Unheard Stories Of Lal Bahadur Shastri Prime Minister’s Case Study Dr Vivek Bindra
झाल कर दो [संगीत] कि फिल्म की मृत्यु हुई है वह कि देश के आम नागरिक नहीं थे मेरे भाई व हमारे देश कट कर देंगे प्राइम मिनिस्टर थे कि उनका शरीर जब आप इस देश में आया तो काला और नीला पड़ चुका था पूरी तरह है क्यों इंदिरा गांधी ने कहा कि कोई छानबीन के जरूरत नहीं है वह प्लाट जिसमें आखिरी बार दूध पिया उसका फॉरेंसिक एग्जामिनेशन क्यों नहीं किया गया है है जो आखिरी दर्शन के लिए उनके परिवारों के बीच बच्चों को उनके पास नहीं जाने दिया कि इतने सारे प्रश्न का कोई उत्तर नहीं है 2 अक्टूबर की बात करते हैं तो आपके मन में क्या है गांधी गांधी जयंती मन की बात करें तो यह यह लाल बहादुर श्रीवास्तव लाल बहादुर सब्सक्राइब करें थैंक यूं अगर यह भी कहा कि भारत पूरे भारत को सबस्क्राइब छोटी थे लाल बहादुर शास्त्री को डुबो कंपनी ने टाइटल दिया गया था जो कंप्लीट करें क्योंकि जब स्कूल स्वतंत्रता के लिए भारत की बहुत मेहनत करें लाल बहादुर शास्त्री के कुछ अद्भुत वीडियो में दो व्यक्ति तो किया हरित क्रांति पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश में वह सब तो किया ही किया यह सात बार अरेस्ट हुए नौ साल खुद जेल में रहे और जब यह रेल मंत्री बने थे इतना सिंसियर इतना सेंटर्स के गलती से एक्सीडेंट किया हुआ इन वृद्धि दे दिया हाथ के नेता भी बोलते हैं कि इनका यही जस्ट अप वॉल्यूम इसमें इनके बारे में सब कुछ कह देता है कि इनकी मानता उनके इंटेग्रिटी कहती है एक ऐसा स्टैंड के खुद जा करके इन्होंने रिजाइन कर दिया लाल बहादुर शास्त्री जब प्राइम मिनिस्टर बने पाकिस्तान को हराया भारत रत्न उनकों मिला भी मिला इनकी में पहली कहानियां आपको सुनाता हूं थे अर्ली डेज आफ फ्रीडम कि जिससे मैं अभी देश को स्वतंत्रता मिली नहीं थी उस समय लाजपत राय ने एक संस्था बनाई सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी सर्विस टू मीडियम साइज ठीक ऐसी संस्था थी कि यह उन गरीब स्वतंत्रता सेनानियों की मदद करती थी जिनके पास पैसा नहीं था लेकिन को दूर हो जाती थी यानी कि कुछ ऐसे हमारे फ्रीडम फाइटर थे उनको जेल में डाले थे उनका पीछे पूरे परिवार के पास उनकी आए उनके अंदर भी सुरक्षित नहीं रहती थी है और ऐसे ही थे हमारे लाल बहादुर शास्त्री जब उनको जेल भेज दिया गया तो उनकी पत्नी उनके बच्चों के लिए घर में जीबी का सुरक्षित नहीं तो इनको भी ₹50 महिला कौन देता था सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी को पचास रुपए महीना तिथि को लाला लाजपत राय ने बनाया था ₹50 मिलने के घर जाता तो एक दिन उन्हें जेल से चिट्ठी लिखी अपनी पत्नी को ललिता शास्त्री को पुत्र ललित आता क्या तुमको ₹50 हर महीना मिलता है अगर मिलता है तो क्या तो उसमें घर चला पा रही हो तो ललिता का तुरंत चिट्ठी से जवाब आया बोलो एकदम महीने के महीने मुझको ₹50 मिल जाता है और तो और मैं ₹40 में घर चला लेती हूं ₹10 बचा भी लेती हंसू शास्त्री जी सोचे ₹10 विचार है यह ₹40 में काम चल जाता है शास्त्री जी मुस्कुराए तुरंत सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी को चिट्ठी लिख दी वह मेरा काम ₹40 में चल रहा है यह ₹10 घाटा करके आप बाकी ₹10 किसी और जरूरतमंद को दे दीजिए यह थे लाल बहादुर शास्त्री है यह इनकी है पितरों इंटेग्रिटी इतने ही इमानदार थे इतने ईमानदार थे जिसके में जेल में अजय अंग्रेजी दूसरे में शासक हमारे देश में इनको पता चला कि उनकी बेटी बहुत डिमांड इतनी बीमार है कि हो सकता है वह शरीर छोड़ दे इन्होंने चिट्ठी लिखकर रिक्वेस्ट किया कि वह उसको अपने घर जाने दीजिए मैं बच्ची से मिलकर आना चाहता हूं मंज़िल वापस लौटा हूं तुमको पैरोल पर 21 इन्होंने 15 दिन की छुट्टी मांगी इनको 1 दिन की छुट्टी दे दी और ज्वेलरी इतना इनसे इंप्रेस थाना यह विनम्र बहुत ही मैदान कॉपीराइट आपके पास में विनम्रता का यह कहानियां हर बच्चे को हर परिवार में हर जगह दिखा देना भैया हर एक दिन की छुट्टी मिली है जिस घर गए जैसे ही जा करके बेटी को गले लगाया बेटी के पास बैठें थोड़ा मुस्कुराई बेटी इनको देख करके और उसके बाद मीटिंग है शरीर छोड़ दिया उसी दिन शरीर छोड़ दिया यह तुरंत गए उनके लास्ट राइट्स इसको बोलते हैं उनका अंतिम संस्कार अपनी बेटी का किया आंसू भाई सब बहुत दुखी है क्योंकि बेटी से मिलने के लिए को छुट्टी दिया बेटी का देहांत हो गया तो घर लौटते हुए अपनी पत्नी को रास्ते में बोले कि मैं यहां पर जा रहा हूं तो पत्नी ने बोला कि दिन के लिए आए हो कुछ दिन तो हमारे साथ रह लो आप बोले नहीं मुझे अंग्रेज सरकार ने आदिति बेटी के लिए अब बेटी