज में एडमिशन हो गया लेकिन सेंट जेवियर्स कॉलेज ने इनको लिया नहीं मैं भी उसी सेंट जेवियर्स स्कूल का पढ़ा हूं उसी ग्रुप के उसी सेंट जेवियर्स कॉलेज वहां पे इंग्लिश बड़ा इंपॉर्टेंट था और उन्होंने मना कर दिया प्रिंसिपल ने नहीं भैया नहीं आपको एडमिशन नहीं देंगे तुम्हारी इंग्लिश अच्छी है नहीं तुम कोप अप करने पाओगे कॉलेज का रिजल्ट खराब करते चले जाओगे मित्तल की जो छोटी-मोटी पॉकेट मनी थी उससे अंग्रेजी का अखबार खरीदना शुरू कर दिया उस समय कौन अंग्रेजी एक बार पढ़ता था अंग्रेजी अखबार पढ़ पढ़ के रोज नए 10 शब्द सीखते और 10 शब्द सीख कर के जाकर प्रिंसिपल के ऑफिस के बाहर बैठ जाते और 10 शब्दों का इस्तेमाल करके प्रिंसिपल को इंप्रेस करने की कोशिश करते रोज रिक्वेस्ट करते रोज रिक्वेस्ट करते रोज रिक्वेस्ट करते रोज फिर नए 20 शब्द सीख के आते फिर बोलते प्रिंसिपल को वो 20 शब्दों से अ अंग्रेजी के अंदर उनको इंप्रेस करते लैंग्वेज कच्ची थी लेकिन लगन पक्की थी एडमिशन की बात हुई लगातार जब दो महीना किया प्रिंसिपल पिगल ग एडमिशन दे दिया बोला लेकिन लक्ष्मी निवास तुम पे नजर रखूंगा मैं पूरी नजर रखूंगा प्रिंसिपल ने नजर रखी ये क्या करते थे सुबह 6:00 से 10 कॉलेज जाते थे 10:30 बजे पिताजी के ऑफिस पहुंच जाते थे 7:00 बजे तक बिजनेस सीखते थे उनके साथ बिजनेस करते थे रोज की एक ही दिनचर्या क्या दिनचर्या स्लीप स्टडी वर्क स्टडी क्योंकि घर आ कर के फिर पढ़ाई करते थे स्लीप स्टडी कॉलेज गए फिर वर्क फिर घर आ के स्टडी तो स्लीप स्टडी वर्क स्टडी स्लीप स्टडी वर्क स्टडी यही करते रहे फाइनली 3 साल के बाद परिणाम आया कॉमर्स के अंदर कलकाता यूनिवर्सिटी में टॉपर बने दिन सबके बराबर होते हैं लेकिन कुछ दिन अपना कुछ लोग अपने दिन को बदल देते हैं और वही हुआ रिजल्ट के बाद प्रिंसिपल उनके घर आए उनके खुद के घर आए और आके माफी मांगी 19 साल की उम्र में असिस्टेंट प्रोफेसर की उसी सेंट डेविस कॉलेज में नौकरी भी दे दी पर बच्चों को के भाई तुम बच्चों को आकर के इंग्लिश और अकाउंटेंट सिखाओ अकाउंटेंसी सिखाओ इंग्लिश सिखाओ लाइफ पूरी घूम के वहीं वापस आ गई ये चक्कर लगाने जाया करते थे अब प्रिंसिपल इनके यहां चक्कर लगाने लगे कि भाई असिस्टेंट प्रोफेसर बन जाओ लेकिन उन्होंने बड़ा हाथ जोड़ के विनम्रता पूर्वक उस नौकरी को छोड़ के पिता की स्टील मिल को जॉइन कर लिया फुल टाइम परचेसिंग क्लर्क बन गए वहां पे मित्तल के लिए ना फेलियर का क्या मतलब होता है फेलियर कहते हैं हमेशा दो प्रकार के होते हैं एक होता है वो फेलियर जहां मैं सफल नहीं हुआ और एक वो फेलियर जहां मेरी सफलता थोड़ी लेट हो गई हां सक्सेस या डिफर्ड सक्सेस जहां मैं फेल हो गया उसमें ढूंढूं लर्निंग क्या है वो सक्सेस जहां मेरे फेलियर में सक्सेस डिले हो गई उसको बोलते हैं डिलेड सक्सेस तो ये दोनों चीजों को सक्सेस मानते हैं फेलियर किसी को मानते नहीं एक होता है कि भाई न महीने में काम होना चाहिए था 9 महीने में हुआ उसको फेलियर नहीं बोलते उसको क्या बोलते बोलते हैं डिलेड सक्सेस और एक था तीन महीने में कुछ भी नहीं हो सका 9 महीने में भी कुछ नहीं हो सका उसको क्या बोलते हैं फेलियर ए लर्निंग वो भी सक्सेस तो यह सक्सेस का इनका मंत्रा टाइकून ऑफ इंडिया का खास बात क्या है इसके लिए मैं आपको एक बात बता दूं सारी खास बात बताने से पहले आपके लिए खास बात ये है रोज सुबह 8:00 बजे का अलाम लगा लो क्योंकि लेजी वाला संडे अब बनेगा लर्निंग वाला संडे टाइकून ऑफ इंडिया 52 हफ्ते के अंदर 52 टाइकून की वो डिटेल में स्ट्रेटेजी दूंगा बहुत रिसर्च करके स्ट्रेटेजी दूंगा जो ब्रिलिएंट्स हैं बिहाइंड बिलियंस हैं वो ब्रिलियंट जिनको मिले कई बिलियन देखेंगे इनके सक्सेस की सीक्रेट स्ट्रेटेजी शुरू करते हैं यह क्या करते थे ये डिस्ट्रेस्ड इन्वेस्टिंग पर फोकस करते थे जो बर्बाद हो रहा हो वहां से मैं अपनी आबादी को कैसे निकालूं उसकी उसको बर्बादी से बाहर करूं और उसको मैं आबाद करूं मित्तल को आज क्या बोलते हैं एक्वायरिंग स्टेट ओंड स्टील कंपनी है सरकारी स्टील की कंपनिया जो चला नहीं पाती सरकारें जो सरकारें खुद चलाना चाहती थी नहीं