हँसी रोक नहीं पाओगे When Mr Manoj Tiwari Met Dr Vivek Bindra @ SLC IG Stadium
कि अ अजय को रॉक बैंड कर दो कर दो कर दो कि आगे बढ़ने से पहले अ कि वे हमारे भोजपुरी फेम एक्टर सेलिब्रिटी कि टीवी आर्टिस्ट बीजेपी दिल्ली प्रेसिडेंट ओन ड्रिबल मेंबर ऑफ पार्लियामेंट मैसर्स रिक्वेस्ट करूंगा कि आपको कुछ अच्छा करके लीडरशिप के विषय में कुछ इंस्पिरेशनल मैसेज हैं अ कि विवेक बिंद्रा जी का मैंने नाम तो सुना था हैं लेकिन इनका स्टाइल पहली बार देखा हूं मैं विवेक जी के बारे में स्टडी किया कि जब मुझे यहां आना हुआ नाम तो बहुत सुनता था है लेकिन भैया कमाल हो कि अ कि यह जो लाइन लिखी है स्टूडेंट लीडरशिप कैन प्ले ओं कि मैं आप लोगों से सिर्फ एक बात बोलना चाहता हूं एक बात को लीडरशिप यदि किसी स्कूल में नहीं बढ़ाई जा सकती है को लीडरशिप से पहले अपने पर नियंत्रण करना सीख ले हम लोग कि यह जो मनुष्य है जो हमारी इच्छाएं हैं कि हमारी जो महत्वाकांक्षाएं हैं हैं और दुनिया का जो नॉलेज है ज्ञान है कि एक व्यक्ति अपने आप में इतना कठिन है कि आप अगर खुद को नियंत्रित कर ले तो सबसे बड़ा लीडर आप ही हो जाएंगे आप से बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता [प्रशंसा] कि मैं कि मैं एक छोटे से गांव का व्यक्ति हूं अब मैं खाना खाता हूं गाना का तथा और गाना गाता रहूंगा [प्रशंसा] [संगीत] है तो जी हां आज भी गांव का आज भी गंगा जल राशि का जी हॉल जिय हो बिहार के लाला अरजिया तू हजार साला है के हौज यह भारत के बालाजी अ 10 हजार सोला को थे हॉरर्स जिया तू हजार रतन नाची के ए टाइनी का त्यौहार के तनाव च्यौं सबके मन वह अलावा यह भैया भैया भैया भैया अपने कर्म से अपने देश की मांग बढ़ावा यह भैया अपने ज्ञान से तो दुनिया के राहत दिखावा यह भैया विवेक संगित चलकर दुनिया के जितवा यह तय हुआ था कि वे किस चलो इनसे सीख सकते हैं वैसे थोड़ा सा को मैं भी सीख लिया आपने यह वीडियो विवेक आप ऐसे करते हैं कि तुम मैं सोचा हां जी आधुनिक इसको घुसा मार रहा है है अच्छा फिर देखा कि सारी लड़के-लड़कियां सब अपनी जगह लोग है जो कुर्सी पर बैठते हैं कुर्सी हिल गई कुर्सी छिल सबूत कि तो मुझे लगा है कि आप जो घुसा मार रहे हो ना कि वह अपने तनाव को गुस्सा मार रहे हो नो टेंशन नो एक हफ्ते निराशा को गुस्सा मार घुसा मार रहे हो जिसने अपने तनाव अपने निराशा मैं असफल होने के बाद जो कि सफलता एक बार में तो मिलेगी नहीं में सफलता एक बार में तो ना मिली भैया में सफलता खातिर कई बार प्रयास करे के पड़ी कई बार उठकर पड़ी गिरे के पड़ी फिर उठकर पड़ी फिर गिर पड़ी तब जाकर मंजिल कहीं मैं आप को सैल्यूट करता हूं कम आप विजेता और सफल हो आपका इंतजार करते हैं है तो आपने जो निराशा को इर्ष्या को टेंशन को जो घूंसा मारा है न कि इस गुस्से की जरूरत हमारे देश में है जो हर व्यक्ति खुद को मारे जय हिंद अजय को झाल कर दो
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