ही नहीं रही तो छुट्टी लेना मेरे लिए गलत होगा मुझे तो ईमानदार रहना है ना मैं ईमानदारी से ही जीवन जीना चाहता हूं और यह वापस लौट गए खूब पॉइंट के पड़ोसियों रिश्तेदारों ने रोका यह माने नहीं यह वापस जेल लौटे और जब जेल गए तो वहां के जेलर थे उन्होंने खुद ही कहा क्या फिक्सिंग रह सकते हैं हम यहां कोई के दिन की छुट्टी दी है और उन्हें करने कि मैं कि दूं आपने मुझे बेटी के लिए छुट्टी दे जब बेटी का देहांत हो गया तो आप छुट्टी के दिन बात की और इन सब बहुत ज्यादा अंग्रेज इनके सब लोग इनकी की इमानदारी से इतना इंप्रेस्ड मे ही कहते स्वतंत्रता की रक्षा केवल सैनिकों व कार्य नहीं है इसके लिए पूरे देश को मजबूत होना है लिए थे लाल बहादुर शास्त्री यह आगे चल खींच जब भारत हमारा आजाद हुआ यह रेलवे मिनिस्टर बनाए गए पहले 1950 में जब यह रेलवे मिनिस्टर बनाए गए इनकी कहानी सुनाता हूं लोली बट नॉट ओनली यह मैंने कहानी को टाइटल दिया बहुत सुंदर कहानियां आप अच्छा लगेगा आलू ले मतलब बिल्कुल लो रहे थे बिल्कुल विनम्र नीचे जो कहते थे पर लॉन्ड्री नहीं थे हजारों लाखों लोग इनके करोड़ों उनके साथ रहा करते थे लाल बहादुर शास्त्री यह जो उनकी स्पीच थी मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर टिप्स यह मुगलसराय जंक्शन है कि आप जानते हैं मुगलसराय जंक्शन जो था यह वही के रहने वाले भी से तो वह स्पीच में जब यह तेज पर चढ़ने लगे तु देखा कि पूरी भीड़ चंदन की मां भी खड़ी थी तो यह तेज पर चढ़े नहीं यह पीछे अपनी मां को बुलाया और स्टेज के पीछे ले आए अब व मां कैसी हो ठीक हो तुम्हें तो घुटने में दर्द है ना मां बोली हां बोले जा रहे हैं यहां मत रुकना भिक्षुओं अरे यहां पर मंत्री जाने पर वह कौन से मंत्री फॉरेन मिनिस्टर आने वाला है आप निकल जा यहां से एक अभिमान हो जाएगी कहीं चोट लग जाएंगे अपना तो मां को लौटाया वापिस आए स्टेज पर खूब पिएं इस युद्ध के जाने लगे तो पत्रकार ने देखिए उनको रोका उन आपकी मां को पीछे ले गए फिर मां को लौटा दिया फीस देने आए क्या हुआ तो बोले मेरी मां को ना अभी तक पता नहीं है कि मैं रेल मंत्री हो तो बचा था कि वह चुपचाप चली जाए हमको लगता है रेलवे के अंदर एक छोटा सा सरकारी मुलाजिमों से एक छोटी जूनियर नौकरी करता हूं वह बताओ एक तथा कितना गर्वित महसूस करते हैं मेरा बेटा मिनिस्टर है पुरूष ठीक है लेकिन आई डोंट वांट माय मदर टू गेट हेयर यू कैंट मैं नहीं चाहती उनके अंदर अहंकार आ जाए हां कुछ हो सकता है मुझे कोई ना कोई काम रे कमेंट करें किसी इंसान को रिकमेंड करें इसके बाद मैं मना नहीं कर पाऊंगा और उम्र यह बहुत तकलीफ हो जाएगी ऐसे जबरदस्त व्यक्ति थे जो आगे चलकर की होम मिनिस्टर बने 1968 के आसपास एक 1968 में अभी हम मिनिस्टर बने लाल बहादुर शास्त्री के दो बेटे थे वहीं स्कूल में दिल्ली में पढ़ा करते थे और टांगों के अंदर रिक्शा के अंदर स्कूल जाया करते थे बहुत दूर कूल्हों तरह का तो कई बार उनके बेटे ने अगर के बोला पिताजी आप तो हमारे देश के होम मिनिस्टर है यह बोला आप होम मिनिस्टर है हमको टांगें में जाना पड़ता है आपकी सरकार के ने छोटे-मोटे मिनिस्टर भी गाड़ियों में उनके बच्चे आते हैं आप यह जो सेक्रेटरी है उसके बच्चे भी गाड़ियों में आते हैं और हमको टांगें में जाना पड़ता है यह क्या बात हुई तो बिल्कुल गलत तरीका हुआ कि जब आपको जूनियर लोग भी अपनी गाड़ियों में भेज रहे हैं तो हमको भी तो गाड़ी में भेज सकते हैं आपके पास को गाड़ी है तो तुरंत उन्होंने जवाब दिया मैं में कार्य आह्नकार हैं यह सोचना क्यों मेरी गाड़ी है माय कार हिट्स अहंकार अहंकार मतलब हुआ कि मेरी गाड़ी होम मिनिस्टर में अलग-अलग तुम मेरे पुत्र हो तो होम मिनिस्टर लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र लाल बहादुर शास्त्री इंदिरा गांधी की तारीफ करते थे और इनवेस्टमेंट इतनी और इसे कट कर पाते थे वह मंत्री बनने के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी आम आदमी की फीलिंग थे नॉट बीन सब्सक्राइब करना चाहते थे वह नहीं चाहते थे कि वह इतना लेट इतना लेट नाइट में और तब उनके साथ में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर आफ पुलिस ने बहुत सिंपल मैं आपको दिक्कत हो जाएगी के साथ में की पूरी लगा देता हूं झुक जाएगा और आप एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे 10 मिनट में पहुंचता है घंटा लग जाएगा का या लाल बहादुर शास्त्री ने मना कर दिया और बोली मैं तो 10 मिनट में एयरपोर्ट पहुंच जाऊंगा लेकिन कम से कम 10 हजार लोग जो इसमें ऑफिस था बट मैं घर लौट रहे उनका 1 घंटा खराब हो जाएगा और 10 हजार लोगों का एक घंटा मतलब अपने 10 मिनट