चला सकती उसको खरीदने की कोशिश करते हैं ये देखते हैं भाई कि कंपनी अभी लॉस मेकिंग है चलो मेरे को टैक्स का भी बेनिफिट मिल जाएगा क्यों मैं बुक करूंगा तो सरकार को अपने को टैक्स नहीं देना पड़ेगा इसके लिए उन्होंने एक टीम तैयार करी इस टीम को बोलते हैं एमएनएम मर्जर्स एंड एक्विजिशन की टीम उसी टीम पे इन्होंने बहुत इन्वेस्ट किया स्पेशलिस्ट एनालिस्ट की ऐसी टीम बनाई जो कोई कंपनी खरीदनी हो कंपनी खरीदने से पहले उसका फाइनेंशियल ड्यू डिलिजेंस पूरी जांच पड़ताल कर ले उसकी फाइनेंशियल स्टेटमेंट को बैलेंस शीट को इनकम स्टेटमेंट को कैश फ्लो को अच्छे से पढ़ ले समझ ले उसमें डिटेल में लकू है ढूंढ ढूंढ के निकाले ऐसी ऐसी कमियां ढूंढ के निकालें फिर देखें उसके बाद एनालाइज करेंगे लीगल देखें कंपनी कहीं लीगली फसी तो नहीं है कॉर्पोरेट डॉक्यूमेंट उसके कंपनी के पुराने कांट्रैक्ट उस कंपनी के पुराने सारे एग्रीमेंट्स वो सारे खोल खोल के चेक करो ऑपरेशंस चेक करो कि बिजनेस का प्रोसेस फ्लो कैसा है उसमें अगर वेस्ट है उसको खत्म करके स्पीड ला सकता हूं क्या सप्लाई चेन को पीछे की बेहतर कर सकता हूं क्या टेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण मैं क्या कुछ माल जल्दी बना सकता हूं उसकी स्पीड बढ़ा सकता हूं उसकी कॉस्ट घटा सकता हूं कंपनी की लिक्विडिटी उसके पास कैश फ्लू आने की संभावना क्या है उसकी मैन पावर में आज कितना दम है उसके परचेस एग्रीमेंट्स पीछे से कैसे बने हुए हैं फंड कैसे लेना है मुझे क्या मुझे अपने प्रॉफिट से पैसा इन्वेस्ट करना है या बाजार से कर्जा लेना है तो एक ऐसी टीम तैयार करी इन्होंने आपको भी बता रहा हूं इस तरह की टीम्स तैयार करना सीखिए अगर आप लीडरशिप फनल में नहीं आते हैं लीडरशिप फनल में सब आते ही हैं वैसे हमारे सारे बैच हमेशा हाउसफुल हो जाते हैं लोग वेटिंग पे रहते हैं लेकिन अगर लीडरशिप फल में नहीं आते तो 52 केस स्टडीज आपको हर संडे सुबह 8:00 बजे मिलती रहेंगे ताकि आप ये बिजनेसेस को सीखते रहो मैं वापस आ चुका हूं हां वो हुआ था छोटा सा एक स्टेप बैक अब हो चुका है बहुत बड़ा बाउंस बैक नीचे लिखिए कमेंट बॉक्स में विवेक बिंद्रा का हो गया बाउंस बैक एक्वायर्ड कंपनीज जो करते हैं ये मित्तल लक्ष्मी निवास जिनके यहां लक्ष्मी स्थाई निवास कर रही हैं क्लाइंट एक्विजिशन की क्षमता इनके जिसको खरीद रहे हैं वो कैसे कस्टमर लेकर के आता है उसके लॉन्ग टर्म बिजनेस प्लान क्या है उसका रिस्क और रिवॉर्ड मुझे प्लान प्लान करना है उसके प्रोडक्ट का मार्केट का रिसर्च करना है कि जो मार्केट में माल दे रहा है कस्टमर से जाकर के पता कराओ कस्टमर का फीडबैक बाजजार में क्या है फॉर एग्जांपल मेरा नाम है रामलाल इसका नाम है श्यामलाल मैं श्यामलाल की कंपनी खरीद रहा हूं श्याम लाल घनश्याम लाल को माल बेच रहा है तो मैं घनश्याम लाल तक फीडबैक पूरा आखिरी तक लेकर के आऊंगा ये ढूंढना कि टारगेट कंपनी के पास यूनिक आइटम क्या है जो मेरे पास नहीं है ताकि मैं उसको अपने साथ लूं अपने पोर्टफोलियो में तो मैं डबल बड़ा हो जाऊं ये देखना कि उनकी एमएनएम की टीम एमएनएम मर्जर्स एंड एक्विजिशन की टीम डील को एग्जीक्यूशन को एंड टू एंड कितना ध्यान से करती सारे प्रोसेस की नीव इन्होंने सबसे पहले इंडोनेशिया में रखी थी 1975 में छुट्टियों पे गए थे इनको इंडोनेशिया से थाईलैंड भी जाना था वियतनाम भी जाना था इनको सिंगापुर भी जाना था अलग-अलग देशों में जाना था इनको मतलब कई देश इन्होंने प्लान किए थे लेकिन ये वहां नहीं गए इंडोनेशिया जाते ही इन्होंने इंडोनेशिया के वेकेशन को वकेन बना दिया वकेन ये मुझे नहीं पता कोई वर्ड होता है कि नहीं है वहां वर्क में लग गए जाकर के हां वकेन वेकेशन को वर केशन बना दे इन्होंने क्या किया इन्होंने क्या किया देखा कि यार भारत में बड़े अप्रूवल लाइसेंस राज चल रहा है भारत में उन दि 1975 में हालत इतनी खराब थी भारत के अंदर रेगुलेटरी अप्रूवल सरकार अप्रूवल देगी नहीं और सर भाई आपको एक्सपोर्ट में दिक्कत आपको इंपोर्ट में दिक्कत आपको प्लांट खोलने में दिक्कत आपको लाइसेंस लेने में दिक्कत आपको इसमें दिक्कत उसमें