बचाने के लिए लोगों के 10,000 घंटे खराब नहीं कर सकता उनको वीआईपी मूवमेंट के तक खिलाफ अपने आप को आम आदमी की तरह देखना चाहते थे शास्त्रीजी आगे चलकर सेकंड प्राइम मिनिस्टर बने हमारे देश के जवाहरलाल नेहरू के बाद में 27 मई 1964 कि उनका देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की कहानी सुनिए का आगे नॉलेज 1964 को उन्होंने गुलजारी लाल नंदा से उनके पास स्टैंप रिस्पांसिबिलिटीज प्रधानमंत्री की पॉजिशन रिसीव करें प्रधानमंत्री बनने के बाद यह सीट है एपीटम आफ मोरालिटी स्टेप टो मॉनिटर थे प्राइम मिनिस्टर 19 महीने तक प्राइम मिनिस्टर रहे क्या हुआ एक बार लाल किले के पास उनकी पत्नी और बच्चों के साथ में उनको पत्रकार ने देख लिया था जब पत्रकार क्या देखता है डीटीसी की बस दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन तथा सरकारी बस उस से उतरकर अपने लाल के न जा रहे हैं और वह कुंवर चुस्की आइसक्रीम खिला रहे हैं तो पत्रकार उस दिन तो कुछ नहीं बोला बाद में उनको मिला मुझे शास्त्री जी मैंने आपको सरकारी बस ड्यूटी से के अंदर देखा लाल किला जाते वक्त और संडे का दिन तक शायद आपके दो महीना पहले मूर्ति बात देखा आपने उसको तक इस मुलाकात सरकारी बस में घूम रहे थे तु देखो ऐसा है मेरे पास गाड़ी नहीं है तो मैं सरकारी बस में जखमोला गाड़ी तो है आपके पास ना वह मेरी गाड़ी नहीं है वह प्राइम मिनिस्टर की गाड़ी है वह मेरी गाड़ी नहीं है अभी मैं अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर के जा रहा था तो इसलिए जो मेरे पास गाड़ी नहीं है तो मैं तो बस मैं ही आऊंगा ना आम आदमी की तरह में तो योग इतना हैरान होते थे और इस बात से लेकर कि उनकी पत्नी शर्मिंदा हो गई बोला ऐसा जवाब नहीं दे दिया अपने पब्लिक में जा करके हमारी बेइज्जती करा दी आपने तो लाल बहादुर शास्त्री ने बड़े ऑपरेशन में आकर परिवार के बारा हजार रुपए का लोन ले करके पेट गाड़ी उन्होंने लोन पर लिए अपने लिए इतनी सिंपल व्यक्ति थे इतने सिंपल व्यक्तित्व के एक दिन केरोसीन का तेल लेने के लिए प्रधानमंत्री केरोसिन तेल लेने के लिए पहुंच गए राशन कार्ड से लेकर राशन दिया जाता था तो वह दुकान पर जा कर लो जी को बोलेंगे केरोसिन का तेल दे दो बोलो राशन कार्ड दीजिए लीजिए राशन कार्ड क्या नाम है और लाल बहादुर शास्त्री तो वह बेचारा बोला क्या अच्छा अब तुम कवर हम प्रधानमंत्री भी हो तो वह चुप हो गए लाल बहादुर शास्त्री बुलाओ कि प्रधानमंत्री हंसने लगता है छोटू प्रधानमंत्री इतना अ जोर-जोर से अब और केरोसिन तेल की मजाक उड़ा रहा था बहरहाल जब कनेक्ट करके तेल डाला तो पीछे सिक्योरिटी भागती हुई आई और तेल गर्म उठाया तब उसको समझ में आ रही थी सिक्योरिटी भागते हुए आई इनकी बिक्री सिंपल धोती-कुर्ते में रहने वाले उनकी simplicity के कारण उनके बेटे कहां भी करते थे कि लाल मिर्च हमारे जो शास्त्री जी थे उनको हमेशा में जप्त कर लिया जाता था सुनील शास्त्री के वेतन के बारे में कई बार कहते हैं कि कॉमेडियन को समझ लिया था कि यह प्रधानमंत्री नहीं हमारे देश के 1964 की कहानी सुना तो आपको जो प्रधानमंत्री के बेटे अनिल शास्त्री सेंट कोलंबस स्कूल में पढ़ रहे थे तो आप पैरंट टीचर मीटिंग हुआ करते थे उस समय तो पेरेंट्स को रिपोर्ट कर ले जाएगा तथा ज्यादा पड़ता है रिपोर्ट कर लेना बेटे का यह ने शास्त्री 1964 में जब सेंट कोलंबस स्कूल पढ़ रहे थे तो रिपोर्ट करने का समय आया तो शास्त्री जी पहुंच गए स्कूल अजमेर सिक्योरिटी गार्ड ने देखा है और यह प्रधानमंत्री खुद आए हैं रिपोर्ट कार्ड बांध आंध्र दर्पण जाकर के प्रिंसिपल को टीचर को सबको लिया गेट खोल दिए बड़ा गाड़ी अंदर ले चाहते घड़ी अंदर नहीं लागत है बाहरी लगाऊंगा और वही उनको जो है ना फटाफट प्रिंसिपल टीचर सब आगे उनको नीचे बिठा दिया और आप यार एक कमरे के अंदर बैठ जाइए क्योंकि उनकी क्लास थर्ड फ्लोर पर टीचर अपने आप आपके रिपोर्ट देने के लिए उन्हें अपने इसलिए मुझे बिठाया शास्त्री जोड़ दें और न ही नहीं तीसरी मंजिल चढ़कर या फिर कोई लिफ्ट नहीं है 38 जाऊं क्या समस्या है तो वह धीरे-धीरे अपना 4000 करके तीसरी मंजिल पर चढ़कर पहुंचे तो वहां उसकी क्लास के बाहर पहुंचे अपने बेटे की क्लास के पास पहुंची तो वह बहुत लंबी लाइन लगी हुई अच्छा वह लाइन से आगे जो उनको लेकर जाए तो फिर आपके पीछे लगे बोले नहीं नहीं लाइन से को तुड़वा रहे हैं प्रधानमंत्री देश का अपने बेटे की रिपोर्ट कार्ड लेने के लिए स्कूल के बच्चों के पैरेंट्स की लाइन में जा करके लगे 1 घंटा वेट किया और रिपोर्ट कार्ड लिया प्रिंसिपल बोला यह क्या तरीका हो आप देश के प्रधानमंत्री हैं वह प्रधानमंत्री बाद में वो