दिक्कत मैन पावर उस समय मजदूर यूनियन जिंदाबाद अमिताभ बच्चन की मूवी आया करती थी मजदूर यूनियन जिंदाबाद मजदूर यूनियन जिंदाबाद कुछ बात हो मजदूर हड़ताल कर दें इन्होंने देखा इंडोनेशिया में कोई चक्कर ही नहीं कोई रिस्ट्रिक्शन ही नहीं बड़ा बिजनेस फ्रेंडली वही मितल स्टील की शुरुआत हुई 26000 टन स्टील इन्होंने वहां पे एनुअल प्रॉफिट 1 मिलियन डॉलर के साथ शुरू किया इन्होंने अब क्या हुआ एक अपॉर्चुनिटी इनको ट्रेड टोबैगो छोटी कंट्री है वहां पे उनका सरकारी ऑपरेशंस था स्कट नाम की आयरन स्टील कंपनी ऑफ़ नड टैगो हां आईएस सी टी टी ओटी टी यानी कि आयरन स्टील कंपनी ऑफ़ ट्रेन ट टोबैगो छोटा देश था बहुत लॉस कर रही थी कंपनी इन्होंने इस कंपनी की डील को अलग प्रकार से से क्रैक किया इन्होंने पूरा इन्वेस्ट करने की जगह उस कंपनी को लीज एंड बाय बैक मॉडल में डिलेड मॉडल के अंदर लिया और क्या बोला कि तुम्हारी कंपनी इस समय 10 मिलियन डॉलर मंथली नुकसान कर रही है मैं तुम्हें 10 मिलियन डॉलर मंथली का प्रॉफिट दे सकता हूं लॉस में कैसे लुक्रेटिव ला सकता हूं कैसे लुक्रेटिव कर सकता हूं इसको बोलते हैं टर्न अराउंड इनको टर्न अराउंड समझने से पहले एक पूरी टीम तैयार करी है तुक्के पे नहीं कुछ किया यहां तो खड़े हो जाओ वहां जी अब मोटिवेशन आ गया जी मोटिवेशन स्पीकर का वीडियो था हम भी खरीद ले हम खरीद ले हम खरीद ले ए ऐसे करोगे ना तो क्या बन जाओगे विजय मान ले गया विजय माल ले गया बन जाओगे वह ऐसे ही खरीदता था यह ऐसे नहीं खरीदते यह इवेलुएट करते हैं अंडरलाइन पोटेंशियल यह चेक करते हैं फाइनेंशियल असिस्टेंसिया ये चेक करते हैं कि मेरे को अगर मैनपावर को रिप्लेस करना पड़े तो कितनी तकलीफ आ सकती है ये चेक करते हैं कि कर्ज जिस जिस कंपनी से लिया हुआ है इसने ट्रेड आ टोबैगो उसकी जो कंपनी मैं खरीद रहा हूं उसने कहां-कहां कितना कर्जा लिया हुआ है उसके बाद जब ये सब चीजों को चेक कर लेते हैं तो और इनकी जो फिर इतनी गुडविल बनने लग गई इतनी गुडविल बनने लग गई बाजार में कि ना उसके बाद अगर किसी को अपनी कंपनी बर्बाद हो हो बेचने के लिए बिडिंग के लिए आते हो तो बाकी के सारे दुनिया भर के लोग इनका नाम लेने लग गए यार एक ही आदमी है लक्ष्मी निवास लक्ष्मी निवास लक्ष्मी निवास लक्ष्मी निवास लक्ष्मी निवास मेक्सिको गए वहां खरीद ली जर्मनी गए वहां खरीद ली सेंट्रल एशिया मिडिल एशिया अल्जीरिया पोलैंड रोमानिया चेक रिपब्लिक साउथ अफ्रिका फन फ्रांस ये कोई मजाक नहीं है इनका एक ही रूल था यार खुद से प्लांट खोलूंगा बहुत साल लग जाएंगे जिंदगी छोटी सी है इतने सारे प्लांट साल लगाना मेरे लिए ठीक नहीं है जो कंपनी बर्बाद हो रही हो उस कंपनी को मैं आबाद कैसे करूं उसकी टीम तैयार करता हूं तो उन्होंने क्या किया प्लांट खोलने के लिए अलग-अलग टीम बनाने की जगह प्लांट को टर्न अराउंड करने वाली टीम अपने हेड ऑफिस ने बना ली यानी कि पूरे दुनिया के अंदर टीम में तैयार करूं उससे अच्छा अपने ऑफिस में एक टीम तैयार करता हूं और वो उनका बन गया टेंप्लेट ऑफ एक्सपेंशन यानी कि वो बन गया इनका पैटर्न ऑफ एक्सपेंशन यानी कि वो बन गया इनका रेगुलर तरीका ऑफ एक्सपेंशन इनका पैटर्न बिल्ड हो गया वो ये क्या करेंगे लॉस मेकिंग सरकारी कंपनी खरीदेंगे उसको डर्ट चीप प्राइस पे बिल्कुल ऐसा जैसे सोम बाजार मंगल बाजार में टीशर्ट बिक रही है ना ये 50 50 टीशर्ट ₹ टीशर्ट उस भाव से एकदम सस्ते में ऐसा खरीद लेंगे और फिर उसको प्रॉफिटेबल बनाने के लिए जो टीम तैयार करी है वो उनके लिए काम करेगी भाई मर्ज करेगी और कंसोलिडेशन इनका थॉट प्रोसेस रहा है हर चीज कंसोलिडेट कर दो पूरी दुनिया में जितनी भी स्टील बन रहा है वो मेरे अंदर आ जाए पूरी दुनिया में कहीं भी स्टील बन रहा हो वो मेरे अंदर आ जाए वो एक जगह कंसोलिडेट कर दूं पता नहीं शायद मन में इनके मोनोपोली का विचार था या नहीं था पर कंसोलिडेशन का था और कंसोलिडेशन लीड्स टू मोनोपलाइजेशन यानी कि ये चाहते थे कि देश में सबसे बड़ा एक मात्र नाम स्टील का मैं ही रह जाऊं प्रॉफिट अपने आप फॉलो करेगा 60 देशों के के अंदर ये काम कर रहे हैं गरीब कंपनी तकलीफ वाली कंपनी परेशानी वाली कंपनी को अपना बनाओ और उसको आगे लेकर के जाओ ज्योग्राफिकल एक्सपेंशन करने से पहले टीम इनकी और कंसीडर करती हैं वो जो टीम बनाई इन्होंने हेड ऑफिस में वो टारगेट मार्केट ढूंढे गी वो मार्केट के एंट्री ऑप्शन ढूंढे गी वो लीगल रेगुलेशन चेक करेगी कि उस देश में कहीं मुझे कोई लीगल तकलीफ ना आ जाए वो चेक करेगी कि नेसेसरी परमिट क्या है उस देश के लाइसेंसेस क्या है मैंने क्या बोला हर देश में जाके खुद बनाने से पहले एक देश में जहां बैठे हैं लंदन में वहां एक हेड ऑफस में टीम तैयार करी जो कि चेक करेगी ज जपनीज कोई कंपनी खरीदूंगा तो वहां कल्चरल न्यूं सेस क्या है वो लोग कैसे काम करते हैं वहां का लोकल टैलेंट कौन है क्या वो मेरे लिए अवेलेबल है कि नहीं है हुआ ये कि मेरिट आने लगा इनके काम में इकॉनमी ऑफ स्केल हो गया जब इतनी प्रोडक्शन करने लगे तो उनको कॉस्ट पर यूनिट अपने आप कम होने लगी और जितनी कंपनियां खरीदते चले गए मैं मेरे साथ में ना आप खाली कहानी नहीं सीखो ग स्ट्रेटेजी सीखो ग ये 52 हफ्ते के मैं आपको एक 52 हफ्तों का 52 हफ्तों का एक ऐसा कोर्स दे रहा हूं फ्री ऑफ कॉस्ट एवरी संडे मॉर्निंग 800 एएम मेरे youtube3 जी पे आते हैं लक्ष्मी निवास मित्तल ये कोशिश करते थे जिस कंपनी को खरीदे वहां नौकरी से किसी को निकाल कर के अपने लोग ना लगाए ये इनकी पहली कोशिश रहती थी निकालना भी पड़े तो बहुत ध्यान पूर्वक कोशिश करते थे ये ये क्योंकि ये क्या करते थे ये कि कोई भी मर्जर करूंगा उसमें सबसे बड़ा लॉस क्या हो सकता है उसको पहले चेक कर लूं और वो लॉस होता है वहां के एंप्लॉई में इनसिक्योरिटी क्योंकि मेरा राजा बदल गया है मेरी कंपनी का मालिक बदल गया है हाय हाय हमारा क्या होगा अरे हमको निकालना दिया जाएगा वो घबराहट में इतनी रहते हैं कि काम ही नहीं कर पाते घबराहट में काम कर कौन सकता है ये पहले उसकी घबराहट दूर करते हैं उसको कॉन्फिडेंस देते हैं इतनी सारी बातों को ख्याल रखने के बाद भी एक दफा तो मित्तल खुद भी चूक गए थे 1995 में आयरलैंड की इन्होंने सरकारी कंपनी खरीदी थी कितने में एक यूरो में और बर्बाद हो गई 6 साल के बाद 2001 में जो 1 यूरो में खरीदी थी वो कंपनी के पीछे ना एक्चुअली 50 मिलियन यूरो का बहुत बड़ा कर्जा था और वो कर्जा उसको वो नहीं चुका पाए तो क्या हुआ लर्निंग रही इनके लिए आप ये सब लर्निंग्स जो है फेलियर से भी सक्सेस से भी सीखने के लिए स्टेप बाय स्टेप चलना पड़ता है लर्निंग में लूप होल आ जाते हैं इसीलिए लाइन से चलो लाइन तोड़ के मत चलो लाइन से कैसे चलो एपिसोड वन से देखो कहां पर मिलेंगे मेरी प्लेलिस्ट में जाओ टाइकून ऑफ इंडिया प्लेलिस्ट में जाओ और एपिसोड वन से सारी प्लेलिस्ट को देखो अभी तो ये तीसरा एपिसोड है हर हफ्ते अगले अगला एपिसोड मैं ला रहा हूं हमारी चर्चा होने जा रही है पेप्स को की चेयरमैन जो रही है चेयर पर्सन जो रही है हां उनके साथ में मिलकर के हम लोग प्रोग्राम बनाएंगे बढ़िया वीडियो तैयार करेंगे इनकी रीजनल सेंट्रिक स्ट्रेटेजी कैसी रहती देखिए जिस रीजन का हो मैं उस रीजन का पहले दिल कैसे जीतूं उसकी तैयारी कैसे करूं ट्रिड जर्मनी कनाडा समे 14 कंट्रीज में जा चुके थे सरकारी कंपनियां खरीद चुके थे लक्ष्मी को सोवियत यूनियन में किस्तान का रुख करना था वहां पे नेचुरल गैस पेट्रोल कोल गोल्ड डायमंड मिनरल और स्टील बहुत था चाइना बाजू में था चाइना उस समय बूम कर रहा था उसको उस समय हाईवेज एयरपोर्ट बहुत कुछ बनाना था चाइना को उस समय स्टील की बहुत जरूरत पड़ने वाली थी तो उन्होंने सोचा कि मैं कजाकिस्तान का स्टील प्लांट खरीद के उसको वहां से चाइना में एक्सपोर्ट करूंगा बिल्कुल पास है मेरी लॉजिस्टिक्स की कॉस्ट बचेगी तो स्टील प्लांट को वहां खरीदो जो मार्केट के एकदम नजदीक हो मार्केट क्या है इनकी चाइना जहां माल बेचेंगे और प्लांट कहां कजाकिस्तान में फट से पहुंच जाएगा वहां माल कजाकिस्तान से चाइना नजदीक पड़ रहा है तो एक्सपोर्ट करने से पहले मितल इन सब फैक्टर्स का बहुत ध्यान रखते थे सूटेबल पेमेंट टर्म रखते थे करेंसी रिस्क का ऊपर नीचे होने के फ्लक्ट एशन का ध्यान रखते थे क्रेडिट रिस्क