पहले मैं अपने बच्चों का पिता हूं असली जीवन सारा काम खत्म करके नीचे आए और प्रिंसिपल बोले देखिए हमें बहुत बुरा लग रहा है तो प्रधानमंत्री बनने के बाद शास्त्री जी बोले जब मैं नहीं बदला तो आप क्यों बदल जाते हैं और उन्होंने कहा कि पैसा नहीं करूंगा ना अगर मैं आज लाल बहादुर शास्त्री ऐड नहीं करूं तो मेरे बच्चे बिगड़ जाएगा और में अंकारा जाएगा कि वह प्रधानमंत्री का बेटा हूं अपने बच्चों को सिखाने के लिए कि यह विनम्रता अगर मैं आज नहीं प्रैक्टिस करूं तो मैं बच्चों को कभी प्रैक्टिस खराब नहीं पाऊंगा यह ऐसे अद्भुत व्यक्ति थे कि मैं आपको एक कहानी सुनाता हूं तो मैं कहता हूं clear-cut वर्सेस पर कट clear-cut और ही लोन पर कट इनको सरकारी गाड़ी के प्राइम मिनिस्टर शेव्रले इंपाला मिली होती है शेव्रले इंपाला उसने बड़ी अच्छी गाड़ी लेकर उनके बेटे अनिल शास्त्री को बड़ा मन था कि गाड़ी के दिन चलाऊंगा अजब पिताजी देते थे गाड़ी नहीं-नहीं एक गाड़ी सरकारी आपने चला सकते हैं तो एक दिन पिताजी की मीटिंग में थे प्रधानमंत्री यह पीछे से आए अपना गाड़ी निकाली और ले करके घूम-फिरकर क्या है और वापस भागने लगा दी अब बेटर है जब बॉडी पार्ट कर दी अगले दिन पिता को पता लग गया शास्त्री जी को समझ आ गया लग रहा है कुछ गड़बड़ है गाड़ी इस्तेमाल भी तो ड्राईवर ने बताया कि आपका बेटा ले गया था तूने का कोई बात नहीं है एक काम करो चेक करो कितना किलोमीटर चली थी कल कितनी चिल थी और आज कितनी डेयरी निकाल कर चेक करके बताओ तो आधा किलोमीटर चलिए साफ मेरा बेटा 14 किलोमीटर चलाया गाड़ी आज चौथा किलोमीटर कोई बात नहीं क्या स्टोरी क्लियर कर टोन पर कट इन्होंने फटे कागज़ निकाला और चिट्ठी लिख दी कि 14 किलोमीटर का तेल की को अगले मेरी आने वाली तनख्वाह से काट लिया जाए चुकी है मेरे पर्सनल इस्तेमाल के लिए उसकी गई थी वह 14 किलोमीटर का तेल है इन्होंने अपनी तनख्वाह से कटवा शास्त्री जी एक ऐसे व्यक्ति थे कि इनके घर का एक कमांडमेंट हैं इनके घर का नियम था मैं उसकी कहानी सुनाता हूं आपको अनिल जैन का बेटा सेंट स्टीफंस कॉलेज में एडमिशन के लिए आप अब स्कूल से पास आउट हो चुका था सेंट स्टीफंस कॉलेज नॉर्थ कैंपस में एडमिशन के लिए वहां पहुंचा वह बहुत लंबी लाइन लगी हुई थी इतनी लंबी लाइन थी धूप का समय तक गर्मियों का सीजन होता है उस समय जून के महीने में एडमिशन चल रहा था तो अनिल शास्त्री लाइन के अंदर लगे लगे लगे लगे धूप के अंदर चक्कर था कि नीचे गिर गए रचकर था कि नीचे गिरे उल्लू आवेदक उठाया पानी चढ़ता कितनों को लिम्का पिला दी और को इसको ले गया वहां पर जो है अपना पास में डॉक्टर के यहां अच्छा डॉक्टर ने उनका इलाज इलाज किया थोड़ा अंगूठी तुमसे पूछा पिता का नाम बताओ अपना नाम बताओ मेरा नाम अनिल शास्त्री बोलो पिता का नाम बताओ और पिता का नाम बताओ तो अपनी मां का नाम बताने लगे कि वह अपनी मां का नाम ठीक है तो मुझे पिता का नाम बताओ वह मां का नाम बताएं लगे बोले मां का नाम ठीक है हमारी अंतिम है पिता को हैंडओवर करेंगे आपको तो अपने पिता का नाम बताओ तो यह बोले पिता का नाम में लाल बहादुर शास्त्री तो डॉक्टर हंसने लगा अब तुम बोलो एरो प्राइम मिनिस्टर है तो यह बोला कि ही वह प्राइम मिनिस्टर है डॉक्टर फिर हंसने लगा और थोड़ी देर में पिछले इंफॉर्मेशन दे रही थी तो उनके तथा वहां पहुंच गए वहां डॉक्टर बहुत हैरान हुआ देखकर के प्रधानमंत्री का बेटा है इतना देर से लाइन में लगा हुआ तो डॉक्टर ने पूछ लिया कि आपका बेटा आपका नाम क्यों नहीं बता रहा था तो उस समय लाल बहादुर शास्त्री को लेकर हमारे धर्म में एक नियम है कि ह्यूमन एंड लव टो टेक माय नेम एंड यू वेर इस यह ग्राउंड रहेगा जिंदगी भर और वही लाल बहादुर शास्त्री ने बोला अगर आपने इस पर जोर नहीं डाला होता ना तो यह मेरा नाम तो कभी था भी नहीं और नाम न बताने की कहानी सेंट स्टीफंस से पासआउट होने के बावजूद पूरे परिवार को साथ ले रहा हूं अनिल शास्त्री का कि आप स्कूल से फिर वह कॉलेज से फिर उनकी नौकरी लग गई अरे शास्त्री प्राइवेट कंपनी में नौकरी किया करते थे ऐसा क्या वह किसी को नहीं पता कि लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री के बेटे लेकिन अनिल शास्त्री की कंपनी में एक दिन उनके मैनेजर ने जाकर कंपनी उम्र को बता दिया रे प्रधानमंत्री का बेटा यह अ मार्क है नौकरी कर पाएंगे इसे अच्छी तरह बनाया अनुसार उसने सोचा अच्छा प्रधान मंत्री का बेटा तो कुछ जुगाड़ करते हैं तथा बढ़ा देते प्रमोशन देते हैं अपना भी कुछ ना कुछ आगे तक के काम बनने का या तो उसने तुरंत एक चिट्ठी लिखकर के देखिए आपको प्रमोशन दिया जाता है आप की संख्या बढ़ा दी जाती है तनखा डबल कर