का ध्यान रखते थे कमर्शियल टर्म्स को बहुत डिटेल में पढ़ते थे हालांकि डील फटाफट करते थे लेकिन टीम को पीछे छोड़ देते थे बाद में टीम को छोड़ देते थे कि भाई मेरा शिपिंग पार्टनर चेक करके आओ कौन रहेगा कस्टमर के मेरे को जो मैनेज करने कस्टमर के प्रोसीजर्स चाइना में वो क्या रहने वाले हैं मैं वहां के ट्रेड लॉज को कैसे कंप्ला करूंगा कल को मैं यहां कंपनी खरीद लूं और और चाइना के साथ डील ही ना कर पाया तो फस जाऊंगा तो मेरे लिए इन्वेस्टमेंट हो गई और मेरा रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट आया ही नहीं तो सोवियत रिपब्लिक में जब ये फाइनेंशियल मेस आ चुका था बहुत ज्यादा और वो सोवियत रिपब्लिक अब रशिया बनने वाला था मित्तल ने उस समय टाइमिंग का फायदा उठाया वहां पे एक जगह थी जिसका नाम था टर्म टऊ वहां पे उन्होंने एक स्टील वर्क्स को एक्वायर किया और कैसे केवल 400 मिलियन डॉलर में लेकिन मित्तल ने हमेशा एक चीज का ध्यान रखा है जितना पैसा लगना चाहिए उससे कम लगाऊंगा इसके लिए मित्तल ने इन्वेस्टमेंट बैंकर फाइनेंशियल प्लानिंग एनालिसिस एफपीएन ए बोलते हैं इसको उनकी टीम लगाई जिनका काम था कि ट्रांजैक्शन के पहले सारे पोटेंशियल रिटर्न को चेक करो मैंने फिर से बोला खुद का प्लांट खोलने की जगह खुद की टीम खोली खुद के अलग-अलग अलग-अलग अलग-अलग देशों में जाकर के अपने प्लांट बनाने की जगह एक हेड ऑफिस में अपनी टीम बनाने पे ज्यादा फोकस किया और टारगेट कंपनी की उस देश की पूरी वैल्युएशन यह टीम निकालेगी राइट वैल्युएशन टीम निकालेगी डेटा एनालाइज यह टीम करेगी प्रिपरेशन स्ट्रक्चरिंग फाइनेंशियल मॉडल सब कुछ पूरा ऑपरेशनल रिस्क चेक करने के लिए टीम तैयार हो गई सारे काम मुझे नहीं करने हैं मेरी टीम को करने हैं लेकिन वह टीम कितना पोटेंशियल ला सकती वह हेड ऑफिस मैन के साथ में चिपक गई अब कजाकिस्तान ने सोचा मैं अपने स्टील यूनिट्स को प्राइवेटाइज कर दूं चैलेंज क्या था यहां पे इन्होंने चालाकी करी चैलेंज था कि उनको रशियन बोलने वाले लोग चाहिए वह कंफर्टेबल नहीं थे कि जिसको रशिया नहीं आती उसके साथ काम ना करने में काम नहीं करना चाहते उनको अंग्रेजी बोलने वाले लोग पसंद नहीं थे अब मित्तल ने इसकी तैयारी पहले कर ली रीजनल सेंटिक स्ट्रेटेजी मैंने बता दिया चैप्टर का नाम क्या तैयारी करी 2 साल पहले से ही अपने कुछ इंडियन खास स्टाफ को उन्होंने रशिया क्लासेस देनी शुरू कर दी और रशिया भेज दिया रशियन सिखा के रशिया भेज कर के दो साल समझ रहे हो बात को कितना लंबा सोच दो साल उनको वहां पर रशियन स्टील कंपनी के अंदर नौकरी लगवा दी अब उससे क्या हुआ इसको बोलते इंडस्ट्रियल स्पाने ज स्पाने का अर्थ क्या हुआ कि आपने अपने रशियन लोगों के बीच में अपने जासूस अपने बिजनेस जासूस भेज दिए वो जा कर के रशियन लोग कितने रुपए में खरीदेंगे उस स्टील कंपनी को वो क की स्टील कंपनी को कितने में खरीदेंगे वो भी समझ गए रशिया में काम करने के तरीको को समझ गया कजाकिस्तान के लोगों के साथ काम कैसे करना है वो सारे तरीके समझ गया अब उनको वापस बुला लिया फायदा बहुत हो गया आप जाकर के वो एंप्लॉई सीख चुके हैं कि कितना पैसा रशियन लगाएंगे स्ट्रेटेजी काम करी इन्होंने सूटेबल बिड डाली और उस बिड से इन्होंने रशिया को बीट कर दिया और उस बिड में रशिया को बीट करके कजाकिस्तान को बड़ी कंफर्टेबल खरीद लिया और कजाकिस्तान भी कंफर्टेबल क्यों क्योंकि टीम रशियन जानती थी टीम रशियन सीख चुकी थी ये 2 साल की तैयारी थी विजन समझ रहे हो बात को आने वाले समय में चाइना में कितनी जरूरत पड़ने वाली अगले दसियों साल तक उसके लिए ये दो साल की मेहनत करी और फिर क्या हुआ एंप्लॉयज का मिसफिट था ही नहीं क्योंकि जो उनकी लीडरशिप थी वो सब रशियन बोलती थी और वहां पे कोई दिक्कत ही नहीं आई वो डी मेरिट का भी ध्यान रख लिया ऑक्शन की बिल्डिंग मितल ने इंश्योर कर लिया कि मैं सारी पुरानी परफॉर्मेंस सारे प्रॉफिट ग्रोथ ट्रेंड रेवेन्यू सब चेक कर लूंगा फेयर मार्केट वैल्यू पे खरीद लूंगा और पोटेंशियल लायबिलिटी जो बाजार में इस कंपनी की देनदारियों उसका हिसाब किताब जोड़ लूंगा पहले ही और पोटेंशियल सिनर्जी जो होने वाली है चाइना के साथ वो उसका हिसाब किताब जोड़ लिया बड़ा बिजनेस के अंदर मैं आपको केवल कहानियां सुना दूं ना लक्ष्मी मित्तल को खाने में क्या पसंद है आम पसंद है केला पसंद है चीकू पसंद है उससे फायदा नहीं होगा आपको लक्ष्मी मित्तल ने कितने करोड़ों रुपए की शादी करी अपनी बेटी की सब आपको ये बताएंगे कितने करोड़ों रुपए शादी प लगा दी ये बताएंगे लक्ष्मी मित्तल के बाद दुनिया का सबसे महंगा मकान है आपको ये बताएंगे कौन सी गाड़ी चलाते हैं हेलीकॉप्टर चलाते हैं ये बताएंगे मेरा उसमें इंटरेस्ट नहीं है मेरा इंटरेस्ट है बिजनेस मतलब बड़ा बिजनेस मेरा इंटरेस्ट है जब मैं आपको लीडरशिप फंड में लाता हूं वहां आपको इन्वेस्टमेंट बैंकर मर्चेंट बैंकर जो आपके पास नहीं है की अकाउंट मैनेजर लीगल एक्सपर्ट डेटा एनालिसिस मार्केट एक्सपर्ट इंडस्ट्री लीडर इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने वाले लोग जो ग्लोबल एक्सपेंशन ला सकते हैं आप एक्सपोर्ट्स में कैसे जा सकते हैं अपने जाए बिना काम कैसे कर सकते हैं बिजनेस को एक्सपो शियल कैसे बना सकते हैं स्पीड ऑफ इंप्लीमेंटेशन कैसे ला सकते हैं एग्जीक्यूशन कैसे अपने कमरे के अंदर रह के कर सकते हैं एक दिन जाकर के एक हफ्ते का धंधा कैसे चला सकते हैं अपने बिजनेस टर्नओवर को पायलट मार्केट के थ्रू टेस्ट करके कैसे बढ़ा सकते हैं लक्ष्मी मित्तल एक था एक ही रहेगा पर अपने अंदर वो यूनिकनेक्ट ₹ लाख की कॉल लगती है हां या ना ना कॉल लगाने में कोई पैसा नहीं लगता कॉल लगाओ कॉल लगा के इसका पता लगाओ कि भाई इस प्रकार से क्या मैं भी ग्रो कर सकता हूं अब ये क्या है मैं आपको लक्ष्मी मित्तल की अगली स्ट्रेटेजी पर काम की है जो आपको भी बहुत काम आएगी ट्रस्ट बट वेरीफाई विश्वास करो डील जब कर रहे हो साइन विश्वास तो करो लेकिन साथ में वेरिफिकेशन के लिए नीचे टीम लगा के रखो पुरानी कहावत है लोहा गर्म है तो मार दो हथौड़ा ये कहते हैं ना ना ना हथौड़ा इतनी तेज मारो कि लोहा अपने आप गर्म हो जाए तो इस सामने वाले को गर्म कर देते थे उसको समझा कि भाई मैं तुझे क्या दूंगा अपॉर्चुनिटी देखें तो उसकी वेलोसिटी स्पीड इनकी बहुत तेज तेज थी यह डील पता कैसे करते थे यह कई बार फ्लाइट में जा रहे होते ट्रेवल कर रहे होते बाजू में को काम का आदमी बैठा है एक बार मेक्सिको जा रहे थे तो मेक्सिकन स्टील जाइंट जो था जिसका नाम था सिकार आता ये पेरेंट इनकी जो कंपनी थी कोई ग्रुपो नाम की कोई कंपनी हुआ करती थी उसके मालिक के साथ बैठे और वहीं उन्हों कन्विंसिंग के लिए पेपर नहीं था टिशू पेपर मंगा लिया एर होस्टेस से एर होस्टेस मैडम जरा टिशू पेपर तो लाइए एक पेन ले कर के आइए वहीं लिख लिए टर्म्स कंडीशन उसी पे साइन कर दिए खुद के भी और सामने वाले के जो मैक्सिकन बिजनेसमैन था उसकी भी साइन करा लिए सारे टर्म्स एंड कंडीशन ओके कर दिए अब और डील पूरी हो गई डील पूरी हो गई जाने मन यही तो समझा रहा हूं हां ट्रस्ट बट वेरीफाई फ्लाइट के अंदर खुद ट्रस्ट करके सामने वाले का दिल जीत लेते थे डील ओके कर लेते थे लेकिन बाद में सारी टीम लगा देते नॉन नॉन बाइंडिंग टर्म शट है ये नॉन बाइंडिंग टर्म शट मैं बाइंडी हुआ अभी आपको यह ऐसी टर्म शट है जिसमें ना मैं आपसे वादत ना आप मुझसे वादत अब टीम जाकर के प्रोस्पेक्टिव क्लाइंट जिसके साथ में लॉन्च करना था यह नेपकिन पेपर पे साइन तो कर लेते थे डील करने में ढील नहीं देते थे लेकिन बाद में फिर टीम जाकर के पूरी चेकिंग करती थी यह मिथल की स्ट्रेंथ है कंपनी को जब एक्वायर करने जा रहे हैं उनसे प्यारी बातें करेंगे मीठी बातें करेंगे उनका मन मोक लेंगे उनसे डील क्रैक कर लेंगे लेकिन कागजी कारवाई पूरी करेंगे बोल क्या ट्रस्ट बट वेरीफाई ट्रस्ट करो फिर ताकि भैया खरीदने के बाद एक बिजनेस टर्म होता है जिसको बोलते हैं पोस्ट परचेज डिस्कॉर्डेंस खरीदने के बाद दुख ना लगे मैंने यह कंपनी आज खरीद तो ली यह गुप्ता जी की कंपनी खरीद ली लेकिन पोस्ट परचेज रिग्रेट ना हो बाद में दुख ना हो पोस्ट परचेज यानी परचेज के बाद पोस्ट परचेज रिमोस ना हो ये ना हो रोना पड़ जाए पोस्ट परचेज पोस्ट परचेज