दी गई पुरुष या स्त्री बहुत खुश बहुत कुछ दरगाह जा करके पिताजी को कहानी सुनाई थी दिखाए देखो अपना प्रमोशन हो गया मेरी सैलरी बढ़ गई अरे कमान हो थ्री पूछा ऐसा क्या किया तुमने भाई प्रमोशन है वहीं अप्रैल के महीने में होता है तुम्हारा नवंबर में काहे हो गया प्रमोशन तो बोले यह तो मुझे मालूम नहीं है भाई प्रमोशन कर नहीं तुमने किया क्या ऐसा तुम्हारी तनख्वाह बढ़ गई साथ पूछा बेटा से बेटा कुछ तो देखा होगा मुझे उठा ले लें दिया शास्त्री जी बोलो कोई बात नहीं अगले दिन दफ्तर में जब तक जागते हुए अपने प्रधानमंत्री कार्यालय से उनकी कंपनी के चेयरमैन को फोन लगा दिया क्या भैया आपने हमारे बेटे को प्रमोशन क्यों दिया उसके तनख्वाह बढ़ाई आपने तो लुटता रहे और प्रधानमंत्री प्रणाम आपको हफ्ता कुछ युवा प्रधानमंत्री का भोला भोला आपका बेटा है तो काबिल तो होगा ही ना नीली काबिल है कि मेरा बेटा है मैंने दोनों है बिजली का बिल है कि मेरा बेटा है मैं काबिल तो है यह जल्दी पहचान आपका बेटा में संख्या बढ़ा दी पुलिस हटा अब उसकी तनख्वाह दी करो और उसका डिमोशन करो वापिस डालो उसको नहीं तो मैं तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई कर दूंगा वह बीच वाला आदमी घबरा गया और फटाफट चैनल शास्त्री मित्र उदास बहुत हुए केयर मेरा बच्चा भी प्रमोशन हुआ मुझको नीचे की राजधानी स्थित लाल बहादुर शास्त्री चाहिए ब्लू ओवरटर्न्स और डिप्रेशन विद इमीडिएट इफेक्ट ऐसा करके इंजेक्शन दिया उनको ए प्राइम मिनिस्टर लाल बहादुर शास्त्री व अपनी पत्नी के साथ एक भूमेश्वर गए थे जागरण पूरी तरह योगेश्वर गए v5 विजिट इंसटिड आफ हियरिंग थे वर्ड्स मामलों का निष्पादन किया है उनकी पत्नी को साड़ी खरीदने का मंत्र वह बहुत सुंदर साड़ी एक फैक्ट्री थी जो कुड़ियां साड़ी बांधी ट्रेडिशनल बहुत सुंदर साड़ी यह फैक्ट्री में गए तो हम लोग को पता चला कि प्रधानमंत्री अपनी धर्मपत्नी के साथ में फैक्ट्री का मालिक पूरी टीम आगे पीछे आगे पीछे आगे पीछे आगे पीछे घूमने लगे हरे प्रधानमंत्री हैं वह हम आपको साड़ी दिखाओ साड़ी दिखाने लगे अब प्रधानमंत्री सामने उनकी पत्नी चाहिए अच्छी तरह सारे सेट करें पूछा कितना पैसा बुला रहे हैं अरे क्या बात करता है आपसे थोड़ी पैसा लेंगे इतनी सेवा देश की करते आपको स्वतंत्रता सेनानी है आप से कैसे पैसा लिखित अपराध करेंगे प्रधानमंत्री कितना पैसा पूछ रहे हैं आपसे मैंने आपसे पूछा आप समझ में नहीं आ रही है तो फिर हम चलते हैं पैसा पैसा तो शास्त्री जी के कहने पर उन्होंने अपने मैं तो समझा है कोने में जाकर 30 वापस रख वाइफ और अपने बजट में एक तारे से आती थी 140 उठाई और निकलती इसको बोलते फीचर्स बट इंसटिड आफ रिवर इंडस टावर्स उसी से पेट भर के लिए अपनी जिंदगी के अंदर वह आधा हिस्सा है जी एक ऐसे व्यक्ति हैं जो लोगों को नैक जांच करना चाहते हैं नॉट बीन रिकॉग्नाइज्ड बाय थे हम लोगों को पहचानना लेकिन उनको रिकॉग्निशन देना चाहते हैं एक फंदा कौन है जब जा रहा था इनका इच्छा हुआ कि गन्ने का जूस पी ठेले पर गन्ने का जूस बना बैठा दिल्ली में तो उन्हें गन्ने का जूस पीना है तो उनके सिक्योरिटी ने बोला भी लेकर आते हैं ना अरे तुम जाओगे इतने सारे ब्लैक कैट कमांडो व्हेन वे घबरा जाएगा और जूस तो है पैसा रिले पाएगा बल्कि है जब तुम गाड़ियां दूर लगाओ मैं पैदल जाता हूं धोती-कुर्ते में मैं इतना आराम से जाकर जूस को पहचानने का यह काम पर छोटे देश यात्री अपना अलार्म तो धीरे-धीरे चलते अगर ठेले पर जाकर बोले भैया जी में जैसे कि ठेले वालों ने देखा है रानू के जमीन पर लेट गया शास्त्री जी आए शास्त्री जी ने जय जवान जय किसान है और बहुत है रात को वह दम परपज क्विट गया और शास्त्री जी जो है ना बहुत हमको और पीलवा उसने बड़े मंत्र सबको जूस पिलाया है और सब का व्यक्तित्व इतना प्रेम दिया उसने यह तेरी शास्त्री जी हमारे यह इंडिया यूनाइटेड विद शास्त्री व्रत एक विश्वास को यहां पर चुनना है शास्त्री व्रत क्या होता है कि आपको बताते हैं इस समय कि जब इंडिया पाकिस्तान का युद्ध चल रहा हूं खाने के कथित तौर पर जो गई थी कि कई लोगों को पता होगी इसको शास्त्री व्रत की कहानी बुनी जाती हैं तो इतना खाने का शौक हो गया बड़ा देशों की दिक्कत होगी और अमेरिका ने धमकी दे दी लड़ाई बंद करूं तुमको खाना देना बंद कर देंगे लाल बहादुर शास्त्री जी ने कहा कि यह सोच यार खाना कम पर जाकर देश में क्या किया जाए अपने घर में सबको इकट्ठा करके हटा दिया बोला आज से हमारे घर के अंदर रात को खाना नहीं बनेगा दिन में एक बार खाना खाएंगे और जो बच्चे हैं उनको शाम को एक हफ्ते तक शाम का चूल्हा नहीं जलेगा लेकिन बच्चों को शाम को केला और दूध मिल सकता है एक हफ्ता सबने किया घर के अंदर शास्त्री व्रत का पालन किया गया शास्त्री जी ने बोला तो करना है वे पिताजी ने बोला तो करना सबके सब अपना एक हफ्ता कि कोई एक ही दिन का खाना खाया और शाम को उपलब्ध हो जाएगा एक हफ्ता ऐसा करने के बाद शास्त्री जी ने देखा कि सबके सब ठीक है सब कोई दिक्कत नहीं है न कोई बीमार होना कुछ समस्या भी यह गए फटाफट रेडियो स्टेशन पहुंचे हमारे देश का जो सरकारी रेडियो स्टेशन वादा करके दोनों ट्वीट किया कि मैं चाहता हूं इस समय देश हित के लिए आप सब कि मुझे बहुत जरूरत है पूरे देश को यूनिट किया हमने और बताया अपने खाने के लिए हफ्ता कैसे उन्होंने व्रत रखा बोले कि पूरे देश को 15 दिन के लिए मैं चाहता हूं उस दिन में एक बार खाना खाएं ताकि मैं छोटे से निकल जाए हमें अपने दुश्मन से में लड़ना और मुझे आपके साथ की जरूरत है पूरे देश ने उनका साथ दिया उस दिन से पूरा देश इस व्रत को शास्त्री व्रत तरह से जानता है कहते हैं कि आई विल ऑलवेज फेल्ट अनकंफरटेबल स्किन में लोगों को वह खुद उसका पर अमल ना करूं दूसरों को सलाह देने और खुद तमन्ना करने के बारे में मेरे मन में हमेशा असहजता रहती थी यह लाल बहादुर शास्त्री का करते थे डिफरेंट और यूनाइटेड क्वेश्चन यही रियल स्ट्रैंथ होती है एक देश की और वह यूनाइटेड एक्शन लिया है यह कहते हैं कि मैं भारत देश से मैं अपनी मां भारत से मां भारती से ऐसे लिपट हूं जैसे एक बच्चा अपने मां क्वेश्चन के आसपास जा कर लिपट जाता है कि उसको महसूस होता है कि यह उनको ताकत देगी ऐसे ही मेरी मां भारती मत को ताकत देती है यह हमारे लाल बहादुर शास्त्री एक ही पूरे देश को यूनाइटेड किया शास्त्री वृक्ष अब मैं वह बड़ा इंस्पायर्ड राहुल हमेशा शास्त्रीय ट्रांस्पायर्ड अलार्म्स मैंने भी सोचा कि हम देश को इन हमें तो लोग दूर है कैसे जोड़ने हम बिजनेस कमेटी के कारण जोड़ सकते हैं तो मेरे मन में एक बीच में एक ऑफ ट्रैक जाऊंगा पांच दशक के लिए को बताता हूं कि हमने एक ऐसी बड़ा बेसिक कमेटी बना दी है जिसमें हम इस देश के अंतर पर के साथ में जोड़ते हैं उन्हें शास्त्री व्रत से जोड़ा है या बिजनेस कमिटी भी बड़ा बिजनेस हमने इनको जोड़ा है अगर आपको फोटो वोटो भेज नहीं है फेसबुक इंस्टाग्राम पर करें टॉप है लेकिन बिजनेस के रंग में रंगना है तो इंस्टॉल करें हमारी कम्युनिटी आप हमने कैसी बड़ा विजुअल कमेटियां बनाई इंस्टाग्राम फेसबुक और रियल स्क्रोल करते रहिए मेरे भाई तो यह कस्टमर और दिमाग दोनों को खोखला कर देगा यू वांट टो बे प्रोडक्टिव लेकिन यह तो मास्टर और मिनट सिंपल टाइम्स व्हाट वे वांट बट वेयर वेरी वेरी वर्स्ट अराउंड हमने बढ़ाई चौकसी अप्रोच बनाई है दुनिया की पहली प्रस्तुति कमिटी आप बनाती है आज आप डाउनलोड कर लेना जा करके देखना है ऐसे मित्रों तर्पण स्लोइंग ग्रोथ इन्वेस्टर्स टॉप मैनेजमेंट प्रोफेसर जैसे फेसबुक चलता Instagram चलता है वैसे हमने यहां बनाई अभी दो महीना पहले बनाई इस आपको अडेल इंप्रूव कर रहें हैं लाखों लोग आ चुके हैं इस आपको Facebook की तरह इस्तेमाल कर पाएंगे नेक्स्ट अलार्म कितने इस्तेमाल करेंगे लेकिन बैंक वंश के बल और अपने और फिर भी फोटो ऐसा करके चुम्मी बाहर निकालकर के समुद्र के किनारे कितना इंस्टाग्राम पर जाएगा बिजनस लिखना तो बड़ा सा पर आइएगा बड़ा सरल है इंस्टाग्राम की जरूरत है और बढ़ा विश्व कबड्डी कप की जरूरत है कुछ कि टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट डिजिटल मार्केटिंग इन्वेस्टिगेट्स एचआर कुछ भी सीखना बिजनेस शुरू करना बहुत भला करना पड़ा करना है सब कुछ सीखना है कि वहां कुछ भी इरेलीवेंट नहीं है बट आपको कष्ट है आप दुनिया भर के एप्प जा करके तीन घंटा लगाओगे और यहां पर आकर केवल 15 मिनट लगे आपको बहुत वॉल्यूम आपको फर्क समझ में आ जाएगा फैला शास्त्री जी की मौत बात करते बहुत मजा आ रहा है आप डाउनलोड कर लेना रियल मैन आफ प्रिंसिपल्स थे कि रशिया इनको इनवाइट किया दफा यह रशिया गए वहां पर ऑप्शन टूर पर उनकी धर्म पत्नी बोली मुझको जाना है तो वह प्रधानमंत्री को बुलाया था प्रधानमंत्री की धर्मपत्नी को नहीं बुलाया अगर लेकिन मेरे भी इच्छा है वह ठीक है इन्होंने अपने पर्सनल तनख्वाह पैसा निकाल फ़िक्र करता है अपनी पत्नि कर लेंगे रसिया और रशिया दब गए वहां पर तो उन्होंने के स्वागत में खूब रंगारंग कार्यक्रम रखें महाराष्ट्रियन ऑफिशियल ने बैले डांस ऑर्गनाइज किया वह बिश्नोई नाम का फैट होता है कैसा वहां पर बैले डांस बहुत अच्छा चल रहा है अच्छा अंधेरा हो जाता पूरा हॉल के अंदर और वहां पर बैली डांस आप समझ रहे हो रहा होता है और बेल्ट अंधेरा हक जैसे ही बत्ती जलाई तो देखा शास्त्री जी हां है नहीं