डिसोनेंस ना हो ये ना हो कि भाई मैंने खरीदने के बाद में सोचूं हाय हाय गलती हो गई गलती हो गई गलती हो गई तो ये क्यों होता है जब आप ₹1 की चीज को 120 में खरीद लो और इनकी आर तो ₹1 की चीज को 20 में खरीदूंगा 120 में नहीं खरीदूंगा ये तब होता है जब आपको पता नहीं आपके स्ट्रेटेजी गोल इनसे मैच करेंगे कि नहीं करेंगे ये तब होता है जब आपको पता नहीं है कि मार्केट कंडीशन और डाउन टर्न्स आपको आ सकते हैं नहीं आ सकते हैं ये तब होता है जब आपको पता नहीं कि वैल्युएशन कैसे लगाई जाए तो आपको वो लीडरशिप चाहिए वो लीडरशिप सारी हम देते हैं आपको मैं लीडरशिप फनल चेंज कर चुका हूं ये लीडरशिप फनल वो नहीं है 2018 19 20 21 में होता था अगर आपने पहले कभी अटेंड किया हो लीडरशिप फनल ये वो नहीं है ये अलग प्रकार का लीडरशिप फनल है ये 52 हफ्ते तक हमारे साथ में अब आपके साथ फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स भी लग जाते हैं जैसे ये मितल अपना रिस्क मैनेजमेंट चेक करते हैं क्वालिटेटिव और क्वांटिटेशन दोनों क्वालिटेटिव रिस्क क्या होता है स्ट्रेटेजी और गोल कैसे हैं कैपेसिटी कितनी है ब्रांड की क्या कीमत है पर क्वांटिटेशन नंबर का कैसे चेक करेंगे फाइनेंशियल मैट्रिक्स चेक करेंगे उनके कंपटीशन के मैट्रिक्स चेक करेंगे टोटल एड्रेस बल मार्केट साइज चेक करेंगे हां आप ये देखेंगे सर्विसेबल एड्रेस बल मार्केट साइज क्या है यानी कि मैं इस समय ऑब्टेनेबल मार्केट साइज कितना है मेरा मैं कितनी मार्केट को एक्वायर कर पाऊंगा और उससे रेवेन्यू का प्रोजेक्शन क्या निकलेगा और मेरा पैसा कितने दिन में वापस आएगा वो रिपोर्ट तैयार करते हैं इन्वेस्टमेंट की वो ट्रेंड एनालिसिस देखते हैं वो स्टेट्यूटरी कंप्लायंसेज चेक करते हैं कहीं-कहीं बाद में एनसीएलटी में ना जा रही हो एनसीएलटी समझते हो ना आप बैंक रप्स की तरफ ना जा रही हो ये लेबर कंप्लायंस टैक्स कंप्लायंस ये सब चीजें चेक करेंगे मेरे को टैक्स में बेनिफिट कितना मिलेगा और मॉर्गेज एडवाइजर से मिलकर के उसका ड्यू डिलिजेंस चेक कर लेंगे मैं यही बता रहा हूं आपको चेंज जो 52 हफ्ते का जो फ्री प्रोग्राम दे रहा हूं ना मैं आपको सुबह 8:00 बजे हर संडे को यह मैं आपको तैयार कर रहा हूं भारत को तैयार कर रहा हूं कि आईडिया से लेकर आईपीओ तक आप कैसे जाए पांचवा अध्याय थोड़ा अलग अध्याय ये एंप्लॉई सेंट्रिक मैनेजमेंट एक बार एक इंटरव्यू में इनसे पूछा गया लक्ष्मी निवास जी आप कंपनियां खरीद खरीद के सस्ते में कंपनियां खरीद खरीद के इतने बड़े गए आपकी सबसे बढ़िया खरीद कौन सी थी आपने सबसे अच्छी कंपनी की डील कौन सी करी आपने सबसे अच्छी चीज क्या खरीदी अभी तक बोले मेरी सबसे अच्छी चीज थी वो लोग जो मैंने अपने एंप्लॉयज को किसी प्रकार कंपटीशन से खरीद के लेकर के आया मेरी सबसे अच्छी डील थी मेरे एंप्लॉयज मैंने सबसे अच्छा जो डील आज तक क्रैक किया जो भी मैंने आज तक किया वो था मेरे एंप्लॉयज क्योंकि ये मेरी एक्सटेंडेड फैमिली है जो रेवेन्यू के साथ-साथ रिश्ता भी बनाते हैं हां उन्हीं के एंप्लॉयज बुढे वक्त में उनके साथ खड़े हुए दिखाई देते हैं जब बैड फेज भी आता है इकोनॉमिक डाउन टर्न इनके यहां भी आया था जहां तक हो सकता है ये ले ऑफ कभी नहीं करते निकालते नहीं है ले ऑफ मतलब नौकरी से निकाल देना सैलरी कट की नौबत आए तो पहले अपनी और बोर्ड मेंबर की काट लेते हैं क्योंकि देखो क्या हुआ स्टील ना बाजार पे बहुत निर्भर करता है बाजार पे प्राइस तय करते हैं कि स्टील का प्राइस क्या होने वाला है जब रिसेशन आया 2009 में आपको याद है लेमन ब्रदर्स की बर्बादी के कारण अमेरिका के अंदर वो रिसेशन का इंपैक्ट पूरी दुनिया में आया था तो स्टील इंडस्ट्री वर्ल्ड वाइड बहुत बड़े लॉसेस में चले गई स्टील के प्राइसेस नीचे घट गए तो जितने का माल पड़ा था उस पड़े हुए माल की कीमत घट गई और इनके लिए सबके लिए ले ऑफ कर देना बड़ा आसान सी बात थी पर आर सलर मितल ने क्या किया वो खुद बड़े कोलैब हुए नुकसान में गए बड़े 50 बिलियन डॉलर की उनकी वैल्यू जो थी जो शेयर मार्केट के अंदर वैल्यू थी 50 बिलियन डॉलर मिलियन नहीं बोल रहा हूं बिलियन आज