उनकी कुर्सी खाली पेट उनकी सिक्योरिटी मरम्मत गया तारे से दबा कर देखने लगे और बाहर गए ढूंढा शास्त्री जी देखा पार्क में जाकर बेंच पर अपना बैटरी क्लिक करें पत्नी हाई सिक्योरिटी आई तुझे क्या कर रहे हैं तो शास्त्रियों से के भाई देखो मेरे को सिंपल सी बातें नृत्यांगना जो वहां थी उनकी टांगें नंगी थी उन्हें पूरे कपड़े पहने नहीं थे मनोरंजन की दृष्टि से उन्हें देखना है तेरा और मेरी धर्मपत्नी का उन सारी स्त्रियों का घोर अपमान होगा और अपनी धर्मपत्नी जो मेरे साथ बैठी है उसका कितना बड़ा अपमान होगा तो शास्त्री जी एक ऐसे व्यक्ति उनके जैसे प्रधानमंत्री मुझे नहीं लगता कि मैं कभी हैं ना कभी आएंगे न भूतो न भविष्यति थे इंक्रीज इन दिनों में जरूर झाड़ू खरीद नाथ बोस की एक बात आपको जरूर जाते-जाते बताना चाहता हूं अब इसकी कहानी क्या नाम है प्रिंस द इंटरेस्ट वर्सेस कनफ्लिक्ट आफ इंटरेस्ट क्या मतलब हुआ आपने शास्त्री जी ने कर दे पर ग्रामीण अपनी पत्नी को पहले बता दिया था सुनो मेरी प्रिय धर्मपत्नी अगर मैं शरीर छोड़ दूंगा तो यह जो है न बैंक वाले मुझसे प्रेम करते तुमसे लोन वापस लेने नहीं लेकिन उनकी बात मत मांगना वह वहां ताशकंद पाइल्स ताशकंद के अंदर शास्त्री जी का देहांत हो गया वह किसी को पता नहीं उसके बाद भी करूंगा आपसे और ध्यान तूने के बाद बैंक ने चिट्ठी लिख दिन की धर्मपत्नी को कि अब आपको इस लोन को रिपेयर करने की कोई जरूरत नहीं है प्रधानमंत्री ने गाड़ी खरीदी थी ललिता शास्त्री में किधर पत्नी ने बैंकों को बुलाया सुनिए जरा हमारे घर आ सकते हैं क्या बैंक वाले फटाफट घर आए बोले मेरे पति ने मुझे पहले ही बता प्रशांत रंजन पहले बोल गए थे आगे चलकर तुम मुसलमान मुक्त कराने की बात करोगे लेकिन मुझे शास्त्री जी भूल गए थे कि जो मेरी आज पेंशन आती है उस पेंशन ही चुकाते रहना ₹5000 का बचा हुआ लोन अगले चार साल में शास्त्री जी की धर्मपत्नी ललिता शास्त्री ने अपनी पेंशन से गुजारा लोन चुकाया और तब उस गाड़ी का इस्तेमाल करते रहें लाल बहादुर शास्त्री जैसे प्रधानमंत्री न थे ना कभी होंगे इनकी मर्डर में 30 के बारे में कोई नहीं समझ पाया कि इतनी कनफ्लिक्टिंग डेट छोरी है इंडियन गवर्नमेंट कहती है कि यह तो हार्ट पेशेंट थे को हार्ट अटैक हुआ फैमिली रिलेटिव्स कहते हैं इनका मर्डर हुआ इनको आर्डर दिया गया ताशकेंट केंद्र में कुछ जगह पर के मुताबिक अंत में जहां पर इनका आदमी उस स्मारक है वहीं 2 अक्टूबर को उनके जन्म के दिन किया था जिस दिन का जन्मदिन था वह फूलों हमें चला कि मैं खुद देखा वह जगह लेकिन बाकी बहुत सारे विरुद्ध कुछ रुके थे रशियन इंटेलीजेंस के जीबी रैम को मारा कुछ करते अमेरिकन इंटेलिजेंस इंजीनियरिंग को मारा इतनी सारी कंस्पिरिसी छोरी से कुछ कहते हैं कि इंडियन पॉलीटिकल कंस्पायरेसी थी किसी और को प्रधानमंत्री बनना था इसलिए उनको मरवा दिया गया इतने सारे प्रश्न का कोई उत्तर नहीं है क्यों उनका शरीर जब आप इस देश में झाला और नीला पड़ चुका था पूरी तरह हाईटेक है तो शरीर काला नहीं पड़ता है ना इसे किसी के पास उतरने का पोस्टमार्टम तक नहीं होने दिया गया दस जनवरी को जब उनके कमरे में उनका देहांत हुआ उससे पहले इनके कमरे के अंदर बैल भी था और फोन भी था प्रधानमंत्री के पास बैंक होती है वह घंटे बजाय उनके पीछे भाग जाता है उनके पास पॉवर होता वह किसी को फोन करें इस पॉइंट किया जाता है पर जब यह जनवरी को देखा तो कमरे में ना ना तो उनके कमरे में फैल थी न फोन था और उनकी मृत्यु के समय में उनका फोन और उनके घाटी कहां से लिए किसी को नहीं पता हां लिंग की मृत्यु हुई है वह कोई देश के आम नागरिक नहीं थे मेरे भाई व हमारे देश के कर देंगे प्राइम मिनिस्टर थे जिसके मृत्यु दूसरे देश में बहुत संडे जनक स्थिति में हुई थी तो क्यों इंदिरा गांधी ने कहा कि कोई छानबीन के जरूरत नहीं है जबकि देश की जनता और अपोजिशन नेता की लगातार मांग कर रहे थे वह लास्ट दोनों के कमरे में था जिससे वह दूध पिया करते थे वह अपना कहां गायब हो गया है पत्नी ललिता शास्त्री ने बताया वह मेरा लास्ट तक वापस नहीं आया उनके शरीर के साथ में वह प्लाट जिसमें दो गब्बर दूध पिया उसका फॉरेंसिक एग्जामिनेशन क्यों नहीं किया गया आखिरी सांस लेते वक्त जब लोगों के पास आए शास्त्री जी बार-बार प्लास्टिक की तरफ इशारा कर रहे थे जब लोगों के पास लेकर उनको लगा दीजिए पानी पीना चाहिए तो मैंने पीछे फेंक दिया प्लांट को वह क्यों इशारा कर रहे थे बार-बार क्लास की तरह उनका पार्थिव शरीर भारत में आया उनके चेहरे पर नीले और काले देखने के बाद जब पूछा गया तो आनन-फानन तो उनके चेहरे पर फटाफट चंदनमल दिया गया है क्यों क्यों आखरी दर्शन के