की डेट में 1 बिलियन है 8000 करोड़ 50 बिलियन हो गया 4 लाख करोड़ आज की डेट में उस समय भी बहुत रहा होगा 2009 में इतना नुकसान होने के बावजूद उन्होंने अपना तनखा खूब काट ली 2012 में भी एक बार ऐसा ही स्लोडाउन आया था तब भी अपनी तनख काटी एंप्लॉयज को तंग नहीं होने दिया और एक ऐसा समय था जब 10 साल तक ये केवल $50 महीना के लिया करते थे इतना ही नहीं मित्तल जो है ना अपनी टीम को कभी माइक्रो मैनेज नहीं करते सीईओ को क्या बोलते हैं सीईओ को क्या बोलते हैं भाई चाहे तुम ये यूनिट तुम्हारा है यह प्लांट तुम्हारा है यह कंपनी तुम्हारी है और तुम्हारा नाम क्या है तो सीईओ बोलेगा मेरा नाम है लेट्स से अमित सिंह अमितराज सिंह हां मेरा नाम है रावत मेरा नाम है फलाना ना ना ना बोले नहीं तुम्हारा नाम है लक्ष्मी मित्तल लक्ष्मी निवास मित्तल बोले क्या सर समझे नहीं मैं हम बोले तुम इसी यूनिट के मालिक हो इस प्लांट के मालिक हो इस कंपनी के मालिक और तुम्हारा नाम लक्ष्मी निवास मित्तल है तो सामने वाले के अंदर वो फीलिंग दे रते थे कि मैं लक्ष्मी निवास मित्तल का एक क्लोन हूं एक उसका एक्सटेंडेड वर्जन हूं तो इसलिए जब इनसे पूछो ना कि भाई कैसा फील करते हो आप इतने एंप्लॉयज आपके साथ में इतनी बड़ी ऑर्गेनाइजेशन चला रहे पूरी दुनिया में इतने देशों में काम हो रहा है तो ये क्या बोलते हैं मैं रात को तो कम से कम चैन से सो पाता हूं क्योंकि मेरे सवा लाख एप एंप्लॉयज मेरे साथ में मिलके मेरे बिजनेस का ध्यान रखते हैं तो ये स्ट्रेटजी क्या रिप्लेस अपने आप को कैसे करना है आप इस चैनल को क्यों सब्सक्राइब करो मत करो सब्सक्राइब लेकिन अगर आपको अपना फायदा चाहिए तो कर लो सब्सक्राइब अ नोटिफिकेशन के लिए बेल आइकॉन पे मत करो हिट लेकिन अपना फायदा चाहिए तो कर लो हिट क्योंकि संडे सुबरे 8:00 बजे देखो google3 के साथ स्ट्रेटेजी कोई नहीं दे सकता और जब समझ में आए तो अपने फायदे के लिए सब्सक्राइब करो और दूसरों से भी करवाओ अब फाइनली मैं एक दो बातें और बताता हूं आपको फिर भी दिल है हिंदुस्तानी भाई आप लक्ष्मी निवास मित्तल को भारत से बाहर लेके जा सकते हो लेकिन भारतीयता को लक्ष्मी निवास मित्तल से बाहर नहीं लेके जा सकते आज इंडियन होना उनके लिए आज भी मैटर ऑफ प्राइड है और आज लगभग 30 साल के बावजूद भी ये इंडियन पासपोर्ट अपना रखते हैं अपने साथ में मिट्टी की याद मित्तल को हमेशा आती रही है अपने सारे इंडियन ट्रेड वैल्यू फॉर मनी हमेशा साथ में रखा है इन्होंने भारत में अपना डॉक्टर ए ज अब्दुल कलाम से इंस्पायर्ड रहे इसलिए उन्हीं के नाम पर जो सड़क दिल्ली में रखी गई है वहां पर उन्होंने अपना मकान बनाया एसआर स्टील भारत की जब अपॉर्चुनिटी मिली तो 2019 में आकर के उसको भी एक्वायर किया स्पोर्ट्स इनको बहुत पसंद है तो भारतीय स्पोर्ट्स को मदद करते हैं ओलंपिक्स में भारतीय स्पोर्ट ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते और जब 2004 में एक सिल्वर आया 2000 में एक ब्रोंज आया तो उन्होंने सोचा कि भाई मेरे को घुसना चाहिए इसके अंदर तो 9 मिलियन डॉलर का एक ट्रस्ट बनाया इंडियन एथलीट्स की मदद करूंगा और जिस दिन अभिनव बिंद्रा शूटिंग ठा गोल लेके आए 2008 में ढ़ करोड़ रुपए उन्होंने उनको गिफ्ट किया और को लोगों को इंस्पायर किया नाम बनाना अलग बात है लेकिन नाम बनाए रखना बहुत अलग बात है ये आर्ट है जो सिर्फ लक या लर्निंग से नहीं आती है इस आर्ट को सीखना पड़ेगा लर्निंग को एग्जीक्यूट करना पड़ेगा लर्निंग को जो कॉमन लॉट में नहीं एक्सक्लूसिव लीग में रखें उस लर्निंग को मैं लाता रहूंगा आपके लिए मोटिवेशन इंस्पिरेशन स्किल स्ट्रेटेजी डिसिप्लिन एग्जीक्यूशन के प्रिंसिपल्स नई-नई स्ट्रेटेजी बड़े बिलिनियर ने कैसे लेकर के आया वो डायरेक्शन वो क्लेरिटी वो इंफॉर्मेशन मेरा चैनल है वन स्टॉप डेस्टिनेशन मेरा मोटो है आप जब आए तो बत कुछ सीख के जाए ज्यादा टाइम ना लगाए मैं वर्ल्ड पर मिनेट ज्यादा रखता हूं मेरे वीडियो को 1.5x पर नहीं देख सकते हो मुझे बहुत स्पीड से बात करता हूं आप youtube1 अंपन [संगीत] हे [संगीत]
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