लिए उनके परिवारों के बच्चों को उनके पास नहीं जाने दिया त्यों-त्यों उनके शरीर को नहलाने के समय में दोनों बेटों के पास या ने दिया कि बहुत सारे प्रश्न है उनकी गर्दन के पास में छह था जिसमें तक खून निकल रहा था पुलिस रावण की पेट पर भी उत्तर डिजिटल मार्क्स थे यह निशान थे जिसे उसने कोई जवाब नहीं दिया चाहे जितने चश्मदीद गवाह हेल्प कर होटल स्टाफ वहां पर जो डॉक्टर से सिक्योरिटी कुक आज तक ही सैनिक मीडिया में आकर बात न करे क्यों क्योंकि इसमें कोई बात नहीं करिए अब तक हुई थी घटना के कुछ सालों के बाद केवल दो ही चश्मदीद गवाह थे एक डॉक्टर बन चुके प्रश्न फिश इन थे और दूसरे पैर रामना अपने पीए दादरे कमेटी बिठाई गई और दोनों को कमेटी में हाथ करके अपना बयान देने के लिए कहा गया उसी समय दोनों की अलग-अलग जगह पर एक ट्रक के साथ एक्सीडेंट हो कर मृत्यु हो गई यह चाणक्य कैसे हो गया सबको छाती इंस्टॉल जो समय भारत के अंबेसडर थे इनकी डेथ के बाद प्रधानमंत्री की डेथ के बाद में उनका जन्म प्रमोशन हो गया तीन दिन के अंदर न प्रमुखों के लिए ताली बजा रही थी यही वह व्यक्ति थे टीम को लगातार बढ़ रहे थे कि अपॉइंटमेंट थ्योरी गलत है यह कोई पॉवर नहीं दिया गया है कुलदीप नायर जो पीएम के मीडिया एडवाइजरी फर्म को चार-पांच बार उन्हें फोन करके धमकी दी के पॉजीटिव रिपोर्ट बारे में आने देना है क्योंकि पास पूरी घटना के द प्राइम सस्पेक्ट थे मोहम्मद जान जून के रस्तोगी थे उनके रसोइए नहीं थे वह कॉल कर चुके थे लेकिन कॉल के रसोइए होने के बावजूद उस दिन देहांत वाले दिन उनके डेथ के दिन उनकी डेथ के दिन का खाना और दूध इसी ने बनाया था उसके बाद जो कभी मिला क्यों नहीं आता कि प्रख्यात ऑफिसर्स ने उसको मा ज्ञान तो गिरफ्तार कर लिया हमारी सरकार ने मोहम्मद जान को छुड़वा दिया बोला नहीं नहीं हम इसकी गारंटी लेते हैं ईमानदार आदमी है क्यों ट्यून कॉल करो पर्सनल छह था उसके बाद वह कहां गायब हो गया किसी को नहीं पता क्यों उनके देहांत के अगले दिन रशिया उनको छुड़ाने के बाद आज तक कभी नहीं दिखाई पड़ा क्यों राघवेंद्र शास्त्री जी के डिनर के इधर को वहीं ले करके गया था और उसके बाद से अचानक अभी पता नहीं चला इसके बारे में क्यों क्योंकि जब चाचा जी का पार्थिव शरीर प्लेन से भारत आया सब के सब लोग रो रहे थे और ट्यून कॉलर इंदिरा गांधी हसरतें मुस्कुरा रहे थे क्यों बहुत सारे प्रश्न है लड़कियों पर मेरी इच्छा है कि मैं पूरा वीडियो बनाओ वह कमेंट बॉक्स बनाना है कि शास्त्री जी की मौत के रहस्य पर पूरा विडियो बनाईं है अगर आप नीचे कमेंट बॉक्स में बोला तो मैं करके उसका पूरा वीडियो दूंगा मेरी रिसर्च एकदम एक्सीलेटर तो जब मैं बात करता हूं डंके की चोट पर करता हूं और फिर जाने से पहले मुकेश नायक इंपॉर्टेंट नोट्स मेडिम्स आपको लेना है इंपोर्टेंट फ्लाइट को ध्यान उस मेंट्स जैसे कि मैंने कुछ स्वामी विवेकानंद जी के वीडियो में पिछले इतवार को बताया था कि वे अब हरिद्वार को खड़े होकर पावरफुल लेकर क्या राघवन हमें कई सालों के बाद अपना ही पार मोटिवेशनल फिजिकल एवं लेकर कि यह कर्म बिजनेस कोचिंग प्रोग्राम उसमें इंफार्मेशन आपको देना जरूरी है वह तीन चार पांच जून को होने जा रहा है फ्राइडे त्यागराज स्टेडियम के अंदर इसकी तारीख फिक्स है बंदूक बचाए केवल को छुट वाइट डायमंड सीट रॉयल डायमंड और बड़ा बदलाव जतिन कैटेगिरी चीज बताइए बाकी पूरा स्टेडियम भर चुका है तीन दिन सुबह से शाम तक लोग मेरे साथ रहने वाले और इज्जत के सारे गुण सिखाए पार्ट सेमी और मिक्स बचाकर किसी के घर आप उनसे मिलना चाहते हैं तेल पी लेना चाहते हैं बैलेंस से इसमें चाहते हैं हमारे इवेंट के बारे में बेचने की जरूरत नहीं है पूरा देश जानता है कि हमारी घंटे तक पावरफुल होते हैं बराबरी कोई नहीं कर सकता हमारे आप क्लिक बिजनेस कि वह हमारी डॉक्टर है उसमें हमारी यह चटपटी बोलना नंबर फोर अब यह पता कर लेना कि हाईड्राइड रोडियो बड़ा फैसला मुझे क्या था बैलेंस होता है जहां पर स्ट्रोमैन करके बैठ एयरप्लेन प्रोफेसर के साथ लॉन्च हमारे साथ में बैठते हैं यह तीन कैटेगरी बची है इसके बारे में पता कर लीजिए पैराशूटी जी के बारे में नीचे कमेंट बॉक्स में को बताइए और किसके बारे में वीडियो देखना चाहिए और इस विडियो को देख इसमें पर हुआ था दीजिए सबको दिखा दीजिए वीडियो को स्किप हमारे देश का नेता कैसा हो शास्त्री जी जैसा हो हमारे साथ जुड़ने के लिए वर्ल्ड नंबर वन हमसफर YouTube चैनल पर आने के लिए आप सबका विनम्रता पूर्वक हाथ जोड़ कर प्रेमपूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद अ अजय को कर दो कि अ
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